Cyclone Arnab को लेकर 4 राज्यों में High Alert, तट से टकराने पर IMD की पैनी नजर

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके बुधवार सुबह तक टकराने की संभावना है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी को सतर्क किया है। चक्रवात के खतरे को देखते हुए दार्जिलिंग में भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की गई है।
बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह इसके तट से टकराने की संभावना को देखते हुए चार राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने इस चक्रवाती तूफान को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आंध्र प्रदेश के तट से टकराने से पहले यह धीरे-धीरे और अधिक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पुडुचेरी को भी अलर्ट पर रखा गया है।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह जारी अपने बुलेटिन में बताया कि यह तूफान सुबह 5:30 बजे बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उससे सटे पश्चिमी-मध्य हिस्से में, विशाखापत्तनम से लगभग 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में मौजूद था। यह 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। सोमवार आधी रात तक इस चक्रवात के और अधिक तीव्र होकर एक 'गंभीर चक्रवाती तूफान' (severe cyclonic storm) में बदलने की संभावना है, और मंगलवार तक यह और भी ताकतवर होकर एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' (very severe cyclonic storm) का रूप ले सकता है।
अनुमान है कि यह यानम के पास, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट को पार करेगा। इस दौरान हवा की लगातार गति 115–125 किमी प्रति घंटा रहेगी, जबकि हवा के झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। इस बीच, IMD ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे सोमवार से पश्चिम बंगाल के तट के पास और समुद्र में न जाएं, क्योंकि इस इलाके में तेज हवाएं चलेंगी। साथ ही, चक्रवात के कारण दार्जिलिंग के उप-हिमालयी जिले में भूस्खलन (landslides) होने की भी चेतावनी दी गई है।
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इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने, जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और तटीय इलाकों में लगातार चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया है। प्रशासन उन गर्भवती महिलाओं को भी अस्पतालों में पहुंचाने की तैयारी कर रहा है, जिनकी प्रसव की तारीख नजदीक है। ओडिशा में, छह दक्षिणी जिलों — गंजाम, गजपति, रायगडा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर — को संवेदनशील (खतरे की आशंका वाले) क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया गया है, जबकि कुछ पहाड़ियों, झरनों और बांधों के पास मछली पकड़ने और पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी गई है।
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