भीमाशंकर अभयारण्य के पास 32,490 पेड़ काटने का आदेश, Sanjay Raut ने उठाए सवाल

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शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले रायगढ़ जिले में जलविद्युत परियोजना के लिए 32,000 से अधिक पेड़ काटने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने वन विभाग का एक पत्र साझा करते हुए 13,505 करोड़ रुपये की इस परियोजना के कारण पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर चिंता जताई। इस मामले में विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की है।

शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अगले महीने प्रस्तावित दौरे से पहले महाराष्ट्र के वन विभाग को भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के पास 32,000 से अधिक पेड़ काटने का आदेश दिया गया है। मोदी यहां एक जलविद्युत परियोजना का शिलान्यास करने वाले हैं। राउत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पत्र साझा किया, जिसके बारे में दावा किया गया कि इसे वन विभाग के एक अधिकारी ने जारी किया है।

पत्र में कहा गया है कि रायगढ़ जिले में 13,505 करोड़ रुपये की सैदोंगर-I कर्जत पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना के लिए 233 हेक्टेयर भूमि के उपयोग में बदलाव की मंजूरी दी गई है। पत्र के अनुसार, 3,000 मेगावाट की इस परियोजना की स्थापना के लिए कर्जत में 197 हेक्टेयर आरक्षित वन, 26 हेक्टेयर निजी वन और नौ हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि पर पेड़ों को जाना है। विपक्षी दलों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने गुजरात की कंपनी टोरेंट पावर की परियोजना के लिए पेड़ काटे जाने की कड़ी आलोचना की है।

उन्होंने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर जंगलों और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। प्रस्तावित परियोजना भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य से 16 किलोमीटर और भीमाशंकर मंदिर से 20 किलोमीटर दूर स्थित है। इस परियोजना में 13,505 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

इससे राज्य और अन्य क्षेत्रों में बिजली ग्रिड की विश्वसनीयता और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कर्जत पूर्व वन क्षेत्र के अधिकारी समीर शिंदे द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पेड़ों की कटाई को भूमि उपयोग में बदलाव के प्रस्ताव के तहत मंजूर किए गए 32,490 पेड़ों तक ही सख्ती से सीमित रखा जाना चाहिए। राउत द्वारा साझा किए गए पत्र में कहा गया है, परियोजना के उद्घाटन समारोह के लिए तीन नवंबर, 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए, परियोजना क्षेत्र में आने वाले प्रभावित पेड़ों को तुरंत हटाया जाना चाहिए।

शिवसेना (उबाठा) के नेता ने वरिष्ठ वकील और भाजपा द्वारा मनोनीत राज्यसभा सदस्य उज्ज्वल निकम पर भी इस परियोजना का समर्थन करने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निकम को हरित क्षेत्र को नष्ट करने वालों का समर्थन करने के बजाय जनता के पक्ष में आवाज उठानी चाहिए।

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