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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[Bird Watching के शौकीनों के लिए बेस्ट हैं ये 5 जगहें, सर्दियों में दिखेंगे रंग-बिरंगे पक्षी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/five-best-bird-watching-places-in-india-to-visit-in-winter-season]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>सर्दियों का मौसम घूमने-फिरने के लिए काफी अच्छा होता है। इस मौसम में हजारों मील दूर रहने वाले कई प्रवासी पक्षी भारत आते हैं। ये पक्षी हर साल सर्दियों के महीनों में भारत की झीलों और वेटलैंड्स को अपना ठिकाना बनाते हैं। अगर आपको बर्ड वॉचिंग का शौक है या इन रंग-बिरंगे मेहमानों को करीब से देखना चाहते हैं, तो भारत की कुछ खास जगहों पर जरूर जा सकते हैं। इन जगहों पर हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं। प्रकृति के बीच इन पक्षियों को देखना आपके लिए यादगार अनुभव हो सकता है।</p><h2><strong>केवलादेव नेशनल पार्क, राजस्थान</strong></h2><p>राजस्थान के भरतपुर में स्थित केवलादेव नेशनल पार्क बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए बहुत खास जगह है। इसे पहले भरतपुर बर्ड सैंचुरी के नाम से जाना जाता था। सर्दियों के मौसम में यहां रूस, साइबेरिया और दूसरे ठंडे इलाकों से हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं। इनमें साइबेरियन क्रेन भी शामिल हैं। यहां की शांत झीलें और हरियाली इन पक्षियों को अपनी ओर खींचती हैं।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/indian-villages-where-ravana-is-worshipped-instead-of-burned-on-dussehra" target="_blank" rel="noopener">Travel Tips: Dussehra पर रावण दहन नहीं, Bisrakh और Baijnath जैसे गांवों में होती है पूजा</a></h3><h2><strong>सुल्तानपुर नेशनल पार्क, हरियाणा</strong></h2><p>हरियाणा के गुरुग्राम के पास स्थित सुल्तानपुर नेशनल पार्क भी प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए अच्छी जगह है। सर्दियों में यह पार्क यूरोप, साइबेरिया और मिडिल एशिया से आने वाले रंग-बिरंगे पक्षियों से भर जाता है। यहां आप ग्रेटर फ्लैमिंगो, साइबेरियन क्रेन और कई तरह की बत्तखों को देख सकते हैं।</p><h2><strong>नल सरोवर बर्ड सेंचुरी, गुजरात</strong></h2><p>गुजरात के अहमदाबाद के पास स्थित नल सरोवर एक बड़ा और खूबसूरत वेटलैंड है। सर्दियों में यह कई प्रवासी पक्षियों का ठिकाना बन जाता है। यहां साइबेरिया से आने वाले पेलिकन, फ्लेमिंगो और कई तरह की बत्तख और गीज देखने को मिलती हैं। सुबह के समय बोट राइड करते हुए इन पक्षियों को देखना एक शानदार अनुभव हो सकता है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/chitkul-village-travel-guide-for-winter-trip-to-india-tibet-border" target="_blank" rel="noopener">भारत-तिब्बत सीमा पर 3,450 मीटर ऊंचाई पर बसा है Chitkul, Kinnaur के इस गांव का रास्ता</a></h3><h2><strong>चिल्का झील, ओडिशा</strong></h2><p>ओडिशा में स्थित चिल्का झील एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून है। सर्दियों के महीनों में यह प्रवासी पक्षियों के सबसे बड़े ठिकानों में से एक बन जाती है। हर साल यहां साइबेरिया, ईरान और इराक जैसे इलाकों से बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। यहां आने वाले ग्रेटर फ्लैमिंगो पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होते हैं।</p><h2><strong>वेदांथंगल बर्ड सेंचुरी, तमिलनाडु</strong></h2><p>दक्षिण भारत के तमिलनाडु में स्थित वेदांथंगल देश की सबसे पुरानी बर्ड सेंचुरी में से एक है। सर्दियों के मौसम में यहां उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से कई वॉटरबर्ड्स प्रजनन के लिए आते हैं। यहां का शांत माहौल और पक्षियों की चहचहाहट पर्यटकों को काफी पसंद आती है। प्रकृति और पक्षियों को पसंद करने वालों के लिए यह जगह खास हो सकती है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:46:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/five-best-bird-watching-places-in-india-to-visit-in-winter-season</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Travel Tips: Dussehra पर रावण दहन नहीं, Bisrakh और Baijnath जैसे गांवों में होती है पूजा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/indian-villages-where-ravana-is-worshipped-instead-of-burned-on-dussehra]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत देश में आपको कई ऐसे अनोखे गांव मिल जाएंगे, जिनकी रहस्यमयी कहानियां सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। भारत अपनी अनोखी परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं के लिए विदेशों में भी फेमस है। यहां पर आपको कदम-कदम पर इतिहास के अलग-अलग रंग देखने को मिल जाएंगे। वहीं दशहरे के मौके पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद जैसे दानवों के पुतले जलाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसे गांव भी हैं, जहां पर रावण दहन नहीं बल्कि उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं।</p><h2>बैजनाथ, कांगड़ा</h2><p>हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ में रावण ने घोर तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था। यहीं पर रावण ने महादेव को अपने 10 सिर अर्पित किए थे। वहीं दशानन की अटूट भक्ति की वजह से यहां के स्थानीय लोग रावण को महादेव का परम भक्त मानते हैं। यहां पर दशहरे के मौके पर रावण दहन की बजाय लोग दीपक जलाकर पूजा करते हैं।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/chitkul-village-travel-guide-for-winter-trip-to-india-tibet-border" target="_blank" rel="noopener">भारत-तिब्बत सीमा पर 3,450 मीटर ऊंचाई पर बसा है Chitkul, Kinnaur के इस गांव का रास्ता</a></p><h2>बिसरख गांव</h2><p>उत्तर प्रदेश के बिसरख गांव का नाम लंकापति रावण के पिता महर्षि विश्रवा के नाम पर पड़ा था। इसलिए इस गांव के लोग दशानन को अपना बेटा मानते हैं। यही वजह है कि यहां पर कभी रामलीला का आयोजन नहीं होता है और न ही दशहरा के मौके पर रावण दहन किया जाता है। इस गांव में दशहरा के दिन शोक का माहौल रहता है। वहीं रावण की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा भी की जाती है।</p><h2>मंदसौर</h2><p>मध्य प्रदेश के मंदसौर के स्थानीय लोग दशानन रावण को अपने क्षेत्र का दामाद मानते हैं। इस जगह का प्राचीन नाम 'दशपुर' था। जिसको रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका माना जाता है। मंदसौर के खानपुरा में दशहरे के दिन रावण दहन नहीं किया जाता है। वहीं महिलाएं जब रावण की प्रतिमा के सामने से गुजरती है, तो दामाद होने के नाते उसके सम्मान में घूंघट निकालती हैं।</p><h2>बस्तर और दक्षिण भारत</h2><p>मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में गोंड और बैगा आदिवासी समुदाय के लोग ताड़का को अपनी रक्षक और कुलदेवी के रूप में मानते हैं। वहीं कर्नाटक के कोलार और मांड्या जिले में भी ऐसे गांव हैं, जहां पर ताड़का की शक्तियों और रावण के ज्ञान का आदर किया जाता है। यहां के निवासी दीपक जलाकर उनकी पूजा करते हैं।</p><h2>कैसे पहुंचे इन अनोखे गांवों तक</h2><p>बता दें कि इस सभी जगहों पर आप ट्रेन या फ्लाइट के जरिए पहुंच सकती हैं। नजदीकी रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर पहुंचते ही आप कई लोकल टैक्सी या कैब आसानी से मिल जाएंगी। जिससे आप इन गांवों तक पहुंच सकती हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 14:43:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/indian-villages-where-ravana-is-worshipped-instead-of-burned-on-dussehra</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Pre-Wedding Shoot के लिए 5 ऑफबीट Locations, जीरो वैली से ओरछा तक मिलेंगे बेहतरीन नजारे]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/romantic-offbeat-destinations-in-india-for-pre-wedding-photoshoot]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>सगाई होने के बाद कपल्स ज्यादातर शादी से पहले प्री-वेडिंग शूट कराते हैं। दरअसल, इन फोटज में कपल की केमिस्ट्री के साथ ही उनकी लव स्टोरी की खूबसूरती दिखाई देते हैं। आजकल काफी ट्रेंडिंग है प्री-वेंडिंग शूट। अगर आप भी प्री-वेडिंग फोटोशूट की तैयारी में लगे हैं और किस लोकेशन पर शूट कराना सबसे बेहतर रहने वाला है, तो यह लेख आपके लिए है। आइए आपको बताते हैं प्री-वेड‍िंग शूट के ल‍िए शानदार जगहों के बारे में, जहां आप अपना प्री-वेडिंग शूट करा सकते हैं।</p><p><strong>जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश</strong></p><p>ऊंचे-ऊंचे पहाड़, हरे-भरे खेतों और गांव के बीच फोटो क्लिक करवाना काफी सुंदर लगता है। आप भी अपना प्री-वेडिंग शूट जीरो वैली में करवा सकते हैं। यहां पर आपको दूर-दूर तक फैले खेत और चीड़ के पेड़ से तस्वीरों को एकदम प्राकृतिक लुक मिलेगा।</p><p><strong>फोटोशूट आइडिया-</strong> यहां पर आप लाइट कलर के कपड़े वियर करें, खेतों के बीच या पहाड़ों के सामने फोटो क्लिक कर सकते हैं।</p><p><strong>किसके लिए सही-</strong> वैसे यह जगह उन कपल्स के बेस्ट हैं, जिन्हें कम भीड़ पसंद हो।</p><p><strong>ओरछा, मध्य प्रदेश</strong></p><p>प्री-वेडिंग शूट के लिए ओरछा सबसे बेहतरीन जगह है। यहां पर आपको पुरानी इमारतों और नदी के किनारे फोटो क्लिक करना काफी पसंद हो सकता है। यहां पर आपको पुराने महल, छतरियां और बेतवा नदी के पास में शानदार फोटोज क्लिक करवा सकते हैं।</p><p><strong>फोटोशूट आइडिया-</strong> यहां पर आप पारंपरिक पुराने महलों के सामने सुंदर तस्वीरें लें सकते हैं।</p><p><strong>किसके लिए सही- </strong>जिन्हें तस्वीरों में पुराने जमाने जैसा लुक चाहिए।</p><p><strong>सत्ताल, उत्तराखंड</strong></p><p>नैनीताल के पास में ही सत्ताल मौजूद है, यहां पर कई झीलें और घने पेड़ है। सत्ताल की हरियाली, पानी और पहाड़ों के बीच कपल फोटोशूट के लिए सुंदर बैकग्राउंड मिल जाएगा।</p><p><strong>फोटोशूट आइडिया-</strong> यहां पर झील के किनारे चलते हुए या पेड़ों के बीच फोटो क्लिक करवा सकते हैं।</p><p><strong>किसके लिए सही- </strong>जिन लोगों को नेचर और पहाड़ काफी पसंद हो।</p><p><strong>हर्षिल, उत्तराखंड</strong></p><p>यदि आपको पहाड़ काफी पसंद है, तो आप यहां पर फोटोशूट करा सकते हैं। हर्षिल में आपको पहाड़, हरियाली और गांव का माहौल तस्वीरों को सुंदर बना सकते हैं।</p><p><strong>फोटोशूट आइडिया-</strong> पहाड़ों के समाने या गांव की गलियों में तस्वीरें क्लिक करवाएं।</p><p><strong>किसके लिए सही-</strong> जिन लोगों को सिंपल और रोमांटिक तस्वीर चाहिए।</p><p><strong>गांडिकोटा, आंध्र प्रदेश</strong></p><p>कुछ हटके आप चाहते हैं, तो आप आंध्र प्रदेश के गांडिकोटा भी जा सकती हैं। वैसे यह पेन्नार नदी से बनी घाटी और चट्टानों के नजारे देखने को मिलेंगे। यदि आपको पहाड़ों और हरियाली से अलग ही सुंदर तस्वीरे चाहिए, तो यह जगह आपके लिए है।</p><p><strong>फोटोशूट आइडिया-</strong> वैली के नजारों के साथ तस्वीरें लें, लेकिन किनारों के पास न जाएं।</p><p><strong>किसके लिए सही-</strong> जिन लोगों को फोटोज एकदम यूनिक और हटकर चाहिए।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 17:58:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/romantic-offbeat-destinations-in-india-for-pre-wedding-photoshoot</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Delhi से Neem Karoli Baba के Kainchi Dham और भूमियाधार की यात्रा का 3 दिन का रूट प्लान]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/bhumiadhar-and-kainchi-dham-tour-plan-for-neem-karoli-baba-devotees]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>जब नैनीताल उत्तराखंड घूमने की बात आती है, तो नीम करोली बाबा का नाम सबसे पहले आता है। उत्तराखंड का प्रसिद्ध कैंची धाम याद आता है। लेकिन बाबा नीम करोली से संबंधित आध्यात्मिक विरासत सिर्फ कैंची धाम तक सीमित नहीं मानी जाती है।</p><p>कुमाऊं की पहाड़ियां में कुछ ऐसे स्थान भी जिनका संबंध बाबा की साधना, तप और आध्यतात्मिक पंरपरा से संबंधित है। इन्हीं में से एक है भूमियाधार और बाबा संबंधित समाधि मंदिर का विशेष महत्व बताया जाता है।</p><p>कुछ समय से कैंची धाम की लोकप्रियता पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है और यहां श्रद्धालुओं की भीड़ भी काफी बढ़ी है। इन धार्मिक स्थलों की यात्रा भी दिल्ली से आसानी से तय की जाती है। 2 से 3 दिन की आध्यात्मिक यात्रा के रुप में प्लान किया जा सकता है।</p><p><strong>भूमियाधार- बाबा से जुड़ा शांत आध्यात्मिक पड़ाव</strong></p><p>बता दें कि, कैंची धाम से अलग भूमियाधार का माहौल अपेक्षाकृत शांत आध्यात्मिक अनुभव दे सकता है। यहां पर स्थित श्री हनुमान मंदिर भूमियाधार स्थानीय धार्मिक स्थल के रुप में जाना जाता है। नीम करोली बाबा की आध्यात्मिक परंपरा से संबंधित यात्रा मार्गों में भूमियाधार को भी शामिल किया जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालु मंदिर में दर्शन और कुछ समय शांत वातावरण में ध्यान-प्रार्थना के लिए रुक सकते हैं।</p><p>भूमियाधार आश्रम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली और हल्द्वानी मार्ग पर कैंची धाम के पास है। यहां पर संत नीम करौली बाबा की प्रथम तपोस्थली और एक मुख्य हनुमान मंदिर है। यहां स्थित हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना नीम करौली बाबा ने की थी।</p><p>यदि आपके उद्देश्य सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि बाबा से संबंधित स्थलों को समझना है, तो भूमियाधार को यात्रा में जगह देना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।</p><p><strong>दिल्ली से कैसे बनाएं ट्रिप प्लान?</strong></p><p><strong>पहला दिन- दिल्ली से कुमाऊं</strong></p><p>जल्दी सुबह दिल्ली से कार लेकर निकलें। सामान्य रूट दिल्ली से गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर होते हुए हल्द्वानी से काठगोदाम और अंत में भवाली की तरफ जा सकते हैं। इसके बाद अपने ठहरने के स्थान तक पहुंच सकते हैं। पहले दिन ज्यादा जगह कवर करने से बेहतर है आराम करें, क्योंकि पहाड़ी रास्तों पर यात्रा में समय लग सकता है।</p><p><strong>दूसरा दिन- भूमियाधार और कैंची धाम</strong></p><p>दूसरे दिन सुबह भूमियाधार जाकर मंदिर के दर्शन करें और कुछ समय शांत वातावरण में बिताएं। जिसके बाद कैंची धाम की तरफ जाएं। कैंची धाम में भीड़ की स्थिति पहले से जांच लेना समझदारी होगी। हाल ही में रिपोर्ट में भारी भीड़ और ट्रैफिक की समस्या भी देखने को मिली है।</p><p><strong>तीसरा दिन- समाधि स्थल और वापसी</strong></p><p>ट्रिप के तीसरे दिन बाबा से संबंधित समाधि मंदिर/स्थल के दर्शन करें। फिर दिल्ली वापसी शुरु करें।</p><p><strong>ट्रेन से सफर करने वाले</strong></p><p>जो लोग ट्रेन से जाना चाहते हैं, वो दिल्ली से काठगोदाम तक ट्रेन लेना एक सुविधाजनक ऑप्शन हो सकता है। काठगोदाम से आगे टैक्सी या स्थानीय वाहन लेकर भवाली-कैंची धाम क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है। कैंची धाम काठगोदाम से करीब 40 किलोमीटर के पास है।</p><p><strong>इस यात्रा में किन बातों का रखें ध्यान?</strong></p><p>- पहाड़ी यात्रा के लिए सुबह जल्दी निकलें।</p><p>- वीकेंड और लंबे अवकाश में भीड़ अधिक हो सकती है।</p><p>- मंदिरों के स्थानीय नियमों और समय का पालन करें।</p><p>- पहाड़ी रास्तों पर रात में ड्राइविंग से बचना जरुरी है।</p><p>- पहाड़ों पर जाएं, तो एक बार मौसम की स्थिति जरुर चेक करें।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 14:31:00 +0530</pubDate>
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      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[भारत-तिब्बत सीमा पर 3,450 मीटर ऊंचाई पर बसा है Chitkul, Kinnaur के इस गांव का रास्ता]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/chitkul-village-travel-guide-for-winter-trip-to-india-tibet-border]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>हर किसी को बर्फ से ढके पहाड़, लकड़ी के छोटे-छोटे घर और चारों तरफ फैली सफेद चादर देखने का मन करता है। अगर आपको भी यह सब देखना है, तो हिमाचल प्रदेश के चितकुल गांव आप जा सकती हैं। किन्नौर जिले में बसा यह गांव अपनी खूबसूरत वादियों के लिए जाने जाते हैं। यह बसपा नदी के किनारे करीब 3,450 मीटर की ऊंचाई पर है और भारत-तिब्बत सीमा के पास बसा आखिरी आबादी वाला गांव है।</p><p>अगर आप ऐसे ही खूबसूरत जगहें देखने चाहते हैं, तो हिमाचल में बसे चितकुल गांव के बारे में हम आपको पूरी जानकारी दे रहे हैं। आइए आपको ट्रैवल गाइड बताते हैं।</p><p><strong>ह‍िमाचल के चितकुल गांव में क्या है खास?</strong></p><p>असल में यहां पर सर्दियां शुरु होने से &nbsp;पहले ही आसपास के पहाड़ बर्फ से ढक जाते हैं। यदि मौसम साफ रहा, तो यहां से हिमालय के शानदार नजारे भी देखने को मिलेंगे। वहीं, गांव के पास बसपा नदी भी बहती है। यहां की खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है।</p><p><strong>चि‍तकुल गांव का रहन-सहन है एकदम अलग</strong></p><p>इस जगह के पारंपरिक घर और पहाड़ी रहन-सहन ही इस जगह को बाकी हिल स्टेशनों से अलग बनाता है। यहां गांव में माथी देवी मंदिर भी है। बता दें कि, गांव वालों के बीच में इस मंदिर की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।</p><p><strong>सर्दियों में च‍ितकुल घूमने जाने से पहले जान लें ये बातें</strong></p><p>चितकुल में सर्दियों के दौरान हैवी बर्फबारी देखने को मिलती है। इस दौरान सड़कें भी बंद हो जाती है। इसलिए घर से निकलने से पहले वहां के प्रशासन और सड़क की ताजा स्थिति जरुर पता कर लें। यहां ठंड भी काफी ज्यादा पड़ती है। ऐसे में आप मोटी जैकेट, ग्लव्स, मोजे और अच्छी ग्रिप वाले शूज भी रखें। इस बात का ध्यान रखें कि मौसम खराब होने पर रास्ते में देरी हो सकती है। इस दौरान आप एक्स्ट्रा समय लेकर ही ट्रिप पर जाएं। आप चाहे तो शुरुआती सर्दियों जैसे कि नवंबर या दिसंबर या फिर वसंत के मौसम में जाएं।</p><p><strong>ह‍िमाचल के चितकुल गांव कैसे पहुंचें?</strong></p><p><strong>दिल्ली से- </strong>सड़क के रास्ते से शिमला और फिर किन्नौर की तरफ जा सकते हैं। पूरे सफर में काफी समय लग सकता है।</p><p><strong>शिमला-</strong> आमतौर पर शिमला से चितकुल तक सड़क से पहुंचने में करीब 7-8 घंटे लगते हैं, लेकिन मौसम और सड़क की हालत के हिसाब से समय बदल सकता है।</p><p><strong>सांगला से- </strong>आपको बताते चलें कि, सांगला से चितकुल करीब 25-28 किलोमीटर दूर है। यहां से टैक्सी लेकर आप गांव जा सकती हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 17:15:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/chitkul-village-travel-guide-for-winter-trip-to-india-tibet-border</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Travel Tips: राजस्थान के Bera में लें बजट Night Safari और Jawai Dam का अद्भुत आनंद]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/rajasthan-bera-offers-budget-night-safari-and-jawai-dam-leopard-sightings]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>राजस्थान अपने रेतीले टीले और ऐतिहासिक महलों के लिए जाना जाता है। अक्सर लोग छुट्टियां मिलने पर राजस्थान की फेमस जगहों पर घूमने के लिए निकल जाते हैं। लेकिन कुछ ज्यादा फेमस जगहों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में अगर आप सुकून के पल बिताने के साथ नाइट जंगल सफारी का मजा लेना चाहती हैं। तो आपको राजस्थान के पाली जिले में बसा छोटा सा कस्बा 'बेरा' जाना चाहिए। यह जगह आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है।</p><h2>राजस्थान की खास जगह</h2><p>यह इलाका जवाई बांध और अरावली की ग्रेनाइट पहाड़ियों के आसपास फैला हुआ है। जोकि पूरे देश में तेंदुओं की आबादी के लिए जाना जाता है। जैसलमेर या जोधपुर के महंगे टूर पैकेजों की जगह आप बजट में बेहतरीन नाइट जंगल सफारी का एक्सपीरियंस लेने के लिए राजस्थान की इस फेमस जगह बेरा जा सकती हैं।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ludhiana-mahagauri-temple-travel-guide-for-maha-ashtami-in-navratri" target="_blank" rel="noopener">लुधियाना में है मां महागौरी का यह सिद्ध शक्तिपीठ मंदिर, महाअष्टमी पर करें दर्शन; जानें कैसे पहुंचे और क्या है खास?</a></p><h2>नाइट जंगल सफारी</h2><p>अक्सर लोग महंगे नेशनल पार्कों और कोर टाइगर रिजर्व्स में जाते हैं। लेकिन इसकी जगह बेरा में सफारी का एक अगल ही मजा है। यहां पर बाकी जगहों की तुलना में काफी कम खर्च होगा और आपकी ट्रिप यादगार बन सकती है। जैसलमेर या रणथंभौर की महंगी सफारी के चक्कर में पड़ने की जगह बेरा में स्थानीय गाइडों के साथ खुली जीप में आसानी से नाइट सफारी प्लान कर सकती हैं। यहां पर सरकारी सफारी की एडवांस बुकिंग को लेकर परेशान नहीं होना होगा।</p><h2>होमस्टे और कैंपिंग</h2><p>जब आप जोधपुर या जैसलमेर जैसी जगहों पर जाती हैं, तो यहां पर आप महंगे हेरिटेज होटल की बजाय बेरा और उसके आसपास के गांवों में होमस्टे में रुक सकते हैं। यब आपको आसानी से बजट में मिल जाएंगे। होमस्टे में आपको 800 से 1,500 रुपए तक में रहने के लिए अच्छे कमरे मिल जाएंगे। यहां आप रात में कैंपफायर का मजा लेने के साथ-साथ पारंपरिक राजस्थानी भोजन का स्वाद ले सकते हैं।</p><h2>देखें जवाई बांध और प्राकृतिक नजारे</h2><p>रात के समय सफारी के दौरान आपको तेंदुए के अलावा जंगल कैट, लोमड़ी, सियार और लकड़बग्घा जैसे जानवर देखने को मिल सकते हैं। जानवरों के अलावा आप बेरा के बेहद खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का भी लुत्फ उठा सकती हैं। इस इलाके में फेमस जलाशय 'जवाई बांध' भी है। यहां पर आपको सैकड़ों मगरमच्छ पानी के किनारे धूप सेंकते दिख जाएंगे।</p><h2>ऐसे पहुंचे राजस्थान के बेरा गांव</h2><p>यहां पहुंचने का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा उदयपुर महाराणा प्रताप एयरपोर्ट है। जोकि करीब 150 किमी दूर है। वहीं जोधपुर एयरपोर्ट करीब 170 किमी दूर है।</p><p>इसके अलावा यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन 'जवाई बांध' और 'फालना' है। यहां से आपको सीधी टैक्सी या बसें मिल जाएंगी।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 14:31:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/rajasthan-bera-offers-budget-night-safari-and-jawai-dam-leopard-sightings</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Dussehra Long Weekend पर दिल्ली से 6 घंटे की ड्राइव पर हैं ये 5 Hill Stations]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/best-hill-stations-near-delhi-within-six-hours-for-dussehra-weekend]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>क्या आप भी दशहरा के लॉन्ग वीकेंड पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह आर्टिकल सिर्फ आपके लिए है। लॉन्ग वीकेंड आती ही दिल्ली-एनसीआर के लोगों के मन में सबसे पहले किसी ठंडी जगह पर जाने का ख्याल आने लगता है।</p><p>यदि आप भी शहरों की भागदौड़ और शोर-शराबे से बोर हो चुके हैं और परिवार या दोस्तों के साथ कुछ समय सूकुन के पल बिताना चाहते हैं, तो लंबी छुट्टियों का इंतजार करने की कोई जरुरत नहीं है। दिल्ली से केवल 5-6 घंटे की ड्राइव पर कई ऐसे खूबसूरत और शानदार हिल स्टेशन मौजूद है, जहां आप जरुर जा सकते हैं।</p><p><strong>नैनीताल (Nainital)</strong></p><p>नैनीताल को झीलों का शहर कहा जाता है। दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए यह समय काफी फेवरेट है। पहाड़ों से घिरी नैनी झील में बोटिंग करना, मॉल रोड पर शाम को टहलना और नैना देवी मंदिर के दर्शन करना इस दशहरा वीकेंड आपकी ट्रिप शानदार बन जाएगी।</p><p>कैसे पहुंचें- हापुड़ और मुरादबाद हाईवे के रास्ते आसानी से कार, बस या टैक्सी द्वारा 6 से 6.5 घंटे में पहुंचा जा सकता है। इसके लिए आप नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है।</p><p><strong>कसौली (Kasauli)</strong></p><p>अगर आप पहाड़ों के बीच शांत रास्ते, देवदार के ऊंचे पेड़ और ब्रिटिश दौर की शांति कसौली की असली पहचान है। अगर आप दशहरा वीकेंड पर भीड़भाड़ से दूर किसी सुकून भरी जगह की तलाश कर रहे हैं, तो आप कसौली जा सकते हैं। यहां गिल्बर्ट ट्रेल पर नेचर वॉक और मंकी पॉइंट जगह सबसे अधिक फेमस है।</p><p>कैसे पहुंचें: करनाल और अंबाला होते हुए भी चंडीगढ़-शिमला हाईवे के रास्ते यहां लगभग 6 घंटे की ड्राइव करके पहुंचा जा सकता है।</p><p><strong>कानाताल (Kanatal)</strong></p><p>यदि आप मसूरी की भीड़ से दूर जाना चाहते हैं, तो आप एकदम शांत व ऑफबीट जगह के लिए कानताल जा सकते हैं। यहां मौजूद चीड़ और सुरमई जंगलों के बीच बसा यह छोटा-सा गांव सुरकंडा देवी मंदिर, कैंपिंग और एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए जाना जाता है।</p><p>कैसे पहुंचे- इसके लिए आप मेरठ एक्सप्रेसवे के जरिए ऋषिकेश या चंबा होते हुए यहां कार या कैब से 6 से 7 घंटे आसानी से पहुंच सकता है।</p><p><strong>चकराता</strong></p><p>इस समय चकराता में काफी शांति देखने को मिलती है। यह एकदम ऑफबीट हिल स्टेशन है। अगर आपको कमर्शियल जगहों के बजाय नेचर का असली मजा लेना है, तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है। यहां के शानदार झरने, घने जंगल और खूबसूरत वादियां मन मोह लेती हैं।</p><p>कैसे पहुंचे: पहाड़ी रास्तों और मुख्य सड़कों से होते हुए यहां करीब 6.5 से 7 घंटे की ड्राइव करके पहुंचा जा सकता है।</p><p><strong>ऋषिकेश</strong></p><p>अगर आपको रोमांच से भरपूर ट्रिप चाहिए, तो आप ऋषिकेश जा सकते हैं। यह जगह एकदम परफेक्ट डेस्टिनेशन है। नदी के किनारे बसा यह शहर रिवर राफ्टिंग, कैंपिंग और शाम की आरती के लिए दुनियाभर में बेहद मशहूर है।</p><p>कैसे पहुंचे- &nbsp;मेरठ एक्सप्रेसवे और सड़क के रास्ते कार, बस या कैब से यहां 5 से 6 घंटे में आसानी से पहुंचा जा सकता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 17:03:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/best-hill-stations-near-delhi-within-six-hours-for-dussehra-weekend</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[लुधियाना में है मां महागौरी का यह सिद्ध शक्तिपीठ मंदिर, महाअष्टमी पर करें दर्शन; जानें कैसे पहुंचे और क्या है खास?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ludhiana-mahagauri-temple-travel-guide-for-maha-ashtami-in-navratri]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>नवरात्रि में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है। नवरात्र में आठवां दिन यानी के महाअष्टमी मां महागौरी को सर्मित होता है। इस दिन लोग भक्तजन देवी मां की विधिवत रुप से पूजा करते हैं। मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। अगर आप महाअष्टमी पर मां के दर्शन करने का प्लान बना रहे है, तो पंजाब के लुधियाना में मौजूद श्री महागौरी माता मंदिर जा सकती हैं।</p><p>पंजाब के लुधियाना में मां महागौरी का मंदिर शिमलापुरी में स्थित है। माना जाता है कि यहां मां के दर्शन करने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है। आइए आपको इस मंदिर का ट्रैवल गाइड बताते हैं।</p><p><strong>लुधियाना में कहां है मां महागौरी का मंदिर?</strong></p><p>श्री महागौरी माता मंदिर पंजाब के लुधियाना शहर के शिमलापुरी इलाके में है। मां के दर्शन करने के लिए आप यहां अपने परिवार के साथ जा सकती हैं। अगर आप लुधियाना में रहती हैं या नवरात्रि के दौरान शहर में हैं, तो महाअष्टमी पर इस मंदिर में दर्शन जरुर करने जाए। सबसे खास बात तो यह है कि दिल्ली से भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। इस मंदिर को सिद्ध शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है।</p><p><strong>महाअष्टमी पर मां महागौरी की पूजा क्यों की जाती है?</strong></p><p>नवरात्र के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें रुप मां महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन भक्त मां से सुख-शांति और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। इस &nbsp;दिन कई घरों में महाअष्टमी पर कन्या पूजन किया जाता है। आप इस मंदिर के दर्शन जरुर करें।</p><p><strong>कैसे पहुंचें लुध‍ियाना के मां महागौरी मंदिर?</strong></p><p>- ट्रेन से- लुधियाना जंक्शन रेलवे स्टेशन देश के कई बड़े शहरों से रेल के जरिए जुड़ा है। अगर आप अपने शहर से लुधियाना के लिए ट्रेन ले सकती हैं। स्टेशन पहुंचने के बाद ऑटो या टैक्सी लेकर शिमलापुरी स्थित श्री महागौरी माता मंदिर जा सकते हैं।</p><p>&nbsp;- बस से- पंजाब और आसपास के कई शहरों से लुधियाना के लिए बसें भी जाती है, आप सरकारी या फिर प्राइवेट बस से लुधियाना पहुंच सकते हैं। बस स्टैंड से मंदिर जाने के लिए आपको ऑटो या टैक्सी मिल जाएंगे।</p><p><strong>मंदिर तक कैसे पहुंचें</strong></p><p>यह मंदिर शिलमापुरी, लुधियाना में स्थित है। आप मैप में रास्ता देखकर मंदिर पहुंच सकती हैं या कैब ऑटो बुक करते समय ड्राइवर को मंदिर का नाम बताएं, वे आपको पहुंचा देंगे।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 17:20:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ludhiana-mahagauri-temple-travel-guide-for-maha-ashtami-in-navratri</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Indonesia से Thailand तक, भारत के बाहर इन देशों में भी धूमधाम से होती है Ramlila]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ramleela-is-staged-in-indonesia-thailand-cambodia-and-caribbean-islands]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>शारदीय नवरात्रि के समय देशभर में रामलीला का आयोजन देखा होता है। &nbsp;दशहरा के दिन रावण दहन के साथ इसका समापन होता है। भारत के हर एक हिस्से में रामलीला देखने को मिलते हैं। क्या आप जानते हैं राम-लीला केवल भारत में नहीं होती है।</p><p>असल में रामलीला का आयोजन भारत के अलावा और भी कई देशों में होता है। भारत के अलावा दूसरे देशों में भी रामायण सुनाई जाती है। इसलिए उन देशों में रामलीला का जादू भी देखने को मिलता है। आइए जानते हैं कि भारत के अलावा किन देशों में रामलीला का आयोजन होता है।</p><p><strong>इंडोनेशिया</strong></p><p>आप शायद ही जानते होंगे कि इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी है, लेकिन फिर भी रामायण यहां की संस्कृति रची-बसी हुई है। यहां रामायण इतिहास और संस्कृति का हिस्सा है, जहां भगवान राम किसी एक धर्म के न होकर मानवीय आदर्शों का प्रतीक माने जाते हैं। यहां पर जावा और बाली पर राम-लीला का मंचन बहुत ही खूबसूरत तरीके से नृत्य और नाटक के द्वारा किया जाता है।</p><p><strong>थाईलैंड</strong></p><p>दरअसल, थाईलैंड की संस्कृति में रामायण का गहरा असर देखने को मिलता है। यहां रामायण को रामकियन के नाम से जाना जाता है, जो वहां का राष्ट्रीय काव्य भी माना जाता है। यहां रामायण के प्रसंगों को बहुत ही खूबसूरत तरीके से नृत्य और संगीत पेश किए जाते हैं। बता दें कि, यहां पर रामायण को मंच पर पेश करते हुए कलाकार एक खास मास्क पहनते हैं, जिसको खोन कहा जाता है।</p><p><strong>कंबोडिया</strong></p><p>इसमें कोई दोहराए नहीं है कि कंबोडिया का इतिहास हिंदू संस्कृति से बिल्कुल जुड़ा हुआ है। यहां पर रामायण को रीमकेर कहा जाता है। यहां के मंदिरों और ऐतिहासिक जगहों पर रामायण के प्रसंगों का काफी खूबसूरत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। वहीं कलाकार भी खूबसूरत पोशाक और गहने पहनकर राम-लीला पेश करते हैं।</p><p><strong>त्रिनिदाद और टोबैगो और गयाना</strong></p><p>इतना ही नहीं, रामलीला के पहुंचने के इतिहास काफी दिलचस्प है। 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में गिरमिटिया मजदूरों को इन देशों में गन्नों के खेतों में काम करने के लिए भेजा, फिर यहां की संस्कृति भी साथ लेकर गए। इन मजदूरों की बड़ी आबादी इन्हीं देशों में रह गई और इस तरह देशों में रामायण पहुंची।&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 18:02:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ramleela-is-staged-in-indonesia-thailand-cambodia-and-caribbean-islands</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Backpackers और Solo Travelers के लिए Dharamshala के करीब Naddi Village बना नया ठिकाना]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/backpackers-choose-naddi-village-near-dharamshala-for-peaceful-treks]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>बारिश और ठंड के बीच का मौसम बेहद सुहावना होता है। ज्यादातर लोग इस मौसम में काम से छुट्टी लेकर फैमिली या फिर दोस्तों के साथ घूमने के लिए जाते हैं। इस मौसम में हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में बसा धर्मशाला एक्सप्लोर करने लायक होता है। हालांकि अधिकतर लोग छु्ट्टियों में धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान करते हैं। लेकिन इन जगहों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।</p><p>ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसी खूबसूरत जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि धर्मशाला से करीब 15 किमी की दूरी पर है। बैकपैकर्स, ब्लॉगर्स और सोलो ट्रैवलर्स के लिए यह ऑफबीट डेस्टिनेशन जन्नत साबित हो सकती है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/travel-on-low-budget-near-delhi-ncr-with-these-five-weekend-getaways" target="_blank" rel="noopener">Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska</a></p><h2>नड्डी गांव</h2><p>अक्सर लोग छुट्टियों पर भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से कतराते हैं। ऐसे में अगर आपका भी धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान भारी भीड़, ट्रैफिक जाम और महंगे होटलों की वजह से कैंसिल हो रहा है। तो आपको धर्मशाला से कुछ ही दूरी पर मौजूद एक बेहद खूबसूरत जगह पर जाना चाहिए।</p><p>धर्मशाला और मैक्लोडगंज में हमेशा आपको पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। इस वजह से यहां के होटल भी काफी महंगे होते हैं। लेकिन आप धर्मशाला से कुछ किमी दूर स्थित नड्डी गांव जा सकती हैं। यह गांव कल-कल बहती पहाड़ी नदियों, खूबसूरत झरनों के दृश्यों और देवदार के लंबे पेड़ों के लिए जाना जात है। आप यहां पर सिर्फ 300 से 500 रुपए में होमस्टे या बेड बुक कर सकती हैं। यहां पर आप पहाड़ों की विशाल चोटियों के खूबसूरत नजारों को निहार सकती हैं।</p><h2>ट्रैकिंग और लोकल फूड</h2><p>नड्डी गांव में कई बेहद खूबसूरत ट्रैकिंग और हाइकिंग रूट्स बने हुए हैं। जोकि खासकर ट्रैकिंग पसंद करने वाले लोगों के लिए बेस्ट हैं। वहीं इन रास्तों पर आपको छिपे हुए पहाड़ी नाले, झरने और हरे-भरे जंगल देखने को मिलेंगे। आप यहां पर पारंपरिक खाने का स्वाद ले सकती हैं। यहां पर आपको मोमोज और सिड्डू जैसी कई स्वादिष्ट पहाड़ी डिशेज खाने को मिल जाएंगी।</p><h2>ऐसे जाएं नड्डी गांव</h2><p>बता दें कि यहां का नजदीकी एयरपोर्ट कांगड़ा एयरपोर्ट है, जोकि धर्मशाला से करीब 13 किमी दूर है। वहीं सबसे नजदीक पठानकोट रेलवे स्टेशन है। आप दिल्ली या चंडीगढ़ से सीधे स्लीपर बस से धर्मशाला पहुंच सकती हैं। फिर आप कैब या शेयरिंग ऑटो बुक करके इस खूबसूरत गांव पहुंच सकती हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 14:35:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/backpackers-choose-naddi-village-near-dharamshala-for-peaceful-treks</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/travel-on-low-budget-near-delhi-ncr-with-these-five-weekend-getaways]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>वीकेंड आते ही दिल्ली की भागदौड़ से दूर किसी शांत और सुकून वाली जगह पर जाने का मन करता है। लेकिन इसमें बजट और समय दोनों ही बाधा बनते हैं। अगर आपके पास सिर्फ दो दिन का समय है और करीब 5000 रुपए का ही बजट है, तो आप दिल्ली-एनसीआर से कई बेहद खूबसूरत और शांत जगहों पर जाने का प्लान कर सकती हैं। वहीं इन ट्रिप के लिए लंबी छुट्टी और ज्यादा खर्च की भी जरूरत नहीं होगी। दिल्ली के आसपास कई ऐसी जगहें हैं, जहां पर आपको एक ही ट्रिप में झील, जंगल, पहाड़ और हरियाली देखने को मिल सकती है।</p><h2>ऋषिकेश</h2><p>गंगा, पहाड़ और एडवेंचर का अनुभव एक साथ लेने के लिए ऋषिकेश एक बेहतरीन जगह है। अगर आपकी लिस्ट में पहाड़ों के अलावा रोमांच और नदी भी शामिल है, तो आपके लिए ऋषिकेश परफेक्ट जगह है। दिल्ली से बस के जरिए यहां पहुंचना आसान है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/maa-kushmanda-temple-in-kanpur-ghatampur-travel-guide-for-navratri-darshan" target="_blank" rel="noopener">Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide</a></p><h2>मोरनी हिल्स</h2><p>मोरनी हिल्स पर आपको पहाड़ और झील दोनों का अनुभव मिल सकता है। दिल्ली से वीकेंड ट्रिप के लिए यह एक परफेक्ट ऑप्शन है। पंचकूला जिले में स्थित हरियाणा का यह प्रमुख हिल स्टेशन है। यहां आप पहाड़ियों के अलावा टिक्कर ताल की खूबसूरती को निहार सकेंगे।</p><p>झील के आसपास का पहाड़ी वातावरण और हरियाली आपको सुकून देने का काम करती है। दो दिन की ट्रिप में यहां घूमना और आसपास के इलाकों को देखना संभव है। बजट कम रखना हो, तो आपको परिवहन और होमस्टे का ऑप्शन चुना जा सकता है।</p><h2>लैंसडाउन</h2><p>जंगल और शांत पहाड़ के बीच सुकून की छुट्टियां बिताने के लिए लैंसडाउन बेहद खूबसूरत जगह हैं। उत्तराखंड के लैंसडाउन उन लोगों के लिए खास आकर्षण है, जो कि भीड़भाड़ से दूर शांत पहाड़ी माहौल में समय बिताना चाहते हैं। देवदार के पेड़, आसपास के जंगल और पहाड़ी रास्ते इस जगह को खास बनाते हैं।</p><p>यहां पर आप वीकेंड में जा सकते हैं। वहीं बजट में यात्रा के लिए होमस्टे और यात्रा पर खर्च को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।</p><h2>नैनीताल</h2><p>अगर आप भी थोड़ा लंबा सफर करने के लिए तैयार हैं, तो आपको नैनीताल में झील और पहाड़ दोनों मिल जाएंगे। आप नैनी झील के आसपास घूम सकते हैं, पहाड़ी नजारे देख सकते हैं और माल रोड पर वॉक करते हुए अपने समय को खास बना सकते हैं।</p><p>हालांकि पीक सीजन में यहां के होटल और परिवहन आदि महंगे हो सकते हैं। इसलिए 5 हजार के बजट में आने-जाने के लिए ऑफ-पीक डेट, बस यात्रा और बजट स्टे चुनना ज्यादा सही रहेगा।</p><h2>सरिस्का</h2><p>दिल्ली के आसपास जंगल सफारी के साथ-साथ वीकेंड ट्रिप का मजा लेने के लिए आप सरिस्का जा सकते हैं। अगर आपको भी पहाड़ों से ज्यादा जंगल पसंद हैं, तो राजस्थान के सरिस्का जाना चाहिए।</p><p>सरिस्का टाइगर रिजर्व में आप जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं। आप आसपास के ऐतिहासिक स्थलों और अरावली के प्राकृतिक वातावरण को भी देख सकेंगे। हालांकि जंगल सफारी की फीस और उपलब्धता अलग हो सकती है, इसलिए पहले ऑफिशियल जानकारी देखना सही होगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 13:17:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/travel-on-low-budget-near-delhi-ncr-with-these-five-weekend-getaways</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/maa-kushmanda-temple-in-kanpur-ghatampur-travel-guide-for-navratri-darshan]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>शारदीय नवरात्रि में हर जगह भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। भक्तजन देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और व्रत भी रख रहे हैं। शारदीय नवरात्र में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है। कल यानी 14 अक्तूबर को नवरात्रि का चौथा दिन है और इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है।</p><p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कूष्मांडा ने अपनी मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी। यदि आप इस दिन मां के दर्शन करने के लिए किसी खास मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो यह लेख आपके लिए है। असल में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर में मां कूष्मांडा देवी का चमत्कारी मंदिर है। खासकर इस मंदिर में जमीन पर लेटी हुई दिखने वाली मां की पिंडी है, जिससे पूरे साल पानी रिसता रहता है। आइए आपको यहां पर जाने के लिए पूरी ट्रैवल गाइड बताते हैं।</p><p><strong>कानपुर में मां कूष्मांडा का मंदिर कहां है?</strong></p><p>अगर आप इस मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं, तो आप कानपुर के घाटमपुर तहसील में मां कूष्मांडा का मंदिर है। यह मंदिर अनोखी पिंडी के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में मां की पिंडी जमीन पर लेटी हुई और इसका आकार भी आम मूर्तियों से काफी अलग है। पिंडी के दो मुख होने के कारण इसका आखिरी सिरा अभी तक किसी को समझ नहीं आया है।</p><p><strong>कानपुर के कूष्मांडा मंदिर जाने का सही समय क्या है?</strong></p><p>मंदिर सुबह 6 बजे से लेकर रात 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहता है। हालांकि, त्योहारों या सर्दियों के मौसम में समय में बदलाव भी होता है। नवरात्रि के दिन जाने से पहले मंदिर का समय एक बार जरुर पता करें।</p><p><strong>मंदिर के आसपास कहां रुक सकती हैं?</strong></p><p>यदि आप किसी दूसरे शहर से मां के दर्शन करने जा रहे हैं, तो आप एक दिन से ज्यादा रुकना चाहते है, तो आप घाटमपुर में होटल या गेस्ट हाउस आपको मिल जाएंगे। वहीं, आपको कानपुर के बर्रा इलाके में भी स्टे देखने को मिलेगा। बस रुम बुक करने से पहले मंदिर से उसकी दूरी, आने-जाने की सुविध और किराया जरुर पता कर लें।</p><p><strong>कानपुर के मां कूष्मांडा मंदिर कैसे पहुंचें?</strong></p><p><strong>ट्रेन से:</strong> कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से आपको घाटमपुर जाने के लिए टैक्सी, ऑटो या बस का ऑप्शन मिल जाएगा।</p><p><strong>सड़क: </strong>असल में कानपुर शहर सड़क के रास्ते उत्तर प्रदेश के कई शहरों से कनेक्टेड है। जब आप कानपुर पहुंचे जाए, तो यहां से घाटमपुर जाने के लिए बस, टैक्सी आपको मिल जाएगी।</p><p><strong>हवाई जहाज से: </strong>कानपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद टैक्सी या कैब से घाटमपुर पहुंच सकते हैं।</p><p><strong>मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन के लिए कितने समय का प्लान बनाएं?</strong></p><p>आप यहां पर दो दिन का प्लान बना सकती हैं। पहले दिन पहुंचकर फ्रेश होकर मंदिर के दर्शन करें। जिसके बाद कुछ नाश्ता या खाना खाकर दूसरी जगहों को एक्सप्लोर करें। आप कानपुर के और भी खूबसूरत मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं-</p><p>-ब‍िठूर<br>-गंगा बैराज<br>-कानपुर जू<br>-मोती झील<br>-जेके मंद‍िर<br>-इस्‍कॉन मंद‍िर<br>-जैन ग्‍लास मंद‍िर<br>-कानपुर मेमोर‍ियल चर्च</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 12:50:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/maa-kushmanda-temple-in-kanpur-ghatampur-travel-guide-for-navratri-darshan</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Solo International Trip: Solo Trip के लिए Asia के ये 3 देश हैं बेस्ट, कम बजट में घूमें Vietnam और Malaysia]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/thailand-malaysia-and-vietnam-top-budget-destinations-for-solo-travel]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>अगर आपका भी अकेले घूमने का मन है, लेकिन पहली सोलो इंटरनेशनल ट्रिप के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर ज्यादा पैसे न खर्च करने पड़े। तो आप एशिया के कुछ खूबसूरत देश आपकी लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। सोलो ट्रिप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको किसी दूसरे के हिसाब से अपना प्लान नहीं बनाना पड़ता है। सोलो ट्रिप में जब मन करे, जहां मन करे वहां जाएं, रुकें और अपनी पसंद का खाना खाएं। वहीं अगर आपको बजट को ध्यान में रखना है, तो आप वियतनाम और थाईलैंड जैसे ऑप्शन देख सकती हैं।</p><p>इन जगहों पर आप खूबसूरत बीच, स्वादिष्ट लोकल फूड्स, शानदार मार्केट और एक अलग ही कल्चर देखने को मिलेगा। वहीं अगर आप भी इस बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 ऐसे खूबसूरत देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप सोलो ट्रिप के लिए जा सकती हैं।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/char-dham-mandir-in-vrindavan-offers-four-pilgrimages-at-one-single-place" target="_blank" rel="noopener">Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन</a></p><h2>मलेश‍िया</h2><p>सोलो ट्रिप के लिए मलेशिया भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। खासकर अगर आप शहर, फूड, शॉपिंग और घूमने के साथ-साथ थोड़ा नेचर भी देखना चाहती हैं, तो आपको Kuala Lumpur जैसे शहर से लेकर कई दूसरी खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा। वहीं अच्छी बात यह है कि मलेशिया में बस और ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके अपना अपने खर्च को थोड़ा मैनेज कर सकती हैं। आप मलेशिया में Kuala Lumpur में घूमने के साथ-साथ शॉपिंग भी कर सकती हैं। यहां के लोकल फूड को एंजॉय कर सकती हैं।</p><h2>थाईलैंड</h2><p>वहीं फॉरेन ट्रिप के लिए आप थाईलैंड भी जा सकती हैं। अगर आपको शॉपिंग, स्ट्रीट फूड और घूमने-फिरने के साथ बीच का मजा चाहिए, तो आपको थाईलैंड जा सकती हैं। यहां पर आप सोलो ट्रिप कर सकती हैं। थाईलैंड का बैंकॉक शहर सबसे फेमस है। आप यहां पर लोकल मार्केट्स में घूमने के साथ-साथ स्ट्रीट फूड ट्राई कर सकती हैं। अगर आपका बजट कम है, तो आप महंगे होटल्स की जगह हॉस्टल्स या अफॉर्डेबल स्टे देख सकती हैं। आप बैंकॉक के अलावा फुकेट या पटाया भी घूमने के लिए जा सकती हैं। आप थाईलैंड में बीचेस और आइलैंड का मजा ले सकती हैं और लोकल मार्केट्स को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा स्ट्रीट फूड ट्राई करना न भूलें।</p><h2>व‍ियतनाम</h2><p>आप कम बजट में वियतनाम भी जा सकती हैं। यहां पर आपको बीच के साथ, लोकल मार्केट्स, पहाड़ और अलग-अलग कल्चरल एक्सपीरियंस कर सकेंगी। वियतनाम में आपको एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन, बस और फ्लाइट आदि के ऑप्शंस मिल जाएंगे। आप हनोई, दा नांग और होई आन जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर खूबसूरत बीच पर समय बिता सकती हैं। पहाड़ों और नेचर की खूबसूरती को निहारने के साथ लोकल फूड का स्वाद ले सकती हैं और यहां आपको लोकल लाइफ देखने का मौका मिलेगा।</p><h2>इन बातों का रखें ध्यान</h2><p>अगर आप भी पहली बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रख सकती हैं।</p><p>2-3 महीने पहले से प्लानिंग कर लें।</p><p>होटल और फ्लाइट की कीमत पहले से देखें।</p><p>पहले से ही पूरे ट्रिप का बजट प्लान कर लें।</p><p>हॉस्टल या होटल की लोकेशन आदि पहले से पता रखें।</p><p>लोकल ट्रांसपोर्ट के ऑप्शन को पहले से समझ लें।</p><p>अपने साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स रख लें।</p><p>ट्रिप से पहले उस देश के लेटेस्ट एंट्री रूल्स को जरूर चेक करें।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 12:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/thailand-malaysia-and-vietnam-top-budget-destinations-for-solo-travel</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Delhi-NCR में Navratri पर Garba Night के लिए ये जगहें हैं सबसे खास]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/delhi-ncr-hosts-best-garba-and-dandiya-night-events-for-navratri]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>नवरात्रि शुरु होते ही हर जगह गरबा और डांडिया नाइट के कार्यक्रम शुरु हो जाते हैं। दिल्ली-एनसीआर में गरबा-डांडिया नाइट का काफी क्रेज देखा जाता है। इस समय लोग फ्रेंड्स और फैमिली के साथ सज-धजकर गरबा खेलने और त्योहार का मजा लेने जाते हैं।</p><p>यदि आप इस नवरात्रि घर पर रहने के बजाय कहीं बाहर गरबा नाइट में जाने का प्लान बना रही हैं, तो आप दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में काफी ऑप्शन देखने को मिल जाएंगे।</p><p>इन जगहों पर शानदार डांडिया-गरबा के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। कुछ जगहों पर फ्री एंट्री का ऑप्शन भी है। अगर आप अपनी पसंद और बजट के हिसाब से जगह और प्रोग्राम चूज करना चाहते हैं, तो इस लेख में हम आपको कुछ जगहों के बारे में बताने जा रहे है, जहां गरबा और डांडिया नाइट का आयोजन होता है।</p><p><strong>दिल्ली में गरबा नाइट 2026 की जगहें</strong></p><p>अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो इन जगहों पर जा सकते हैं-</p><p><strong>जवाहरलाल नेहरू स्‍टेड‍ियम</strong></p><p>हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु में शानदार डांडिया नाइट आयोजित होने वाली है। इस बार आप अपनी लिस्ट में डांडिया रीबॉर्न 2026 को रख सकते हैं। आज आप 12 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे इस कार्यक्रम में शामिल हो जाए। &nbsp;अपने दोस्तों के साथ गरबा और डांडिया खेलें।</p><p><strong>ग्रीन पार्क, एक्सटेंशन रोड, नई दिल्ली</strong></p><p>ग्रीन पार्क मे विजया संगीत महाविद्यालय की तरफ से डांडिया और गरबा नाइट का आयोजन होने जा रहा है। यह कार्यक्रम 17 अक्टूबर तक चलेगा।</p><p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस</strong></p><p>यहां पर गरबा और डांडिया नाइट का आयोजन होगा। यह कार्यक्रम रग्बी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कुछ कॉलेज ग्राउंड में होगा। आज आखिरी दिन है 12 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे शुरु होगा।</p><p><strong>दिल्ली में होने वाले दूसरे गरबा और डांडिया कार्यक्रम</strong></p><p>असल में दिल्ली में कुछ और डांडियां नाइट के कार्यक्रम देखने को मिलेंगे, जहां आप जा सकते हैं-</p><p>रास डांडिया नाइट: 16 से 18 अक्टूबर, राजघाट गांधी दर्शन<br>ग्लोबल गरबा फेस्टिवल: 15 से 19 अक्टूबर, पुराना किला<br>पैसिफिक डांडिया नाइट्स: 16 से 18 अक्टूबर, पैसिफिक मॉल, टैगोर गार्डन<br>गरबा वर्स 1.0: 17 और 18 अक्टूबर, पीतमपुरा<br>डांडिया नाइट 2026: 11 से 20 अक्टूबर, द्वारका</p><p><strong>गुरुग्राम में गरबा नाइट 2026 की जगहें</strong></p><p>अगर आप गुरुग्राम में रहते हैं, तो आप इन जगहों पर दोस्तों के साथ गरबा और डांडिया नाइट में जा सकते हैं-</p><p>डांडिया रास: तारों के नीचे: 17 अक्टूबर, जिमखाना क्लब, सेक्टर 29<br>गरबा की रात 2.0: 17 अक्टूबर, वन 7 स्पोर्ट्स पार्क, बलियावास<br>सेवन बैरल डांडिया उत्सव: 14 अक्टूबर, गोल्फ कोर्स रोड<br>बॉलीवुड डांडिया रास: 17 अक्टूबर, पालम विहार</p><p><strong>नोएडा में गरबा और डांडिया नाइट की जगहें</strong></p><p>यदि आप नोएडा में रहते हैं, तो इन जगहों पर डांडिया और गरबा नाइट में जा सकते हैं-</p><p>डॉन टू डस्क डांडिया नाइट: 16 से 18 अक्टूबर, सेक्टर 104<br>डांडिया नाइट्स ताहिया: 11 से 19 अक्टूबर, हाजीपुर<br>द ग्रेट इंडियन गरबा फेस्ट: 16 से 18 अक्टूबर, वर्ल्ड्स ऑफ वंडर<br>डांडिया धमाल 2026 फीट सपना चौधरी: 16 से 18 अक्टूबर, इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो सेंटर, सेक्टर 62<br>भव्य गरबा उत्सव: 17 और 18 अक्टूबर, सेक्टर 39<br>इकीगाई डांडिया नाइट्स: 17 और 18 अक्टूबर, इकीगाई फार्म, नगला नगली<br>डांडिया नाइट: 11 से 19 अक्टूबर, रूबरू, गार्डन गैलेरिया मॉल</p><p><strong>गरबा नाइट में जाने से पहले ध्यान रखें ये बातें</strong></p><p>अगर आप डांडिया और गरबा नाइट में जा रहे हैं, तो आप यह जरुरी बातें ध्यान रखें।</p><p>- सबसे पहले कार्यक्रम की सही तारीख और समय पहले जांत लें।</p><p>- फ्री एंट्री वाले कार्यक्रम में भी जाने से पहले आयोजक से नियमों की पुष्टि कर लें।</p><p>- टिकट वाले कार्यक्रम में बुकिंग और एंट्री संबंधित सभी शर्तें को एक बार पढ़ लें।</p><p>- आने-जाने और पार्किंग का इंतजाम पहले कर लें।</p><p>- गरबा खेलने के लिए आरामदायक कपड़े और जूते पहनें।<br>&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 10:59:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/delhi-ncr-hosts-best-garba-and-dandiya-night-events-for-navratri</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Delhi Ramleela: लाल किला से द्वारका तक, इन प्रमुख जगहों पर नवरात्रि में सजेगा भव्य मेला! देखें अद्भुत रामलीला]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/delhi-hosts-famous-ramleela-events-across-red-fort-dwarka-and-rohini]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>नवरात्रि का पर्व शुरु होते ही दिल्ली में हर जगह रामलीला कार्यक्रम शुरु हो जाता है। हर जगह बड़े-बड़े मेले का आयोजन होता है। दिल्ली में मेला घूमने और रामलीला देखने का बच्चों से लेकर बड़ों तक में काफी उत्साह देखने को मिलता है।</p><p>अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो भूलकर भी इस बार ये रामलीला मिस न करें। आप भी दिल्ली के इन लोकप्रिया राम लीला का हिस्सा बन सकते हैं। आइए आपको इनके बारे में बताते हैं।</p><p><strong>द्वारका श्री रामलीला सोसायटी</strong></p><p>दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 द्वारका श्री रामलीला सोसायटी हर साल रामलीला का आयोजन हर साल करती है। इस बार यहां पर 15वीं रामलीला का आयोजन होने जा रहा है। 11 से 20 अक्टूबर तक आप यहां जाकर रामलीला के आयोजन में शामिल हो सकते हैं। वैसे इसका लाइव टेलिकास्ट भी होगा।</p><p>समय: शाम 7 बजे से 11/ 12 बजे तक</p><p>मेट्रो स्टेशन: द्वारका सेक्टर 20</p><p><strong>लव कुश रामलीला</strong></p><p>दिल्ली की सबसे लोकप्रिय रामलीला है लव कुश रामलीला। इसका आयोजन हर साल लाल किला मैदान में होता है। असल में इस बार की रामलीला काफी खास रहने वाली है। यहां पर रामायण के प्रसंग एआई, एनीमेशन और ग्राफिक्स की सहायता से दिखाए जाएंगे।</p><p>समय: शाम 8 बजे से 12 बजे तक</p><p>मेट्रो स्टेशन: लाल किला या चांदनी चौक</p><p><strong>गीता कॉलोनी धार्मिक रामलीला</strong></p><p>यदि आप पूर्वी दिल्ली में रहते हैं, तो आप गीता कॉलोनी में बड़े स्तर पर होने वाली रामलीला में शामिल हो सकते हैं। यह दिल्ली की सबसे पुरानी रामलीला संबंधित कमिटी में से एक है। आपको बताते चलें कि, यहां पर साल 1962 से ही रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। हर साल का यहां नजारा काफी शानदार होता है।</p><p>समय: शाम 7 बजे से 11/ 12 बजे तक</p><p>मेट्रो स्टेशन: कृष्ण नगर मेट्रो स्टेशन</p><p><strong>नव केशव रामलीला</strong></p><p>दिल्ली के रोहिणी में रहने वालों के लिए, रोहिणी सेक्टर- 11 में नव केशव रामलीला कमिटी इस बार भव्य रामलीला का आयोजन करने जा रही है। इस बार की थीम ब्रिक्स समिट पर आधारित है।</p><p>समय: शाम 6 बजे से 11 बजे तक</p><p>मेट्रो स्टेशन: नेताजी सुभाष प्लेस</p><p><strong>नव श्री धार्मिक लीला कमिटी</strong></p><p>हर साल चांदनी चौक में नव श्री धार्मिक लीला कमिटी का आयोजन एकदम लाल किले पर 15 स्थित अगस्त पार्क नामक में किया जाता है।</p><p>समय: शाम 7.30 बजे से 11.30 बजे तक</p><p>मेट्रो स्टेशन: लाल किला या चांदनी चौक&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 18:22:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/delhi-hosts-famous-ramleela-events-across-red-fort-dwarka-and-rohini</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/char-dham-mandir-in-vrindavan-offers-four-pilgrimages-at-one-single-place]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>वृंदावन का नाम आते ही लोगों के मन में सबसे पहले राधा-कृष्‍ण और मंदिरों के बारे में ख्याल आता है। यहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन वृंदावन के छटीकरा इलाके में एक ऐसा मंदिर भी हैं, जहां पर आपको एक ही स्थान पर अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन हो सकते हैं। इसको चारधाम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको राधा-कृष्ण धाम, शिव धाम, शनि धाम और वैष्णो माता धाम देखने को मिलेंगे।</p><p>चार धाम मंदिर बड़ा होने के साथ-साथ काफी ज्यादा बड़ा भी है। ऐसे में अगर आप भी वृंदावन जाने का प्लान कर रही हैं, तो आप चार धाम को भी अपनी ट्रिप में शामिल कर सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/lepchajagat-hill-station-near-darjeeling-offers-stunning-views-of-kanchenjunga" target="_blank" rel="noopener">Lepchajagat में WBFDC लॉज और Homestay से निहारें Kanchenjunga, प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट</a></p><h2>वृंदावन में चार धाम मंदिर</h2><p>वृंदावन के छटीकरा इलाके में चार धाम मंदिर है। मथुरा और आगरा की ओर जाते समय NH-2 से इस जगह की बड़ी मूर्तियां दूर से ही नजर आने लगती हैं। यहां पर भगवान शिव और मां वैष्णो देवी की बड़ी मूर्तियां शामिल हैं। जो इस मंदिर की खास पहचान है। यहां पर एक बड़ा धार्मिक परिसर है, जिसको अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन के लिए बनाया गया है।</p><h2>एक जगह कर सकेंगे चार धामों के दर्शन</h2><p>इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर आपको चार अलग-अलग धामों के दर्शन एक साथ हो जाएंगे। इसमें राधा-कृष्ण धाम, शनि धाम, शिव धाम और वैष्णो देवी धाम शामिल हैं।</p><h2>शनि धाम</h2><p>चार धाम मंदिर के शनि धाम में आप शनिदेव के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां पर शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और शनिदेव पर तेल अर्पित कर पूजा करते हैं। तो वहीं कई लोग परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में स्थिरता की कामना लेकर मंदिर में आते हैं। यहां की खासियत है कि आपको यहां भरपूर शांति मिलेगी।</p><h2>राधा-कृष्ण धाम</h2><p>राधा-कृष्ण धाम भी इस मंदिर का बेहद खूबसूरत हिस्सा है। यहां पर भगवान कृष्ण और राधारानी की सुंदर प्रतिमाएं हैं। यह तो सभी लोग जानते हैं कि वृंदावन का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा है। इसलिए यहां पर बने इस राधा-कृष्ण धाम को लोग देखने क लिए आते हैं। यहां पर भजन-कीर्तन और आरती होती है, वहीं राधाष्टमी और जन्माष्टमी के मौके पर इस मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है।</p><h2>शिव धाम</h2><p>यहां पर शिव धाम में शिवलिंग और महादेव की खूब बड़ी प्रतिमा है। भगवान भोलेनाथ की मूर्ति की ऊंचाई करीब 175 फीट है। ऐसे में जो भी वृंदावन आता है, वह यहां पर आकर भगवान शिव के दर्शन जरूर करता है और कई लोग तो फोटो भी क्लिक कराते हैं।</p><h2>वैष्णो माता धाम</h2><p>चार धाम मंदिर में वैष्णो देवी का धाम भी है। यहां पर आप माता के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन कर सकते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां पर खास आयोजन होते हैं। इस दौरान लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं। वहीं यहां पर आपको महादेव के साथ माता की 141 फीट ऊंची मूर्ती देखने को मिलेगी।</p><h2>ऐसी है मंदिर की बनावट</h2><p>चार धाम मंदिर में आपको पुरानी पारंपरिक मंदिर शैली के साथ-साथ मॉडर्न डिजाइन का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। यहां एक बड़ा सा मेन गेट, सुंदर सा परिसर और अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां लगी हैं। मंदिर में अच्छी खासी लाइटिंग की भी व्यवस्था है। साथ ही देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां और सजावट के कारण यहां की खूबसूरती देखने लायक होती है।</p><h2>चार धाम मंदिर जाने का समय और अन्य जानकारी</h2><p>अगर आप भी वृंदावन के चार धाम मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो उससे पहले ये जरूरी बातें नोट कर लें।</p><p>स्थान - छटीकरा, वृंदावन<br>दर्शन का समय - सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक<br>शाम का समय - शाम को 4 बजे से रात 8:30 बजे तक<br>यहां पर कोई एंट्री फीस नहीं है।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 12:29:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/char-dham-mandir-in-vrindavan-offers-four-pilgrimages-at-one-single-place</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[IRCTC का नया International Tour Package, 8 दिनों में घूमें Vietnam और Cambodia]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-announces-vietnam-and-cambodia-tour-package-from-chennai]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>विदेश घूमने का हर किसी का सपना होता है। हर कोई अपनी ड्रीम वेकेशन प्लान करने के लिए तैयारी में लग जाता है। ऐसे में कई लोग सेफ और बजट-फ्रेंडली इंटरनेशनल ट्रिप की तलाश में रहते हैं। यदि आपको भी विदेश घूमने का बहुत शौक है, तो भारतीय रेलवे की पर्यटन शाखा IRCTC आपके लिए बेहतरीन पैकेज लेकर आया है।</p><p>आपको बताते चले कि, आईआरसीटीसी ने दक्षिण-पूर्व एशिया के दो सबसे खूबसूरत देशों- वियतनाम और कंबोडिया की सैर के लिए 8 दिन और 7 रातों का एक स्पेशल टूर पैकेज लाइव किया है।</p><p><strong>चेन्नई से वियतनाम-कंबोडिया का टूर पैकेज</strong></p><p>असल में IRCTC का यह वियतनाम और कंबोडिया वाला टूर पैकेज चेन्नई से शुरु होगा, जिसमें ट्रैवेलर्स को फ्लाइट की टिकटों से लेकर 3-स्टार होटल में ठहरने, खाने-पीने और लोकल टूरिस्ट स्पॉट्स की सैर कराने तक पूरा इंतजाम किया जाएगा। आइए आपको इस बारे में बताते हैं-</p><p><strong>टूर पैकेज से जुड़ी जरूरी जानकारी</strong></p><p>- इस पैकेज का नाम है- वंडर्स ऑफ वियतनाम एंड कंबोडिया एक्स चेन्नई (WONDERS OF VIETNAM &amp; CAMBODIA EX CHENNAI)</p><p>- पैकेज कोड- SMO17</p><p>- कहां घूमने को मिलेगा- कहां घूमने को मिलेगा- दा नांग, हनोई, हा लॉन्ग बे (क्रूज राइड), सिएम रीप और अंगकोर वाट</p><p>- यात्रा की शुरुआत- लखनऊ</p><p>- कितने दिन का पैकेज है- 7 रातें और 8 दिन</p><p>- यात्रा की शुरुआत- &nbsp;17 नवंबर 2026 से 25 नवंबर 2026</p><p><strong>टूर पैकेज की फीस क्या है?</strong></p><p>- अगर आप सिंगल ऑक्यूपेंसी यानी के अकेले यात्रा करना चाहते हैं, तो आपको पैकेज फीस 1,75,200 रुपये देने होंगे।</p><p>- दो लोगों के साथ यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति पैकेज फीस 1,53,750 रुपये है।</p><p>- तीन लोगों के साथ अगर आप यात्रा पर जाते हैं, तो प्रति व्यक्ति पैकेज फीस 1,51,250 रुपये है।</p><p>- यदि आपको 5 से 11 साल का बच्चा है और आप उसके लिए बेड बुकिंग के साथ पैकेज ले रही हैं, तो एक बच्चे 1,31, 500 रुपये है।</p><p>- यदि आप बेड बुक नहीं करवाना चाहते हैं, तो बिना बेड के 2 से 11 साल के बच्चों का किराया 1,15,600 रुपये है।</p><p><strong>चेन्नई से वियतनाम-कंबोडिया टूर पैकेज फीस में क्या सुविधाएं मिलेंगी?</strong></p><p>- इस पैकेज में चेन्नई से दा नांग, हनोई, सिएम रीप और वापस चेन्नई की इकोनॉमी क्लास फ्लाइट टिकट मिलेगा।</p><p>- टूर पैकेज में दा नांग में 2 रात, हनोई में 2 रात, सिएम रीप में 2 रात रुकने के लिए 3-स्टार होटल मिलेगा। इसके अतिरिक्त लॉन्ग बे में 1 रात लग्जरी क्रूज पर भी स्टे रहेगा।</p><p>- पिक-अप, ड्रॉप-ऑफ और घूमने-फिरने के लिए एसी डीलक्स बस की सुविधा मिलेगी।</p><p>- इस पैकेज में आपको रोजाना ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर मिलेगा।</p><p>- शेड्यूल में शामिल सभी पर्यटन स्थालों की एंट्री टिकट, बोट राइड, क्रूज की फीस और शो टिकट फीस इसी पैकेज में इंक्लूड है।</p><p>- वियतनाम और कंबोडिया का टूरिस्ट वीजा शुल्क और 79 साल तक के यात्रियों का ट्रैवल इंश्यरेंस पैकेज फीस में शामिल है।</p><p>- यात्रा के समय टूरिस्ट्स की मदद के लिए अंग्रेजी बोलने वाला प्रोफेशनल टूर गाइड भी इस ट्रिप में साथ रहेगा।<br>&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 17:53:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-announces-vietnam-and-cambodia-tour-package-from-chennai</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Lepchajagat में WBFDC लॉज और Homestay से निहारें Kanchenjunga, प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/lepchajagat-hill-station-near-darjeeling-offers-stunning-views-of-kanchenjunga]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>हर कोई शहर के शोर-शराबे और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच किसी ऐसी जगह जाना पसंद करता है, जहां पर ताजी हवा और सुकून भरे पल बिता सकें। ऐसे में अगर आप भी अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच कुछ दिन प्रकृति के बीच सुकून के बिताना चाहती हैं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसे बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी ट्रिप को यादगार बना देगी। दरअसल, उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग जिले में समुद्र तल से करीब 7,000 फीट की ऊंचाई पर बसा एक छोटा सा गांव लेपचाजगत है। जहां पर आप घूमने के लिए जा सकती हैं।</p><h2>खूबसूरत हिल स्टेशन है लेपचाजगत</h2><p>बांज और देवदार के घने जंगलों से घिरा हुआ लेपचाजगत एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। इस गांव की खासियत यह है कि आप यहां पर आसानी से होमस्टे या वेस्ट बंगाल फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के लॉज की बालकनी से कंचनजंगा की बर्फ से ढकी खूबसूरत चोटियों को देख सकती हैं।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/october-2026-long-weekend-travel-guide-and-top-tourist-places" target="_blank" rel="noopener">October Long Weekend: Dussehra पर Kolkata और Ayodhya जाएं या Tiger Reserve में करें Jungle Safari</a></p><p>यहां के खूबसूरत नजारे आपको कुछ दिन यहां और रुकने के लिए मजबूर कर देंगे। लेपचाजगत चारों ओर से ऊंचे-ऊंचे देवदार और ओक के पेड़ों से घिरा हुआ है। ऐसे में सुबह के समय हल्की धुंध और पेड़ों के बीच से आती धूप आपकी ट्रिप को यादगार बना देंगी।</p><h2>बर्ड वाचिंग वालों के लिए स्वर्ग</h2><p>अगर आपको भी बर्ड वाचिंग का शौक है, तो यह जगह आपके लिए जन्नत से कम नहीं है। लेपचाजगत में आपको रूफस-सिबियों और फायर-टेल्ड सनबर्ड जैसी दुर्लभ प्रजातियों के कई हिमाचली और पहाड़ी पक्षी देखने को मिलेंगे। जंगलों के सन्नाटे के बीच सुबह-सुबह पक्षियों की चहचहाहट आपका दिन बना देगी।</p><h2>बजट-फ्रेंडली स्टे और पहाड़ी खाना</h2><p>दार्जिलिंग जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों की तुलना में लेपचाजगत में आपको बजट में स्टे के बेहतरीन ऑप्शन मिल जाएंगे। यहां स्थानीय लेपचा समुदाय द्वारा ज्यादातर होमस्टे चलाए जाते हैं। यहां पर स्टे के साथ-साथ शुद्ध और स्वादिष्ट पहाड़ों वाला खाना मिलेगा। इस दौरान आपको लेपचा जनजाति की परंपराओं, संस्कृति और उनके जीवन को करीब से जानने का मौका मिलेगा।</p><h2>ऐसे पहुंचे लेपचाजगत गांव</h2><p>लेपचाजगत जाने के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा 'बागडोगरा' है, जोकि 75 किमी की दूरी पर है।</p><p>वहीं यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन 'न्यू जलपाईगुड़ी' है, जो करीब 80 किलोमीटर दूर है।</p><p>रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट से आप लेपचाजगत के लिए सीधी प्राइवेट टैक्सी या शेयरिंग कैब कर सकती हैं।</p><p>रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट के बाहर से आपको लेपचाजगत के लिए सीधी प्राइवेट टैक्सी या शेयरिंग कैब आसानी से मिल जाएंगी।&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 14:38:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/lepchajagat-hill-station-near-darjeeling-offers-stunning-views-of-kanchenjunga</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[October Long Weekend: Dussehra पर Kolkata और Ayodhya जाएं या Tiger Reserve में करें Jungle Safari]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/october-2026-long-weekend-travel-guide-and-top-tourist-places]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>अक्तूबर का महीना आते ही मौसम करवट बदलने लगता है। बारिश का दौर काफी हद तक थम चुका है और आसमान साफ नजर आने लगता है। कई शहरों में घूमने के लिए भी मौसम सुहाना होने लगता है। वहीं इस महीने में कई बड़े त्योहार और राष्ट्रीय पर्व आते हैं और इस दौरान छुट्टियां भी मिलती हैं। यही वजह है कि अक्तूबर को देश में ट्रैवल सीजन की शुरूआत के रूप में भी देखा जाता है।</p><p>ऐसे में अगर आप भी इस साल ऑफिस की छुट्टियों में एक छोटी सी ट्रिप प्लान करना चाहते हैं, तो अक्तूबर 2026 में आपको कई लॉन्ग वीकेंड मिल सकती हैं। ऐसे में आप इन वीकेंड पर अपना ट्रिप प्लान कर सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि अक्तूबर महीने में कौन-कौन से लॉन्ग वीकेंड हैं और इन छुट्टियों में आप कहां-कहां जा सकते हैं।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/gaya-pind-daan-travel-guide-and-rituals-for-pitru-paksha" target="_blank" rel="noopener">Pitru Paksha पर Gaya में Pind Daan का महत्व, Patna से यात्रा रूट और पूजा के नियम</a></p><h2>अक्टूबर में लॉन्ग वीकेंड</h2><p>अक्तूबर 2026 में सबसे अच्छा लॉन्ग वीकेंड 2 से 4 अक्तूबर का है, जबकि दशहरा के आसपास 17 से 20 अक्तूबर का ब्रेक कुछ राज्यों और ऑफिस कैलेंडर के हिसाब से बना सकती हैं। वहीं कुछ राज्यों में 24-26 अक्तूबर में भी छुट्टी होगी।</p><h2>दशहरा और दुर्गा पूजा वाला वीकेंड</h2><p>17 और 18 अक्तूबर 2026 को वीकेंड है और 19 अक्तूबर को कुछ राज्यों में महानवमी तो कुछ राज्यों में दुर्गा पूजा की छुट्टी है। फिर 20 अक्तूबर को दशहरा की छुट्टी होगी। ऐसे में 17 से 20 अक्तूबर तक चार दिनों के लिए ट्रिप प्लान कर सकते हैं।</p><h2>दशहरा के वीकेंड पर यहां घूमें</h2><p>आप दशहरा के लंबे वीकेंड पर कोलकाता शहर की दुर्गा पूजा देखने जा सकते हैं। यहां शहर के पंडाल, रोशनी और सांस्कृतिक माहौल को बेहद करीब से देखने का मौका मिलेगा।</p><p>इसके अलावा आप वाराणसी जा सकती हैं। यहां पर दशहरा की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को देख पाएंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट और रामनगर की परंपराएं आपकी यात्रा को यादगार बना देंगी।</p><p>आप इस वीकेंड अयोध्या घूमने के लिए जा सकती हैं। यहां पर राम मंदिर, सरयू घाट और अन्य जगहें देख सकती हैं।</p><p>वहीं मैसूर में दशहरे का माहौल भी देखने लायक होचा है। यहां के महल और शहर की सजावट इस यात्रा को खास बना देगी।</p><h2>24 से 26 अक्टूबर का वीकेंड</h2><p>24 और 25 अक्तूबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी है। वहीं 26 अक्तूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती की छुट्टी होगी। हालांकि यह छुट्टी कुछ राज्यों में है। ऐसे में अगर आपके राज्य में भी यह अवकाश मिलता है, तो आप इस तीन दिन के ब्रेक में किसी छोटी ट्रिप के लिए जा सकते हैं।</p><h2>अक्तूबर का लास्ट वीकेंड</h2><p>अक्तूबर के लास्ट वीकेंड में पहाड़ों की छोटी छुट्टी पर जा सकते हैं।</p><p>अगर आप शहर और पहाड़ दोनें को एक ट्रिप में जोड़ना चाहते हैं, तो चंडीगढ़ और कसौली एक अच्छा कॉम्बिनेशन हो सकता है।</p><p>इसके अलावा भोपाल जाने का प्लान कर सकती हैं। यहां पर पुराने शहर, झीलें और आसपास की ऐतिहासिक स्थलों को देख सकती हैं।</p><p>हम्पी का इतिहास और इसकी विरासत को बेहद करीब से जान सकती हैं। ऐसे में आप इस वीकेंड हम्पी जा सकती हैं।</p><h2>वाइल्ड लाइफ ट्रिप</h2><p>अक्तूबर में आप पहाड़ों या शहरों में घूमने की बजाय जंगल सफारी भी ट्राई कर सकती हैं। मानसून के बाद कई राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खुलने लगते हैं। वहीं ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के कोर जोन के 01 अक्तूबर से खुलने की जानकारी सामने आई है। तो वहीं कार्बेट के कुछ जोन अक्तूबर महीने में दोबारा खुल सकते हैं।</p><h2>इन बातों का रखें ध्यान</h2><p>अपने ऑफिस कैलेंडर से छुट्टियां जरूर मिला लें, क्योंकि सरकारी और प्राइवेट कंपनियों की छुट्टियां अलग-अलग हो सकती हैं।</p><p>पहले से ट्रेन और फ्लाइट आदि का टिकट बुक कर लें। क्योंकि त्योहारों या वीकेंड पर प्राइज बढ़ सकता है।</p><p>पहले से होटल आदि की बुकिंग कर लें, क्योंकि वीकेंड पर होटल के किराएं में बदलाव हो सकता है।</p><p>ट्रिप प्लान करने से पहले मौसम की जानकारी ले लें। वहीं इस महीने पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ जाती है।</p><p>अगर आप त्योहार वाली ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो घूमने की जगह स्थानीय कार्यक्रमों और भीड़ के हिसाब से अपनी ट्रिप प्लान करें।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 05 Oct 2026 12:46:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/october-2026-long-weekend-travel-guide-and-top-tourist-places</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Uttarakhand के Jim Corbett से MP के Panna Tiger Reserve तक, इन 4 जगहों पर करें Safari]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/jim-corbett-and-ranthambore-among-top-wildlife-parks-to-visit-near-delhi]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>हर एक नेचर लवर को पहाड़, हरे-भरे जंगल और नदियों के आसपास रहना किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता है। हरियाली के आसपास बैठे रहना हर किसी को काफी पसंद होता है। प्रकृति के गोंद में हम जब होते हैं, तो पंछियों की चहचहाहट काफी सुनाई देती है। सुबह के समय आपके हाथ में एक चाय का कप है, तो आपकी ट्रिप तो शानदार बन ही जाएगी।</p><p>यदि आप इस मोमेंट को इसी विंटर सीजन में एंजॉय , तो आपके लिए जंगल सफारी सबसे बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।</p><p><strong>पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश</strong></p><p>अगर आप शानदर जंगल सफारी को मजा लेना चाहते हैं, तो आप पीलीभीत टाइगर रिजर्व वन्यजीव अभयारण्य जा सकते हैं। इसको साल 2014 में तैयार किया गया। इधर आपको रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुए, बारासिंगा समेत कई दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिलेगी। इस टाइगर रिजर्व का सबसे मुख्य आकर्षण चूका बीच है। अक्तूबर से फरवरी के बीच का समय यहां घमने के लिए सबसे बढ़िया जगह है।</p><p><strong>रणथंभौर नेशनल पार्क, राजस्थान</strong></p><p>राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले ममें स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क प्रकृति प्रेमियों की बकेट लिस्ट में सबसे होता है। तीन महीने पहले ही इस नेशनल पार्क को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यह जगह बाघों का प्राकृतिक आवास मानी जाती है, क्योंकि दिन में भी बाघ जंगल में घूमते नजर आ जाते हैं। अक्तूबर से लेकर मार्च तक के लिए यह समय बेहद खास है।</p><p><strong>जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड</strong></p><p>उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जिम कॉर्बेट स्थित है। भारत का पहला और सबसे पुराना नेशनल पार्क है, जिसकी स्थापना साल 1936 में हेली नेशनल पार्क के नाम से की गई थी। यहां पर आपको रॉयल बंगाल टाइगर, हाथी, तेंदुए, भालू और हिरण और अन्य वन्यजीव देखने को मिल जाएंगे। यहां पर 500 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलती है। जिम कॉर्बेट जाने का सबसे सही समय अक्तूबर से फरवरी और फिर मार्च से जून है।</p><p><strong>पन्ना टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश</strong></p><p>मध्य प्रदेश में स्थित पन्ना टाइगर रिजर्व भारत का 22वां और एमपी का पांचवां बाघ अभयारण्य है। इस महीने में यह टाइगर रिजर्व भी 3 महीने के लंबे गैप के बाद पर्यटकों के लिए खोल दिया जाता है। यहां पर पर्यटकों की जिप्सी सफारी से बाघ के साथ ही तेंदुआ, भालू, चिंकारा और बाकी वन्यजीवो को देख सकते हैं। यहां पर आने का समय अक्टूबर से जून तक का समय घूमने के लिए बेस्ट है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 04 Oct 2026 16:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/jim-corbett-and-ranthambore-among-top-wildlife-parks-to-visit-near-delhi</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Pitru Paksha पर Gaya में Pind Daan का महत्व, Patna से यात्रा रूट और पूजा के नियम]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/gaya-pind-daan-travel-guide-and-rituals-for-pitru-paksha]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>इस बार 26 सितंबर 2026 से पितृपक्ष की शुरूआत हो रही है। आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से पितृपक्ष की शुरूआत होती है। हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व होता है। क्योंकि इस दौरान पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए समर्पित होती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक प्रतिपदा तिथि से लेकर सर्वपितृ अमावस्या तक पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और श्राद्धकर्म जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।</p><p>धार्मिक मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पूर्वज पृथ्वीलोक पर अपने वंशजों पर कृपा बरसाने हैं। इस दौरान विधि-विधान से किए गए श्राद्धकर्म से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार पर पितर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं। इसलिए श्राद्धकर्म नियमों के साथ पूर्ण किए जाते हैं। अगर आप पहला श्राद्ध करने जा रहे हैं, तो इससे जुड़े कुछ नियमों को जान लेना चाहिए।</p><h2>गया में पिंडदान का महत्व</h2><p>सनातन परंपरा में गया को पितृकर्म के प्रमुख तीर्थों में से एक माना गया है। यहां पर श्राद्ध और पिंडदान का संबंध पितरों के स्मरण, श्रद्धा और पितृ ऋण माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गया में पितृकर्म करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह सिर्फ दोष दूर करने का उपाय नहीं बल्कि इसको पितरों के प्रति कर्तव्य के रूप में समझना चाहिए।</p><h2>ऐसे पहुंचे गया</h2><p>गया जाने के लिए सबसे पहले आपको राजधानी पटना तक रेल या हवाई यात्रा से जाना होगा। फिर पटना और उसके आसपास के शहरों से बड़ी आसानी से गया तक के ट्रेन मिल जाती है। अगर आप पटना से जा रही हैं, तो गया जाने में 2 से 3 घंटे का समय लग सकता है। फिर गया जंक्शन पर उतरकर टैक्सी या ऑटो की सहायता से पिंडदान स्थलों तक जाएं।</p><p>पटना से सड़क के रास्ते गया तक जाने के लिए बस, टैक्सी या प्राइवेट कार कर सकते हैं। इसके बाद स्थानीय परिवहन की सहायता से पिंडदान स्थलों तक पहुंच सकते हैं। फ्लाइट से जाने वाले यात्रा भी पटना के बाद प्राइवेट टैक्सी से गया तक जा सकते हैं।</p><h2>इन बातों का रखें ध्यान</h2><p>पितृपक्ष में गया में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए होटल, ट्रेन और स्थानीय परिवहन की बुकिंग पहले करना उपयोगी साबित हो सकता है। पूजा-पिंडदान से जुड़ी दक्षिणा और सामग्री की कीमत पहले ही स्पष्ट करें। किसी भी पैकेज की बुकिंग करने से पहले इसमें शामिल सुविधाओं और ताजा मूल्यों की पुष्टि कर लें।</p><p>पिंडदान की विधि और जरूरी सामग्री परिवार की परंपरा और संबंधित पुरोहित के मार्गदर्शन के हिसाब से अलग हो सकती है। धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंडित/पुरोहित से पहले सही जानकारी ले लें।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 18:16:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/gaya-pind-daan-travel-guide-and-rituals-for-pitru-paksha</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[IRCTC लाया Kochi से Amazing Hyderabad Tour Package, 12 अक्टूबर से शुरू होगी यात्रा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/kochi-to-hyderabad-four-day-air-tour-package-announced-by-irctc]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>घुमक्कड़ लोग घूमने के लिए नई-नई जगहों को खोज में लगे रहते हैं। अगर हैदराबाद आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में है, तो IRCTC का नया टूर पैकेज, आपकी छोटी यात्रा की प्लानिंग को आसान बना सकता है। 'अमेजिंग हैदराबाद' नाम का यह चार दिन का पैकेज कोच्चि से 12 से 15 अक्टूबर, 2026 के लिए तय किया गया है। इस पैकेज की कीमत 27,150 रुपये प्रति व्यक्ति है।</p><p><strong>4 दिन के टूर पैकेज</strong></p><p>- इस यात्रा की शुरुआत 12 अक्टूबर को कोच्चि से हैदराबाद के लिए सुबह की फ्लाइट से है। यहां पहुंचने के बाद, यात्री रात के लिए होटल में चेक-इन करने से पहले 'स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी', चारमीनार और गोलकुंडा फोर्ट जाएंगे।</p><p>- दूसरे दिन रामोजी फिल्म सिटी घूमाया जाएगा। ब्रेकफास्ट के बाद यात्री को फिल्म स्टूडियो के विशाल कॉम्प्लेक्स जाएंगे।</p><p>- तीसरे दिन पर्यटकों को मक्का मस्जिद और चौमहल्ला पैलेस ले जाएगा। जिसके बाद उन्हें हैदराबाद की आर्किटेक्चरल और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई जाएगी। दोपहर का समय यात्रियों के लिए खाली होगा ताकि वे अपनी मर्जी से धूम सके।</p><p>- चौथे दिन यानी के 15 अक्तूबर को सैलर जंग म्यूजियम और बिड़ला मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। लंच के बाद, यात्री कोच्चि के लिए देर रात की वापसी वाली फ्लाइट से अपने शहर जा सकते हैं।</p><p><strong>IRCTC हैदराबाद टूर पैकेज की कीमत कितनी है?</strong></p><p>सिंगल ऑक्यूपेंसी: ₹34,450 प्रति व्यक्ति<br>डबल ऑक्यूपेंसी: ₹28,200 प्रति व्यक्ति<br>ट्रिपल ऑक्यूपेंसी: ₹27,150 प्रति व्यक्ति<br>5-11 साल के बच्चे: अलग बिस्तर के साथ ₹22,950 और बिना बिस्तर के ₹18,750<br>2-4 साल के बच्चे: बिना बिस्तर के ₹18,750</p><p>₹27,150 प्रति व्यक्ति की शुरुआती कीमत ट्रिपल ऑक्यूपेंसी के लिए है।</p><p><strong>पैकेज में मिलने वाली सुविधाएं</strong></p><p>IRCTC टूर पैकेज में कोच्चि और हैदराबाद के बीच इकॉनमी-क्लास की फ़्लाइट, एयर-कंडीशंड होटल में तीन रात ठहरने की सुविधा, तीन बार नाश्ता और तीन बार डिनर शामिल हैं। यात्रियों को घूमने-फिरने के लिए एयर-कंडीशन्ड गाड़ियां मिलेंगी और कुछ खास दिनों पर गाइड की सुविधा भी उपलब्ध होगी।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 17:26:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/kochi-to-hyderabad-four-day-air-tour-package-announced-by-irctc</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Central Railway का 1 अक्टूबर से सख्त नियम, Train Ticket के साथ Original ID Card अनिवार्य]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/train-passengers-must-carry-original-id-card-during-festive-travel-drive]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>फेस्टिव सीजन चल रहा है। इस दौरान लोग अपने घर जाने की तैयारियां करते हैं। अपने घर जाने के लिए लोग ट्रेन से जाते हैं। यदि आप अक्टूबर के महीने में ट्रेन का सफर करने वाले हैं, तो थोड़ा सावधान हो जाए। असल में सेंट्रल रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक, खास 'टिकट चेकिंग अभियान' चलाने जा रहा है।</p><p>आइए आपको बताते हैं रेलवे के ये नए नियम क्या हैं और आपको ट्रैवल करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है।</p><p><strong>कम से कम एक ओरिजिनल ID होना है जरूरी</strong></p><p>इस अभियान के चलते सबसे बड़ा नियम है 'वन टिकट, वन ओरिजिनल आईडी'। रेलवे के अधिकारियों ने साफ कहा है कि अब सफर के समय सिर्फ टिकट होना ही काफी नहीं है, बल्कि आपके पास अपना ओरिजिनल पहचान पत्र होना जरुरी है।</p><p>उदाहरण के तौर पर, यदि आप अपने परिवार के चार लोगों के लिए एक ही टिकट बुक किया है, तो उन चारों में से कम से कम किसी एक व्यक्ति के पास उसका ओरिजिनल आईडी कार्ड होना बहुत जरुरी है। यदि चेकिंग के दौरान असली आईडी नहीं दिखा पाए, तो टीटीई उस पर यात्रा करने वाले सभी लोगों को बिना टिकट मान सकता है और आप पर जुर्माना लग सकता है।</p><p><strong>कोटा और ई-पास वालों के लिए नियम सख्त</strong></p><p>रेलवे के मुताबिक, अगर आप किसी खास कोटे या कंसेशन पर सफर कर रहे हैं? यदि हां, तो आपको अपनी पात्रता को साबित करने के लिए सभी दास्तावेज ओरिजिनल ही साथ रखें। इतना ही नहीं, जो लोग रेलवे के ई-पास या पीटीओ का इस्तेमाल करके यात्रा करने पर, आपको असली पहचान पत्र दिखाना होगा। उनकों इस बात का ध्यान देना होगा कि ट्रेन में बैठने से पहले उनका ई-पास संबंधित अथॉरिटी &nbsp;से सही तरीके से एक्सचेंज करा लिया गया हो।</p><p><strong>जनरल टिकट वालों की भी होगी हाई-टेक चेकिंग</strong></p><p>दरअसल, यह चेकिंग अभियान सिर्फ स्लीपर या एसी कोच तक ही नहीं, बल्कि आप जनरल डिब्बे में सफर कर रहे हैं, तो आप वहां भी चेकिंग स्टाफ टिकटों की असलियत जांचेगा। वहीं, &nbsp;जरुरत पड़ने पर रेलवे अधिकारी टीटीई ऐप की मदद से किसी भी टिकट को तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं।</p><p><strong>भारतीय रेलवे क्यों कर रहा है इतनी सख्ती</strong></p><p>सेंट्रल रेलवे ने बताया है कि, इसके पीछे मकसद है सिस्टम में होने वाली धोखाधड़ी को खत्म करना है, जाने इसके मुख्य कारण है-</p><p>- भारतीय रेलवे में होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकना।</p><p>- वहीं, रिजर्वेशन की सुविधाओं का जो लोग गलत फायदा उठाते हैं, उन लोगों को पकड़ना।</p><p>- इसके अलावा, पास और कंसेशन के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगाना।</p><p>- सही यात्रियों की पहचान करना और टिकटों की वैधता जांचना।</p><p><strong>चेकिंग में कौन-कौन से पहचान पत्र चलेंगे?</strong></p><p>इस बीच, रेलवे ने उन दास्तावेजों की एक लिस्ट भी दी है, जिन्हे आप सफर के दौरान अपनी पहचान साबित करने के लिए दिखा सकते हैं ये ओरिजनल आईडी-</p><p>-आधार कार्ड<br>-वोटर आईडी कार्ड<br>-पासपोर्ट या पैन कार्ड<br>-ड्राइविंग लाइसेंस<br>- केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले फोटो और सीरियल नंबर वाला कार्ड<br>- मान्यता प्राप्त स्कूल/कॉलेज का फोटो वाला स्टूडेंट आईडी कार्ड<br>- किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक, जिस पर आपकी फोटो लगी हो।<br>- बैंक का क्रेडिट कार्ड जिस पर आपकी लैमिनेटेड फोटो हो।<br>&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 16:49:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/train-passengers-must-carry-original-id-card-during-festive-travel-drive</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Punjab Tourism: Dangal से Jab We Met तक Punjab के इन मशहूर Shooting Locations की करें सैर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/famous-bollywood-shooting-locations-to-visit-in-punjab]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पंजाब सिर्फ अपने स्वादिष्ट खाने, मेहमानवाजी और संस्कृति के लिए ही नहीं जाना जाता है। बल्कि यहां पर कई ऐसी खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें भी हैं, जोकि बॉलीवुड फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। कभी बॉलीवुड के सितारे इन खेतों में रोमांस करते दिखे, तो कभी पुरानी हवेलियों और किलों मे फिल्मों की कहानी को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाया। यही कारण है कि फिल्मी लोकेशन पसंद करने वाले लोगों के लिए पंजाब की कुछ जगहें किसी ड्रीम डेस्टिनेशन से कम नहीं हैं। ऐसे में अगर आप भी पंजाब घूमने का प्लान कर रही हैं, तो हम आपको पंजाब की कुछ बेहद खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं।</p><h2>पटियाला</h2><p>पंजाब का पटियाला शहर अपने ऐतिहासिक महलों, इमारतों और खूबसूरत गलियों के लिए जाना जाता है। फिल्म 'जब वी मेट' और 'बॉडीगार्ड' में शहर की शाही वास्तुकला देखने को मिलती है। ऐसे में आप भी अपने पार्टनर के साथ पटियाला घूमने के लिए जा सकती हैं।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/kolkata-travel-guide-for-october-durga-puja-trip-and-top-sightseeing-spots" target="_blank" rel="noopener">October में Kolkata Trip का बनाएं प्लान, Durga Puja के साथ घूमें ये प्रमुख जगहें</a></p><h2>अमृतसर</h2><p>अमृतसर, पंजाब के सबसे फेमस जगहों में से एक है। यहां पर स्वर्ण मंदिर यानी की गोल्डन टेंपल से लेकर पुरानी गलियों तक हर एक कोना अलग है। तापसी पन्नू की फिल्म 'मनमर्जियां' में पंजाब के अमृतसर का खूबसूरत नजारा दिखाया गया है। ऐसे में आप भी यहां जाने का प्लान बना सकती हैं।</p><h2>लुधियाना</h2><p>पंजाब की असली खूबसूरती देखने के लिए आपको लुधियाना और इसके आसपास के इलाकों को एक्सप्लोर करना चाहिए। सरसों के रंग, खेत और पंजाबी माहौल फिल्मों में खूब दिखाए जाते हैं। आपको यहां पर फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' वाला रोमांटिक माहौल मिलेगा।</p><h2>गुज्जरवाल और नारंगवाल गांव</h2><p>बॉलीवुड की फिल्म दंगल की पंजाब और हरियाणा की कई जगहों पर शूटिंग हुई है। फिल्म में दिखाए जाने वाले कई सीन पंजाब के गांव गुज्जरवाल और नारंगवाल के हैं। ऐसे में अगर आप भी इस गांव के सुंदर नजारे देखना चाहती हैं, तो आप यह गांव घूमने के लिए जा सकती हैं।</p><h2>मोहाली</h2><p>पंजाब की यह जगह तब अधिक लोकप्रिय हुई थी, जब बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर की फिल्म की शूटिंग यहां हुई थी। इसके अलावा एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया की फिल्म की भी यहां पर शूटिंग हो चुकी है। ऐसे में आप भी इस जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 14:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/famous-bollywood-shooting-locations-to-visit-in-punjab</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[IRCTC लाया Assam और Kerala के लिए खास Tour Package, खाने-रहने का खर्च शामिल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-launches-tour-packages-for-northeast-india-and-kerala]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>घुमक्कड मनुष्य प्रजाति आज के समय में बैग पैक करके कहीं न कहीं चली जाती है। अगर आप भी अक्टूबर में घूमने का प्लान बना रहे है, तो यह लेख आपके लिए है। अब आप शिमला-मनाली का फितूर छोड़ें! पूर्वोत्तर भारत के घने जंगलों और झरनों का मजा लें। वहीं, दूसरी तरफ दक्षिण भारत की शांत झीलों और चाय के बागानों का आनंद लें।</p><p>इस बीच, भारतीय रेलवे ने दो शानदार टूर पैकेज लेकर आया है। इन पैकेज को बुक करके आप ट्रिप का आनंद लें। IRCTC के इन टूर पैकेज में आपको रुकने, खाने-पीने, घूमने और ट्रैवल इंश्योरेंस का पूरा खर्च पहले से शामिल है। आइए आपको इन टूर पैकेज के बारे में बताते हैं।</p><p><strong>असम और मेघालय टूर</strong></p><p>यदि आपको ऊंचे-ऊंचे पहाड़, गिरते झरने और जंगल सफारी का रोमांचक सफर देखना है, तो आप यह 6 से 7 दिन का यह पैकेज आपको जरुर पसंद आएगा।</p><p><strong>पैकेज का नाम:</strong> असम एंड मेघालय टूर<br><strong>बुकिंग कोड: </strong>WBA106<br><strong>प्रति व्यक्ति खर्च: </strong>₹54,900</p><p><strong>ट्रिप में क्या-क्या होगा खास?</strong></p><p>इस पैकेज में आपको असम के गुवाहाटी और काजीरंगा नेशनल पार्क के साथ ही मेघालय की हसीन वादियों (शिलॉग, चेरापूंजी और मावलिननांग) का लुत्फ उठाएंगे। वहीं, आपको चेरापूंजी और शिलांग में नोहकालीकाई वॉटरफॉल और एलिफेंट फॉल्स घूमाया जाएगा। एशिया का सबसे साफ-सुथरे गांव 'मावलिननांग' जाने और वहां मौजूद पेड़ों की जड़ों से बने अद्भुत पुल को देखने का मौका भी मिलेगा। इस पैकेज में प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन के साथ ही आपकी यह यात्रा पूरी की जाएगी।</p><p><strong>केरल हाउसबोट स्टे पैकेज</strong></p><p>केरल को 'God's Own Country' के नाम से जाना जाता है। यहां की अद्भुत शांति और हरियाली सबके मन को भाती है। IRCTC का यह पैकेज 7 रात और 6 दिन का है।</p><p><strong>टूर का नाम:</strong> मेसमराइजिंग केरल विद हाउसबोट स्टे<br><strong>बुकिंग कोड: </strong>WBA040C<br><strong>प्रति व्यक्ति खर्च: </strong>₹66,700</p><p><strong>ट्रिप में क्या-क्या होगा खास?</strong></p><p>इस टूर पैकेज में आपको कोचीन, मुन्नार, थेक्कडी, कुमारकोम और तिरुवनंतपुरम की हसीन वादियो का नजारा देखने को मिलेगा। मुन्नार के धुंध भरे चाय के बागान और थेक्कडी के पेरियार नेशनल पार्क में मसालों के बगीचे व वन्यजीवन आपको मंत्रमुग्ध कर ही देंगे।</p><p>दरअसल, इस ट्रिप का सबसे बड़ा आकर्षण कुमारकोम है, जहां आपको बैकवाटर्स के शांत पानी में तैरती एक पारंपरिक हाउसबोट में रात बिताने और वहां के लोकल भोजन का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। वहीं, आप कोच्चि, कोवलम बीच की सैर करेंगे और विश्व प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के भी दर्शन करेंगे।</p><p><strong>कैसे बुक करें पैकेज</strong></p><p>- अगर आप टूर पैकेज बुक करना चाहते हैं, तो आपको सबसे पहले IRCTC टूरिज्म की ऑफिशियल वेबसाइट (irctctourism.com) ओपन करें।</p><p>- इसके बाद सर्च बॉक्स में टूर का कोड डालें। &nbsp;(पूर्वोत्तर भारत के लिए WBA106 और केरल के लिए WBA040C)।</p><p>- फिर अपनी यात्रा की तारीख चूज करें और आपके साथ कितने लोग जा रहे हैं।</p><p>- इसके बाद सभी पर्सनल जानकारी फिल करके, ऑनलाइन पेमेंट का भुगतान करें।</p><p>- आपकी टिकट बुक होते ही ई-टिकट और वाउचर आपके रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर पर तुरंत भेज दिया जाएगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 29 Sep 2026 17:30:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-launches-tour-packages-for-northeast-india-and-kerala</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[October में Kolkata Trip का बनाएं प्लान, Durga Puja के साथ घूमें ये प्रमुख जगहें]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/kolkata-travel-guide-for-october-durga-puja-trip-and-top-sightseeing-spots]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>धूमने के लिए अक्तूबर का मौसम सबसे बढ़िया होता है। इस समय न ज्यादा गर्मी होती है न ज्यादा ठंड होती है। इस समय आप पहाड़ों से लेकर बीच ट्रिप की प्लानिंग कर लेते हैं, लेकिन इस बार कुछ अलग जगह पर घूमना चाहते हैं, तो आप 'सिटी ऑफ जॉय' कोलकाता घूमने जरुर जाएं। अक्तूबर में यहां मौसम के साथ-साथ शहर का पूरा मौहाल भी बेहतरीन होता है, क्योंकि इस दौरान दुर्गा पूजा की धूम काफी देखने को मिलती है।</p><p>इस बार 2026 में शारदीय नवरात्रि 11 अक्तूबर से 19 अक्तूबर तक है। इस दौरान आप कोलकत्ता घूमने जरुर जाए। यह सिर्फ टूरिस्ट प्लेस नहीं है, बल्कि बड़े-बड़े पंडाल, सजावट, ढाक की आवाज और बंगाल की फेस्टिवल वाली रौनक भी देखने को मिलेगी। आइए आपको कोलकाता जाने का पूरा ट्रैवल गाइड बताते हैं।</p><p><strong>कोलकाता में कहां-कहां घूम सकती हैं आप?</strong></p><p>असल में कोलकाता शहर में पंडाल देखने के अलावा, यहां पर इतिहास, मंदिर, म्यूजियम, नदी और पुराने इलाको से लेकर मशहूर बाजार तक काफी कुछ है।</p><p><strong>विक्टोरिया मेमोरियल</strong></p><p>कोलकाता का प्लान बना रही हैं, तो आप विक्टोरिया मेमोरियल जरुर देखें। यह बेहद ही खूबसूरत है और सफेद पत्थर से बनी यह इमारत शहर की पहचान है। इसकी खासियत यह है कि यहां म्यूजियम भी है, जहां आपको इतिहास संबंधित कला भी देखने को मिलेगी। यहां की अलग-अलग गैलरी में बड़ी संख्या में ऐतिहासिक चीजें देखने को मिलेगी।</p><p><strong>हावड़ा ब्रिज</strong></p><p>कोलकाता जा रहे हैं, तो हावड़ा ब्रिज, तो जरुर जाएं। ऐसा ही नहीं हो सकता है। हावड़ा ब्रिज भी कोलकाता की पहचान है। यहां जाकर आप हुगली नदी और आसपास के शहरों नजारा देख सकते हैं। अगर आपकी फोटोग्राफी पसंद है, तो भी यह जगह आपकी लिस्ट में जरुर चाहिए।</p><p><strong>कालीघाट मंदिर</strong></p><p>नवरात्र के दिनों में कालीघाट मंदिर के पास अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। इसलिए आप कालीघाट मंदिर के जरुर दर्शन करें। यह कोलकत्ता की प्रसिद्ध धार्मिक जगहों में से एक है। दुर्गा पूजा के समय तो यह और भी दिव्य नजर आता है।</p><p><strong>दक्षिणेश्वर काली मंदिर</strong></p><p>कोलकाता की सबसे प्रसिद्ध धार्मिक जगहों में से एक है दक्षिणेश्वर काली मंदिर है। यहां पर आपके पास ठीक-ठाक समय है, तो कालीघाट के साथ इसे भी प्लान में शामिल कर सकते हैं।</p><p><strong>बेलूर मठ और इंडियन म्यूजियम</strong></p><p>हुगली नदी के पास स्थित बेलूर मठ भी काफी सुंदर है। यहां रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन का हेडक्वार्टर है। इस जगह पर आपको काफी शांति महसूस होगी। इसके अलावा, आपको इतिहास और पुरानी चीजों में ज्यादा दिलचस्प है, तो आप इंडियन म्यूजियम जा सकती हैं। यहां पर कई तरह की पुरानी और ऐतिहासिक चीजें देखने को मिल जाएंगी।</p><p><strong>3 दिन का बनाएं कोलकाता घूमने का प्लान</strong></p><p><strong>पहला दिन</strong></p><p>घूमने की शुरुआत आप पहले दिन विक्टोरिया मेमोरियल, हावड़ा ब्रिज और आसपास की जगहों को एक्सप्लोर करें। शाम के समय दुर्गा पंडाल देखने जरुर जाएं।</p><p><strong>दूसरा दिन</strong></p><p>सुबह-सुबह कालीघाट और फिर दक्षिणेश्वर काली मंदिर का दर्शन करें। फिर बचे हुए समय में बेलूर मठ जा सकते हैं।</p><p><strong>तीसरा दिन</strong></p><p>इंडियन म्यूजियम और शहर के पुराने इलाकों को जरुर एक्सप्लोर करें। फिर आप स्ट्रीट या किसी लोकल मार्केट में घूमें और शॉपिंग व खाने का मजा लें।</p><p><strong>कोलकाता जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान</strong></p><p>- दुर्गा पूजा के दिनों में होटल और ट्रांसपोर्ट की डिमांज सबसे ज्यादा होता है, इसलिए अभी से बुकिंग कर लें।</p><p>- नवरात्र के दौरान सड़कों पर काफी भीड़ देखने को मिल सकती है, इसलिए अपने सामानों की रक्षा स्वयं करें।</p><p>- घूमने के लिए आरामदायक कपड़े और जूते पहनें।</p><p>- वहीं, मंदिर और पंडाल के नियमों का विशेष ध्यान रखें।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 17:31:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/kolkata-travel-guide-for-october-durga-puja-trip-and-top-sightseeing-spots</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Manipur के Loktak Lake पर बसा Floating Village Champu Khangpok पानी पर तैरता है]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/champu-khangpok-is-a-floating-village-on-loktak-lake-in-manipur]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>क्या आप कभी ऐसी जगह पर घूमने के लिए गए हैं, जहां पर कदम रखते ही जमीन डगमगाने लगे। आपको ऐसा महसूस हो, जैसे आप चल नहीं बल्कि तैर रहे हैं। ऐसा दृश्य सोचने पर एकदम सपने जैसा महसूस होता है। ऐसा ही कुछ मणिपुर का फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको अनोखे और रोमांच से भरपूर जगह फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक के बारे में बताने जा रहे हैं।</p><h2>फ्लोटिंग विलेज है चंपू खंगपोक</h2><p>भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में एक तैरता हुआ गांव है। जिसका नाम चंपू खंगपोक है। यह भारत की फेमस लोकटक झील पर बसा है, जोकि करीब 240 वर्ग किमी के आकार में फैली है। इस गांव के लोगों ने पानी के साथ जीना सीख लिया है, तभी तो आपको इस गांव में पानी पर चलते लोग, तैरते घर और द्वीप देखने को मिलेंगे।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/gaya-ji-pind-daan-travel-route-and-budget-guide-for-pitru-paksha" target="_blank" rel="noopener">Gaya Ji में Pind Daan का पूरा बजट: Train टिकट, होटल स्टे और पूजा फीस की डिटेल</a></p><h2>जानें डगमगाती जमीन का रहस्य</h2><p>चंपू खंगपोक गांव के तैरने के पीछे कोई जादू नहीं हैं। बल्कि इसके पीछे साइंस का कमाल है। इसके पीछे की वजह इस स्थान की प्रकृति और बायोमास का प्रोसेस है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस गांव की जमीन किसी चट्टान या मिट्टी से नहीं बनी है, बल्कि यह फुम्डी नाम की प्राकृतिक जमीन है। फुम्डी जमीन जड़ों, सड़े-गले पौधों, मिट्टी और जैविक पदार्थों की परत से बनी होती है।</p><p>वहीं साल-दर-साल जब इन सभी चीजों का जमावड़ा शुरू होकर एक जगह पर एकत्र होता है। तो इसकी परत से जमीन बन जाती है। यह जमीन इतनी ज्यादा मजबूत होती है कि इन पर घरों तक का निर्माण किया जा सकता है।</p><h2>बदलती है घरों की लोकेशन</h2><p>यहां पर रहने वाले लोगों के घरों को फुमशंग कहा जाता है, जो अपनी लोकेशन को बदलते रहते हैं। क्योंकि यह घर जमीन पर नहीं बल्कि फुम्डी पर बने हैं, तो पानी के बहाव और हवा के दबाव की वजह से इनकी लोकेशन बदलती रहती है। यही कारण है कि चंपू खंगपोक दुनियाभर में अपनी इसी विशेषता की के कारण आकर्षण का केंद्र बना हुआ था।</p><h2>देख सकेंगे तैरता हुआ नेशनल पार्क</h2><p>अनोखे गांव के अलावा आप लोकटक झील में तैरता हुआ कीबुल लामजाओ नेशनल पार्क भी देख सकेंगे। यह पार्क विष्णुपुर जिले में हैं, जोकि लोकटक झील के दक्षिण पश्चिम में करीब 40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र फैला है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां पर विलुप्त हो रहे संगाई हिरण रहते हैं, यह उनका अकेला आवास स्थल है।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 16:52:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/champu-khangpok-is-a-floating-village-on-loktak-lake-in-manipur</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Gaya Ji में Pind Daan का पूरा बजट: Train टिकट, होटल स्टे और पूजा फीस की डिटेल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/gaya-ji-pind-daan-travel-route-and-budget-guide-for-pitru-paksha]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है और यह 16 दिनों तक चलता है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों का तर्पण करते हैं। वहीं, गया जी जाकर पिंडदान भी करते हैं। यदि आप भी गया जी जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इस लेख में जान लें कि सफर शुरु करने से पहले रुट और खर्च का अंदाजा लग जाए। बिहार का गया पितरों के लिए पिंडदान और तर्पण करने वाली खास जगहों में माना जाता है।</p><p>इस समय गया में काफी संख्या में लोग जाते हैं। असल में गया में पिंजदान के लिए कई जगहें हैं और कुछ वेदियों को खास माना जाता है। ऐसे में आपके लिए पूरा गाइड लेकर आए हैं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं ट्रेन, फ्लाइट, रहने और पिंडदान से संबंधित खर्च की जानकारी आपको बताने जा रहे हैं।</p><p><strong>गया जी में पिंडदान के लिए हैं 48 प्रमुख वेदियां</strong></p><p>बिहार टूरिज्म के मुताबिक, गया में पिंडदान के लिए कुल 48 मुख्य वेदियां है। इसमें विष्णुपद मंदिर, गया शिरोमणि मंदिर, फल्गु नदी, पंचतीर्थ, अक्षय वट, प्रेतशिला, रामशिला और सीता कुंड सबसे खास माने जाते हैं। श्राद्ध के समय यहां पर काफी भीड़ देखने को मिलती है।</p><p><strong>दिल्ली से गया कैसे पहुंचें?</strong></p><p>यदि आप दिल्ली से गया जी जाना चाहते हैं, तो पहले पटना तक पहुंचना होगा। आप पटना ट्रेन या फ्लाइट से भी पहुंच सकते हैं। इसके बाद पटना और आसपास के शहरों से गया जाने के लिए ट्रेन आसानी से मिल जाती है। पटना से गया पहुंचने के लिए आपको करीब 2 घंटे का समय लग सकता है। जब आप गया जी जंक्शन पहुंच जाएं तो पिंडदान वाली जगह तक जाने के लिए ऑटो या टैक्सी मिल जाएगी।</p><p><strong>फ्लाइट से जाने का क्या तरीका है?</strong></p><p>आपके पास समय की दिक्कत है, तो आप फ्लाइट के जरिए आप पटना पहुंच सकते हैं। इसके बाद पटना से गया जाने के लिए प्राइवेट टैक्सी लेना होगा। लेकिन इससे आपका कुल खर्चा हो सकता है। फिर आप पटना से गया जा सकते हैं, इसके लिए आपको बस, टैक्सी या अपनी कार भी बुक कर सकते हैं।</p><p><strong>दिल्ली से ट्रेन का कितना खर्च आएगा?</strong></p><p>दिल्ली से ट्रेन गया जाती है और टिकट करीब 500 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक हो सकता है। वैसे ट्रेन की टिकट क्लास के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। यदि आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो इसका खर्चा करीब 5000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक का हो सकता है।</p><p><strong>गया में रुकने का किचना खर्चा आएगा?</strong></p><p>गया में रुकने के लिए अपने बजट के हिसाब से रह सकते हैं। आपकी पंसद और सुविधा के अनुसार से ठहरने का खर्च करीब 3000 से 5000 रुपये तक का हो सकता है। इतना ही नहीं, खाने-पीने पर करीब 2000 रुपये तक खर्च हो सकते हैं।</p><p><strong>पिंडदान और पंडा की फीस क्या है?</strong></p><p>वैसे पिंडदान के लिए यहां का खर्च सभी के लिए एक जैसा नहीं है। यह इस बात पर भी डिपेंड करता है कि कितने लोग जा रहे हैं और किस तरह की पूजा कराई जाएगी। बताते चलें कि नॉर्मल पिंडदान और पूजा-पाठ कराने में आपको 5100 से करीब 11,000 रुपये देने होंगे।</p><p><strong>गया जी जाने से पहले बजट ऐसे समझें</strong></p><p>यदि आप गया जा रहे है, तो आपको मोटा-मोटी खर्चा इतना आ सकता है, बजट के कुछ पॉइंट्स को जरुर समझें।</p><p>दिल्ली से ट्रेन: करीब 500 से 3,000 तक<br>फ्लाइट से पटना: करीब 5,000 से 10,000 तक<br>गया में स्टे करना: करीब 3,000 से 5,000 तक<br>खान-पान: करीब 2000 तक<br>पिंडदान और पूजा-पाठ: करीब 5100 से 11,000 तक<br>पटना से गया: ट्रेन, बस, टैक्सी या प्राइवेट कार का ऑप्शन<br>पितृपक्ष मेला 2026: 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 12:22:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/gaya-ji-pind-daan-travel-route-and-budget-guide-for-pitru-paksha</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[World Tourism Day 2026: राजस्थान पर्यटन का नया रिकॉर्ड, 6 महीने में पहुंचे 10.92 करोड़ पर्यटक, विदेशी पसंद Jaipur]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/rajasthan-records-over-10-crore-tourist-visits-in-six-months]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आज के समय में राजस्थान के पर्यटन नक्शे की तस्वीर तेजी से बदल रही है। आप यह जानकार हैरान हो जाएंगे कि जनवरी से लेकर जून 2026 के बीच प्रदेश में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज की गई हैं। इनमें 10.83 करोड़ घरेलू और 8.44 लाख विदेशी पर्यटक शामिल हैं।</p><p>आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के पर्यटन कारोबार की सबसे बड़ी ताकत घरेलू पर्यटक हैं, लेकिन उनकी पसंद पारंपरिक पर्यटन केंद्रों से आगे बढ़ रही है।</p><p><strong>घरेलू पर्यटन में सीकर ने जयपुर को पीछे छोड़ा</strong></p><p>सबसे दिलचस्प बात यह है कि सीकर का शीर्ष पर पहुंचना राजस्थान के पर्यटन में बदलती पसंद का संकेत है। जिले में धार्मिक पर्यटन खासतौर पर खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने फुटबॉल बढ़ाया है। साल 2026 की पहली छमाही में सीकर की घरेलू पर्यटक यात्राएं 1,56,18,987 रहीं।</p><p>घरेलू पर्यटकों में चित्तौड़गढ़ की ऐतिाहासिक विरासत, जैसलमेर का रेगिस्तानी पर्यटन और सवाई माधोपुर का वन्यजीव पर्यटन भी बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। आंकड़ों से साफ पता चलता है कि पर्यटन अब सिर्फ जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसे पारंपरिक केंद्रों तक सीमित नहीं रह गया है।</p><p><strong>विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर</strong></p><p>आपको बताते चलें कि विदेशी पर्यटकों के मामले में तस्वीर काफी अलग है। जयपुर 2,56,293 विदेशी पर्यटकों यात्राओं के साथ सबसे अलग है। फिर उदयपुर में 1,84,045, जोधपुर में 82,846 और जैसलमेर में 66,433 विदेशी पर्यटकों ने यात्राएं की हैं।</p><p>इतना ही नहीं, सवाई माधोपुर, अजमेर, दौसा, पाली, झुंझुनूं और बीकानेर भी विदेशी पर्यटकों की पसंद रही है। घरेलू सैलानी जहां धार्मिक, ऐतिहासिक, वन्यजीव और क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों की तरफ बढ़ रहे हैं, वहीं विदेशी पर्यटकों का बड़ा हिस्सा अभी भी राजस्थान के मुख्य हेरिटेज शहरों से संबंधित है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 26 Sep 2026 16:52:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/rajasthan-records-over-10-crore-tourist-visits-in-six-months</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Delhi से 8 घंटे की ड्राइव पर है खूबसूरत Chakrata, बजट ट्रिप और होमस्टे के बेहतरीन विकल्प]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/beautiful-chakrata-an-8-hour-drive-from-delhi-offering-options-for-budget-trips]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>घूमना-फिरना तो लगभग हर किसी को पसंद होता है। जैसे ही काम से छुट्टी मिलती है, तो लोग कुछ दिनों के लिए शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून की तलाश में अच्छी और खूबसूरत जगहें तलाश करने लगते हैं। ऐसे में लोगों के मन में सबसे पहले शिमला, मसूरी, नैनीताल, धर्मशाला और मनाली जैसी जगहों का नाम आता है। लेकिन यह सभी फेमस टूरिस्ट प्लेस हैं, यहां पर भीड़ के साथ-साथ बजट भी ठीक-ठाक देखना पड़ता है। ऐसे में अगर आप बजट में ट्रिप प्लान करना चाहती हैं, तो आप चकराता जाने का प्लान बना सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको चकराता जाने, रुकने, घूमने और खाने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।</p><h2>चकराता ट्रिप</h2><p>चकराता, उत्तराखंड के देहरादून जिले में &nbsp;है, जोकि समुद्र तल से करीब 6,948 फीट की ऊंचाई पर है। यह जगह दिल्ली वालों के लिए परफेक्ट है। वहीं चकराता में आपको सिर्फ पहाड़ नहीं बल्कि व्यू पॉइंट, ट्रेकिंग, जंगल, झरने और आसपास घूमने के लिए कई जगहें मिल जाएंगी।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/delhi-weekend-getaways-to-morni-hills-and-parwanoo-offer-budget-friendly-trips" target="_blank" rel="noopener">Delhi के पास 2-Day Weekend Trip के लिए बेस्ट हैं ये जगहें, कम बजट में मिलेंगे होमस्टे</a></p><h2>क्यों जाएं चकराता</h2><p>अगर आप भी वह जगहें पसंद हैं, जहां पर ज्यादा भीड़ न हो, तो यकीनन आपको चकराता जरूर पसंद आएगा। क्योंकि यहां पर आपको चारों ओर जंगल और पहाड़ देखने को मिलेंगे। यहां पर चीड़, देवदार, ओक और अन्य पेड़ों के जंगल हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक यह जगह नेचर वॉक और ट्रेकिंग के लिए बेस्ट है।</p><h2>दिल्ली से चकराता की दूरी</h2><p>बता दें कि दिल्ली से चकराता की दूरी करीब 330-350 किमी है। अगर आप यहां अपनी कार से जाना चाहती हैं, तो 7-8 घंटे का समय लग सकता है। लेकिन ट्रैफिक, रास्ते में रुकने और पहाड़ी सड़कों की स्पीड देखते हुए अधिक समय भी लग सकता है। ऐसे में अगर आप वीकेंड पर जाने का प्लान कर रही हैं, तो आपको सुबह जल्दी निकलना चाहिए।</p><h2>चकराता में कहां घूमें</h2><h2>टाइगर फॉल्‍स</h2><p>यह चकराता की सबसे फेमस जगह है। टाइगर फॉल्स चकराता से करीब 20 किमी दूर है। यहां पर ऊंचाई से पानी गिरता है। साथ ही यहां पर आसपास की हरियाली देखने लायक होती है। वहीं मानसून में झरने का नजारा और भी अधिक खूबसूरत हो जाता है। लेकिन बारिश के दौरान यहां पर लैंडस्लाइड और पहाड़ी रास्तों पर फिसलन का खतरा रहता है। इसलिए मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यहां पर जाएं।</p><h2>चिलमिरी नेक</h2><p>अगर आप भी पहाड़ों का खुला नजारा देखना चाहती हैं, तो आपको चिलमिरी नेक जाना चाहिए। यह चकराता का एक बेहद खूबसूरत व्यू पॉइंट हैं। यहां से आसपास के जंगल और पहाड़ साफ दिखते हैं। वहीं अगर मौसम साफ हो, तो पहाड़ों का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है।</p><h2>मोइला टॉप</h2><p>अगर आपको भी एडवेंचर और ट्रैकिंग पसंद है, तो मोइला टॉप जाने का प्लान कर सकती हैं। यह चकराता के ऊंचे हिस्सों में से एक हैं और यहां पहुंचने के लिए आपको ट्रेक करना होगा। इस ट्रेक को पूरा करने में आपको कई घंटे लग सकते हैं।</p><h2>बुधेर गुफा</h2><p>चकराता के आसपास बुधेर गुफा भी घूमने के लिए जा सकते हैं। इसको देखने के लिए आपको ट्रेकिंग करनी पड़ेगी। अगर आपको थोड़ा एडवेंचर पसंद है, तो आप इस जगह को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकती हैं।</p><h2>देवबन</h2><p>यह चकराता के आसपास खूबसूरत जंगल वाला इलाका है। देवबन समुद्र तल से करीब 9,279 फीट की ऊंचाई पर है। अगर आपको भी ऐसी जगह और प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, तो आप यहां पर जा सकते हैं।</p><h2>चकराता में क्या खाएं</h2><p>चकराता कोई बड़ा शहर नहीं है, इसलिए यहां पर आपको दिल्ली जैसे बहुत सारे फूड या रेस्टोरेंट नहीं मिलेंगे। आमतौर पर यहां पर खाने में लोकल फूड, इंडियन खाना और कुछ चाइनीज फूड मिल सकता है। वहीं ट्रिप के दौरान आप दाल-चावल, पराठे, गर्म चाय और दूसरे पहाड़ी खाने खा सकती हैं। वहीं अगर आप होमस्टे में रुक रही हैं, तो आपको घर का बना खाना भी मिल सकता है।</p><h2>चकराता में स्टे</h2><p>यहां पर आपको लग्जरी होटल नहीं मिलेंगे। इसकी जगह पर आपको होमस्टे, रिजॉर्ट और कैंपिंग जैसे विकल्प मिल जाएंगे। अगर आप अपने परिवार के साथ जा रही हैं, तो मार्केट के पास स्टे करना अधिक सही होगा। लेकिन अगर आपको शांति चाहिए, तो चकराता से थोड़ा बाहर पहाड़ों और जंगल के बीच बने होमस्टे या फिर रिजॉर्ट में स्टे कर सकती हैं।</p><h2>मानसून में इन बातों का रखें ध्यान</h2><p>अगर आप भी अगस्त या सितंबर के महीने में चकराता ट्रिप प्लान कर रही हैं, तो आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बारिश के मौसम में पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड और सड़कें बंद होने की समस्या हो सकती है। इसलिए निकलने से पहले मौसम का अपडेट लेना न भूलें। वहीं बारिश अधिक हो, तो झरने या ट्रेक के पास जाने की जल्दबाजी न करें। साथ ही नीचे बताई गई कुछ चीजों को अपने साथ जरूर रखें।</p><p>जैकेट या गर्म कपड़े<br>छाता या रेनकोट<br>अच्छे ग्रिप वाले शूज<br>जरूरी दवाइयां&nbsp;<br>पानी की बॉटल<br>पावर बैंक<br>ड्राई स्नैक्स</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 15:17:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/beautiful-chakrata-an-8-hour-drive-from-delhi-offering-options-for-budget-trips</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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