Melania Trump की पहल पर Oleshky में सीजफायर समझौता, 29 अक्टूबर से पहुंचेगी मानवीय मदद

व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने यूक्रेन के युद्धग्रस्त ओलेश्की शहर में संघर्षविराम समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई है। इस समझौते का मकसद नागरिकों को सुरक्षित निकालना और सहायता सामग्री पहुंचाना है। रूस और यूक्रेन की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को घोषणा की कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध से तबाह शहर ओलेश्की में एक संघर्षविराम समझौता कराया है, ताकि मानवीय सहायता पहुंचाई जा सके और नागरिकों को वहां से सुरक्षित निकाला जा सके। यह स्थानीय संघर्षविराम समझौता 29 अक्टूबर से शुरू होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय (व्हाइट हाउस) ने बताया कि अमेरिका की प्रथम महिला ने बातचीत की पहल की थी, और उन्होंने तथा एक प्रतिनिधि ने संघर्षविराम की शर्तें तय करने के लिए सीधे रूसी और यूक्रेनी नेतृत्व के साथ काम किया।
यूक्रेन या रूस सरकार की ओर से इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है। प्रथम महिला के तौर पर, मेलानिया ट्रंप ने संघर्ष से प्रभावित बच्चों के मुद्दे को अपने मुख्य एजेंडे में शामिल किया है। इसी साल उन्होंने इस विषय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक की मेजबानी भी की थी।
इसके अलावा, उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया था कि वह युद्ध के कारण अपने परिवारों से बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से फिर से मिलाने की दिशा में काम करें। निप्रो नदी के किनारे बसे ओलेश्की में महीनों से भोजन और चिकित्सा सामग्री की भारी कमी है। यह नदी यूक्रेनी सेनाओं को शहर पर कब्ज़ा जमाए रूसी बलों से अलग करती है।
वहाँ न तो बिजली है, और न ही पेयजल आपूर्ति है। शहर से बाहर जाने वाली सड़कों पर बारूदी सुरंगें बिछी हैं और वहाँ जली हुई कारें पड़ी हैं। सिर के ऊपर खतरनाक ड्रोन मंडराते रहते हैं।
लगभग 24,000 की आबादी वाला शहर ओलेश्की, 2022 में यूक्रेन पर शुरू हुए हमले के पहले ही दिन रूसी बलों के कब्जे में आ गया था। इसकी इमारतों पर गोलाबारी की गई और उन्हें जला दिया गया, साथ ही इसके बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। जून 2023 में एक और बड़ी आपदा आई, जब काखोव्का बांध के ढह जाने के कारण शहर में बाढ़ का पानी भर गया।
‘एसोसिएटेड प्रेस’ की जांच के अनुसार, यह बांध एक विस्फोट के कारण टूटा था, जिसे संभवतः रूसी सेना ने अंजाम दिया था। इस घटना में सैकड़ों निवासियों की जान चली गई। यूक्रेन ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बार-बार स्थानीय स्तर पर संघर्षविराम की अपील की है।
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