भारत से पंगा लेकर फंसे तारिक रहमान, अंधेरे में डूब गया बांग्लादेश, काट दी लाइट!

बांग्लादेश ने आरोप लगाया कि तारिक रहमान के ब्रिक्स सम्मेलन में न जाने के कारण भारत ने उसकी बिजली काट दी। हालांकि, असल में यह बिजली संकट झारखंड स्थित अडानी पावर प्लांट के बॉयलर में तकनीकी खराबी आने की वजह से हुआ था। खराबी ठीक होने के बाद बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू कर दी गई।
ब्रिक्स में बांग्लादेश का ना आना क्या उसे भारी पड़ गया? क्या तारिक रहमान ने जो भारत को आंख दिखाने की कोशिश की उसका अंजाम बांग्लादेश भुगत रहा है? क्या भारत ने बांग्लादेश की बिजली काट दी क्योंकि तारिक रहमान ब्रिक्स में नहीं आए। इस वक्त यही बात चल रही है और लगातार यह कहा जा रहा है बांग्लादेश की तरफ से कि भारत ने उनकी बिजली काट दी। अडानी पावर प्लांट से जो बिजली बांग्लादेश को पहुंचाई जाती थी वो बिजली ठप कर दी गई है। बांग्लादेश यह बताकर दुनिया में विक्टिम कार्ड खेल रहा है और यह जताने की कोशिश कर रहा है कि देखिए जब हम ब्रिक्स में नहीं गए तो भारत उसका बदला कैसे ले रहा है। लेकिन सच क्या है? हुआ कुछ यूं कि भारत में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स समिट हुआ। जिसमें चीन, रूस और ब्रिक्स के सभी देश शामिल हुए। तमाम समझौते हुए, तमाम बातें हुई और दुनिया के तमाम जानी दुश्मन देश एक मंच पर नजर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ। अब ऐसे में बांग्लादेश को भी बुलावा था। लेकिन बांग्लादेश की तरफ से यह बताया गया कि बीएनपी के नेता और प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत नहीं जाएंगे क्योंकि उनके एक अधिकारी की बेइज्जती भारत में कुछ दिन पहले हो गई थी। अब जब ब्रिक्स का सम्मेलन खत्म हुआ तो इसके बाद बांग्लादेश ने ये माहौल बनाना शुरू कर दिया कि ब्रिक्स में ना जाने का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है और भारत ने बांग्लादेश की लाइट काट दी है बांग्लादेश जिसकी वजह से अंधेरे में डूब गया है।
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हुआ कुछ यूं कि झारखंड में अडानी पावर के थर्मल प्लांट में शटडाउन को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी बीएनपी ने तारिक रहमान के ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली ना आने से जोड़ दिया। यह प्लांट बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करता है जो खराबी आने की वजह से बंद हो गया। इससे बीते हफ्ते तीन दिन तक बांग्लादेश में बिजली का संकट रहा। पर तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने ना सिर्फ नाराजगी जताई बल्कि इसे रहमान के ब्रिक्स में ना आने से जोड़कर भारत को बदनाम करने का पूरा प्लानिंग तैयार कर लिया था और जो बात बांग्लादेश की तरफ से कही गई वो साफ बताती है किस तरीके से बांग्लादेश नीचता पर उतरा है। बीएनपी के कार्यवाहक महासचिव कबीर रिवी कहते हैं तारिक रहमान एक संप्रभु देश के प्रधानमंत्री हैं तो क्या आप दिल्ली में उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं बुलाएंगे ऐसा नहीं हो सकता। वो नहीं गए और ऐसा कर देश की गरिमा को बनाए रखा। तारीख के ना जाने के फैसले के अगले दिन ही प्लांट बंद कर दिया गया। इसके पीछे क्या वजह है?
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क्यों बांग्लादेश की बिजली कटी?
अब तारिक रहमान ब्रिक्स में नहीं आए। उधर बांग्लादेश में तीन दिनों तक लाइट चली गई। जिसके बाद बांग्लादेश ने दोनों मामलों को एक साथ जोड़ दिया और विक्टिम कार्ड खेलना बांग्लादेश ने शुरू कर दिया। जैसा इन बांग्लादेशियों का और पाकिस्तानियों का हमेशा से दोहरा रवैया रहता है वही यहां पर भी देखने को मिला। जबकि सच इससे इतर है। झारखंड के प्लांट 800 मेगावाट की यूनिट टू गुरुवार आधी रात यानी 10 सितंबर बॉयलर में खराबी आने के बाद बंद हो गई। इससे बांग्लादेश को 84 घंटों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा और कई शहरों में वहां पर अंधेरा छा गया। यूनिट को 13 सितंबर दोपहर बांग्लादेश के नेशनल ग्रिड से सिंक्रोनाइज कर बिजली सप्लाई शुरू की गई। यानी जब बांग्लादेश यह कह रहा है कि ब्रिक्स में ना आने की वजह से हमारी बिजली काटी गई तो उस बीच भाई साहब ब्रिक्स संपन्न हो रहा था। मतलब 12 और 13 को तो ब्रिक्स था। लाइट गई 10 तारीख को और 10 से 13 तारीख को फिर उनको लाइट देना शुरू कर दिया गया और वो भी इसलिए क्योंकि बोईलर में खराबी आ गई थी जिसकी वजह से बिजली काटी गई।
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