Manoj Jarange के आंदोलन के बीच Jalna में शराब बिक्री पर रोक

जालना जिला प्रशासन ने कार्यकर्ता मनोज जरांगे के धरना स्थल पर संभावित भीड़ को देखते हुए दो दिनों तक शराब बिक्री पर रोक लगा दी है। जिलाधिकारी असीमा मित्तल ने गोंदी पुलिस थाना क्षेत्र में नौ और दस सितंबर को शराब की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र में बीस सितंबर तक हथियार ले जाने और पांच से अधिक लोगों के जुटने पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा।
जालना, नौ सितंबर महाराष्ट्र के जालना जिले में प्रशासन ने कार्यकर्ता मनोज जरांगे के धरना स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की आशंका को देखते हुए कुछ इलाकों में दो दिनों के लिए शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। जरांगे पिछले 12 दिनों से अंतरवाली सराटी गांव में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
वह मराठा समुदाय के लिए आरक्षण और जाति वैधता प्रमाणपत्र समेत विभिन्न मांगों को लेकर यह आंदोलन कर रहे हैं। अब तक कोई समझौता नहीं होने के कारण जरांगे ने 12 सितंबर को मुंबई से करीब 400 किलोमीटर दूर स्थित गांव में मराठा समुदाय के सदस्यों की बैठक बुलाई है। इस आंदोलन के कारण जरांगे के सैकड़ों समर्थक धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जिला अधिकारी असीमा मित्तल ने नौ और 10 सितंबर को गोंदी पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है। प्रशासन को आशंका थी कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच थोक शराब की दुकानों का संचालन जारी रहने से अप्रिय घटनाएं हो सकती हैं और सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने 20 सितंबर की आधी रात तक हथियार ले जाने और पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर भी रोक लगा दी है।
ये प्रतिबंध 10 सितंबर को होने वाले पोला त्योहार, 14 से 25 सितंबर तक चलने वाले गणेशोत्सव और 17 सितंबर को मनाए जाने वाले मराठवाड़ा मुक्ति दिवस से पहले लगाए गए हैं। इस दौरान जुलूस और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है।
अन्य न्यूज़














