India in UN on Hormuz | बर्दाश्त नहीं करेंगे...संयुक्त राष्ट्र में गजब ही भड़क गया भारत

India
अभिनय आकाश । Apr 17 2026 2:09PM

भारत ने यह भी जोर देकर कहा कि इस समय टकराव बढ़ाने के बजाय बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाना जरूरी है। तनाव कम करने और असली समस्याओं का हल निकालने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और खासकर ईरान से जुड़े हालात पर कड़ा और साफ संदेश दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि पी हरीश ने स्थिति पर चिंता जताते हुए संतुलित लेकिन मजबूत बयान रखा। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी 2026 से ईरान और खारी क्षेत्र में शुरू हुए संघर्ष के बाद से भारत लगातार चिंतित है। भारत ने सभी देशों से अपील की है कि वह संयम बरतें। हालात को और ना बिगाड़े और आम नागरिकों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि ने कहा कि भारत के लिए ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से एक विशेष चिंता का विषय होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाज हैं। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य हमलों का लक्ष्य बनाए जाने की भारत कड़ी निंदा करता है।

इसे भी पढ़ें: Iran संकट पर विदेश मंत्रालय का दो टूक जवाब, India की Oil Supply पर असर नहीं पड़ने देंगे

भारत ने यह भी जोर देकर कहा कि इस समय टकराव बढ़ाने के बजाय बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाना जरूरी है। तनाव कम करने और असली समस्याओं का हल निकालने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए। साथ ही हर देश की संप्रभुता और उसकी सीमाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। भारत ने खासतौर पर इस बात पर नाराजगी भी जताई कि संघर्ष के दौरान व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में भारतीय नागरिकों की भी जान गई जो बेहद दुखद है। कुल मिलाकर भारत ने यूएन में साफ तौर पर यह कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमला करना पूरी तरह गलत है। निर्दोष क्रू मेंबर्स की जान खतरे में डालना स्वीकार्य नहीं है। समुद्री व्यापार और आवाजाही को रोकना अंतरराष्ट्रीय कानून के सख्त खिलाफ भारत ने स्टेट ऑफ हुर्मस का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि यह वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम रास्ता है।

इसे भी पढ़ें: Iran-US तनाव से दुनिया भर में तेल का संकट गहराया, Crude Oil Market में हड़कंप

भारत ने दोहराया कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नाविकों की जान को खतरे में डालना या होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पर्वतनेनी ने इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर देते हुए कहा कि भारत इस मार्ग से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन एवं वैश्विक व्यापार को जल्द बहाल करने की मांग करता है। उन्होंने संघर्ष के दौरान भारतीय नाविकों की मौत पर भी गहरी चिंता जताई। पर्वतनेनी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘पश्चिम एशिया की स्थिति’ पर वीटो पहल के तहत हुई बहस के दौरान ये टिप्पणियां कीं, जो इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा परिषद में रूस और चीन द्वारा बहरीन के नेतृत्व में एक प्रस्ताव पर वीटो किए जाने के बाद करायी गयी थी। भारतीय राजदूत ने कहा कि 28 फरवरी से ईरान और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की लगातार अपील करता रहा है। 

इसे भी पढ़ें: रफ्तार का बादशाह, फिर भी भारत नहीं रहा 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था? क्या है IMF डेटा का पूरा सच

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस संघर्ष के दौरान क्षेत्र में विभिन्न घटनाओं में आठ भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और एक अब भी लापता है। इस संषर्घ के कारण फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी एवं अरब सागर से जोड़ने वाला ओमान और ईरान के बीच अहम तेल मार्ग बाधित हो गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बाधित होने से दुनिया के सबसे गरीब और कमजोर देशों पर इसका गहरा असर पड़ता है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़