Nitish Kumar के पूर्व 'चाणक्य' KC Tyagi ने थामा Jayant Chaudhary का हाथ

जेडीयू के दिग्गज नेता और नीतीश कुमार के पूर्व सलाहकार केसी त्यागी ने जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) का दामन थाम लिया है। इस बड़े राजनीतिक फेरबदल से रालोद को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसान राजनीति में त्यागी के अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है, जबकि जेडीयू ने अपना एक राष्ट्रीय चेहरा खो दिया है।
जनता दल यूनाइटेड के दिग्गज नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पूर्व सलाहकार केसी त्यागी अब राष्ट्रीय लोक दल का हिस्सा बन गए हैं। पिछले काफी समय से उनके नई पार्टी में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिस पर अब विराम लग गया है।
केंद्रीय मंत्री और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी की मौजूदगी में त्यागी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। बता दें कि त्यागी ने हाल ही में जेडीयू के सदस्यता अभियान के दौरान अपना इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था, हालांकि उन्होंने उस वक्त इस्तीफे की कोई ठोस वजह नहीं बताई थी।
#WATCH | Delhi: Former JDU leader KC Tyagi joins Rashtriya Lok Dal (RLD) in the presence of RLD President and Union Minister Jayant Chaudhary. pic.twitter.com/kTlAtVxNqP
— ANI (@ANI) March 22, 2026
इसे भी पढ़ें: Ladakh पर नरम पड़े Sonam Wangchuk? बोले- Central Govt से 'Win-Win' समाधान पर करेंगे बात
वैचारिक मुद्दों के लिए लिया फैसला
जेडीयू छोड़ते समय केसी त्यागी ने स्पष्ट किया था कि वे दलितों, किसानों और समाज के वंचित वर्गों के व्यापक वैचारिक मुद्दों के प्रति आज भी उतने ही प्रतिबद्ध हैं जितने पहले थे। उन्होंने कहा कि लगभग 50 साल तक उनके साथी रहे नीतीश कुमार के प्रति उनका निजी सम्मान हमेशा बना रहेगा, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पिछले कुछ महीनों में नीतीश कुमार और त्यागी के बीच दूरियां बढ़ गई थीं, जिसके बाद उन्होंने जयंत चौधरी की पार्टी के साथ नई राजनीतिक पारी शुरू करने का फैसला किया।
इसे भी पढ़ें: Jammu University में Jinnah पर संग्राम, ABVP का सवाल- बंटवारे के गुनहगार सिलेबस में क्यों?
जेडीयू की स्थापना से लेकर राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
केसी त्यागी जेडीयू के उन चुनिंदा नेताओं में से थे जो 2003 में समता पार्टी और जनता दल के विलय के समय से ही नीतीश कुमार के साथ खड़े थे। जॉर्ज फर्नांडिस के दौर में वे पार्टी के महासचिव थे और बाद में उन्होंने शरद यादव व नीतीश कुमार के साथ संगठन में मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जेडीयू का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता रहा है। अब रालोद में शामिल होने के बाद, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और किसानों की राजनीति में उनके अनुभव का बड़ा लाभ जयंत चौधरी की पार्टी को मिलने की उम्मीद है।
अन्य न्यूज़














