Cyclone Arnab: ओडिशा ने 48,000 लोगों को सुरक्षित निकालने की बनाई योजना

Cyclone Arnab: ओडिशा ने 48,000 लोगों को सुरक्षित निकालने की बनाई योजना
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भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से ओडिशा में तेज हवाएं और भारी बारिश शुरू हो गई है, जिसके चलते प्रशासन ने 48 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मुहिम शुरू की है। मौसम विभाग ने गजपति और गंजाम समेत छह जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की है। राहत व बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ समेत 294 टीमें तैनात की गई हैं।

भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के पूर्वी तट की ओर बढ़ने के साथ ही ओडिशा में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने के कारण राज्य सरकार ने मंगलवार को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास तेज कर दिए है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तूफान के अगले 24 घंटे के भीतर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है।

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश पी. पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार ने शाम तक निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से कम से कम 48,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि गजपति और नबरंगपुर जिलों में सबसे अधिक करीब 11,000-11,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा जबकि मलकानगिरी, गंजाम, कोरापुट, रायगड़ा, कालाहांडी और नुआपाड़ा में भी निकासी अभियान जारी है। वहीं, आठ जिलों में स्कूलों को मंगलवार और बुधवार को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने पुरी, गजपति, गंजाम, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की है, जिसमें 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक और खुर्दा सहित 16 जिलों के लिए सात से 11 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पाटिल ने बताया कि संवेदनशील इलाकों के लोगों को ठहराने के लिए 135 स्थायी और करीब 1,600 अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं चलने के पूर्वानुमान के मद्देनजर भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने 294 बचाव दल तैनात किए हैं, जिनमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की नौ, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 60 और अग्निशमन सेवा विभाग की 225 टीमें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि गंजाम जिले में सबसे अधिक बचाव दल तैनात किए गए हैं, जहां एनडीआरएफ की दो और एसडीआरएफ की नौ टीमें लगाई गई हैं।

आईएमडी के अनुसार, तूफान पिछले छह घंटों के दौरान 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा है और मंगलवार सुबह 5.30 बजे यह बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था, जो आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से करीब 260 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। तूफान के 27 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है, जिसके बाद यह उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ जाएगा और 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा, जहां यह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के करीब तट से टकराएगा। आईएमडी ने बताया कि चक्रवात के 125-135 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम निरंतर हवा की गति के साथ तट से टकराने की संभावना है, जबकि हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड में नदियों के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण पश्चिमी और उत्तरी ओडिशा में अचानक बाढ़ आने और जलभराव होने की आशंका है, जबकि दक्षिणी जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना है।

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