Himachal Pradesh के छह मेडिकल कॉलेजों में 320 PG सीट मंजूर, केंद्र देगा 415 करोड़ रुपये

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर चिकित्सा की 320 सीटें मंजूर करने की जानकारी दी। इस विस्तार परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से लगभग 415 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल शिक्षा का दायरा बढ़ाना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) मेडिकल की 320 सीट को मंजूरी दे दी है और इसके लिए भारत सरकार करीब 415 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। नड्डा ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इसी तत्परता से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेगी ताकि लोगों को जल्द से जल्द इस पहल का लाभ मिल सके। स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, शिमला, टांडा, हमीरपुर, मंडी, नाहन और चंबा स्थित मेडिकल कॉलेजों को मिली इस मंजूरी का उद्देश्य राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना है।
नड्डा ने कहा कि यह फैसला राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे विशेषज्ञ डॉक्टर बनने के इच्छुक युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे और हिमाचल प्रदेश में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 23 जून 2026 को अपना प्रस्ताव भेजा था।
इसके बाद छह अक्टूबर 2026 को बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दीक्षांत समारोह के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा हुई थी। नड्डा ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के प्रस्ताव पर त्वरित कदम उठाते हुए पीजी मेडिकल की सभी 320 सीट को मंजूरी दे दी है। अब हम उम्मीद करते हैं कि राज्य सरकार भी इसी गति से आगे बढ़ेगी और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेगी ताकि हिमाचल प्रदेश के छात्रों और लोगों को जल्द से जल्द इस पहल का लाभ मिल सके।’’ नड्डा ने केंद्र सरकार के सहयोग से हिमाचल प्रदेश में महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को भी तेजी से लागू करने का आह्वान किया।
चंडीगढ़-बद्दी और भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य के वित्तीय अंशदान और भूमि उपलब्धता से जुड़े लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया।
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