Siddaramaiah के कथित स्टिंग मामले में दिल्ली से रितेश पांडे गिरफ्तार, Bengaluru लाई पुलिस

Siddaramaiah के कथित स्टिंग मामले में दिल्ली से रितेश पांडे गिरफ्तार, Bengaluru लाई पुलिस
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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को निशाना बनाकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले में बेंगलुरु पुलिस ने दिल्ली से पहली गिरफ्तारी की है। पकड़े गए आरोपी रितेश पांडे से पूछताछ की जा रही है और पुलिस उस मोबाइल फोन व डिजिटल ट्रेल की पड़ताल में जुटी है जिससे वीडियो अपलोड किया गया था।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को निशाना बनाकर किये गए कथित स्टिंग ऑपरेशन के सिलसिले में दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और यह इस मामले में पहली गिरफ्तारी है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी को दिल्ली में पकड़ा गया और उसकी पहचान रितेश पांडे के रूप में हुई है।

इसने बताया कि पांडे को पूछताछ के लिए बेंगलुरु लाया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पुलिस एक मोबाइल फोन की जांच कर रही है, जिसका इस्तेमाल संभवत: कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो अपलोड करने के लिए किया गया था। सूत्रों ने बताया कि पुलिस इसके डिजिटल ट्रेल की भी जांच कर रही है, ताकि वीडियो अपलोड करने वाले की पहचान की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि वीडियो सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हुआ और इसके पीछे कौन लोग हैं।

पिछले महीने, यूट्यूब पर दो वीडियो अपलोड किए गए थे जिनमें सिद्धरमैया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसके बाद कांग्रेस नेता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और एक निषेधाज्ञा जारी कराई, जिसके तहत प्रेस को इन वीडियो के बारे में रिपोर्टिंग करने से रोक दिया गया। उन्होंने मामले की जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।

शुक्रवार को सिद्धरमैया ने उन्हें निशाना बनाकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन को ‘‘पूरी तरह से मनगढ़ंत’’ बताया। उन्होंने कहा कि इसका मकसद उन्हें ब्लैकमेल करना था और साथ ही उन्होंने सच्चाई सामने लाने तथा इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की। उनके बेटे और मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया ने आरोप लगाया था कि उनके पिता की छवि खराब करने के मकसद से किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे उनकी अपनी पार्टी, कांग्रेस के ही लोग थे।

यतींद्र ने दावा किया कि कथित ऑपरेशन से जुड़े वीडियो से ऐसा संकेत मिलता है कि इसमें कांग्रेस की एक महिला (जो पुत्तूर से पार्टी टिकट चाहती थी) और एक मीडिया संस्थान के प्रमुख शामिल थे। इस बीच, राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने बताया कि सिद्धरमैया ने अपने खिलाफ साजिश के आरोपों की जांच पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि इस कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे मौजूद लोगों का खुलासा होना महज वक्त की बात है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस आपराधिक साजिश में जो भी शामिल है, यह घटना कहां हुई, कैसे हुई, स्टिंग ऑपरेशन किसने किया, क्यों किया गया, इतने वर्षों बाद यह सामग्री किसी के हाथ कैसे लगी, इसे अचानक कैसे अपलोड किया गया और इसका प्रचार-प्रसार कैसे हुआ -- इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। हम शुरुआत से लेकर अब तक की हर चीज की जांच करेंगे। कुछ ही दिनों में हम सब कुछ सामने ला देंगे।’’ उन्होंने कहा कि पुलिस को जांच पारदर्शी तरीके से, ईमानदारी से और जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए।

इस मामले में कांग्रेस सदस्यों के शामिल होने के आरोपों से जुड़े एक सवाल पर मंत्री ने कहा कि उपलब्ध सामग्री और सामने आए तथ्यों से यह पहले ही जाहिर हो चुका है और इन मामलों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल स्पष्ट है कि इसमें कौन-कौन शामिल है और क्या हुआ है। मुझे अलग से सब कुछ बताने की जरूरत नहीं है।

हमने (पुलिस ने) इसमें शामिल लोगों को बुलाया है और उनसे पूछताछ की है... इस मामले में जिन लोगों के नाम आए हैं, उन सभी से पूछताछ की जा चुकी है। हमने उनके बयान दर्ज कर लिए हैं और पूछताछ का पूरा विवरण तैयार कर लिया है। सही समय आने पर हम आपके सामने सारी जानकारी रख देंगे।’’

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