Supreme Court ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में AAP नेता Deepak Singla की जमानत याचिका पर ED से मांगा जवाब

Supreme Court ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में AAP नेता Deepak Singla की जमानत याचिका पर ED से मांगा जवाब
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उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंगला की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया। सिंगला को 18 मई को ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से जुड़े कथित 155.21 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था।

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को आप नेता दीपक सिंगला की जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सिंगला को ईडी ने 18 मई को गिरफ़्तार किया था। सिंगला ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें धनशोधन मामले में उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी गई थी।

उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सिंगला का पक्ष रखा। यह मामला 2018 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी से जुड़ा है। संबंधित प्राथमिकी ओरियन्टल बैंक ऑफ़ कॉमर्स (जिसका अब दूसरे बैंक में विलय हो गया है) के एक सहायक महाप्रबंधक की शिकायत पर दर्ज की गई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी सिंगापुर आधारित अनुषंगी के ज़रिए और कुछ निजी लोगों व बैंक अधिकारी की मिलीभगत से धोखाधड़ी कर विदेशी साख पत्र की रकम बढ़ाई। यह काम अनधिकृत ‘स्विफ्ट’ बदलावों के ज़रिए किया गया और बैंक की फिनैकल प्रणाली में इसकी कोई प्रविष्टि नहीं की गई, जिससे बैंक को कथित तौर पर लगभग 155.21 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बाद में, कंपनी पर बकाया मूल राशि 239.46 करोड़ रुपये पाई गई।

सीबीआई ने 10 अगस्त, 2020 को आरोपपत्र दाखिल किया, जिसके बाद ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की। ईडी की दूसरी पूरक अभियोजन शिकायत में सिंगला को आरोपी बनाया गया।

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