Delhi Police ने शाहदरा में 44 लाख की डकैती सुलझाई, 6 आरोपी धरे

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मानसरोवर पार्क इलाके में अगस्त महीने में हुई लूटपाट की गुत्थी सुलझाते हुए दिल्ली पुलिस ने छह आरोपियों को दबोच लिया है। पुलिस ने इनके पास से 26.41 लाख रुपये से अधिक की नकदी और वारदात में प्रयुक्त पिस्तौल बरामद की है। मुख्य आरोपी की बहन से भी सुल्तानपुर में छिपाकर रखे गए 22 लाख रुपये से ज्यादा बरामद किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने शाहदरा जिले में दिनदहाड़े हुई 44 लाख रुपये की लूट के मामले में मुख्य आरोपी समेत सभी छह लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 26 लाख रुपये से अधिक नकद तथा एक पिस्तौल बरामद की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि लूट की यह घटना 27 अगस्त को मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र में हुई थी, जब पिस्तौल के बल पर शिकायतकर्ता का 44 लाख रुपये से भरा बैग कथित तौर पर छीन लिया गया था।

मीणा ने बताया कि मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल को उत्तर प्रदेश से दिल्ली लाए जाने के बाद 16 अक्टूबर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया और अदालत की मंजूरी के बाद चार दिन तक हिरासत में रखकर पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा की निशानदेही पर पुलिस ने लूट में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया। अधिकारी बताया कि पिस्तौल और उसकी मैगजीन 18 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक स्थान पर झाड़ियों से बरामद की गई।

आरोपी ने भागते समय इसे कथित तौर पर फेंक दिया था। डीसीपी ने बताया कि मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य पांच आरोपियों की पहचान प्रांजल तिवारी, सरब तिवारी उर्फ ​प्रफुल्ल, अमरीश तिवारी उर्फ ​चंचल, गौरव तिवारी और रामजीत के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक, प्रांजल ने नकदी ले जाने के समय के बारे में अन्य आरोपियों को जानकारी दी, जिससे लूट की वारदात को अंजाम दिया जा सका।

पुलिस ने बताया कि सरब ने लूट को अंजाम देने वालों और मुख्य आरोपी के बीच समन्वय का काम किया, जबकि अमरीश लूट के दौरान मुख्य आरोपी के साथ कथित तौर पर मौजूद था। गौरव ने कथित तौर पर आरोपियों के ठहरने की व्यवस्था की और रामजीत ने भागने के लिए कथित तौर पर वाहन मुहैया कराया और उन्हें गिरफ्तारी से बचने में मदद की। मीणा ने बताया कि पुलिस ने शुरू में 3.90 लाख रुपये बरामद किए और अपराध में इस्तेमाल की गई एक कार तथा तीन मोबाइल फोन जब्त कर लिए।

अधिकारी ने बताया कि सुल्तानपुर में एक अन्य अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी की 19 वर्षीय बहन के पास से 22.51 लाख रुपये की नकदी बरामद की। आरोपी की बहन को चोरी की रकम छुपाने में मदद करने के आरोप में नामजद किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कुल 26,41,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी को अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों का उत्तर प्रदेश में आपराधिक इतिहास रहा है और वे मारपीट, आपराधिक धमकी और धोखाधड़ी से संबंधित अपराध में शामिल रहे हैं।

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