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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
    <link>https://www.prabhasakshi.com/</link>
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      <title><![CDATA[IRCTC Northeast Package: अब किस्तों में चुकाएं पैसे, मुंबई से Gangtok-Darjeeling ट्रिप में Flight और Guide भी शामिल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-mumbai-sikkim-tour-package-analysis-of-costs-and-perks]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>धुमक्कड लोग घूमने के लिए अक्सर कहीं न कहीं प्लान बनाते रहते हैं। अगर आप भी अगस्त महीने में सुकून वाली जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। दरअसल, IRCTC लेकर आया है, गंगटोक-दार्जिलिंग का टूर पैकेज। आइए आपको इस ट्रिप की सारी जानकारी शेयर करते हैं।</div><div><br></div><div><b>किन जगहों की होगी सैर?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इस पैकेज में सिक्किम की मनमोहक राजधानी, गंगटोक ले जाया जाएगा। यह शहर अपने बौद्ध मठों और क्लीननेस के लिए लोकप्रिय है। यहां पर कंचनजंगा पर्वत की बर्फीली चोटियों का नजारा देखने लायक होता है।</span></div><div><br></div><div><b>क्या है फ्लाइट का शेड्यूल?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इस पैकेज के जरिए आपको इंडिगो एयरलाइंस से होने वाली यह ट्रिप मुंबई से शुरु होगी-</span></div><div><br></div><div><span style="font-size: 1rem;">-<b>जाने का समय:</b> मुंबई से सुबह 07:35 बजे फ्लाइट उड़ेगी और 10:50 बजे बागडोगरा पहुंचेगी।</span></div><div><b>-वापसी का समय: </b>बागडोगरा से सुबह 11:30 बजे फ्लाइट मिलेगी, जो दोपहर 14:20 बजे आपको मुंबई वापस पहुंचाएगी।</div><div><br></div><div><b>&nbsp;पैकेज में क्या-क्या मिलेगा?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- IRCTC के इस पैकेज में मुंबई से बागडोगरा तक आने-जाने का फ्लाइट टिकट।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- पूरा शहर घूमने के लिए आपको कैब की सुविधा मिलेगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;- यहां पर रहने के लिए अच्छे क्वालिटी के होटल।</div><div><br></div><div>&nbsp;- इतना ही नहीं, भोजन की व्यवस्था भी शानदार मिलने वाली है।</div><div><br></div><div>&nbsp;- इस टूर पैकेज में सहायता के लिए एक गाइड/एस्कॉर्ट मौजूद रहने वाला है।</div><div><br></div><div><b>कितना है टूर पैकेज का खर्च?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बता दें कि, इस ट्रिप के लिए प्रति व्यक्ति पैकेज फीस 56,200 रुपये है। वहीं, कीमत में लोगों के संख्या के हिसाब से है-</span></div><div><br></div><div>&nbsp;-अगर आप सोलो ट्रेवल करने जा रहे हैं, तो 71,500 रुपये देने होंगे।</div><div><br></div><div>&nbsp;- दो लोगों के साथ (एक रूम में):&nbsp; 56,800 प्रति व्यक्ति।</div><div><br></div><div>&nbsp;- तीन लोगों के साथ (एक रूम में): 56,200 प्रति व्यक्ति।</div><div><br></div><div>&nbsp;- बच्चों का किराया (5-11 साल, बिना बेड के)- 37, 900 रुपये</div><div><br></div><div>&nbsp;- छोटे बच्चे (2-5 साल, बिना बेड के)- 22, 800 रुपये</div><div><br></div><div><b>किस्तों में पैसे दें सकते हैं</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप एक साथ पूरा पैसा नहीं दे सकते हैं, तो आईआरसीटीसी ने इसका भी समाधान निकाला है। ऑनलाइन बुकिंग करते समय आप 'पार्ट-पेमेंट' का ऑप्शन को चूज कर सकते हैं। वहीं, शुरुआती पैकेज की कुल कीमत 30% भुगतान करना है। बाकी का बचा हुआ 70% पैसा आप बाद में जमा कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप irctctourism.com पर जाकर जरुरी डिटेल्स चेक कर सकते हैं।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 18:02:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-mumbai-sikkim-tour-package-analysis-of-costs-and-perks</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Meghalaya का नोहकालिकाई जलप्रपात: Photography के शौकीनों के लिए जन्नत है यह Waterfall]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/the-poignant-story-of-a-mother-sacrifice-lies-hidden-in-the-name-of-nohkalikai-falls]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>मेघालय की हरी-भरी पहाड़ियों के बीच स्थित नोहकालिकाई जलप्रपात प्रकृति की अद्भुत देन माना जाता है। यह जलप्रपात भारत के सबसे ऊँचे प्लंज वॉटरफॉल्स में शामिल है और अपनी मनमोहक सुंदरता के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। Nohkalikai Falls लगभग 1115 फीट (340 मीटर) की ऊँचाई से गिरता यह झरना मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में स्थित चेरापूंजी के निकट है। चारों ओर फैली हरियाली, बादलों से घिरी पहाड़ियाँ और झरने की गर्जना यहाँ आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।</div><div><br></div><div>नोहकालिकाई नाम के पीछे एक अत्यंत मार्मिक लोककथा प्रचलित है। कहा जाता है कि ‘लिकाई’ नामक एक महिला अपने पति की मृत्यु के बाद अपनी बेटी के साथ रहती थी। बाद में उसने दूसरा विवाह किया, लेकिन उसका नया पति बच्ची से ईर्ष्या करता था। एक दिन उसने क्रूरता में बच्ची की हत्या कर दी। जब लिकाई को इस भयावह घटना का पता चला, तो दुःख से व्याकुल होकर उसने इस ऊँची चट्टान से छलांग लगा दी। खासी भाषा में “नोह का लिकाई” का अर्थ है “लिकाई की छलांग।” इसी घटना की स्मृति में इस जलप्रपात का नाम नोहकालिकाई पड़ा।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/amrit-udyan-opening-guide-to-online-booking-and-entry" target="_blank">Delhi-NCR वाले 15 सितंबर तक देख सकेंगे Amrit Udyan की खूबसूरती! Free Entry के लिए जानें पूरा Registration Process</a></h3><div>यह जलप्रपात वर्षा ऋतु में अपने पूरे सौंदर्य पर होता है। चेरापूंजी विश्व के सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में गिना जाता है, इसलिए मानसून के दौरान यहाँ का दृश्य अत्यंत मनोरम दिखाई देता है। झरने के नीचे बना नीले-हरे रंग का जलकुंड इसकी सुंदरता को और भी आकर्षक बना देता है। सर्दियों में पानी का प्रवाह अपेक्षाकृत कम हो जाता है, लेकिन साफ मौसम के कारण दूर-दूर तक फैली घाटियों का दृश्य स्पष्ट दिखाई देता है।</div><div><br></div><div>पर्यटकों के लिए यहाँ एक व्यू पॉइंट बनाया गया है, जहाँ से पूरे जलप्रपात का अद्भुत दृश्य देखा जा सकता है। सुबह और शाम के समय बादलों के बीच से गिरता पानी किसी चित्रकला जैसा प्रतीत होता है। फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है। प्रकृति प्रेमी यहाँ घंटों बैठकर शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं।</div><div><br></div><div>नोहकालिकाई जलप्रपात के आसपास भी अनेक दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक है Mawsmai Cave। यह प्राकृतिक गुफा अपनी चूना-पत्थर की संरचनाओं और रहस्यमयी वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इसके अतिरिक्त Seven Sisters Falls भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है, जहाँ सात धाराओं में गिरता जल अत्यंत सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है।</div><div><br></div><div>इसके अलावा Dainthlen Falls और प्रसिद्ध Double Decker Living Root Bridge भी आसपास घूमने योग्य स्थान हैं। जीवित जड़ों से बना यह पुल मेघालय की पारंपरिक इंजीनियरिंग और प्रकृति के अद्भुत मेल का उदाहरण है। साहसिक यात्रा पसंद करने वाले पर्यटक ट्रेकिंग के माध्यम से यहाँ पहुँचते हैं और अनोखा अनुभव प्राप्त करते हैं।</div><div><br></div><div>नोहकालिकाई जलप्रपात तक पहुँचने के लिए सबसे निकट का बड़ा शहर Shillong है, जो लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित है। शिलांग से सड़क मार्ग द्वारा टैक्सी या बस के माध्यम से आसानी से चेरापूंजी पहुँचा जा सकता है। गुवाहाटी से भी सड़क मार्ग द्वारा मेघालय की यह यात्रा बेहद मनोरम होती है।</div><div><br></div><div>कहा जा सकता है कि नोहकालिकाई जलप्रपात केवल एक प्राकृतिक स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति, लोककथा और शांति का अद्भुत संगम है। यहाँ की हरियाली, बादलों का स्पर्श और गिरते जल की ध्वनि पर्यटकों के मन में अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ जाती हैं। जो भी व्यक्ति प्रकृति के वास्तविक सौंदर्य को निहारना चाहता है, उसके लिए नोहकालिकाई जलप्रपात एक आदर्श पर्यटन स्थल है।</div><div><br></div><div>-प्रीटी</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 16:59:00 +0530</pubDate>
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      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Travel Tips: तुर्कमेनिस्तान का वह नरक द्वार जहाँ 1971 से नहीं बुझी आग, जानिए Karakum Desert का सच]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/gateway-to-hell-in-turkmenistan-where-fire-not-gone-out-since-1971-know-truth-about-karakum-desert]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>दुनिया में आपको कई ऐसी अनोखी जगहें मिलेंगी, जिनके बार में जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा। ऐसी ही एक जगह मध्य एशियाई के देश तुर्कमेनिस्तान में है। यहां पर काराकुम रेगिस्तान को नरक का दरवाजा भी कहा जाता है। क्योंकि यहां पर कोई पैर नहीं रख सकता है। काराकुम रेगिस्तान में डेवरेज गांव के पास में यह रेगिस्तान में है। जिसको 'शाइनिंग काराकुम' के नाम से भी जाना जाता है।</div><div><br></div><div>ऐसा इसलिए भी क्योंकि रेगिस्तान का एक हिस्सा हमेशा आग की तरह चमकता रहता है। ऐसे में अगर आप भी यह सोच रहे है कि इसको नरक का दरवाजा क्यों कहा जाता है, तो आज इस आर्टिकल में हम आपको इस जगह के बारे में बताने जा रहे हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/analyzing-railway-special-trains-for-raksha-bandhan-2026" target="_blank">Raksha Bandhan 2026: भारतीय रेलवे का बड़ा तोहफा, इन Routes पर चलेंगी Raksha Bandhan Special Trains</a></h3><div><br></div><h2>क्यों कहते हैं नरक का दरवाजा</h2><div>साल 1971 में मध्य एशिया के काराकुम रेगिस्तान में एक ऐसी घटना हुई। जिस कारण रेगिस्तान में आग लगाना पड़ा। साल 1971 में तेल भंडार की खोज में सोवियत संघ के भूवैज्ञानिक का एक ग्रुप काराकुम रेगिस्तान आया था। यहां पर उनको एक ऐसी जगह मिल भी गई। जहां पर वैज्ञानिकों को लगा कि तेल भंडार होगा। उन्होंने प्राकृतिक गैस के एक बड़े भंडार के ऊपर खुदाई करना शुरू किया। लेकिन उनको इसके नतीजे के बारे में नहीं पता था।</div><div><br></div><div>जब खुदाई के लिए उन्होंने उस हिस्से पर भारी मशीनें लगाईं। तो जमीन मशीनों का जोर न सह पाए और जमीन अंदर की ओर धंसने लगी। जिस कारण कई जगहों पर गड्ढा बनता चला गया।</div><div><br></div><h2>एक गड्ढे से निकलने लगी गैस</h2><div>बता दें कि रेगिस्तान में जगह-जगह गड्ढे बन रहे थे। लेकिन एक गड्ढा सबसे बड़ा था। यह गड्ढा करीब 230 फीट चौड़ा और 65 फीट गहरा था। जिसके बाद वैज्ञानिकों को चिंता सताने लगी। क्योंकि इस गड्ढे से लगातार प्राकृतिक गैस बाहर निकल रही थी। हालांकि यह गैस जहरीली नहीं थी, लेकिन फिर भी यह ऑक्सीजन को बदल देती थी। जिस कारण सांस ले पाना मुश्किल हो जाता है।</div><div><br></div><div>इससे सबसे ज्यादा परेशानी रेगिस्तान में रहने वाले जानवरों को होती थी। क्योंकि गड्ढे में गिरने से जानवर की फौरन मौत हो जाती। ऐसे में वैज्ञानिकों ने सोचा कि अगर यहां ब्लास्ट करना हो तो सिर्फ 5% मीथेन की मात्रा काफी होगी। इसलिए उन्होंने सोचा कि इसमें आग लगा दी जाए।</div><div><br></div><h2>अभी तक जल रही आग</h2><div>आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आग अभी तक जल रही है। तुर्कमेनिस्तान के वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि जब गड्ढे में मौजूद प्राकृतिक गैस खत्म हो जाएगी, तो यह आग अपने आप बुझ जाएगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है और यह आग जल रही है।</div><div><br></div><div>साल 2010 में तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति कुरबानगुली बर्डीमुखामेदोव भी इस गड्ढे का दौरा करने के लिए यहां पहुंचे थे। रेगस्तान में भभकने वाली इस आग को देखकर उन्होंने भी चिंता जताई थी। इससे आसपास के गैस क्षेत्रों को भी खतरा हो सकता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 13:30:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/gateway-to-hell-in-turkmenistan-where-fire-not-gone-out-since-1971-know-truth-about-karakum-desert</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Raksha Bandhan 2026: भारतीय रेलवे का बड़ा तोहफा, इन Routes पर चलेंगी Raksha Bandhan Special Trains]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/analyzing-railway-special-trains-for-raksha-bandhan-2026]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>रक्षाबंधन के त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। हर साल सावन की पूर्णिमा पर इस पर्व को मनाया जाता है। रक्षाबंधन का त्योहार केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि इस दिन भाई-बहन को एक साथ समय बिताने के मौका मिलता है। दूर-दूर से लोग अपनी बहन से मिलने, घर और परिवार से मिलने के लिए ट्रेन में सफर जरुर करते हैं।</div><div><span style="font-size: 1rem;">ऐसे में त्योहार के समय ट्रेनों में सीटें मिलना काफी मुश्किल होता है। इसी मद्देनजर भारतीय रेलवे की तरफ से यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। इस बार कई स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। अगर आप भी यात्रा का प्लान कर रहे हैं और आपने अभी तक ट्रेन टिकट बुक नहीं की है, तो जल्दी बुक करे लें। यह आर्टिकल खास आपके लिए है।</span></div><div><br></div><div><b>किस रूट पर चलाई गई है स्पेशल ट्रेनें?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">फिलहाल यात्रियों के लिए जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन रक्षा बंधन स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। रास्ते में इसके ठहराव कई स्टोशनों पर हो रहा है, इसलिए यात्रियों को इस रुट में पड़ने वाले स्टेशन पर उतरने का मौका मिल सकता है।</span></div><div><br></div><div><b>जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन के लिए ट्रेन चलने का समय</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- ट्रेन का समय सुबह 8:20 बजे जबलपुर से चलेगी और अलग-अलग स्टेशनों से गुजरते हुए अगले दिन दोपहर&nbsp; 2:25 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- जबलपुर रात- 8:20 बजे चलेगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;- कटनी मुंडवारा- रात 09:35 बजे कटनी पहुंच जाएगी और रात 9:40 बजे दमोह के लिए रवाना होगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;- दमोह- रात 10:55 बजे पहुंचेगी और रात को 10:57 बजे अगले स्टेशन के लिए रवाना ।</div><div><br></div><div>&nbsp;- सागर- रात 12:15 बजे पहुंच जाएगी और रात 12:20 बजे स्टेशन से चलेगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;- वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी- सुबह 05:50 बजे पहुंचेगी और सुबह 05:55 बजे अगले स्टेशन के लिए रवाना</div><div>&nbsp;</div><div>- ग्वालियर- सुबह 07:30 बजे पहुंचेगी और सुबह 07:35 बजे स्टेशन से चलेगी</div><div><br></div><div>&nbsp;- धौलपुर- सुबह 08:50 बजे पहुंचेगी और सुबह 08:52 बजे अगले स्टेशन के लिए रवाना</div><div>&nbsp;</div><div>- आगरा छावनी- सुबह 09:30 बजे पहुंचेगी और सुबह 09:35 बजे अगले स्टेशन के लिए रवाना</div><div>&nbsp;</div><div>&nbsp;-मथुरा जंक्शन- सुबह 11:10 बजे पहुंचेगी और सुबह 11:15 बजे रवाना</div><div>&nbsp;</div><div>- कोसी कलां- सुबह 11:43 बजे पहुंचेगी और सुबह 11:45 बजे रवाना</div><div>&nbsp;</div><div>- हजरत निजामुद्दीन- दोपहर 02:25 बजे पहुंचेगी।</div><div><br></div><div><b>वापसी में कब चलेगी ट्रेन?</b></div><div><br></div><div><span style="font-size: 1rem;"><b>टाइमटेबल</b></span></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- हजरत निजामुद्दीन: दोपहर 03:45 बजे निकेलगी।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- कोसी कलां- शाम 5 बजकर 50 मिनट पर पहुंचेगी और शाम 5 बजकर 52 मिनट से स्टेशन से निकलेगी।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><div>&nbsp;- मथुरा जंक्शन- शाम 07:35 बजे पहुंचेगी और शाम 07:40 बजे अगले स्टेशन के लिए निकलेगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;- आगरा छावनी- रात 08:30 बजे पहुंच जाएगी और 5 मिनट बाद अगले स्टेशन के लिए आग रवाना होगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;- धौलपुर- रात 9:18 बजे पहुंचेगी और रात 9:20 बजे आगे स्टेशन से चलेगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;- ग्वालियर- रात 10:25 बजे पहुंचेगी और रात 10:30 बजे रवाना होगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;- वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी- रात&nbsp; रात 12:05 बजे पहुंचेगी और रात 12:10 बजे रवाना होगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;-सागर- रात 03:30 बजे पहुंचेगी और रात 03:35 बजे रवाना होगी।</div><div>&nbsp;</div><div>- दमोह- सुबह 04:40 बजे पहुंचेगी और सुबह 04:42 बजे बजे रवाना होगी।</div><div>&nbsp;</div><div>- कटनी मुड़वारा- सुबह 06:10 बजे पहुंचेगी और सुबह 06:15 बजे रवाना होगी।</div><div>&nbsp;</div><div>-जबलपुर- सुबह 09:30 बजे पहुंचेगी।</div><div><br></div><div><b>मेला स्पेशल ट्रेन में भी कर सकती हैं टिकट बुक</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में रुड़की के पास पिरान कलियर गांव में यह मेला होने जा रहा है। वैसे यह मेला हजरत मखदूम अलाउद्दीन अहमद साबरी की प्रसिद्ध दरगाह पर होगा। ऐसे में लाखों भक्त इस मेले में शामिल होंगे। इसलिए रेलवे की तरफ से कई स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी। वैसे यह ट्रेन 21 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक चलने वाली है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>ट्रेन की जानकारी इस प्रकार है-</b></div><div><br></div><div>-ट्रेन नंबर 04321 / 04320- बरेली - रुड़की - बरेली- बरेली मेला स्पेशल</div><div>-ट्रेन नंबर 04319 / 04322- रुड़की - बरेली - रुड़की- रुड़की मेला स्पेशल</div><div>-ट्रेन नंबर 04329 / 04330- हरिद्वार - लखनऊ - हरिद्वार- हरिद्वार अनारक्षित मेला स्पेशल</div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 16:55:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/analyzing-railway-special-trains-for-raksha-bandhan-2026</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Delhi-NCR वाले 15 सितंबर तक देख सकेंगे Amrit Udyan की खूबसूरती! Free Entry के लिए जानें पूरा Registration Process]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/amrit-udyan-opening-guide-to-online-booking-and-entry]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>रोजाना वीकेंड पर कैफे, मॉल और ट्रैफिक की भीड़ देखकर आप भी बोर हो गए होंगे। अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो किसी ऐसी जगह की तलाश में है, जहां आप जाकर पूरे हफ्ते की थकान मिटा सके, तो यह लेख आपके लिए है। एक बार फिर से आम लोगों के लिए 'अमृत उद्यान' ओपन हो चुका है।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">असल में 16 अगस्त से यहां पर समर एनुअल्स-2026' की शुरुआत हो गई है और अगले महीने यानी 15 सितंबर तक आप खूबसूरत नजारे का दीदार फ्री में कर सकते हैं। आइए आपको इसकी बुकिंग के बारे में बताते हैं-</span></div><div><br></div><div><b>देसी फूलों की छटा मोह लेगी आपका मन</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">राष्ट्रपति भवन के अंदर मौजूद 15 एकड़ का अमृत उद्यान बेहद ही खूबसूरत है। यहां देश के स्थानीय फूल देखने को मिलते हैं। इधर आपको क्यारियों में&nbsp; अपराजिता, बरशा फूल, गुल-मेहंदी, रुक्मिणी, नागफना और लाल साग जैसे पौधों की प्राकृतिक फूलों की छटा आपका मन मोह लेगी।</span></div><div><img src="https://images.prabhasakshi.com//static_files/imagegallery/20260819/17463838642_0_amrit udyan.webp" data-filename="" style="width: 100%;"><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><b style="font-size: 1rem;">घूमने का समय और जरूरी बातें</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि 16 अगस्त से 15 सितंबर के बीच, सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक इस बगीचे की सैर कर सकते हैं, हालांकि यह सोमवार के दिन अमृत उद्यान बंद रहता है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>बुकिंग कैसे करें और एंट्री कहां से होगी?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- अमृत उद्यान (पहले मुगल गार्डन) को देखने के लिए आपको कोई भी पैसा देना की जरुर नहीं है।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- यहां एंट्री एकदम फ्री है, लेकिन बिना एडवांस ऑनलाइन बुकिंग के प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर विजिट करें अपना स्लॉट को बुक करें। इस बात का ध्यान रखें कि एकदम मौके पर आपको इसकी कोई टिकट या पास नहीं मिलेगा।</div><div><br></div><div>&nbsp;- आप जिस दिन जाना चाहते हैं उसके लिए कम से कम एक दिन पहले बुकिंग कर लें। वहीं, सुबह 10 बजे के बाद ऑनलाइन बुकिंग बंद हो जाती है। इसलिए सोच-समझकर पहले ही प्लान कर लें।</div><div><br></div><div>&nbsp;- इसके अतिरिक्त सभी पर्यटकों को नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास मौजूद गेट नंबर 35 से अंदर जाने और बाहर आने की सुविधा दी गई है।</div><div><br></div><div><b>क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यहां पर जाने वाले सभी मेहमानों को कोई तकलीफ न हो, इसलिए पैदल रास्तों पर पीने का पानी, फर्स्ट एड, रेस्ट रुम और बारिश से बचने के लिए रेन शेल्टर का इंतजाम किया जाएगा। यदि आप मेट्रो से जाने वाले हैं, तो आप सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो से हर आधे घंटे में एक शटल बस चलेगी जो आपको सीधे उद्यान तक पहुंचाएगी।</span></div><div><br></div><div><b>खिलाड़ियों और शिक्षकों के लिए खास दिन</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, इस बार दो खास दिनों के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। 29 अगस्त को 'राष्ट्रीय खेल दिवस' के दिन खिलाड़ियों के खास इंतजाम। वहीं, 5 सितंबर को 'शिक्षक दिवस' के मौके पर अमृत उद्यान में स्पेशल एंट्री का इंतजाम देखने को मिलेगा।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 17:47:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/amrit-udyan-opening-guide-to-online-booking-and-entry</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: Ha Long Bay से Da Nang तक, वियतनाम की खूबसूरती और सस्ती Currency ने जीता भारतीयों का दिल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/from-ha-long-bay-to-da-nang-vietnam-beauty-and-affordable-currency-won-hearts-of-indians]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>वियतनाम भारतीय पर्यटकों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगहों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां पर्यटकों को मिलने वाली हर तरह की सुविधा है। जिन यात्रियों को समुद्र के किनारे समय बिताना अच्छा लगता है, उनके लिए यहां पर कई खूबसूरत बीच हैं। एडवेंचर और ऐतिहासिक जगहों पर घूमने के लिए कई जगहें हैं। वियतनाम की संस्कृति भी पर्यटकों का काफी आकर्षित करती है।</div><div><br></div><div>ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको वियतनाम की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं। जिस कारण हर साल लाखों की संख्या में भारतीय पर्यटक यहां पर घूमने के लिए आते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/delhi-to-agra-monsoon-trip-a-comprehensive-guide" target="_blank">Delhi to Agra Travel Guide: मानसून की फुहारों के बीच ताजमहल और Baby Taj का दीदार, एक दिन की छुट्टी के लिए परफेक्ट One-Day Trip</a></h3><div><br></div><h2>आसान वीजा प्रोसेस</h2><div>वियतनाम जाने के लिए भारतीयों को वीजा प्रोसेस के लिए ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ती है। ई-वीजा के जरिए आवेदन करने पर 90 दिनों के अंदर आप वियतनाम यात्रा पर जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के कारण भारतीयों को वीजा के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान भारतीयों को पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख, एक्सपायरी डेट, पासपोर्ट साइज फोटो, पासपोर्ट के बायोडाटा की फोटो और पर्सनल जानकारी जैसी जानकारी देनी होती है। वहीं यात्रा से 2 सप्ताह पहले आवेदन करना सही होता है।</div><div><br></div><h2>घूमना है आसान</h2><div>वियतनाम की मुद्रा को डोंग कहते हैं, जोकि भारत के रुपए के मुकाबले सस्ती है। भारतीय रुपए की तुलना में वियतनाम के डोंग की वैल्यू काफी कम है। भारतीय 1 रुपया करीब 275 वियतनामी डोंग के बराबर है। अगर आप 100 रुपए खर्चा करती हैं, तो यह 27,500 वियतनामी डोंग के बराबर होगा। इसलिए यहां पर भारतीयों को घूमना सस्ता पड़ता है। वहीं यहां पर रहना, खाना, घूमना आदि भारतीय पर्यटकों को सस्ता लगता है।</div><div><br></div><h2>कई बेहद खूबसूरत जगहें</h2><div>वियतनाम जाने का एक कारण यह भी है कि यहां पर खूबसूरत जगहों की भरमार है। यहां समुद्र तट, नदियां, पहाड़, गुफाएं और ऐतिहासिक स्थल आदि सभी चीजें आपको एक ही जगह पर मिल जाती है। इस तरह से आपका विदेश ट्रिप पूरा लगता है। यहां का हा लॉन्ग बे जगह नीले पानी और चूना पत्थर की के लिए काफी फेमस माना जाता है। वहीं दा नांग एक बेहद खूबसूरत बीच है। आप हो ची मिन्ह सिटी में शॉपिंग कर सकती हैं। तो हनोई में वियतनाम की संस्कृति को बेहद करीब से देखने और समझने का मौका मिलता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 15:58:00 +0530</pubDate>
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      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Delhi to Agra Travel Guide: मानसून की फुहारों के बीच ताजमहल और Baby Taj का दीदार, एक दिन की छुट्टी के लिए परफेक्ट One-Day Trip]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/delhi-to-agra-monsoon-trip-a-comprehensive-guide]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>क्या आप भी दिल्ली की भागदौड़ में परेशान हो गए हैं। बस आपको एक दिन ब्रेक लेना है, तो यह लेख आपके लिए है। वीकेंड पर घूमने के लिए आप दिल्ली से बेहद नजदीक इस जगह पर जरुर जा सकते हैं। यहां पर आपको इतिहास, खूबसूरती और अच्छा खाना तीनों एक साथ मिल जाएंगे। इस ट्रिप के लिए आपको ज्यादा दिन की छुट्टी लेनी की भी जरुरत नहीं है। आगरा में कई मशहूर जगहें जहां आप जरुर जाएं।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">मानसून के समय आगरा का मौसम बेहद प्यारा और खूबसूरत रहता है, तो चलिए बिना देर किए आपको बताते हैं एक दिन की छोटी ट्रिप के बारे में-</span></div><div><br></div><div><span style="font-size: 1rem;"><b>आगरा में देखें ताजमहल</b></span></div><div><span style="font-size: 1rem;">आगरा जाएं और आप ताजमहल न देखें, ऐसा कुछ हो नहीं सकता। सफेद संगमरमर से बना हुआ यह मकबरा मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। आपको बताते चलें कि यह यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल है। मानसून के दौरान जब काले बादल छाए रहते हैं, तो ताजमहल का नजारा और भी खूबसूरत दिखता है। फोटो क्लिक करने के लिए शानदार व्यू बन जाता है।</span></div><div><br></div><div><b>आगरा फोर्ट घूमें</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली से आगरा की दूरी करीब 230 से 240 किलोमीटर है। ताजमहल घूमने के बाद आप आगरा फोर्ट देखने जरुर जाएं।&nbsp; लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ यह किला यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल हैं। एक समय में यह मुगल बादशाहों के लिए सत्ता और रहने की जगह थी। वैसे यह ताजमहल से ज्यादा दूर नहीं है। किले के अंदर बड़े आंगन, महल और मुगर दौर की चीजें देखने को मिलती है।</span></div><div><br></div><div><b>मेहताब बाग में मिलेगा ताज का अलग नजारा</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">भीड़ से हटकर घूमना चाहती हैं, तो मेहताब बाग जा सकती हैं। यहां से दूर बैठकर ताजमहल के दीदर किए जा सकते हैं। खासतौर पर यह यमुना नदी के दूसरी तरफ बना&nbsp; मुगल गार्डन है और यहां से ताजमहल सबसे सुंदर नजर आता है।</span></div><div><br></div><div><b>बेबी ताज भी देख सकती हैं आप</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप ट्रिप का समय का मैनेज कर लें, तो आप&nbsp; इत्माद-उद-दौला का मकबरा देखने भी जा सकते हैं। इसको बेबी ताज कहा जाता है। सफेद मार्बल, डिजाइन और काम इसको और भी सुंदर बना दिया है। जिन लोगों को भीड़ दूर रहना पसंद उनके लिए यह जगह बेहद खास है।</span></div><div><br></div><div><b>मानसून में ट्रिप प्लान करते समय रखें ये बातें</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">सबसे बढ़िया समय है मानसून के दौरान ट्रिप प्लान करने का। इस बात का ध्यान रखें कि पूरे दिन का शेड्यूल न रखें। आप भी एक दिन के लिए ऐसे ट्रिप का प्लान कर सकती हैं।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- सुबह दिल्ली से आगरा के लिए निकलें।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;-&nbsp; सबसे पहले आप ताजमहल देखने जाएं।</div><div><br></div><div>&nbsp;- दोपहर के समय खाना और थोड़ा आराम करें।</div><div><br></div><div>&nbsp;- शाम के समय आप मेहताब बाग घूम सकते हैं।</div><div><br></div><div>&nbsp;- अगर समय बचे तो बेबी ताज देख सकते हैं।</div><div><br></div><div>&nbsp;- रात के समय दिल्ली के लिए वापस निकलें।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 17:22:11 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/delhi-to-agra-monsoon-trip-a-comprehensive-guide</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: चंदेरी में मौजूद है अमर प्रेम का यह ऐतिहासिक प्रतीक, जानिए चंदेरी की Best Places To Visit]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/historic-symbol-of-eternal-love-located-in-chanderi-discover-best-places-to-visit-in-chanderi]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>चंदेरी को भगवान श्रीकृष्ण की बुआ श्रुति के बेटे शिशुपाल की राजधानी माना जाता है। उस दौरान इसका उल्लेख चेदी राज्य के रूप में मिलता है। चंदेरी की रणनीतिक स्थिति में इसके समृद्धि की बड़ी वजह रही। कभी चंद्रगिरि कहा जाने वाला चंदेरी, बुंदेलखंड और मालवा की सीमा पर बसा है। जिसका उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। यहां पर मालवा के सुल्तानों और बुंदेल के राजपूतों द्वारा बनवाई गई तमाम इमारतें देखी जा सकती हैं। नदी किनारे गुफाओं में बने शैलचित्र सांस्कृतिक वैभव और कलात्मक सौंदर्य का परिचय देते हैं।</div><div><br></div><div>यहां के शैलचित्रों को देखकर कहा जा सकता है कि चंदेरी प्रागैतिहासिक काल से एक जीवंत शहर है। चंदेरी साड़ियों से तो सभी वाकिफ हैं, चंदेरी साड़ियां अपने शिल्प और नफासत के लिए फेमस हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/4-best-budget-monsoon-destinations-in-india-2026" target="_blank">Monsoon Tourism 2026: भीड़भाड़ से दूर शांति देंगे ये 4 Budget Friendly Destinations, आज ही करें अपने ट्रिप का Plan</a></h3><div><br></div><h2>जानें चंदेरी में कहां घूमें</h2><div><br></div><h2>कोशक महल</h2><div>वहीं खिलजी वंश के शासनकाल में यह महल इस्लामी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। चतुर्भुज आकार में निर्मित इस त्रि-स्तरीय महल के विशाल द्वार, झरोखे, खुले गलियारे इसकी स्थायपत्य कला को अनुपम बनाते हैं। इस महल के छत से दिखने वाले प्राकृतिक दृश्य इसकी शोभा को दोगुना कर देती है। कोशल इमारत के हर कक्ष के छत की डिजाइन बेहद अनोखा है। शुरूआत में 7 मंजिला इमारत के रूप में यह ढांचा सिर्फ 3 मंजिलों तक पूरा हो सका।</div><div><br></div><h2>चंदेरी किला</h2><div>चंदेरी किला शहर से 71 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह किला अभी भी शान से खड़ा है। यह किला कभी अभेद्य दुर्ग की तरह रहा होगा। यह किला 5 किमी लंबी दीवार से घिरा है। किले तक पहुंचने के तीन रास्ते हैं: पहला पक्का रास्ता है, जिससे आप गाड़ी से किले तक जा सकते हैं। दूसरा रास्ता खूनी दरवाजा है, जहां से पैदल पहुंचा जा सकता है। खूनी दरवाजा लकड़ी का बड़ा द्वार है। इस पर मालवा के सुल्तान कैदियों के शवों को लटका देते थे।</div><div><br></div><div>बताया जाता है कि जब बाबर ने किले की घेराबंदी की थी। तो यह सच में खून से नहा गया था। इसको आखिरी किला कहा जाता था, यानी जब शासक को पता होता था कि उसकी हार होना निश्चित है। वह यहीं से युद्ध करते थे, जिससे तहखाने से निकलकर सुरक्षित जा सकें।</div><div><br></div><h2>बत्तीसी बावड़ी</h2><div>चौकोर, गोल और समकोण बावड़ियों से भरा यह अफगान वास्तुकला की निशानी है। इसकी सुंदर सीढ़ियों के ऊपर बने बीच में स्वागत द्वारों ने इसको अधिक भव्य बनाया है। 60-60 फीट लंबी-चौड़ी बावड़ी आज भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां पर आपको एक फारसी में लिखा शिलालेख भी मिलेगा। जिसका अर्थ है, जो स्वर्ग की झलक देखना चाहता है, वह यहां पर थोड़ा विश्राम करें, क्योंकि स्वर्ग इसी की तरह है।&nbsp;</div><div><br></div><h2>कटी घाटी</h2><div>इसको विशाल चट्टान को तराश कर बनाया गया है। चंदेरी के दक्षिणी किनारे पर स्थित यह मार्ग बुंदेलखंड और मालवा के बीच एक कड़ी का काम करता था। मालवा के सुल्तान ग्यासुद्दीन खिलजी के स्वागत के लिए इसको रातों-रात बनाया गया था। लेकिन इस दरवाजे में कुंडे या टिकाव के लिए राजमिस्त्री ने जगह नहीं छोड़ी थी। इस कमी को देखते हुए जिमन खान ने मिस्त्री को मेहनताना देने से इंकार दिया। इससे दुखी होकर मिस्त्री ने आत्महत्या कर ली। तब से यह कटी घाटी गेट बिना दरवाजे के खड़ा है।</div><div><br></div><h2>शहजादी का रोजा</h2><div>चंदेरी के गवर्नर की बेटी मेहरुनिस्सा और एक सेनापति के अमर प्रेम का प्रतीक यह मकबरा है। इसको 15वीं शताब्दी में गवर्नर ने बनवाया था। गवर्नर ने दोनों को अलग करने के लिए सेनापति को युद्ध में भेजा और सैनिकों को निर्देश दिए कि वह जीवित वापस न आ पाए। यह जानकारी मिलने पर शहजादी ने रोजे रखे थे। घायल होने के बाद भी सेनापति बच गया और वापस चंदेरी आ गया। जब मेहरुन्निसा उससे मिली, तो वह सेनापति अंतिम सांसे ले रहा था। उसी दौरान शहजादी ने भी प्राण त्याग दिए। रोजा रखने के कारण इस मकबरे का नाम 'शहजादी का रोजा' पड़ा। बाद में दोनों प्रेमियों को गवर्नर ने इस मकबरे में साथ दफनाया।</div><div><br></div><h2>यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी</h2><div>यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ललितुर है। वहीं भोपाल एयरपोर्ट से कैब लेकर भी यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।&nbsp;</div><div><br></div><div>बुंदेली खानों का स्वाद लें, जैसे मक्के की रोटी, दाल बाफला, रसखीर और सूजी के लड्डू।</div><div><br></div><div>चंदेरी घूमने का सबसे सही समय अक्तूबर से लेकर मार्च के बीच का है।</div><div><br></div><div>दो लोगों के एक दिन रहने और खाने का अनुमानित खर्च 2.5 से 3 हजार रुपए तक है।</div><div><br></div><div>यहां का मौसम अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15 से 20 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 12:54:12 +0530</pubDate>
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      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Monsoon Tourism 2026: भीड़भाड़ से दूर शांति देंगे ये 4 Budget Friendly Destinations, आज ही करें अपने ट्रिप का Plan]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/4-best-budget-monsoon-destinations-in-india-2026]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>क्या आप भी अगस्त में घूमने का बना रहे हैं प्लान और आपका बजट भी लिमिटेड है, तो यह लेख आपके लिए है। वैसे इस महीने के घूमने का एक अलग ही अनुभव होता है, हर तरफ हरियाली और सुकून वाला मौसम होता है।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">इस बार आप कम बजट में भी कम भीड़ वाली जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि किसी शांत और खूबसूरत जगहों पर जाने का प्लान।</span></div><div><br></div><div><b>अगस्त में घूमने के लिए 4 बजट-फ्रेंडली डेस्टिनेशंस</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">वैसे तो भारत में घूमने के लिए कई छिपी हुई जगहें, जहां पर काफी शांति देखने को मिलती है। आइए आपको इन जगहों के बारे में बताते हैं-</span></div><div><br></div><div><b>&nbsp;जंजैहली घाटी (हिमाचल प्रदेश)</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">शिमला और मनाली के शोर-शराबे से दूर आप हिमाचल प्रदेश के की इस खूबसूरत जगह पर जा सकते हैं। मंडी जिले में स्थित जंजैहली घाटी, जहां मानसून के समय सेब के बागान और हरे-भरे मखमली मैदान देखने के लायक होते है। यह जगह ट्रेकिंग और नेचर वॉक के लिए शौकीनों के लिए बेस्ट है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>कैसे पहुंचे?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- दिल्ली से जंजैहली घाटी पहुंचने के लिए सबसे पहले ISBT कश्मीरी गेट से मंडी/ओट के लिए सीधी HRTC या प्राइवेट वोल्वो बस पकड़ लें।</span></div><div><br></div><div>- मंडी से जंजैहली की दूरी करीब 85 किमी है, आपको यहां से स्थानीय बस या प्राइवेट टैक्सी मिल जाएगी।</div><div><br></div><div>- आप चाहे, तो दिल्ली से चंडीगढ़ या ऊना हिमाचल तक ट्रेन लें। इसके बाद बस या टैक्सी से करीब 5-6 घंटे में यहां पहुंच जाए।</div><div><br></div><div><b>ओरछा और गढ़कुंडार (मध्य प्रदेश)</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">मध्य प्रदेश या आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग, यहां पर जरुर जाएं। यहां आपको&nbsp; बेतवा नदी के तट पर बसा ऐतिहासिक कस्बा ओरछा और पास ही स्थित गढ़कुंडार का किला देखने का गजब का अनुभव प्राप्त होगा। मानसून के समय जंगलों के बीच बने प्राचीन महल, छतरियां और नदियां आपके ट्रिप को यादगार बना देगी। जिन लोगों को फोटोग्राफी और इतिहास जानने का शौक है, वो लोग इस जगह को जरुर एक्सप्लोर करें।</span></div><div><br></div><div><b>ऐसे पहुंचें -&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- ओरछा और गढ़कुंडार जाने के लिए आप झांसी वीरांगना लक्ष्मीबाई, झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा।</span></div><div><br></div><div>- स्टेशन के बाहर से ऑटो या टैक्सी आसानी से मिल जाएंगे। आप लोकल बस से भी यहां तक पहुंच सकते हैं।</div><div><br></div><div>- यहां पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट ग्वालियर है। वहीं, एयरपोर्ट से ओरछा की दूरी करीब 130 किमी है।</div><div><br></div><div><b>भंडारदरा और घाटघर (महाराष्ट्र)</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आपको झरने देखने का काफी शौक है, तो आप अगस्त के महीने में आप इस जगह को जरुर एक्सप्लोर करें। मुंबई और पुणे के पास बसा भंडारदरा का घाटघर क्षेत्र घूमने के लिए सबसे बेस्ट है। मानसून के दौरान पूरी तरह धुंध और सैकड़ों मौसमी झरने देखने को मिलते हैं। यहां पर रंधा फॉल्स और आर्थर लेक अगस्त की बारिश में अपने पूरे शबाब पर होते हैं।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>कैसे पहुंचे?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- इस जगह पर पहुंचने के लिए आपको नजदीकी बड़े शहर मुंबई, पुणे या नाशिक हैं।</span></div><div><br></div><div>- आपको यहां आने के लिए मुंबई (BOM) पुणे (PNQ) या नाशिक (ISK) की डायरेक्ट फ्लाइट ले सकते हैं।</div><div><br></div><div>- मुंबई से भंडारदरा करीब 165 किमी और नाशिक से लगभग 70 किमी दूर है।</div><div><br></div><div><b>कसार देवी (उत्तराखंड)</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगस्त के महीने में घूमने के लिए अल्मोड़ा के पास बसा कसार देवी भी एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। यहां मानसून के समय बादल पहाड़ियों को छूकर गुजरते हैं, जिससे नजारा काफी अद्भुत लगता है। कसार देवी अपनी चुंबकीय ऊर्जा और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां पर आप दोस्तों और फैमिली के साथ घूमने जा सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>ऐसे पहुंचे</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- कसार देवी जाने के लिए आप काठगोदाम या हल्द्वानी स्टेशन तक जा सकते हैं।</span></div><div><br></div><div>- स्टेशन पहुंचते ही आपको बहार अल्मोड़ा या कसार देवी के लिए शेयरिंग टैक्सी और बसें मिल जाएगी।</div><div><br></div><div>- यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर (PGH) है, जो कि कसार देवी से करीब 125 किमी दूर है।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 16:41:43 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/4-best-budget-monsoon-destinations-in-india-2026</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: बारिश के मौसम में जन्नत लगती हैं ये वादियां, Monsoon में एक्सप्लोर करें Hill Stations]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/these-valleys-look-like-paradise-during-rainy-season-explore-hill-stations-this-monsoon]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>बारिश के मौसम में घूमने का मजा ही अलग होता है। क्योंकि इस मौसम में चारों ओर हरियाली, बादलों से ढके पहाड़, ठंडी-ठंडी हवाएं और रिमझिम फुहारें लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मॉनसून कहीं घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया के कुछ फेमस हिल स्टेशन को एक्सप्लोर कर सकती हैं। यहां बारिश में नेचर की खूबसूरती इस कदर बढ़ जाती है, जिसको देखकर लगता है मानो स्वर्ग में आ गए हों।</div><div><br></div><div>साउथ इंडिया के हिल स्टेशन अपने चाय के बागानों, झरनों, हिल स्टेशनों और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। यहां की वादियां खूबसूरत और हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं कि ऐसा लगता है कि हम बादलों के बीच खड़े हैं। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया की इन खूबसूरत जगहों के बारे में।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/indian-destinations-offer-an-experience-of-breathtaking-landscapes-just-like-europe" target="_blank">Travel Tips: Switzerland on a Budget? ये 4 Indian Destinations देंगे आपको यूरोप जैसी हसीन वादियों का अनुभव</a></h3><div><br></div><h2>मुन्नार</h2><div>मॉनसून में केरल के मुन्नार की खूबसूरती भी गई गुना बढ़ जाती है। यहां चाय के खूबसूरत बागान, ठंडी-ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ लोगों की ट्रिप को यादगार बना देते हैं। बारिश के बाद यहां की हरियाली निखर जाती है। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं, या फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।</div><div><br></div><h2>कूर्ग</h2><div>कर्नाटक का कूर्ग भी मॉनसून में देखने लायक होता है। इसकी खूबसूरती के कारण कूर्ग को भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। मॉनसून में यहां पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती बढ़ जाती है। कूर्ग खूबसूरत होने के साथ शांत भी है।</div><div><br></div><h2>चिकमगलूर</h2><div>कर्नाटक का चिकमगलूर पिछले कुछ सालों से लोगों की पसंदीदा जगह बन चुकी है। मॉनसून में यहां हरी-भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने को मिलेंगे। यहां आप शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के कुछ पल बिता सकते हैं। यह एक शानदार डेस्टिनेशन है।</div><div><br></div><h2>कोडाइकनाल</h2><div>तमिलनाडु का कोडाइकनाल हिल स्टेशन मानसून में बेहद खूबसूरत लगने लगता है। यहां की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बहुत ज्‍यादार सुंदर नजर आते हैं। अगर आपको भी प्रकृति से प्यार है और नेचर के बीच समय बिताना अच्छा लगता है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है।</div><div><br></div><h2>वायनाड</h2><div>केरल की खूबसूरती के बारे में तो आप सभी ने सुना होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। वहीं केरल का वायनाड भी मॉनसून में बेहद खूबसूरत लगता है। यहां लेक, गुफाएं, घने जंगल और कई बेहद शानदार झरने देखने लायक होते हैं। अगर आपको ट्रेकिंग और नेचर वॉक पसंद है, तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है।</div><div><br></div><h2>ऊटी</h2><div>तमिलनाडु का ऊटी हिल स्टेशन भी बेहद खूबसूरत है। मॉनसून में यहां के चाय के बागान, पहाड़ और बगीचे खिल उठते हैं। अगर आप भी ऊटी आती हैं, तो पायकारा फॉल्स जाना न भूलें।</div><div><br></div><h2>इन बातों का ध्यान</h2><div>बारिश में मौसम की जानकारी लेने के बाद ही ट्रिप प्लान करें।</div><div><br></div><div>छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज साथ रखें।</div><div><br></div><div>लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करें।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 14:26:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/these-valleys-look-like-paradise-during-rainy-season-explore-hill-stations-this-monsoon</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: Switzerland on a Budget? ये 4 Indian Destinations देंगे आपको यूरोप जैसी हसीन वादियों का अनुभव]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/indian-destinations-offer-an-experience-of-breathtaking-landscapes-just-like-europe]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>हर किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है और विदेश तो हर कोई जाना चाहता है। खासकर स्विट्जरलैंड जैसी खूबसूरत जगह, जहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत नजारे, हरे-भरे मैदान देखने को मिलते हैं। लेकिन यहां जाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। होटल, फ्लाइट, खाना-पीना, घूमने आदि का खर्च लाखों में पहुंच जाता है। इस कारण कई लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है।</div><div><br></div><div>लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं, जिनको देखकर आपको यूरोप वाली फीलिंग आएगी। इन जगहों पर आपको खूबसूरत लेक्स, बर्फीले पहाड़, हसीन वादियां और कलरफुल फ्लावर्स देखने को मिलेंगी। ऐसे में अगर आपका बजट कम है और ऐसी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको ऐसा महसूस होगा कि आप स्विट्जरलैंड पहुंच गई हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/4-must-visit-indian-destinations-for-august-long-weekend" target="_blank">Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ</a></h3><div><br></div><h2>खज्जियार</h2><div>ज्यादातर लोग खज्जियार को भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहते हैं। हिमाचल के चंबा में स्थित यह जगह हरी-भरी घास, देवदार के घने जंगलों और खूबसूरत मैदानों के लिए जानी जाती है। यहां का खज्जियार लेक वालर एरिया देखने में किसी यूरोपियन पोस्टकार्ड जैसा लगता है। मॉनसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करती हैं, तो आपको खज्जियार आना चाहिए।</div><div><br></div><h2>युमथांग वैली</h2><div>सिक्किम की युमथांग वैली को वैली ऑफ फ्लावर्स भी कहा जाता है। यह जगह स्विट्जरलैंड जैसी लगती है। यहां पर दूर-दूर तक फैले फूलों के मैदान, सुंदर नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ किसी यूरोपियन देश वाला फील देती हैं। गर्मियों में यहां रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। जिससे पूरी वैली बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। ऐसे में अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।</div><div><br></div><h2>गुलमर्ग</h2><div>माना जाता है कि अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। यहां के गुलमर्ग की गिनती भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस में होती है। गुलमर्ग के बेहद खूबसूरत पहाड़, हरे-भरे घास के मैदान और ठंडी वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और फूलों से भरे मैदान देखने लायक होते हैं।</div><div><br></div><h2>मुनस्यारी</h2><div>अगर आप किसी शांत जगह पर स्विट्जरलैंड वाला फील लेना चाहती हैं। तो आप मुनस्यारी जा सकती हैं। यह जगह अपने शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:15:07 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/indian-destinations-offer-an-experience-of-breathtaking-landscapes-just-like-europe</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/4-must-visit-indian-destinations-for-august-long-weekend]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>घुमक्कड़ लोगों को घूमने का सिर्फ मौका ही चाहिए। अगर आप भी अगस्त में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको बता दें कि, इस महीने में लंबी छुट्टी मिलने वाली है। दरअसल, 15 अगस्त को शनिवार है और इसके अगले दिन रविवार है। वहीं, आप 14 अगस्त यानी के शुक्रवार की एक छुट्टी ले लें तो आपके पास करीब तीन दिनों का समय हो जाएगा।</div><div><span style="font-size: 1rem;">इन तीन दिनों में आप किसी भी अच्छी जगह पर घूमने जा सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि अगस्त के महीने में किन जगहों पर घूमने जा सकते हैं। आइए आपको बताते हैं Independenc Day Weekend पर 3 दिन की छोटी-सी ट्रिप का प्लान बना सकती हैं।</span></div><div><br></div><div><b>मसूरी उत्तराखंड</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप शहर की भीड़ और शोर से दूर, कहीं सुकून भरी जगह पर घूमने जा रहे हैं, तो आप मसूरी जा रही है। अगस्त में यहां पर बारिश होती है। जिससे पहाड़िया हरी-भरी नजर आती हैं। बादलों से घिरे पहाड़ और ठंडा मौसम आपको शांति का एहसास कराएगा। तीन दिन में आप माल रोड पर बिंदास होकर घूम सकते हैं, आसपास के नजारे देख सकते हैं। ध्यान रखें कि मौसम को देखकर ही ट्रिप का प्लान बनाएं। क्योंकि इस दौरान यहां बारिश भी हो सकती है।</span></div><div><br></div><div><b>मुन्नार, केरल</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बरसात के मौसम में केरल के मुन्नार का नजारा भी काफी खूबसूरत देखने को मिलता है। मुन्नार अपने चाय के बागानों और पहाड़ी नजारों के लिए काफी लोकप्रिय है। ऐसे में आप आपको हरियाली पसंद है, तो आप 3 दिन के लिए यहां जा सकती हैं। बारिश में मुन्नार जाते समय छाता और रेनकोट साथ जरुर रख लें।</span></div><div><br></div><div><b>कूर्ग, कर्नाटक</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">मानसून के समय कूर्ग का घूमने का एक अलग ही मजा होता है। कर्नाटक टूरिज्म के अनुसार, बरसात के समय यहां का मौसम कॉफी के बागान हरे-भरे हो जाते हैं और धुंध से पहाड़ियों का नजारा और भी सुंदर दिखता है। सुंदर से हरे-भरे कॉफी के बगान, पहाड़ और झरने देख सकती हैं। Abbey Falls कूर्ग की सबसे खूबसूरत जगह है। आप यहां जरुर जाएं। जब आप यहां जाने का प्लान बनाएं, तो एक बार मौसम की जानकारी जरुर लें।</span></div><div><br></div><div><b>उदयपुर, राजस्थान</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">मानसून के समय आप झील, महल और सुंदर शहर देखना चाहते हैं, तो आप इस बार स्वतंत्रता दिवस की लॉन्ग छुट्टियों पर राजस्थान के उदयपुर जा सकती हैं। अगस्त में यहां की खूबसूरती देखने के लायक होती है। तीन की ट्रिप के अंदर आप सिटी पैलेस, पिछोला लेक और पुराने शहर के आसपास घूम सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>ट्रिप पर जाने से पहले इन चीजों पर ध्यान दें</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- अगस्त के समय पहाड़ों पर भारी बारिश होती है, इसलिए जाने से पहले मौसम का हाल और रास्ते जरुर चेक करें।</span></div><div><br></div><div>- ट्रेन और फ्लाइट की टिकट पहले ही बुक कर लें। इसके साथ ही होटल रुम पहले से बुक कर लें।</div><div><br></div><div>- बरसात से बचने के लिए आप वॉटरप्रूफ बैग, छाता, रेनकॉट और क्विक-ड्राय कपड़े अपने साथ ले जाएं।</div><div><br></div><div>- बरसात के समय रास्तों में फिसलन अधिक देखने को मिलती है, इसलिए अच्छी ग्रिप वाले स्पोर्ट्स या ट्रैकिंग शूज ही पहनें।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 16:29:06 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/4-must-visit-indian-destinations-for-august-long-weekend</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Vrindavan Prem Mandir जाने वाले सावधान, लापरवाही पर लगेगा Fine, जानें 3 जरूरी Rules]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/attention-visitors-to-prem-mandir-fines-imposed-for-negligence-know-these-essential-rules]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>वृंदावन का प्रेम मंदिर सिर्फ अपने आध्यात्मिक वातावरण के लिए ही नहीं बल्कि अपनी खूबसूरती के लिए भी जाना जाता है। यही वजह है कि देश-विदेश से लोग यहां पर दर्शन के लिए आते हैं। प्रेम मंदिर की खासियत इसकी वास्तुकला है। इस मंदिर की दीवारों और खंभों पर की गई बारीक नक्काशी हर किसी का ध्यान अपनी तरह खींचती है। ऐसे में अगर आप भी मंदिर दर्शन के लिए आ रही हैं, तो आपको मंदिर से जुड़े नियमों के बारे में पता होना चाहिए।</div><div><br></div><div>क्योंकि कई बार लोग जानकारी के अभाव में या फिर लापरवाही की वजह से भी लोग कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं। जिस कारण उनको जुर्माना भरना पड़ सकता है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आपको प्रेम मंदिर जाने के दौरान किन गलतियों को करने से बचना चाहिए।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/a-confluence-of-spiritual-beauty-and-cultural-heritage-nestled-in-the-lap-of-the-himalayas" target="_blank">भारत का सबसे बड़ा Tawang Monastery: हिमालय की गोद में बसी Spiritual खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत का संगम</a></h3><div><br></div><h2>जरूरी नियम</h2><div>वृंदावन में स्थित प्रेम मंदिर एक धार्मिक स्थल है। इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के नियमों और मर्यादा का पालन करना चाहिए। लेकिन अगर आप इन बातों का ध्यान नहीं रखेंगी तो मंदिर प्रबंधन के नियमों और स्थिति के हिसाब से फाइन और कार्रवाई की जा सकती है।</div><div><br></div><h2>मंदिर परिसर में न फैलाएं गंदगी</h2><div>मंदिर में दर्शन करने आने वाले हजारों भक्त मंदिर परिसर में बैठकर राम करते हैं। ऐसे में वह पैकेज, बोतल, प्लास्टिक या खाने की चीजों का कचरा आदि इधर-उधर फेंक देते हैं। वहीं कुछ लोग मंदिर की दीवारों या आसपास की जगह को गंदा करते हैं। अगर मंदिर के कर्मचारी आपको ऐसा करते हुए देखते हैं, तो आपको 500 रुपए तक जुर्माना देना पड़ सकता है।</div><div><br></div><h2>जानें क्या करें</h2><div>हमेशा कूड़ा डस्टबिन में ही डालना चाहिए। मंदिर में जगह-जगह पर आपको डस्टबिन मिलेंगे, इसलिए मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। मंदिर परिसर को साथ रखने में अपना सहयोग दें।</div><div><br></div><h2>प्रतिबंधित सामान लेकर न जाएं</h2><div>मंदिर में खाने-पीने की चीजें और नॉनवेज खाना लेकर जाने की मनाही है। मंदिर में कैमरा ले जाने के लिए भी आपको अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके लिए अलग से चार्ज लगता है। लेकिन अगर कोई इन प्रतिबंधित चीजों को छिपाकर मंदिर में ले जाता है, तो पकड़े जाने पर जुर्माना देना पड़ सकता है। वहीं नियमों की अनदेखी करने पर सामान जमा करवाने के साथ एंट्री भी रोकी जा सकती है।</div><div><br></div><h2>जानें क्या करें</h2><div>प्रेम मंदिर जाने से पहले जरूरी सामान को अपने साथ रखें। आप अपने साथ पर्स, फोन और बोतल आदि लेकर जा सकती हैं।</div><div><br></div><h2>रील बनाने पर हो सकती है कार्रवाई</h2><div>आजकल सोशल मीडिया में फोटो और वीडियो बनाने का ट्रेंड काफी बढ़ गया है। कई बार लोग धार्मिक स्थलों की अहमियत नहीं समझते हैं और ऐसी जगहों पर डांस रील शूट करने लगते हैं। ऐसे में नियमों की अनदेखी करने पर कार्रवाई हो सकती है और साथ ही फाइन भी चुकाना पड़ सकता है।</div><div><br></div><h2>जानें क्या करें</h2><div>सिर्फ अनुमति वाली जगहों पर ही फोटो और वीडियो बनाएं। नियमों का पालन करें और धार्मिक स्थलों पर डांस वाली रील आदि न बनाएं।</div><div><br></div><div>इन सभी के अलावा मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर भी आप पर कार्रवाई हो सकती है। नक्काशी को छूकर नुकसान पहुंचाना, दीवारों पर लिखना या फिर सजावट की चीजों को खराब करना इसमें शामिल है।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 15:41:17 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/attention-visitors-to-prem-mandir-fines-imposed-for-negligence-know-these-essential-rules</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[भारत का सबसे बड़ा Tawang Monastery: हिमालय की गोद में बसी Spiritual खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत का संगम]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/a-confluence-of-spiritual-beauty-and-cultural-heritage-nestled-in-the-lap-of-the-himalayas]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अरुणाचल प्रदेश में स्थित तवांग मठ देश के सबसे प्रसिद्ध बौद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित यह मठ प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। इसे “गोल्डन नामग्याल ल्हात्से” के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है “दिव्य स्वर्ग में स्थित पवित्र स्थान”।</div><div><br></div><div>तवांग मठ की स्थापना सन् 1680 में मेरक लामा लोद्रे ग्यात्सो ने की थी। यह मठ तिब्बती बौद्ध धर्म की गेलुग्पा परंपरा से जुड़ा हुआ है और दलाई लामा के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह भारत का सबसे बड़ा तथा विश्व का दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध मठ है। मठ की विशाल इमारत, रंग-बिरंगी चित्रकारी और शांत वातावरण पर्यटकों को गहरे रूप से आकर्षित करते हैं।</div><div><br></div><div>मठ के भीतर लगभग 28 फीट ऊँची भगवान बुद्ध की स्वर्णिम प्रतिमा स्थापित है, जो इसकी मुख्य विशेषताओं में से एक है। यहाँ की प्रार्थना सभाएँ, बौद्ध मंत्रों की ध्वनि और घूमते प्रार्थना चक्र पर्यटकों को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं। मठ में एक विशाल पुस्तकालय भी है, जिसमें प्राचीन बौद्ध ग्रंथ और हस्तलिखित पांडुलिपियाँ सुरक्षित रखी गई हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/top-5-ujjain-spiritual-spots-beyond-mahakal-darshan" target="_blank">Ujjain Travel Guide: सावन में बाबा महाकाल के दर्शन के साथ इन 5 Famous Places को अपनी List में करें शामिल</a></h3><div>तवांग मठ केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के कारण भी अत्यंत लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़, बादलों से घिरी घाटियाँ और ठंडी हवाएँ यहाँ आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। सर्दियों में जब पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक जाता है, तब इसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है।</div><div><br></div><div>तवांग मठ के आसपास भी कई दर्शनीय स्थल स्थित हैं। इनमें सबसे प्रमुख है सेला दर्रा, जो तवांग का प्रवेश द्वार माना जाता है। लगभग 13,700 फीट की ऊँचाई पर स्थित यह दर्रा अपनी प्राकृतिक झीलों और बर्फीले दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ का सेला झील पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है।</div><div><br></div><div>इसके अतिरिक्त माधुरी झील भी अत्यंत सुंदर स्थल है। यह झील चारों ओर पहाड़ियों और देवदार के वृक्षों से घिरी हुई है। कहा जाता है कि हिन्दी फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित की एक फिल्म की शूटिंग यहाँ हुई थी, जिसके बाद इस झील का नाम माधुरी झील पड़ गया।</div><div><br></div><div>इतिहास में रुचि रखने वाले पर्यटक तवांग युद्ध स्मारक भी देख सकते हैं। यह स्मारक 1962 के भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की स्मृति में बनाया गया है। यहाँ प्रतिदिन होने वाला लाइट एंड साउंड शो देशभक्ति की भावना से भर देता है।</div><div><br></div><div>तवांग आने का सबसे अच्छा समय मार्च से अक्टूबर के बीच माना जाता है, जब मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है। हालांकि, जो पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेना चाहते हैं, वे दिसंबर और जनवरी में भी यहाँ आ सकते हैं। यहाँ पहुँचने के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा तेजपुर और रेलवे स्टेशन असम में स्थित हैं, जहाँ से सड़क मार्ग द्वारा तवांग पहुँचा जा सकता है।</div><div><br></div><div>तवांग मठ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम है। यहाँ की शांत वादियाँ, बौद्ध संस्कृति और हिमालय की भव्यता हर पर्यटक के मन में अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ जाती हैं। जो भी व्यक्ति जीवन में शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करना चाहता है, उसके लिए तवांग मठ एक आदर्श पर्यटन स्थल है।</div><div><br></div><div>-प्रीटी</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 16:50:24 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/a-confluence-of-spiritual-beauty-and-cultural-heritage-nestled-in-the-lap-of-the-himalayas</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Ujjain Travel Guide: सावन में बाबा महाकाल के दर्शन के साथ इन 5 Famous Places को अपनी List में करें शामिल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/top-5-ujjain-spiritual-spots-beyond-mahakal-darshan]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>सावन का विशेष महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान भक्तजन भगवान शिव के मंदिरों के दर्शन करने जाते हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर उज्जैन के दर्शन के लिए मध्य प्रदेश जरुर आते हैं।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, उज्जैन की यात्रा न केवल महाकाल मंदिर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस शहर के कोने-कोने में अध्यात्म, पौराणिक कथाएं और अद्भुत वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। अगर आप भी उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो महाकाल दर्शन के अलावा बाद आप इन 5 प्रमुख स्थलों का भी भ्रमण करती है।</span></div><div><br></div><div><b>महांकाल मंदिर के आसपास घूमने की 5 जगह&nbsp;</b></div><div><b style="font-size: 1rem;">मंगलनाथ मंदिर</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप उज्जैन महाकाल मंदिर जा रहे हैं, तो शिप्रा नदी के किनारे पहाड़ी पर स्थित मंगलनाथ मंदिर भी जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र स्थान को मंगल ग्रह (मंगल देव) का जन्मस्थान माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष या मांगलिक दोष होता है, वे यहां जरुर आएं और विशेष भात पूजा व शांति अनुष्ठान पूजा करवाएं। यदि आप महाकाल मंदिर से ऑटो या कैब बुक कर इस मंदिर तक जा सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">उज्जैन शहर से थोड़ी दूरी पर स्थित चिंतामन गणेश मंदिर सबसे लोकप्रिय और प्राचीन है। माना जाता है कि यहां श्रद्धापूर्वक दर्शन करने से भक्तों की सभी चिंताएं दूर हो जाती है और मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। अगर आप नए काम की शुरुआत या गाड़ी खरीदने पर लोग सबसे पहले यहां आशीर्वाद लेने जरुर आएं। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले महाकाल मंदिर से लोकल ई-रिक्शा मिल जाएगा।</span></div><div><br></div><div><b>ऐतिहासिक गोमती कुंड</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप उज्जैन जा रहे हैं, तो महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर स्थित गोमती कुंड एक प्राचीन जलकुंड है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, अपने गुरु की सेवा और उनकी इच्छा पूरी करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने सभी पवित्र नदियों के जल को यहां एकत्रित किया था। वैसे आज भी इस कुंड का पानी पवित्र माना जाता है। यहां पर जाने के लिए आप रिक्शा लेकर जा सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>इस्कॉन मंदिर</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">उज्जैन का इस्कॉन मंदिर घूमने के लिए एकदम परफेक्ट है। ऐसे में आप महाकाल दर्शन के बाद यहां जरुर जा सकती हैं। संगमरमर के पत्थरों से बने इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी विराजमान हैं। यहां का शांत वातावरण, हरी-भरी वाटिका और शाम की आरती में होने वाला कीर्तन भक्ति में डूबो देता है। आप महाकाल मंदिर से सीधा कैब करके यहां पहुंच सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>भव्य चार धाम मंदिर</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">उज्जैन के महाकाल मंदिर मार्ग के नजदीक स्थित चार धाम मंदिर एक अनोखा और सुंदर धार्मिक स्थल है। इस मंदिर की स्थापना इसलिए की गई थी कि जो लोग देश के चार मुख्य धामों की यात्रा नहीं कर पाए, वे एक ही स्थान पर चारों धाम के दर्शन कर सकें। आपको इस मंदिर में बद्रीनाख, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। यहां पर वैष्णो देवी के जैसी गुफा भी स्थित है।</span></div><div><br></div><div><b>कैसे पहुंचे उज्जैन?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">उज्जैन जाने के लिए आप किसी भी रेलवे स्टेशन से उज्जैन जंक्शन तक की टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, आप हवाई जहाज से भी जा सकते हैं, तो उज्जैन के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतर्राष्टीय हवाई अड्डा है। जब आप इंदौर-उज्जैन पहुंच जाएंगे, तो वहां से बस या कैब को बुक कर सकते हैं।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 12:06:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/top-5-ujjain-spiritual-spots-beyond-mahakal-darshan</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: पहले ज्योतिर्लिंग की भव्यता का अनुभव, जानें Diu Airport और Veraval से पहुंचने का रास्ता]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/experience-grandeur-of-first-jyotirlinga-learn-how-to-reach-from-diu-airport-and-veraval]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>सावन में भगवान शिव के दर्शन के लिए इस बार अगर आप भी गुजरात के सोमनाथ मंदिर जाने का सोच रही हैं। तो आपको मंदिर से जुड़ी जानकारी पता होनी चाहिए। भगवान शिव को समर्पित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर अपने शांत वातावरण, भव्य वास्तुकला और समुद्र किनारे स्थित होने की वजह से देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको सोमनाथ मंदिर में दर्शन से जुड़े नियमों के बारे में और यहां तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी देने जा रहे हैं।</div><div><br></div><h2>ऐसे जाएं गुजरात के सोमनाथ मंदिर</h2><div>सोमनाथ मंदिर पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन वेरावल या सोमनाथ है। इस दौरान आप दीव एयरपोर्ट से भी दर्शन के लिए आ सकती हैं। सोमनाथ मंदिर तक जाने के लिए भारत के करीब सभी बड़े शहरों से सीधी ट्रेन और फ्लाइट मिल जाती है। लेकिन अगर बजट में यहां आना चाहती हैं, तो ट्रेन से आना चाहिए। गुजरात राज्य के सोमनाथ जिले में वेरावल स्टेशन है। यहां से मंदिर की दूरी करीब 6 से 7 किमी है। दीव एयरपोर्ट से मंदिर की दूरी करीब 82 किमी है। यहां तक पहुंचने में आपको 1 घंटे का समय लग जाएगा।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/enjoy-beautiful-valleys-of-ladakh-in-august-check-out-booking-details-and-total-cost" target="_blank">Travel Tips: अगस्त में लद्दाख की हसीन वादियों का उठाएं लुत्फ, जानें Booking Details और Full Cost</a></h3><div><br></div><h2>मंदिर के दर्शन से जुड़े जरूरी नियम</h2><div>सोमनाथ मंदिर में कैमरा, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर जाने की अनुमति नहीं है।</div><div><br></div><div>एंट्री गेट के पास ही आपको क्लॉक रूम मिलेगा, यहां पर सामान जमा करवाना होगा।</div><div><br></div><div>मंदिर में प्रवेश से पहले सिक्योरिटी जांच कराना जरूरी है।</div><div><br></div><div>मंदिर दर्शन के लिए मर्यादित कपड़े पहनकर जाने पर ही एंट्री मिलेगी।</div><div><br></div><div>दर्शन के लिए आपको लंबी लाइन में लगना पड़ सकता है।</div><div><br></div><div>मंदिर परिसर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की इजाजत नहीं है। वहीं नियम फॉलो न करने पर आप पर फाइन लग सकता है।</div><div><br></div><div>आरती के दौरान भक्तों की संख्या ज्यादा होती है। इसलिए समय से पहले पहुंचें।</div><div><br></div><h2>सोमनाथ मंदिर में दर्शन का समय</h2><div>सोमनाथ मंदिर की ऑफिशियल वेबसाइट https://somnath.org/ के मुताबिक मंदिर रोजाना सुबह 06:00 बजे से लेकर रात को 10:00 बजे तक खुला रहता है। मंदिर में रोजाना 3 बार आरती होती है। ऐसे में आप अपने हिसाब से दर्शन का समय प्लान कर सकती हैं। जिससे कि आपको आरती में शामिल होने का मौका मिल जाए।</div><div><br></div><div>मंगला आरती का समय - सुबह 7:00 बजे</div><div>राजभोग आरती का समय - दोपहर 12:00 बजे</div><div>संध्या आरती का समय - शाम 7:00 बजे</div><div><br></div><div>मंदिर में शाम को लाइट एंड शो भी होता है। रात को 08:00 बजे से 09:00 बजे तक इस शो का आयोजन होता है। हालांकि मौसम के हिसाब से इसका समय बदल सकता है। सोमनाथ मंदिर दर्शन के लिए गुजरात गए लोग अगले दिन भालका तीर्थ, गीता मंदिर, त्रिवेणी संगम, बाण स्तंभ और प्रभास पाटन संग्रहालय भी घूम सकते हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:49:01 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/experience-grandeur-of-first-jyotirlinga-learn-how-to-reach-from-diu-airport-and-veraval</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: अगस्त में लद्दाख की हसीन वादियों का उठाएं लुत्फ, जानें Booking Details और Full Cost]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/enjoy-beautiful-valleys-of-ladakh-in-august-check-out-booking-details-and-total-cost]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>क्या आप भी रोजमर्रा की भागदौड़ से थक गए हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं। जहां पर आसमान सीधे जमीन से मिलता है। ऐसा सुकून मिले, जो आपकी सारी थकान को मिटा दे। नीली झीलें, सुकून भरी ठंडी हवाएं और ऊंचे-ऊंचे पहाड़। दरअसल, हम लद्दाख की बात कर रहे हैं, जो हर घुमक्कड़ की बकेट लिस्ट का अल्टीमेट सपना है। अगर आप भी इस दुनिया को अपनी आंखों से देखने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है।</div><div><br></div><div>बता दें कि IRCTC ने आपकी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए बेहद खास टूर पैकेज पेश किया है, जिसका नाम 'लेह विद तुरतक' है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस ट्रिप की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/kinnaur-kailash-yatra-2026-delhi-to-kinnaur-guide" target="_blank">किन्नौर कैलाश यात्रा का हुआ आगाज: Registration से लेकर Trekking तक, Delhi से जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरी Travel Guide</a></h3><div><br></div><h2>टूर पैकेज की डिटेल्स</h2><div>यह टूर पैकेज 6 रात और 7 दिन का है जोकि 'कम्फर्ट' क्लास का फिक्स्ड डिपार्चर फ्लाइट पैकेज है। इसकी शुरूआत हैदराबाद से होगी।</div><div><br></div><div>यह ट्रिप 13 अगस्त 2026 को शुरू होगा।</div><div><br></div><div>इस सफर में पर्यटक लद्दाख की सबसे खूबसूरत और फेमस जगहों को एक्सप्लोर कर सकेंगे।</div><div><br></div><h2>कहां-कहां घूमेंगे यात्री</h2><div>पहले दिन लेह पहुंचकर यात्री आराम करेंगे। जिससे कि वहां के मौसम में ढल सकें। शाम को लोकल मार्केट को एक्सप्लोर करेंगे और अगले दिन लेह पैलेस, शांति स्तूप और भारतीय सेना को समर्पित 'हॉल ऑफ फेम' दिखाया जाएगा।</div><div><br></div><h2>शाम वैली</h2><div>यहां पर यात्रियों को गुरुद्वारा पत्थर साहिब के दर्शन होंगे और आप 'मैग्नेटिक हिल' के उस रहस्यमयी खिंचाव को स्वयं महसूस कर सकेंगे।</div><div><br></div><h2>नुब्रा वैली</h2><div>यात्रा के तीसरे दिन आपको दीक्षित और हुंडर गांव ले जाया जाएगा। यहां आप अपने खर्च पर ऊंट की सवारी का लुत्फ ले सकते हैं।</div><div><br></div><h2>तुरतुक</h2><div>वहीं यात्रा के चौथे दिन भारत के सबसे उत्तरी कोने में बसे तुरतुक गांव को एक्सप्लोर करेंगे। यहां की लाइफस्टाइल और संस्कृति बेहद अनोखी है।</div><div><br></div><h2>पैंगोंग झील</h2><div>वहीं यात्रा के 5वें दिन 120 किमी लंबी, खारे पानी की उस अद्भुत पैंगोंग झील को देखेंगे। यह झील फिल्म '3 इडियट्स' के बाद से टूरिस्ट्स की पहली पसंद बन गई है। यह झील भारत और चीन दोनों देशों में फैली है।</div><div><br></div><h2>वापसी का सफर</h2><div>पैंगोंग से लेग वापस आते समय रास्ते में थिकसे मॉनेस्ट्री, चांगला पास और शे पैलेस के नजारे भी देखने को मिलेंगे।</div><div><br></div><h2>पैकेज में क्या-क्या मिलेगा</h2><div>हैदराबाद से लेह तक आने-जाने की फ्लाइट की टिकट है।</div><div><br></div><div>स्टे का पूरा इंतजाम है, लेह में 3 रातें, 2 रातें नुब्रा और 1 रात पैंगोंग में स्टे होगा।</div><div><br></div><div>इस पूरे ट्रिप में 6 बार सुबह का नाश्ता, 6 बार दोपहर का खाना और 6 बार रात का डिनर होगा।</div><div><br></div><div>घूमने-फिरने के लिए शेयरिंग वाली नॉन-एसी गाड़ी की सुविधा मिलेगी।</div><div><br></div><div>जरूरी इनर लाइन परमिट, ट्रैवल इंश्योरेंस और स्मारकों की टिकट उपलब्ध होंगे।</div><div><br></div><div>दूसरे दिन से लेकर छठे दिन तक टूर गाइड और एक खास कल्चरल शो देखने को मिलेगा।</div><div><br></div><div>हर व्यक्ति को हर दिन एक लीटर पानी की बोतल मिलेगी।</div><div><br></div><div>इमरजेंसी के लिए गाड़ी में ऑक्सीजन सिलेंडर और सफर में सहायता के लिए IRCTC टूर मैनेजर होंगे।</div><div><br></div><h2>कितना आएगा खर्च</h2><div>अगर आप अकेले सफर पर जाने हैं, तो आपको 55,640 रुपए देने होंगे। वहीं दोनों लोगों के यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति किराया 54,380 रुपए देने होंगे। वहीं तीन लोगों संग यात्रा करने पर 48,730 रुपए देने होंगे। अगर आपके साथ 5 से 11 साल का बच्चा है, तो बेड के साथ 36,970 रुपए देने होंगे। लेकिन बच्चों के साथ बिना बेड के 35,780 रुपए देने होंगे। वहीं ट्रिप पर 2 से 4 साल के बच्चे का किराया 35,720 रुपए है।</div><div><br></div><h2>इन बातों का रखें ध्यान</h2><div>ज्यादा ऊंचाई और कम ऑक्सीजन के कारण 'एक्यूट माउंटेन सिकनेस' की समस्या हो सकती है। इसलिए लेह पहुंचने का पहला दिन पूरी तरह से आराम के लिए रखा जाता है।</div><div><br></div><div>यात्रा से निकलने से पहले आप डॉक्टर से पूछकर कुछ दवाओं को अपने साथ रखें।</div><div><br></div><div>शरीर को हाइड्रेटेड रखें, इसके लिए समय-समय पर इलेक्ट्रोलाइट्स, ग्लूकोज और पानी आदि पीते रहें। वहीं इस दौरान ज्यादा खाना, शराब और एंटी डिप्रेसेंट दवाओं को लेने से बचना चाहिए।</div><div><br></div><div>नुब्रा और पैंगोंग के टेंट/कैंप्स लाइट सिर्फ कुछ घंटों के लिए आती है। सुबह नहाने के लिए सोलर या बाल्टी में गर्म पानी मिलता है।</div><div><br></div><div>पैंगोंग में वाई-फाई, एटीएम, मोबाइल नेटवर्क, बैंक या पेट्रोल पंप की सुविधा नहीं है। इसलिए अपने साथ जरूरी दवाएं और कैश लेकर आएं। अगर आप ट्रिपल शेयरिंग का रूम लेते हैं, तो तीसरे व्यक्ति के लिए सिर्फ एक एक्स्ट्रा गद्दा दिया जाएगा।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 15:40:43 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/enjoy-beautiful-valleys-of-ladakh-in-august-check-out-booking-details-and-total-cost</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[किन्नौर कैलाश यात्रा का हुआ आगाज: Registration से लेकर Trekking तक, Delhi से जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरी Travel Guide]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/kinnaur-kailash-yatra-2026-delhi-to-kinnaur-guide]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>सावन का महीना शुरु हो चुका है। ऐसे में शिव भक्त अलग-अलग तीर्थस्थल पर जाने का प्लान करते हैं। इन्हीं में से एक है किन्नौर कैलाश यात्रा। यहां पर जाने का हर किसी का सपना होता है। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध किन्नौर कैलाश यात्रा है, जहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">वैसे यहां पर पहुंचने के लिए कठिन ट्रेक से गुजरना पड़ता है। यदि आप इस बार किन्नौर कैलाश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले इस बारे में सभी जानकारी जान लें।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">बता दें कि, इस साल 30 जुलाई से किन्नौर कैलाश यात्रा शुरु हो चुकी है, जो कि 10 अगस्त तक चलने वाली है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनमुति नहीं दी जाएगी। यद आप दिल्ली से यहा पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार यह ट्रैवल गाइड को जरुर देंख लें।</span></div><div><br></div><div><b>किन्नौर कैलाश यात्रा क्यों है खास?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">आपको बताते चलें कि, हिमाचल प्रदेस के किन्नौर जिले में स्थित किन्नौर कैलाश भगवान शिव का पवित्र धाम है। यहां पर मौजूद प्राकृतिक शिवलिंग जैसी विशाल चट्टान श्रद्धालुओं के लिए आस्था केंद्र हैं। हर साल सावन में हजारों यहां पर हजारों भक्तजन आते हैं। आपको बता दें कि, यह ट्रेक आसान नहीं है, इसलिए बेहद जरुरी है फिजिकली फिट होना।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>दिल्ली से कैसे जाएं?</b></div><div><br></div><div><b>पहला स्टेज- दिल्ली से शिमला</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बता दें कि, दिल्ली से शिमला की दूरी करीब 340-360 किलोमीटर है। इधर से आप बस से भी जा सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>दूसरा स्टेज- शिमला से रिकांग पियो</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">जब आप शिमला पहुंच जाएंगे, तो रिकांग पियो जाना होगा। जिसकी दूरी करबी 220 किलोमीटर है। यहां से आपको हिमाचल रोडवेज और प्राइवेट बसें दोनों ही मिल जाएंगी। चाहे आप टैक्सी से भी जा सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>तीसरा स्टेज- रिकांग पियो से टांगलिंग गांव</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">टांगलिंग गांव ही यात्रा का बेस कैंप माना जाता है। बता दें कि, यहीं से किन्नौर कैलाश ट्रेक शुरु होता है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><span style="font-size: 1rem;"><b>कितना कठिन ट्रैक है?</b></span></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, किन्नौर कैलाश ट्रेक की गिनती सबसे कठिन ट्रेक में से एक है। ट्रेकिंग की शुरुआत टांगलिंग गांव से होती है। रास्ते में मिलिंग खाटा और पार्वती कुंड जैसे कहई पड़ाव आते हैं। फिर यहां पर भक्तजन पहुंचते हैं। बता दें कि, यहां की ऊंचाई बहुत ज्यादा है, जिस कारण से सांस फूलना और थकान महसूस होना आम बात है। इसलिए जल्दबाजी करने की बजाय धीरे-धीरे चढ़ाई करें।</span></div><div><br></div><div><b>सबसे जरुरी रजिस्ट्रेशन कराना</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- आप बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा नहीं कर सकते हैं।</span></div><div><br></div><div>- मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट मैंडेटरी है।</div><div><br></div><div>- प्रत्येक दिन 375 श्रद्धालुओं को ही जाने की अनुमति मिलेगी।</div><div><br></div><div>- आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से आप रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।&nbsp;</div><div><br></div><div><b>यात्रा में क्या-क्या साथ रखें?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- अपने साथ रेनकोट या पोंचो रखें</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- मौसम बदलता रहता है इसलिए वुलेन जैकेट रखें।</div><div><br></div><div>&nbsp;- अच्छी ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज पहनें।</div><div><br></div><div>- टॉर्च अपने साथ रखें।</div><div><br></div><div>&nbsp;- पानी की बॉटल, जरुरी दवाइयां।</div><div><br></div><div>&nbsp;- ट्रेकिंग स्टिक&nbsp;</div><div><br></div><div>&nbsp;- इसके साथ ही खाने के लिए स्नैक्स अपने साथ रखें।</div><div><br></div><div><b>यात्रा के समय किन बातों का ध्यान रखें</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- भूलकर भी शॉर्टकट रास्ते पर न जाए।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- अकेले ट्रेक करने से बचें।</div><div><br></div><div>&nbsp;- प्लास्टिक और कचरा को रास्ते में न फेंके।</div><div><br></div><div>- यदि मौसम खराब है, तो आगे बढ़ने की कोशिश न करें।</div><div><br></div><div>- प्रशासन और लोकल गाइड के निर्देशों का पालन करें।</div><div><br></div><div>- अगर आपको ट्रेकिंग के दौरान कोई परेशानी महसूस हो तो तुरंत आराम करें।</div><div><br></div><div><b>कितने दिन का प्लान बनाएं?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">-पहला दिन: दिल्ली से शिमला</span></div><div>- दूसरा दिन: शिमला से रिकांग पियो</div><div>- तीसरा दिन- टांगलिंग पहुंचकर ट्रेक की शुरुआत होगी</div><div>- चौथा दिन- किन्नौर कैलाश दर्शन और वापसी&nbsp;</div><div>- पांचवां दिन: रिकांग पियो से दिल्ली की वापसी</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 11:53:55 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/kinnaur-kailash-yatra-2026-delhi-to-kinnaur-guide</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Offbeat Destinations for Monsoon: भीड़भाड़ से दूर सुकून की तलाश? Meghalaya और Arunachal के इन गांवों में लें आनंद]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/best-monsoon-village-destinations-in-north-east-india]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>आजकल युवाओं में घूमने-फिरने का चलन काफी बढ़ गया है। लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर किसी शांत प्लेस को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं। मानसून के समय हर कोई हरियाली से भरपूर, बादल, झरने और सुकून हो वाली जगहों पर घूमने का प्लान बनाते हैं। इस बार आप बरसात के समय भारत के कुछ खूबसूरत गांव को एक्सप्लोर कर सकते हैं।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">इस मौसम में यहां पर पहाड़ हरे रंग को हे जाते हैं, बादल घरों के बीच से गुजरने नजर आते हैं और हर तरफ आपको ताजगी का माहौल देखने को मिलता है। इस बार आप भी इन जगहों का आनंद जरुर लें। चलिए आपको इस लेख में बताते हैं मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग, नागालैंड का खोनोमा और अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली आपके लिए सबसे बेहतरीन रहने वाली है। आइए आपको बताते हैं इन तीन गांवों में ऐसा क्या खास है,जो आपको मानसून के समय जरुर विजिट करना चाहिए।</span></div><div><br></div><div><b>मावल्यान्नॉन्ग (मेघालय)</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">आपको बताते चलें कि मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग गांव अपनी साफ-सफाई के लिए दुनियाभर में काफी फेमस है। इसकी गिनती एशिया के सबसे साफ गांव में मानी जाती है। यहां पर रहने वाले सभी लोग इस गांव को हमेशा साफ रखते हैं। बरसात के मौसम में चारों तरफ हरियाली छा जाती है। पेड़-पौधे, फूल और बारिश से धुले रास्ते गांव की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। यहां आप इन जगहों पर विजिट कर सकते हैं-</span></div><div><br></div><div>- लिविंग रुट ब्रिज</div><div><br></div><div>- बांस से बना स्काई व्यू पॉइंट</div><div><br></div><div>- छोटे-छोटे झरने&nbsp;</div><div><br></div><div>- खासी गांव की लाइफस्टाइल</div><div><br></div><div><b>खोनोमा (नागालैंड)</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप नेचर लवर हैं, नागालैंड के खोनोमा गांव में जरुर विजिट करें। यहां की नेचुरल ब्यूटी और पर्यावरण संरक्षण बेहद लोकप्रिय है। बता दें कि, इसे भारत के पहले ग्रीन विलेज में गिना जाता है। बरसात के समय यहां पर सीढ़ीदार वाली खेती, पहाड़ और जंगल के काफी खूबसूरत नजर आते हैं। बादलों से घिरे पहाड़ भी इस गांव की खूबसूरती को बढ़ा देते हैं। यहां पर इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।</span></div><div><br></div><div>- गांव में पैदल वॉक करना</div><div><br></div><div>- सीढ़ीदार खेत देखना</div><div><br></div><div>- लोकर नागा कल्चर को करीब से देख सकते हैं</div><div><br></div><div>- नेचर वॉक और बर्ड वॉचिंग&nbsp;</div><div><br></div><div><b>जीरो (अरुणाचल प्रदेश)</b></div><div><br></div><div>मानसून के समय अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली में घूमने का प्लान जरुर बनाएं। यह जगह अपनी नेचुरल ब्यूटी और अपतानी जनजाति की अनोखी कल्चर के लिए जानी जाती है। इधर मानसून के समय काफी खूबसरत लगता है। बरसात के समय धान के खेत, पहाड़ और हल्का कोहरा मिलकर ऐसा नजारा बनाते हैं, जिसे देखकर मन एकदम खुश ही हो जाती है। यहां आप क्या-क्या कर सकती हैं-</div><div><br></div><div>- हरे-भरे धान के खेतों को देख सकती हैं</div><div><br></div><div>- अपतानी जनजाति के पारंपरिक गांव को एक्सप्लोर कर सकती है</div><div><br></div><div>- खूबसूरती पहाड़ी रास्ते</div><div><br></div><div>&nbsp;- यहां लोकल बाजार और खाने का जायका लेना</div><div><br></div><div><b>मानसून के समय इन गांव में यात्रा करने से पहले जानें जरुरी बातें</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- बरसात से बचने के लिए रेनकोट और बढ़िया क्वालिटी की छतरी साथ रखें।</span></div><div><br></div><div>- इस दौरान फिसलन ज्यादा हो सकती है, इसलिए मजबूत ग्रिप वाले शूज ही पहनें।</div><div><br></div><div>&nbsp;- मौसम का अपडेट देखकर ही ट्रिप प्लान करें।</div><div><br></div><div>&nbsp;- वहां के नियमों का पालन जरुर करें।</div><div><br></div><div>- दरअसल, पहाड़ी इलाकों में शाम जल्दी हो जाती है, इसलिए समय का भी ध्यान जरुर रखें।</div><div><br></div><div>- प्लास्टिक या कचरा कहीं भी ने फेंकें, ताकि इन गांवों के सुंदरता बनीं रहे।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 16:52:37 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/best-monsoon-village-destinations-in-north-east-india</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Sikkim Travel Guide: मॉनसून में IRCTC का बड़ा तोहफा, मात्र ₹18,610 में सिक्किम और Darjeeling की सैर का मौका]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/analysis-of-irctc-sikkim-tour-package-costs]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>क्या आप भी अगस्त में घूमने का प्लान बना रहे हैं। बरसात के मौसम में घूमने का एक अलग ही मजा होता। चारों तरफ हरियाली और सुकून भरा मौसम होता है। इस बीच, भारतीय रेलवे ने अगस्त 2026 के कई टूर पैकेज को लाइव किया है। इन पैकेज की सबसे बड़ी खासियत यह ही कि इनमें भारत के फेमस हिल स्टेशन, प्राकृतिक पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक विरासत से संबंधित कई जगहों पर घूमने का अवसर प्राप्त होगा।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">मानसून के दौरान शिमला, मनाली, दार्जिलिंग, ऊटी, मुन्नार और नैनीताल जैसी जगहों पर भी इन पैकेज के जरिए मस्त घूमा जा सकता है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं मानसून के समय घूमने का शानदार पैकेज।</span></div><div><br></div><div><b>IRCTC के अगस्त टूर पैकेज से सिक्किम जाएं घूमने</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बारिश के मौसम में सिक्किम का नजारा देखने लायक होता है। अगस्त के महीने में यदि आप भी सुंदर पहाड़ी और बदलों के बीच खोना चाहते हैं, तो आप सिक्किम टूर पैकेज जरुर बुक करें। यहां के खूबसूरत झरने, हरे-भरे पहाड़ और करीब से उड़ते हुए बादल आपको देखने को मिल जाएंगे। वैसे यह जगह प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है, इसके साथ ही यहां पर शांति काफी देखने को मिलती है।</span></div><div><br></div><div><b>पैकेज की डिटेल्स</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- पैकेज का नाम SIKKIM SILVER</span></div><div>- पैकेज कोड: EHH121</div><div>- समय: 5 रातें/6 दिन</div><div>- पैकेज की शुरुआत: बागडोगरा / न्यू जलपाईगुड़ी</div><div>- डेस्टिनेशन (घूमने की जगहें): दार्जिलिंग / गंगटोक / कलिम्पोंग&nbsp;</div><div>- पैकेज की शुरुआत: 03 अगस्त 2026</div><div>- यात्रा कैसे होगी? बस</div><div><br></div><div><b>सिक्किम टूर पैकेज फीस क्या है?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि सिक्किम में गाड़ियों का किराया काफी ज्यादा होता है, ऐसे में आप पैकेज से जाएंगी ,तो आपको काफी फायदा मिलेगा। इस पैकेज में आपको 5 रातें/6 दिन के लिए होटल, घूमना-खाना और इंश्योरेंस जैसी तमाम सुविधाएं इसमें शामिल है। वैसे आप अलग बुक करेंगी तो आपको काफी महंगा पड़ सकता है।</span></div><div><br></div><div><b>पैकेज फीस</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति फीस ₹29,350 है।</span></div><div><br></div><div>- 3 लोगों के साथ यात्रा करने पर पैकेज फीस प्रति व्यक्ति ₹22,700 है।</div><div><br></div><div>- 4 लोगों का ग्रुप: ₹22,500 प्रति व्यक्ति</div><div><br></div><div>- 6 लोगों का ग्रुप: ₹18,610 प्रति व्यक्ति</div><div><br></div><div><b>Deluxe कैटेगरी</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर ₹37,350 प्रति व्यक्ति फीस होगी।</span></div><div><br></div><div>- 3 लोगों के साथ यात्रा करने पर ₹28,700 प्रति व्यक्ति फीस देनी होगी।</div><div><br></div><div>- 4 लोगों का ग्रुप: ₹30,500 प्रति व्यक्ति</div><div><br></div><div>-6 लोगों का ग्रुप: ₹26,610 प्रति व्यक्ति</div><div><br></div><div><b>सिक्किम पैकेज में क्या सुविधाएं मिल रही हैं?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, पिक-सीजन के मुकाबले प्रति व्यक्ति 8000 से 10,000 रुपये की सीधी बचत देखने को मिलेगी। इसके अतिरिक्त कई जगहों के लिए परमिट बनवाना पड़ता है। इस पैकेज को बुक करने से ट्रांसपोर्ट और होटल का मैनेजमेंट टूर कंपनी करती है। इसलिए आपका समय और मेहनत दोनों ही बच जाएंगे।</span></div><div><br></div><div>- होटल प्रति व्यक्ति के अनुसार है।</div><div><br></div><div>- जहां भी आप इस पैकेज में घूमने जाएंगे, वहां आप शेयरिंग वाहन से जाएंगे।</div><div><br></div><div>- नाश्ता और रात का भोजन शामिल है।</div><div><br></div><div>- इस पैकेज में आपको यात्रा बीमा भी मिलेगा।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 17:17:37 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/analysis-of-irctc-sikkim-tour-package-costs</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: मानसून में Landslide का खतरा? सुरक्षित सफर के लिए बेस्ट हैं ये 4 Hill Stations, पढ़ें Travel Tips]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/landslide-threat-during-monsoon-these-hill-stations-best-for-safe-journey-read-our-travel-tips]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>देश के ज्यादातर राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दी है। कई जगहों पर बारिश से मौसम बेहद सुहावना हो गया है। तो कहीं बादल आफत बनकर बरसते हैं, तो कई पहाड़ी इलाकों पर लैंडस्लाइड, सड़कें बंद होने की समस्याएं देखने को मिल रही है। ऐसे में अगर आप भी इन जगहों पर घूमने की प्लानिंग कर रहे थे, तो इस यात्रा को टालना बेहतर होगा। लेकिन अच्छी बात यह है कि आपको अपनी छुट्टियां पूरी तरह से कैंसिल करने की जरूरत नहीं है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 4 ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं कि मानसून के दौरान आप इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। वहीं यह जगहें सेफ भी हैं और आपकी ट्रिप भी यादगार बनेगी।</div><div><br></div><h2>शिमला</h2><div>मॉनसून में घूमने के लिए शिमला अच्छी जगह है। पहाड़ों की रानी कहलाने वाला शिमला मॉनसून के दौरान बेहद खूबसूरत नजर आता है। यहां पर आप जाखू मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। चाय के साथ पहाड़ों पर तैरते बादलों और मनमोहक नजारों का आनंद ले सकते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/plan-trip-to-these-hill-stations-in-tamil-nadu-during-monsoon-season-it-remember-forever" target="_blank">Travel Tips: मानसून सीजन में बना लें तमिलनाडु के इन 5 हिल स्टेशंस का प्लान, हमेशा कि लिए यादगार बन जाएगी ट्रिप</a></h3><div><br></div><h2>कूनूर</h2><div>मॉनसून में आप तमिलनाडु में स्थित कुनूर भी घूमने के लिए जा सकते हैं। यह एक बेहद खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन है। यहां पर हरे-भरे चाय के बागान और भी अधिक खूबसूरत दिखते हैं। यहां पर सिम्स पार्क एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसके अलावा आप लैम्ब्स रॉक और डॉल्फिन्स नोज जैसे शानदार नजारों का आनंद ले सकते हैं। वहीं आप फेमस नीलगिरि रेलवे की सवारी का मजा ले सकती हैं। अगर आप भी फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है।</div><div><br></div><h2>माउंट आबू</h2><div>बारिश के मौसम में आप माउंट आबू भी घूमने जा सकते हैं। यह राजस्थान का ऐसा हिल स्टेशन है, जो बारिश के मौसम में हरियाली से खिल उठता है और इसकी खूबसूरती भी देखने लायक होती है। ऐसे में अगर आप भी किसी ऐसी जगह घूमने जाना चाहते हैं, जहां पर लैंडस्लाइड न हो। तो यह एक परफेक्ट जगह है।</div><div><br></div><h2>सापुतारा</h2><div>मॉनसून में शांति का अनुभव करने के लिए आप गुजरात के सापुतारा हिल स्टेशन को एक्सप्लोर कर सकते हैं। बारिश के मौसम में इस हिल स्टेशन की खूबसूरती दोगुनी हो जाती है। वहीं यहां की हरियाली और झरनों की खूबसूरती आपका दिल जीत लेगी। सातपुरी झील में आप बोटिंग भी कर सकते हैं। वहीं रोपवे की सवारी कर शानदार दृश्य देख सकते हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 16:08:25 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/landslide-threat-during-monsoon-these-hill-stations-best-for-safe-journey-read-our-travel-tips</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: मानसून सीजन में बना लें तमिलनाडु के इन 5 हिल स्टेशंस का प्लान, हमेशा कि लिए यादगार बन जाएगी ट्रिप]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/plan-trip-to-these-hill-stations-in-tamil-nadu-during-monsoon-season-it-remember-forever]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>तमिलनाडु का नाम सुनकर अक्सर लोगों के मन में एक ऐसे राज्य की तस्वीर उभर आती है। जो अपने गर्म मौसम के लिए जाना जाता है। लेकिन प्रकृति ने इस राज्य को कई खूबसूरत हिल स्टेशंस से नवाजा है। जो आपको सुकून और शांति का एहसास कराते हैं। ऐसे में अगर आप भी तमिलनाडु घूमने का प्लान कर रहे है, तो आपको यहां के कुछ फेमस हिल स्टेशंस को एक्सप्लोर करना चाहिए।</div><div><br></div><h2>ऊटी</h2><div>तमिलनाडु में मानसून के दौरान घूमने के लिए 'क्वीन ऑफ हिल्स' के नाम से फेमस ऊटी जा सकते हैं। नीलगिरि पहाड़ियों पर बसा यह हिल स्टेशन पहाड़ों, चाय के बागानों और खूबसूरत झीलों के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले पर्यटक नीलगिरि माउंटेन रेलवे की सवारी का भी मजा ले सकते हैं। इसके अलावा आप ऊटी झील में नाव की सवारी का लुत्फ उठा सकते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/adventure-awaits-in-the-dark-passages-of-mawsmai-cave" target="_blank">Nature का बेजोड़ नमूना: Meghalaya की Mawsmai Cave में देखें लाखों साल पुरानी अद्भुत Limestone संरचनाएं</a></h3><div><br></div><h2>कोडाइकनाल</h2><div>मानसून में आप कोडाइकनाल के घने जंगलों, खूबसूरत झरनों और बादलों से ढकी घाटियों को देख सकते हैं। इन शानदार नजारों को देखकर आपको जन्नत में आने का एहसास होगा। बारिश के बाद बॅायट पार्क, कोकर वॉक, पिलर रॉक्स और सिल्वर कैस्केड फॉल्स जैसी जगहों को देख सकते हैं। वहीं यहां के सुहावने मौसम में आप साइकिलिंग, नेचर वॉक और फेमस कोडाई झील के किनारे सुकून भरे पल बिता सकते हैं।</div><div><br></div><h2>यरकौड</h2><div>शेवरॉय पहाड़ियों में बसा यरकौड एक शांत और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह कॉफी बागानों और संतरे के बागों के लिए जाना जाता है। मॉनसून के दौरान किलीयूर फॉल्स, यरकौड झील और लेडीज सीट व्यू पॉइंट की खूबसूरती देखने लायक होती है।&nbsp;</div><div><br></div><h2>कुन्नूर</h2><div>कुन्नूर धुंध भरी पहाड़ियों, चाय के बागानों और पूरे साल रहने वाले सुहावने मौसम के लिए फेमस है। मॉनसून के दौरान डॉल्फिंस नोजस, सिम्स पार्क और कैथरीन फॉल्स जैसी जगहे बेहद खूबसूरत लगती हैं। यहां पर आकर आप टॉय ट्रेन की सवारी का लुत्फ ले सकते हैं। इसके अलावा चाय बनाने का प्रोसेस जानने के लिए आप चाय की फैक्ट्रियां घूम सकते हैं।</div><div><br></div><h2>कोटागिरी</h2><div>यह नीलगिरि के सबसे पुराने हिल स्टेशनों में से एक है। कोटागिरी अपने शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। मॉनसून में यहां की घाटियां हरियाली से भर जाती हैं। कैथरीन फॉल्स झरने की खूबसूरती देखने वाली होती है। नेचर लवर्स यहां पर चाय के बागानों, ट्रेकिंग ट्रेल्स और शानदार व्यू पॉइंट देख सकते हैं। यह जगह भीड़भाड़ से कम दूर ठंडे मौसम और ताजी हवा के लिए परफेक्ट है।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 16:56:16 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/plan-trip-to-these-hill-stations-in-tamil-nadu-during-monsoon-season-it-remember-forever</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Nature का बेजोड़ नमूना: Meghalaya की Mawsmai Cave में देखें लाखों साल पुरानी अद्भुत Limestone संरचनाएं]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/adventure-awaits-in-the-dark-passages-of-mawsmai-cave]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>मेघालय की प्राकृतिक सुंदरता पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। ऊँचे-ऊँचे पहाड़, हरे-भरे जंगल, झरने और रहस्यमयी गुफाएँ यहाँ आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। इन्हीं प्राकृतिक चमत्कारों में से एक है Mawsmai Cave। यह गुफा मेघालय के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चेरापूंजी के पास स्थित है और अपनी अद्भुत चूना-पत्थर संरचनाओं तथा रोमांचकारी वातावरण के लिए जानी जाती है।</div><div><br></div><div>मावस्माई गुफा चेरापूंजी से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह गुफा प्राकृतिक रूप से बनी हुई है और लाखों वर्षों में पानी तथा चूना-पत्थर की क्रिया से इसका निर्माण हुआ है। गुफा के भीतर प्रवेश करते ही ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी रहस्यमयी दुनिया में आ गए हों। अंदर की ठंडी हवा, अंधकार और चट्टानों की विचित्र आकृतियाँ पर्यटकों को रोमांच से भर देती हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/why-is-cherrapunji-the-place-with-the-world-highest-rainfall-the-top-choice-for-nature-lovers" target="_blank">Meghalaya Tourism: दुनिया में सर्वाधिक वर्षा वाली जगह Cherrapunji क्यों है Nature Lovers की पहली पसंद?</a></h3><div>इस गुफा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट संरचनाएँ हैं। छत से लटकती और जमीन से ऊपर उठती ये चट्टानी आकृतियाँ प्रकृति की अद्भुत कला का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। गुफा के भीतर कई स्थान इतने संकरे हैं कि पर्यटकों को झुककर या सावधानी से निकलना पड़ता है। यही रोमांच इस स्थल को युवाओं और साहसिक यात्रा पसंद करने वालों के लिए बेहद आकर्षक बनाता है।</div><div><br></div><div>गुफा के अंदर प्रकाश की उचित व्यवस्था की गई है, जिससे पर्यटक सुरक्षित रूप से इसकी सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। बरसात के मौसम में यहाँ का वातावरण और भी मनोहारी हो जाता है। चेरापूंजी विश्व के सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में गिना जाता है, इसलिए यहाँ की हरियाली और प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।</div><div><br></div><div>मावस्माई गुफा के आसपास भी कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल स्थित हैं। इनमें सबसे प्रमुख है Nohkalikai Falls, जो भारत के सबसे ऊँचे जलप्रपातों में से एक है। ऊँचाई से गिरता जल और उसके आसपास फैली हरियाली अत्यंत मनोहारी दृश्य प्रस्तुत करती है। इसके अतिरिक्त Seven Sisters Falls भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। वर्षा ऋतु में यह झरना सात धाराओं में बहता दिखाई देता है, जिससे इसका दृश्य अत्यंत आकर्षक बन जाता है।</div><div><br></div><div>यदि पर्यटक प्राकृतिक रोमांच का और अधिक अनुभव करना चाहें तो Double Decker Living Root Bridge अवश्य देख सकते हैं। यह पुल पेड़ों की जड़ों से बना हुआ है और स्थानीय जनजातियों की अद्भुत पारंपरिक तकनीक का उदाहरण है। इसके अलावा Eco Park Cherrapunji भी घूमने के लिए एक सुंदर स्थान है, जहाँ से बांग्लादेश के मैदानी क्षेत्रों का मनोहारी दृश्य दिखाई देता है।</div><div><br></div><div>मावस्माई गुफा तक पहुँचने के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा शिलांग में स्थित है। शिलांग से सड़क मार्ग द्वारा चेरापूंजी आसानी से पहुँचा जा सकता है। सड़क यात्रा के दौरान पहाड़ी रास्तों और बादलों से घिरे दृश्य यात्रा को और भी यादगार बना देते हैं।</div><div><br></div><div>यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल के बीच माना जाता है, क्योंकि इस समय मौसम सुहावना रहता है। हालांकि, बरसात के मौसम में भी यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है। पर्यटकों को गुफा के भीतर जाते समय आरामदायक जूते पहनने चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कुछ स्थान फिसलन भरे हो सकते हैं।</div><div><br></div><div>मावस्माई गुफा केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति की अद्भुत कला और रहस्यमयी सौंदर्य का जीवंत उदाहरण है। यहाँ की शांत वादियाँ, रोमांचकारी गुफाएँ और आसपास के झरने हर यात्री को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं। जो भी व्यक्ति प्रकृति, रोमांच और शांति का आनंद लेना चाहता है, उसके लिए मावस्माई गुफा एक आदर्श पर्यटन स्थल है।</div><div><br></div><div>-प्रीटी</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 17:51:08 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/adventure-awaits-in-the-dark-passages-of-mawsmai-cave</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Meghalaya Tourism: दुनिया में सर्वाधिक वर्षा वाली जगह Cherrapunji क्यों है Nature Lovers की पहली पसंद?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/why-is-cherrapunji-the-place-with-the-world-highest-rainfall-the-top-choice-for-nature-lovers]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>उत्तर–पूर्वी राज्य मेघालय में स्थित चेरापूंजी प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम उदाहरण है। स्थानीय भाषा में इसे “सोहरा” भी कहा जाता है। यह स्थान दुनिया में अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में गिना जाता है। हरे-भरे पहाड़, बादलों से ढकी घाटियाँ, विशाल झरने, गुफाएँ और जीवित जड़ों से बने पुल चेरापूंजी को एक अद्भुत पर्यटन स्थल बनाते हैं। प्रकृति प्रेमियों, साहसिक यात्रियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है।</div><div><br></div><div>चेरापूंजी समुद्र तल से लगभग 1,300 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ का मौसम वर्षभर सुहावना रहता है। मानसून के समय यह क्षेत्र बादलों और बारिश से पूरी तरह घिर जाता है, जिससे इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। यहाँ की हरियाली और स्वच्छ वातावरण पर्यटकों को मानसिक शांति का अनुभव कराते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ocean-glows-like-blue-fireflies-witness-this-magic-of-nature-at-tourist-destinations" target="_blank">Travel Tips: नीले जुगनुओं सा चमकता है समंदर, भारत के इन Tourist Destinations पर देखें कुदरत का ये Magic</a></h3><div>चेरापूंजी का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण Nohkalikai Falls है। यह भारत के सबसे ऊँचे जलप्रपातों में से एक माना जाता है। लगभग 1,100 फीट की ऊँचाई से गिरता यह झरना अत्यंत मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है। वर्षा ऋतु में इसका सौंदर्य और भी अद्भुत हो जाता है। झरने के नीचे बना नीले रंग का जलकुंड पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है।</div><div><br></div><div>इसके अलावा Seven Sisters Falls भी यहाँ का प्रमुख आकर्षण है। सात धाराओं में गिरता यह जलप्रपात दूर से देखने पर अत्यंत सुंदर प्रतीत होता है। मानसून के दौरान इसकी भव्यता चरम पर होती है। यहाँ से आसपास की पहाड़ियों और घाटियों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है।</div><div><br></div><div>चेरापूंजी की एक और अनोखी पहचान हैं यहाँ के “लिविंग रूट ब्रिज” अर्थात जीवित जड़ों से बने पुल। Double Decker Living Root Bridge पर्यटकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है। यह पुल रबर के पेड़ों की जड़ों को वर्षों तक मोड़कर और जोड़कर बनाया गया है। यह स्थानीय जनजातियों की अद्भुत पारंपरिक तकनीक और प्रकृति के साथ उनके सामंजस्य का प्रतीक है। इस पुल तक पहुँचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है, जो रोमांच प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव बन जाती है।</div><div><br></div><div>गुफाओं के शौकीनों के लिए Mawsmai Cave एक शानदार स्थान है। यह प्राकृतिक चूना-पत्थर की गुफा अपनी संकरी सुरंगों, अनोखी आकृतियों और रहस्यमयी वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। गुफा के भीतर का दृश्य रोमांच और कौतूहल से भर देता है।</div><div><br></div><div>चेरापूंजी के आसपास भी अनेक दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। यहाँ से लगभग 50 किलोमीटर दूर Shillong स्थित है, जिसे “पूर्व का स्कॉटलैंड” कहा जाता है। शिलांग अपनी खूबसूरत झीलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। Umiam Lake यहाँ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहाँ नौकायन और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है।</div><div><br></div><div>इसके अतिरिक्त Dawki River भी पर्यटकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। इस नदी का पानी इतना स्वच्छ है कि नाव पानी के ऊपर तैरती हुई प्रतीत होती है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।</div><div><br></div><div>चेरापूंजी केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खान-पान के लिए भी जाना जाता है। यहाँ की खासी जनजाति की संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली और आतिथ्य पर्यटकों को विशेष अनुभव प्रदान करते हैं। स्थानीय व्यंजनों में चावल, बाँस की कोपलों से बने पकवान और पारंपरिक मांसाहारी भोजन विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।</div><div><br></div><div>अंततः कहा जा सकता है कि चेरापूंजी प्रकृति का एक अनुपम उपहार है। यहाँ की वर्षा, हरियाली, झरने, गुफाएँ और शांत वातावरण हर यात्री के मन में अमिट छाप छोड़ देते हैं। यदि कोई व्यक्ति प्रकृति की गोद में कुछ समय बिताना चाहता है, तो चेरापूंजी उसके लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल है।</div><div><br></div><div>-प्रीटी</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 17:25:12 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/why-is-cherrapunji-the-place-with-the-world-highest-rainfall-the-top-choice-for-nature-lovers</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: नीले जुगनुओं सा चमकता है समंदर, भारत के इन Tourist Destinations पर देखें कुदरत का ये Magic]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ocean-glows-like-blue-fireflies-witness-this-magic-of-nature-at-tourist-destinations]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>क्या आपने श्रद्धा कपूर की फिल्म 'एक विलेन' देखा है। अगर आपने यह फिल्म देखी होगी, तो आपको वह सीन जरूर याद होगा, जिसमें श्रद्धा एक बीच के किनारे जाती हैं, जहां पर उनको चमकता हुआ समंदर दिखता है। यह समंदर नीले जुगनुओं की तरह चमकते हुए नजर आते हैं। साइंस की भाषा में इसको बायोलुमिनेसेंस कहा जाता है। बता दें कि यह बहुत छोटे समुद्री जीवों के केमिकल रिएक्शन से नीली रोशनी पैदा होती है। जो समुद्र को जुगनुओं की तरह चमका देती है।</div><div><br></div><div>ऐसे में अगर आपके मन में भी इस खूबसूरत नजारे को देखने की इच्छा है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप भारत में कहां पर बायोलुमिनेसेंस देख सकते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/coolness-of-queen-of-hills-and-thrill-of-sundarbans-make-west-bengal-best-destination" target="_blank">Travel Tips: Queen of Hills की ठंडक और Sundarban का रोमांच, Adventure प्रेमियों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है पश्चिम बंगाल</a></h3><div><br></div><h2>हैवलॉक द्वीप</h2><div>अगर आप बायोलुमिनेसेंस का सबसे बेहतरीन और सबसे साफ नजारा देखना चाहते हैं। तो आपको अंडमान के हैवलॉक द्वीप जाना चाहिए। यहां का फेमस राधानगर बीच रात के समय किसी दूसरी दुनिया में होने का एहसास दिलाता है। जब समुद्र की लहरें रेत से टकराती हैं, तो पानी में मौजूद छोटे जीवों की वजह से किनारों पर नीली रोशनी बिखर जाती है। वहीं अमावस्या की रात में जब आसमान में अंधेरा होता है, तो यह नजारा बेहद खूबसूरत लगता है।</div><div><br></div><h2>मट्टू बीच</h2><div>कर्नाटक के उडुपी में स्थित मट्टू बीच अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां पर भी आप बायोलुमिनेसेंस का नजारा देखने के लिए आ सकते हैं। मॉनसून के बाद यहां के समंदर में रात के समय नीली रोशनी को जगमगाते देख सकते हैं। पर्यटकों की भीड़ से यह बीच काफी दूर है। इसलिए यहां का सन्नाटा और अंधेरा बायोलुमिनेसेंस के नजारे को ज्यादा खूबसूरत और साफ बना देता है।</div><div><br></div><h2>पुडुचेरी</h2><div>पुडुचेरी के सेरेनिटी बीच और इसके आसपास के तटीय इलाकों में भी आप बायोलुमिनेसेंस देख सकते हैं। खासतौर पर मॉनसून के बाद या फिर भारी बारिश के बाद समंदर के तापमान में बदलाव आता है। वहीं इस दौरान पानी में फाइटोप्लैंकटॉन्स की संख्या भी बढ़ जाती है। इससे रात को समंदर का पानी नीली रोशनी से जगमगा उठता है।</div><div><br></div><h2>बंगाराम द्वीप</h2><div>बायोलुमिनेसेंस देखने के लिए आप लक्षद्वीप के बंगाराम द्वीप भी जा सकते हैं। यहां पर आपको भीड़ काफी कम होती है और यहां पर ज्यादा आर्टिफिशियल लाइट्स भी नहीं हैं। इसलिए रात को नीले रंग की रोशनी में चमकता हुआ समुद्र देखने में बेहद खूबसूरत रहता है।</div><div><br></div><h2>इस बातों का ध्यान रखें</h2><div>हालांकि बायोलुमिनेसेंस पूरी तरह से पानी के तापमान, मौसम और समुद्र की स्थिति पर भी निर्भर करती है। इसलिए इसको देखने जाने से पहले अच्छे से रिसर्च कर लें। जिससे कि वहां जाने के बाद आपको निराश न होना पड़े।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 16:25:45 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ocean-glows-like-blue-fireflies-witness-this-magic-of-nature-at-tourist-destinations</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: Queen of Hills की ठंडक और Sundarban का रोमांच, Adventure प्रेमियों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है पश्चिम बंगाल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/coolness-of-queen-of-hills-and-thrill-of-sundarbans-make-west-bengal-best-destination]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>जब भी भारत की कला, साहित्य, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता की बात की जाती है, तो पश्चिम बंगाल का नाम सबसे पहले आता है। यह एक ऐसा राज्य है, जहां पर हिमालय की बर्फीली वादियों से लेकर समुद्र तटों तक सुनहरी रेत तक आपको सब देखने को मिलता है। पश्चिम बंगाल की संस्कृति, भोजन, इतिहास, त्योहार और प्राकृतिक सौंदर्य हर साल लाखों की संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।&nbsp;</div><div><br></div><div>ऐसे में अगर आप भी एडवेंचर प्रेमी हैं और साथ में इतिहास में भी रुचि रखते हैं। वहीं प्रकृति की गोद में शांति भरे पल बिताना चाहते हैं। तो हर यात्री के लिए यहां कुछ न कुछ खास जरूर है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पश्चिम बंगाल की कुछ शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप ट्रिप को प्लान कर सकते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/science-behind-mainpats-gravity-defying-ulta-pani" target="_blank">Ladakh जैसा अहसास और Shimla जैसी वादियां, Mainpat बना पर्यटकों के लिए नया Travel Destination</a></h3><div><br></div><h2>दार्जिलिंग</h2><div>दार्जिलिंग बादलों के बीच बसी एक स्वर्ग जैसी दुनिया का एहसास दिलाती है।</div><div><br></div><div>दार्जिलिंग को 'क्वीन ऑफ हिल्स' भी कहा जाता है।</div><div><br></div><div>यहां पर टॉय ट्रेन, चाय बागान, कंचनजंगा के अद्भुत नजारों के साथ ठंडी हवाएं लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।</div><div><br></div><div>सूर्योदय के समय टाइगर हिल का दृश्य आपको जीवनभर याद रहेगा।</div><div><br></div><h2>सुंदरबन</h2><div>सुंदरवन दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है।</div><div><br></div><div>इसके साथ ही सुंदरवन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।</div><div><br></div><div>इसको प्रसिद्ध रॉयल बंगाल टाइगर का घर माना जाता है।</div><div><br></div><div>यहां पर मैंग्रोव जंगल, बोट सफारी और वन्यजीव अनुभव आपको रोमांच से भर देते हैं।</div><div><br></div><h2>कालिम्पोंग</h2><div>अगर आप पश्चिम बंगाल में सुकून और शांति चाहते हैं, तो आपको कालिम्पोंग जाना चाहिए।</div><div><br></div><div>यहां आप भीड़-भाड़ से दूर रहना चाहते हैं तो कालिम्पोंग आपके लिए बिलकुल परफेक्ट है।</div><div><br></div><div>यहां का खूबसूरत व्यू और सुकून भरा माहौल आपको रिलैक्स कर देंगे।</div><div><br></div><h2>दीघा</h2><div>यह बंगाल का लोकप्रिय समुद्री तट है।</div><div><br></div><div>दीघा समुद्र प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है।</div><div><br></div><div>यहां पर शांत समुद्र, स्थानीय सी फूड और खूबसूरत सनसेट आने वाले पर्यटकों को खास अनुभव देते हैं।</div><div><br></div><div>दीघा वीकेंड ट्रिप के लिए पसंदीदा जगहों में से एक है।</div><div><br></div><h2>कोलकाता</h2><div>बता दें कि कोलकाता को भारत की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है।</div><div><br></div><div>यहां का हावड़ा ब्रिज, विक्टोरिया मेमोरियल, कॉलेज स्ट्रीट और दुर्गा पूजा का उत्सव पूरी दुनिया में लोकप्रिय है।</div><div><br></div><div>कोलकाता की गलियों में आधुनिकता और इतिहास का अनोखा संगम दिखता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 12:45:44 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/coolness-of-queen-of-hills-and-thrill-of-sundarbans-make-west-bengal-best-destination</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Ladakh जैसा अहसास और Shimla जैसी वादियां, Mainpat बना पर्यटकों के लिए नया Travel Destination]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/science-behind-mainpats-gravity-defying-ulta-pani]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>घुमक्कड लोग अक्सर कहीं न कहीं घूमने के लिए निकाल जाते हैं। कहीं पहाड़ तो कहीं झरने या फिर समंदर या किसी धार्मिक स्थल पर आदि। ज्यादातर लोगों को चाहत होती है लद्दाख घूमने की। यहां पर तिब्बती कल्चर टूरिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करता है। वैस भारत देश विविधताओं से भरा हुआ है। बता दे कि, भारत में तिब्बत एक नहीं बल्कि दो हैं। चलिए आपको इस लेख में बताते हैं&nbsp; छत्तीसगढ़ के मैनपाट की, जो कि बेहद ही खूबसूरत जगह है।</div><div><br></div><div><b>छत्तीसगढ़ का मैनपाट ‘छोटा तिब्बत’&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">छ्त्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट की यह जगह बेहद ही शांत और यहां पर बिल्कुल भी भीड़ नहीं देखने को नहीं मिलती है। यह एकदम शिमला जैसा भी&nbsp; लगता है। क्योंकि मैनपाट की हसीन वादियां शिमला की याद दिलाती है। वैसे यहां का कल्चर भी तिब्बत जैसा है। गर्मियों के दिनों में भी मैनपाट ठंडक का एहसास दिलाता है। वैसे इस जगह की संस्कृति काफी प्रसिद्ध है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>मैनपाट में घूमने लायक जगहें&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन जगहों को जरुर एक्सप्लोर करें-&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>टाइगर मेन प्वाइंट</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप नेचर लवर है और हरी-भरी जगह घूमने का प्लान बना रहीं तो आप टाइगर मेन प्वाइंट का जरुर घूमने जाएं। यहां पर आपको खूबसूरत झरने देखने को मिलेंगे, जो कि महादेव मुड़ा जलधारा से लगभग 80 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>तिब्बती बौद्ध मंदिर</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यहां पर मौजूद तिब्बती समुदाय बसा है, जो कि दलाई लामा के अनुयायी भी शामिल थे। यहां पर उन्होंने तिब्बती बौद्ध मंदिर का निर्माण करवाया जो शांति और सुकून देने के साथ अध्यात्म का भी प्रतीक है। इधर काफी सुकून देखने को मिलता है।</span></div><div><br></div><div><b>उल्टा पानी&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">छत्तीसगढ़ के बिसरपानी गांव में स्थित उल्टा पानी रहस्यमयी जगहों में से एक है। इसकी खासियत यह है कि यहां का बहता हुआ पानी ढलान की दिशा से उल्टा ऊपर की तरफ चढ़ता है।</span></div><div><br></div><div><b>जलजली&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यह जगह बेहद सुंदर है और यहां पर जंपिंग लैंड के नाम से भी जाना जाता है। यह जगह रोमांच से भर देगी क्योंकि जब भी यहां कोई उछलने या कूदने की कोशिश करता है तो इस एरिया की जमीन किसी स्पंज या गद्दे की तरह हिलती-डुलती नजर आती है।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 17:47:52 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/science-behind-mainpats-gravity-defying-ulta-pani</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Louisiana Trip: सीफूड से लेकर म्‍यूज‍िक तक, लुइसियाना के 400 से ज्यादा Festivals इस गर्मी आपकी छुट्टियों को बनाएंगे यादगार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/louisiana-400-plus-festivals-make-your-vacation-this-summer-memorable]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>हम सभी को घूमने-फिरने का काफी शौक होता है। वहीं विदेश जाने का सपना हर किसी का होता है। ऐसे में अगर आप भी इस गर्मी विदेश घूमने का प्लान कर रहे हैं और किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं। जहां पर घूमने के अलावा म्यूजिक, कल्चर, कुजीन और कलरफुल फेस्‍ट‍िवल्‍स का भी मजा मिले। तो आपको अमेरिका के लुइसियाना राज्य जरूर आना चाहिए। यहां पर हर साल 400 से भी ज्यादा फेस्टिवल और मेलों का आयोजन होता है।</div><div><br></div><div>इस कारण इसको फेस्टिवल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड भी कहा जाता है। वहीं गर्मियों में यहां एक अलग रंग देखने को मिलता है। कुछ जगहों पर म्यूजिक शो चल रहा होता है, तो कहीं पर टेस्टी कुजीन का बुफे सजा होता है। ऐसे में अगर आप भी अपनी इस ट्रिप को यादगार बनाना चाहती हैं। तो आपको एक बार लुइसियाना जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/dudhsagar-falls-monsoon-trekking-guide-and-safety" target="_blank">मानसून में Dudhsagar Falls Trek का रोमांच: एडवेंचर लवर्स के लिए पूरी Travel Guide और जरूरी सेफ्टी टिप्स</a><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></h3><div><br></div><h2>लुइसियाना है फेस्टिवल कैपिटल</h2><div>साल भर लुइसियाना में अलग-अलग तरह के फेस्‍ट‍िवल्‍स आयोज‍ित क‍िए जाते हैं। यहां पर फेस्टिवल सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए नहीं बल्कि खानपान, लोकल कल्चर और हिस्ट्री से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि यहां हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ खास करने और देखने को मिल जाता है।</div><div><br></div><h2>फूड लवर्स के ल‍िए जन्‍नत</h2><div>अगर आपको भी नई-नई चीजों को खाने का शौक है। तो आपको लुइसियाना जरूर आना चाहिए। यहां पर पीच फेस्टिवल होता है लोगों को पीच से बनी कई डिशेज को खाने का मौका मिलता है। इसके अलावा यहां का टोमैटो और वॉटरमेलन फेस्टिवल लोगों को खूब अपनी ओर अट्रैक्ट करता है। न्यू ऑरलियन्स में होने वाला क्रियोल टोमैटो फेस्टिवल और ब्यूरेगार्ड वॉटरमेलन फेस्टिवल में आपको लोकल फ्रूट्स का स्वाद लेने का मौका मिलेगा। यहां कई मजेदार एक्टिविटीज में हिस्सा भी ले सकती हैं।</div><div><br></div><h2>खास है सीफूड फेस्टिवल</h2><div>बता दें कि लुइसियाना को सी फूड के ल‍िए भी जाना जाता है। यहां पर होने वाले सीफूड फेस्टिवल में झींगे और अन्य सी फूड्स का भी स्वाद लिया जा सकता है। वहीं कई जगहों पर ट्रेजिशनल डांस और स्ट्रीट फेयर भी किए जाते हैं।</div><div><br></div><h2>म्‍यूज‍िक लवर्स के ल‍िए खास</h2><div>लुइसियाना का नाम आते ही ब्लूज, जैज और काजुन म्यूजिक की याद आता है।</div><div><br></div><h2>जैज और ब्लूज</h2><div>यहां पर गर्मियों में कई बड़े म्यूजिक फेस्टिव होते हैं। यहां पर दुनिया भर के आर्टिस्ट हिस्सा लेते हैं। वहीं न्यू ऑरिलियन्स का जैज कल्चर पूरी दुनिया में फेमस है।</div><div><br></div><h2>सैचमो समरफेस्ट</h2><div>सैचमो समरफेस्ट महान जैज कलाकार लुई आर्मस्ट्रॉन्ग की याद में किया जाता है। यहां पर लाइव म्यूजिक के साथ कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होता है।</div><div><br></div><h2>जैज फेस्ट</h2><div>यह लुइसियाना का सबसे ज्यादा फेमस फेस्ट है। यहां पर दुनिया के अलग-अलग देशों से लोग शामिल होते हैं।</div><div><br></div><h2>करीब से जान सकेंगे कल्चर</h2><div>लुइसियाना के फेस्टिवल सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए नहीं बल्कि यहां के कल्चर को भी दिखाते हैं।</div><div><br></div><h2>श्रिम्प और पेट्रोलियम फेस्टिवल</h2><div>लोकल फ‍िशरमैन और ऑयल कंपनी से जुड़े लोगों के सम्मान में यह फेस्टिवल मनाया जाता है। वहीं यहां पर शुगर केन फेस्टिवल भी स्पेशल तरीके से मनाया जाता है। इसमें गन्ने की खेती से जुड़े कई कलरफुल प्रोग्राम होते हैं और परेड निकाली जाती है।</div><div><br></div><h2>डक फेस्टिवल</h2><div>डक फेस्टिवल भी बेहद अलग और दिलचस्प है। इसमें कई फनी कॉम्पिटीशन होते हैं और इनमें लोग हिस्सा भी लेते हैं।</div><div><br></div><h2>सेंटर ऑफ अट्रैक्‍शन</h2><div>एसेंस फेस्‍ट‍िवल अमेरिका का सबसे बड़ा म्यूजिक औक कल्चर फेस्ट है। यहां पर वर्कशॉप, लाइव म्यूजिक, शॉपिंग और कई तरह के प्रोग्राम होते हैं। कुल मिलाकर म्यूजिक लवर के लिए यह फेस्टिवल बेस्ट है।</div><div><br></div><h2>परिवार और दोस्तों के साथ जाएं</h2><div>इस फेस्टिवल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर हर उम्र के लोगों के लिए काफी कुछ है। यह एक एंटरटेनमेंट का हब है। इसलिए यह फैमिली ट्रिप और कपल ट्रिप दोनों के लिए बेस्ट है।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 15:21:17 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/louisiana-400-plus-festivals-make-your-vacation-this-summer-memorable</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[मानसून में Dudhsagar Falls Trek का रोमांच: एडवेंचर लवर्स के लिए पूरी Travel Guide और जरूरी सेफ्टी टिप्स]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/dudhsagar-falls-monsoon-trekking-guide-and-safety]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>बरसात का मौसम काफी सुहावना होता है और इस मौसम में अधिकतर महिलाएं किसी न किसी ट्रिप पर जरूर जाती हैं। यदि आप भी लंबे समय किसी खास ट्रिप पर जाने का प्लान कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। ट्रैकिंग करना हर किसी को काफी पसंद है। वहीं, मानसून के समय ट्रैकिंग करना बेहद परफेक्ट मानी जाती है।&nbsp; मानसून में आप भी एक खूबसूरत और यादगार ट्रैकिंग ट्रिप की योजना बना सकते हैं। आइए आपको बताते हैं मानसून में ट्रैकिंग के लिए सबसे सुंदर जगह कौन-सी है।</div><div><br></div><div><b>गोवा की बॉर्डर पर है खूबसूरत दूधसागर फॉल्स</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, गोवा की बोर्डर पर स्थित 'दूधसागर फॉल्स' भारत का सबसे खूबसूरत झरनों में से एक है। बता दें कि, यह करीब 310 मीटर की ऊंचाई से गिरता है, जो अपनी खूबसूरती और सफेद दूध जैसी धाराओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। असल में दूधसागर फॉल गोवा के 'भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य' और 'मोल्लेम नेशनल पार्क' के अंदर स्थित है।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">यहां पर मौजूद दूध जैसा सफेद झरना, घने जंगल, ऊंचे पहाड़ों और रेलवे ब्रिज के बीचों-बीच बना हुआ है। मानसून के समय यहां पर ज्यादा भीड़ देखी जाती है। अगर आपको ट्रैकिंग पसंद है, तो आप यहां जा सकते हैं। लेकिन कुछ जरुरी बातों का जरुर ध्यान रखें।</span></div><div><br></div><div><b>दूधसागर का फेमस ट्रैकिंग रूट</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">आपको बताते चलें कि, दूधसागर जाने के लिए दो फेमस ट्रैकिंग रुट्स हैं। जो कि सबसे ज्याद पॉपलुर 'कुलेम रुट' माना गया है। यह करीब 11 किलोमीटर का सफर है, जिसे तय करने में करीब 5 से 6 घंटे का समय लगता है। वैसे इस रुट पर खूब घने जंगल, छोटे-छोटे नालों और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का अनुभव मिलेगा।</span></div><div><br></div><div><b>कैसे पहुंचें दूधसागर?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप भी इस जगह पर जाना चाहते हैं, तो यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'डाबोलिम एयरपोर्ट' है। वहीं, ट्रेन से यात्रा करने के लिए आपको कुलेम या कैसल रॉक रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक पड़ेगा। बाय रोड जाने पर आप मोल्लेम गांव तक टैक्सी से आ सकती है और फिर वहां से आगे के लिए पर्सनल या शेयरिंग जीप बुक कर सकती हैं।</span></div><div><br></div><div><b>ट्रैकिंग पर जाने से पहले अपने बैग में रखें ये जरूरी सामान</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप दूधसागर ट्रैक पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप अपने साथ अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज जरुर रखें। इसके साथ ही रेनकोट, एक्सस्ट्रा टॉर्च, एनर्जी ड्रिंक्स, पानी की बोतल और बेसिक मेडिकल किट भी अपने बैग में जरुर शामिल करें। बरसात के मौसम में होने के वजह से आपके कपड़े भीग सकते हैं, इसलिए अपने साथ एक्स्ट्रा कपड़े जरुर रखें।</span></div><div><br></div><div><b>किन बातों का ध्यान रखें</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बारिश में ट्रैकिंग करना सबसे बेहतरीन और रोमांचक अनुभव होता है, हालांकि आप घूमने का प्लान बना रही, तो मौसम का अपडेट जरुर लें। वहां की सरकारी गाइडलाइंस को जरुर पढ़ें। कई बार भारी बारिश या लैंडस्लाइड की वजह से ट्रैकिंग रुट्स बंद हो जाते हैं। इसके अलावा, कई बार फोटो और सेल्फी लेने के चक्कर में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इस दौरान आप झरने के बहुत करीब जाकर फोटो या सेल्फी लेने की भूल न करें। वरना पानी के तेज बहाव के कारण कोई न कोई अनहोनी हो सकती है।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:00:58 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/dudhsagar-falls-monsoon-trekking-guide-and-safety</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Indian Railways में Tatkal और Current Ticket के बीच का फर्क समझिए, जानें Booking Rules और Charges का गणित]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/tatkal-vs-current-ticket-railway-booking-comparison]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>रोजाना हजारों लोग भारतीय रेलवे में यात्रा करते हैं। किसी न किसी जगह पर जाने के लिए ट्रेन के द्वारा ही सफर किया जाता है। आपको भी ट्रेन से यात्रा करना काफी पसंद होगा। कभी भी भारतीय रेलवे में अचानक से यात्रा या इमरजेंसी में सफर करना काफी जरुरी होता है।</div><div><span style="font-size: 1rem;">अक्सर सामान्य रिजर्वेशन की सभी सीटें फुल हो जाती है, तो यात्रियो के पास सिर्फ दो ही ऑप्शन रह जाते हैं- तत्काल टिकट और करंट टिकट। लेकिन एक आम इंसान अक्सर इन दोनों के बीच बड़े अंतर को समझ नहीं पता है और कन्फ्यूज हो जाता है। आखिर कौन-सा टिकट कब और कैसे बुक करें।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">आपको बताते चले कि ये दोनों टिकट पूरी तरह से अलग नियमों और अलग समय पर मिलती है। आइए आपको इस लेख के जरिए करंट और तत्काल टिकट के अंतर में बताते हैं, जिससे अगली बार सफर करते समय आपको कोई परेशानी न हो।</span></div><div><br></div><div><b>बुकिंग का समय और टाइमिंग में है बड़ा अंतर</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">तत्काल टिकट को यात्रा की तारीख से ठीर एक दिन पहले बुक किया जाता है, जिसके बाद एसी क्लास की बुकिंग सुबह 10 बजे और नॉन-एसी की सुबह 11 बजे शुरू होती है। दूसरी तरफ, कंरट टिकट ट्रेन छूटने के महज कुछ महज&nbsp; कुछ घंटे पहले मिलता है। असल में ट्रेन का पहला रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो जाता है, तब बची हुई खाली सीटों को करंट टिकट के रुप में बेचा जाता है।</span></div><div><br></div><div><b>टिकट की कीमत और एक्स्ट्रा चार्ज का खेल</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">जब आप तत्काल टिकट बुक करें तो सामान्य किराए के ऊपर 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक का अतिरिक्त तत्काल शुल्क देना पड़ता है, वहीं यह टिकट काफी महंगा हो जाता है। करंट टिकट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगता। कई बार तो ट्रेन छूटने के साथ चार्ट बनने के बाद करंट टिकट पर सामान्य किराया से भी 10 से 20 फीसदी की छूट मिलती है।</span></div><div><br></div><div><b>सीट कंफर्म होने की गारंटी और वेटिंग का नियम</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">तत्काल में आपको कंफर्म सीट के साथ-साथ वेटिंग टिकट भी मिल सकता है। वैसे जब चार्ट बन जाता है, तभी सीट कंफर्म होती है। हालांकि, करंट में ऐसा मामला नहीं होता है। यह टिकट आपको तभी मिलेगी जब ट्रेन में कोई बर्थ खाली बचा है। करंट टिकट हमेशा से 100% कंफर्म ही मिलता है, इसमें वेटिंग टिकट जारी करने का कोई नियम नहीं है।</span></div><div><br></div><div><b>कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े जरूरी नियम</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा, आप कंफर्म या फिर तत्काल टिकट को कैंसिल करते हैं, तो रेलवे के नियमों के अनुसार आपको एक भी रुपया नहीं मिलेगा। आपका सारा पैसा डूब जाएगा। दूसरी ओर कंरट टिकट को आप ट्रेन छूटने से पहले कैंसिल करते हैं, तो रेलवे के सामान्य कैंसिलेशन नियमों के जरिए क्लैरिकल चार्ज काटकर बाकी की रकम आपके बैंक खाते में वापस रिफंड कर सकता है।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 18:07:36 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/tatkal-vs-current-ticket-railway-booking-comparison</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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