Diplomatic Meet: UNGA में अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो और जयशंकर की मुलाकात, जानें किन मुद्दों पर हुई बात?

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूएनजीए के इतर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें कीं। ये वार्ताएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिसंबर में प्रस्तावित विदेशी दौरों की रूपरेखा तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा भारत यूएनएससी में अपनी सीट के लिए भी समर्थन जुटाने के प्रयासों में लगा है।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) से इतर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर में होने वाली अमेरिका यात्रा से पहले हुई है; वे फ्लोरिडा में G20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने जा रहे हैं, जहाँ पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक भी तय है। दोनों देश व्यापार वार्ता सहित अहम मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। डॉ. जयशंकर के आने वाले दिनों में UNGA को संबोधित करने की भी उम्मीद है।
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पीएम मोदी के आगामी विदेशी दौरों की पृष्ठभूमि तैयार
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में भाग लेने पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का न्यूयॉर्क दौरा बेहद व्यस्त दौर से गुजर रहा है। न्यूयॉर्क पहुंचते ही कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने वैश्विक नेताओं के साथ बैक-टू-बैक द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताएं शुरू कर दीं। जयशंकर ने फ्रांस, इक्वाडोर, स्लोवाकिया, हंगरी, यूक्रेन, मोल्दोवा और स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ अहम बैठकें कीं। इसके अलावा उन्होंने नाउरू के राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट की, P4M बैठक में हिस्सा लिया और यूरोपीय संघ (EU) के मंत्रियों के साथ चर्चा की। मध्य यूरोपीय देशों पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेकिया के समूह 'इंडिया-विसेग्राद' बैठक में भी उन्होंने शिरकत की। मंगलवार को उन्होंने 33 सदस्यीय लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों के संगठन (CELAC) के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों का सिलसिला शुरू किया।
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पीएम मोदी के दिसंबर दौरों की जमीन तैयार करने पर जोर
यूरोपीय नेताओं के साथ चल रही चर्चाओं और इस हफ्ते अमेरिका तथा कनाडा के विदेश मंत्रियों के साथ प्रस्तावित बैठकों को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि ये बैठकें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिसंबर में ब्रसेल्स, मियामी और ओटावा के आगामी दौरों की रूपरेखा और एजेंडा तैयार करने के मकसद से की जा रही हैं।
शनिवार को महासभा को करेंगे संबोधित
अधिकारियों के मुताबिक, विदेश मंत्री शनिवार 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। तब तक उनका शेड्यूल विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय मुद्दों के चलते इसी तरह व्यस्त रहने वाला है।
UNSC में जगह बनाने की कोशिश
भारत अब तक आठ बार UNSC के लिए चुना जा चुका है और ज़्यादातर मौकों पर एशिया-पैसिफ़िक ग्रुप की तरफ़ से उसका नाम ही आगे बढ़ाया गया है। हालाँकि, इस बार ताजिकिस्तान ने भी इस सीट के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश की है। अगर नई दिल्ली कोई समझौता नहीं कर पाती है यानी भविष्य के किसी चुनाव में समर्थन के बदले ताजिक सरकार को पीछे हटने के लिए नहीं मना पाती है। तो यह एशियाई सीट के लिए एक मुक़ाबला बन जाएगा। नतीजतन, सबकी नज़रें मिस्टर जयशंकर और ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन के बीच होने वाली किसी भी बैठक पर टिकी होंगी। इसके अलावा, मिस्टर जयशंकर की मध्य एशियाई देशों और 'ग्लोबल साउथ' के अन्य हिस्सों के मंत्रियों के साथ होने वाली मुलाकातों पर भी नज़र रहेगी, ताकि यह देखा जा सके कि क्या भारत की उम्मीदवारी के समर्थन में कोई घोषणा होती है या नहीं।
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