Share Market में U-Turn, चार दिन की बंपर तेजी के बाद मुनाफावसूली से Sensex-Nifty लुढ़के

शेयर बाजार में चार दिन की तेजी का सिलसिला मुनाफावसूली के कारण टूट गया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। एक ओर जहाँ कमजोर तिमाही अपडेट से ट्रेंट के शेयर में भारी गिरावट आई, वहीं दूसरी ओर आईटी शेयरों और टाइटन में हुई खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जो सेक्टर-विशेष रुझान को दिखाता है।
लगातार चार कारोबारी दिनों तक शानदार तेजी दिखाने के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में थोड़ी नरमी देखने को मिली। दिन की शुरुआत सकारात्मक रही और बाजार ने शुरुआती कारोबार में अच्छी बढ़त भी दर्ज की, लेकिन कारोबार के अंतिम घंटों में मुनाफावसूली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बाजार पर एशियाई बाजारों की कमजोरी, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की अगली नीति बैठक से पहले निवेशकों की सतर्कता का असर देखने को मिला।
मौजूद जानकारी के अनुसार, बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 104.35 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,180.72 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 379.85 अंकों की बढ़त के साथ 78,664.92 अंक तक पहुंच गया था, लेकिन ऊंचे स्तरों पर बिकवाली बढ़ने से शुरुआती बढ़त टिक नहीं सकी।
वहीं राष्ट्रीय शेयर बाजार का निफ्टी भी 31.65 अंक यानी 0.13 प्रतिशत फिसलकर 24,398.70 अंक पर बंद हुआ। बता दें कि इससे पहले लगातार चार कारोबारी सत्रों में दोनों प्रमुख सूचकांकों ने दो प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की थी और दो महीने के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गए थे।
अगर प्रमुख शेयरों की बात करें तो ट्रेंट सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। कंपनी के जून तिमाही के कारोबार के आंकड़े बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहने के कारण इसके शेयर में 12 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा अडानी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला हैं।
हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी होने से बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आई। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर तीन प्रतिशत से अधिक चढ़े। इसके अलावा टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में भी मजबूती रही।
दूसरी ओर टाइटन के शेयरों में करीब 2.62 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। कंपनी ने जून तिमाही में आभूषण, घड़ियों और चश्मा कारोबार में मजबूत प्रदर्शन के दम पर 41 प्रतिशत राजस्व वृद्धि की जानकारी दी, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत भी बढ़कर लगभग 72.87 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। पश्चिम एशिया में हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक तेल जहाज पर हुए हमले की खबर से वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ी, जिसका असर निवेशकों की धारणा पर भी पड़ा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 243 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की थी। हालांकि मंगलवार को वैश्विक संकेत कमजोर रहने से इसका पूरा लाभ बाजार को नहीं मिल सका। कुल मिलाकर भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल लंबी तेजी के बाद थोड़ी मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। अब निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की अगली नीति से जुड़े संकेतों पर बनी हुई हैं।
अन्य न्यूज़














