घर वापसी की खुशी से चमक रहा था नासिक से पहली विशेष ट्रेन से लौटे मजदूरों का चेहरा

नासिक में ड्राइवर का काम करने वाले आजमगढ़ के अरुण चौहान ने सरकार द्वारा सैकड़ों श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिये सरकार का शुक्रिया अदा किया। वह अपने दोस्त राजेश कुमार, ओम प्रकाश, और नीरज कुमार के साथ लौटा था।
करीब पांच बजकर 52 मिनट पर स्पेशल ट्रेन के इंजन की लाइट प्लेटफॉर्म से दिखने लगी थी। इसके बाद रेलवे और पुलिस कर्मचारी सावधानी की मुद्रा में आ गये। प्लेटफॉर्म पर टीटीई की भी तैनाती की गयी थी ताकि वे यह सुनिश्चित कर सकें कि नासिक से आने वाले यात्रियों को सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुये ट्रेन से उतारा जा सके और प्लेटफार्म पर खड़ा किया जा सके। प्लेटफॉर्म पर जैसे ही ट्रेन ने प्रवेश किया उसमें बैठे मजदूर खुशी के मारे अपना हाथ हिलाने लगे। स्टेशन से यात्रियों की निकासी की निगरानी कर रहे रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्रियों के स्टेशन से बाहर निकलने के लिये दो रास्ते बनाये गये। एक ट्रेन के शुरूआती डिब्बों केपास से जबकि दूसरा ट्रेन के पिछले डिब्बे वाले यात्रियों के लिये। इस बीच ट्रेन से उतरे यात्री सामाजिक दूरी का पालन करते हुये मेडिकल जांच के बाद एक-एक करके स्टेशन से बाहर निकले औऔर इस दौरान उन्होंने जल्दबाजी नही दिखाई। स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद यात्रियों को खाने का एक-एक पैकेट दिया गया और उन्हें अपने- अपने जिलों को जाने वाली बसो में बैठने को कहा गया।Lucknow: A 'shramik special train' carrying more than 800 migrant workers arrived at Charbagh railway station from Nashik, Maharashtra this morning. #CoronaLockdown pic.twitter.com/cdsTAX3SGa
— ANI UP (@ANINewsUP) May 3, 2020
इसे भी पढ़ें: योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र और गुजरात से मजदूरों को वापस लाने के दिए निर्देश
अन्य न्यूज़














