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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[India Open 2028 गुवाहाटी में होगा, BAI ने सुरक्षा कारणों से लिया फैसला]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-open-2028-shifted-to-guwahati-due-to-republic-day-security]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) के महासचिव संजय मिश्रा ने रविवार को कहा कि 2028 का इंडिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा क्योंकि इसकी तारीखें गणतंत्र दिवस के लिए राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली सुरक्षा व्यवस्था से टकराएंगी। एंडर्स एंटोनसेन सहित कई शीर्ष खिलाड़ियों ने इंडिया ओपन के जनवरी-फरवरी के आयोजन समय पर सवाल उठाए हैं। खिलाड़ियों ने नयी दिल्ली में इस दौरान पड़ने वाली कड़ाके की सर्दी, वायु प्रदूषण और इंडोर स्टेडियमों में बेहद कम तापमान को लेकर चिंता जताई है।</p><p>बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने 2027 सत्र के लिए इंडिया ओपन को दो से सात फरवरी तक कराने का फैसला किया था ताकि नयी दिल्ली की सर्दियों के सबसे खराब दौर से बचा जा सके। हालांकि 2028 सत्र में इसे फिर जनवरी के अंत में आयोजित किया जाएगा। वर्ष 2028 में टूर्नामेंट 25 से 30 जनवरी तक खेला जाएगा।</p><p>मिश्रा ने कहा कि उस अवधि में दिल्ली में टूर्नामेंट आयोजित करना सुरक्षा और अन्य व्यवस्थागत चुनौतियों के कारण मुश्किल होगा। मिश्रा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘2028 का इंडिया ओपन जनवरी के आखिरी सप्ताह में होगा और इसकी तारीखें राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस की सुरक्षा व्यवस्था से टकरा रही हैं। इसलिए हमने महसूस किया कि सिर्फ उस साल टूर्नामेंट को गुवाहाटी स्थानांतरित करना चाहिए।</p><p>2029 में यह फिर नयी दिल्ली लौट आएगा। ’’
गुवाहाटी इससे पहले 2025 विश्व जूनियर चैंपियनशिप की सफलतापूर्वक मेजबानी कर चुका है। एंटोनसेन ने कई बार इंडिया ओपन में हिस्सा नहीं लिया है और इसके लिए अनिवार्य जुर्माना भी स्वीकार किया है।</p><p>उन्होंने बीडब्ल्यूएफ से टूर्नामेंट की तारीख बदलने की मांग की है। रविवार को विश्व चैंपियन बनने वाली फ्रांस की पहली बैडमिंटन जोड़ी थॉम गिकेल और डेल्फिन डेलरू ने भी बीडब्ल्यूएफ से इंडिया ओपन को किसी अलग समय पर आयोजित करने की अपील की। गिकेल ने कहा, ‘‘इंडिया ओपन की तुलना में यहां माहौल बेहतर था।</p><p>उसमें सांस लेना भी मुश्किल होता है और टूर्नामेंट की गुणवत्ता भी इस सप्ताह जैसी नहीं होती। इसलिए हमारे लिए यह बहुत अच्छा रहा और हमें उम्मीद है कि बीडब्ल्यूएफ इंडिया ओपन के आयोजन का महीना बदल देगा क्योंकि जनवरी हमारे लिए बहुत अच्छा समय नहीं है। ’’
बीएआई ने यह भी बताया कि उसने 2028 थॉमस और उबेर कप की मेजबानी के लिए बोली लगाई है।</p><p>मिश्रा ने कहा, ‘‘हमने 2028 के टूर्नामेंट के लिए बोली लगाई है और विश्व चैंपियनशिप के बाद इसकी मेजबानी मिलने को लेकर हम आशावादी हैं। कुछ अन्य देश भी दौड़ में हैं, लेकिन हमें उम्मीद है कि हमें इसकी मेजबानी मिलेगी। ’’
बीएफडब्ल्यू (बीडब्ल्यूएफ) की अध्यक्ष खुनयिंग पटामा लीस्वाड्ट्राकुल ने भारत की विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए प्रशंसा की।</p><p>उन्होंने कहा कि 17 साल बाद इस प्रतियोगिता की वापसी को लेकर भारत से जो उम्मीदें थीं, देश उन पर पूरी तरह खरा उतरा है। 2026 बीएफडब्ल्यू विश्व चैंपियनशिप के समापन पर अपने संदेश में पटामा ने कहा, ‘‘भारत ने इस पल के लिए 17 साल इंतजार किया और भारत ने हर साल को सार्थक बनाया। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘2026 बीएफडब्ल्यू विश्व चैंपियनशिप को हमारे खेल के हर क्षेत्र से प्रशंसा मिली है।</p><p>यह प्रशंसा यहां के लोगों को समर्पित है।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 05:42:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-open-2028-shifted-to-guwahati-due-to-republic-day-security</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Indian Women Hockey टीम सेमीफाइनल से बाहर, ऑस्ट्रेलिया से गोलरहित ड्रॉ पर थमा सफर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/indian-women-hockey-out-of-semifinal-after-australia-draw]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>(मोना पार्थसारथी)
एम्सटेलवीन, 23 अगस्त विश्व कप में अब तक शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम बड़े मैच का दबाव नहीं झेल सकी और ‘करो या मरो’ के मुकाबले में आस्ट्रेलिया से गोलरहित बराबरी के बाद समान अंक होने के बावजूद गोलों की गिनती के आधार पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। भारत को सेमीफाइनल में जाने के लिये यह मैच हर हालत में जीतना था। पहले दौर में पूल डी में चीन से ड्रॅा का एक अंक भारत के पास था जबकि आस्ट्रेलिया भी एक अंक लेकर आई थी।</p><p>इसके बाद आकलन गोल औसत के आधार पर होना था जिसमें दोनों के माइनस दो गोल थे। आस्ट्रेलिया ने तीन गोल किये और पांच गंवाये थे जबकि भारत ने दो गोल किये और चार गंवाये थे। औसत भी बराबर रहने के बाद गोल की गिनती में आस्ट्रेलिया एक गोल आगे था और सेमीफाइनल में पहुंच गया।</p><p>दूसरे चरण के पहले मैच में नीदरलैंड से दो गोल से हारने से पहले शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम आज लय में नजर नहीं आई। कई आसान मौके गंवाये और रैंकिंग में अपने से महज एक स्थान ऊपर काबिज आस्ट्रेलिया से गेंद पर कब्जा छीनने में भी नाकाम रही। भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने आखिरी पांच मिनट में गोलकीपर बिछू देवी को भी हटा दिया था लेकिन फिर भी भारतीय टीम खाता नहीं खोल सकी।</p><p>अब भारत क्लासीफिकेशन मैच खेलेगा जबकि नीदरलैंड और आस्ट्रेलिया पूल ई से सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। भारतीय खिलाड़ी पहले हाफ में वह तत्परता और तालमेल नहीं दिखा सके जो टूर्नामेंट में अब तक देखने को मिला था। पासिंग भी सटीक नहीं रही और मिडफील्ड में बार बार गेंद पर नियंत्रण खो दिया।</p><p>पहले क्वार्टर में आस्ट्रेलिया ने आक्रामक शुरूआत की और दूसरे ही मिनट में लगा कि करीब से लगाये गए शॉट पर उसने बढत बना ली है लेकिन भारत ने रेफरल लिया और टीवी अंपायर ने खतरनाक बॉल करार देकर गोल नहीं दिया। चौथे मिनट में कौर ने इशिका को गेंद सौंपी लेकिन उसने सर्कल के भीतर गेंद गंवा दी। दसवें मिनट में आस्ट्रेलिया फिर गोल करने के करीब पहुंचा जब एमी ल्यूटन ने दाहिने ओर से रिवर्स हिट लगाई जिसे भारतीय गोलकीपर सविता ने बखूबी बचा लिया।</p><p>फिर 13वें मिनट में नेहा ने सर्कल के भीतर गेंद गंवा दी। पहले पंद्रह मिनट में आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का दबदबा रहा हालांकि कोई टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे क्वार्टर के पहले ही मिनट में आस्ट्रेलिया को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इंजेक्शन ही खराब रहा।</p><p>गेंद अभी भी भीतर थी जो भारतीय डिफेंडर की स्टिक से टकराकर बाहर निकल गई। इसके दो मिनट बाद ग्रेस यंग ने सर्कल पर से रिवर्स हिट लगाई जिसे बिछू देवी ने अपने दाहिने ओर लगभग डाइव लगाते हुए बाहर कर दिया। भारतीय मिडफील्डर इशिका को 26वें मिनट में चोट लगी और एक मिनट बाद लालरेम्सियामी आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी से गेंद छीनने के प्रयास में घायल हो गई।</p><p>उन्हें करीब से घुटने पर गेंद लगी और फिजियो तथा अंपायर की मदद से वह मैदान से बाहर गई। भारत को हाफटाइम से ठीक पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला जब सलीमा आगे बढी लेकिन आस्ट्रेलियाई डिफेंडर के पैर से गेंद टकरा गई। उस समय दीपिका मैदान पर नहीं थी।</p><p>भारत ने वैरिएशन आजमाया और नवनीत ने सीधे स्लैप हिट लगाने की बजाय निक्की को स्क्वेयर पास दिया जो शॉट नहीं ले सकी और गेंद उसके पैर से टकराकर निकल गई। पहले हाफ तक स्कोर गोलरहित बराबरी पर था। आस्ट्रेलिया के पास 37वें मिनट में सुनहरा मौका था जब बायीं ओर से मिले क्रॉस पर स्टेफनी केरशॉ ने गोल के सामने से दमदार शॉट लगाया लेकिन गेंद साइड नेट से टकरा गई।</p><p>इसके दो मिनट बाद आस्ट्रेलिया को पेनल्टी कॉर्नर मिला जब एलिस अर्नाट के शॉट पर गेंद साक्षी से टकराई। पेनल्टी कॉर्नर पर केरशॉ के शॉट पर गेंद डिफ्लैक्ट होकर भीतर गई और आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जश्न मनाने लगे लेकिन गेंद हवा में उछली और शिल्पी के शरीर से टकरा गई। अंपायर ने इसे खतरनाक गेंद करार दिया।</p><p>भारत को तीसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में गोल करने का मौका मिला जब सर्कल लाइन पर से नवनीत ने दाहिने ओर बलजीत को गेंद सौंपी जिसने दीपिका को क्रॉस दिया लेकिन उसकी स्टिक से लगकर गेंद हवा में चली गई। आस्ट्रेलिया को 46वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जब नेहा ने मिडफील्ड में गेंद गंवा दी और आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का शॉट सुशीला के पैर पर लगा। क्लेयर कोलविल की ड्रैग फ्लिक भारतीय डिफेंस ने रोक दी।</p><p>आस्ट्रेलिया को लगातार दूसरा पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन सलीमा ने रेफरल लिया जिसमें पता चला कि गेंद उनकी स्टिक से लगी थी। भारत को 48वें मिनट में फिर सुनहरा मौका मिला जब सलीमा ने दाहिने ओर से शानदार दौड़ लगाते हुए गेंद नवनीत को सौंपी लेकिन नवनीत और लालरेम्सियामी के बीच गलतफहमी से गेंद हाथ से निकल गई। आस्ट्रेलिया को 54वें मिनट में मिला पेनल्टी कॉर्नर बेकार किया।</p><p>भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने आखिरी पांच मिनट में गोलकीपर को हटा दिया जिससे भारत के पास एक अतिरिक्त खिलाड़ी हो गया। आस्ट्रेलिया को 59वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर सलीमा की शानदार रशिंग से गोल नहीं हो सका।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 04:42:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/indian-women-hockey-out-of-semifinal-after-australia-draw</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Bhubaneswar में भारतीय Sprinters को बड़ा झटका, Animesh Kujur और Gurindervir Singh घरेलू मैदान पर हुए पस्त]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/major-setback-for-indian-sprinters-in-bhubaneswar-animesh-kujur-and-gurindervir-singh-falter]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भुवनेश्वर में शनिवार को भारतीय&nbsp;स्प्रिंटरों के लिए घरेलू मैदान पर दौड़ उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कलिंगा स्टेडियम में आयोजित महाद्वीपीय दौड़ प्रतियोगिता में भारत के अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर दौड़ में क्रमशः छठे और आठवें स्थान पर रहे। अनिमेष ने 10.32 सेकंड और गुरिंदरवीर ने 10.39 सेकंड का समय दर्ज किया।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार अप्रैल 2025 के बाद यह पहला मौका है, जब भारत में आयोजित किसी दौड़ में अनिमेष या गुरिंदरवीर में से कोई भी जीत हासिल नहीं कर सका है। बड़ी संख्या में मौजूद युवा दर्शकों के सामने मिली इस हार ने दोनों धावकों के हालिया प्रदर्शन को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।</div><div><br></div><div>दौड़ में दक्षिण अफ्रीका के 21 वर्षीय त्शेपो जेसन तायांतिनी ने 10.11 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह है कि प्रतियोगिता से पहले उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत समय 10.20 सेकंड था, लेकिन भुवनेश्वर में उन्होंने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया।</div><div><br></div><div>अनिमेष और गुरिंदरवीर हाल ही में ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की फर्राटा दौड़ की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हालांकि, दोनों अपने व्यक्तिगत मुकाबलों के फाइनल तक नहीं पहुंच सके थे। गुरिंदरवीर 100 मीटर की प्रारंभिक दौड़ में 10.39 सेकंड के समय के साथ बाहर हो गए थे। वहीं अनिमेष ने 200 मीटर में सेमीफाइनल तक जगह बनाई, लेकिन वहां पहली लेन मिलने और शुरुआती चरण में बेहतर गति नहीं बना पाने के कारण 20.65 सेकंड के समय के साथ फाइनल में नहीं पहुंच सके।</div><div><br></div><div>अनिमेष के प्रशिक्षक मार्टिन ओवेन्स ने भी माना था कि पहली लेन से बचने के लिए उन्हें शुरुआती दौड़ में बेहतर समय निकालना चाहिए था। हालांकि, भुवनेश्वर में परिस्थितियां उनके लिए अनुकूल थीं। मौसम सुहावना था और हल्की बारिश के बाद तापमान भी नियंत्रित रहा। इसके बावजूद दोनों भारतीय धावक विदेशी खिलाड़ियों को चुनौती नहीं दे सके।</div><div><br></div><div>अनिमेष ने बताया कि दौड़ की शुरुआत में त्वरण के दौरान उनका संतुलन थोड़ा बिगड़ा, जिससे वह शुरुआती चरण में पीछे हो गए। बाद में उन्होंने अपनी तेज अंतिम गति से अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गुरिंदरवीर ने भी माना कि शुरुआत अच्छी रही, लेकिन गीली पटरियों पर फिसलने की आशंका उनके दिमाग में बनी रही।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि एशियाई खेलों से पहले भारतीय धावकों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा उपलब्ध कराना भी था। प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों में अली अल बलूशी जैसे धावक भी थे, जो इस सत्र में एशिया के तेज धावकों में शामिल हैं।</div><div><br></div><div>अनिमेष ने कहा कि उन्हें ऐसी प्रतियोगिताओं में दौड़ना पसंद है, क्योंकि आम तौर पर भारतीय खिलाड़ियों को तेज धावकों से मुकाबला करने के लिए विदेश जाना पड़ता है। उनके प्रशिक्षक मार्टिन ओवेन्स ने भी कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के मुकाबले अधिक उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं की जरूरत है।</div><div><br></div><div>बता दें कि अनिमेष और गुरिंदरवीर अब एशियाई खेलों की तैयारी के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण शिविरों में जाएंगे। इनमें एक शिविर भारत और दूसरा जापान में होगा। भुवनेश्वर की दौड़ ने उन्हें घरेलू मैदान पर ही यह समझा दिया है कि एशियाई स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए उन्हें अपनी गति और निरंतरता में अभी और सुधार करना है। यही हार आगामी बड़ी प्रतियोगिता से पहले उनके लिए जरूरी चेतावनी साबित हो सकती है।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 21:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/major-setback-for-indian-sprinters-in-bhubaneswar-animesh-kujur-and-gurindervir-singh-falter</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Cincinnati Open: World No. 1 की कुर्सी पर नजर, Coco Gauff और Jessica Pegula के बीच महामुकाबला आज]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/cincinnati-open-eyeing-world-no-1-spot-a-blockbuster-clash-between-coco-gauff-and-jessica-pegula]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>सिनसिनाटी ओपन में खिताब के लिए दो अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच मुकाबला होना तय है। कोको गॉफ और जेसिका पेगुला रविवार को महिला एकल के फाइनल में आमने-सामने होंगी। यह सिनसिनाटी ओपन में 1970 के बाद पहला अखिल अमेरिकी महिला फाइनल है। इससे पहले रोसी कैसाल्स और नैन्सी रिची के बीच फाइनल हुआ था।&nbsp;</div><div><br></div><div>कोको गॉफ ने सेमीफाइनल में चेक गणराज्य की सारा बेजलेक को 6-4, 6-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। बेजलेक ने इस प्रतियोगिता में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को हराकर बड़ा उलटफेर किया था, लेकिन गॉफ के सामने उनका सफर थम गया। गॉफ ने मुकाबले में लगातार दबाव बनाए रखा और दूसरे सेट में केवल एक गेम गंवाया।&nbsp;</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि गॉफ सिनसिनाटी की 2023 चैंपियन हैं और इस बार उनका लक्ष्य इस सत्र का पहला खिताब जीतना है। 2023 में इसी प्रतियोगिता के बाद उन्होंने अमेरिकी ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था। इसलिए सिनसिनाटी में एक और मजबूत प्रदर्शन उनके लिए अमेरिकी ओपन से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।</div><div><br></div><div>दूसरी ओर, जेसिका पेगुला ने सेमीफाइनल में मौजूदा चैंपियन इगा स्वियातेक को कड़े मुकाबले में 7-5, 4-6, 6-4 से हराया। करीब तीन घंटे चले इस मुकाबले में पेगुला निर्णायक सेट में 1-3 से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए जीत हासिल की। इस जीत के साथ उन्होंने स्वियातेक की लगातार 10 मुकाबलों की जीत का सिलसिला भी समाप्त कर दिया।&nbsp;</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार पेगुला के लिए यह सिनसिनाटी में दूसरा फाइनल है। वह 2024 में भी फाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन आर्यना सबालेंका से हार गई थीं। इस साल वह पहले ही दो खिताब जीत चुकी हैं और उनका प्रदर्शन उन्हें इस मुकाबले में मजबूत दावेदार बनाता है।&nbsp;</div><div><br></div><div>दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला भी काफी करीबी रहा है। अब तक हुई छह भिड़ंत में दोनों ने तीन-तीन जीत दर्ज की हैं। इस साल विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में गॉफ ने पेगुला को हराया था, जबकि पिछले साल सत्र के अंतिम चरण में पेगुला ने गॉफ को मात दी थी। ऐसे में इस मुकाबले में पुरानी प्रतिद्वंद्विता का असर भी देखने को मिल सकता है।</div><div><br></div><div>इस फाइनल का एक और महत्वपूर्ण पहलू विश्व नंबर एक की दौड़ है। आर्यना सबालेंका के बाद शीर्ष स्थान पर पहुंचने की होड़ में दोनों अमेरिकी खिलाड़ियों की स्थिति इस प्रतियोगिता के नतीजे से प्रभावित हो सकती है। सिनसिनाटी का खिताब जीतने वाली खिलाड़ी को आगामी अमेरिकी ओपन से पहले बड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ भी मिलेगा।</div><div><br></div><div>बता दें कि सिनसिनाटी ओपन उत्तर अमेरिकी हार्ड कोर्ट सत्र की प्रमुख प्रतियोगिताओं में शामिल है और अमेरिकी ओपन से ठीक पहले खिलाड़ियों के लिए तैयारी का अहम पड़ाव माना जाता है। ऐसे में गॉफ और पेगुला के बीच होने वाला यह फाइनल सिर्फ खिताब की लड़ाई नहीं, बल्कि अमेरिकी टेनिस और विश्व रैंकिंग के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मुकाबला है। दोनों खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 20:24:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/cincinnati-open-eyeing-world-no-1-spot-a-blockbuster-clash-between-coco-gauff-and-jessica-pegula</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Duleep Trophy: उत्तर क्षेत्र 251 पर ऑलआउट, देशपांडे और कोटियान ने चटकाए 4-4 विकेट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/duleep-trophy-west-zone-dismisses-north-zone-for-251]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे और ऑफ स्पिनर तनुष कोटियान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार-चार विकेट लिए जिससे पश्चिम क्षेत्र ने दलीप ट्रॉफी मुकाबले के पहले दिन ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में उत्तर क्षेत्र को महज 251 रन पर ऑलआउट कर दिया। देशपांडे ने 57 रन देकर और कोटियान ने 72 रन देकर चार-चार विकेट झटके। उत्तर क्षेत्र की टीम एक समय 117 रन पर दो विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में दिख रही थी लेकिन बाद में टीम 220 रन पर नौ विकेट गंवाकर मुश्किल में फंस गई।</p><p>हालांकि अंशुल कंबोज ने 52 गेंद पर पांच चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से आक्रामक 60 रन बनाकर टीम को 250 रन के पार पहुंचाया। उत्तर क्षेत्र ने कुछ हद तक वापसी भी की। बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक ने शानदार गेंद पर सलामी बल्लेबाज पृथ्वी साव को क्लीन बोल्ड किया जबकि दूसरे सलामी बल्लेबाज हार्विक देसाई को भारत के टी20 विशेषज्ञ अर्शदीप सिंह ने कैच आउट कराया।</p><p>दिन का खेल खत्म होने तक पश्चिम क्षेत्र ने दो विकेट गंवाकर 31 रन बना लिए थे। रविचंद्रन अश्विन के सीरीज के दौरान संन्यास की घोषणा करने के बाद 2024-25 में कोटियान को उनके विकल्प के रूप में ऑस्ट्रेलिया बुलाया गया था। हालांकि उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर कोटियान भारतीय टीम की दौड़ में बने रहे और 2025 में भारत ए के साथ इंग्लैंड दौरे पर भी गए।</p><p>हालांकि 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सत्र में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा जिससे वह चयन की दौड़ में पीछे हो गए और सारांश जैन उनसे आगे निकलकर टेस्ट पदर्पण करने में सफल रहे। इस मैच में कोटियान ने गेंदबाजी की शुरुआत की, लेकिन उनका प्रभाव दूसरे स्पेल में दिखा। उन्होंने जुझारू बाएं हाथ के बल्लेबाज आयुष दोसैजा (42) को आउट किया।</p><p>पारी के अंतिम हिस्से में कोटियान ने निचले क्रम के बल्लेबाजों को समेटने का काम किया जबकि देशपांडे ने तेज रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को परेशान किया और मध्यक्रम को तहस-नहस कर दिया। उत्तर क्षेत्र के लिए रणजी ट्रॉफी में 800 से ज्यादा रन बनाने वाले सलामी बल्लेबाज सनत सांगवान को बाहर रखने का फैसला भारी पड़ा। यश धुल के चयन पर भी सवाल उठे क्योंकि भारत की अंडर-19 टीम के पूर्व कप्तान इस दौरान कोटियान और मुकेश चौधरी की गेंदों के खिलाफ आत्मविश्वास से नहीं खेल सके और अंततः शार्दुल ठाकुर का शिकार बने।</p><p>आयुष बडोनी (51) ने क्रीज पर रहते हुए प्रभावशाली बल्लेबाजी की और तेज तथा स्पिन दोनों गेंदबाजों के खिलाफ सहज नजर आए। लेकिन बडोनी के आउट होने के बाद उत्तर क्षेत्र के बाकी बल्लेबाज ज्यादा देर तक नहीं टिक सके। अंततः कंबोज ने आक्रामक अर्धशतक लगाकर टीम को इस स्कोर तक पहुंचाया।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 20:22:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/duleep-trophy-west-zone-dismisses-north-zone-for-251</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Duleep Trophy: ईस्ट जोन ने बनाए 355 रन, घरामी और शाहबाज ने जड़े शानदार शतक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/duleep-trophy-east-zone-post-355-behind-gharami-and-shahbaz-tons]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>बंगाल के मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज सुदीप घरामी ने पिछले घरेलू सत्र की शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए रविवार को दलीप ट्रॉफी के पहले दिन 146 रन की शानदार पारी खेली जिससे पूर्वी क्षेत्र ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के खिलाफ दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट पर 355 रन बना लिए। घरामी को शाहबाज अहमद का अच्छा साथ मिला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी कर ईस्ट जोन को पांच विकेट पर 138 रन की मुश्किल स्थिति से उबारा।</p><p>शाहबाज 100 रन बनाकर नाबाद रहे। दिन की शुरुआत में वैभव सूर्यवंशी केवल आठ रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने मिडविकेट के ऊपर से शानदार शॉट और फिर कवर ड्राइव लगाकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन मणिपुर के गेंदबाज बिश्वरजीत कोंथौजाम की गेंद पर कट लगाने के प्रयास में गली में कैच दे बैठे।</p><p>अभिमन्यु ईश्वरन 15 रन ही बना सके। मध्यम गति के गेंदबाज जोतिन सिंह की गेंद पर वह पगबाधा आउट हुए। इसके बाद कुमार कुशाग्र और घरामी ने तीसरे विकेट के लिए 92 रन जोड़े।</p><p>कुशाग्र ने 65 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 55 रन बनाए और अच्छी लय में नजर आए। घरामी ने भी पारी को संभालते हुए धीरे-धीरे रन गति बढ़ाई। कुशाग्र के आउट होते ही ईस्ट जोन के विकेट जल्दी-जल्दी गिरने लगे।</p><p>भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज ईशान किशन और विराट सिंह भी जल्द ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद घरामी और शाहबाज ने मोर्चा संभाला। पिछले साल घरेलू क्रिकेट में 795 रन बनाकर सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर रहे घरामी ने शानदार बल्लेबाजी की।</p><p>उन्होंने पैरों की ओर आने वाली गेंदों को आसानी से सीमा रेखा के पार भेजा और ऑफ साइड में भी शानदार ढंग से खाली जगह तलाशते रहे। इसी दौरान उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का नौवां शतक पूरा किया। घरामी ने 185 गेंदों की अपनी पारी में 25 चौके और एक छक्का लगाया।</p><p>वहीं शाहबाज ने 137 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और दो छक्के जड़े। पूर्वोत्तर क्षेत्र के गेंदबाजों के अनुभव की कमी का फायदा पूर्व क्षेत्र के बल्लेबाजों को मिला। घरामी के आउट होने तक टीम काफी हद तक संभल चुकी थी।</p><p>इसके बाद शाहबाज और अनुकूल रॉय ने 67 रन और जोड़कर पहली पारी में 450 से अधिक रन बनाने की उम्मीद जगा दी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 19:52:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/duleep-trophy-east-zone-post-355-behind-gharami-and-shahbaz-tons</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[India vs Sri Lanka 2nd Test: Padikkal और Gill के अर्धशतक, भारत 187/3 पर मजबूत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-sri-lanka-second-test-padikkal-gill-score-fifties-in-colombo]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>देवदत्त पडिक्कल और कप्तान शुभमन गिल के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन रविवार को यहां चाय तक तीन विकेट पर 187 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। पडिक्कल 63 रन बनाकर खेल रहे हैं जबकि गिल चाय से पहले के अंतिम ओवर में 50 रन बनाकर आउट हुए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी करके भारत को पहले सत्र में लोकेश राहुल और यशस्वी जायसवाल के विकेट गंवाने के झटकों से उबारा।</p><p>चाय के समय ऋषभ पंत पडिक्कल का साथ निभा रहे थे जिन्होंने अभी खाता नहीं खोला है। पडिक्कल की शुरुआत सहज नहीं रही। वह एक रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने स्पिनर केशारा नुवानथा की गेंद पर बैकवर्ड प्वाइंट पर उनका आसान कैच छोड़ दिया।</p><p>पहले टेस्ट में 167 रन की पारी खेलने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज पडिक्कल ने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाया और लय में आने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ कुछ आकर्षक शॉट खेले। लाहिरू कुमारा की गेंद पर लगाया गया उनका जोरदार पुल शॉट पारी के आकर्षण में से एक रहा। इसी शॉट के साथ उन्होंने 90 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया।</p><p>गिल ने भी बेहद आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर उनका शॉर्ट आर्म पुल दर्शनीय रहा। वह हालांकि चाय से ठीक पहले एकाग्रता गंवा बैठे और असिथा फर्नांडो की गेंद पर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को कैच दे बैठे।</p><p>इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को राहुल (18) और जायसवाल (45) ने पहले विकेट के लिए 37 रन जोड़कर सतर्क शुरुआत दिलाई। जायसवाल ने शानदार बल्लेबाजी की और इस दौरान कट शॉट खेलने से परहेज किया जो अतीत में कई बार उनके लिए परेशानी का सबब बना है। उन्होंने तेज गेंदबाज कुमारा की गेंदों पर लगातार दो चौके लगाए और बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर बेहतरीन कवर ड्राइव खेला।</p><p>राहुल ने भी संयमित बल्लेबाजी की और जयसूर्या की गेंद पर उनके सिर के ऊपर से छक्का लगाया। हालांकि कुमारा की गेंद पर स्क्वायर कट खेलने की कोशिश में राहुल ने डिकवेला को कैच थमा दिया। जायसवाल बड़ी पारी की ओर बढ़ते दिख रहे थे लेकिन फर्नांडो की अंदर आती शानदार गेंद पर बोल्ड हो गए।</p><p>जायसवाल के आउट होने के बाद कुछ देर मैदान पर तनातनी भी दिखी। गॉल में पहले टेस्ट की दूसरी पारी में डिकवेला से हुई कहासुनी को लेकर फर्नांडो ने जायसवाल को विदाई देने का इशारा किया। जायसवाल पीछे मुड़े और दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई।</p><p>इस दौरान उनका हेलमेट फर्नांडो के माथे से भी छू गया। हालांकि श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने जल्द ही स्थिति को संभाल लिया। पडिक्कल और गिल ने भारत को लंच तक दो विकेट पर 88 रन तक पहुंचाया।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 15:42:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-sri-lanka-second-test-padikkal-gill-score-fifties-in-colombo</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बीजिंग के World Humanoid Robot Games में टूटा Usain Bolt का रिकॉर्ड, रोबोट ने रचा नया इतिहास]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/humanoid-robots-break-bolt-100m-record-in-beijing]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>चीन के ह्यूमनॉइड (मनुष्यों के आकार के) रोबोट ने रविवार को बीजिंग में शुरू हुए ओलंपिक जैसे विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट खेलों के पहले दिन मानवों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। इनमें जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट का 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड भी शामिल है।
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में दो हजार से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट हिस्सा ले रहे हैं।</p><p>
पांच दिन तक चलने वाले इन खेलों का यह दूसरा सत्र है। अमेरिका के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बीच यह आयोजन रोबोटिक्स के क्षेत्र में चीन की तेजी से बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। इसमें दौड़, टेबल टेनिस और फुटबॉल समेत 51 स्पर्धाओं में एक हजार से अधिक मुकाबले होंगे।
इन खेलों का आयोजन 2022 शीतकालीन ओलंपिक के लिए बनाए गए नेशनल स्पीड स्केटिंग ओवल में हो रहा है। 
शनिवार को रोबोट खेलों के उद्घाटन समारोह में आयोजकों और रोबोट निर्माताओं ने कहा कि चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट ने मानवों के विश्व रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं।</p><p>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस दौरान सैकड़ों ह्यूमनॉइड रोबोट ने तालमेल के साथ मैदान में मार्च कर अपनी समन्वय क्षमता का प्रदर्शन किया।
एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर दौड़ में 9.39 सेकेंड का समय दर्ज किया जो 2009 में जमैका के एथलीट उसेन बोल्ट द्वारा बनाए गए 9.58 सेकेंड के मानव विश्व रिकॉर्ड से बेहतर है।
स्थिर अवस्था से ऊंची कूद में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 2.88 मीटर की ऊंचाई हासिल की। </span></p><p><span style="font-size: 1rem;">यह पिछले साल खेलों के पहले सत्र में ह्यूमनॉइड रोबोट द्वारा हासिल किए गए 0.95 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी अधिक है। इस रोबोट ने क्यूबा के जेवियर सोटोमायोर द्वारा 1993 में बनाए गए 2.45 मीटर के मानव विश्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">दोनों रिकॉर्ड बनाने वाले रोबोट बीजिंग स्थित एक्स-ह्यूमनॉइड के थे।
आयोजकों के अनुसार खेलों के उद्घाटन से पहले चीनी स्मार्टफोन कंपनी ऑनर के एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने परीक्षण के दौरान 100 मीटर की दौड़ 9.32 सेकेंड में पूरी की थी।</span></p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 14:07:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/humanoid-robots-break-bolt-100m-record-in-beijing</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mitchell Starc के 10 विकेट से Australia ने जीता दूसरा Test, बांग्लादेश को पारी से हराया]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/mitchell-starc-takes-10-wickets-in-australia-win-over-bangladesh]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के मैच में 10 विकेट की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे क्रिकेट टेस्ट के दूसरे ही दिन रविवार को यहां बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराकर दो मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर दी। स्टार्क ने मैच में 51 रन देकर 10 विकेट लिए। उन्होंने दूसरी पारी में 39 रन पर चार विकट चटकाए जबकि पहली पारी में 12 रन देकर छह विकेट हासिल किए थे।</p><p>पैट कमिंस (10 रन पर तीन विकेट) और नाथन लियोन (25 रन पर तीन विकेट) ने भी तीन-तीन विकेट लेकर स्टार्क का अच्छा साथ दिया। बांग्लादेश की दूसरी पारी 38.3 ओवर में 95 रन पर सिमट गई। कप्तान नजमुल हुसैन शंटो ने 31 रन बनाए जबकि मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे।</p><p>इन दोनों के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज दोहरे अंक में भी नहीं पहुंच पाया। स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में चौथी बार मैच में 10 विकेट चटकाए। इसके साथ ही वह दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन को पीछे छोड़कर टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में 10वें स्थान पर पहुंच गए।</p><p>उनके नाम अब 445 विकेट हैं। स्टार्क को श्रृंखला में 12 विकेट लेने के लिए श्रृंखला का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को आठ विकेट पर 165 रन से आगे खेलना शुरू किया और पहली पारी में 210 रन बनाकर 146 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।</p><p>बांग्लादेश की टीम पहली पारी मे सिर्फ 64 रन पर ढेर हो गई थी। कैमरन ग्रीन और नाथन लियोन ने नौवें विकेट के लिए 28 रन जोड़े। पहली पारी में छह विकेट लेने वाले शोरिफुल इस्लाम ने ग्रीन को तेजी से अंदर आती यॉर्कर पर पगबाधा आउट किया।</p><p>शोरिफुल ने 48 रन देकर सात विकेट लिए जो विदेश में किसी बांग्लादेशी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ग्रीन ने 105 गेंद पर 10 चौकों की मदद से 67 रन बनाए। लियोन ने 32 रन की नाबाद पारी खेली और जोश हेजलवुड के साथ मिलकर टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचाया।</p><p>हेजलवुड के छह रन पर आउट होने के साथ ऑस्ट्रेलिया की पारी सिमट गई। दो मैच की यह श्रृंखला ऑस्ट्रेलिया के अगले 12 महीनों के व्यस्त कार्यक्रम की शुरुआत है। इस दौरान उसे दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के दौरे सहित कुल 20 टेस्ट मैच खेलने हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 13:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/mitchell-starc-takes-10-wickets-in-australia-win-over-bangladesh</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ICC FTP में बदलाव की मांग, Sri Lanka चाहता है भारत और इंग्लैंड से अधिक टेस्ट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/sri-lanka-cricket-seeks-icc-ftp-changes-for-more-india-tests]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>(जी उन्निकृष्णन)
कोलंबो, 23 अगस्त श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की अंतरिम समिति के अध्यक्ष एरान विक्रमरत्ने ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के भविष्य के दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) में बदलाव पर जोर दिया जिससे कि श्रीलंका को भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ अधिक टेस्ट मैच खेलने को मिल सकें। श्रीलंका ने जून-जुलाई में एक साल के अंतराल के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेले थे और फिलहाल भारत के खिलाफ दो मैच की टेस्ट श्रृंखला में हिस्सा ले रहा है। श्रीलंका को इस साल छह और टेस्ट मैच खेलने हैं जिसमें पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ दो-दो टेस्ट (विदेश में) तथा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर दो टेस्ट शामिल हैं।</p><p>विक्रमरत्ने ने यहां चुनिंदा मीडिया से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के कारण हम पर्याप्त टेस्ट नहीं खेल पा रहे हैं और यही वह प्रारूप है जिसमें हम अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। लेकिन दौरे एफटीपी के आधार पर तय होते हैं और हमें उम्मीद है कि अगले (विश्व टेस्ट चैंपियनशिप) चक्र में भारत के और दौरे मिलेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने सुना है कि अगले चक्र में कुछ और (दौरे) होंगे इसलिए हम उम्मीद लगाए हुए हैं लेकिन जाहिर तौर पर भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ऐसी टीमें हैं जिनके खिलाफ पूरी दुनिया खेलना चाहती है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमें इन देशों के दौरे मिलें।’’
विक्रमरत्ने ने आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में अधिक संतुलित की वकालत की। उन्होंने कहा, ‘‘हां, हमें संतुलन की जरूरत है।</p><p>अभी हमें 10 टेस्ट मैच खेलने हैं जबकि इस साल हमने बामुश्किल कुछ खेला है इसलिए मुझे लगता है कि हमें अपने एफटीपी पर फिर से काम करने और देखने की जरूरत है कि इसे कैसे बेहतर किया जा सकता है।’’
विक्रमरत्ने ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टी20 और 50 ओवर के क्रिकेट ने एक तरह से कैलेंडर को काफी व्यस्त कर दिया है लेकिन हम भारत के खिलाफ खेलना चाहते हैं क्योंकि सच्चाई यह है कि हम भारत पर काफी निर्भर हैं और क्रिकेट में वह वित्तीय रूप से भी सबसे मजबूत शक्ति है।’’
इसी संदर्भ में विक्रमरत्ने ने उम्मीद जताई कि आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ हाल में हुई बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी जय शाह से बातचीत हुई है और हाल में बीसीसीआई के देवजीत सैकिया भी यहां आए थे। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि श्रीलंका और दुनियाभर में क्रिकेट को विकसित करने के लिए हम मिलकर काम करें।</p><p>हमें भारत के समर्थन की जरूरत है और हमें मिल रहे समर्थन की हम सराहना करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत का अपना कैलेंडर भी काफी व्यस्त है और उसके लिए यहां आना मुश्किल होता है लेकिन हमारे लिए यह शानदार होगा अगर अधिक टीमें यहां आकर खेलें। हालांकि यह अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर पर निर्भर करेगा। हां, हमारी बैठक बहुत अच्छी रही।’’
श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर और अब अंतरिम समिति के सदस्य सिदथ वेट्टीमूनी ने एसएलसी के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए नए प्रशासकों के प्रयासों को रेखांकित किया।</p><p>उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह भारत में लोढ़ा आयोग के बाद बदलाव हुए और दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड तथा ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट बोर्ड ने भी कुछ बदलाव किए उसी तरह हमें भी समय के साथ बदलना होगा। मौजूदा संविधान में हमने जो सबसे महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं उनमें स्वतंत्र निदेशकों को शामिल करना भी है, यानी सभी निदेशक निर्वाचित नहीं होंगे।’’
वेट्टीमूनी ने कहा, ‘‘यह पुरानी व्यवस्था से नई व्यवस्था की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा क्योंकि हमारा मानना है कि हर चीज में अधिक जवाबदेही, पारदर्शिता और स्पष्टता की जरूरत है। मेरा मानना है कि इससे श्रीलंका क्रिकेट के लिए बेहतर परिणाम आएंगे।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:42:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/sri-lanka-cricket-seeks-icc-ftp-changes-for-more-india-tests</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[IND vs SL 2nd Test: कप्तान Shubman Gill ने जीता टॉस, चुनी पहले बल्लेबाजी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-batting-first-in-colombo-test-against-sri-lanka]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में रविवार को यहां टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने अपनी एकादश में एक बदलाव करते हुए बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पदार्पण का मौका दिया है। कुलदीप वायरल संक्रमण से उबर रहे हैं।</p><p>हालांकि जरूरत पड़ने पर कुलदीप को कनकशन (सिर में चोट लगने से बेहोशी जैसी स्थिति) के विकल्प के तौर पर मैदान पर उतारा जा सकता है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने कहा, ‘‘कुलदीप यादव अपनी वायरल बीमारी से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। वह श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए एकादश में चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।</p><p>हालांकि जरूरत पड़ने पर वह कनकशन विकल्प के तौर पर मैदान पर उतर सकते हैं।’’
श्रीलंका ने भी दो बदलाव करते हुए कामिल मिशारा और पासिंदु सूर्याबंडारा को पदार्पण का मौका दिया है। पासिंदु पिछले टेस्ट में हालांकि कनकशन स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में खेले थे लेकिन यह मैच उनका पूर्ण पदार्पण है। भारत दो मैच की श्रृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-batting-first-in-colombo-test-against-sri-lanka</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Humanoid Robot ने Beijing में 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, 9.39 सेकंड में पूरी की रेस]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/humanoid-robot-breaks-sprint-record-at-beijing-robot-games]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>। चीन के ह्यूमनॉइड (मनुष्यों के आकार के) रोबोट ने रविवार को बीजिंग में शुरू हुए ओलंपिक जैसे विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट खेलों के पहले दिन मानवों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। इनमें जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट का 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड भी शामिल है।</p><p>आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में दो हजार से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट हिस्सा ले रहे हैं। पांच दिन तक चलने वाले इन खेलों का यह दूसरा सत्र है। अमेरिका के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बीच यह आयोजन रोबोटिक्स के क्षेत्र में चीन की तेजी से बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है।</p><p>इसमें दौड़, टेबल टेनिस और फुटबॉल समेत 51 स्पर्धाओं में एक हजार से अधिक मुकाबले होंगे। इन खेलों का आयोजन 2022 शीतकालीन ओलंपिक के लिए बनाए गए नेशनल स्पीड स्केटिंग ओवल में हो रहा है। शनिवार को रोबोट खेलों के उद्घाटन समारोह में आयोजकों और रोबोट निर्माताओं ने कहा कि चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट ने मानवों के विश्व रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं।</p><p>इस दौरान सैकड़ों ह्यूमनॉइड रोबोट ने तालमेल के साथ मैदान में मार्च कर अपनी समन्वय क्षमता का प्रदर्शन किया। एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर दौड़ में 9.39 सेकेंड का समय दर्ज किया जो 2009 में जमैका के एथलीट उसेन बोल्ट द्वारा बनाए गए 9.58 सेकेंड के मानव विश्व रिकॉर्ड से बेहतर है। स्थिर अवस्था से ऊंची कूद में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 2.88 मीटर की ऊंचाई हासिल की।</p><p>यह पिछले साल खेलों के पहले सत्र में ह्यूमनॉइड रोबोट द्वारा हासिल किए गए 0.95 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी अधिक है। इस रोबोट ने क्यूबा के जेवियर सोटोमायोर द्वारा 1993 में बनाए गए 2.45 मीटर के मानव विश्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। दोनों रिकॉर्ड बनाने वाले रोबोट बीजिंग स्थित एक्स-ह्यूमनॉइड के थे।</p><p>आयोजकों के अनुसार खेलों के उद्घाटन से पहले चीनी स्मार्टफोन कंपनी ऑनर के एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने परीक्षण के दौरान 100 मीटर की दौड़ 9.32 सेकेंड में पूरी की थी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 10:42:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/humanoid-robot-breaks-sprint-record-at-beijing-robot-games</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[IND vs SL 2nd Test: शुभमन गिल ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, सारांश जैन का डेब्यू]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-bat-first-in-colombo-test-shubman-gill-wins-toss-saransh-jain-debuts]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में रविवार को यहां टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने अपनी एकादश में एक बदलाव करते हुए बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पदार्पण का मौका दिया है। कुलदीप वायरल संक्रमण से उबर रहे हैं।</p><p>हालांकि जरूरत पड़ने पर कुलदीप को कनकशन (सिर में चोट लगने से बेहोशी जैसी स्थिति) के विकल्प के तौर पर मैदान पर उतारा जा सकता है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने कहा, ‘‘कुलदीप यादव अपनी वायरल बीमारी से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। वह श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए एकादश में चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।</p><p>हालांकि जरूरत पड़ने पर वह कनकशन विकल्प के तौर पर मैदान पर उतर सकते हैं।’’
श्रीलंका ने भी दो बदलाव करते हुए कामिल मिशारा और पासिंदु सूर्याबंडारा को पदार्पण का मौका दिया है। पासिंदु पिछले टेस्ट में हालांकि कनकशन स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में खेले थे लेकिन यह मैच उनका पूर्ण पदार्पण है। भारत दो मैच की श्रृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 10:22:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-bat-first-in-colombo-test-shubman-gill-wins-toss-saransh-jain-debuts</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Gayatri Gopichand ने जीता पदक और Arjuna Award, मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने जताया गर्व]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/gayatri-gopichand-wins-world-championship-bronze-and-arjuna-award]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>... अमित कुमार दास ...
नयी दिल्ली, 22 अगस्त गायत्री गोपीचंद के लिए विश्व चैंपियनशिप का कांस्य पदक और अर्जुन पुरस्कार से सम्मान एक ही सप्ताह में आया जिससे उनके पिता और मुख्य राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद की खुशी दोगुनी हो गई। गायत्री ने त्रीसा जॉली के साथ विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला कांस्य पदक जीता और इसी सप्ताह उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा भी हुई। बेटी की इन उपलब्धियों ने गोपीचंद को गौरवान्वित किया।</p><p>ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन के इस पूर्व चैंपियन ने कहा कि गायत्री को खेलते हुए देखकर उनकी भावनाएं अन्य खिलाड़ियों से अलग नहीं थीं। उन्होंने कहा कि अपने सभी खिलाड़ियों की सफलता को देखते समय उनके भीतर एक जैसा ही भाव रहता है। विश्व चैंपियनशिप में शनिवार को यहां भारत का अभियान समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में गोपीचंद ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता कि मैं इसे उस तरह शब्दों में बयां कर पाऊंगा या नहीं।</p><p>लेकिन जब भी मेरे खिलाड़ियों ने खेला है, मुझे हमेशा ऐसा ही महसूस हुआ है। गायत्री के लिए मेरे मन में किसी अन्य खिलाड़ी से ज्यादा अलग भावना नहीं रही है।”
उनके शब्दों में एक कोच की निष्पक्षता साफ झलकी, लेकिन इसके बाद उन्होंने जिस तरह बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताया, उसमें पिता का भाव छिपा नहीं रहा। गोपीचंद ने कहा, “जिस तरह उसने खेला है, उस पर मुझे बहुत गर्व है।</p><p>भगवान की कृपा से हमारे परिवार में दो अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं। दो खिलाड़ी, दो अर्जुन पुरस्कार विजेता, यह दुर्लभ है।”
गोपीचंद को 1999 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा, “मैं इसके लिए भगवान का आभारी हूं।</p><p>हां, मुझे उसके प्रदर्शन और नतीजों पर बहुत गर्व है। जिस तरह उसने खुद को पेश किया, वह भी गर्व करने वाली बात है।”
त्रीसा और गायत्री के युगल में कांस्य पदक जीतने के साथ भारत ने 2011 के बाद से हर विश्व चैंपियनशिप में कम से कम एक पदक जीतने का अपना रिकॉर्ड कायम रखा। भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने कुछ करीबी मुकाबलों में मिली हार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और विश्व चैंपियनशिप में भारत के प्रदर्शन को कुल मिलाकर संतोषजनक करार दिया।</p><p>उन्होंने आगामी एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। गोपीचंद ने कहा, “कुल मिलाकर कुछ करीबी मुकाबलों में हमारी हार दुर्भाग्यपूर्ण रही। महिला एकल में हमने दोनों मुकाबले बेहद करीबी अंतर से गंवाए।</p><p>पुरुष एकल में आयुष का पहला दिन बहुत अच्छा रहा, लेकिन दूसरे दिन का प्रदर्शन थोड़ा निराशाजनक रहा।”
उन्होंने कहा, “लेकिन कुल मिलाकर मुझे लगता है कि हमारा प्रदर्शन ठीक रहा। मैं इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हूं। कभी-कभी ऐसा होता है।</p><p>हालांकि, अगली बार एशियाई खेलों में मुझे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।”
उन्होंने करीबी हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हुई दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू की तारीफ की जबकि लक्ष्य सेन के प्रदर्शन को निराशाजनक करार देते हुए भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘‘ सिंधू का मुकाबला बहुत करीबी था। जिस तरह वह हारीं, वह थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण रहा।</p><p>लेकिन अगर जापान ओपन में उनकी जीत और यहां के प्रदर्शन को देखें तो वह निश्चित रूप से अच्छा कर रही हैं।”
गोपीचंद ने कहा, “लक्ष्य के लिए दुर्भाग्य से यह टूर्नामेंट अच्छा नहीं रहा। इसके पीछे के खास कारण मुझे नहीं पता। लेकिन लक्ष्य लंबे समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में रहे हैं।</p><p>इसलिए वह वापसी करेंगे।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 06:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/gayatri-gopichand-wins-world-championship-bronze-and-arjuna-award</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[FIH World Cup में Netherlands से 3-1 से हारा भारत, सेमीफाइनल की राह हुई बेहद मुश्किल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-men-hockey-team-lost-netherlands-fih-world-cup]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>(मोना पार्थसारथी)
एम्सटेलवीन, 22 अगस्त आखिरी क्वार्टर में दो गोल गंवाने का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा और पहले हाफ में शानदार प्रदर्शन के बावजूद नीदरलैंड के हाथों 3 -1 से हारने के बाद भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को एफआईएच विश्व कप में सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो गई। नीदरलैंड ने इस मुकाबले में जीत दर्ज करते ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं, पूल के दूसरे मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 3-1 से हराकर भारत की अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदों को कुछ हद तक जिंदा रखा।</p><p>भारत को अब पूल चरण के अपने आखिरी मुकाबले में अर्जेंटीना को कम से कम पांच गोल के अंतर से हराना होगा। साथ ही उसे उम्मीद करनी होगी कि नीदरलैंड की टीम इंग्लैंड को शिकस्त दे। अच्छी शुरूआत के बावजूद आखिरी दस मिनट में की गई गलतियों ने भारत को मैच से बाहर कर दिया।</p><p>हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम को अब दूसरे दौर का आखिरी मैच सोमवार को अर्जेंटीना से खेलना है। इसके बाद टीम पांचवें से आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन मुकाबले खेलेगी। भारत के लिये मैच में एकमात्र गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 52वें मिनट में किया।</p><p>नीदरलैंड के लिये डुको टेलगेनकेम्प (41वां), येप होडेमेकर्स (51वां) और वान डैम यिप (55वां) ने गोल दागे। पहले दौर में इंग्लैंड से हारने वाली भारतीय टीम दूसरे दौर में कोई अंक लेकर नहीं आई थी। अब अर्जेंटीना को हराने के बाद भी उसके तीन ही अंक होंगे जिससे उसके अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गई।</p><p>विश्व कप के इतिहास में भारतीय टीम नीदरलैंड को कभी हरा नहीं सकी है। यहां 1973 विश्व कप के फाइनल में उसे डच टीम ने पेनल्टी शूटआउट में हराया था। भारतीय टीम ने पहले हाफ में बेहद सधा हुआ खेल दिखाकर डच टीम को बांधे रखा।</p><p>भारतीय बैकलाइन ने जहां कोई गलती नहीं की , वही मिडफील्ड में गेंद पर लंबे समय कब्जा नहीं रहने दिया। तीसरे मिनट में भारत ने दबाव बनातं हुए दाहिने ओर से सर्कल में प्रवेश किया लेकिन डच डिफेंडरों ने प्रयास को सफल नहीं होने दिया। आठवें मिनट में हार्दिक के पास पर राजिंदर गेंद लेकर डी के भीतर गए लेकिन एक बार फिर भारत डच डिफेंस को भेद नहीं सका।</p><p>इसके तीन मिनट बाद नीदरलैंड के वान डाम दीस ने बायें ओर से मिले पास पर रिवर्स हिट लगाया लेकिन गेंद उनकी स्टिक के पीछे से लगकर गई थी। भारत को फ्री हिट मिली लेकिन गेंद पर से नियंत्रण चला गया। मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर डच टीमको 13वें मिनट में मिला लेकिन यिप यानसेन की ड्रैग फ्लिक को मनप्रीत ने अपनी रशिंग से बखूबी ब्लॉक किया।</p><p>पहले पंद्रह मिनट में मैच पर भारतीय डिफेंस का दबदबा रहा। दूसरे क्वार्टर के शुरूआती मिनट में ही नीदरलैंड को लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से एक पर भी गोल नहीं हो सका। भारतीय खिलाड़ियों ने बेहद समझदारी का प्रदर्शन करते हुए साफ सुथरी टैकलिंग की और कोई फाउल नहीं होने दिया।</p><p>भारत को 24 वें मिनट में गोल करने का मौका मिला जब मनप्रीत से गेंद लेकर दिलप्रीत सर्कल में गए लेकिन डच गोलकीपर मेयेर डर्क ने गेंद भीतर नहीं जाने दी हालांकि सर्कल के भीतर राजिंदर रिबाउंड पर बेहतर निशाना साध सकते थे। ब्रेक से चार मिनट पहले हार्दिक से गेंद लेकर सुखजीत सर्कल के भीतर गए जहां दो डच डिफेंडरों ने उन्हें घेरा। गिरने पर पेनल्टी कॉर्नर की मांग को अंपायर ने ठुकरा दिया।</p><p>मनप्रीत के शॉट पर गेंद यानसेन की स्टिक से टकराई जिन्होंने उसे बाहर निकाल दिया। आखिरी मिनट में भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस ने एक बेहतरीन बचाव किया। हाफटाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी थी।</p><p>इस क्वार्टर में भारतीयों ने भी आगे बढकर हमले बोले लेकिन डच बैकलाइन ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर 35वें मिनट में रेफरल पर मिला। अभिषेक के पास पर गेंद डच डिफेंडर के पैर से टकराई थी जिस पर अंपायर ने पेनल्टी कॉर्नर नहीं दिया था।</p><p>हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक नीदरलैंड के फर्स्ट रशर के पैर से लगी जिस पर भारत को रेफरल लेने पर दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन हरमनप्रीत का शॉट बाहर से निकल गया। अब तक मुस्तैद रहे भारतीय डिफेंस को एक पल की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा और नीदरलैंड ने आसान गोल कर दिया। तिमैन रेयांगा को सर्कल के भीतर गेंद मिली जिन्होंने निशाना साधा और गेंद डुको टेलगेनकेंप की स्टिक से डिफ्लैक्ट होकर भीतर चली गई।</p><p>भारतीय गोलकीपर मोहित के पास कोई मौका नहीं था। भारत को पलटवार में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक गोलकीपर ने रोक दी। गेंद सर्कल के भीतर रहते हुए भारतीय स्ट्राइकरों ने रिबाउंड के प्रयास किये लेकिन सफलता नहीं मिली।</p><p>भारत के लिये 47वें मिनट में अभिषेक ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन हरमनप्रीत मैदान पर नहीं थे। अमित रोहिदास की स्लैप हिट डिफ्लेक्शन से बाहर निकल गई। भारत ने डिफेंडर के पैर पर गेंद लगने के कारण रिव्यू लिया और भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन संजय का शॉट गोलकीपर ने रोक दिया।</p><p>नीदरलैंड ने 51 वें मिनट में बढत दुगुनी कर ली जब डिफेंस से सर्कल के भीतर तक सिर्फ तीन लंबे पास पर होडेनमेकर्स ने फिनिशर का काम करते हुए गेंद को गोल के भीतर डाला। अगले मिनट जवाबी हमले पर राजिंदर ने भारत के लिये पेनल्टी कॉर्नर बनाया और हरमनप्रीत की तेज रफ्तार ड्रैग फ्लिक को डच डिफेंस रोक नहीं सका। भारत की मैच में वापसी की उम्मीदें बंधने ही लगी थी कि नीदरलैंड ने एक और आसान गोल करके मैच पर शिकंजा कस लिया।</p><p>भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने गेंद गंवाई जो वान डैम के पास गई जिसे रोकने के लिये भारतीय गोलकीपर आगे निकल आये और वान डैम ने आसानी से गेंद भीतर डाल दी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 04:42:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-men-hockey-team-lost-netherlands-fih-world-cup</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[BWF World Championship: Treesa-Gayatri ने Bronze जीता, चीनी चुनौती से लड़ीं भारतीय जोड़ी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/bwf-world-championships-treesa-and-gayatri-win-bronze-indian-pair-battles-chinese-challenge]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>शनिवार को यहाँ वर्ल्ड चैंपियनशिप के महिला डबल्स सेमीफ़ाइनल में, ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का शानदार सफ़र वर्ल्ड नंबर 1 और मौजूदा चैंपियन लियू शेंग शू और टैन निंग से कड़े मुकाबले के बाद तीन गेम में मिली हार के साथ खत्म हुआ; इस तरह भारतीय जोड़ी ने अपना पहला ब्रॉन्ज मेडल जीता। बिना सीडिंग वाली भारतीय जोड़ी ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला गेम तो जीत लिया, लेकिन वे चीन की मज़बूत जोड़ी के सामने दबाव बनाए नहीं रख सके और एक घंटे 11 मिनट में 21-18, 13-21, 8-21 से हार गए।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/my-job-is-to-win-trophies-not-views-and-likes-gautam-gambhir-sharp-retort-to-criticism" target="_blank">मेरा काम ट्रॉफी जीतना है, व्यूज-लाइक्स नहीं: आलोचना पर Gautam Gambhir का करारा जवाब</a></h3><div><br></div><div>भारत ने आखिरी बार 2011 में महिला डबल्स में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप का मेडल जीता था, जब लंदन में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया था। चीनी जोड़ी के खिलाफ़ भारतीय जोड़ी का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड अच्छा नहीं था; अब तक हुई सात मुलाकातों में उन्हें छह बार हार का सामना करना पड़ा था और सिर्फ़ एक बार जीत मिली थी। हालांकि, ट्रीसा और गायत्री ने 7-2 की बढ़त बनाकर चीनी जोड़ी पर शुरुआत में ही दबाव बना दिया। लियू और टैन ने ज़बरदस्त रैलियों के ज़रिए तेज़ी से वापसी की। चीनी जोड़ी ने लगातार छह पॉइंट जीतकर मैच का रुख़ अपनी ओर मोड़ लिया और बढ़त बना ली।</div><div><br></div><div>चीनी खिलाड़ियों ने तिरछे शॉट्स (एंगल्ड रिटर्न्स) का अच्छा इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय खिलाड़ी गलतियाँ करने पर मजबूर हुए और कई शॉट्स नेट में जा गिरे। लगातार नौ पॉइंट जीतकर लियू और टैन ने इंटरवल तक 11-7 की बढ़त बना ली। रैलियाँ आम तौर पर छोटी थीं, जिनमें औसतन 15 शॉट्स थे, लेकिन खेल फिर से शुरू होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय वापस पा ली। ट्रीसा ने एक बेहतरीन शॉट खेलकर चीनी खिलाड़ियों की लगातार पॉइंट जीतने की लय को तोड़ा।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/aus-vs-ban-test-18-wickets-fell-on-very-first-day-batters-havoc-wreaked-by-starc-and-shoriful" target="_blank">AUS vs BAN Test: पहले ही दिन 18 विकेट गिरे, Starc और Shoriful के कहर से कांपे बल्लेबाज!</a></h3><div><br></div><div>फ्रंट कोर्ट पर एक और हमले ने चीनी खिलाड़ियों को कोर्ट के पिछले हिस्से में शॉट खेलने पर मजबूर कर दिया, और फिर 31 शॉट्स की एक रैली के बाद भारतीय खिलाड़ी 12-12 की बराबरी पर आ गए। इसके बाद एक शानदार मुकाबला हुआ, जो ट्रीसा के क्रॉस-कोर्ट विनर शॉट के साथ खत्म हुआ और भारत बढ़त बनाने में कामयाब रहा। भारतीयों का अटैक और तेज़ हो रहा था। हालाँकि, शॉर्ट लिफ़्ट की वजह से गायत्री को पेनल्टी मिली और चीनी जोड़ी ने 15-13 से बढ़त बना ली। इसके बाद ट्रीसा ने शानदार रिटर्न ऑफ़ सर्व किया जिससे चीनी जोड़ी मुश्किल में पड़ गई और अंतर घटकर 14-16 हो गया। जोश से भरी ट्रीसा ने इसके बाद जंप स्मैश और फ्रंट कोर्ट पर एक और आक्रामक शॉट खेला, जिससे भारत ने फिर से बराबरी कर ली।</div><div>&nbsp;</div><div>For more <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports" target="_blank">Sports News in Hindi Today</a> please click here.&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 19:17:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/bwf-world-championships-treesa-and-gayatri-win-bronze-indian-pair-battles-chinese-challenge</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Gautam Gambhir ने की 3 मैचों की Test Series की वकालत, बोले- वापसी का मिले मौका]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/gautam-gambhir-advocates-three-match-test-series-in-colombo]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने शनिवार को तीन मैचों की टेस्ट श्रृखला की पैरवी करते हुए कहा कि दो मैचों की सीरीज में पहला मुकाबला हारने वाली टीम पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और उसके पास वापसी का पर्याप्त अवसर नहीं रहता। भारत और श्रीलंका के बीच इस समय दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली जा रही है। शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे है।</p><p>मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में गंभीर ने कहा, “आदर्श रूप से मैं तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला चाहूंगा। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जो टीम पहला टेस्ट हारती है, उसके पास वापसी करके श्रृंखला जीतने का मौका होना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “दो टेस्ट की सीरीज में अगर आप पहला मैच हार जाते हैं तो दूसरी टीम के पास वापसी करके सीरीज जीतने का कोई मौका नहीं रहता। अधिकतम आप श्रृंखला ड्रॉ कराने की कोशिश कर सकते हैं।”
गंभीर ने 2001 की भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट श्रृंखला को याद करते हुए कहा, “मुझे आज भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वह सीरीज याद है, जिसमें भारत 0-1 से पिछड़ गया था, लेकिन उसने शानदार वापसी करते हुए सीरीज 2-1 से जीत ली थी।”
दो टेस्ट मैचों की सीरीज में अक्सर दोनों मुकाबलों के बीच आराम का समय कम होता है।</p><p>हालांकि, गंभीर ने इसे लेकर चिंता नहीं जताई। उन्होंने कहा, “कम अंतराल। यह ठीक है।</p><p>दूसरी टीमें भी ऐसा कर रही हैं। एक पेशेवर क्रिकेटर के तौर पर हम जानते हैं कि अपने शरीर को कैसे संभालना है। यही कारण है कि कुछ दिन हम खिलाड़ियों को वैकल्पिक अभ्यास की अनुमति देते हैं।”
उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में अनुभवी खिलाड़ियों के लिए लगातार खेलना मुश्किल हो सकता है और इसलिए टीम प्रबंधन उनके कार्यभार को संभालने की कोशिश करता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 16:42:00 +0530</pubDate>
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      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Zolani Tete Shot Dead: पूर्व विश्व चैंपियन मुक्केबाज की South Africa में हत्या]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/former-boxing-world-champion-zolani-tete-shot-dead-in-south-africa]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पूर्व विश्व चैंपियन मुक्केबाज ज़ोलानी टेटे की दक्षिण अफ्रीका में स्थित उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। दक्षिण अफ्रीका के खेल, कला और संस्कृति मंत्री गेयटन मैकेंजी ने कहा कि 38 वर्षीय टेटे की उनकी कार में ही हत्या कर दी गई। उनके साथ वाहन में मौजूद 27 वर्षीय महिला को कई गोलियां लगीं और वह अस्पताल में भर्ती है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/uttarakhand-congress-alleges-voter-list-irregularities-to-ceo" target="_blank" rel="noopener">Uttarakhand Congress ने CEO से की मुलाकात, Voter List से गलत तरीके से नाम हटाने का आरोप</a></h3><p>टेटे ने 2007-2008 में डब्ल्यूबीएफ फ्लाईवेट श्रेणी में और 2017 और 2019 में डब्ल्यूबीओ बैंटमवेट श्रेणी में विश्व मुक्केबाजी खिताब जीते थे। पुलिस ने बताया कि यह घटना तब घटी जब टेटे पूर्वी केप के मडांटसेन में अपने आवास पर गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। उसी समय दो नकाबपोश व्यक्तियों ने उन पर हमला कर दिया।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 16:06:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/former-boxing-world-champion-zolani-tete-shot-dead-in-south-africa</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Premier League में Arsenal ने कोवेंट्री सिटी को 3-0 से हराया, अभियान की मजबूत शुरुआत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/arsenal-beat-coventry-city-in-premier-league-campaign-opener]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>मौजूदा चैंपियन आर्सेनल ने प्रीमियर लीग फुटबॉल टूर्नामेंट के पहले मैच में कोवेंट्री सिटी पर 3-0 की जीत के साथ खिताब बचाने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। फ्रांस में अमीन गौरी के दूसरे हाफ में किए गए दो गोल की बदौलत मार्सिले ने लीग1 के पहले ही मैच में स्ट्रासबर्ग को 4-0 से करारी शिकस्त दी। स्पेनिश लीग ला लिगा में रियाल बेटिस ने रियाल सोसिएदाद को 1-0 से हराकर क्लीन शीट (मैच में गोल खाए बिना जीतना) हासिल की।।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/ezri-konsa-to-arsenal-england-defender-set-to-leave-aston-villa-agreement-reached-for-£51-million" target="_blank" rel="noopener">Ezri Konsa to Arsenal: इंग्लैंड के डिफेंडर का एस्टन विला से विदा होना तय, 51 मिलियन पाउंड में बनी सहमति</a></h3><p>प्रीमियर लीग खिताब के लिए 22 साल के इंतजार को खत्म करने के बाद आर्सेनल ने दमदार शुरुआत करके दिखा दिया कि वह फिर से चैंपियन बनने का प्रबल प्रबल दावेदार क्यों है। उसकी तरफ से काई हैवर्त्ज़, बुकायो साका और मार्टिन ओडेगार्ड ने गोल किए। इनमें क्रिस्टोस जोलिस ने दो गोल करने में मदद की।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 15:56:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/arsenal-beat-coventry-city-in-premier-league-campaign-opener</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
      <media:thumbnail url="https://images.prabhasakshi.com/2026/8/22/arsenal-beat-coventry-city_large_20260822155624229_a7b2769_15.jpg" />
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Savita Punia ने साझा किया 17 साल का Hockey सफर, डर से उबरकर बनीं सीनियर मेंटोर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/savita-punia-shares-seventeen-year-hockey-journey-and-transformation]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>एक वह भी दौर था जब पड़ोस में ताऊ के घर जाने के लिये भी वह अपनी मां को दरवाजे पर खड़े रहने के लिये बोलती थी और कैमरे के सामने आने से कतराती थी लेकिन हॉकी ने सविता पूनिया में इतना आत्मविश्वास भरा कि अब न सिर्फ उन्होंने बोलना सीख लिया बल्कि एक मेंटोर के रूप में टीम के लिये खड़े होने से नहीं डरती। भारत के लिये सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी बनने से चार मैच दूर सविता एफआईएच विश्व कप की सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। अब तक 317 मैच खेल चुकी यह दिग्गज गोलकीपर वंदना कटारिया का 320 मैचों का भारतीय रिकॉर्ड तोड़ने के करीब हैं।</p><p>सविता ने अपने सत्रह साल के सफर के बारे में को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ जब मैने खेलना शुरू किया था तब मैं सीनियर से ‘गुड मार्निंग’ के अलावा ज्यादा बात नहीं कर पाती थी लेकिन आज टीम की मेंटोर के रूप में हूं। मेरा आत्मविश्वास काफी बढा है। हॉकी खेलते हुए मैने बोलना सीखा है।’’ अपना तीसरा विश्व कप खेल रही 36 वर्ष की इस दिग्गज ने कहा ,‘‘ मैं युवा खिलाड़ियों को अपने सफर के बारे में बताती हूं।</p><p>आज के खिलाड़ी बहुत तेजी से इन चीजों को सीख रहे हैं। हमें बहुत समय लगा था।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ अगर मैं कहूं कि हॉकी ने मुझे पूरी तरह बदल दिया तो गलत नहीं होगा। एक समय मैं कभी घर से बाहर अकेले निकलने से भी डरती थी।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-australia-hockey-world-cup-semifinal-analysis" target="_blank" rel="noopener">Indian Hockey: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला ‘Quarter Final’ जैसा, Semifinals की रेस में बने रहने के लिए जीत जरूरी</a></h3><p>बगल में चाचा या ताऊ के घर जाने के लिये भी मम्मी से बोलती थी कि दरवाजे पर खड़े रहना। लेकिन आज दुनिया के किसी भी कोने में अकेले जा सकती हूं।’’ पुराने अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि एक समय रोडवेज बस में कंडक्टर की बदसलूकी से इतना दुखी हो गई थी कि हॉकी छोड़ने का भी मन बना लिया था। उन्होंने कहा ,‘‘ यह 2011 की बात है जब मैं शिविर से घर जा रही थी और उस समय ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं होती थी।</p><p>गोलकीपिंग बैग के साथ मेरा सामान था। शाम को बस सर्विस काफी कम थी और सामान की वजह से मुझे बस में बिठाने से मना कर दिया। कंडक्टर ने कहा कि दो टिकट ले लो लेकिन मुझे लगा कि पांच सौ रूपये तो नहीं दे सकूंगी।’’ सविता ने आगे कहा ,‘‘ फिर उसने कहा कि लड़की हो, एक आवाज दोगी तो दस लड़के आ जायेंगे।</p><p>मैं इस पर रोने लगी और पापा से कहा कि अब आगे हॉकी नहीं खेलनी है। तब मेरे पापा ने तब पुरानी कार खरीदी ताकि मैं खेलना जारी रख सकूं।’’ इस विश्व कप में भारतीय गोलकीपरों सविता और बिछू देवी की काफी तारीफ हो रही है लेकिन सविता ने कहा कि पहले गोलकीपरों को इतना श्रेय नहीं मिलता था। उन्होंने कहा ,‘‘ भारत में गोलकीपरों को जो मुकाम मिला है , यह आसान नहीं था।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/indian-womens-hockey-team-loses-to-netherlands-in-fih-world-cup" target="_blank" rel="noopener">FIH Women's World Cup में नीदरलैंड से 0-2 से हारी भारतीय टीम, डिफेंस ने दिखाया दम</a></h3><p>पहले लोग मैच के बाद यही पूछते थे कि गोल किसने किये, यह नहीं कि गोल किसने बचाये। ऐसी सोच थी कि कोई अनफिट है, स्लो है या हेल्दी है तो उसे गोलकीपर बना दो। अब समय बदल गया है।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ गोलकीपर बनना मेरे जीवन का सबसे अच्छा फैसला था।</p><p>मैं चाहती हूं कि मुझे अच्छी गोलकीपर के साथ अच्छी मेंटोर के रूप में याद रखा जाये। ’’ टीम में अपनी भूमिका के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ सीनियर होने के नाते टीम के माहौल को अच्छा रखने पर फोकस रहता है। खिलाड़ी मेरी बात सुनते हैं और उससे कुछ अच्छा होता है तो खुशी मिलती है।</p><p>नवनीत, नेहा, सलीमा, सुशीला, लालरेम्सियामी सभी सीनियर खिलाड़ियों का अच्छा तालमेल है और हम यही बात करते हैं कि इस टीम को एक कदम ऊपर लेकर जाना है।’’ भारतीय महिला हॉकी के तमाम उतार चढाव देख चुकी सविता ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक में पदक से चूकने का मलाल खिलाड़ियों के लिये प्रेरणा बन गया है। पद्मश्री से नवाजी गई दूसरी महिला हॉकी खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ तोक्यो में किसी ने सोचा नहीं था कि भारतीय महिला हॉकी टीम इतना अच्छा खेलेगी। सभी ने तारीफ की लेकिन बिना पदक के हमारे दिल में मलाल रह गया था।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/harmanpreet-singh-on-india-netherlands-hockey-world-cup-clash" target="_blank" rel="noopener">Harmanpreet Singh ने कहा नीदरलैंड के खिलाफ 60 मिनट बेहतर खेलना जरूरी</a></h3><p>उसके बाद से व्यक्तिगत स्तर पर और एक टीम के रूप में हमने काफी मेहनत की। उससे प्रेरणा मिली थी और अगर हम अपनी स्ट्रेंथ पर खेलते हैं तो एक कदम आगे जा सकते हैं। ’’ उन्होंने कहा ,‘‘विश्व कप के बाद एशियाई खेल, लॉस एंजिलिस ओलंपिक सभी में हम इसी इरादे से खेलना चाहते हैं।’’ भविष्य के बारे में पूछने पर सविता ने कहा कि फिलहाल उनका लक्ष्य विश्व कप और एशियाई खेल है और इससे इतर नहीं सोच रही हैं।</p><p>उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे खुद को हर दिन बेहतर बनाना अच्छा लगता है। अभी विश्व कप और एशियाई खेल काफी अहम है और इन्हीं पर फोकस रखूंगी। इसके बाद आगे का सफर देखेंगे।</p><p>’’ पहली बार हॉकी स्टिक थामने जा रहे खिलाड़ियों को क्या संदेश देना चाहेंगी , यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ मैं माता पिता से कहूंगी कि अपने बच्चों को सपोर्ट करें। भारत में खेल बहुत आगे जा रहे हैं और हॉकी भी।आज सीनियर ,जूनियर नेशनल्स, खेलो इंडिया , हॉकी इंडिया लीग जैसे टूर्नामेंट है जिसे दिमाग में रखकर ट्रेनिंग करें।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ लेकिन इसके लिये लगन, प्रतिबद्धता और अनुशासन जरूरी है और मेहनत करेंगे तो कुछ भी हासिल कर सकेंगे। मेरी ही नहीं , टीम में कई खिलाड़ियों की कहानी सुनेंगे तो लगेगा कि क्या सच में यह संभव है लेकिन मेहनत करेंगे तो सब कुछ संभव है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 15:55:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/savita-punia-shares-seventeen-year-hockey-journey-and-transformation</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mumbai Indians ने Zubin Bharucha को बनाया नया प्रदर्शन निदेशक, फ्रेंचाइजी ने की घोषणा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/mumbai-indians-appoints-zubin-bharucha-as-director-of-performance]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>मुंबई इंडियंस ने शनिवार को जुबिन भरूचा को अपनी फ्रेंचाइजी का प्रदर्शन निदेशक नियुक्त किया जो फ्रेंचाइजी के पूरे तंत्र में नेतृत्व टीम के साथ मिलकर काम करेंगे। मुंबई और सरे के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके भरूचा अब पांच बार की आईपीएल विजेता टीम मुंबई इंडियंस से जुड़ गए हैं। इसके साथ ही राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।</p><p>मुंबई इंडियंस ने एक बयान में कहा, ‘‘जुबिन भरूचा प्रदर्शन निदेशक के तौर पर मुंबई इंडियंस से जुड़ रहे हैं और फ्रेंचाइजी के पूरे तंत्र में प्रदर्शन से जुड़े सभी क्षेत्र में नेतृत्व समूह के साथ मिलकर काम करेंगे। ’’ बयान में कहा गया, ‘‘जुबिन मुंबई इंडियंस के मौजूदा सहयोगी स्टाफ के साथ जुड़ेंगे और खिलाड़ी विकास में निरंतर उत्कृष्टता हासिल करने के मुंबई इंडियंस के स्थापित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएंगे। ’’ भरूचा ने राजस्थान रॉयल्स में टीम निदेशक, क्रिकेट प्रमुख और क्रिकेट संचालन एवं ‘हाई परफॉर्मेंस’ निदेशक सहित विभिन्न भूमिकाएं निभाईं।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/politics-articles/maharashtra-marathi-mandatory-auto-taxi-drivers-language-rule-rto-action" target="_blank" rel="noopener">Maharashtra में Auto Rickshaw, Taxi Drivers के लिए Marathi Mandatory क्यों की गयी? मराठी सीखने के लिए दबाव क्यों डालना?</a></h3><p>उन्होंने यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी जैसे भारतीय खिलाड़ियों के विकास में भी अहम भूमिका निभाई।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 15:56:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/mumbai-indians-appoints-zubin-bharucha-as-director-of-performance</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
      <media:thumbnail url="https://images.prabhasakshi.com/2026/8/22/mumbai-indians-appoints-zubin_large_20260822155612226_67e1046_15.jpg" />
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Gautam Gambhir ने आलोचनाओं को नकारा, भारत के लिए ट्रॉफी जीतना ही मुख्य लक्ष्य]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/gautam-gambhir-dismisses-criticism-focuses-on-winning-trophies-in-colombo]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>लगातार खराब नतीजों के बाद हो रही आलोचनाओं और ‘बाहरी शोर’ से बेपरवाह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का मानना है कि उनका पूरा ध्यान भारत के लिए ट्रॉफियां जीतने पर है। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर 2-2 से टेस्ट श्रृंखला ड्रॉ करना उनके कार्यकाल में एक सकारात्मक पहलू रहा है।</p><p>रविवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से एक दिन पहले गंभीर से जब उनके खिलाफ होने वाली आलोचनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘आलोचना? मेरा काम ट्रॉफियां जीतना है। मैं सिर्फ इसी में विश्वास करता हूं और इसी की परवाह करता हूं।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-sri-lanka-second-test-shubman-gill-team-india-colombo" target="_blank" rel="noopener">Team India श्रीलंका में दूसरा Test जीतकर 3 साल बाद विदेशी श्रृंखला जीतने उतरेगी</a></h3><p>यही मेरे और बाकी लोगों के बीच अंतर है। मुझे विचारों या ‘लाइक्स’ की चिंता नहीं है।’’ चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर के साथ अपनी बातचीत के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने कहा कि चर्चा का केंद्र भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने और सही फैसले लेने पर रहता है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ इस बात को लेकर है कि हम क्रिकेट में आगे कैसे बढ़ना चाहते हैं, क्या महत्वपूर्ण है और क्रिकेट की बेहतरी के लिए कौन से सही फैसले लेने चाहिए।</p><p>फिलहाल हमारी बातचीत पूरी तरह क्रिकेट और खेल को आगे ले जाने के नजरिए पर ही केंद्रित रहती है।” भारत इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पांचवें स्थान पर है। उससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश हैं। हालांकि, गंभीर ने रैंकिंग को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/colombo-test-sri-lanka-goes-all-out-against-india-squad-changes-made-due-to-injured-players" target="_blank" rel="noopener">Colombo Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका ने झोंकी पूरी ताकत, चोटिल खिलाड़ियों के चलते Squad में बदलाव</a></h3><p>उन्होंने कहा, “रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद से हमने संतोषजनक टेस्ट क्रिकेट खेला है।” दूसरे टेस्ट के लिए भारत अपने सफल टीम संयोजन को बरकरार रखेगा या नहीं, इस पर गंभीर ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।</p><p>उन्होंने हालांकि दबाव में चल रहे बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी इकाई उतारने की कोशिश करेंगे, जो हमें 20 विकेट दिला सके।’’ गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों को मिलाकर 25 ओवर गेंदबाजी की थी। उन्हें कम ओवर दिए जाने के सवाल पर गंभीर ने कहा कि यह कप्तान शुभमन गिल का अधिकार है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/shubman-gill-practices-against-spinners-in-colombo-ahead-of-second-test" target="_blank" rel="noopener">Shubman Gill ने Colombo में बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ किया नेट अभ्यास</a></h3><p>उन्होंने कहा, “कुलदीप एक अच्छे गेंदबाज हैं और कभी-कभी यह कप्तान पर भी निर्भर करता है।” गंभीर ने पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत के नायकों मानव सुथार और देवदत्त पडिक्कल की भी जमकर सराहना की। पडिक्क्ल ने मैच में 211 रन बनाए, जबकि सुथार ने गेंद से 10 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। गंभीर ने कहा, “क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे।</p><p>हमें अपने खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए और उन्हें पर्याप्त मौके देने चाहिए। फैसला एक-दो मैचों के प्रदर्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 15:56:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/gautam-gambhir-dismisses-criticism-focuses-on-winning-trophies-in-colombo</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Indian Hockey: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला ‘Quarter Final’ जैसा, Semifinals की रेस में बने रहने के लिए जीत जरूरी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-australia-hockey-world-cup-semifinal-analysis]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>&nbsp;ओलंपिक और विश्व चैम्पियन नीदरलैंड से पिछले मैच में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद पराजय का सामना करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम को अब सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिये रविवार को पिछले विश्व कप की कांस्य पदक विजेता आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले को ‘क्वार्टर फाइनल’ की तरह खेलना होगा।
दूसरे दौर के पहले मुकाबले में भारत को दुनिया की नंबर एक टीम नीदरलैंड ने शुक्रवार को 2-0 से हराया जो इस विश्व कप में उसकी पहली हार थी। डिफेंस और खासकर गोलकीपरों ने शानदार प्रदर्शन किया वरना सह मेजबान टीम की जीत का अंतर और अधिक हो सकता था।
</p><p>नये प्रारूप के तहत भारत को ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन से नहीं खेलना है क्योंकि पहले दौर में दोनों के बीच मुकाबला हो चुका है और उसके ड्रॉ रहने से भारत के पास एक अंक है। नीदरलैंड भी पूल ए में आस्ट्रेलिया को हराने से तीन अंक लेकर दूसरे दौर में पहुंचा है यानी उसके पास अब दो मैचों के छह अंक है। चीन और आस्ट्रेलिया का मैच ड्रॉ रहा है जिससे चीन के दो और आस्ट्रेलिया का एक अंक है।
 नीदरलैंड अगर चीन को हरा देता है या ड्रॉ खेलता है तो आस्ट्रेलिया को हराने पर भारत सेमीफाइनल में पहुंच जायेगा। वहीं चीन के हारने और भारत और आस्ट्रेलिया का मैच ड्रॉ रहने पर गोल औसत के आधार पर फैसला होगा।</p><p> चीन ने अब तक तीन गोल गंवाये और तीन किये हैं जिससे गोल औसत शून्य है जबकि भारत ने दो गोल किये और चार गंवाये हैं जिससे औसत माइनस दो है और आस्ट्रेलिया ने तीन गोल किये जबकि पांच गंवाये है जिससे उसका भी औसत माइनस दो है। ऐसे में भारत को चीन के बड़े अंतर से हारने की भी दुआ करनी होगी।
जून में न्यूजीलैंड में एफआईएच नेशंस कप जीतने से पहले आस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली भारतीय टीम ने दो बार की विश्व कप चैम्पियन टीम के खिलाफ चार करीबी मैच खेले जिनमें से दो गंवाये, एक जीता और एक ड्रॉ रहा था।
आस्ट्रेलिया का प्रदर्शन ग्राफ पिछले सत्र में बहुत अच्छा नहीं रहा है और 2025 -26 प्रो लीग में टीम आठवें स्थान पर रही। </p><p>चिली के सैंटियागो में विश्व कप क्वालीफायर में भी वह मेजबान टीम के बाद दूसरे स्थान पर रही थी लिहाजा भारतीय टीम के पास उसे हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने का यह सुनहरा मौका है।
विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत ने अब तक अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया है। इंग्लैंड के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ रहे आखिरी पूल मैच में गोलकीपर बिछू देवी और सविता के साथ डिफेंस ने बारह पेनल्टी कॉर्नर बचाये। इसके बाद दुनिया की सर्वश्रेष्ठ ड्रैग फ्लिकर मानी जाने वाली नीदरलैंड की यिब्बी यानसेन को भी एक ही गोल पर रोक दिया। 
 नीदरलैंड ने भारतीय गोल पर लगातार हमले बोले लेकिन एक भी फील्ड गोल नहीं कर सके। </p><p>फर्स्ट रशर सलीमा टेटे ने भी जबर्दस्त चुस्ती का प्रदर्शन करते हुए कम से कम दो गोल बचाये।
भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने मैच के बाद टीम के प्रदर्शन की तारीफ की लेकिन कहा कि लगातार दो दिन भारी दबाव वाले मैच खेलने का असर टीम पर पड़ा।
मारिन ने कहा ,‘‘हमने लगातार दो दिन दो बड़े मैच खेले। मैं यह नहीं कह रहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो हम जीत जाते लेकिन आखिर में खिलाड़ियों से तकनीकी गलतियां हुई।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ टीम ने अच्छी इच्छाशक्ति दिखाई लेकिन मौकों को भुनाना चाहिये था। ऐसी टीमों के खिलाफ ज्यादा मौके नहीं मिलते। अब आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच को मैं क्वार्टर फाइनल की तरह समझता हूं जिसमें जीतने पर हम सेमीफाइनल में पहुंच जायेंगे।’’
भारत की 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप है जिसे देखते हुए अब तक के प्रदर्शन को साहसिक कहा जा सकता है। </p><p>पहले ही मैच में चीन जैसी दिग्गज टीम को ड्रॉ पर रोककर ही इस टीम ने संकेत दे दिये थे कि वह टूर्नामेंट में सिर्फ भागीदारी के लिये नहीं आई है। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका पर 6-1 से जीत दर्ज की और इंग्लैंड को आखिरी मैच में गोलरहित ड्रॉ पर रोककर दूसरे दौर में जगह बनाई।
इस टूर्नामेंट की सबसे अनुभवी खिलाड़ी 317 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी सविता और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरीी 30 सेकंड में गोल बचाने वाली बिछू के साथ डिफेंस ने तो अच्छा प्रदर्शन किया ही है, नवनीत कौर की अगुवाई में फॉरवर्ड पंक्ति ने भी कई मौके बनाये।</p><p> भारत के पास दीपिका जैसी ड्रैग फ्लिकर हैं जो एफआईएच नेशंस कप में छह गोल कर चुकी हैं। 
 भारत को और पेनल्टी कॉर्नर बनाने और तब्दील करने पर फोकस करना होगा। सुनेलिटा टोप्पो, बलजीत कौर, साक्षी, लालरेम्सियामी , नेहा सभी ने दबाव लिये बिना अच्छा प्रदर्शन किया है और आस्ट्रेलिया से खिलाफ कोच मारिन को उनसे एक कदम आगे जाने की उम्मीद होगी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 14:19:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-australia-hockey-world-cup-semifinal-analysis</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Chaminda Vaas ने Test Cricket और वनडे को बचाने की उठाई मांग, बोर्ड्स को दी सलाह]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/chaminda-vaas-urges-boards-to-protect-test-and-odi-cricket]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>(जी उन्नीकृष्णन)
कोलंबो, 22 अगस्त (भाषा)) श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चमिंडा वास ने टी20 के बढ़ते चलन और फ्रेंचाइजी आधारित लीग के बढ़ते प्रभाव के बीच टेस्ट और वनडे प्रारूपों को जीवित रखने के लिए संबंधित लोगों से उचित कदम उठाने का आग्रह किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के सीईओ संजोग गुप्ता ने हाल ही में टिप्पणी की थी कि ‘‘प्रतिस्पर्धा के अभाव वाली द्विपक्षीय श्रृंखलाओं का युग समाप्त होना चाहिए।’’
इस बयान ने एकदिवसीय क्रिकेट के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। वास ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भविष्य में अधिकतर देश टी20 खेलना चाहेंगे।</p><p>टी20 ही भविष्य का खेल है। लेकिन सभी बोर्डों को यह समझना चाहिए कि टेस्ट क्रिकेट और वनडे क्रिकेट ही इस खेल का चरम हैं और उन्हें इन दोनों प्रारूपों को बनाए रखने के लिए कदम उठाने चाहिए।’’
वनडे में 400 और टेस्ट क्रिकेट में 355 टेस्ट विकेट लेने वाले वास ने सभी क्रिकेट बोर्डों से इन दोनों पारंपरिक प्रारूपों को पुनर्जीवित करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें 50 ओवर की क्रिकेट को जीवित रखने के लिए किसी न किसी तरह की व्यवस्था करनी होगी।</p><p>मुझे यकीन है कि इससे कई युवा क्रिकेटर टेस्ट क्रिकेट या 50 ओवर के प्रारूप में खेलने के लिए प्रेरित होंगे।’’
वास ने कहा, ‘‘खासकर अगर टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो टेस्ट क्रिकेट खत्म होता जा रहा है। सभी बोर्डों को टेस्ट क्रिकेट को जीवित रखने और युवाओं को इस प्रारूप से परिचित कराने के लिए योजना बनानी चाहिए क्योंकि इसी प्रारूप में आपके कौशल की असली परीक्षा होती है।’’
इस 52 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर ने पिछले दशक में श्रीलंका के टेस्ट क्रिकेट के स्तर में आई गिरावट का उदाहरण देते हुए इसका जिक्र किया। श्रीलंका को हाल में भारत से पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में 165 रन से हार का सामना करना पड़ा था।</p><p>उसे यह हार गॉल में मिली जो कभी उसका गढ़ हुआ करता था। वास ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि भारतीय टीम बहुत अच्छी है। उनके पास एक स्थान के लिए कई विकल्प हैं।</p><p>वे टेस्ट, टी20 और वनडे में अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। बीसीसीआई ने बेहतरीन बुनियादी ढांचा तैयार किया है और अपने खिलाड़ियों का ख्याल रखा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर गॉल टेस्ट की बात करें तो उन्होंने बेहतरीन टेस्ट क्रिकेट खेला। उन्होंने तीन बहुत अच्छे स्पिनर उतारे थे और उनके सामने टिकना आसान नहीं था।</p><p>हमारे खिलाड़ियों ने कड़ी चुनौती दी। मुझे यकीन है कि दूसरा टेस्ट ज्यादा रोमांचक होगा।’’
लेकिन वास के लिए यह हार एक गहरी समस्या का प्रतीक है क्योंकि श्रीलंका काफी कम टेस्ट मैच खेल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से हमें ज्यादा टेस्ट मैच देखने को नहीं मिलते।</p><p>श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को कुछ करना चाहिए। अधिक टेस्ट मैच करवाने की कोशिश करनी चाहिए। यह दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद नहीं है।’’
वास ने श्रीलंका के घरेलू क्रिकेट में व्यापक बदलाव का भी सुझाव दिया।</p><p>उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने घरेलू क्रिकेट के स्वरूप को बदलने की जरूरत है। हमारे पास इतने सारे क्लब हैं। हमें उन क्लबों को प्रोत्साहित करने और अच्छी क्रिकेट खेलने की कोशिश करने की जरूरत है।</p><p>’’
वास ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमें तीन दिवसीय क्रिकेट के बजाय चार दिवसीय क्रिकेट खेलना चाहिए। इससे खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट जैसा अनुभव मिलेगा। हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन हमें उन्हें तराशने और अगले स्तर तक पहुंचाने की जरूरत है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 13:42:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/chaminda-vaas-urges-boards-to-protect-test-and-odi-cricket</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Duleep Trophy में Vaibhav Suryavanshi पर नजरें, पूर्वोत्तर के खिलाफ मिलेगा मौका]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/vaibhav-suryavanshi-in-duleep-trophy-east-zone-quarter-final]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>टी20 क्रिकेट में धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को रविवार से यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में पूर्वी क्षेत्र की तरफ से उत्तर पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने रिकॉर्ड को सुधारने का मौका मिलेगा। इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।</p><p>इस तरह से देखा जाए तो सूर्यवंशी लाल गेंद के क्रिकेट में अभी भी एक अनुभवहीन खिलाड़ी हैं, लेकिन दलीप ट्रॉफी में सबसे कमजोर मानी जाने वाली उत्तर पूर्व की टीम के खिलाफ उन्हें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुछ रन बनाने और आत्मविश्वास हासिल करने का मौका मिलेगा। पूर्वी क्षेत्र की टीम में कप्तान ईशान किशन, तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन, कुमार कुशाग्र, शाहबाज अहमद और मुकेश कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन हमेशा की तरह सूर्यवंशी ही सबका ध्यान अपनी तरफ खींचेंगे। क्षेत्रीय चयन समिति ने उन्हें उप-कप्तान नियुक्त किया है।</p><p>कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं। रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।</p><p>श्रीलंका में ‘ए’ श्रृंखला में खेलने वाले आयुष पांडे और अमन मोखाडे मध्य क्षेत्र की तरफ से सीधे सेमीफाइनल में खेलेंगे। वह अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखकर ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाली श्रृंखला के लिए टीम में जगह बनाने की कोशिश करेंगे। उत्तरी क्षेत्र के इतिहास में दिल्ली का दबदबा रहा है तथा जम्मू कश्मीर का प्रतिनिधित्व हमेशा नाममात्र का रहा है।</p><p>लेकिन 2025-2026 की रणजी ट्रॉफी की जीत ने पूरी कहानी बदल दी है, क्योंकि कन्हैया वधावन राज्य के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्हें सीनियर क्षेत्रीय टीम की कप्तानी करने का मौका मिला है। इस टीम में उनके राज्य का सबसे अधिक प्रतिनिधित्व है। रुतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व वाले पश्चिमी क्षेत्र के रूप में उन्हें एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना पड़ेगा।</p><p>पश्चिम क्षेत्र को सरफराज खान की कमी खलेगी जो राष्ट्रीय टीम के साथ श्रीलंका के दौरे पर हैं। रणजी फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले कामरान इकबाल, शीर्ष स्कोरर में से एक आयुष दोजा, यश ढुल और आयुष बडोनी जैसे खिलाड़ियों के उत्तरी क्षेत्र की टीम में होने तथा गायकवाड़, शार्दुल ठाकुर, मुंबई की स्पिन जोड़ी तनुष कोटियन और शम्स मुलानी जैसी खिलाड़ियों के पश्चिमी क्षेत्र की टीम में होने से मुकाबला रोमांचक होने की संभावना है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 13:22:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/vaibhav-suryavanshi-in-duleep-trophy-east-zone-quarter-final</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Hockey World Cup: केसरिया जर्सी पर घमासान, नीली टर्फ पर नीदरलैंड्स से हारी Team India]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/hockey-world-cup-uproar-over-saffron-jersey-team-india-loses-to-the-netherlands-on-the-blue-turf]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>कई दशकों से, नीला रंग भारतीय खेलों की पहचान रहा है। अलग-अलग खेलों में, भारतीय टीमों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए नीली जर्सी पहनी है। लेकिन नीदरलैंड और बेल्जियम में हो रहे FIH हॉकी वर्ल्ड कप से पहले, हॉकी इंडिया ने पिछले महीने पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए केसरिया रंग की नई जर्सी पेश की।हॉकी इंडिया के मुताबिक, इसकी वजह साफ़ तौर पर दिखाई देना (विज़िबिलिटी) थी। फेडरेशन ने कहा कि नीली प्लेइंग यूनिफॉर्म, नीली सिंथेटिक प्लेइंग सतह के साथ घुल-मिल जाती थी, जो अब अंतरराष्ट्रीय हॉकी पिचों का स्टैंडर्ड रंग है। इस एक जैसे रंग की वजह से खिलाड़ियों को मैदान पर साफ़ तौर पर देखने में दिक्कत होती थी।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/joe-root-double-feat-surpasses-smith-in-catches-also-equals-sachin-record" target="_blank">Joe Root का Double Dhamal: Catches में Smith को पछाड़ा, Sachin के रिकॉर्ड की बराबरी भी की</a></h3><div><br></div><div>हालांकि, शुक्रवार को एमस्टेलवीन में FIH वर्ल्ड कप के दूसरे राउंड में सह-मेजबान नीदरलैंड के खिलाफ भारत की महिला टीम का पहला मैच हुआ, जिसमें भारत केसरिया जर्सी में उतरा, जबकि नीदरलैंड ने नीली जर्सी पहनी थी। उसी नीली टर्फ पर, जिसके बारे में भारत का तर्क था कि नीली जर्सी से साफ़ दिखाई नहीं देता। शायद डच टीम को साफ़ दिखाई देने को लेकर वैसी कोई चिंता नहीं थी। पिछले महीने जब भारत की मुख्य जर्सी का रंग बदलने की घोषणा की गई, तो पूर्व कप्तान परगट सिंह, धनराज पिल्लै और विरेन रास्किन्हा ने इसकी आलोचना की। परगट ने सबसे खुलकर आलोचना की। हॉकी इंडिया के फ़ैसले की आलोचना करते हुए भारत के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने कहा कि देश में हर चीज़ का भगवाकरण किया जा रहा है।</div><div><br></div><div>एक बार फिर भारतीय गोलकीपरों सविता और बिछू की अगुवाई में भारतीय डिफेंस ने साहसिक प्रदर्शन किया लेकिन पेरिस ओलंपिक और पिछले तीन बार की विश्व चैम्पियन नीदरलैंड की टीम ने एफआईएच विश्व कप के दूसरे दौर के पहले मुकाबले में शुक्रवार को 2 - 0 से जीत दर्ज की। इंग्लैंड के खिलाफ पिछले मैच में बारह पेनल्टी कॉर्नर बचाने वाले भारतीय गोलकीपरों और डिफेंडरों ने दुनिया की नंबर एक टीम को खचाखच भरे वेगनेर स्टेडियम पर खुलकर खेलने नहीं दिया। पहले दौर में तीन मैचों में पंद्रह गोल करने वाली डच टीम के लिये दूसरे मिनट में यिब्बी यानसेन ने और 38वें मिनट में फ्रेडरिक माल्टा ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागे। नीदरलैंड को आखिरी सेकंडों में भी पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे सविता ने रोक दिया।&nbsp;</div><div><br></div><div>भारत को अब रविवार को आस्ट्रेलिया से खेलना है और सेमीफाइनल की उम्मीदें बचाये रखने के लिये उसे हर हालत में यह मैच जीतना होगा। नीदरलैंड टीम पेरिस ओलंपिक और पिछले विश्व कप में एक भी मैच नहीं हारी। इसके अलावा एफआईएच प्रो लीग के पिछले सत्र में सिर्फ दो मैच गंवाये थे। वेगनेर स्टेडियम पर डच समर्थक आरेंज जर्सी पहनकर आये थे जो आज भारत की जर्सी का रंग था जबकि सह मेजबान टीम नीली जर्सी में खेली। नीदरलैंड ने पहले दौर में जापान को 9-0 से, आस्ट्रेलिया को 4-2 से और चिली को 2-0 से हराया था जबकि भारतीय टीम भी अपराजेय रहते हुए दूसरे दौर में पहुंची। भारत ने चीन को 2-2 से और इंग्लैंड को 0-0 से ड्रॉ पर रोका जबकि दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से मात दी। नीदरलैंड ने अपेक्षा के अनुरूप बेहद आक्रामक शुरूआत करते हुए दूसरे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया जिस पर टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक छह गोल कर चुकी उसकी ड्रैग फ्लिकर यिब्बी यानसेन ने सातवां गोल दागा।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/colombo-test-sri-lanka-goes-all-out-against-india-squad-changes-made-due-to-injured-players" target="_blank">Colombo Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका ने झोंकी पूरी ताकत, चोटिल खिलाड़ियों के चलते Squad में बदलाव</a></h3><div><br></div><div>पहला गोल जल्दी गंवाने के बाद भारतीय डिफेंस ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड के स्ट्राइकरों को बांधे रखा। पांचवें मिनट में इंग्लैंड को सर्कल में बाधित होने के कारण रेफरल पर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर यिब्बी के तूफानी शॉट को बिछू ने बायां पैर आगे करके कुशलता से रोका। इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी पूल मैच में अंतिम 30 सेकंड में गोल बचाने वाली बिछू ने उसी लय को कायम रखते हुए अगले मिनट फिर शानदार बचाव किया। भारतीय खिलाड़ी आठवें मिनट में पहली बार डच हाफ में घुसे फाउल से नीदरलैंड को फ्रीहिट मिल गई। बारहवें मिनट में नीदरलैंड की पियेन सैंडर्स का निशाना चूक गया।</div><div>&nbsp;</div><div>For more <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports" target="_blank">Sports News in Hindi Today</a> please click here.&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:38:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/hockey-world-cup-uproar-over-saffron-jersey-team-india-loses-to-the-netherlands-on-the-blue-turf</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Cincinnati Open के सेमीफाइनल में पहुंचे Coco Gauff और Frances Tiafoe]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/cincinnati-open-coco-gauff-frances-tiafoe-reach-semifinals]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>अमेरिका के खिलाड़ियों ने सिनसिनाटी ओपन टेनिस टूर्नामेंट में अपना दबदबा बरकरार रखा है और उसके चार खिलाड़ी पुरुष और महिला वर्ग के एकल के सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहे हैं। अमेरिका के जिन खिलाड़ियों ने अंतिम चार में जगह सुरक्षित की है उनमें पुरुष वर्ग में फ्रांसिस टियाफो और ब्रैंडन नाकाशीमा तथा महिला वर्ग में कोको गॉफ और जेसिका पेगुला शामिल हैं। गॉफ ने कहा, ‘‘यह अविश्वसनीय है, मुझे लगता है कि हम सभी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।</p><p>हम निश्चित रूप से एक-दूसरे का समर्थन करते हैं।’’
टियाफो ने इटली लोरेंजो मुसेटी को 7-6 (2), 7-5 से और नाकाशीमा ने हमवतन अमेरिकी खिलाड़ी टेलर फ्रिट्ज को 7-6, 4-6, 6-3 से हराया। अंतिम चार में यह दोनों खिलाड़ी आमने-सामने होंगे। यह 2010 के बाद पहला अवसर है जबकि अमेरिका के दो खिलाड़ी पुरुष एकल के सेमीफाइनल में पहुंचे हैं।</p><p>पुरुष एकल के दूसरे सेमीफाइनल में इटली के फ्लेवियो कोबोली का मुकाबला फ्रांस के आर्थर फिल्स से होगा। गॉफ ने यूक्रेन की मार्टा कोस्त्युक को 6-2, 6-2 से हराया। उनका अगला मुकाबला चेक गणराज्य की 20 वर्षीय खिलाड़ी सारा बेजलेक से होगा।</p><p>बेजलेक ने 2019 की चैंपियन मैडिसन कीज़ को 3-6, 6-4, 7-6 (5) से हराया। पेगुला दूसरे सेमीफाइनल में इगा स्वियातेक का सामना करेंगी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 11:28:05 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/cincinnati-open-coco-gauff-frances-tiafoe-reach-semifinals</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Team India श्रीलंका में दूसरा Test जीतकर 3 साल बाद विदेशी श्रृंखला जीतने उतरेगी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-sri-lanka-second-test-shubman-gill-team-india-colombo]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पहले टेस्ट मैच में बड़ी जीत से उत्साहित भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ रविवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में अपना विजय अभियान जारी रखकर विदेशी धरती पर तीन साल में पहली टेस्ट श्रृंखला जीतने की कोशिश करेगी जबकि कप्तान शुभमन गिल और सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की निगाह बड़ा स्कोर बनाने पर होगी। भारत ने विदेश में अपनी आखिरी टेस्ट श्रृंखला जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीती थी। उसके बाद से भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा जबकि उसने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ उनके घरेलू मैदान पर श्रृंखला बराबर की थी।</p><p>इस बीच उसे न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका से घरेलू धरती पर हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब भारत ने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत के साथ कुछ हद तक वापसी की है जिससे कप्तान गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर को राहत मिली होगी। भारत अगर इस श्रृंखला में 2-0 से क्लीन स्वीप कर लेता है, तो वह 57.58 प्रतिशत अंकों के साथ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच सकता है।</p><p>लेकिन यह बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में हार पर ही संभव हो पाएगा। डार्विन में पहले टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाला बांग्लादेश अभी चौथे स्थान पर है। भारत को इस मैच में गिल और जायसवाल से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/colombo-test-sri-lanka-goes-all-out-against-india-squad-changes-made-due-to-injured-players" target="_blank" rel="noopener">Colombo Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका ने झोंकी पूरी ताकत, चोटिल खिलाड़ियों के चलते Squad में बदलाव</a></h3><p>गिल अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी पिछली छह पारियों में दो शतक बनाए हैं। लेकिन पिछले मैच में उनका बल्ला नहीं चल पाया था।</p><p>उन्हें विशेषकर बाएं हाथ की स्पिनर के सामने दिक्कत हो रही है। गॉल में दोनों पारियों में उन्हें खब्बू स्पिनर प्रभात जयसूर्या ने आउट किया। इसके अलावा कप्तान के रूप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है।</p><p>गिल ने कप्तानी संभालने के बाद 10 टेस्ट मैचों में 73 से अधिक के औसत से 1100 रन बनाए हैं। वह कप्तान के रूप में विदेश में अपनी पहली टेस्ट श्रृंखला जीतने के लिए भी प्रतिबद्ध होंगे। जायसवाल की समस्या थोड़ी और गंभीर है।</p><p>पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ नयी दिल्ली में शतक बनाने के बाद इस सलामी बल्लेबाज ने अपनी पिछली आठ पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक बनाया है। जायसवाल तेज गेंदबाजों के खिलाफ कट या चिप शॉट खेलकर आउट हो रहे हैं जो चिंताजनक है। गॉल में पहली पारी में रन आउट होने के बाद जायसवाल दूसरी पारी में भी इसी तरह से आउट हुए थे।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/kl-rahul-injury-retires-hurt-due-to-cramps-in-galle-test-team-india-concerns-mount" target="_blank" rel="noopener">KL Rahul Injury: गॉल टेस्ट में क्रैम्प्स से हुए रिटायर हर्ट, टीम इंडिया की चिंता बढ़ी</a></h3><p>बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने खेल के इस पहलू में सुधार करने के लिए शुक्रवार को एसएससी में नेट पर काफी समय बिताया। भारत के तेज गेंदबाजों और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने ऑफ स्टंप के बाहर की उस लाइन को निशाना बनाया, जिससे जायसवाल को कट या चिप शॉट खेलने के लिए लुभाया जा सके। लेकिन इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने इस तरह की गेंदों को बिना छेड़े हुए स्टंप्स के पास से बिना गुजरने दिया।</p><p>अगर वह मैच में भी इसी तरह का धैर्य बनाए रखते हैं तो बड़ी पारी खेल सकते हैं। इस पर भी सब की नजर रहेगी कि कुलदीप यादव अंतिम एकादश में जगह बना पाते हैं या नहीं। पहले मैच में पिच से काफी मदद मिलने के बावजूद उन्होंने दो पारियों में 25 ओवरों में सिर्फ एक विकेट लिया था।</p><p>कुलदीप पहले टेस्ट मैच में गेंदबाजों में सबसे महंगे साबित हुए, उन्होंने प्रति ओवर चार से अधिक रन लुटाए। श्रीलंका की टीम में बाएं हाथ के अधिक बल्लेबाजों को देखते हुए ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पदार्पण का मौका मिल सकता है। लेकिन सिर्फ एक मैच के बाद किसी सीनियर गेंदबाज को टीम से बाहर करना गलत संकेत दे सकता है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/cricket/galle-test-team-india-faces-a-playing-xi-dilemma-coach-morne-morkel-makes-statement-on-the-choice" target="_blank" rel="noopener">Galle Test: टीम इंडिया के सामने Playing 11 की पहेली, 3 स्पिनर या पेसर्स पर कोच Morne Morkel का बड़ा बयान</a></h3><p>कुलदीप ने शुक्रवार को अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया था जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिलेगी। लेकिन अंतिम निर्णय काफी हद तक यहां की पिच पर निर्भर करता है, जिसे पिछले दो दिनों में पानी डालकर उसकी पकड़ बनाए रखी गई है। श्रीलंका को अगर श्रृंखला में वापसी करनी है तो उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को धैर्य के साथ खेलना होगा।</p><p>उन्हें उम्मीद होगी कि शानदार फॉर्म में चल रहे कामिल मिशारा और साहन अरच्चिगे को टीम में शामिल करने से सकारात्मक बदलाव आएगा। टीम इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी, सरफराज खान। श्रीलंका: धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरु उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदरा, कामिंदु मेंडिस, साहन अरच्चिगे, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला, केशरा नुवांता, प्रभात जयसूर्या, मिलन रत्नायका, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो, विश्वा फर्नांडो।</p><p>मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 10:55:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/india-vs-sri-lanka-second-test-shubman-gill-team-india-colombo</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Neeraj Chopra ने Lausanne Diamond League में 88.05 मीटर थ्रो के साथ हासिल किया दूसरा स्थान]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/neeraj-chopra-secures-second-place-at-lausanne-diamond-league]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक साल से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन शुक्रवार को यहां लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे ने सिर्फ नौ सेंटीमीटर के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया। चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे यह 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी नौ खिलाड़ियों के मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहा।</p><p>यह इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी था। दरअसल चोपड़ा का यह पिछले साल जून के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उन्होंने तब पेरिस डायमंड लीग जीतने के दौरान 88.16 मीटर का थ्रो किया था।</p><p>लेकिन 23 वर्षीय पथिरागे ने इस सत्र में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए अपने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर के थ्रो के साथ चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। चोपड़ा ने हालांकि दूसरे स्थान पर रहकर डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की अपनी उम्मीदों को मजबूती प्रदान की। वह साल के आखिर में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रैंकिंग में सातवें स्थान से आगे बढ़कर शीर्ष पांच में पहुंच गए हैं।</p><p>ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 86.69 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे। विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 78.13 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे, जबकि तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता चेक गणराज्य के जैकब वाडलेज ने 77.32 मीटर के साथ सातवां स्थान हासिल किया।</p><p>चोपड़ा ने बाद में कहा कि शीर्ष स्थान के लिए उनके और पथिरागे के बीच कड़ी टक्कर थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अहसास ही नहीं हुआ कि यह केवल नौ सेंटीमीटर का अंतर था। यह बहुत कम अंतर था, लेकिन मैं 88 मीटर के थ्रो सेखुश हूं।</p><p>सच कहूं तो, मुझे ऐसा लगा ही नहीं कि मेरा थ्रो 88 मीटर तक गया। मैं बहुत सहज महसूस कर रहा था। मैंने बहुत मेहनत की और बाद में अपनी तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया।’’
चोपड़ा ने कहा, ‘‘प्रत्येक प्रतियोगिता के बाद मुझे ऐसा लगता है कि मैं अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर रहा हूं।</p><p>लुसाने और ज्यूरिख में मौजूद दर्शक एथलेटिक्स को समझते हैं और वास्तव में आपका समर्थन करते हैं, इसलिए यहां प्रतिस्पर्धा करना हमेशा अच्छा लगता है।’’
चोपड़ा की चार और पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाने की संभावना बढ़ गई है। इस प्रतियोगिता में रैंकिंग में शीर्ष छह पर रहने वाले खिलाड़ी भाग लेंगे। पथिरागे और पीटर्स पहले ही इसके के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं।</p><p>अभी एक और डायमंड लीग प्रतियोगिता 27 अगस्त को ज्यूरिख में होनी है। चोपड़ा ने 2022 में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीता था जबकि 2023, 2024 और 2025 में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। दक्षिण एशिया के दो प्रतिद्वंद्वियों के बीच मुकाबला उम्मीदों पर खरा उतरा, जब चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का भाला फेंककर पथिरागे को पीछे छोड़ते हुए कुछ समय के लिए शीर्ष स्थान हासिल किया।</p><p>श्रीलंकाई खिलाड़ी ने हालांकि तुरंत ही तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर का भाला फेंककर फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर दिया। यह लगातार तीसरा अवसर था जब 23 वर्षीय पथिरागे ने इस साल दो बार के ओलंपिक पदक विजेता चोपड़ा को हराया। इससे पहले उन्होंने दोहा डायमंड लीग और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सुपरस्टार को पीछे छोड़ा था।</p><p>पथिरागे ने इन दोनों प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की थी, जबकि चोपड़ा क्रमशः चौथे और दूसरे स्थान पर रहे थे। चोपड़ा ने 83.54 मीटर के थ्रो से शुरुआत की और फिर 88.05 मीटर का शानदार थ्रो किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 83.72 मीटर का थ्रो किया।</p><p>चौथे प्रयास में उन्हें ‘नो मार्क’ मिला। उन्होंने पांचवा प्रयास नहीं लिया जबकि अपने छठे और अंतिम प्रयास में 82.15 मीटर की दूरी तय की।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 10:23:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/neeraj-chopra-secures-second-place-at-lausanne-diamond-league</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Neeraj Chopra ने Lausanne Diamond League में जीता रजत पदक, पथिरागे शीर्ष पर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/sports/neeraj-chopra-wins-silver-in-lausanne-diamond-league]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक साल से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन शुक्रवार को यहां लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे ने सिर्फ नौ सेंटीमीटर के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया। चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे यह 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी नौ खिलाड़ियों के मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहा।</p><p>चोपड़ा का यह पिछले साल जून के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उन्होंने जून 2025 में पेरिस डायमंड लीग जीतने के दौरान 88.16 मीटर का थ्रो किया था। यह इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी था।</p><p>लेकिन 23 वर्षीय पथिरागे ने इस सत्र में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए अपने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर के थ्रो के साथ चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 86.69 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 09:54:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/sports/neeraj-chopra-wins-silver-in-lausanne-diamond-league</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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