Tibet Earthquake: तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप, धरती कांपी, कई मौतें!

magnitude
ANI
अभिनय आकाश । Oct 23 2026 7:38PM

तिब्बत में आए सात तीव्रता के जोरदार भूकंप में 16 लोगों की मौत हो गई और 65 घायल हो गए। इसके बाद 400 से अधिक आफ्टर शॉक आए और 300 से ज्यादा घर ढह गए, जबकि पाकिस्तान में भी झटके महसूस हुए। प्रभावित इलाकों में राहत कार्य के लिए 1600 से अधिक बचाव कर्मी लगाए गए हैं।

तिब्बत में सात तीव्रता का जोरदार भूकंप आया और भूकंप से 16 लोगों की मौत हो गई। 65 लोग घायल बताए जा रहे हैं और अब तक 400 से ज्यादा आफ्टर शॉक आए हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का झटका महसूस होते ही पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। इमारतें और गाड़ियां हिलने लगी। लोग जान बचाने के लिए घरों और होटलों से निकलकर बाहर भागने लगे। भूकंप के झटके लगे और एक स्टोर में रखा सामान अपने आप गिरने लगा। इसी दौरान जैकेट और कैप पहने एक कस्टमर स्टोर के अंदर नजर आया। लेकिन जैसे ही सामान गिरने लगा तो डर की वजह से उसे लौटना पड़ा। स्टोर के अंदर अचानक अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। वहां रखा सामान नीचे गिरता देखकर सभी लोग तेजी से बाहर की तरफ भागने लगे। नाचू शहर के कई रिहाइशी इलाकों में लोकल टाइम के हिसाब से रात 10:33 पर धरती कांपी। झटके इतने तेज थे कि लोग सहम गए और आनन-फानन में घरों से बाहर निकलने को मजबूर हुए। तापमान काफी कम था। लिहाजा लोगों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ी।

इसे भी पढ़ें: Tibet में 7.0 तीव्रता के Earthquake से भारी तबाही, 16 की मौत और 76 लोग घायल

एक तरफ भूकंप का खौफ और दूसरी तरफ सर्द रात में सड़क पर काफी वक्त गुजारना पड़ा। भूकंप के झटों से जान माल का भी काफी नुकसान हुआ है। नागपुर शहर में 300 से ज्यादा घर ढहने की खबर है। भूकंप का केंद्र लहासा से करीब 400 कि.मी. दूर उत्तरी तिब्बत के नागपुर सिटी में जमीन से लगभग 173 किमी की गहराई में था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप के बाद कई और भूकंपीय घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें 5, 4.8, 4.7, 4.6, 4.4 और 4.3 तीव्रता के झटके शामिल हैं। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। इस काम में 1600 से ज्यादा बचाव कर्मियों को लगाया गया है। प्रभावित लोगों के मदद के लिए राहत सामग्री भी भेजी गई है। इसमें करीब 300 तंबू, 1000 तैयारसीय इकाइयां, फोल्डिंग बेड, टॉर्च और सर्दियों में काम आने वाले कपड़े शामिल हैं। तिब्बत दुनिया के उन इलाकों में शामिल है जहां भूकंप आने का खतरा ज्यादा रहता है। यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं। इसी वजह से इलाके में भूकंप आते हैं। तिब्बत के अलावा चार एशियाई देशों में भी धरती हिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में सुबह 4:56 पर 4.9 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़