Donald Trump के 15-Point Ceasefire Plan को Iran ने ठुकराया? मिसाइल हमलों से दिया करारा जवाब

अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की खबरों के खंडन के बीच ईरान ने इजराइल पर दर्जनों मिसाइलें दागकर तनाव बढ़ा दिया है, जिससे लाखों इजराइली प्रभावित हुए हैं। इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है वहीं ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत होने से इनकार किया है और इस बीच दोनों पक्ष एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। मंगलवार को इस्लामिक गणराज्य ईरान ने इजराइल पर एक दर्जन मिसाइलें दागीं वहीं लेबनान के आतंकवादियों के रॉकेट हमलों में इजराइल में एक महिला की मौत हो गई। युद्ध के दौरान लेबनान की ओर से किए गए हमले में इजराइल में मौत का यह पहला मामला है। इजराइल ने कहा कि उसने ईरान के ‘‘उत्पादन स्थलों’’ पर व्यापक हमले किए, लेकिन उसने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
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वहीं, ईरान इजराइल पर लगातार हमले कर रहा है जिससे लाखों इजराइली आश्रयस्थलों में शरण लेने को मजबूर हो रहे हैं। हाल में ऐसी घटनाएं भी सामने आई हैं जब इजराइल ईरान की मिसाइलों को हवा में ही रोक कर नष्ट नहीं पाया और इससे उसके लोग हताहत हुए। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने के लिए ईरान को स्वयं दी गई समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है। इस अहम जलमार्ग के लगभग पूरी तरह बंद होने से ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरे में है। युद्ध की अवधि को लेकर अनिश्चितता के कारण मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है, लेकिन ईरान अपने रुख पर कायम है और एक शीर्ष सैन्य प्रवक्ता ने ‘‘पूरी तरह जीत हासिल’’ होने तक लड़ाई जारी रखने का प्रण किया। ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने ईरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश की है।
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इस घटनाक्रम से अवगत एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपी गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका की सेना 82वीं ‘एयरबोर्न डिवीजन’ से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से फोन पर बातचीत की और ईरान से खाड़ी के देशों पर हो रहे अस्वीकार्य हमलों को रोकने, ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को संरक्षित करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने का आह्वान किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मैंने ईरान से सद्भावनापूर्वक बातचीत में शामिल होने का आग्रह किया, ताकि तनाव कम करने का मार्ग प्रशस्त हो सके।
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