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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[Deepti Sharma नई भूमिका के लिए तैयार, कप्तान Smriti Mandhana को देंगी पूरा सहयोग]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/deepti-sharma-ready-for-vice-captain-role-ahead-of-zimbabwe-odi-series]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान दीप्ति शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपनी नयी जिम्मेदारी को चुनौती के रूप में ले रही हैं और कप्तान स्मृति मंधाना की हरसंभव मदद करने के लिए तैयार हैं। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की वनडे शृंखला शुक्रवार से शुरू हो रही है। दीप्ति ने कहा कि टीम अपनी हालिया सफलता को आगे बढ़ाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।</p><p>मंधाना को हाल ही में भारतीय महिला टीम के वनडे और टी20 प्रारूप का कप्तान नियुक्त किया गया है। हरमनप्रीत कौर के तीनों प्रारूपों में कप्तानी छोड़ने के फैसले के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू वनडे शृंखला के लिए दीप्ति को उपकप्तान बनाया गया है। शृंखला के पहले मुकाबले की पूर्व संध्या पर दीप्ति ने कहा, “जब भी मुझे कोई नई जिम्मेदारी मिलती है, मैं उसे चुनौती के रूप में लेती हूं।</p><p>जब मुझे इस भूमिका के बारे में पता चला तो अच्छा लगा कि मैं टीम के लिए दूसरी खिलाड़ियों की ज्यादा से ज्यादा मदद कर सकती हूं। यह जिम्मेदारी मिलने पर मैं बहुत खुश थी।”
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा लक्ष्य टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना है, चाहे मैं खिलाड़ी के रूप में खेलूं या उपकप्तान के तौर पर। इस भूमिका में मैं स्मृति की हरसंभव मदद कर सकती हूं।’’
दीप्ति ने पिच को बल्लेबाजी के अनुकूल बताते हुए कहा कि अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है तो टीम की नजरें 300 रन से अधिक का स्कोर खड़ा करने पर रहेंगी।</p><p>उन्होंने कहा, “पिच बहुत अच्छी है। अभ्यास सत्र के दौरान हमें लगा कि यहां बल्लेबाजी करना अच्छा रहेगा। हम काफी मैच खेल चुके हैं और हमारी टीम को अच्छी तरह पता है कि पिच कैसी होगी और परिस्थितियां किस तरह की रहेंगी।</p><p>इसलिए हमें काफी हद तक अंदाजा है कि क्या उम्मीद करनी चाहिए।”
दीप्ति ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 300 रन बनाना होगा। यह हालांकि टॉस के समय पिच और परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा। हम अगर पहले बल्लेबाजी करते हैं तो कम से कम 300 रन बनाने का प्रयास करेंगे।”
भारतीय उपकप्तान ने पहले वनडे के लिए टीम के संयोजन का खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा कि इस पर फैसला मैच शुरू होने से पहले लिया जायेगा।</p><p>दीप्ति ने कहा, ‘‘टीम का संयोजन मैच से ठीक पहले पता चलेगा। हमारे लिए यह जरूरी है कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अच्छा संतुलन बने। हम जो भी संयोजन चुनेंगे, वह टीम के लिए अच्छा होगा।’’
दीप्ति ने जिम्बाब्वे की टीम को कमतर आंकने से आगाह करते हुए कहा कि प्रतिद्वंद्वी टीम में कई नये खिलाड़ी हैं और टी20 प्रारूप में उसके प्रदर्शन से पता चलता है कि उसके पास अच्छे बल्लेबाज मौजूद हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 20:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/deepti-sharma-ready-for-vice-captain-role-ahead-of-zimbabwe-odi-series</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[CISF में Constable और Head Constable स्तर पर 450 खिलाड़ियों की होगी भर्ती]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/cisf-begins-recruitment-rule-changes-for-450-sports-quota-vacancies]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>सीआईएसएफ में खेल के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बल जल्द ही खाली पदों पर करीब 450 खिलाड़ियों की भर्ती शुरू करने जा रहा है। इसके लिए सिपाही, हेड कांस्टेबल और सहायक उपनिरीक्षक के स्तर पर खिलाड़ियों की भर्ती का रास्ता आसान बनाने के लिए नियमों में बदलाव किया जा रहा है। इस पहल का मकसद बल की खेल टीमों को मजबूत करना और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करना है।</p><p>बता दें कि सीआईएसएफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आने वाला केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है। बल ने अपनी खेल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भर्ती के साथ-साथ ट्रेनिग केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाने, खिलाड़ियों को आर्थिक मदद देने और बेहतर उपकरण उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम तेज किया है। इससे खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी में मदद मिलने की उम्मीद है।</p><p>सीआईएसएफ के मुताबिक, हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी और ग्रेटर नोएडा के सहायक ट्रेनिग केंद्र में खेल सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स ट्रैक सहित जरूरी सुविधाएं तैयार की गई हैं। हरियाणा के नूंह स्थित सीआईएसएफ महिला बटालियन में भी खेल ढांचे को बेहतर बनाया जा रहा है।</p><p>इसके अलावा, तमिलनाडु के थक्कोलम स्थित राजादित्य चोलन क्षेत्रीय ट्रेनिग केंद्र में क्षेत्रीय खेल केंद्र स्थापित करने की योजना है। इसके लिए भारतीय खेल प्राधिकरण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहा है। प्रस्तावित केंद्र में बैडमिंटन, टेनिस, तलवारबाजी और साइकिलिंग सहित कई खेलों के ट्रेनिग की सुविधा विकसित करने की योजना है।</p><p>गौरतलब है कि सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने इस साल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले बल के खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान इन पहलों की जानकारी दी। वर्ष 2026 में जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में सीआईएसएफ के 5 खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इनमें हेड कांस्टेबल रितु भी शामिल थीं, जिन्होंने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सदस्य के रूप में स्वर्ण पदक जीता।</p><p>बल के खिलाड़ियों के प्रदर्शन में भी सुधार दर्ज किया गया है। अखिल भारतीय पुलिस खेल प्रतियोगिताओं के 5 समूहों में सीआईएसएफ के पदकों की संख्या वर्ष 2025-26 के 120 से बढ़कर 2026-27 में 169 हो गई। वर्ष 2025-26 में खिलाड़ियों ने 47 स्वर्ण, 30 रजत और 43 कांस्य पदक जीते थे। वहीं, 2026-27 में उन्होंने 64 स्वर्ण, 46 रजत और 59 कांस्य पदक हासिल किए।</p><p>इसी अवधि में बल की टीमों द्वारा जीती गई ट्रॉफियों की संख्या भी 10 से बढ़कर 20 हो गई। पहले वर्ष में पुरुष वर्ग में 6 और महिला वर्ग में 4 ट्रॉफियां मिली थीं। इसके मुकाबले 2026-27 में पुरुष और महिला टीमों ने 10-10 ट्रॉफियां जीतीं।</p><p>खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सीआईएसएफ ने वर्ष 2025-26 के पदक विजेताओं और प्रशिक्षकों को करीब ₹97 लाख के नकद पुरस्कार दिए हैं। कुल 180 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को महानिदेशक पदक तथा 161 कर्मियों को प्रशंसा प्रमाणपत्र दिया जाएगा। खेलों को बढ़ावा देने में योगदान देने वाले 9 इकाई प्रमुखों को भी सम्मानित किया जाएगा।</p><p>इसके अलावा, वर्ष 2026 में शानदार प्रदर्शन के लिए 18 खिलाड़ियों को विशेष वेतन वृद्धि दी गई है। इनमें 5 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय और 13 राष्ट्रीय स्तर के प्रदर्शन के आधार पर चुने गए। खिलाड़ियों के भोजन और पोषण के लिए वर्ष 2026-27 में मौसम से बाहर के विशेष आहार भत्ते के रूप में करीब ₹2 करोड़ दिए गए हैं, जबकि प्रतियोगिता के मौसम के आहार भत्ते के लगभग ₹4 करोड़ का भुगतान जारी है। बल ने केंद्रीय खेल टीमों को करीब ₹76 लाख की खेल किट भी दी है और निजी खेल किट की जरूरतों के लिए खिलाड़ियों के खातों में सीधे ₹71 लाख भेजे हैं।</p><p>इन कदमों के जरिए सीआईएसएफ भर्ती, ट्रेनिग, आर्थिक सहायता और बेहतर खेल सुविधाओं पर ध्यान दे रहा है, ताकि उसके खिलाड़ी देश और दुनिया की बड़ी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 20:22:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/cisf-begins-recruitment-rule-changes-for-450-sports-quota-vacancies</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Asian Para Games में Sheetal Devi का कमाल, दो घंटे में जीते दो स्वर्ण पदक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/sheetal-devi-wins-two-gold-medals-asian-para-games-nagoya]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी ने दो घंटे से भी कम समय में दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया जबकि एथलेटिक्स दल ने यहां एशियाई पैरा खेलों में भारत के पदकों की संख्या 88 तक पहुंचाने में सबसे अहम योगदान दिया। मौजूदा विश्व चैंपियन और दुनिया की नंबर एक तीरंदाज 19 वर्षीय शीतल ने सबसे पहले तोमन कुमार के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक बरकरार रखा। भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया की तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग को 151-148 से हराया।</p><p>इसके बाद शीतल ने चार अंक से पिछड़ने के बावजूद सिंगापुर की अलीम नूर शाहिदा को 142-139 से हराकर व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। यह मुकाबला हांगझोउ में 2023 में हुए पिछले सत्र के व्यक्तिगत फाइनल का दोहराव था। भारत के लिए दिन की शुरुआत शानदार रही।</p><p>सुवर्णा राज ने महिलाओं की एफ54 चक्का फेंक स्पर्धा में 15.66 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता। व्हीलचेयर पर निर्भर 44 वर्षीय खिलाड़ी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए चार बार चक्का 15 मीटर से अधिक दूर फेंका और अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। दिन बढ़ने के साथ भारत की पदक तालिका में और इजाफा हुआ।</p><p>भारत के कुल पदकों की संख्या 88 हो गई है जिसमें 21 स्वर्ण, 26 रजत और 41 कांस्य पदक शामिल हैं। पैरा तैराकी, पैरा बैडमिंटन और पैरा टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते। भारत के पदकों में पैरा एथलेटिक्स का योगदान सबसे अधिक रहा है।</p><p>इस प्रतियोगिता में भारत ने 18 स्वर्ण, 16 रजत और 18 कांस्य सहित कुल 52 पदक जीते हैं। दिन के प्रमुख प्रदर्शनों में शैलेश कुमार की अगुवाई में पुरुषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों का क्लीन स्वीप और महिलाओं तथा पुरुषों की 400 मीटर टी47 दौड़ में क्रमश: अंजनाबेन बुंबाडिया और दिलीप महादू गावित के स्वर्ण पदक शामिल रहे। बुंबाडिया ने महिलाओं की 400 मीटर टी47 दौड़ में 59.97 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत की जयंत‍ि बेहेडा एक मिनट 0.65 सेकेंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।</p><p>पुरुषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में शैलेश कुमार ने 1.89 मीटर की छलांग लगाकर खेलों का रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने बुधवार को लंबी कूद में कांस्य पदक जीता था। पूर्व पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता वरुण भाटी ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 1.84 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता जबकि राहुल 1.81 मीटर की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर रहे।</p><p>इसके बाद गावित ने पुरुषों की 400 मीटर टी47 दौड़ में 48.27 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने बुधवार को 100 मीटर स्पर्धा में भी पहला स्थान हासिल किया था। दिन का समापन लंबी कूद के खिलाड़ी सोलाइराज धर्मराज के स्वर्ण पदक के साथ हुआ।</p><p>उन्होंने टी44/टी62/टी64 की संयुक्त स्पर्धा में 7.15 मीटर की छलांग लगाकर एशियाई रिकॉर्ड बनाया और अपना खिताब बरकरार रखा। महिलाओं की 400 मीटर टी12 स्पर्धा में दृष्टिबाधित तेजलबेन दामोर ने 57.60 सेकेंड का समय लेकर रजत पदक जीता। यह इन खेलों में उनका दूसरा पदक है।</p><p>इससे पहले उन्होंने 200 मीटर टी12 स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था। तीरंदाजी में स्वाति चौधरी ने भी इतिहास रचा। वह डब्ल्यू1 वर्ग में एशियाई पैरा खेलों में भारत का पहला पदक जीतने वाली खिलाड़ी बनीं।</p><p>हालांकि, महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में उन्हें चीन की सेन मेंगकान के खिलाफ 4-6 से हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। किशोर पैरा तैराक रवि बुडिगिना ने पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पदकों की हैट्रिक पूरी की। उनके अलावा तीन अन्य भारतीय तैराकों ने भी पदक जीते।</p><p>कपिल कुमार ने रजत पदक हासिल किया जबकि स्वातिक पाटिल और तेजस नंदकुमार ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते। इसके साथ ही तैराकी में भारत के पदकों की संख्या 10 हो गई। भारतीय दल को हालांकि अब भी स्वर्ण पदक का इंतजार है।</p><p>रवि इससे पहले इस सप्ताह पुरुषों की एस13 100 मीटर बैकस्ट्रोक और फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं में रजत पदक जीत चुके हैं। आंध्र प्रदेश के 18 वर्षीय दृष्टिबाधित तैराक ने 50 मीटर फ्रीस्टाइल में 25.89 सेकेंड का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया। छब्बीस वर्षीय कपिल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस10 स्पर्धा में चार मिनट 38.44 सेकेंड का समय लेकर रजत पदक जीता।</p><p>जापान के अकितो मिनाई ने चार मिनट 27.44 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। चौबीस वर्षीय स्वातिक ने पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी9 स्पर्धा में एक मिनट 13.77 सेकेंड का समय लेकर भारत को एक और पदक दिलाया। एसबी9 वर्ग न्यूनतम शारीरिक अक्षमता वाले तैराकों के लिए है, जबकि एस13 वर्ग में दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिनकी दृष्टि संबंधी अक्षमता के बावजूद पात्र दृष्टिबाधित वर्गों में सबसे कम दृष्टि हानि होती है।</p><p>दिन में पूल में उतरने वाले अंतिम भारतीय तेजस ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस7 स्पर्धा में एक मिनट 18.58 सेकेंड का समय लेकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिन्हें शारीरिक अक्षमता होती है और जिनका बांहों तथा धड़ पर नियंत्रण होता है लेकिन पैरों की कार्यक्षमता सीमित होती है या अंगों में कुछ विशेष कमियां होती हैं। भारत ने पुरुष एकल एसएल3 बैडमिंटन स्पर्धा में कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया जब प्रमोद भगत ने रोमांचक तीन गेम के सेमीफाइनल में कोरिया के ली सियुंघू को हराकर फाइनल में जगह बनाई।</p><p>अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना हमवतन नितेश कुमार से होगा। छह बार के विश्व चैंपियन और तोक्यो पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता 38 वर्षीय भगत ने दो घंटे नौ मिनट तक चले कड़े मुकाबले में ली को 16-21, 21-18, 21-17 से हराया। इससे पहले पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 और मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 दोनों स्पर्धाओं के फाइनल में पहुंचकर दो स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद कायम रखी।</p><p>वहीं नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल4 के फाइनल में जगह बनाई। नितेश ने 52 मिनट तक चले मुकाबले में इंडोनेशिया के एम इमरान को 21-19, 21-16 से हराकर पुरुष एकल एसएल3 के फाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले उन्होंने थुलासिमथी मुरुगेसन के साथ मिलकर 42 मिनट के रोमांचक सेमीफाइनल में चीन की ली मिंगपिन और शियाओ जूशियान की जोड़ी को 21-19, 14-21, 21-17 से हराया।</p><p>भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में पांच कांस्य पदक भी जीते। भारत की भाविना पटेल और शुभम वाधवा ने मिश्रित युगल एक्सडी7 टेबल टेनिस स्पर्धा में कांस्य पदक के साथ अपना अभियान समाप्त किया। सेमीफाइनल में उन्हें दक्षिण कोरिया के जांग योंगजिन और ली मिग्यू के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।</p><p>भारतीय जोड़ी को अंतिम चार के मुकाबले में 6-11, 11-8, 5-11, 8-11 से हार मिली। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में जापान की किमी बेस्शो और मासानोरी ऊनो की जोड़ी को सीधे गेम में हराकर उन्होंने पदक पक्का कर लिया था। भाविना और शुभम ने जापानी जोड़ी को 11-9, 11-3, 11-6 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 18:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/sheetal-devi-wins-two-gold-medals-asian-para-games-nagoya</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Christchurch T20I में India ने New Zealand को चार विकेट से हराया, 230 रन चेज कर रचा इतिहास]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-beat-new-zealand-by-four-wickets-in-christchurch-first-t20i-chase-record]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>(तीसरे पैरा में सुधार के साथ)
क्राइस्टचर्च, 22 अक्टूबर संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की शुरुआती ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी के बाद आखिरी ओवरों में नमन धीर की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला के पहले मुकाबले में बृहस्पतिवार को यहां न्यूजीलैंड को चार विकेट से शिकस्त दी। पहले फिन एलेन और ग्लेन फिलिप्स की विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर न्यूजीलैंड ने चार विकेट पर 225 रन बनाए। इसके साथ ही उसने भारत के खिलाफ अपने सर्वोच्च स्कोर की बराबरी की।</p><p>यह घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड का अब तक का सर्वोच्च स्कोर भी रहा। भारत ने 19.4 ओवर में छह विकेट पर 230 रन बनाकर इस प्रारूप में लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की। सैमसन ने 33 गेंदों में आठ चौकों और चार छक्कों की मदद से 67 रन बनाने के अलावा अभिषेक के साथ पहले विकेट के लिए 35 गेंदों में 93 रन की साझेदारी की।</p><p>अभिषेक ने 12 गेंदों में दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 29 रन बनाए। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने 28 गेंदों में 42 रन की पारी खेलकर मध्यक्रम को संभाला। उन्होंने अक्षर पटेल (14 गेंदों में 24 रन) के साथ 24 गेंदों में 45 रन की साझेदारी कर भारत की मैच में वापसी कराई।</p><p>आखिरी ओवरों में नमन ने 15 गेंदों में नाबाद 42 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम प्रबंधन के भरोसे को सही साबित किया। उन्होंने अय्यर के साथ छठे विकेट के लिए 23 गेंदों में 43 रन जोड़े। न्यूजीलैंड की ओर से मिचेल ब्रेसवेल और कप्तान मिचेल सैंटनर ने दो-दो विकेट लिए।</p><p>नियमित तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के कारण भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में धार की कमी साफ दिखाई दी। एलेन ने 24 गेंदों में 45 रन बनाए, जबकि फिलिप्स ने 40 गेंदों में नाबाद 82 रन की तूफानी पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के आक्रामक तेवरों के सामने भारतीय गेंदबाज बेअसर नजर आए।</p><p>लक्ष्य का पीछा करते हुए अभिषेक और सैमसन ने एक बार फिर भारत को तेज शुरुआत दिलाई। सैमसन ने पहले ओवर में मैट हेनरी के खिलाफ चौका लगाकर हाथ खोले, जबकि अभिषेक ने छक्के के साथ ओवर का समापन किया। लॉकी फर्ग्यूसन के खिलाफ सैमसन ने लगातार गेंदों पर चौका, छक्का और चौका लगाया।</p><p>इससे भारत ने तीसरे ओवर में 22 रन बटोर लिए। अभिषेक ने अगले ओवर में एडम मिल्ने के खिलाफ चौका लगाया। इसके बाद एक वाइड गेंद भी सीमा रेखा के पार चली गई और भारत ने 3.1 ओवर में ही बिना किसी नुकसान के 50 रन पूरे कर लिए।</p><p>अभिषेक ने आक्रामक तेवर जारी रखते हुए ओवर का समापन लगातार दो छक्कों के साथ किया। रनों की गति पर अंकुश लगाने के लिए गेंद ब्रेसवेल को सौंपी गई। इस स्पिनर ने सैमसन से छक्का और चौका खाने के बाद अभिषेक को चकमा देकर भारत को पहला झटका दिया।</p><p>पावरप्ले के बाद भारत का स्कोर एक विकेट पर 94 रन था। सैंटनर और ब्रेसवेल की स्पिन जोड़ी कुछ हद तक भारत की रन गति पर अंकुश लगाने में सफल रही। इसका फायदा न्यूजीलैंड को सैमसन और फिर तिलक वर्मा (11 गेंदों में छह रन) तथा ईशान किशन (तीन गेंदों में एक रन) के विकेट हासिल करने के रूप में मिला।</p><p>भारत ने सातवें से 11वें ओवर के बीच 34 रन के अंदर तीन विकेट गंवा दिए। बढ़ती जरूरी रन गति के दबाव के बीच अक्षर ने सैंटनर के खिलाफ चौका और ब्रेसवेल के खिलाफ छक्का लगाया। दूसरे छोर से अब तक संयमित अंदाज में खेल रहे अय्यर ने 14वें ओवर में हेनरी के खिलाफ दो शानदार छक्के जड़कर दबाव कम किया।</p><p>फर्ग्यूसन ने अगले ओवर में अक्षर को आउट कर किया। क्रीज पर आए नमन धीर ने सैंटनर के खिलाफ लगातार गेंदों पर छक्का और चौका लगाकर उनके गेंदबाजी आंकड़ों को बिगाड़ दिया। भारत को जब दो ओवर में 16 रन की जरूरत थी, तब अय्यर मिल्ने की गेंद पर सैंटनर को कैच दे बैठे।</p><p>नमन ने आखिरी ओवर में हेनरी के खिलाफ चौका और छक्का लगाकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी। इससे पहले शुरुआत में गेंद को स्विंग मिल रही थी लेकिन न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों ने इस चुनौती का बखूबी सामना किया और बाद में भारतीय गेंदबाज़ों पर जमकर प्रहार किए। करीब चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने उतरे भुवनेश्वर कुमार ने अपने पहले ओवर में अच्छी गेंदबाजी की लेकिन अगले ओवर में टिम सीफर्ट (17 गेंदों में 24 रन) ने उन पर दो चौके और लॉन्ग-ऑन के ऊपर से एक गगनचुंबी छक्का जड़ दिया।</p><p>इस ओवर में कुल 17 रन बने। इसके बाद अगले ओवर में एलन ने अर्शदीप सिंह को निशाना बनाया। उनके ओवर में भी 17 रन आए, जिससे पावरप्ले में न्यूजीलैंड को तेज शुरुआत मिली।</p><p>दोनों सलामी बल्लेबाजों ने ऑफ-साइड में शानदार शॉट लगाकर खूब रन बटोरे। पावरप्ले के दौरान ही मयंक यादव को गेंदबाजी पर लगाया गया। अतिरिक्त गति से गेंदबाज़ी करने वाले मयंक ने पांचवें ओवर की आखिरी गेंद पर सीफर्ट को विकेट के पीछे कैच कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई।</p><p>इसके बाद गेंदबाजी के लिए अक्षर के खिलाफ एलन और डेरिच मिचेल ने एक-एक छक्का जड़कर स्कोर को शुरूआती छह ओवरों में एक विकेट पर 65 रन कर दिया। अर्शदीप ने अपने दूसरे स्पेल में मिचेल का विकेट हासिल किया, लेकिन भुवनेश्वर कुमार भारतीय टीम को कोई बड़ी सफलता नहीं दिला सके। उनके तीसरे ओवर में 14 रन बने।</p><p>इसके बाद उन्हें पारी का 20वां और अंतिम ओवर सौंपा गया, जिसमें भी 14 रन खर्च हुए। भुवनेश्वर ने अपने चार ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 49 रन दिए। फिलिप्स ने पारी का समापन कवर क्षेत्र के ऊपर से शानदार स्विच-हिट लगाकर किया।</p><p>बेवन जैकब्स की 16 गेंदों पर 31 रन की तेजतर्रार पारी ने भी न्यूजीलैंड को 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी पारी का मुख्य आकर्षण अर्शदीप सिंह की गेंद पर लगाया गया पहली ही गेंद का सीधा छक्का रहा। भारतीय गेंदबाजों में अक्षर सबसे महंगे साबित हुए।</p><p>उन्होंने अपने चार ओवरों में 51 रन लुटाए। न्यूज़ीलैंड ने आखिरी पांच ओवरों में 67 रन बटोरकर भारतीय गेंदबाजी की कमजोरी को पूरी तरह से उजागर कर दिया।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 18:13:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-beat-new-zealand-by-four-wickets-in-christchurch-first-t20i-chase-record</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Asian Para Games में Ravi Budigina ने लगाई पदकों की हैट्रिक, चार भारतीय तैराकों ने जीते मेडल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-ravi-budigina-hat-trick-indian-swimmers-four-medals]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत के किशोर पैरा तैराक रवि बुडिगिना ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पदकों की हैट्रिक पूरी की जबकि तीन अन्य भारतीय तैराकों ने भी पदक जीते। कपिल कुमार ने रजत जबकि स्वातिक पाटिल और तेजस नंदकुमार ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते। इसके साथ ही तैराकी में भारत के कुल पदकों की संख्या 10 हो गई लेकिन देश के तैराकों के नाम पर अब भी मौजूदा खेलों का स्वर्ण पदक नहीं है।</p><p>रवि इससे पहले इस सप्ताह पुरुषों की एस13 वर्ग की 100 मीटर बैकस्ट्रोक और फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं में भी रजत पदक जीत चुके हैं। आंध्र प्रदेश के दृष्टिबाधित 18 वर्षीय रवि ने 50 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में 25.89 सेकेंड का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया। छब्बीस वर्ष के कपिल ने पुरूषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस10 स्पर्धा में चार मिनट 38 . 44 सेकेंड का समय लिया।</p><p>जापान के अकितो मिनाइ ने एशियाई पैरा खेलों के रिकॉर्ड समय (चार मिनट 27 . 44 सेकेंड) के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। ईरान के शाहीन इजादयार को कांस्य पदक मिला। इसके बाद 24 वर्षीय स्वातिक ने पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी9 स्पर्धा में एक मिनट 13.77 सेकेंड का समय लेकर कांस्य पदक जीता।</p><p>यह इन खेलों में भारत का आठवां पदक है। स्वातिक ईरान के दो तैराकों सिना जेघमिनेजाद (एक मिनट 09.47 सेकेंड) और शाहीन इजादयार (एक मिनट 13.23 सेकेंड) के बाद तीसरे स्थान पर रहे। दोनों ईरानी तैराकों ने क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीते।</p><p>पूल में उतरने वाले आखिरी भारतीय तैराक तेजस ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस7 स्पर्धा में एक मिनट 18.58 सेकेंड का समय लेकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिन्हें शारीरिक अक्षमता होती है और जिनका बांहों तथा धड़ पर पूरा नियंत्रण होता है लेकिन पैरों की कार्यक्षमता सीमित होती है या अंगों में कुछ विशेष कमियां होती हैं। तेजस चीन के जिंगसोंग रुआन और सिंगापुर के सूंग वेई तोह के बाद तीसरे स्थान पर रहे।</p><p>रुआन ने एक मिनट 12.16 सेकेड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि तोह ने एक मिनट 16.09 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। कर्नाटक के तैराक तेजस के पैरों में जन्मजात समस्या है। एस10 श्रेणी में वे तैराक होते हैं जिनमें आमतौर पर शारीरिक कमियां बहुत कम होती हैं मसलन पैरों में कमजोरी, पैर न होना, घुटने के नीचे से पैर नहीं होना, या कूल्हों से जुड़ी समस्यायें।</p><p>एसबी9 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनमें शारीरिक अक्षमता सबसे कम होती है। शारीरिक अक्षमता के वर्गीकरण में इस वर्ग के खिलाड़ियों की क्षमता सबसे अधिक मानी जाती है। पैरालंपिक तैराकी में एस, एसबी और एसएम उपसर्ग तैराकी की अलग-अलग शैलियों को दर्शाते हैं।</p><p>एस का इस्तेमाल फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक और बटरफ्लाई स्पर्धाओं के लिए, एसबी का ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धाओं के लिए और एसएम का व्यक्तिगत मेडले स्पर्धाओं के लिए किया जाता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 17:23:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-ravi-budigina-hat-trick-indian-swimmers-four-medals</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Asian Para Games 2026: यौन दुर्व्यवहार के आरोप में Para Swimmer शम्स आलम शेख जापान से वापस भेजे गए]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/shams-aalam-shaikh-sent-back-from-japan-over-misconduct-allegations]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय दल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख को यौन दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद जापान से भारत वापस भेज दिया गया है। उन पर नागोया के एक होटल में महिला कर्मचारी के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद भारतीय दल के अधिकारियों ने होटल प्रबंधन से माफी मांगी है। वहीं, भारतीय पैरालंपिक समिति ने खिलाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।</p><p>मौजूद जानकारी के अनुसार, यह घटना उस होटल में हुई जहां भारतीय दल के सदस्य ठहरे हुए हैं। होटल में काम करने वाली नेपाली मूल की एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि मोहम्मद शम्स आलम शेख ने उनके साथ अनुचित तरीके से छूने और पकड़ने की कोशिश की। महिला के मुताबिक, वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहीं और उन्होंने तुरंत अपने प्रबंधक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामले में दखल दिया और भारतीय दल के अधिकारियों से भी पूछताछ की। घटना के बाद शेख को प्रतियोगिता से हटाकर भारत वापस भेज दिया गया। वह खेलों में अपना मुकाबला भी नहीं खेल सके।</p><p>बता दें कि मोहम्मद शम्स आलम शेख पैरा तैराकी में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई एस5 और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी4 स्पर्धाओं में दुनिया में पहले स्थान पर रह चुके हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले खिलाड़ी पर लगे इन आरोपों ने भारतीय दल के लिए मुश्किल स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।</p><p>इस मामले पर भारतीय पैरालंपिक समिति ने सख्त रुख अपनाया है। समिति के अधिकारियों ने एनडीटीवी को बताया कि शेख के भारत पहुंचने के बाद उनका पक्ष सुना जाएगा। इसके बाद उनके खिलाफ आजीवन प्रतिबंध लगाने की घोषणा की जा सकती है। भारतीय दल के प्रमुख ने भी खिलाड़ी पर कड़ी से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। जापान में होटल प्रबंधन और खेल आयोजन से जुड़े अधिकारी भी भारत की ओर से की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी मांग रहे हैं। आगे का फैसला भारत में होने वाली कार्रवाई के आधार पर लिया जा सकता है।</p><p>भारतीय पैरालंपिक समिति ने अपने बयान में साफ कहा कि यौन दुर्व्यवहार या किसी दूसरे व्यक्ति की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति के अनुसार, एशियन पैरा गेम्स से पहले खिलाड़ियों और भारतीय दल के सदस्यों के लिए ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इन कार्यक्रमों में व्यवहार, अनुशासन, जिम्मेदारियों और तय नियमों का पालन करने की जानकारी दी गई थी।</p><p>समिति ने यह भी कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी। साथ ही, खिलाड़ी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। समिति ने सरकार को भी इस मामले की जानकारी दे दी है।</p><p>गौरतलब है कि नागोया में भारतीय दल से जुड़ा यह दूसरा अनुशासन संबंधी मामला बताया जा रहा है। इससे पहले भारतीय हॉकी महासंघ से जुड़े एक अधिकारी को भी कथित गलत व्यवहार के आरोपों के बाद वापस भेजे जाने की खबर आई थी। इन घटनाओं के बीच भारतीय पैरालंपिक समिति ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से सम्मान, ईमानदारी और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है। समिति का कहना है कि वह खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन और देश के लिए पदक जीतने के साथ-साथ अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार को भी उतना ही जरूरी मानती है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 17:19:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/shams-aalam-shaikh-sent-back-from-japan-over-misconduct-allegations</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Ahmedabad में 23 अक्टूबर से पहली Commonwealth Kabaddi Championship, 13 देश होंगे शामिल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/ahmedabad-to-host-first-commonwealth-kabaddi-championship-in-october-2026]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आयोजकों ने घोषणा की है कि 23 से 31 अक्टूबर 2026 तक अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी। इसमें पुरुष और महिला कबड्डी में 13 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी। अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) द्वारा आयोजित और इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन (IKF) द्वारा मान्यता प्राप्त इस टूर्नामेंट में 23 टीमें और 400 से अधिक खिलाड़ी शामिल होंगे। इसमें कुल 62 मैच खेले जाएंगे, जिनमें 39 पुरुषों के और 23 महिलाओं के मैच होंगे। इस टूर्नामेंट से दोनों श्रेणियों में पहले कॉमनवेल्थ चैंपियन तय होंगे।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-discus-throw-suvarna-raj-wins-gold-medal-for-india" target="_blank" rel="noopener">Asian Para Games 2026 | भारत की सुवर्णा राज ने महिलाओं की चक्का फेंक (Discus Throw) एफ54 स्पर्धा में रचा इतिहास, जीता स्वर्णिम पदक</a></h3><p>बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस चैंपियनशिप की औपचारिक शुरुआत की गई, जिसमें आधिकारिक जर्सी, टीम कप्तानों, एंथम, लोगो और मैस्कॉट का अनावरण किया गया। भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी सुरजीत सिंह करेंगे, जबकि नवीन कुमार उप-कप्तान होंगे। महिला टीम की कमान निधि शर्मा संभालेंगी और रितु उप-कप्तान होंगी। इसमें हिस्सा लेने वाले देशों में भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, नाइजीरिया, केन्या, तंजानिया, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, युगांडा, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। दोनों श्रेणियों के सेमीफाइनल 30 अक्टूबर को होंगे, और इसके बाद 31 अक्टूबर को फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे।</p><p>इस चैंपियनशिप का उद्देश्य कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देना और कॉमनवेल्थ गेम्स में इसके संभावित शामिल होने का समर्थन करना है। चूंकि 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी अहमदाबाद को करनी है, इसलिए यह टूर्नामेंट शहर के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की अपनी क्षमता दिखाने और वैश्विक स्तर पर कबड्डी को बढ़ावा देने का एक बेहतरीन मौका है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/rajnath-singh-sco-meeting-terrorism-and-national-sports-news-roundup" target="_blank" rel="noopener">Rajnath Singh ने SCO बैठक में उठाया आतंकवाद का मुद्दा, देश-विदेश की प्रमुख खबरें</a></h3><p>अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव, जितेंद्र प्राण सिंह ठाकुर ने कहा कि अहमदाबाद में पहली कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप की मेजबानी करना भारतीय कबड्डी के लिए गर्व की बात है। हम इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों का स्वागत करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस खेल के जज्बे, कौशल और प्रतिस्पर्धात्मक तीव्रता को प्रदर्शित करने के लिए उत्सुक हैं। इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन के महासचिव तेजस्वी गहलोत ने कहा कि पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप, कबड्डी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कॉमनवेल्थ देशों की राष्ट्रीय टीमों को एक साथ लाने से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक नया मंच मिलेगा और इस खेल को दुनिया भर के और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।<br>&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 17:19:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/ahmedabad-to-host-first-commonwealth-kabaddi-championship-in-october-2026</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Asian Para Games: शैलेष कुमार की अगुवाई में ऊंची कूद में भारत ने जीते तीनों पदक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-india-clean-sweep-mens-high-jump-t63-medals]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>एशियाई पैरा खेलों में एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शैलेष कुमार की अगुवाई में भारत ने पुरूषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में तीनों पदक जीते जबकि अंजनाबेन बुंबाडिया और दिलीप गावित ने 400 मीटर टी47 महिला और पुरूष वर्ग में और सुवर्णा राज ने महिलाओं की चक्का फेंक एफ54 स्पर्धा में पीले तमगे अपने नाम किये। बुंबाडिया ने महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में बृहस्पतिवार को स्वर्ण पदक जीता जबकि जयंती बेहेडा को रजत पदक मिला। बुंबाडिया ने 59 . 97 सेकंड का समय निकाला और चार खिलाड़ियों में एक मिनट से कम का समय निकालने वाली अकेली प्रतियोगी रही।</p><p>बेहेडा ने एक मिनट 00.65 सेकंड का समय लिया। थाईलैंड की सासिरावान इंताचोत ने एक मिनट 02.58 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता। पुरूषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में शैलेष ने खेलों के नये रिकॉर्ड के साथ 1 . 89 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक जीता।</p><p>पूर्व पैरालम्पिक कांस्य पदक विजेता वरूण भाटी ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 1 . 84 मीटर के साथ रजत जबकि राहुल ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके 1 . 81 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। टी63 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनका घुटना या घुटने के ऊपर का हिस्सा कटा हुआ है या जिनके पैर में कोई कमी है। ये एथलीट दौड़ने और कूदने के लिए घुटने के जोड़ वाले कृत्रिम पैर (प्रोस्थेसिस) का उपयोग करके प्रतिस्पर्धा करते हैं।</p><p>भारत ने हांगझोउ में हुए पिछले खेलों में भी इस स्पर्धा के तीनों पदक जीते थे। पुरूषों के 400 मीटर टी47 फाइनल में गावित ने 48 . 27 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि भाविककुमार भारवाड ने 49 . 31 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। जापान के काकेरू इशिदा को कांस्य पदक मिला।</p><p>गावित ने इससे पहले बुधवार को पुरूषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।उन्होंने हांगझोउ खेलों में 49 . 48 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता था। टी47 श्रेणी में वे एथलीट आते हैं जिनकी कोहनी के नीचे से बाजू या कलाई कटी हुई है या ऊपरी अंग में कोई ऐसी ही कमी या खराबी है जिससे एक बाजू प्रभावित होती है। सुबह के सत्र में सुवर्णा राज ने भारत को पहला स्वर्ण दिलाया जब वह महिलाओं की चक्का फेंक एफ54 स्पर्धा में 15.66 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ अव्वल रहीं।</p><p>सुवर्णा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने छह प्रयासों में से चार में 15 मीटर से अधिक का थ्रो किया। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। ईरान की शाहला हदीदी 15.45 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि वियतनाम की थी न्गोक थुई गुयेन ने 14.65 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।</p><p>एफ54 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके धड़ और निचले अंग सक्षम नहीं होते हैं और वह व्हीलचेयर पर बैठकर थ्रो करते हैं। एथलीट अपने शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत और बांहों की गति का उपयोग करके शक्ति पैदा करते हैं। महिला 400मीटर टी12 स्पर्धा में दृष्टिबाधित तेजलबेन दामोर ने 57 . 60 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता जो इन खेलों में उनका दूसरा पदक है।</p><p>उन्होंने 200 मीटर टी12 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:43:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-india-clean-sweep-mens-high-jump-t63-medals</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Asian Para Games: तैराक Kapil Kumar और तीरंदाज Swati Chaudhary ने जीता Silver]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/kapil-kumar-and-swati-chaudhary-win-silver-medals-in-asian-para-games]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय तैराक कपिल कुमार ने गुरुवार को यहाँ एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S10 स्पर्धा में रजत पदक जीता। 26 वर्षीय कपिल ने 4:38.44 का समय लिया और जापान के अकिटो मिनाई के बाद दूसरे स्थान पर रहे। मिनाई ने 4:27.44 का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान खेलों का नया रिकॉर्ड भी बनाया। ईरान के शाहीन इज़द्यार ने 4:38.65 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में कुल पाँच तैराक शामिल थे।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-discus-throw-suvarna-raj-wins-gold-medal-for-india" target="_blank" rel="noopener">Asian Para Games 2026 | भारत की सुवर्णा राज ने महिलाओं की चक्का फेंक (Discus Throw) एफ54 स्पर्धा में रचा इतिहास, जीता स्वर्णिम पदक</a></h3><p>S10 क्लास के तैराकों में आमतौर पर शारीरिक अक्षमता बहुत कम होती है, जैसे कि पैरों में कमजोरी, पैरों का न होना, घुटने के नीचे से पैर न होना, या कूल्हों से जुड़ी समस्याएँ। पैरालंपिक तैराकी में, S, SB और SM जैसे उपसर्ग (prefixes) तैराकी की शैली (स्ट्रोक) की श्रेणी को दर्शाते हैं। वहीं, स्वाति चौधरी ने एशियाई पैरा खेलों में तीरंदाजी की महिला डब्ल्यू1 श्रेणी में भारत का पहला पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां महिला व्यक्तिगत फाइनल में चीन की सेन मेंगकन से हारने के बाद रजत पदक हासिल किया।</p><p>मेरठ की गुरुकुल तीरंदाजी अकादमी में एथेंस ओलंपिक खेलों में भाग ले चुके सत्यदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ने उतार-चढ़ाव भरे फाइनल में 4-2 की बढ़त गंवा दी और 4-6 से हार गई। चीन की तीरंदाज ने शानदार वापसी की और स्वाति को 25-17, 21-22, 22-21, 20-30, 21-28 से हार का सामना करना पड़ा। पिछले महीने अहमदाबाद में विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में कांस्य पदक जीतने वाली स्वाति ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट 25-17 से जीत लिया।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/top-afternoon-news-roundup-national-international-sports-business-updates" target="_blank" rel="noopener">देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम</a></h3><p>चीन की खिलाड़ी ने दूसरा सेट जीता लेकिन स्वाति ने तीसरा सेट जीत कर वापसी की। चीन की खिलाड़ी ने चौथे सेट में तीन परफेक्ट 10 के साथ 30 का स्कोर बनाकर सेट 30-20 से जीत लिया और मैच को 4-4 से बराबर कर दिया। सेन ने निर्णायक सेट में अपना धैर्य बनाए रखा तथा स्वाति के 21 अंकों के मुकाबले 28 अंक बनाकर एशियाई पैरा खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। मेरठ की 37 वर्षीय स्वाति को भले ही स्वर्ण पदक नहीं मिला लेकिन वह इस वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई। डब्ल्यू1 श्रेणी में गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं।&nbsp;<br>&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:38:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/kapil-kumar-and-swati-chaudhary-win-silver-medals-in-asian-para-games</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Asian Para Games में Sheetal Devi ने जीते दो स्वर्ण, स्वाति चौधरी ने रचा इतिहास]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/sheetal-devi-wins-two-gold-medals-asian-para-games-swati-silver]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत की भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी ने एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा और मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि स्वाति चौधरी ने डब्ल्यू1 स्पर्धा में रजत पदक जीता और इस श्रेणी में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई। शीतल ने तनावपूर्ण क्षणों में धैर्य बनाए रखते हुए महिला व्यक्तिगत फाइनल में सिंगापुर की अलीम नूर शाहिदा को हराया। तोमन कुमार के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के कुछ ही घंटों बाद ही 19 वर्षीय विश्व चैंपियन शीतल ने अलीम को 142-139 से हराकर मौजूदा खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक और कुल मिलाकर तीसरा पदक जीता।</p><p>इससे पहले उन्होंने महिला कंपाउंड टीम में पायल नाग के साथ रजत पदक जीता था। हांगझोउ खेलों में भी उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत अपने नाम किये थे। स्वाति महिलाओं के डब्ल्यू1 फाइनल में चीन की सेन मेंगकान के खिलाफ 4 . 2 की बढत बनाने के बाद 4 . 6 से हार गई।</p><p>इस वर्ग में हालांकि भारत का यह पहला पदक है। दिन की आखिरी स्पर्धा में तोमन कुमार पुरूषों के व्यक्तिगत कांस्य प्लेआफ में चीन के झांग यिचेंग से 139 . 148 से हार गए। भारत के तीरंदाजी में चार पदक हो गए हैं जबकि रिकर्व एलिमिनेशन दौर शुक्रवार को खेला जायेगा।</p><p>भारत ने 2023 में हांगझोउ में दो स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते थे। भारत की महिला और पुरूष टीमें फाइनल में पहुंच चुकी है जबकि मिश्रित टीम सेमीफाइनल से अभियान का आगाज करेगी। शीतल ने व्यक्तिगत मुकाबले में जबर्दस्त धैर्य का प्रदर्शन किया।</p><p>अलीम ने अच्छी शुरुआत की और पहले दो सेट के बाद चार अंकों की बढ़त बना ली। लेकिन जम्मू कश्मीर की रहने वाली भारतीय खिलाड़ी ने शानदार वापसी करके अगले दो सेट में लगातार 10-10 अंक हासिल किए। उन्होंने इस बीच तीन एक्स (निशाने के केंद्र के सबसे करीब लगने वाले तीर) भी लगाए।</p><p>इस तरह से उन्होंने अंतिम सेट से पहले दो अंकों की बढ़त बना ली। शीतल ने अंतिम सेट में नौ-नौ अंक के साथ कुल 27 अंक हासिल किए जबकि अलीम केवल 26 अंक ही बना सकी। मिश्रित टीम में शीतल और तोमन ने फाइनल में इंडोनेशिया की तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग को 151-148 से हराया।</p><p>क्वालीफाइंग राउंड में विश्व रिकार्ड बनाने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने फाइनल में शुरू से लेकर आखिर तक अपनी बढ़त बनाए रखी। भारतीय टीम ने पहले सेट में 38-37 से बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने दूसरे सेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया और 77-73 के अंतर से अपनी बढ़त चार अंक की कर दी।</p><p>इस दौरान उन्होंने केवल एक अंक गंवाया। इंडोनेशियाई टीम ने तीसरे सेट में एक अंक से जीत हासिल की, लेकिन भारतीय टीम ने तीन अंकों की बढ़त बनाए रखी। अंतिम सेट में दोनों टीमों ने 38 अंक बनाए, जो भारत को तीन अंकों की जीत के साथ स्वर्ण पदक दिलाने के लिए पर्याप्त थे।</p><p>शीतल और तोमन ने सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की जोड़ी ली युन-ह्सिएन और यांग जून-काई को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 142-141से हराया था। शीतल और तोमन ने क्वालीफाइंग राउंड में 1402 अंक बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। छत्तीसगढ़ के बलोद जिले के नवागांव के रहने वाले 31 वर्षीय तोमन सीआरपीएफ में कार्यरत हैं।</p><p>उन्होंने फरवरी 2022 में झारखंड के लोहरदगा जिले में माओवादियों के खिलाफ संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान एक आईईडी विस्फोट में अपना बायां पैर गंवा दिया था। इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका पैर काटना पड़ा था। इससे पहले स्वाति ने डब्ल्यू1 श्रेणी में महिला व्यक्तिगत फाइनल में चीन की सेन मेंगकन से हारने के बाद रजत पदक हासिल किया।</p><p>मेरठ की गुरुकुल तीरंदाजी अकादमी में एथेंस ओलंपिक खेलों में भाग ले चुके सत्यदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ने उतार-चढ़ाव भरे फाइनल में 4-2 की बढ़त गंवा दी और 4-6 से हार गई। चीन की तीरंदाज ने शानदार वापसी की और स्वाति को 25-17, 21-22, 22-21, 20-30, 21-28 से हार का सामना करना पड़ा। पिछले महीने अहमदाबाद में विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में कांस्य पदक जीतने वाली स्वाति ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट 25-17 से जीत लिया।</p><p>चीन की खिलाड़ी ने दूसरा सेट जीता लेकिन स्वाति ने तीसरा सेट जीत कर वापसी की। चीन की खिलाड़ी ने चौथे सेट में तीन परफेक्ट 10 के साथ 30 का स्कोर बनाकर सेट 30-20 से जीत लिया और मैच को 4-4 से बराबर कर दिया। सेन ने निर्णायक सेट में अपना धैर्य बनाए रखा तथा स्वाति के 21 अंकों के मुकाबले 28 अंक बनाकर एशियाई पैरा खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता।</p><p>मेरठ की 37 वर्षीय स्वाति को भले ही स्वर्ण पदक नहीं मिला लेकिन वह इस वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई। डब्ल्यू1 श्रेणी में गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं। इस वर्ग में टेट्राप्लेजिया जैसी स्थितियों से ग्रस्त एथलीट शामिल हैं, जिनमें मांसपेशियों की शक्ति और अंगों के कार्य में समान रूप से कमी होती है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 15:23:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/sheetal-devi-wins-two-gold-medals-asian-para-games-swati-silver</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[जिम्बाब्वे के खिलाफ Smriti Mandhana की कप्तानी में वनडे सीरीज स्वीप करने उतरेगी भारतीय टीम]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-women-vs-zimbabwe-odi-series-smriti-mandhana-vadodara]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>टी20 श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन करके तीनों मैच जीतने वाली भारतीय महिला टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाली तीन मैच की वनडे श्रृंखला में भी अपना दबदबा कायम रखकर ‘क्लीन स्वीप’ करने के उद्देश्य से मैदान पर उतरेगी। स्मृति मंधाना के पूर्णकालिक कप्तान बनने के बाद भारत ने अच्छी शुरुआत करते हुए जिम्बाब्वे को 3-0 से हराया। वनडे में मौजूदा विश्व चैंपियन भारतीय टीम से जिम्बाब्वे की अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ फिर से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।</p><p>पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर की फॉर्म में वापसी वनडे श्रृंखला से पहले भारत के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू है, क्योंकि इससे मध्य क्रम को मजबूती मिलेगी जिसमें टीम को चोटिल जेमिमा रोड्रिग्स की सेवाएं नहीं मिल रही हैं। जेमिमा मांसपेशियों में खिंचाव के कारण बाहर हैं। उनकी अनुपस्थिति में भारत ने टी20 श्रृंखला में तीसरे नंबर पर नए खिलाड़ियों को आजमाया था।</p><p>टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत के पास अनुष्का शर्मा और निक्की प्रसाद जैसी युवा बल्लेबाज थी, वहीं वनडे में तीसरे नंबर पर हरलीन देओल और प्रतिका रावल को उतारा जा सकता है। यह दोनों खिलाड़ी हालांकि आक्रामक बल्लेबाज नहीं हैं और ऐसे में हरमनप्रीत पर रन रेट बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। हरमनप्रीत पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी लेकिन उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 41 गेंदों में 10 चौकों और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 91 रन बनाकर शानदार वापसी की।</p><p>शीर्ष क्रम में शानदार फॉर्म में चल रही शेफाली वर्मा जिम्बाब्वे के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं, जबकि गेंदबाजी विभाग में उसे श्री चरणी से सतर्क रहना होगा जिनके 10 ओवर महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यह मंधाना की पूर्णकालिक वनडे कप्तान के रूप में पहली श्रृंखला होगी। उन्होंने अन्य बल्लेबाजों को मौका देने के उद्देश्य से अंतिम टी20 मैच में बल्लेबाजी नहीं की थी।</p><p>जहां तक जिम्बाब्वे की बात है तो तीनों टी20 मैच में हार के बावजूद उनके लिए कुछ सकारात्मक पहलू रहे। इनमें उनका शानदार क्षेत्ररक्षण और किसी भी मैच में ऑल आउट नहीं होना प्रमुख हैं। केलिस नधलोवु ने शीर्ष क्रम में अच्छा प्रदर्शन किया जबकि शार्ने मेयर्स ने अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 60 रन बनाए।</p><p>उन्होंने पहले मैच में 43 रन बनाए थे। गेंदबाजी में जिम्बाब्वे बिलव्ड बीजा और न्याशा ग्वांजुरा से टी20 की तरह ही प्रभावशाली प्रदर्शन करने की उम्मीद करेगा। टीम इस प्रकार हैं:
भारत: स्मृति मंधाना (कप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), हरलीन देयोल, ऋचा घोष (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा (उपकप्तान), हरमनप्रीत कौर, सयाली सतघरे, शेफाली वर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा।</p><p>जिम्बाब्वे: जोसेफिन नकोमो (कप्तान), चिएद्ज़ा धुरुरू (विकेटकीपर), शार्ने मेयर्स, मोडेस्टर मुपाचिक्वा (विकेटकीपर), बिलव्ड बीज़ा, न्याशा ग्वांज़ुरा, मिशेल मावुंगा, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, केलिस नधलोवु, ओलिन्दर चारे, कुदज़ई चिगोरा, फ्रांसिस्का चिपारे, तेंडाई मकुशा, लोरिन फिरी, नोमवेलो सिबांडा। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 2:00 बजे शुरू होगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 14:03:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-women-vs-zimbabwe-odi-series-smriti-mandhana-vadodara</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Asian Para Games: शीतल देवी और तोमन कुमार ने जीता स्वर्ण, स्वाति को मिला रजत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/sheetal-devi-toman-kumar-win-archery-gold-asian-para-games-swati-silver]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत की शीतल देवी और तोमन कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बृहस्पतिवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की तीरंदाजी प्रतियोगिता की कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि स्वाति चौधरी ने महिला डब्ल्यू1 श्रेणी में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा। शीतल और तोमन ने मौजूदा खेलों में तीरंदाजी में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इससे पहले शीतल ने महिला कंपाउंड युगल स्पर्धा में पायल नाग के साथ मिलकर रजत पदक जीता था।</p><p>शीतल का यह एशियाई पैरा खेलों में मिश्रित टीम वर्ग में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2023 के हांगझोउ खेलों में राकेश कुमार के साथ मिलकर खिताब जीता था। शीतल और तोमन ने फाइनल में इंडोनेशिया की तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग को 151-148 से हराया।</p><p>क्वालीफाइंग राउंड में विश्व रिकार्ड बनाने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने फाइनल में शुरू से लेकर आखिर तक अपनी बढ़त बनाए रखी। भारतीय टीम ने पहले सेट में 38-37 से बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने दूसरे सेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया और 77-73 के अंतर से अपनी बढ़त चार अंक की कर दी।</p><p>इस दौरान उन्होंने केवल एक अंक गंवाया। इंडोनेशियाई टीम ने तीसरे सेट में एक अंक से जीत हासिल की, लेकिन भारतीय टीम ने तीन अंकों की बढ़त बनाए रखी। अंतिम सेट में दोनों टीमों ने 38 अंक बनाए, जो भारत को तीन अंकों की जीत के साथ स्वर्ण पदक दिलाने के लिए पर्याप्त थे।</p><p>शीतल और तोमन ने सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की जोड़ी ली युन-ह्सिएन और यांग जून-काई को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 142-141से हराया था। शीतल और तोमन ने क्वालीफाइंग राउंड में 1402 अंक बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। शीतल जन्म से ही भुजाहीन है।</p><p>वह धनुष को सही स्थिति में रखने के लिए अपने पैरों का इस्तेमाल करती हैं और डोरी को खींचने और छोड़ने के लिए अपने कंधे और जबड़े का उपयोग करती हैं। छत्तीसगढ़ के बलोद जिले के नवागांव के रहने वाले 31 वर्षीय तोमन सीआरपीएफ में कार्यरत हैं। उन्होंने फरवरी 2022 में झारखंड के लोहरदगा जिले में माओवादियों के खिलाफ संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान एक आईईडी विस्फोट में अपना बायां पैर गंवा दिया था।</p><p>इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका पैर काटना पड़ा था। इससे पहले स्वाति ने डब्ल्यू1 श्रेणी में महिला व्यक्तिगत फाइनल में चीन की सेन मेंगकन से हारने के बाद रजत पदक हासिल किया। मेरठ की गुरुकुल तीरंदाजी अकादमी में एथेंस ओलंपिक खेलों में भाग ले चुके सत्यदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ने उतार-चढ़ाव भरे फाइनल में 4-2 की बढ़त गंवा दी और 4-6 से हार गई।</p><p>चीन की तीरंदाज ने शानदार वापसी की और स्वाति को 25-17, 21-22, 22-21, 20-30, 21-28 से हार का सामना करना पड़ा। पिछले महीने अहमदाबाद में विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में कांस्य पदक जीतने वाली स्वाति ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट 25-17 से जीत लिया। चीन की खिलाड़ी ने दूसरा सेट जीता लेकिन स्वाति ने तीसरा सेट जीत कर वापसी की।</p><p>चीन की खिलाड़ी ने चौथे सेट में तीन परफेक्ट 10 के साथ 30 का स्कोर बनाकर सेट 30-20 से जीत लिया और मैच को 4-4 से बराबर कर दिया। सेन ने निर्णायक सेट में अपना धैर्य बनाए रखा तथा स्वाति के 21 अंकों के मुकाबले 28 अंक बनाकर एशियाई पैरा खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। मेरठ की 37 वर्षीय स्वाति को भले ही स्वर्ण पदक नहीं मिला लेकिन वह इस वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई।</p><p>डब्ल्यू1 श्रेणी में गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं। इस वर्ग में टेट्राप्लेजिया जैसी स्थितियों से ग्रस्त एथलीट शामिल हैं, जिनमें मांसपेशियों की शक्ति और अंगों के कार्य में समान रूप से कमी होती है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 11:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/sheetal-devi-toman-kumar-win-archery-gold-asian-para-games-swati-silver</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[India vs New Zealand सीरीज में DRS के तहत पहली बार होगा Sonic तकनीक का इस्तेमाल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-new-zealand-series-introduces-sonic-technology-in-drs]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत और न्यूजीलैंड के बीच बृहस्पतिवार से यहां होने वाली श्रृंखला में निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) के हिस्से के रूप में पहली बार ‘सोनिक’ तकनीक का उपयोग किया जाएगा। न्यूजीलैंड क्रिकेट (एनजेडसी), स्काई और वर्चुअल आई ने इसकी पुष्टि की। इस तकनीक से बल्ले को स्पर्श करके गई गेंद का सही आकलन किया जाता है।</p><p>न्यूजीलैंड में डिजाइन की गई इस तकनीक से अब वर्चुअल आई क्रिकेट के तीनों प्रारूप में होने वाली श्रृंखला में मदद के लिए अंपायरों को डीआरएस का पूरा सेट प्रदान करेगी। उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने 2008 में ही ‘बॉल-ट्रैकिंग’ के लिए मान्यता प्रदान कर दी थी। आईसीसी के परामर्श और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के समर्थन से किए गए व्यापक परीक्षण, सत्यापन और स्वतंत्र मूल्यांकन के बाद इसे मंजूरी दी गई है।</p><p>सोनिक उन्नत ऑडियो-विश्लेषण तकनीक का उपयोग करके तीसरे अंपायर को बल्ले और गेंद के संभावित संपर्क के बारे में जानकारी में मदद करता है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के बाद पांच मैच की वनडे श्रृंखला और दो मैच की टेस्ट श्रृंखला खेली जाएगी।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 09:13:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-new-zealand-series-introduces-sonic-technology-in-drs</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Asian Para Games 2026 | भारत की सुवर्णा राज ने महिलाओं की चक्का फेंक (Discus Throw) एफ54 स्पर्धा में रचा इतिहास, जीता स्वर्णिम पदक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-discus-throw-suvarna-raj-wins-gold-medal-for-india]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>एशियाई पैरा खेलों में भारतीय एथलीटों का शानदार और प्रेरणादायक प्रदर्शन लगातार जारी है। भारत की दिग्गज पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने खेल प्रेमियों को गौरवान्वित करते हुए बृहस्पतिवार को एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में महिलाओं की चक्का फेंक (Discus Throw) एफ54 (F54) श्रेणी में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। सुवर्णा ने प्रतियोगिता में अपने असाधारण कौशल, अटूट मानसिक मजबूती और बेहतरीन तकनीक का परिचय देते हुए 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया।</p><p>सुवर्णा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने छह प्रयासों में से चार में 15 मीटर से अधिक का थ्रो किया। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। ईरान की शाहला हदीदी 15.45 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि वियतनाम की थी न्गोक थुई गुयेन ने 14.65 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। एफ54 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके धड़ और निचले अंग सक्षम नहीं होते हैं और वह व्हीलचेयर पर बैठकर थ्रो करते हैं। एथलीट अपने शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत और बांहों की गति का उपयोग करके शक्ति पैदा करते हैं।</p><p><strong>समझें क्या है एफ54 (F54) श्रेणी?</strong><br>पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमताओं के आधार पर विभिन्न श्रेणियां निर्धारित की जाती हैं ताकि मुकाबला निष्पक्ष हो सके।</p><p><strong>एफ54 (F54) श्रेणी का विवरण:-</strong><br>शारीरिक स्थिति: यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए निर्धारित होती है जिनके धड़ (Torso) और निचले अंगों (Lower Limbs) की कार्यक्षमता सीमित या पूरी तरह प्रभावित होती है।</p><p>तकनीक: खिलाड़ी व्हीलचेयर पर एक विशेष थ्रोइंग फ्रेम में बैठकर थ्रो करते हैं।</p><p>शारीरिक शक्ति: चूंकि पैर और धड़ का सहारा नहीं मिलता, इसलिए एथलीट केवल अपने शरीर के ऊपरी हिस्से (Upper Body) की ताकत, कंधों के लचीलेपन और बांहों की तेज गति (Arm Speed) का उपयोग करके गेंद या चक्के में शक्ति पैदा करते हैं।</p><p><strong>दृढ़ संकल्प और प्रेरणा की अनूठी मिसाल</strong><br>सुवर्णा राज की यह सफलता केवल एक खेल पदक नहीं है, बल्कि यह उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। व्हीलचेयर पर बैठकर केवल शरीर के ऊपरी हिस्से के बल पर 15 मीटर से अधिक दूर भारी चक्का फेंकना अत्यधिक अभ्यास, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता की मांग करता है।</p><p>सुवर्णा की इस स्वर्णिम उपलब्धि से भारत में पैरा-खेलों और पैरा-एथलीटों के प्रति सम्मान और उत्साह में और अधिक बढ़ोतरी होगी। उनकी इस ऐतिहासिक जीत पर देशभर से खेल प्रेमियों, एथलीटों और अधिकारियों द्वारा बधाइयों का तांता लगा हुआ है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 08:50:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-discus-throw-suvarna-raj-wins-gold-medal-for-india</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Asian Para Games: थुलासिमथी और नितेश पैरा बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचे]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/thulasimathi-murugesan-nitesh-kumar-enter-asian-para-games-badminton-final]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>थुलासिमथी मुरुगेसन और नितेश कुमार की भारतीय जोड़ी ने बृहस्पतिवार को यहां चीन के ली मिंगपान और शियाओ ज़ुक्सियन को हराकर एशियाई पैरा खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता के मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 फाइनल में प्रवेश किया, जबकि देश की दो अन्य जोड़ियों को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। थुलासिमथी और नितेश ने इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल में चीनी जोड़ी को 21-19, 14-21, 21-17 से पराजित किया। यह मैच 42 मिनट तक चला।</p><p>थुलासिमथी ने मैच के बाद कहा, ‘‘हम बहुत खुश हैं। अब हमें अपना पूरा ध्यान फाइनल पर केंद्रित करना होगा।’’
नितेश ने कहा, ‘‘हम इनमें से अधिकतर खिलाड़ियों के खिलाफ पहले कई बार खेल चुके हैं और उनके मजबूत पक्ष को जानते हैं। इसलिए हमें यह पता था कि हमें प्रत्येक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कैसे खेलना है।</p><p>बीच में हमारा ध्यान थोड़ा भटक गया और हमने कुछ गलतियां कर दीं, लेकिन अच्छी बात यह थी कि तीसरे सेट की शुरुआत में हमने अपनी लय वापस पा ली।’’
फाइनल दो भारतीय जोड़ियों के बीच हो सकता था लेकिन मनीषा रामदास और प्रमोद भगत इंडोनेशिया की लीनी रात्रि ओक्टिला और हिकमत रामदानी से 21-16, 13-21, 17-21 से हार गए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत के कृष्णा नागर और नित्या श्री सुमति सिवान ने भी मिश्रित युगल एसएच6 सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की रीना मर्लिना और सुभान से 14-21, 18-21 से हारने के बाद कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। थुलासिमथी महिला युगल एसएल3-एसयू5 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक की दावेदार हैं।</p><p>शुक्रवार को स्वर्ण पदक के लिए होने वाले मुकाबले में उनका और मानसी जोशी का सामना चीन की यांग किउक्सिया और शियाओ ज़ुक्सियन से होगा। नितेश पुरुष एकल एसएल3 सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के मुह अल इमरान का सामना करेंगे। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 श्रेणी में वह खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके जो निचले अंगों से दिव्यांग होते हैं और आधे कोर्ट पर प्रतिस्पर्धा करते हैं।</p><p>एसयू श्रेणी के खिलाड़ी ऊपरी अंगों से दिव्यांग होते हैं। इन दोनों श्रेणियां के खिलाड़ियों को एक साथ उतारा जाता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 08:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/thulasimathi-murugesan-nitesh-kumar-enter-asian-para-games-badminton-final</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[एशियाई पैरा खेलों में Swati Choudhary ने रचा इतिहास, तीरंदाजी में जीता रजत पदक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/swati-choudhary-wins-historic-silver-in-asian-para-games-archery-w1-category]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>स्वाति चौधरी ने एशियाई पैरा खेलों में तीरंदाजी की महिला डब्ल्यू1 श्रेणी में भारत का पहला पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां महिला व्यक्तिगत फाइनल में चीन की सेन मेंगकन से हारने के बाद रजत पदक हासिल किया। मेरठ की गुरुकुल तीरंदाजी अकादमी में एथेंस ओलंपिक खेलों में भाग ले चुके सत्यदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ने उतार-चढ़ाव भरे फाइनल में 4-2 की बढ़त गंवा दी और 4-6 से हार गई।</p><p>चीन की तीरंदाज ने शानदार वापसी की और स्वाति को 25-17, 21-22, 22-21, 20-30, 21-28 से हार का सामना करना पड़ा। पिछले महीने अहमदाबाद में विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में कांस्य पदक जीतने वाली स्वाति ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट 25-17 से जीत लिया। चीन की खिलाड़ी ने दूसरा सेट जीता लेकिन स्वाति ने तीसरा सेट जीत कर वापसी की।</p><p>चीन की खिलाड़ी ने चौथे सेट में तीन परफेक्ट 10 के साथ 30 का स्कोर बनाकर सेट 30-20 से जीत लिया और मैच को 4-4 से बराबर कर दिया। सेन ने निर्णायक सेट में अपना धैर्य बनाए रखा तथा स्वाति के 21 अंकों के मुकाबले 28 अंक बनाकर एशियाई पैरा खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। मेरठ की 37 वर्षीय स्वाति को भले ही स्वर्ण पदक नहीं मिला लेकिन वह इस वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई।</p><p>डब्ल्यू1 श्रेणी में गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं। इस वर्ग में टेट्राप्लेजिया जैसी स्थितियों से ग्रस्त एथलीट शामिल हैं, जिनमें मांसपेशियों की शक्ति और अंगों के कार्य में समान रूप से कमी होती है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 08:13:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/swati-choudhary-wins-historic-silver-in-asian-para-games-archery-w1-category</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप से बाहर हुआ Pakistan, नहीं मिली अनुमति]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/pakistan-denied-permission-for-commonwealth-kabaddi-championship-in-ahmedabad]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत में होने वाली पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान के खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ के महासचिव तेजस्वी गेहलोत ने बताया कि पाकिस्तानी सरकार ने अपने खिलाड़ियों को भारत आने की अनुमति नहीं दी है। आयोजकों ने खिलाड़ियों की भागीदारी के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली थी और भारत सरकार की ओर से भी अनुमति मिल गई थी, लेकिन बाद में पाकिस्तान की तरफ से उनके नहीं आने की सूचना मिली।</p><p>तेजस्वी गेहलोत के मुताबिक, आयोजकों को खुद इस फैसले की वजह की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के आने की अनुमति दे दी थी और जरूरी दस्तावेज भी भेजे गए थे। इसके बावजूद पाकिस्तानी सरकार ने अपने खिलाड़ियों को भारत आने की मंजूरी नहीं दी। इस फैसले के कारण पाकिस्तान की टीम इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएगी।</p><p>अहमदाबाद में 23 से 31 अक्टूबर तक होने वाली इस चैंपियनशिप के मुकाबले वीर सावरकर खेल परिसर में खेले जाएंगे। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस प्रतियोगिता में 13 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी। 9 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में पुरुष और महिला वर्ग के मुकाबले होंगे। कुल 23 टीमें मैदान पर उतरेंगी, जिनमें 400 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल होंगे। प्रतियोगिता में कुल 62 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें पुरुष वर्ग के 39 और महिला वर्ग के 23 मैच होंगे। दोनों वर्गों में पहली बार कॉमनवेल्थ चैंपियन का फैसला होगा।</p><p>इस चैंपियनशिप का आयोजन भारतीय शौकिया कबड्डी महासंघ कर रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ की मंजूरी भी मिली है। इसका मुख्य उद्देश्य कबड्डी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना और भविष्य में इसे कॉमनवेल्थ खेलों में पदक वाले खेल के रूप में शामिल कराने की कोशिशों को आगे बढ़ाना है।</p><p>तेजस्वी गेहलोत ने बताया कि अहमदाबाद को इस प्रतियोगिता के लिए इसलिए चुना गया, क्योंकि यह कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी करने वाला शहर है। किसी खेल को कॉमनवेल्थ खेलों में शामिल करने के लिए 5 जरूरी शर्तों को पूरा करना होता है। ऐसे में यह चैंपियनशिप कबड्डी की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत करने और इसे भविष्य के खेलों में जगह दिलाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। अहमदाबाद वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी भी करेगा।</p><p>टूर्नामेंट से पहले आयोजित कार्यक्रम में टीमों की जर्सी, कप्तानों, गीत, प्रतीक चिह्न और शुभंकर का अनावरण किया गया। भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी सुरजीत सिंह करेंगे, जबकि नवीन कुमार उपकप्तान होंगे। महिला टीम की कमान निधि शर्मा को सौंपी गई है और रितु उपकप्तान की जिम्मेदारी निभाएंगी।</p><p>इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा श्रीलंका, बांग्लादेश, नाइजीरिया, केन्या, तंजानिया, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, युगांडा, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें शामिल होंगी। दोनों वर्गों के सेमीफाइनल 30 अक्टूबर को और फाइनल 31 अक्टूबर को खेले जाएंगे।</p><p>भारतीय शौकिया कबड्डी महासंघ के महासचिव जितेंद्र प्रण सिंह ठाकुर ने इसे भारतीय कबड्डी के लिए गर्व का मौका बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के जरिए दुनिया के सामने कबड्डी के कौशल, जोश और प्रतिस्पर्धा को दिखाने का अवसर मिलेगा। वहीं, तेजस्वी गेहलोत ने इस चैंपियनशिप की थीम ‘एक सांस, एक रेड, एक कॉमनवेल्थ’ बताते हुए कहा कि इससे अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और कबड्डी को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का मंच मिलेगा। गौरतलब है कि इस आयोजन से कबड्डी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने और भविष्य में कॉमनवेल्थ खेलों में शामिल कराने की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 22:20:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/pakistan-denied-permission-for-commonwealth-kabaddi-championship-in-ahmedabad</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mumbai Open ITF M25: Dakshineshwar Suresh और Siddharth Rawat दूसरे दौर में पहुंचे]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/dakshineshwar-suresh-arnav-paparkar-enter-mumbai-open-itf-m25-second-round]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>शीर्ष वरीयता प्राप्त दक्षिणेश्वर सुरेश, युवा अर्णव पापरकर और सिद्धार्थ रावत सहित कई भारतीय खिलाड़ियों ने बुधवार को यहां मुंबई ओपन आईटीएफ एम25 टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल के दूसरे दौर में प्रवेश किया। दक्षिणेश्वर ने कजाखस्तान के ग्रिगोरी लोमाकिन को 6-0, 6-0 से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की जबकि पापरकर ने एसडी प्रज्जवल देव के खिलाफ 6-3, 1-0 की बढ़त बना रखी थी तभी उनके प्रतिद्वंद्वी ने मुकाबला बीच में छोड़ दिया। रावत ने देव जाविया को 7-6, 6-3 से हराया जबकि चौथी वरीयता प्राप्त दिग्विजय प्रताप सिंह ने मान केशरवानी को 6-3, 6-4 से शिकस्त दी।</p><p>आदिल कल्याणपुर ने आदित्य बालसेकर को 6-2, 6-1 से हराया। अन्य एकल मुकाबलों में अमेरिका के छठे वरीय समीर बनर्जी ने स्वीडन के विलियम रेतमान विंकिगुएरा को 6-4, 6-3 से पराजित किया। थाईलैंड के थानापेट चांटा ने कबीर हंस को 6-1, 6-2 से हराया जबकि जापान के रयुकी मात्सुदा ने शशिकुमार मुकुंद को 6-4, 6-3 से शिकस्त देकर अगले दौर में जगह बनाई।</p><p>युगल के प्री क्वार्टर फाइनल में दक्षिणेश्वर और मनीष सुरेशकुमार की जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए दूसरी वरीयता प्राप्त जापान के रयुकी मात्सुदा और ट्यूनीशिया के अजीज औआका को 6-7, 6-4, 14-12 से हराया। अमेरिका के चौथी वरीयता प्राप्त गैरेट जोन्स और नोआ शैक्टर ने भारत के शंकर हेसनाम और करण सिंह को 6-2, 6-3 से पराजित किया। शीर्ष वरीयता प्राप्त एसडी प्रज्जवल देव और नितिन कुमार सिन्हा ने मनन अग्रवाल और पारितोष पवार को 6-4, 6-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया जबकि भारत के आदित्य बालसेकर और रोहन मेहरा ने अर्जुन राठी और कैहीर वारिक को 6-3, 6-3 से शिकस्त दी।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 21:43:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/dakshineshwar-suresh-arnav-paparkar-enter-mumbai-open-itf-m25-second-round</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Ranji Trophy: Jalaj Saxena के पांच विकेट से Kerala ने Odisha को पारी से हराया]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/ranji-trophy-jalaj-saxena-five-wickets-kerala-beat-odisha-innings-victory]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>अनुभवी ऑलराउंडर जलज सक्सेना ने दूसरी पारी में पांच विकेट लेकर फॉलोऑन खेल रहे ओडिशा को 143 रन पर समेट दिया जिससे केरल ने बुधवार को यहां रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप सी मुकाबले में पारी और 36 रन से जीत दर्ज की। इस जीत से केरल अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। बंगाल लगातार दूसरी जीत के साथ शीर्ष पर है और उसके खाते में 12 अंक हैं।</p><p>बंगाल ने बृहस्पतिवार को सेना को 60 रन से हराया था। पहले दौर के बाद शीर्ष पर काबिज गुजरात अंक तालिका में तीसरे स्थान पर खिसक गया। केरल और गुजरात दोनों के आठ-आठ अंक हैं।</p><p>अपने घरेलू मैदान पर झारखंड के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल करने वाला महाराष्ट्र चौथे स्थान पर है। फॉलोऑन खेलते हुए दूसरी पारी में बुधवार को चार विकेट पर 102 रन से आगे खेलने उतरी ओडिशा की टीम ने अपने बाकी छह विकेट महज 41 रन के भीतर गंवा दिए। उसकी पूरी टीम 58.3 ओवर में 143 रन पर आउट हो गई।</p><p>इसके साथ ही केरल ने चौथे और अंतिम दिन दूसरे सत्र में ही जीत हासिल कर ली। सक्सेना ने 34 रन देकर पांच विकेट लिए। ओडिशा की ओर से सलामी बल्लेबाज गौरव चौधरी ने सर्वाधिक 53 रन बनाए जबकि कप्तान सुभ्रांशु सेनापति ने 30 रन का योगदान दिया।</p><p>ओडिशा की टीम पहली पारी में 225 रन पर आउट हुई थी और उसे केरल के 404 रन के जवाब में 179 रन की बढ़त गंवानी पड़ी थी। पालम बी मैदान पर मेजबान दिल्ली ने गुजरात के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ कराया और तीन अंक हासिल किए। दिल्ली ने आयुष बडोनी के 217 और प्रियांश आर्य के 199 रन की मदद से पहली पारी छह विकेट पर 648 रन बनाकर घोषित की थी।</p><p>इसके जवाब में गुजरात की टीम पहली पारी में 479 रन पर आउट हो गई। फॉलोऑन खेलने के बाद गुजरात ने दूसरी पारी में आठ ओवर में एक विकेट पर 15 रन बनाए। आर्य को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।</p><p>अंतिम दिन पहली पारी में पांच विकेट पर 363 रन से आगे खेलने उतरी गुजरात की टीम ने 116 रन और जोड़कर बाकी बचे पांच विकेट गंवा दिए। मनन हिंगराजिया ने 303 गेंद में 123 रन बनाए। कप्तान चिंतन गाजा ने 82 रन की पारी खेली लेकिन गुजरात को पहली पारी में पिछड़ने से नहीं बचा सके।</p><p>दिल्ली के लिए ऋतिक शौकीन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 143 रन देकर पांच विकेट लिए,जबकि सुमित माथुर ने दो विकेट हासिल किए। आठ टीम की अंक तालिका में दिल्ली छठे स्थान पर है।</p><p>पुणे में महाराष्ट्र ने झारखंड के खिलाफ ड्रॉ मैच से पहली पारी की बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल किए। झारखंड के पहली पारी के 169 रन के जवाब में महाराष्ट्र ने पांच विकेट पर 527 रन बनाकर पहली पारी घाषित की थी। पहली पारी में 358 रन से पिछड़ने के बाद झारखंड ने दूसरी पारी में शिखर मोहन (127) के शतक और उत्कर्ष सिंह (58) और आदित्य सिंह (51) के अर्धशतकों से जब आठ विकेट पर 344 रन बनाए थे जब मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 19:13:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/ranji-trophy-jalaj-saxena-five-wickets-kerala-beat-odisha-innings-victory</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[एशियाई पैरा खेल: Krishna Nagar और Sivarajan ने जीता युगल में रजत पदक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/krishna-nagar-sivarajan-solaimalai-win-silver-asian-para-games-nagoya-badminton]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत के कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाइमलाइ ने एशियाई पैरा खेलों की पुरूष युगल एसएच6 बैडमिंटन स्पर्धा में रजत पदक जीता जबकि एसएल4 वर्ग में भारत के तीन पदक पक्के हो गए। कृष्णा और सिवाराजन तीन मैचों में एक जीत और दो हार के बाद दूसरे स्थान पर रहे। सिर्फ चार टीमें होने के कारण ग्रुप में स्थिति के आधार पर पदक तय किये गए।</p><p>चीन के लिन नेइली और किंगताओ जेंग ने तीनों मैच जीतकर स्वर्ण पदक जीता। इंडोनेशिया के अजी दिमास त्रि और सुभांतुक ने दो मैच गंवाने के बाद कांस्य पदक हासिल किया। एसएच6 श्रेणी पैरा बैडमिंटन में कम कद के खिलाड़ियों के लिये है।</p><p>इससे पहले मौजूदा चैंपियन सुहास एलवाई और दो अन्य खिलाड़ियों के सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत ने पुरुषों के एकल एसएल4 बैडमिंटन प्रतियोगिता में तीन पदक पक्के कर दिए। वर्तमान में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और आईएएस अधिकारी सुहास ने कोरिया के चो नादान को 21-12 21-16 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई जहां उनका सामना इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान से होगा। सेतियावान ने क्वार्टरफाइनल के एक अन्य मैच में भारत के सुकांत कदम को 21-17, 18-21, 21-15 से हराया।</p><p>दूसरा सेमीफाइनल दो अन्य भारतीय खिलाड़ियों नवीन शिवकुमार और अभिजीत सखूजा के बीच खेला जाएगा। नवीन ने क्वार्टरफाइनल में कोरिया के शिन क्युंग ह्वान को 21-14 21-4 से जबकि अभिजीत ने हमवतन सूर्यकांत यादव को 21-16 21-12 से हराया। एसएल4 श्रेणी में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके निचले अंग दिव्यांग होते हैं लेकिन दौड़ने में उनका संतुलन एसएल3 श्रेणी के खिलाड़ियों से बेहतर होता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 17:53:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/krishna-nagar-sivarajan-solaimalai-win-silver-asian-para-games-nagoya-badminton</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Asian Para Games में Ravi Budigina ने जीता रजत, हिमांशु और रोहित को कांस्य]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/ravi-budigina-wins-silver-asian-para-games-himanshu-nandal-rohit-bronze]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय तैराक रवि बुदिगिना ने एशियाई पैरा खेलों में बुधवार को पुरूषों के 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 वर्ग में रजत पदक जीता जबकि हिमांशु नंदल और रोहित कुमार ने कांस्य पदक हासिल किये। रवि ने एक मिनट 10 . 10 सेकंड का समय निकालकर चार तैराकों में दूसरा स्थान हासिल किया। उजबेकिस्तान के इगोर बोलोतोव ने 58 . 43 सेकंड के एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि चीनी ताइपै के फेंग युआन येह ने एक मिनट 12 . 05 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया।</p><p>एस 13 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनकी दृष्टि संबंधी अक्षमता पात्र प्रतिभागियों में सबसे कम गंभीर है। रवि ने सोमवार को पुरूषों की 100 मीटर एस13 फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। आंध्र प्रदेश के रहने वाले 18 वर्ष के रवि दुबई में 2025 एशियाई युवा पैरा खेलों में तीन स्वर्ण और तीन रजत जीत चुके हैं।</p><p>इससे पहले नंदल ने पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहते हुए एशियाई पैरा खेलों में अपना दूसरा कांस्य पदक जीता। हरियाणा के रोहतक के इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने एक मिनट 20.72 सेकेंड का समय निकाला। ऑप्टिक नर्व में खराबी के कारण वह जन्म से ही पूरी तरह दृष्टिबाधित हैं।</p><p>चीन के यांग बोझुन ने एक मिनट 12.69 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि जापान के केइची किमुरा ने एक मिनट 12.72 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। हिमांशु ने मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में चार तैराकों के बीच पांच मिनट 10.91 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया और अपना पहला पदक जीता। खेल पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाले हिमांशु को उनके पिता से प्रेरणा मिली जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेली थी।</p><p>वह चार साल की उम्र में दिल्ली आ गए थे और यहां ‘नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड’ से जुड़े जहां उन्होंने ब्रेल लिपि सीखी। दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक हिमांशु ने शुरुआत में जूडो खेलना शुरू किया था। उन्होंने इस खेल में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते लेकिन 2021 में तैराकी को अपना लिया।</p><p>वर्ष 2024 में वह पेरिस पैरालंपिक के लिए न्यूनतम क्वालीफाइंग मानक हासिल करने वाले भारत के पहले पूर्ण दृष्टिबाधित तैराक बने। पैरा तैराकी में एस11 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। इसमें बेहद कम दृष्टि वाले या प्रकाश का बिल्कुल भी आभास नहीं कर पाने वाले खिलाड़ी शामिल हैं।</p><p>पुरूषों के 100 मीटर ब्रीस्टस्ट्रोक एसबी4 वर्ग में रोहित ने एक मिनट 57 . 25 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। मलेशिया के मुहम्मद जुल्काफली बिन ने स्वर्ण और कजाखस्तान के अली तुरगानबेकोव ने रजत पदक जीता। एसबी4 श्रेणी उन ब्रीस्टस्ट्रोक तैराकों के लिए है जिन्हें शारीरिक अक्षमताएं हैं।</p><p>इसमें कम कद के साथ अन्य अक्षमताओं का होना, या पूरे शरीर में समन्वय संबंधी दिक्कतें शामिल है।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 17:43:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/ravi-budigina-wins-silver-asian-para-games-himanshu-nandal-rohit-bronze</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Asian Para Games में Sheetal Devi और पायल नाग ने जीता तीरंदाजी में रजत पदक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/sheetal-devi-payal-nag-win-archery-silver-asian-para-games]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>शीतल देवी और पायल नाग की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने बुधवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में फाइनल में हारने के कारण रजत पदक हासिल किया जबकि स्वाति चौधरी और आदिल मुहम्मद नजीर अंसारी ने मिश्रित टीम डब्ल्यू1 रिकर्व में कांस्य पदक जीता। जन्म से ही बिना हाथों वाली शीतल तथा हाथ और पांव से दिव्यांग पायल स्वर्ण पदक के मुकाबले में चीन की जू ज़ुएक़िंग और झाओ जिंग से 141-150 से हार गईं। भारतीय खिलाड़ी शुरू से ही चीन की खिलाड़ियों के सामने संघर्ष करती हुई दिखी।</p><p>शीतल ने बेहतर खेल दिखाया और उन्होंने चार 10 अंक हासिल किए लेकिन पायल उनकी तरह प्रदर्शन नहीं कर पाई। उन्होंने अपने अंतिम तीर पर सात अंक बनाए। इससे पहले वह केवल नौ और आठ अंक ही हासिल कर पाईं थी।</p><p>शीतल ने इस स्पर्धा में लगातार दूसरा रजत पदक जीता है। पिछले एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने सरिता देवी के साथ जोड़ी बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया था। व्यक्तिगत स्पर्धा में भी वह स्वर्ण पदक की दावेदार हैं।</p><p>जम्मू और कश्मीर के किश्तवार जिले में बसे लॉइधर गांव की रहने वाली शीतल फोकोमेलिया नामक एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति के कारण भुजाहीन पैदा हुई थी। आठ साल की उम्र में पायल 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आ गई जिससे उनके हाथ और पांवों को काटना पड़ा था। इस बीच तोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी की पुरुष युगल जोड़ी कांस्य पदक से चूक गई।</p><p>उन्हें चीन के ऐ शिनलियांग और झांग यिचेंग से 153-154 से हार का सामना करना पड़ा। इस बीच स्वाति और आदिल की जोड़ी ने मिश्रित टीम डब्ल्यू1 रिकर्व में कांस्य पदक जीता। दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी कोरिया की किम ओक गियुम और पार्क होंग जो से 2 . 6 से हार गई।</p><p>ड्रॉ में तीन ही टीमें होने के कारण कांस्य पदक का मुकाबला नहीं खेला गया। कोरिया ने चीन को शूटआफ में 5 . 4 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 16:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/sheetal-devi-payal-nag-win-archery-silver-asian-para-games</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Preeti Pal ने Asian Para Games में रचा इतिहास, भारत की झोली में डाला दूसरा Silver]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/preeti-pal-wins-silver-in-asian-para-games-womens-100m-t35-event]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय पैरालंपिक पदक विजेता प्रीति पाल ने बुधवार को चल रहे एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 100 मीटर T35 श्रेणी में रजत पदक जीता। ईएसपीएन के अनुसार, प्रीति ने 13.98 सेकंड का समय लिया। वह चीनी स्वर्ण पदक विजेता और विश्व रिकॉर्ड धारक झोउ ज़िया से केवल 0.41 सेकंड पीछे रहीं। झोउ ज़िया ने इस दौरान एशियाई पैरा खेलों का एक नया रिकॉर्ड भी बनाया। इससे पहले, बुधवार को उन्होंने महिलाओं की 200 मीटर T35 फाइनल स्पर्धा में रजत पदक जीता।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/noida-sports-city-sector-150-master-layout-plan-approved-with-70-percent-sports-facilities" target="_blank" rel="noopener">Noida Sports City में 70 प्रतिशत जमीन पर खेल सुविधाएं, संशोधित मास्टर लेआउट को मंजूरी</a></h3><p>पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (PCI) के अनुसार, प्रीति ने 29.53 सेकंड का शानदार समय निकाला। वह चीन की स्वर्ण पदक विजेता झोउ एक्स (28.03 सेकंड) के बाद रहीं, जबकि इराक की फा सुवेद 30.82 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इसके साथ ही, इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारत के पदकों की कुल संख्या 48 हो गई है, जिसमें 12 स्वर्ण, 18 रजत और 18 कांस्य पदक शामिल हैं।</p><p><br>कस्तूरी राजामणि ने एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए पदकों की झड़ी जारी रखी। बुधवार को उन्होंने पैरा-पावरलिफ्टिंग के महिलाओं के 67 किलोग्राम तक के इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। कस्तूरी ने तीन में से दो लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरी कीं: उन्होंने 103 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाया, फिर 106 किलोग्राम उठाने की कोशिश में असफल रहीं, और उसके बाद 108 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठा लिया। उनकी सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, दक्षिण कोरिया की किम ह्योंगहुई ने 107 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाया। ईएसपीएन (ESPN) के अनुसार, उज्बेकिस्तान की रुखशोना उक्तामोवा ने 127 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हुए गोल्ड मेडल जीता।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-india-wins-six-athletics-medals-including-three-gold-nagoya" target="_blank" rel="noopener">Asian Para Games: भारत ने नागोया में एथलेटिक्स के पहले दिन जीते 6 पदक</a></h3><p>इसके साथ ही, भारत के पदकों की कुल संख्या 47 हो गई है, जिसमें 12 गोल्ड, 17 ​​सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इससे पहले, बुधवार को भारतीय पैरा-एथलीट मंजीत ने पुरुषों की F13 जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। मंजीत ने पुरुषों की F12/13 जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में अपने दूसरे प्रयास में करियर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और F13 कैटेगरी में पदक हासिल किया।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 15:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/preeti-pal-wins-silver-in-asian-para-games-womens-100m-t35-event</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[न्यूजीलैंड में Shreyas Iyer की कप्तानी की कड़ी परीक्षा, जीत से आगाज का लक्ष्य]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-new-zealand-t20-series-opener-christchurch-shreyas-iyer]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पिछली दो टी20 श्रृंखलाओं में अपराजेय रही भारतीय टीम को न्यूजीलैंड आकर आराम करने, अनुकूलन और अभ्यास के लिये दो ही दिन का समय मिला लेकिन अपने बल्लेबाजों के दम पर श्रेयस अय्यर की टीम जीत के साथ दौरे का आगाज करना चाहेगी। न्यूजीलैंड में पिछली बार भारत ने 2022 में नेपियर में टी20 मैच खेला था और वर्षाबाधित वह मैच डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर ड्रॉ रहा था। भारत ने वह श्रृंखला जीती थी चूंकि खराब मौसम के कारण एक ही मैच हो सका था।</p><p>भारत के सिर्फ चार बल्लेबाज पहले न्यूजीलैंड में टी20 खेल चुके हैं जिनमें कप्तान अय्यर, ईशान किशन, संजू सैमसन और शिवम दुबे शामिल हैं। अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और वैभव सूर्यवंशी भले ही आक्रामक पारियां खेलने में माहिर हों लेकिन यहां की तेज और उछालभरी पिचों पर उन्हें ढलने में समय लग सकता है। अय्यर की कप्तानी की शुरूआत आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ पराजय के साथ हुई और अब उनके सामने खुद को कठिन परिस्थितियों में साबित करने की चुनौती होगी।</p><p>एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखला ड्रॉ खेली। अगर न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला भी उसी तरह रहती है जैसे इंग्लैंड के खिलाफ थी तो अय्यर पर दबाव बढ जायेगा। ऐसा माना जा रहा है कि दो साल बाद आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले टी20 विश्व कप में वह भारत के कप्तान होंगे।</p><p>वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखला खत्म होने के बाद भारत से लंबी उड़ान लेकर यहां पहुंचने पर अय्यर ने कहा कि उनकी टीम को अलग अलग हालात में खेलने की आदत है। भारतीय टीम में चोटिल हरफनमौला हार्दिक पंड्या और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी नहीं हैं। बुमराह इस दौरे पर सिर्फ वनडे या टेस्ट खेलेंगे।</p><p>सूर्यवंशी के खेलने की उम्मीद कम ही है लेकिन अभिषेक और सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की चार साल बाद वापसी हुई है और स्पिनर वरूण चक्रवर्ती फिट होकर टीम में लौटे हैं। हरफनमौला नीतिश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे को अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी।</p><p>न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनेर ने कहा कि शानदार बल्लेबाजों से भरी भारतीय टीम के लिये सपाट पिच बनाना सही रणनीति नहीं होती। उन्होंने उम्मीद जताई कि ग्लेन फिलिप्स और फिन एलेन जैसे उनके आक्रामक बल्लेबाज भारतीयों पर भारी पड़ेंगे। न्यूजीलैंड के पास जैकब डफी, मैट हेनरी, एडम मिल्ने, लॉकी फर्ग्युसन , काइल जैमीसन और ब्लेयर टिकनेर जैसे शानदार गेंदबाज हैं।</p><p>टीमें :
भारत : श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल? शिवम दुबे, नीतिश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार , वरूण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव। न्यूजीलैंड : मिचेल सेंटनेर (कप्तान), फिन एलेन, मिचेल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कोंवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्युसन , जाक फोकेस, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ।</p><p>मैच का समय : दोपहर 12 . 30 से।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 14:53:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-new-zealand-t20-series-opener-christchurch-shreyas-iyer</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Asian Para Games में भारत का जलवा, Ayush, Praveen और Sachin ने जीते Gold]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-india-wins-ten-medals-including-three-golds-in-athletics]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय एथलीटों ने एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में तीसरे दिन भी अपना दबदबा बरकरार रखते हुए बुधवार को यहां तीन स्वर्ण पदक सहित 10 पदक जीते। आयुष वर्मा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ53 स्पर्धा में भारत को दिन का पहला पैरा-एथलेटिक्स स्वर्ण पदक दिलाया। इसके बाद प्रवीण कुमार (पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64) और सचिन खिलारी (पुरुषों के शॉट पुट एफ46) ने स्वर्ण पदक जीते।</p><p>भारत की तरफ से सुबह के सत्र में बंटी (पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64), भाग्यश्री जाधव (महिलाओं के शॉट पुट एफ34), मोहम्मद यासर (पुरुषों के शॉट पुट एफ46) और मनजीत (पुरुषों के भाला फेंक एफ12/13) ने रजत पदक हासिल किए। अनुभव चौधरी (पुरुषों की 100 मीटर टी35), परवीन (पुरुषों का शॉट पुट एफ46) और राकेशभाई भट्ट (पुरुषों की 100 मीटर टी37) ने कांस्य पदक जीते। प्रतियोगिता के दूसरे दिन मंगलवार को भारत ने एथलेटिक्स में पांच स्वर्ण पदक सहित 14 पदक जीते थे।</p><p>आयुष का मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है। उन्होंने मंगलवार को पुरुषों की भाला फेंक एफ53/एफ54 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। आयुष ने अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का थ्रो करके पहला स्थान हासिल किया।</p><p>ईरान के अलीरेज़ा हेमामी 8.09 मीटर के साथ दूसरे, जबकि कंजाकिस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कालियेव 6.81 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एफ53 उन एथलीटों के लिए है जिनकी धड़ और पैरों की गति अत्यधिक जबकि हाथों की पकड़ कम प्रभावित होती है। वे बैठकर प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपनी छाती, ऊपरी पीठ और कंधों का उपयोग करके ताकत लगाते हैं।</p><p>प्रवीण कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि बंटी ने इसी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। प्रवीण ने 2.05 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक, जबकि बंटी ने 1.92 मीटर की कूद के साथ रजत पदक हासिल किया। उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाज़ोव 1.86 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।</p><p>प्रवीण ने बाद में कहा, ‘‘दो सप्ताह पहले तक मेरी तबीयत ठीक नहीं थी और मैं सोच रहा था कि मैं अपने स्वर्ण पदक का बचाव कैसे करूंगा। उसके बाद मैं एक हफ्ते तक आराम करता रहा, लेकिन मेरा शरीर मजबूत नहीं था। लेकिन अगर आपको देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है तो फिर बीमारी रोड़ा नहीं बन सकती।’’
टी64 और टी44 वर्ग के एथलीट अक्सर संयुक्त स्पर्धा में एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं क्योंकि विश्व पैरा एथलेटिक्स पर्याप्त प्रतियोगियों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए निचले अंगों के वर्गों को एक समूह में रखता है।</p><p>टी64 उन एथलीटों के लिए है जो कृत्रिम निचले अंगों का उपयोग करते हैं, जबकि टी44 उन एथलीटों के लिए है जो निचले अंगों से दिव्यांग होते हैं लेकिन वह कृत्रिम अंगों का उपयोग नहीं करते हैं। उत्तर प्रदेश के गोविंदगढ़ गांव के रहने वाले प्रवीण ने नयी दिल्ली में 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था। जन्म से ही शारीरिक रूप से विकलांग (एक पैर दूसरे से छोटा) होने के बावजूद वह बचपन से ही एथलेटिक्स से जुड़ गए थे।</p><p>सचिन सरजेराव खिलारी ने पुरुषों के शॉट पुट एफ46 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप किया। पेरिस पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले सचिन ने इस तरह से पिछले एशियाई पैरा खेलों में जीते गए अपने स्वर्ण पदक का अच्छी तरह से बचाव किया। उन्होंने अपने छठे और अंतिम थ्रो में 15.87 मीटर फेंककर पहला स्थान हासिल किया और 15.67 मीटर के खेलों के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया।</p><p>भारत के ही मोहम्मद यासर ने तीसरे प्रयास में 15.06 मीटर का थ्रो करके रजत पदक जीता, जबकि परवीन 14.94 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। खिलारी ने कहा, ‘‘पिछले पैरा एशियाई खेलों, पैरालंपिक और विश्व पैरा चैंपियनशिप में अधिकतर समय मैं पोडियम पर अकेला था। आज दो और भारतीय खिलाड़ी मेरे साथ पोडियम पर खड़े थे।</p><p>यह अविश्वसनीय है।’’
एफ46 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनका कोहनी के ऊपर या नीचे एक हाथ कटा होता है, या वे ऊपरी अंग से दिव्यांग होते हैं। वे खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपने कूल्हों और पैरों का उपयोग करके गोला फेंकने के लिए शक्ति लगाते हैं। महाराष्ट्र के सांगली जिले के करागानी गांव में किसान परिवार में जन्मे खिलारी को साइकिल दुर्घटना में बाएं हाथ में गंभीर चोट लगी।</p><p>ऑपरेशन कराने के बावजूद उनका हाथ पूरी तरह से ठीक नहीं हो सका। उन्होंने कम उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 13:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-india-wins-ten-medals-including-three-golds-in-athletics</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Mitchell Santner बोले, Vaibhav Suryavanshi अगर खेले तो New Zealand ने बनाई है खास रणनीति]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/mitchell-santner-plans-strategy-for-vaibhav-suryavanshi-bhuvneshwar-kumar-t20]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने स्वीकार किया कि अगर वैभव सूर्यवंशी बृहस्पतिवार से यहां शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में भारत की अंतिम एकादश में जगह बनाते हैं तो उन्हें रोकना मुश्किल होगा लेकिन उनकी टीम ने इस युवा बल्लेबाज के लिए कुछ रणनीति तैयार की हैं। सूर्यवंशी को इस साल की शुरुआत में ब्रिटेन दौरे के लिए चुने जाने के बाद से बहुत कम मौके मिले हैं, क्योंकि नियमित सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। सैंटनर ने पहले मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘वह (सूर्यवंशी) वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछली श्रृंखला में नहीं खेले थे लेकिन हमने आईपीएल में देखा है कि वह कितने अच्छे खिलाड़ी हैं।</p><p>हम जानते हैं कि अभिषेक जैसे अन्य खिलाड़ी भी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सूर्यवंशी की भूमिका भी काफी बड़ी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्हें इस श्रृंखला में खेलने का मौका मिलता है तो हम जानते हैं कि वह क्या कर सकते हैं। गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना काफी मुश्किल रहा है।</p><p>हमने आईपीएल में देखा कि वह कितनी आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते हैं। अगर उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो हमने उनके लिए रणनीति तैयार की है।’’
सैंटनर से अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की लगभग चार साल बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी के बारे में भी पूछा गया। न्यूजीलैंड के कप्तान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भुवनेश्वर को यहां की परिस्थितियां पसंद आएंगी।</p><p>उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भुवी को बहुत पसंद आएंगी। अगर विकेट से थोड़ी भी मदद मिलती है, तो वह उसका फायदा उठा सकते हैं। भारत में कुछ सपाट पिचों पर भी उन्होंने गेंद को स्विंग कराने में कामयाबी हासिल की थी।</p><p>इसलिए मुझे लगता है कि यहां उनका सामना करना न्यूजीलैंड के लिए एक चुनौती होगी।’’
सैंटनर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस श्रृंखला में गेंदबाजों का दबदबा रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पहले मैच में ऐसा हो सकता है, लेकिन स्थिति बहुत जल्दी बदल सकती है। यह काफी हद तक मौसम पर निर्भर करता है।</p><p>दूसरा मैच उसी पिच पर खेला जाएगा जिसका पहले मैच के लिए उपयोग किया जाएगा। इसलिए यह थोड़ा सपाट हो सकता है।’’</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 13:13:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/mitchell-santner-plans-strategy-for-vaibhav-suryavanshi-bhuvneshwar-kumar-t20</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Asian Para Games में Praveen Kumar ने जीता Gold Medal, Bunty को मिला Silver]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/praveen-kumar-wins-gold-and-bunty-claims-silver-in-asian-para-games]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>बुधवार को एशियन पैरा गेम्स 2026 में, भारतीय पैरा-एथलीट प्रवीण कुमार और बंटी ने पुरुषों की हाई जंप T64 स्पर्धा में पहला और दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 100 मीटर T37 फाइनल में कांस्य पदक जीता। दो बार के पैरालंपिक पदक विजेता प्रवीण ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। वहीं, बंटी ने 1.92 मीटर की अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ रजत पदक हासिल किया। इस तरह भारत के लिए यह एक यादगार उपलब्धि रही, जिसमें देश के दो एथलीट पोडियम पर एक साथ नजर आए।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/noida-sports-city-sector-150-master-layout-plan-approved-with-70-percent-sports-facilities" target="_blank" rel="noopener">Noida Sports City में 70 प्रतिशत जमीन पर खेल सुविधाएं, संशोधित मास्टर लेआउट को मंजूरी</a></h3><p>प्रवीण ने शुरुआत में 1.95 मीटर की ऊंचाई पार करके स्वर्ण पदक पक्का किया और गेम्स रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद, उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 2.00 मीटर की ऊंचाई पार की, और फिर अपने तीसरे प्रयास में 2.05 मीटर की ऊंचाई पार करके एक नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया। बंटी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 1.92 मीटर की ऊंचाई पार कर रजत पदक जीता और इस स्पर्धा में भारत का दबदबा सुनिश्चित किया।</p><p>ट्रैक पर भारत को एक और मेडल मिला। राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 100 मीटर T37 फाइनल में 11.50 सेकंड का अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। सऊदी अरब के अली अलनाखली ने 11.31 सेकंड में गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंडोनेशिया के सैप्टोयोगो पूर्णोमो ने 11.35 सेकंड में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पैरा-तैराकी में, हिमांशु नंदन ने हीट में 1:21.52 का समय निकालकर पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक SB11 फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वह चौथे सबसे तेज़ तैराक के रूप में आगे बढ़े; इससे पहले उन्होंने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S11 इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। पुरुषों की लॉन्ग जंप T13 फाइनल में भारत के सुजीत एमएस 5.74 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ छठे स्थान पर रहे।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/sports-ministry-grants-rs-2000-crore-gujarat-ahmedabad-commonwealth-games-2030" target="_blank" rel="noopener">अहमदाबाद Commonwealth Games 2030 के लिए केंद्र देगा 2000 करोड़ रुपये की मदद</a></h3><p>पैरा-बैडमिंटन में, नवीन शिवकुमार ने दक्षिण कोरिया के क्युंग ह्वान शिन को 26 मिनट में 21-14, 21-4 से हराकर पुरुषों की सिंगल्स SL4 के सेमीफाइनल में जगह बनाई। उनके आगे बढ़ने से इस इवेंट में भारत का एक और मेडल पक्का हो गया है, क्योंकि पैरालंपिक मेडलिस्ट सुहास यथिराज भी पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। हालांकि, पुरुषों की सिंगल्स SU5 कैटेगरी में रुथिक रघुपति का सफर क्वार्टर फाइनल में खत्म हो गया, जहां वे चीन के मिंगपान ली से 37 मिनट में 19-21, 14-21 से हार गए।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 12:45:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/praveen-kumar-wins-gold-and-bunty-claims-silver-in-asian-para-games</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Asian Para Games में Ayush Verma ने Shot Put में जीता Gold, भारत के कुल 38 पदक हुए]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-2026-ayush-verma-wins-shot-put-gold-in-nagoya-japan]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय पैरा-एथलीट आयुष वर्मा ने 21 अक्टूबर को एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों के शॉट पुट F53 इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 10 और कुल पदकों की संख्या 38 हो गई है। वर्मा ने 'सीटेड थ्रोइंग' इवेंट में अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले, 20 अक्टूबर को उन्होंने पुरुषों के जैवलिन (भाला फेंक) F53/54 इवेंट में कांस्य पदक जीता था।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/noida-sports-city-sector-150-master-layout-plan-approved-with-70-percent-sports-facilities" target="_blank" rel="noopener">Noida Sports City में 70 प्रतिशत जमीन पर खेल सुविधाएं, संशोधित मास्टर लेआउट को मंजूरी</a></h3><p>जापान के नागोया में आयोजित महाद्वीपीय पैरा-स्पोर्ट इवेंट में, वर्मा के स्वर्ण पदक के साथ भारत पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। पैरा-बैडमिंटन में, पैरालंपिक पदक विजेता सुहास यथिराज ने दक्षिण कोरिया के एन. चो को सीधे गेमों में 21-12, 21-16 से हराकर पुरुष एकल SL4 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया और कम से कम एक कांस्य पदक पक्का कर लिया। वहीं, सुकांत कदम को इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान के खिलाफ कड़े मुकाबले में 17-21, 21-18, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा और वे क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गए। पुरुष एकल WH1 क्वार्टर फाइनल में प्रेम कुमार आले भी बाहर हो गए; उन्हें दक्षिण कोरिया के हेसोंग पार्क ने 13-21, 12-21 से हराया।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/sports-ministry-grants-rs-2000-crore-gujarat-ahmedabad-commonwealth-games-2030" target="_blank" rel="noopener">अहमदाबाद Commonwealth Games 2030 के लिए केंद्र देगा 2000 करोड़ रुपये की मदद</a></h3><p>महिला एकल WH1 इवेंट में, पल्लवी कलुवेहल्ली का सफर लगातार तीसरी हार के साथ ग्रुप स्टेज में ही समाप्त हो गया। उन्हें जापान की सेना टोमोयोसे ने 4-21, 4-21 से हराया, जिसके बाद वे आगे नहीं बढ़ सकीं। पैरा-आर्चरी में भारत पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गया, क्योंकि पुरुष कंपाउंड डबल्स इवेंट में टोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी चौथे स्थान पर रहे। इस जोड़ी को कांस्य पदक के मुकाबले में चीन के हाथों 153-154 से हार मिली। कुमार के आखिरी शॉट में 8 अंक मिले, जबकि शूट-ऑफ के लिए 9 अंकों की और जीत के लिए 10 अंकों की जरूरत थी। नागोया में वर्मा के स्वर्ण पदक ने भारत के अभियान को मजबूती दी, जबकि सुहास के सेमीफाइनल में पहुंचने से एक और पैरा-बैडमिंटन पदक जीतने की उम्मीदें बनी रहीं।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 12:42:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/asian-para-games-2026-ayush-verma-wins-shot-put-gold-in-nagoya-japan</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Shreyas Iyer बोले- अभिषेक और सैमसन के रहते Vaibhav Suryavanshi को मौका मिलना आसान नहीं]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/shreyas-iyer-on-vaibhav-suryavanshi-t20-playing-eleven-selection-christchurch]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने बुधवार को कहा कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी अंतिम एकादश में आसानी से जगह नहीं मिल सकती क्योंकि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन सलामी बल्लेबाज के रूप में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने हालांकि कहा कि इस किशोर बल्लेबाज को सही समय पर उचित मौके जरूर मिलेंगे। सूर्यवंशी को इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए टीम में चुना गया था।</p><p>भारत ने तब से जो 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं उनमें से सूर्यवंशी ने केवल आठ में हिस्सा लिया है, क्योंकि नियमित सलामी बल्लेबाज अभिषेक और सैमसन लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इन दोनों ने इस साल की शुरुआत में भारत को टी20 विश्व कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अय्यर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला के पहले मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि उनके (सूर्यवंशी) जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में हमेशा खुश रहें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह बहुत युवा है और उसे आगे काफी मौके मिलेंगे।</p><p>ऐसा नहीं है कि उसे सीधे अंतिम एकादश में जगह मिल जाएगी, क्योंकि हमारे सलामी बल्लेबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने विश्व कप जीता है।’’
एशियाई खेलों में सूर्यवंशी को पारी की शुरुआत करने का मौका मिला था और सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। अय्यर ने कहा कि सूर्यवंशी को विदेशी परिस्थितियों का अनुभव हासिल करने से भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी वह विदेश की यात्रा करेगा तो उसे इस तरह के विकटों पर खेलने का अच्छा अंदाजा हो जाएगा।</p><p>ऐसे में अगली बार जब वह विदेश दौरे पर आएगा तो वह पूरी तरह से तैयार होगा और वह पहली बार दौरा करने वाले खिलाड़ियों के साथ भी अपना अनुभव साझा कर सकता है।’’</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 10:03:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/shreyas-iyer-on-vaibhav-suryavanshi-t20-playing-eleven-selection-christchurch</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Sachin Khilari ने Asian Para Games में नया रिकॉर्ड बनाकर जीता Gold, भारत का क्लीन स्वीप]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/sachin-khilari-wins-asian-para-games-shot-put-gold-record]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>सचिन सरजेराव खिलारी ने बुधवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुषों के शॉट पुट एफ46 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप किया। पेरिस पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले सचिन ने इस तरह से पिछले एशियाई पैरा खेलों में जीते गए अपने स्वर्ण पदक का अच्छी तरह से बचाव किया। उन्होंने अपने छठे और अंतिम थ्रो में 15.87 मीटर फेंककर पहला स्थान हासिल किया और 15.67 मीटर के खेलों के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया।</p><p>भारत के ही मोहम्मद यासर ने तीसरे प्रयास में 15.06 मीटर का थ्रो करके रजत पदक जीता, जबकि परवीन 14.94 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एफ46 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनका कोहनी के ऊपर या नीचे एक हाथ कटा होता है, या वे ऊपरी अंग से दिव्यांग होते हैं। वे खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपने कूल्हों और पैरों का उपयोग करके गोला फेंकने के लिए शक्ति लगाते हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 08:53:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/sachin-khilari-wins-asian-para-games-shot-put-gold-record</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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