Nepal Floods: बाढ़ प्रभावित इलाकों में पत्रकारों के लिए सख्त Guidelines लागू

नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए मीडिया सुरक्षा और संचालन संबंधी नए नियम लागू किए हैं। आपदा क्षेत्रों में जाने वाले विदेशी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन प्रेस मान्यता लेना अनिवार्य कर दिया गया है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तटों की रिपोर्टिंग के लिए यह विशेष पास 15 दिनों के लिए मान्य रहेगा।
काठमांडू, छह सितंबर नेपाल ने 26 अगस्त को आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा करने वाले पत्रकारों के लिए मीडिया सुरक्षा और संचालन संबंधी प्रोटोकॉल जारी किया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से रिपोर्टिंग करने के इच्छुक विदेशी पत्रकारों को प्रेस मान्यता हासिल करनी होगी। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने वाले पत्रकारों के लिए नेपाल के सूचना एवं संचार मंत्रालय की ओर से जारी मीडिया सुरक्षा और संचालन प्रोटोकॉल को सार्वजनिक किया।
इस आपदा में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 5,000 लोग अब भी लापता हैं। तत्काल प्रभाव से लागू किए गए इस प्रोटोकॉल के तहत पत्रकारों को वैध प्रेस पहचान पत्र साथ रखना होगा। उन्हें सुरक्षा एवं बचावकर्मियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा, निर्धारित मार्गों और आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करना होगा तथा जरूरत पड़ने पर प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेशों का पालन करना होगा।
इसके अलावा, नेपाल के सूचना एवं प्रसारण विभाग ने एक नोटिस जारी किया है। इसके तहत भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे बाढ़ प्रभावित इलाकों से समाचार एकत्र करने के इच्छुक विदेशी मीडिया के पत्रकारों को विभाग की ऑनलाइन सेवा के माध्यम से प्रेस मान्यता और पत्रकार पहचान पत्र के लिए आवेदन करना होगा। यह नोटिस तीन सितंबर को जारी किया गया था।
विदेशी पत्रकारों को वैध वीजा या प्रवेश परमिट के साथ अपने पासपोर्ट की एक प्रति, विभाग के नाम वाली अपने मीडिया संगठन की सिफारिश और अपने देश के दूतावास, वाणिज्य दूतावास या विदेश मंत्रालय का सिफारिश पत्र जमा करना होगी। विभाग ने बताया कि प्रेस मान्यता और पत्रकार पहचान पत्र 15 दिनों के लिए वैध होगा।
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