Iran-America टेंशन के बीच तेज हुई कूटनीति, Putin से मिलकर Pakistan पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री

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Ankit Jaiswal । Apr 28 2026 10:43PM

अमेरिका के साथ तनाव कम करने के लिए ईरान ने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं, जिसके तहत ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस के बाद पाकिस्तान पहुँचे हैं, जो एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं और इसी क्रम में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की लगातार यात्राएं चर्चा में हैं। ताजा घटनाक्रम में वह एक बार फिर पाकिस्तान पहुंचे हैं, जो बीते 48 घंटों में उनकी तीसरी इस्लामाबाद यात्रा बताई जा रही है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, यह दौरा रूस यात्रा के तुरंत बाद हुआ है, जहां उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि अराघची की यह सक्रियता अमेरिका के साथ जारी तनाव को कम करने और क्षेत्र में स्थिरता लाने के व्यापक कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में एक अहम भूमिका निभाता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस्लामाबाद ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष संवाद को सुगम बनाने की कोशिश कर रहा है। बार-बार की यात्राएं इस बात का संकेत देती हैं कि पाकिस्तान शांति दूत के रूप में मध्यस्थता करने की स्थिति में है।

रूस में हुई मुलाकात को लेकर अब्बास अराघची ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बातचीत काफी सकारात्मक रही। बता दें कि इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय हालात और अमेरिका तथा इस्राइल के साथ चल रहे तनाव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान और रूस के संबंध एक रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित हो रहे हैं और मौजूदा हालात में रूस का समर्थन महत्वपूर्ण है।

ईरानी सरकारी सूत्रों के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति ने भी पश्चिम एशिया में शांति बहाली के प्रयासों का समर्थन करने की बात कही है और उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में जल्द स्थिरता लौटेगी।

इस बीच अमेरिका की ओर से भी संकेत मिले हैं कि ईरान के एक प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की है। बता दें कि इस प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और संघर्ष को खत्म करने की रूपरेखा शामिल बताई जा रही है, जबकि परमाणु वार्ता को बाद के चरण के लिए रखा गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर सीधा असर डाल सकता है। ऐसे में इस क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिशें वैश्विक स्तर पर भी अहम मानी जा रही हैं।

ईरान, रूस, पाकिस्तान और अमेरिका के बीच चल रही यह कूटनीतिक गतिविधियां आने वाले दिनों में क्षेत्रीय हालात को नई दिशा दे सकती हैं। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि ये प्रयास कितने सफल होंगे, लेकिन लगातार हो रही बातचीत से यह जरूर संकेत मिल रहा है कि तनाव कम करने की दिशा में गंभीर कोशिशें जारी हैं।

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