Iran vs US Tension: जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर Iran का Missile Attack, बढ़ सकता है युद्ध का खतरा

जॉर्डन के डिफेंस सिस्टम ने 20 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया और उनमें से 18 को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया, जबकि दो मिसाइलें सुनसान इलाकों में गिरीं। यह तनाव अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की कार्रवाई के बाद बढ़ा है, जिसने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने मंगलवार, 8 सितंबर को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े पांच ईरानी टैंकरों को निशाना बनाया था।
ईरान ने बुधवार, 9 सितंबर को जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों में अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस को निशाना बनाया गया। यह हमला ईरानी जहाजों पर अमेरिकी सेना के हमले के जवाब में किया गया था। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने घोषणा की कि उन्होंने एक "सज़ा देने वाले ऑपरेशन" के तहत "जॉर्डन में अमेरिकी अल-अज़राक बेस पर भारी मिसाइल हमले" किए।
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हमलों के कुछ ही समय बाद, जॉर्डन की सेना ने घोषणा की कि उसके एयर डिफेंस नेटवर्क ने आने वाली मिसाइलों को रोककर बेअसर कर दिया। सेना के आधिकारिक बयान के अनुसार, जॉर्डन के डिफेंस सिस्टम ने 20 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया और उनमें से 18 को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया, जबकि दो मिसाइलें सुनसान इलाकों में गिरीं। यह तनाव अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की कार्रवाई के बाद बढ़ा है, जिसने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने मंगलवार, 8 सितंबर को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े पांच ईरानी टैंकरों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई पिछले 48 घंटों में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर बार-बार किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में की गई थी।
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CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में मौजूद चार कच्चे तेल के टैंकरों और फारस की खाड़ी में खार्ग द्वीप के पास एक पांचवें जहाज पर हमला किया। अधिकारियों ने कहा कि जिस अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया गया था, उसने हमलों से खुद को सफलतापूर्वक बचाया और अपने इलाके में गश्त जारी रखी। इसमें किसी भी अमेरिकी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, जबकि हमलों से पहले टैंकरों पर मौजूद कर्मचारियों को वहां से निकलने का निर्देश दिया गया था। कोलंबिया की आधिकारिक यात्रा के दौरान इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तेहरान को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरानी सेना अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों को निशाना बनाती है, तो वाशिंगटन लगातार जवाबी कार्रवाई करेगा।
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