गड़बड़ी आपने की और जिम्मेदार भारत को ठहरा रहे, पीयूष गोयल ने हंसते-हंसते ही यूरोप को रुला दिया

Piyush Goyal
@PiyushGoyal
अभिनय आकाश । Oct 23 2026 1:34PM

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु संकट के लिए विकसित और यूरोपीय देशों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की 17 प्रतिशत आबादी वाले भारत का वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में योगदान 3 प्रतिशत से भी कम है। इसके बावजूद विकासशील देशों को उत्सर्जन के लिए अनुचित तरीके से दोषी ठहराया जाता है।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जलवायु संकट के लिए यूरोपीय देशों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन देशों का कार्बन उत्सर्जन में बहुत बड़ा योगदान है, जबकि 2015 में पेरिस में हुए COP21 सम्मेलन में जलवायु वित्त (क्लाइमेट फाइनेंस) को लेकर किए गए अपने वादों को पूरा करने में वे विफल रहे हैं। 'बर्लिन ग्लोबल डायलॉग' के दौरान एक गोलमेज चर्चा में बोलते हुए, गोयल ने कहा कि यूरोप की आबादी दुनिया की कुल आबादी का शायद 3 या 4 प्रतिशत ही है, फिर भी कार्बन उत्सर्जन में उनका योगदान बहुत अधिक है। इसके विपरीत, भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन योगदान शायद 10 या 15 प्रतिशत से भी कम है। पीयूष गोयल कहते हैं कि वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में भारत का योगदान 3 प्रतिशत से भी कम है। गोयल ने कहा आखिर इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन है? ओजोन परत को नुकसान कहाँ पहुँचा? वातावरण में इतना सारा कार्बन किसने भेजा? मैं दुनिया की 17 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता हूँ, लेकिन वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में मेरा योगदान 3 प्रतिशत से भी कम है। आप (यूरोप) शायद दुनिया की 3% या 4% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, फिर भी इन कार्बन उत्सर्जनों यानी इस गड़बड़ी में आपका योगदान बहुत बड़ा है। यह समस्या आपके कारण पैदा हुई है। आज भी, जब हम यहाँ बैठे हैं, तो प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन में मेरा योगदान शायद आपके योगदान का 10 या 15 प्रतिशत से भी कम है।

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उन्होंने आगे कहा कि आज भी, प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरण पर प्रति व्यक्ति प्रभाव के मामले में यूरोप का स्तर भारत की तुलना में शायद सात या आठ गुना अधिक है। मैं दुनिया की 17 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता हूँ, और मैं कचरे (वेस्ट) तथा सर्कुलर इकोनॉमी को लेकर कहीं अधिक जागरूक हूँ। मुझे 1.4 अरब लोगों की जरूरतें भी पूरी करनी हैं। मुझे उनकी ऊर्जा संबंधी जरूरतों और भोजन की जरूरतों को पूरा करना है, और यह सुनिश्चित करना है कि मेरा देश सुरक्षित रहे। इन सबके बावजूद, हमारे पास दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रमों में से एक है। 

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प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन में भारत का योगदान वैश्विक औसत से आधे से भी कम है: पीएम मोदी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन के लिए अक्सर विकासशील देशों को अनुचित तरीके से दोषी ठहराया जाता है, जबकि विकसित देश भारत की तुलना में प्रति व्यक्ति छह गुना अधिक उत्सर्जन करते हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों, सुप्रीम कोर्ट के जजों, कानूनी विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी वाले दो दिवसीय कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि कार्बन उत्सर्जन की जिम्मेदारी अक्सर गलत तरीके से विकासशील देशों पर डाल दी जाती है। जबकि सच्चाई यह है कि आज भी, प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन में भारत का योगदान वैश्विक औसत से आधे से भी कम है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सदियों से प्रकृति और पर्यावरण के मामलों में दुनिया का मार्गदर्शन किया है और अब वह आधुनिक जलवायु चुनौतियों के समाधान पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी इसी वैचारिक प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक अनुभवों के आधार पर, भारत अब आधुनिक जलवायु चुनौतियों के समाधान दे रहा है और साथ ही सामूहिक वैश्विक कार्रवाई का आह्वान भी कर रहा है। मुझे खुशी है कि NGT का यह सम्मेलन उसी मिशन को आगे बढ़ा रहा है

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