Asian Para Games 2026: यौन दुर्व्यवहार के आरोप में Para Swimmer शम्स आलम शेख जापान से वापस भेजे गए

Mohammad Shams Aalam Shaikh
प्रतिरूप फोटो
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Ankit Jaiswal । Oct 22 2026 5:19PM

एशियन पैरा गेम्स 2026 के दौरान भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख पर जापान के एक होटल की महिला कर्मचारी ने अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगाया है। इस यौन दुर्व्यवहार के आरोप के बाद उन्हें भारत वापस भेज दिया गया है। भारतीय पैरालंपिक समिति उनका पक्ष सुनने के बाद आजीवन प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है।

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय दल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख को यौन दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद जापान से भारत वापस भेज दिया गया है। उन पर नागोया के एक होटल में महिला कर्मचारी के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद भारतीय दल के अधिकारियों ने होटल प्रबंधन से माफी मांगी है। वहीं, भारतीय पैरालंपिक समिति ने खिलाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, यह घटना उस होटल में हुई जहां भारतीय दल के सदस्य ठहरे हुए हैं। होटल में काम करने वाली नेपाली मूल की एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि मोहम्मद शम्स आलम शेख ने उनके साथ अनुचित तरीके से छूने और पकड़ने की कोशिश की। महिला के मुताबिक, वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहीं और उन्होंने तुरंत अपने प्रबंधक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामले में दखल दिया और भारतीय दल के अधिकारियों से भी पूछताछ की। घटना के बाद शेख को प्रतियोगिता से हटाकर भारत वापस भेज दिया गया। वह खेलों में अपना मुकाबला भी नहीं खेल सके।

बता दें कि मोहम्मद शम्स आलम शेख पैरा तैराकी में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई एस5 और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी4 स्पर्धाओं में दुनिया में पहले स्थान पर रह चुके हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले खिलाड़ी पर लगे इन आरोपों ने भारतीय दल के लिए मुश्किल स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।

इस मामले पर भारतीय पैरालंपिक समिति ने सख्त रुख अपनाया है। समिति के अधिकारियों ने एनडीटीवी को बताया कि शेख के भारत पहुंचने के बाद उनका पक्ष सुना जाएगा। इसके बाद उनके खिलाफ आजीवन प्रतिबंध लगाने की घोषणा की जा सकती है। भारतीय दल के प्रमुख ने भी खिलाड़ी पर कड़ी से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। जापान में होटल प्रबंधन और खेल आयोजन से जुड़े अधिकारी भी भारत की ओर से की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी मांग रहे हैं। आगे का फैसला भारत में होने वाली कार्रवाई के आधार पर लिया जा सकता है।

भारतीय पैरालंपिक समिति ने अपने बयान में साफ कहा कि यौन दुर्व्यवहार या किसी दूसरे व्यक्ति की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति के अनुसार, एशियन पैरा गेम्स से पहले खिलाड़ियों और भारतीय दल के सदस्यों के लिए ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इन कार्यक्रमों में व्यवहार, अनुशासन, जिम्मेदारियों और तय नियमों का पालन करने की जानकारी दी गई थी।

समिति ने यह भी कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी। साथ ही, खिलाड़ी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। समिति ने सरकार को भी इस मामले की जानकारी दे दी है।

गौरतलब है कि नागोया में भारतीय दल से जुड़ा यह दूसरा अनुशासन संबंधी मामला बताया जा रहा है। इससे पहले भारतीय हॉकी महासंघ से जुड़े एक अधिकारी को भी कथित गलत व्यवहार के आरोपों के बाद वापस भेजे जाने की खबर आई थी। इन घटनाओं के बीच भारतीय पैरालंपिक समिति ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से सम्मान, ईमानदारी और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है। समिति का कहना है कि वह खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन और देश के लिए पदक जीतने के साथ-साथ अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार को भी उतना ही जरूरी मानती है।

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