मैं कुछ भी कर सकता...ईरान के बाद अब इस देश की बारी, ट्रंप ने तख्तापलट और 'कब्जे' के दिए संकेत

Trump
AI Image
अभिनय आकाश । Mar 17 2026 3:42PM

ओवल ऑफिस में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने लंबे समय से क्यूबा पर अमेरिकी कार्रवाई के बारे में चर्चा सुनी है और उन्होंने संकेत दिया कि वे इस पर अमल कर सकते हैं। उन्होंने क्यूबा को बेहद कमज़ोर राष्ट्र बताया और दावा किया कि वे इसके साथ कुछ भी कर सकते हैं।

पिछले 50 सालों से बार-बार कहा गया कि क्यूबा की सरकार गिरने वाली है, लेकिन हर बार यह भविष्यवाणी गलत साबित हुई। अब जब अमेरिका पहले से ही मिडिल ईस्ट के युद्ध में उलझा हुआ है, फिर भी ट्रंप की तरफ से क्यूबा को लेकर नए दावे ने फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि उन्हें क्यूबा पर नियंत्रण करने का सम्मान मिल सकता है। ओवल ऑफिस में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने लंबे समय से क्यूबा पर अमेरिकी कार्रवाई के बारे में चर्चा सुनी है और उन्होंने संकेत दिया कि वे इस पर अमल कर सकते हैं। उन्होंने क्यूबा को बेहद कमज़ोर राष्ट्र बताया और दावा किया कि वे इसके साथ कुछ भी कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: कभी-कभी तो लगता है अपुन इच भगवान हैं! ट्रंप की भविष्यवाणी पर US कर लेता यकीन तो कभी नहीं होता 9/11?

ट्रंप ने क्यूबा के साथ अमेरिका के दशकों पुराने तनावपूर्ण रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि अब फैसला लेने का वक्त आ गया है। ट्रंप ने कहा कि मैंने पूरी जिंदगी अमेरिका और क्यूबा के बारे में सुना है। मुझे लगता है कि क्यूबा को किसी न किसी रूप में लेना मेरे लिए सम्मान की बात होगी। मैं इसे आजाद करूं या ले लूं, मुझे लगता है कि मैं इसके साथ जो चाहूं कर सकता हूं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और क्यूबा के बीच चल रही पर्दे के पीछे की बातचीत में वाशिंगटन ने एक बड़ी शर्त रखी है। अमेरिकी वार्ताकारों ने संकेत दिया है कि क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल को अपना पद छोड़ना होगा।

इसे भी पढ़ें: अपनी पुरानी गलतियों की वजह से अब ट्रंप NATO को दोबारा खड़ा नहीं कर पाएंगे, हॉर्मुज का कंट्रोल अब भारत संभालेगा?

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के एकलौते राष्ट्रपति नहीं हैं जो क्यूबा पर सख्त हो रहे हैं। क्यूबा और अमेरिका के बीच की दुश्मनी कई दशकों पुरानी है। 1898 में अमेरिका ने स्पेन को हराया। जिसके बाद स्पेन ने क्यूबा पर अपने सभी दावों को छोड़ दिया। इसे अमेरिका को सौंप दिया। साल 1902 में क्यूबा स्वतंत्र हुआ और टॉमस इस्ट्राडा पाल्मा इसके पहले राष्ट्रपति बने। लेकिव प्लैट संशोधन के कारण द्वीप अमेरिकी संरक्षण में रहा और इसके कारण अमेरिका को क्यूबाई मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार मिला। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बने और उनका पहला कार्यकाल शुरू हुआ। ट्रंप ने क्यूबा को लेकर बराक ओबामा सरकार के ज़्यादातर फैसलों को पलट दिया। उन्होंने क्यूबा पर फिर से सख़्ती बढ़ा दी थी। 

2021 में क्यूबा के अंदर हालात फिर बिगड़ गए। खाने-पीने की चीज़ों, दवाओं और बिजली की भारी कमी से परेशान होकर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। सरकार ने इन प्रदर्शनों को सख़्ती से दबाया, कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और इंटरनेट सेवाएँ भी बंद कर दी गईं। इन घटनाओं के बाद बाइडन प्रशासन ने क्यूबा पर कुछ नए प्रतिबंध भी लागू कर दिए।

All the updates here:

अन्य न्यूज़