Strong Dollar के आगे फीका पड़ा Gold, West Asia Crisis ने बढ़ाया महंगाई का खतरा और सोने की मांग पर भारी दबाव

Gold
प्रतिरूप फोटो
social media
Ankit Jaiswal । Sep 2 2026 9:24PM

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक मुद्रास्फीति की आशंकाओं ने सोने के बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है जिससे इसके भाव में गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों द्वारा सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों ने डॉलर को मजबूती दी है जिससे गैर-ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने का आकर्षण कम हो गया है। महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें, अंतरराष्ट्रीय बाजार, सोने का भाव, आर्थिक आंकड़े जैसे विषय वर्तमान में निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं।

सोने की कीमतों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली और इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत तीन सप्ताह से अधिक समय के निचले स्तर पर पहुंच गई। अमेरिका और ईरान के बीच जुलाई के बाद सबसे बड़े सैन्य टकराव ने बाजार में महंगाई की चिंता बढ़ाई है। इसके साथ अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिसका सीधा दबाव सोने पर पड़ा और निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।

मौजूद जानकारी के अनुसार बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,330.79 डॉलर प्रति औंस पर था। कारोबार के दौरान यह 7 अगस्त के बाद सबसे निचले स्तर 4,330 डॉलर के आसपास पहुंच गया था। अमेरिकी सोने के वायदा भाव में भी 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और दिसंबर आपूर्ति वाला सौदा 4,377.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

बता दें कि सोने को आमतौर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन इस बार पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर कुछ अलग दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य टकराव के बाद कच्चे तेल की कीमत करीब एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। इससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है।

महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच निवेशकों ने अमेरिकी डॉलर का रुख किया। डॉलर दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए अमेरिकी मुद्रा मजबूत होने पर दूसरी मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है और उसकी मांग पर दबाव पड़ सकता है।

जेफरीज के स्वामित्व वाली ट्रेडू के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक निकोस त्जाबूरास ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। इससे महंगाई का जोखिम बढ़ रहा है और अमेरिकी केंद्रीय बैंक पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बन रहा है। उनके अनुसार ब्याज दरों को लेकर बदलती बाजार धारणा और मुद्रा की वास्तविक कीमत में गिरावट की चिंता के बीच सोने में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक के गवर्नर माइकल बर ने भी कहा है कि यदि महंगाई तेजी से कम नहीं होती है तो ब्याज दर बढ़ाने का समय आ सकता है। इससे पहले केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष केविन वॉर्श भी इसी तरह के संकेत दे चुके हैं। बाजार में अब इस महीने होने वाली बैठक में ब्याज दर बढ़ने की 68 प्रतिशत संभावना मानी जा रही है।

गौरतलब है कि ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए आम तौर पर नकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि सोने से नियमित ब्याज या आय नहीं मिलती। ऐसे माहौल में निवेशक ब्याज देने वाली संपत्तियों की ओर अधिक आकर्षित हो सकते हैं।

अब बाजार की नजर अमेरिका के रोजगार आंकड़ों पर भी है। बुधवार को निजी क्षेत्र के रोजगार से जुड़े आंकड़े और शुक्रवार को गैर-कृषि रोजगार के आंकड़े जारी होने हैं। इन आंकड़ों से अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अगले फैसले को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।

अन्य कीमती धातुओं में चांदी 0.1 प्रतिशत बढ़कर 64.35 डॉलर प्रति औंस रही। प्लैटिनम 0.4 प्रतिशत गिरकर 1,734.06 डॉलर और पैलेडियम 0.6 प्रतिशत बढ़कर 1,319.12 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने की दिशा डॉलर, अमेरिकी ब्याज दरों और पश्चिम एशिया के तनाव पर काफी हद तक निर्भर रहने वाली हैं।

All the updates here:

अन्य न्यूज़