विजय दिवस स्पेशल: इस फौजी ने दिखाई थी असाधारण वीरता, शहीद होने से पहले पाक के 4 बंकरों को किया था तबाह

मनोज कुमार पांडेय का जन्म उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता गोपी चंद पांडेय और माता मोहिनी पांडेय हैं। उनको देशप्रेम के प्रति प्रेरित करने का काम उनकी मां ने बचपन में ही शुरू कर दिया था और उन्हें देश के प्रति समर्पित गाथाएं सुनाई।
नयी दिल्ली। कारगिल युद्ध के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले कैप्टन मनोज कुमार पांडेय की वीर गाथा को कोई भुला नहीं सकता है। उन्होंने देश के प्रति अपना फर्ज मरते दम तक निभाया और असाधारण वीरता का परिचय देते हुए मनोज पांडेय ने शहीद होने से पहले दुश्मनों के चार बंकरों को नेस्तानाबूत कर दिया था।
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परमवीर चक्र हासिल करना था मकसद
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कर्नल ललित राय के नेतृत्व में लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय को खालोबार फतह करने की जिम्मेदारी मिली। तब मनोज पांडेय ने अपनी पलटन को लेकर पाकिस्तानियों पर धावा बोल दिया। 3 जुलाई 1999 को वीरगति को प्राप्त होने से पहले उन्होंने दुश्मनों के चार बंकरों को नेस्तानाबूत कर दिया।
गोलियों से छलनी मनोज कुमार पांडेय के आखिरी शब्द थे ना छोड़नूं, जिसका मतलब होता है कि किसी को भी मत छोड़ना। बोलते हुए पाकिस्तान के बंकर पर ग्रेनेड फेंका था। मनोज कुमार पांडेय के इसी असाधारण वीरता के लिए भारत का बड़ा वीरता सम्मान दिया गया। जिसे पाने के लिए उन्होंने भारतीय सेना को ज्वाइन किया था।अन्य न्यूज़














