Failed ATM Transaction पर Axis Bank को फटकार, Consumer Court ने 8 साल बाद दिलाया इंसाफ और मुआवजा

Failed ATM Transaction
प्रतिरूप फोटो
AI Image

नागपुर उपभोक्ता आयोग ने 2018 के एक असफल एटीएम लेनदेन मामले में एक्सिस बैंक को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। बैंक द्वारा जांच में लापरवाही और ग्राहक की शिकायत की अनदेखी के कारण, आयोग ने 5,000 रुपये लौटाने और मानसिक उत्पीड़न के लिए 10,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

 महाराष्ट्र के नागपुर स्थित उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी के मामले में एक्सिस बैंक को फटकार लगाते हुए उसे एक ग्राहक को राशि वापस करने और 10,000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। ग्राहक को आठ वर्ष पहले एक असफल एटीएम लेनदेन में 5,000 रुपये का नुकसान हुआ था। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एटीएम में ग्राहक के बैंक खाते से राशि डेबिट होने के बाद नकदी नहीं मिलने को गंभीर मामला बताया। आयोग ने कहा कि ऐसे लेनदेन की जांच करना और ग्राहक को तत्काल राहत देना बैंक की जिम्मेदारी है।

पिछले महीने दिए गए एक फैसले में, आयोग ने पाया कि बैंक ने शिकायतकर्ता की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और लोकपाल प्रक्रिया के माध्यम से निष्पक्ष सुनवाई प्रदान करने में विफल रहा। यह असफल लेनदेन 19 अगस्त, 2018 का है। नागपुर निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने एक्सिस बैंक के एक एटीएम से 5,000 रुपये निकालने का प्रयास किया था।

मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष सतीश सप्रे और सदस्य मिलिंद केदार ने एकपक्षीय रूप से की, क्योंकि कानूनी नोटिस दिए जाने के बावजूद एक्सिस बैंक आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। आयोग ने टिप्पणी की कि शिकायतकर्ता की ओर से बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद बैंक यह साबित करने के लिए कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका कि उसने मामले की उचित जांच कराई या एटीएम के निगरानी कैमरे की जांच की।

आयोग ने कहा कि अभिलेखों से स्पष्ट है कि बैंक ने शिकायतकर्ता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। आयोग ने यह भी कहा कि नोटिस मिलने के बाद भी बैंक ने कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। आयोग ने माना कि खाते से राशि कटने के बावजूद ग्राहक को नकदी नहीं मिलना बैंक की सेवा में कमी को दर्शाता है। आयोग ने बैंक को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 5,000 रुपये लौटाए और मानसिक तथा शारीरिक उत्पीड़न के लिए 10,000 रुपये मुआवजा दे।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़