Army और Navy की बढ़ेगी मारक क्षमता, DAC ने 2.12 लाख करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को दी मंजूरी

DAC
ANI
अभिनय आकाश । Oct 26 2026 5:46PM

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने सशस्त्र बलों के लिए लगभग 2,12,000 करोड़ रुपये के पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसके तहत सेना, नौसेना और वायु सेना के लिए ड्रोन, हेलीकॉप्टर, तोपें और आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियां खरीदी जाएंगी। इससे तीनों सेनाओं की मारक क्षमता, निगरानी और युद्धक तैयारियों को मजबूती मिलेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने सोमवार को रक्षा बलों के लिए लगभग 2,12,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले विभिन्न पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को 'स्वीकृति की आवश्यकता' (AoN) - यानी सैद्धांतिक प्रशासनिक मंजूरी - प्रदान की। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय सेना के लिए जिन उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है, उनमें हाई मोबिलिटी व्हीकल (HMV), सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रैक्ड गन सिस्टम, गन शॉट रिस्पॉन्स सिस्टम (GSRS), लाइट मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर (LMRH), वेरी शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS), प्लेटफॉर्म-आधारित काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS), अनमैन्ड एरियल सिस्टम (UAS), सर्विलांस UAV, इंटीग्रेटेड सर्विलांस एंड स्ट्राइक सिस्टम और लॉन्ग-रेंज कामिकेज़ ड्रोन सिस्टम शामिल हैं। HMV कठिन इलाकों में परिचालन क्षमताओं, लॉजिस्टिक सपोर्ट और गतिशीलता को बढ़ाएंगे। सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रैक्ड गन सिस्टम मशीनीकृत इकाइयों (mechanised formations) को वैसी ही गतिशीलता और मारक क्षमता प्रदान करेगा। GSRS एक 'फोर्स मल्टीप्लायर' के रूप में काम करेगा, जो बलों को वास्तविक समय (real-time) में स्थिति की जानकारी देगा। इसमें आगे कहा गया है कि LMRH का इस्तेमाल भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना दोनों ही टोही और निगरानी, ​​युद्ध, सैनिकों की खोज और बचाव, मानवीय सहायता और आपदा राहत आदि कार्यों के लिए करेंगे। VSHORADS नई पीढ़ी के छोटे हवाई खतरों से निपटने में सक्षम होगा, जबकि C-UAS आधुनिक युद्धक्षेत्र में टैंकों की सुरक्षा और उनके बचे रहने की क्षमता को बढ़ाएगा।

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निगरानी और ड्रोन सिस्टम भारतीय सेना की निगरानी और लक्ष्य साधने की क्षमताओं को बेहतर बनाएंगे। भारतीय नौसेना के लिए, 'एक्टिव ऑफबोर्ड डिकॉय सिस्टम' (AODS) और अन्य प्रमुख नौसैनिक प्लेटफॉर्म खरीदने की मंजूरी दी गई है। AODS मिसाइल-रोधी सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाएगा, खासकर दुश्मनों की आधुनिक एंटी-शिप मिसाइलों के खिलाफ। स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित ये प्रमुख नौसैनिक प्लेटफॉर्म आधुनिक युद्ध क्षमताओं से लैस होंगे और नौसेना की युद्धक क्षमता को बढ़ाएंगे। रक्षा मंत्री ने बताया कि भारतीय वायु सेना के लिए हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा प्रणालियां, हथियार और मोबाइल X-बैंड डॉप्लर वेदर रडार सिस्टम खरीदने की मंजूरी दी गई है, ताकि उनकी वायु रक्षा और युद्ध लड़ने की क्षमताओं को मजबूत किया जा सके।

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स्पेशल यूटिलिटी हेलीकॉप्टरों की खरीद से भारतीय वायु सेना को हवाई परिवहन की महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार सिस्टम अग्रिम क्षेत्रों में उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली, स्थानीय मौसम निगरानी प्रदान करेगा। मंत्रालय के अनुसार, स्वीकृत कुल AoN (आवश्यकता की स्वीकृति) में से लगभग 82% खरीद भारतीय उद्योगों से की जाएगी।

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