भुवनेश्वर कुमार के बचाव में उतरे कोच Morne Morkel, T20 में दबाव छोड़कर खेलने की दी सलाह

Bhuvneshwar Kumar
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । Oct 26 2026 9:29PM

न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती दो T20 मैचों में महंगे साबित होने के बाद अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल का साथ मिला है। मोर्कल ने उन्हें बाहरी दबाव को नजरअंदाज कर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। 36 वर्षीय भुवनेश्वर ने दो मैचों में 99 रन देकर केवल एक विकेट हासिल किया है।

भारतीय टीम में वापसी के बाद तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती 2 टी20 मुकाबले अच्छे नहीं रहे हैं। दोनों मैचों में वह काफी महंगे साबित हुए और उनके प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने अनुभवी गेंदबाज का समर्थन किया है। उन्होंने भुवनेश्वर को बाहर की बातों और उम्मीदों के दबाव से दूर रहकर अपने खेल पर ध्यान देने की सलाह दी है। मोर्कल का मानना है कि लगातार मौके मिलने से भुवनेश्वर अपनी पुरानी लय हासिल कर सकते हैं।

36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार करीब 4 साल बाद भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में लौटे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में उन्होंने 49 रन दिए, जबकि दूसरे मैच में उनके खाते से 50 रन खर्च हुए। इन दोनों मैचों में वह केवल 1 विकेट ले सके हैं। मौजूदा श्रृंखला में भारतीय गेंदबाजों के बीच उनका इकॉनमी रेट 12.37 सबसे ज्यादा रहा है। ऐसे प्रदर्शन के बाद तीसरे टी20 मुकाबले में उनके खेल पर खास नजर रहने वाली है।

भारत 5 मैचों की इस श्रृंखला में फिलहाल 2-0 से आगे है। ऐसे में टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि भुवनेश्वर जल्द अपनी लय हासिल करें और गेंदबाजी में बेहतर योगदान दें। तीसरे टी20 से पहले मोर्ने मोर्कल ने कहा कि 4 साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने वाले खिलाड़ी पर स्वाभाविक रूप से उम्मीदों का दबाव रहता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भुवनेश्वर ने हाल के वर्षों में इंडियन प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन किया है।

मोर्कल ने कहा कि भुवनेश्वर ने आईपीएल में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और उनकी गेंदबाजी भी प्रभावशाली रही है। ऐसे में उनकी वापसी को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्होंने माना कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलना घरेलू या लीग मुकाबलों से अलग चुनौती है। यहां छोटी-छोटी गलतियां भी महंगी पड़ सकती हैं और बल्लेबाजों के सामने गेंदबाज को हर समय अपनी योजना के मुताबिक गेंद डालनी होती है।

गेंदबाजी कोच के मुताबिक, टीम में चयन से पहले भुवनेश्वर ने करीब 1 महीने तक अभ्यास किया था, लेकिन व्यस्त कार्यक्रम के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयारी करने का ज्यादा समय नहीं मिला। मोर्कल ने कहा कि खिलाड़ी को उम्मीदों के दबाव से खुद को दूर रखना होगा और मैदान पर उतरकर धीरे-धीरे अपनी लय हासिल करनी होगी।

गौरतलब है कि भुवनेश्वर ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की लगातार 2 खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 2025 के सत्र में 17 विकेट लिए और 2026 में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए 28 विकेट हासिल किए। उनके इसी प्रदर्शन के बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी की उम्मीदें मजबूत हुई थीं।

मोर्कल ने भुवनेश्वर की गेंदबाजी क्षमता और अनुभव पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनमें वापसी करने के लिए जरूरी कौशल मौजूद हैं। उनके मुताबिक, किसी खिलाड़ी को तुरंत अच्छा प्रदर्शन करने के दबाव में डालने के बजाय उसे अपनी लय खोजने का समय देना जरूरी है। उन्होंने भुवनेश्वर को साफ संदेश दिया है कि वह किसी खास प्रदर्शन के पीछे भागने के बजाय अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा रखें।

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्कल ने कहा कि हर मैच के साथ भुवनेश्वर का आत्मविश्वास बढ़ सकता है और वह अपनी लय वापस पा सकते हैं। उन्होंने बाहरी चर्चाओं पर ध्यान देने के बजाय अपनी गेंदबाजी से जुड़े फैसलों पर ध्यान देने की सलाह दी है। अब तीसरे टी20 में भुवनेश्वर के पास अपने प्रदर्शन में सुधार करने और टीम प्रबंधन के भरोसे पर खरा उतरने का मौका होगा, जबकि भारत श्रृंखला में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगा।

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