Asian Games में तीन स्पर्धाओं में उतरेंगी Parul Chaudhary, कहा- कड़ा अभ्यास देगा सफलता

हांगझोऊ एशियाई खेलों की दोहरी स्वर्ण पदक विजेता पारुल चौधरी आगामी खेलों में 1500 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़ और 5000 मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगी। बेंगलुरु में साइ सेंटर में अभ्यास कर रहीं पारुल ने कहा कि वह बिना किसी दबाव के पदक दोहराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
(जी उन्नीकृष्णन) बेंगलुरु, पांच सितंबर एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पारुल चौधरी ने कहा कि जापान में होने वाले खेलों में उनकी स्पर्धाओं में 1500 मीटर दौड़ को शामिल करने से उन पर कोई बोझ नहीं पड़ा है और उन्हें अपने कड़े अभ्यास पर पूरा भरोसा है। चौधरी ने चीन के हांगझोऊ एशियाई खेलों में में 3000 मीटर स्टीपलचेज़ और 5000 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। इस बार वह इन दो स्पर्धाओं के अलावा 1500 मीटर स्पर्धा में भी भाग लेंगी।
चौधरी ने पीटीआई से कहा, ‘‘कड़ा मुकाबला होगा। एशिया विशेषकर जापान और बहरीन के खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती मिलेगी लेकिन मुझे अच्छा प्रदर्शन करने का पूरा भरोसा है। पिछली बार मैंने स्वर्ण पदक जीते थे और इस बार भी मैं उस प्रदर्शन को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हूं।’’ चौधरी ने स्वीकार किया कि तीन अलग-अलग दिनों में तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में भाग लेना मुश्किल हो सकता है लेकिन इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने उम्मीद जताई कि भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जापान की परिस्थितियों के अनुकूल अभ्यास करने से उन्हें फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘तीन स्पर्धाओं में भाग लेना मुश्किल हो सकता है लेकिन मैं उसी अनुसार अभ्यास कर रही हूं। मुझे लगातार तीन दिनों तक प्रतिस्पर्धा करनी है।’’ चौधरी ने कहा, ‘‘मैं इन चीजों को ध्यान में रखकर ही अभ्यास कर रही हूं। मैं बिल्कुल भी दबाव नहीं लेती और केवल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान देती हूं।
मुझे पूरा यकीन है कि मैं पदक जीतने में सफल रहूंगी।’’ एशियाई खेलों से पहले चौधरी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। उन्होंने हाल ही में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह 3000 मीटर स्टीपलचेज़ और 5000 मीटर में क्रमश: पांचवां और 15वां स्थान हासिल किया था। इस बीच पैदल चाल की खिलाड़ी और ओलंपियन प्रियंका गोस्वामी इस बार एशियाई खेलों में मैराथन पैदल चाल में भाग लेगी।
उन्होंने 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 10000 मीटर दौड़ में ऐतिहासिक रजत पदक जीता था। उन्हें उम्मीद है कि वह 42.2 किलोमीटर की दौड़ में बेहतर प्रदर्शन करेंगी। प्रियंका ने कहा, ‘‘मैं पदक जीतना चाहती हूं।
मुझे 42 किलोमीटर की मैराथन दौड़नी है। एशियाई स्तर पर पैदल चाल की स्पर्धा काफी कड़ी होती है।यह ओलंपिक जितनी ही कठिन है। लेकिन मैं पदक जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी।’’ प्रियंका ने कहा कि उन्होंने मैराथन पैदल चाल के लिए अलग तरह से तैयारी की है।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में यह 10000 मीटर था और अब यह 42 किलोमीटर है। स्पर्धा और अभ्यास के लिहाज से यह पूरी तरह से अलग है। 10 किलोमीटर की दौड़ गति पर जबकि 42 किलोमीटर की दौड़ सहनशक्ति पर आधारित होती है।
मैं इसी अनुसार अभ्यास कर रही हूं।
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