Mike Hesson का खुलासा, PCB पाकिस्तान के उभरते हुए टैलेंट को US में देगा Power-Hitting Training

Mike Hesson
ANI
अंकित सिंह । Jun 25 2026 12:34PM

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) खिलाड़ियों की पावर-हिटिंग और समग्र कौशल विकास के लिए उन्हें अमेरिका भेजने पर विचार कर रहा है। हेड कोच माइक हेसन ने बताया कि यह पहल चोटिल खिलाड़ियों सहित टैलेंट को एक नए सीखने के माहौल में प्रशिक्षित कर उनकी फिटनेस और खेल को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। यह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

पाकिस्तान क्रिकेट में बड़े बदलाव की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में व्हाइट-बॉल हेड कोच माइक हेसन ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) खिलाड़ियों की पावर-हिटिंग और ओवरऑल स्किल डेवलपमेंट को बेहतर बनाने की कोशिशों के तहत उन्हें अमेरिका भेजने पर विचार कर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, माइक हेसन ने बताया है कि बोर्ड के साथ इस बारे में बातचीत चल रही है।

इसे भी पढ़ें: IPL Transfer Window में भूचाल! Hardik Pandya छोड़ेंगे Mumbai Indians, KKR-Royals में लेने की होड़

कई महीनों तक चलने वाली इस पहल का मकसद न सिर्फ़ खिलाड़ियों की अनजान माहौल में पावर-हिटिंग क्षमता को बेहतर बनाना है, बल्कि उन होनहार खिलाड़ियों की फ़िटनेस पर भी काम करना है जिनका करियर चोटों की वजह से प्रभावित हुआ है। हेसन ने क्रिकइन्फो से बातचीत में कहा कि हम कुछ खिलाड़ियों को अमेरिका भेज रहे हैं। वहाँ पावर-हिटिंग की अच्छी विशेषज्ञता मौजूद है और हम कुछ विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हमारे पास कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो लंबे समय से चोटों से जूझ रहे हैं, और हम उन्हें पावर-हिटिंग के अलग-अलग तरीकों और सीखने के एक नए माहौल से परिचित कराना चाहते हैं, ताकि वे एक ही जगह पर चार महीने बिताकर कुछ नए और ताज़ा विचार सीख सकें।

हेसन ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि यह प्रोग्राम सिर्फ़ एक मकसद के लिए नहीं, बल्कि कई मकसदों के लिए है, जिसमें खिलाड़ियों की ट्रेनिंग का तरीका बदलना भी शामिल है। उनकी ये बातें PCB के स्पोर्ट्स और एक्सरसाइज़ मेडिसिन डायरेक्टर, डॉ. जावेद मुग़ल के उस बयान के बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि 'प्रोफ़ेशनल स्पोर्ट में फ़िटनेस से कोई समझौता नहीं किया जा सकता' और PCB ने एक 'मज़बूत, भरोसेमंद और बार-बार इस्तेमाल की जा सकने वाली टेस्टिंग और स्क्रीनिंग प्रक्रिया' तैयार की है, जिसे सभी खिलाड़ियों पर लागू किया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: सबसे युवा डेब्यूटांट Vaibhav Sooryavanshi के लिए अलग ड्रेसिंग रूम क्यों? जानें ICC का खास नियम

हेसन ने कहा कि इसमें थोड़ा सहयोग भी शामिल है। यह निश्चित रूप से सिर्फ़ स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे साथ जावेद मुग़ल हैं, जो यहाँ आए हैं और खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और उनके मूल्यांकन (असेसमेंट) के तरीके को बदल रहे हैं। इसलिए उन्हें इसकी योजना बनाने के लिए भी समय चाहिए।

All the updates here:

अन्य न्यूज़