अब यूरोप में सीधे घुस जाएंगी ईरानी मिसाइलें? IRGC ने दी ऐसी धमकी, कांपे अमेरिका के दोस्त

ईरान में एक नेशनल न्यूज़ चैनल को दिए गए इंटरव्यू में मोहसिन रिजाई ने साफ इशारे दिए हैं कि अब ईरान ज्यादा बर्दाश्त नहीं करेगा। बस दो से तीन दिन और देखेगा और अगर अमेरिकी हिमाकत जारी रही तो ईरान अपने जंग लड़ने के अंदाज को एकदम से बदल देगा और जंग यूरोप तक जाएगी।
बस दो से तीन दिन और और अमेरिका को उसकी जुर्रतों का मजा चखाया जाएगा। यह इशारे मोहसन रजाई के हैं। मोहसिन रजाई आईआरजीसी यानी पाजदराने इस्लाम के पूर्व कमांडर रहे हैं और इस वक्त वो ईरान में सुप्रीम लीडर के सलाहकार और वहां की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल के मेंबर हैं। उनकी बात को इसलिए भी गंभीरता से लिया जा सकता है कि उन्होंने ईरान इराक जंग के दौरान आईआरजीसी को लीड किया था। दरअसल ईरान में एक नेशनल न्यूज़ चैनल को दिए गए इंटरव्यू में मोहसिन रिजाई ने साफ इशारे दिए हैं कि अब ईरान ज्यादा बर्दाश्त नहीं करेगा। बस दो से तीन दिन और देखेगा और अगर अमेरिकी हिमाकत जारी रही तो ईरान अपने जंग लड़ने के अंदाज को एकदम से बदल देगा और जंग यूरोप तक जाएगी। हालांकि जंग लड़ने का नया अंदाज क्या होगा इसका खुलासा ईरान के पूर्व आईआरजीसी अधिकारी ने नहीं किया लेकिन उनके जंग को यूरोप तक ले जाने वाले इशारों से कयासों का दौर भी शुरू हो गया है।
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मोहसिन रजाई के ये इशारे इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरान में सरकार या आईआरजीसी सीधे तौर पर जंग की रणनीति पर कोई चर्चा नहीं करती लेकिन अपने सीनियर अफसरों या पूर्व अधिकारियों के जरिए अपनी मंशा का इज़हार भी कर देती है। इंटरव्यू में मोहसिन रिजाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि बस दो से तीन दिन बाद अमेरिका पछताएगा। अब उनकी इस धमकी पर कई तरह की थ्योरी सोशल मीडिया पर चल रही हैं। साथ ही ईरान में इस पर चर्चा हो रही है। कयास यह लग रहे हैं कि मुमकिन है कि ईरान के पास अमेरिका के यूरोप में मौजूद एसेट पर हमला करने की क्षमता आ गई हो। चर्चा तो यह भी है कि पर्शियन गल्फ में अमेरिका के जो इंटरेस्ट है उन्हें ईरान तबाह कर सकता है। अमेजन कंपनी के दफ्तर मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी तेल गैस इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल इसमें हो सकते हैं। ईरान का मीडिया तो यह भी आकलन कर रहा है कि अगर अमेरिका नहीं मानता है तो ईरान की मिसाइलें सऊदी अरब में मदीना के पास यंबू तेल पाइपलाइन को ध्वस्त कर सकती हैं। यह पाइपलाइन सऊदी ने सीधे अमेरिका की तरफ जहाजों से तेल भेजने के लिए तैयार कर रखी है। कयास है कि ईरान इसे टारगेट कर सकता है। मतलब जहां-जहां अमेरिका का इंटरेस्ट है उसे तबाह कर देगा ईरान। चाहे वो यूरोप हो या फिर पर्शियन गल्फ में। और तो और लोग सोशल मीडिया पर यह आकलन भी कर रहे हैं कि जंग के नए अंदाज में ईरान फारस के समंदर से गुजरने वाले ऑप्टिकल फाइबर केबल को भी काट सकता है। यह दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी मुसीबत होगी। इंटरनेट थप हो जाएगा।
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ईरान ने अमेरिका को थमने के लिए सिर्फ दो दिन की मोहलत दी है। उसके बाद यूरोप तक हमले की बात बड़े खतरे के संकेत हैं। कुवैत में ईरान ने भीषण तबाही मचा दी है। क्या पावर प्लांट? क्या वाटर डिसलिनेशन प्लांट और क्या अमेरिकी सेना के बेस हथियार और गोला बारूद के वेयर हाउस कुवैत में इस वक्त हर ओर सिर्फ आग ही आग नजर आ रही है। मिसाइल गिर रहे हैं। ड्रोन हमले हो रहे हैं। दरअसल ईरान ने कुवैत के अलसुबिया पावर जनरेशन एंड वाटर डिसलिनेशन प्लांट पर ऐसा भीषण मिसाइल अटैक किया कि महज एक सेकंड के अंदर पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। आननफानन में कुवैती प्रशासन को दूसरे इलाकों की बिजली आपूर्ति काटकर इस प्रभावित क्षेत्र में सप्लाई पहुंचाने की व्यवस्था करनी पड़ी।
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