UltraTech की केबल सेक्टर में एंट्री से मचा हड़कंप, KEI Industries के Shares में भारी गिरावट

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Ankit Jaiswal । Sep 4 2026 7:22PM

अल्ट्राटेक सीमेंट के अल्ट्रावोल्ट ब्रांड के साथ तार और केबल क्षेत्र में औपचारिक प्रवेश ने बाजार की प्रतिस्पर्धी गतिशीलता को बदल दिया है, जिससे केईआई इंडस्ट्रीज और पॉलीकैब जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 1,800 करोड़ रुपये के आक्रामक निवेश और विशाल वितरण नेटवर्क के दम पर कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में शीर्ष दो खिलाड़ियों में शामिल होना है, जो मौजूदा कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी और मुनाफे के लिए एक गंभीर चुनौती पेश कर सकता है। कीवर्ड्स अल्ट्राटेक सीमेंट अल्ट्रावोल्ट केईआई इंडस्ट्रीज शेयर बाजार पॉलीकैब इंडिया व्यावसायिक विस्तार।

शुक्रवार को तार और केबल कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट का तार और केबल कारोबार में औपचारिक प्रवेश माना जा रहा है। अल्ट्राटेक ने ‘अल्ट्रावोल्ट’ नाम से इस कारोबार की शुरुआत की है, जिससे पहले से इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

बता दें कि 4 सितंबर को कारोबार के दौरान केईआई इंडस्ट्रीज के शेयर करीब 8.1 प्रतिशत टूटकर 4,895.50 रुपये तक पहुंच गए। वी-मार्क इंडिया में 7.37 प्रतिशत की गिरावट आई और इसका शेयर 323 रुपये पर आ गया। आरआर केबल के शेयर 6.83 प्रतिशत गिरकर 2,439 रुपये पर कारोबार करते दिखे। वहीं, बड़ी कंपनियों में शामिल पॉलीकैब इंडिया में 5.78 प्रतिशत की गिरावट आई और शेयर 8,298 रुपये तक पहुंच गया।

फिनोलेक्स केबल्स में भी 2.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और शेयर 1,231.70 रुपये पर रहा। यूनिवर्सल केबल्स 3.07 प्रतिशत गिरकर 1,576.90 रुपये पर आ गया, जबकि लेजर पावर एंड इंफ्रा में 1.16 प्रतिशत की कमी देखी गई। हवेल्स इंडिया का शेयर भी करीब 4 प्रतिशत नीचे 1,152 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था।

इसके उलट अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर में हल्की मजबूती बनी रही। दोपहर के कारोबार में कंपनी का शेयर करीब 0.22 प्रतिशत बढ़कर 11,300 रुपये के आसपास पहुंच गया। साल 2026 में अब तक अल्ट्राटेक के शेयर में करीब 5.1 प्रतिशत की बढ़त हुई है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में 8.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। कंपनी का बाजार मूल्यांकन करीब 3.33 लाख करोड़ रुपये बताया गया है।

गौरतलब है कि अल्ट्राटेक ने तार और केबल कारोबार के लिए 1,800 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। कंपनी ने पहले दिसंबर के अंत तक इस कारोबार को शुरू करने का संकेत दिया था, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही अल्ट्रावोल्ट बाजार में उतार दिया गया। जून तक कंपनी इस योजना पर करीब 890 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी थी।

बाजार विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि अल्ट्राटेक अपने मजबूत वितरण नेटवर्क का इस्तेमाल इस नए कारोबार में कितनी तेजी से कर पाती है। कंपनी ने अगले पांच वर्षों में देश की दो बड़ी तार और केबल कंपनियों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है। मॉर्गन स्टेनली ने अल्ट्राटेक पर अपनी सकारात्मक राय कायम रखते हुए 14,700 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है। वहीं, जेफरीज ने खरीद की राय के साथ 14,065 रुपये का लक्ष्य तय किया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, जेफरीज का अनुमान है कि कारोबार के पूरी तरह विस्तार के बाद वित्त वर्ष 2030 तक तार और केबल कारोबार अल्ट्राटेक के कुल राजस्व और परिचालन लाभ में 3 से 7 प्रतिशत तक योगदान दे सकता है। फिलहाल यह संभावना उसके अनुमानों में पूरी तरह शामिल नहीं है।

अल्ट्रावोल्ट की शुरुआत फिलहाल तार और कम वोल्टेज वाली केबल से होगी। इसका उत्पादन गुजरात के झगड़िया स्थित अल्ट्राटेक संयंत्र में किया जाएगा। कंपनी देशभर के 500 से ज्यादा जिलों और 6,000 से अधिक पिन कोड तक पहुंच बनाने की तैयारी में है। उसका लक्ष्य एक लाख से ज्यादा खुदरा विक्रेताओं को नेटवर्क से जोड़ना है।

इसके अलावा अल्ट्राटेक अपने 5,000 से अधिक भवन समाधान केंद्रों और 20 से ज्यादा गोदामों के मौजूदा नेटवर्क का भी इस्तेमाल करेगी। कंपनी का दावा है कि शुरुआत के समय ही अल्ट्रावोल्ट उत्पादन क्षमता के आधार पर देश की दूसरी सबसे बड़ी तार कंपनी होगी।

तार और केबल बाजार में पॉलीकैब इंडिया, केईआई इंडस्ट्रीज, आरआर केबल और फिनोलेक्स केबल्स जैसी कंपनियों की मजबूत मौजूदगी है। ऐसे में अल्ट्राटेक का बड़ा निवेश और व्यापक वितरण नेटवर्क आने वाले समय में इस क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकता है। निवेशकों के लिए अब कंपनियों की बिक्री, लाभ और बाजार हिस्सेदारी में होने वाले बदलाव महत्वपूर्ण हैं।

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