Tihar Jail से Yasin Malik का बड़ा फैसला, पत्नी Mushaal Malik को तलाक देने के लिए Jammu Court में दिया हलफनामा

Tihar
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अभिनय आकाश । Sep 3 2026 12:47PM

हलफनामे में मलिक ने कहा कि शादी खत्म करने का उनका फ़ैसला मुशाल को उनकी ज़िंदगी से जुड़ी अनिश्चितता से आज़ाद करने के मकसद से लिया गया था। मलिक ने कहा मैं नहीं चाहता कि मुशाल अपनी बाकी ज़िंदगी इन हालात के बोझ तले बिताए या विधवा की तरह जिए।

प्रतिबंधित जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक ने अपनी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को तलाक देने का फैसला किया है। दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद मलिक ने जम्मू की एक अदालत को हलफनामा भेजकर अपने इस फैसले की जानकारी दी है और लंबे समय से अलग रहने का हवाला दिया है। मलिक ने हलफनामे में कहा कि उन्होंने पिछले आठ सालों से मुशाल से बात नहीं की है और उन्हें न तो फ़ोन पर और न ही वीडियो कॉल के ज़रिए उनसे बातचीत करने की इजाज़त दी गई है।

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मैं नहीं चाहता कि तुम मेरी विधवा बनकर जियो

हलफनामे में मलिक ने कहा कि शादी खत्म करने का उनका फ़ैसला मुशाल को उनकी ज़िंदगी से जुड़ी अनिश्चितता से आज़ाद करने के मकसद से लिया गया था। मलिक ने कहा मैं नहीं चाहता कि मुशाल अपनी बाकी ज़िंदगी इन हालात के बोझ तले बिताए या विधवा की तरह जिए।" उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि वह "सम्मान और उम्मीद" के साथ अपनी ज़िंदगी का नया अध्याय शुरू करे। इस हलफ़नामे के ज़रिए, मैं अपनी पत्नी और बेटी से भी कुछ कहना चाहता हूँ। पिछले आठ सालों से मैं आपकी आवाज़ नहीं सुन पाया हूँ और न ही आपसे बात कर पाया हूँ, क्योंकि मुझे आपसे फ़ोन पर बात करने या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने की इजाज़त नहीं थी।

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उन्होंने तलाक़ लेने की वजह बताते हुए कहा, "तुम मुझसे 20 साल छोटी हो, और मैं नहीं चाहता कि तुम अपनी बाकी ज़िंदगी मेरे हालात का बोझ ढोते हुए या एक विधवा की तरह बिताओ। इसलिए, मैं तुमसे गुज़ारिश करता हूँ कि तुम हिम्मत जुटाओ और सम्मान और उम्मीद के साथ अपनी ज़िंदगी का एक नया अध्याय शुरू करो। हलफ़नामे में लिखा था, मेरी किस्मत मुझे जहाँ भी ले जाए, मेरी दुआएँ, प्यार और आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे। फाँसी पर चढ़ाए जाने से पहले, मैंने हमारे निकाह के बंधन से तुम्हें आज़ाद करने का फ़ैसला किया है।

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