India की 7.8% Real GDP Growth पर क्यों मचा है घमासान? Piyush Goyal ने Critics को दिया कड़ा संदेश

गोयल ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो हाल के आंकड़ों पर सवाल उठा रहे थे, जिनमें पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और अर्थशास्त्री व रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया और कहा, कुछ बेरोज़गार लोग खुद को अर्थशास्त्री कहते हैं और देश को नुकसान पहुँचाने के लिए टीवी चैनलों पर आते हैं। उनकी बातों में न आएं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उन अर्थशास्त्रियों और आलोचकों पर निशाना साधा जिन्होंने हालिया GDP आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश की रिकॉर्ड 7.8% वास्तविक आर्थिक वृद्धि 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत को दिखाती है और इसे अलग-अलग GDP सीरीज़ के आंकड़ों की तुलना करके खारिज नहीं किया जा सकता। गोयल ने कहा सच को छिपाया नहीं जा सकता... मंत्री ये आंकड़े खुद नहीं बनाते।" उन्होंने आलोचकों पर लोगों का मनोबल गिराने के लिए आर्थिक आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। सरकार की बदली हुई GDP सीरीज़ और इस दावे के बीच उनकी ये बातें सामने आईं कि अगर पिछले साल की GDP को कम नहीं किया गया होता, तो पहली तिमाही में ग्रोथ लगभग 2.6% होती।
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गोयल ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो हाल के आंकड़ों पर सवाल उठा रहे थे, जिनमें पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और अर्थशास्त्री व रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया और कहा, कुछ बेरोज़गार लोग खुद को अर्थशास्त्री कहते हैं और देश को नुकसान पहुँचाने के लिए टीवी चैनलों पर आते हैं। उनकी बातों में न आएं। गर्ग ने ग्रोथ के ताज़ा आंकड़ों के आधार पर सवाल उठाए हैं, वहीं राजन ने भी भारत की आर्थिक वृद्धि और इन आंकड़ों को तैयार करने के तरीके पर सवाल खड़े किए हैं। गोयल ने ऐसे आलोचकों पर अर्थव्यवस्था के बारे में नकारात्मक माहौल बनाने का आरोप लगाया और लोगों से अपील की कि वे उनकी बातों से प्रभावित न हों।
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उन्होंने कहा आप दुनिया को बताएं कि 140 करोड़ भारतीयों की यह उपलब्धि ऐसी है जिस पर हम सभी को गर्व है। उन्होंने उन विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा, जिनके बारे में उन्होंने आरोप लगाया कि वे भारत को एक मृत अर्थव्यवस्था के तौर पर दिखाना चाहते थे। गोयल ने कहा, "वे फिर से नाकाम होंगे। जैसे वे पहले भी कई बार नाकाम हो चुके हैं। और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और भी तेज़ी से तरक्की करेगा।
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सरकार ने 2.6% ग्रोथ के दावे को खारिज किया
सरकार ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि पहली तिमाही में आर्थिक विकास दर 2.6% के करीब थी। सरकार ने इस तुलना को "दो बिल्कुल अलग-अलग चीजों की तुलना" (apples and oranges) जैसा बताया। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के सचिव सौरभ गर्ग ने कहा कि यह दावा अलग-अलग GDP सीरीज के आंकड़ों की तुलना करने और वास्तविक विकास दर की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाले 'स्थिर-मूल्य' (constant-price) के बजाय 'वर्तमान-मूल्य' (current-price) के अनुमानों का उपयोग करने पर आधारित था। यह तर्क पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने दिया था। उन्होंने कहा कि अगर पिछले साल की GDP को लगभग 86 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 80 लाख करोड़ रुपये नहीं किया गया होता, तो वर्तमान कीमतों पर GDP ग्रोथ लगभग 2.6% होती। सौरभ गर्ग ने कहा कि आलोचकों द्वारा बताई गई Q1 FY2025-26 के लिए 86.05 लाख करोड़ रुपये की संख्या पुरानी GDP सीरीज से थी, जिसमें 2011-12 आधार वर्ष (base year) था। उस सीरीज को तब बदल दिया गया जब सरकार ने फरवरी 2026 में 2022-23 आधार वर्ष वाली नई सीरीज शुरू की।
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