FBI Director Kash Patel की पाकिस्तान से बढ़ती करीबी पर Congress हमलावर, PM Modi की Diplomacy को बताया फेल

कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में जिस समझौते (MoU) पर सहमति बनी थी, वह अब लगभग खत्म हो चुका है। लेकिन अमेरिका और पाकिस्तान के बीच दोस्ती बनी हुई है।
एफबीआई डायरेक्टर कश पटेल की पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी से मुलाकात के बाद, कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया। उन्होंने वेस्ट एशिया के झगड़े में पाकिस्तान की भूमिका और अमेरिका के साथ उसकी नज़दीकी को भारत के लिए एक झटका बताया। एक एक्स पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग के फेल होने के बावजूद, वॉशिंगटन DC ने इस्लामाबाद के साथ अपने रिश्ते बनाए रखे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में जिस समझौते (MoU) पर सहमति बनी थी, वह अब लगभग खत्म हो चुका है। लेकिन अमेरिका और पाकिस्तान के बीच दोस्ती बनी हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप, उपराष्ट्रपति, विदेश मंत्री और सेंट्रल कमांड चीफ के बाद अब FBI डायरेक्टर काश पटेल की बारी है जो पाकिस्तान का गर्मजोशी से स्वागत कर रहे हैं। कल जब पाकिस्तान के गृह मंत्री उनसे मिले, तो उन्होंने पाकिस्तान की जमकर तारीफ की।
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एक्स पोस्ट में लिखा था, यहाँ निश्चित रूप से कूटनीतिक शिष्टाचार से कहीं ज़्यादा कुछ चल रहा है। इसमें कोई शक नहीं कि पश्चिम एशिया और दुनिया में पाकिस्तान को मिली यह नई अहमियत भारत के लिए एक बड़ा झटका है और खुद को 'विश्वगुरु' कहने वाले देश की नीतियों और तौर-तरीकों पर भी सवालिया निशान लगाती है। यह घटनाक्रम FBI डायरेक्टर काश पटेल की पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी के साथ हुई मुलाकात के बाद सामने आया है, जिसमें आतंकवाद-रोधी उपायों और साइबर सुरक्षा पर चर्चा हुई थी।
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हालांकि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते से पहले 14-सूत्रीय MoU तक पहुँचने में भूमिका निभाई थी, लेकिन अब यह डील खटाई में पड़ती दिख रही है क्योंकि दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले किए हैं, जिससे संघर्ष फिर से भड़क गया है। इससे पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर की ज़िम्मेदारी ली थी। उन्होंने इन ऑपरेशन्स को पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सेना के खिलाफ अपने जवाबी अभियान का दूसरा चरण बताया था।
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