PM के ऐलान पर कांग्रेस का तंज, बिहार चुनाव को देखते हुए बठायी गई मुफ्त राशन योजना की अवधि

लेकिन उन्होंने नवंबर में होने वाले बिहार चुनावों को ध्यान में रखते हुए योजना के विस्तार की घोषणा की। गरीबों को भोजन के अलावा भी अन्य जरूरतें हैं। पांच किलो चावल, गेहूं और चना दाल एक मामूली मदद है। यह एक महीने तक भी नहीं चलेगा।’
थोराट ने कहा,‘‘कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद गरीबों को पांच किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए मुफ्त खाद्यान्न योजना शुरू की गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मांग की थी कि इस योजना को सितंबर तक बढ़ा दिया जाए। मौजूदा योजना में विस्तार के लिए प्रशासनिक निर्णय के अलावा और राष्ट्रीय संदेश में इसकी घोषणा करने की कोई जरूरत नहीं थी।” उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन उन्होंने नवंबर में होने वाले बिहार चुनावों को ध्यान में रखते हुए योजना के विस्तार की घोषणा की। गरीबों को भोजन के अलावा भी अन्य जरूरतें हैं। पांच किलो चावल, गेहूं और चना दाल एक मामूली मदद है। यह एक महीने तक भी नहीं चलेगा।’’ थोराट ने मांग की कि हर महीने गरीबों के बैंक खातों में 7,500 रुपये नकद जमा किए जाएं।५ किलो गहू किंवा तांदूळ व एक किलो चना ही मदत अत्यंत तुटपुंजी असून यावर गरिबांचे कुटुंब महिनाभर चालणार नाही, त्यासाठी त्यांना रोख मदत देण्याची आवश्यकता आहे. @RahulGandhi जी यांनी मागणी केल्याप्रमाणे केंद्र सरकारने गरीबांच्या खात्यात प्रति महिना ७५०० रू. एवढी मदत थेट द्यावी
— Balasaheb Thorat (@bb_thorat) June 30, 2020
अन्य न्यूज़














