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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय एथलीट्स से की मुलाकात, अवनि लेखरा के सिर पर हाथ रखकर पीएम ने थपथपाया]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/pm-narendra-modi-met-with-paralympians-at-his-residence-today-and-interacted-with-them]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यहां अपने आवास पर भारत के पैरालंपियन खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें हाल ही में संपन्न पेरिस खेलों में रिकॉर्ड 29 पदक जीतने के लिए बधाई दी।
 खेल मंत्रालय द्वारा साझा किए गए 43 सेकेंड के वीडियो में प्रधानमंत्री को पैरालंपियन पदक विजेताओं को बधाई देते और उनसे बात करते हुए देखा जा सकता है। </p><p>
 इस बातचीत के दौरान खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के प्रमुख देवेंद्र झाझडिया भी मौजूद थे। 
 महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1) स्पर्धा में लगातार दूसरा पैरालंपिक स्वर्ण जीतने वाली निशानेबाज अवनि लेखरा और पैरालंपिक पदक जीते वाले भारत के पहले जूडो खिलाड़ी दृष्टिबाधित कपिल परमार उन लोगों में शामिल थे जिन्हें प्रधानमंत्री के साथ तस्वीर खिंचवाते देखा गया।
</p><p> परमार को प्रधानमंत्री मोदी से अपने पदक पर हस्ताक्षर करवाते देखा गया। 
 भारत ने पैरालंपिक खेलों में 29 पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जिसमें अभूतपूर्व सात स्वर्ण, नौ रजत और 13 कांस्य पदक शामिल हैं।
पेरिस खेलों में भारत के 84 सदस्यीय दल ने हिस्सा लिया और तीन साल पहले तोक्यो खेलों में हासिल किए गए 19 पदकों के पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया।
</p><p>इन खेलों के दौरान भारत ने पहली बार एथलेटिक्स की ट्रैक स्पर्धओं में पदक जीतने के अलावा तीरंदाजी में पहली बार स्वर्ण (हरविंदर सिंह के माध्यम से) पदक जीता।
 स्वदेश लौटने पर पैरालंपियन खिलाड़ियों को सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है और खेल मंत्री मांडविया ने स्वर्ण पदक विजेताओं को 75 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 50 लाख रुपये और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये का पुरस्कार दिया।
</p><p>राकेश कुमार के साथ मिलकर कांस्य पदक जीतने वाली बिना हाथ वाली तीरंदाज शीतल देवी जैसे मिश्रित टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 22.5 लाख रुपये की राशि मिली।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 12 Sep 2024 16:09:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/pm-narendra-modi-met-with-paralympians-at-his-residence-today-and-interacted-with-them</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पैरालंपिक पदक विजेताओं का स्वदेश लौटने पर जोरदार स्वागत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/para-athletes-return-home-given-a-grand-welcome-in-delhi]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>&nbsp;पेरिस में हाल ही में संपन्न हुए पैरालंपिक खेलों में 29 पदक जीतने वाले भारत के पैरालंपिक पदक विजेताओं का मंगलवार को यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैकड़ों समर्थकों ने फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ जोरदार स्वागत किया। 
 आज सुबह जब खिलाड़ी हवाई अड्डे से बाहर निकले तो ढोल की थाप और जयघोष के साथ उनका स्वागत किया गया। </p><p>समर्थक, खेल प्रशासक और परिवार के लोग खिलाड़ियों का स्वागत करने पहुंचे। 
 भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘इस भव्य स्वागत के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।’’
सुमित ने 70.59 मीटर के प्रयास के साथ खेलों का अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर एफ64 श्रेणी में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीता। वह मौजूदा विश्व चैंपियन निशानेबाज अवनि लेखरा के बाद पैरालंपिक खिताब का बचाव करने वाला दूसरा भारतीय खिलाड़ी बना। </p><p>
 अवनि ने तोक्यो खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पेरिस खेलों में भी इसी स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वह अपनी स्पर्धाएं पूरी करने के बाद पिछले सप्ताह देश लौटी थीं।
अंतिल ने 2015 में मोटरसाइकिल दुर्घटना में घुटने के नीचे अपना बायां पैर खो दिया था। दुर्घटना से पहले वह सक्षम खिलाड़ियों के वर्ग में पहलवान थे। </p><p>दुर्घटना के बाद घुटने के नीचे उनका पैर काटना पड़ा था।
 अंतिल ने कहा, ‘‘जब आप अच्छी तरह से तैयारी करते हैं, तो आप अपने आप ही आत्मविश्वास महसूस करते हैं। मैं जल्द ही 75 मीटर का आंकड़ा पार करने की कोशिश करूंगा। मैंने कुछ दिनों से चाय नहीं पी है, मैं अपने परिवार के साथ चाय पीना चाहूंगा।’’ 
 पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी कर रहे तीरंदाज हरविंदर सिंह स्वागत से अभिभूत थे। </p><p>बचपन में डेंगू के उपचार के दुष्प्रभावों के कारण उनके पैर खराब हो गए। वह तीन साल पहले तोक्यो में कांस्य पदक के साथ इस खेल में देश के पहले पदक विजेता बनने के बाद पेरिस में पैरालंपिक में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बने। 
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुद को व्यस्त रखना पसंद है। इससे मुझे ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है, दिमाग कम भटकता है। कोई भी व्यक्ति जो परेशान या हारा हुआ महससू करता है, वह पैरा खिलाड़ियों से प्रेरणा ले सकता है।’’
</p><p> समर्थकों ने हरविंदर और साथी तीरंदाज शीतल देवी पर फूलों की वर्षा की। बिना हाथों के पैदा हुई शीतल ने राकेश कुमार के साथ मिश्रित टीम कांस्य पदक जीता जबकि वह व्यक्तिगत पदक से मामूली अंतर से चूक गईं थी। 
 शीतल ने कहा, ‘‘मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। मैं बहुत खुश हूं कि भारत ने तीरंदाजी में दो पदक जीते। हमें अच्छा समर्थन मिला और इसीलिए हमने इतने सारे पदक जीते।’’
</p><p> भारत पदक तालिका में 18वें स्थान पर रहा। 
 अपने छोटे कद के कारण एफ41 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले भाला फेंक खिलाड़ी नवदीप को उनके समर्थकों ने उठाया और उनके साथ जश्न मनाया। नवदीप ने 47.32 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता। 
 भारत ने 84 खिलाड़ियों का दल भेजा था जो खेलों के लिए देश का अब तक का सबसे बड़ा दल था। देश ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण पदक सहित कुल 29 पदक जीते।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 15:02:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/para-athletes-return-home-given-a-grand-welcome-in-delhi</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Paris Paralympics 2024: हरविंदर सिंह-प्रीति पाल रहे भारत के ध्वजवाहक, बेहद रोमांचक रही पैरालंपिक की क्लोजिंग सेरेमनी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-closing-ceremony-harvinder-singh-and-preeti-pal-india-flag-barier]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पेरिस पैरालंपिक 2024 अब समाप्त हो चुका है। भारत ने इस पैरालंपिक में कुल 29 मेडल जीते। भारत ने 7 गोल्ड, 9 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज अपने नाम किए हैं। इससे पहले किसी भी पैरालंपिक में भारत ने इतने मेडल नहीं जीते। भारत ने पहली बार पैरालंपिक में इतने मेडल जीते हैं। वहीं पेरिस पैरालंपिक 2024 की क्लोजिंग सेरेमनी में भारत के ध्वजवाहक हरविंदर सिंह और प्रीति पाल रहे।&nbsp;</div><div><br></div><div>पेरिस पैरालंपिक 2024 क्लोजिंग सेरेमनी की आधिकारिक तौर पर शुरुआत फ्रेंच सिंगर सैंटा के साथ हुई। उन्होंने शानदार अंदाज में सेरेमनी का आगाज किया। पेरिस पैरालंपिक की क्लोजिंग सेरेमनी का नाम पेरिस इज ए पार्टी रखा गया था।&nbsp;</div><div><br></div><div>भारत के लिए हरविंदर सिंह और प्रीति पाल क्लोजिंग सेरेमनी में ध्वजवाहक बने। हरविंदर सिंह ने तीरंदाजी में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं प्रीति ने महिलाओं की 100 और 200 मीटर रेस में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते।&nbsp;</div><div><br></div><div>वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मेनुएल मैक्रों भी पेरिस पैरालंपिक 2024 की क्लोजिंग सेरेमनी का हिस्सा बने। बता दें कि, अब 4 साल बाद अमेरिका पैरालंपिक की मेजबानी करेगा। लॉस एंजिलिस में पैरालंपिक खेलों का आयोजन किया जाएगा। ऐसे में पेरिस पैरालंपिक में क्लोजिंग समारोह में हेंडओवर करने के लिए अमेरिका का नेशनल एंथम भी बजाया गया।</div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 06:36:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-closing-ceremony-harvinder-singh-and-preeti-pal-india-flag-barier</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[ Paris Paralympics 2024 की क्लोजिंग सेरेमनी में होगा धूम धड़ाका, जानें कब, कहां और कैसे फ्री में देखें लाइव]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-closing-ceremony-live-streaming-when-where-to-watch-free]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>दो हफ्ते के बाद पेरिस पैरालंपिक 2024 का समापन आज यानी 8 अगस्त को हो जाएगा। दुनिया भर के खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया और मेडल अपने नाम किए। भारत ने इन खेलों में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भारत ने कुल 19 मेडल जीते थे। लेकिन पेरिस में भारतीय खिलाड़ियों ने इससे आगे का सफर तय किया। भारत ने इस बार कुल 29 मेडल जीते जिसमें सात गोल्ड, 9 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।&nbsp;</div><div><br></div><div>आखिरी दिन पूजा ओझा से मेडल की उम्मीद थी लेकिन वह कायक के महिला सिगंल 200 मीटर केएल 1 में चौथे स्थान पर रहीं और फाइनल में नहीं जा पाईं। इसी के साथ भारत का इन खेलों में सफर खत्म हो गया है। आज ही इन खेलों की क्लोजिंग सेरेमनी भी होनी है।&nbsp;</div><div><br></div><div><b>पेरिस पैरालंपिक की लाइव स्ट्रीमिंग</b></div><div><b>पेरिस पैरालंपिक 2024 की क्लोजिंग सेरेमनी कब होगी?</b></div><div>पेरिस पैरालंपिक 2024 की क्लोजिंग सेरेमनी 8 सितंबर को होगी।</div><div><br></div><div><b>कितने बजे होगी पेरिस पैरालंपिक की क्लोजिंग सेरेमनी?&nbsp;</b></div><div>पेरिस पैरालंपिक की क्लोजिंग सेरेमनी भारत के समयानुसार रात 11.30 बजे होगी।&nbsp;</div><div><br></div><div><b>कहां देख सकते हैं पेरिस पैरालंपिक की&nbsp; क्लोजिंग सेरेमनी?</b></div><div>पेरिस पैरालंपिक की क्लोजिंग सेरेमनी को डीडी स्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स 18 पर देखा जा सकता है।&nbsp;</div><div><br></div><div><b>कहां देख सकते हैं पेरिस पैरालंपिक क्लोजिंग सेरेमनी की लाइव स्ट्रीमिंग?</b></div><div>पेरिस पैरालंपिक क्लोजिंग सेरेमनी की लाइव स्ट्रीमिंग जियो सिनेमा पर देखी जा सकती है।&nbsp;</div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 08 Sep 2024 17:48:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-closing-ceremony-live-streaming-when-where-to-watch-free</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Paris Paralympics 2024: पैरालंपिक 2024 में भारत का बेहतरीन प्रदर्शन, भारत ने रिकॉर्ड 29 पदकों के साथ समापन किया]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-india-won-29-medal-know-all-details]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><span style="font-size: 1rem;">पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत का सफर खत्म हो गया है। 8 सितंबर को कैनो स्प्रिंट में पूजा ओझा विमेंस KL1 200 मीटर फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकीं। मौजूदा गेम्स में भारत काये आखिरी इवेंट रहा। पेरिस पैरालंपिक में भारत का सफर बेहतरीन रहा। अबकी बार भारत ने रिकॉर्ड 29 मेडल हासिल किए। इसमें 7 गोल्ड, 9 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। भारत मेडल टैली में 18वें नंबर पर रहा है। भारत ने मेडल टैली में स्विट्जरलैंड, साउथ कोरिया बेल्जियम और अर्जेंटीन जैसे देशों को पीछे छोड़ा है।</span></div><div><br></div><div>देखा जाए तो पैरालंपिक गेम्स में भारत ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और पिछले रिकॉर्ड्स ध्वस्त हो गए हैं। इससे पहले पैरालंपिक गेम्स में भारत का सर्वश्रेष्ठ ध्वस्त हो गए हैं। इससे पहले पैरालंपिक गेम्स में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन टोक्यो में रहा था। टोक्यो में भारत ने 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। कुल 19 मेडल्स के साथ तब भारत ने 24वां स्थान हासिल किया था।&nbsp;</div><div><br></div><div>वहीं भारत ने इस बार एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा मेडल जीते। इसमें चार गोल्ड मेडल भी शामिल हैं। वहीं दूसरे नंबर पर पैरा बैडमिंटन है जिसमें एक गोल्ड के साथ 5 पदक और आए। पैरा शूटिंग में एक गोल्ड समेत 4 मेडल हासिल हुआ। उधर पैरा आर्चरी में भारत ने एक गोल्ड समेत 2 पदक और पैरा जूडो में 1 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। पहली बार भारत ने पैरालंपिक गेम्स में इतने ज्यादा गोल्ड मेडल जीते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><br></div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 08 Sep 2024 16:47:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-india-won-29-medal-know-all-details</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[ जैवलिन थ्रो में भारत के नवदीप का सिल्वर बदला गोल्ड मेडल में, ईऱानी खिलाड़ी के डिसक्वालीफाई होने का मिला फायदा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-navdeep-winning-7th-gold-medal-for-india-after-irans-athlete-disqualify]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><span style="font-size: 1rem;">पेरिस पैरालंपिक में शनिवार को पुरुषों की भाला फेंक एफ41 फाइनल में ईरान के बेत सयाह सादेघ को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद भारत के नवदीप सिंह के सिल्वर मेडल को गोल्ड में बदल दिया गया। ये पुरुषों की भाला एफ41 श्रेणी में भारत का पहला गोल्ड मेडल पदक है। इसी के साथ भारत के 7 गोल्ड मेडल के साथ कुल 29 पदक हो गए हैं।</span></div><div>नवदीप का पहला प्रयास फाउल रहा लेकिन उन्होंने दूसरे प्रयास में 46.39 मीटर के थ्रो के साथ शानदार वापसी की। तीन साल पहले तोक्यो पैरालंपिक में चौथे स्थान पर रहने वाले नवदीप के तीसरे थ्रो ने स्टेडियम को रोमांचित कर दिया। उन्होंने 47.32 मीटर के विशाल थ्रो के साथ पैरालंपिक रिकॉर्ड को तोड़ दिया और बढ़त बना ली।</div><div><br></div><div>&nbsp;सादेघ ने हालांकि अपने पांचवें प्रयास में भारतीय खिलाड़ी से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 47.64 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो किया। फाइनल की समाप्ति के कुछ समय बाद ईरान के खिलाड़ी को अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिसके कारण नवदीप ने शीर्ष स्थान हासिल किया। सयाह को बार-बार आपत्तिजनक झंडा प्रदर्शित करने के लिए अयोग्य घोषित किया गया। वह अपनी हरकतों से स्वर्ण पदक गवां बैठे। अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के नियम एथलीटों को आयोजन में कोई भी राजनीतिक संकेत देने से रोकते हैं और सयाह को गैर-खेल/अनुचित आचरण के लिए अंतिम परिणामों से बाहर कर दिया गया था।&nbsp;</div><div><br></div><div>इस स्पर्धा का रजत विश्व रिकॉर्ड धारक चीन के सन पेंगजियांग (44.72) के नाम रहा जबकि इराक के नुखाइलावी वाइल्डन (40.46) ने कांस्य पदक जीता। एफ41 श्रेणी छोटे कद के एथलीटों के लिए है। नवदीप ने इस स्वर्ण पदक के साथ तोक्यो खेलों में चौथे स्थान पर रहने की कसक को दूर की। आयकर विभाग में निरीक्षक के पद पर तैनात नवदीप ने 2017 में खेल में आने के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर पांच बार पदक जीते हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में पैरा-विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><br></div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 08 Sep 2024 09:55:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-navdeep-winning-7th-gold-medal-for-india-after-irans-athlete-disqualify</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[ Paralympics 2024: नवदीप ने भाला फेंक में निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से जीता सिल्वर, भारत की झोली में 29वां मेडल ]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-navdeep-won-silver-medal-javelin-throw-india-got-29th-medal]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारत के पैरा भाल फेंक एथलीट नवदीप ने पुरुष भाला फेंक एफ41 स्पर्धा में निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। नवदीप ने अपने तीसरे प्रयास में 47.32 मीटर का थ्रो किया जो उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो रहा। भारत अब तक इस पैरालंपिक में 6 गोल्ड, 10 सिल्वर और 13 कांस्य मेडल समेत 29 पदक जीत चुका है।&nbsp;</div><div><br></div><div>भारत पैरालंपिक के इतिहास में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुका है। उसने टोक्यो पैरालंपिक में पांच गोल्ड सहित कुल 19 पदक जीते थे। नवदीप ने फाउल के साथ शुरूआत की और फिर दूसरे प्रयास में 46.39 मीटर का थ्रो किया। तीसरे प्रयास में हालांकि, वह सभी से आगे निकलने में सफल रहे और उन्होंने पैरालंपिक का रिकॉर्ड तोड़ा। लेकिन पांचवें प्रयास में ईरान के बेइत सायाह सादेग ने 47.64 मीटर का थ्रो किया। और नया पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाकर नवदीप से आगे निकल गए।&nbsp;</div><div><br></div><div>नवदीप ने फिर चौथे प्रयास में फाउल किया, जबकि पांचवें स्थान में 46.05 मीटर का थ्रो किया। इसके बाद अंतिम और छठे प्रयास में फाउल कर बैठे और सादेग से आगे नहीं निकल सके। इस तरह सादेग ने पैरालंपिक रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि इस स्पर्धा का कांस्य पदक चीन के सुन पेंगजियांग ने जीता।&nbsp;</div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 08 Sep 2024 00:02:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-navdeep-won-silver-medal-javelin-throw-india-got-29th-medal</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Paris Paralympic 2024: सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर रेस में जीता ब्रॉन्ज मेडल, भारत की झोली में आया 28वां पदक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympic-2024-simran-sharma-win-bronze-medal-in-womens-200m-t12-event]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत को 28वां मेडल सिमरन शर्मा ने दिलाया है। सिमरन ने महिलाओं की 200मीटर T12 ट्रैक एंड फील्ड में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। <span>भारत अब तक 6 गोल्ड, 9 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है।</span> ट्रैक एंड फील्ड एथलीट में ब्रॉन्ज मेडल जीता है।</div>
<div><span>सिमरन ने 24.75 सेकेंड का नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। क्यूबा की ओमारा डूरंड एलियास ने 23.62 सेकेंड के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि वेनेजुएला की एलेजांद्रा पाओला पेरेज़ लोपेज ने 24.19 सेकेंड के साथ सिल्व मेडल जीता।</span><br></div>

<div>पैरा एथलेटिक्स में ये भारत का 16वां ब्रॉन्ज पदक है। कुल मिलाकर, भारत ने अब तक चल रहे सीजन में 28 पदक जीते हैं। मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन सिमरन के कोच उनके पति गजेंद्र सिंह हैं जो सेना सेवा कोर में कार्यरत हैं। वह नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रशिक्षण लेती हैं। पैरालंपिक खेलों में टी12 श्रेणी दृष्टिबाधित एथलीटों के लिए है।</div>

<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr">Medal No. 2⃣8⃣ for 🇮🇳🤩🥳<a href="https://twitter.com/hashtag/ParaAthletics?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ParaAthletics</a>: Women's 200 M T12 Final👇<br><br>Simran Sharma clinches her first <a href="https://twitter.com/hashtag/Paralympic?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Paralympic</a> medal at <a href="https://twitter.com/hashtag/ParisParalympics2024?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ParisParalympics2024</a>, securing a <a href="https://twitter.com/hashtag/Bronze?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Bronze</a>🥉with a personal best timing of 24.75 seconds. <br><br>Many congratulations, Simran!🥳<br><br>Keep chanting <a href="https://twitter.com/hashtag/Cheer4Bharat?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Cheer4Bharat</a> and… <a href="https://t.co/UeRKuBdLlt">pic.twitter.com/UeRKuBdLlt</a></p>— SAI Media (@Media_SAI) <a href="https://twitter.com/Media_SAI/status/1832480889915502829?ref_src=twsrc%5Etfw">September 7, 2024</a></blockquote> <script async="" src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>]]></description>
      <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 23:26:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympic-2024-simran-sharma-win-bronze-medal-in-womens-200m-t12-event</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ Paris Paralympics 2024: भारत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, जानें पैरालंपिक में ओलंपिक से ज्यादा मेडल जीतने का कारण]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-india-winning-more-medals-in-paralympics-than-olympics-know-how]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पेरिस पैरालंपिक 2024 अपनी समाप्ति की ओर बढ़ चुका है। इस पैरालंपिक में भारतीय एथलीट्स का प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा, इस बार भारत ने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए अभी तक 27 मेडल अपने नाम कर दिए हैं। ये भारतीय खेल प्रेमियों के लिए खुशी और गर्व की बात है। लेकिन इसके सात ही कई लोग इस सफलता से हैरान भी हैं।&nbsp;</div><div><br></div><div>ओलंपिक 2024 में भारत ने इस बार सबसे बड़ा 110 खिलाड़ियों का दल भेजा था। इसके बावजूद भारत एक रजत और पांच कांस्य पदक यानी कुल 6 मेडल ही जीते। इसके अलावा 6 खिलाड़ियों ने चौथा स्थान हासिल किया था।&nbsp;</div><div><br></div><div>जबकि पैरालंपिक 2024 में भारत की तरफ से 84 खिलाड़ियों का दल गया है और इन खिलाड़ियों ने ओलंपिक से चार गुणा ज्यादा मेडल अपने नाम किए हैं। जिससे पूरे देश के लोग हैरान हैं कि, ओलंपिक के मुकाबले पैरालंपिक खेलों में बेहतर प्रदर्शन कैसा किया है?</div><div><br></div><div>वैसे तो इन दोनों टूर्नामेंट की आपसी तुलना ठीक नहीं है। क्योंकि दोनों ही इवेंट में प्रतियोगिताओं का स्तर अलग-अलग होता है। साथ ही इसमें हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की मानसिक और शारीरिक क्षमता भी अलग होती है। जहां ओलंपिक में किसी भी खिलाड़ी के शारीरिक स्तर की परीक्षा होती है या फिर इंसान का शरीर कितनी क्षमता रखता है उसका परीक्षण करता है। दूसरी तरफ पैरालंपिक में किसी व्यक्ति के दृढ़ संकल्प और साहस का परीक्षण होता है।&nbsp;</div><div><br></div><div>पैरालंपिक में ओलंपिक की तुलना में ज्यादा मेडल दिए जाते हैं और कम देश इसमें हिस्सा लेते हैं। पेरिस ओलंपिक में जहां 204 देशों के एथलीट्स ने 32 खेलों में 329 गोल्ड मेडल के लिए हिस्सा लिया जबकि पैरालंपिक में 170 टीमें 22 खेलों में 549 गोल्ड मेडल के लिए हिस्सा ले रही हैं।&nbsp;</div><div><br></div><div>ऐसे में स्वाभाविक तौर पर पैरालंपिक में पदक जीतने की संभावना ज्यादा होती है और जो देश दोनों में ही यानी पैरालंपिक और ओलंपिक में हिस्सा लेते हैं, उनके लिए पैरालंपिक में ज्यादा पदक जीतने की संभावना होती है।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 19:57:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-india-winning-more-medals-in-paralympics-than-olympics-know-how</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ कौन हैं Hokato Sema? जिन्होंने शॉट पुट में अपने नाम किया था ब्रॉन्ज मेडल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/who-hokato-sema-who-won-bronze-medal-in-shot-put-paris-paralympics-2024]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><span style="font-size: 1rem;">पेरिस पैरालंपिक 2024 में होकातो सेमा ने भारत की झोली में शुक्रवार को ब्रॉन्ज मेडल डाला है। होकातो ने पुरुषों की शॉटपुट एफ5 स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ होकातो ने इतिहास रच दिया। वह पैरालंपिक खेलों में मेडल जीतने वाले नागालैंड के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।&nbsp;</span><br></div><div><br></div><div>भारतीय सेना में कार्यरत और वर्तमान में पुणे में रहने वाले दीमापुर में जन्मे सेमा ने 13.88 मीटर से शुरूआत की और फि 14.00 मीटर तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने 14.40 मीटर, 14.65 मीटर, 14.15 मीटर और 13.80 मीटर की दूरी तय की। ये 14.65 मीटर उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी है।&nbsp;</div><div><br></div><div>इसी इवेंट में हिस्सा लेने वाले दूसरे भारतीय एथलीट सोमन राणा 14.07 के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ पांचवें स्थान पर रहे। अपने आखिरी प्रयास के समय वे तीसरे स्थान पर थे, लेकिन फिनलैंड के तीजो कूपिका और होटोजे ने बेहतर प्रदर्शन कर उन्हें मेडल की दौड़ से बाहर कर दिया।&nbsp;</div><div><br></div><div>बता दें कि, 2002 में एलओसी पर एक सैन्य अभियान के दौरान बारूदी सुरंग विस्फोट के कारण सेमा ने अपना बांया पैर खो दिया। लेकिन इससे उनकी उम्मीदें डगमगाईं नहीं और उन्होंने 32 साल की उम्र में शॉटपुट करने का फैसला किया।&nbsp;<br></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 14:26:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/who-hokato-sema-who-won-bronze-medal-in-shot-put-paris-paralympics-2024</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ Paris Paralympics 2024: कैनोइंग में प्राची-यश का बेहतरीन प्रदर्शन, कस्तूरी राजामणि ने किया निराश]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-9th-day-of-india-prachi-yadav-kasturi-rajamani-praveen-gold]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><span style="font-size: 1rem;">पेरिस पैरालंपिक 2024 भारत के लिए अब तक बेहतरीन रहा है। भारत के&nbsp; खाते में अभी तक कुल 26 मेडल आ चुके हैं, जो किसी भी पैरालंपिक में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक में भारत ने 19 मेडल जीते थे। हालाकि, पैरालंपिक 2024 के 9वें दिन उम्मीद थी कि भारत अपने 30 मेडल पूरे कर लेगा ऐसा नहीं हो पाया। जहां पुरुष भाला फेंक एफ54 फाइनल में दीपेश कुमार ने निराश किया तो कस्तूरी राजमणि&nbsp; भी महिलाओं के 67किग्रा फाइनल में आठवें स्थान पर रहीं।&nbsp;</span><br></div><div><b style="font-size: 1rem;">&nbsp;</b></div><div><b style="font-size: 1rem;">प्राची-यश का कैनोइंग में बेहतरीन प्रदर्शन</b><br></div><div>भारत की पैराकेनो एथलीट प्राची यादव ने शानदार प्रदर्शन किया है। वे कैनोइंग के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। प्राची के साथ-साथ यश कुमार भी क्वालीफाई कर चुके हैं।&nbsp;</div><div><br></div><div><b>फाइनल में पहुंचे दिलीप</b></div><div>भारतीया पैरा एथलीट दिलीप गावित ने शानदार प्रदर्शन किया। वे मेंस 400 मीटर रेस के फाइनल में पहुंच गए हैं। दिलीप अपनी हीट में 49.54 के टाइम के साथ तीसरे स्थान पर रहे।&nbsp;</div><div><br></div><div><b>प्रवीण ने गोल्ड मेडल जीता</b></div><div>प्रवीण कुमार ने कमाल कर दिया है। उन्होंने हाई जम्प टी64 में भारत गोल्ड मेडल दिला दिया है। भारत के हिस्से में ये छठा गोल्ड है। प्रवीण ने 2.08 मीटर की छलांग लगाई है।&nbsp;</div><div><br></div><div>वहीं महिला पावरलिफ्टिंग 67किलो ग्राम में भारत की कस्तूरी राजामणि आठवें स्थान पर रहीं। वह 106 किलो ही उठा पाईं जिसके बाद वह मेडल से चूक गईं। इस इवेंट में चीन की वाई जे तान ने 142 किलो भार उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।<br></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 00:23:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-9th-day-of-india-prachi-yadav-kasturi-rajamani-praveen-gold</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Paris Paralympics 2024: पैरालंपिक 2024 के समापन सेरेमनी में हरविंदर सिंह और प्रीति होंगे भारत के ध्वजवाहक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-archer-harvinder-singh-and-preeti-to-be-india-flag-bearers-in-closing-ceremony]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पेरिस पैरालंपिक 2024 अपने समाप्ती की तरफ बढ़ रहा है। पैरालंपिक 2024 में भारत का प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा है। वहीं रविवार को पैरालंपिक 2024 का समापान समारोह होगा। जिसमें तीरंदाज हरविंदर सिंह और पैरालंपिक में दो ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली प्रीति पाल भारत के ध्वजवाहक होंगे। बता दें कि, हरविंदर सिंह ने पैरालंपिक में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बनकर इतिहास रचा था।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;">हरविंदर ने कहा कि समापन समारोह के दौरान भारतीय ध्वज पकड़ना उनके लिए सर्वोच्च सम्मान की बात की है जिसका उन्होंने सपना देखा था। उन्होंने कहा कि, भारत के लिए स्वर्ण जीतना ऐसा सपना था जो पूरा हो गया है। अब समापन समारोह में ध्वजवाहक बनने का सर्वोच्च सम्मान मिलना जो मेरा सपना था वो पूरा हो रहा है। ये जीत उन सभी लोगों की है जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया और मुझे उम्मीद है कि मैं उन लोगों को प्रेरित करूंगा जो सपने पूरा करना चाहते हैं।&nbsp;</span><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">प्रीति ने पेरिस पैरालंपिक में महिला टी35 स्पर्धा में 100 मीटर और मीटर में क्रमश: 14.21 सेकेंड और 30.01 सेकेंड के साथ कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कहा कि वह इस खबर से&nbsp; रोमांचित हैं। उन्होंने कहा कि ध्वजवाहक के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात है। ये पहल सिर्फ मेरे लिए नहीं है, जबकि सबी पैरा एथलीटों के लिए है जिन्होंने अपनी क्षमता से आगे बढ़कर देश को गौरवान्वित किया है। मैं समापन समारोह में अपनी अभूतपूर्व टीम का नेतृत्व करने के लिए रोमांचित हूं।&nbsp;</span><br></p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 19:05:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-archer-harvinder-singh-and-preeti-to-be-india-flag-bearers-in-closing-ceremony</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[कौन हैं प्रवीण कुमार? जिन्होंने अपनी कमजोरी को ताकत बनाकर 3 साल में जीते 2 पैरालंपिक मेडल ]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/who-is-praveen-kumar-won-the-gold-medal-in-paris-paralympics-in-high-jumps]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत के प्रवीण कुमार ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने इस इवेंट में 2.08 मीटर ऊंची जंप के साथ गोल्ड अपने नाम किया। इसके साथ ही प्रवीण का ये प्रदर्शन एशियन रिकॉर्ड भी है, वो पहले एशियाई एथलीट हैं जिसने पैरालंपिक में इतना शानदार प्रदर्शन किया।&nbsp;</div><div><br></div><div>प्रवीण कुमार ने कभी भी अपनी कमजोरी को अपने प्रदर्शन के सामने नहीं आने दिया। उन्होंने इसके लिए काफी मेहनत किया है, उन्होंने अपनी कमजोरी को ताकत में बदला और तभी जाकर वो इतिहास रचने में कामयाब हुए। प्रवीण पैरालंपिक में 2 मेडल जीत चुके हैं, 2021 टोक्यो पैरालंपिक में उन्होंने सिल्वर जीता था तो अब पेरिस पैरालंपिक में उन्होंने सिल्वर को गोल्ड में बदल दिया है।&nbsp;</div><div><br></div><div>प्रवीण कुमार यूपी के नोएडा के रहने वाले हैं और जब वो पैदा हुए थे तो उनका एक पांव छोटा था। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने कभी अपने हौंसले को पस्त नहीं होने दिया। प्रवीण कुमार के एक पांव में परेशानी जरूर थी लेकिन खेल को लेकर उनका जुनून कमाल ही था। दिलचस्प बात ये है कि प्रवीण को वॉलीबॉल में काफी ज्यादा दिलचस्पी थी लेकिन उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव तब हुआ जब इस खिलाड़ी ने पहली बार एक हाई जंप प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रवीण कुमार ने एक सामान्य श्रेणी के हाई जंप प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और वहां से लोगों को उनके टैलेंट के बारे में पता चला।&nbsp;</div><div><br></div><div>प्रवीण कुमार ने एक सामान्य श्रेणी के हाई जंप प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और वहां से लोगों को उनके टैलेंट के बारे में पता चला। इसके बाद पैरा एथलेटिक्स कोच डॉक्टर सत्यपाल सिंह ने प्रवीण को निखारा। प्रवीण कुमार ने कड़ी मेहनत के दम पर 2019 में स्विट्जरलैंड में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स जूनियर चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। 2021 में ये खिलाड़ी दुबई में हुई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स फाजा ग्रां प्री में गोल्ड मेडल जीता।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 18:16:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/who-is-praveen-kumar-won-the-gold-medal-in-paris-paralympics-in-high-jumps</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Paris Paralympic 2024: प्रवीण कुमार ने हाई जंप में जीता गोल्ड मेडल, भारत को मिला 26वां पदक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/praveen-kumar-to-win-the-gold-medal-in-the-mens-high-jump-t64-event-in-paralympic-2024]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पेरिस पैरालंपिक 2024 के 9वें दिन भारत को गोल्ड मेडल मिला है। पुरुषों की हाई जंप टी54 इवेंट में प्रवीण कुमार ने गोल्ड मेडल जीता है। इसके साथ ही भारत की झोली में 26वां मेडल आ गया है। प्रवीण ने हाई जंप में 2.08 मीटर की कूद से एशियाई रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया। भारत का पेरिस पैरालंपिक में प्रदर्शन बेहतरीन रहा है, जिसमें देश ने अभी तक 6 गोल्ड, 9 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज अपने नाम किए हैं।&nbsp;</p><p>प्रवीण ने टोक्यो में सिल्वर मेडल जीता था जिसे इस बार पेरिस में उन्होंने गोल्ड में बदल दिया है। साथ ही उन्होंने पुरुषों की ऊंची कूद टी64 इवेंट में एशियाई रिकॉर्ड भी तोड़ा है। नोएडा के रहने वाले 21 वर्षीय प्रवीण ने 6-जम्पर फील्ड में 2.08 मीटर की सीजन की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और पोडियम पर टॉप स्थान हासिल किया।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;">वहीं यूएसए के डेरेक लोकिडेंट ने 2.06 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ सिल्वर मेडल जबकि उज्बेकिस्तान के टेमुरबेक गियाजोव तीसरे स्थान पर रहे। टेमुरबेक गियाजोव ने 2.03 मीटर छलांग लगाई। ये उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।&nbsp;&nbsp;</span><br></p>


<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr">Another Gold for India 🥳<br><br>Praveen Kumar soars to incredible heights, clinching the Gold Medal in the Men's High Jump T64 at <a href="https://twitter.com/hashtag/Paralympics2024?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Paralympics2024</a>! 🥇👏<a href="https://twitter.com/hashtag/Paris2024?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Paris2024</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Cheer4Bharat?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Cheer4Bharat</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Paralympics2024?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Paralympics2024</a><a href="https://twitter.com/mansukhmandviya?ref_src=twsrc%5Etfw">@mansukhmandviya</a> <a href="https://twitter.com/IndiaSports?ref_src=twsrc%5Etfw">@IndiaSports</a> <a href="https://twitter.com/MIB_India?ref_src=twsrc%5Etfw">@MIB_India</a> <a href="https://twitter.com/PIB_India?ref_src=twsrc%5Etfw">@PIB_India</a> <a href="https://twitter.com/DDNewslive?ref_src=twsrc%5Etfw">@DDNewslive</a> <a href="https://twitter.com/ParalympicIndia?ref_src=twsrc%5Etfw">@ParalympicIndia</a>… <a href="https://t.co/szYTJMY4Kv">pic.twitter.com/szYTJMY4Kv</a></p>— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) <a href="https://twitter.com/ddsportschannel/status/1832016580231712778?ref_src=twsrc%5Etfw">September 6, 2024</a></blockquote> <script async="" src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>]]></description>
      <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 16:45:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/praveen-kumar-to-win-the-gold-medal-in-the-mens-high-jump-t64-event-in-paralympic-2024</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Paris Paralympics 2024: हरविंदर-पूजा ने किया निराश, सिमरन और अशोक भी नहीं जीत पाए मेडल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-day-8th-of-india-harvinder-singh-pooja-simran-sharma-and-ashoke-missed-the-medal]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>&nbsp;पेरिस पैरालंपिक 2024 के 8वें दिन तक भारत को कुल 25 मेडल मिल चुके हैं। 8वें दिन भारत को निराशा मिली है, जहां भारत को पैरा शूटिंग, पैरा आर्चरी और एथलेटिक्स के कुछ खेलों में एथलीट्स ने निराश किया। हालांकि, आज भारत ने ब्लाइंड जूडो में ब्रॉन्ज मेडल जीता।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><div>जहां भारत को 8वें दिन 8 मेडल की उम्मदी थी, जिसमें उसे निराशा मिली है। दिन की शुरुआत में मिक्स्ड 50 मीटर राइफल प्रोन एसएच1 इवेंट से शुरू हुई। इस इवेंट में भारत के बाबू सिद्धार्थ 615.8 के स्कोर के साथ 22वें और मोना अग्रवाल 610.5 के स्कोर के साथ 30वें पायदान पर रहीं।&nbsp;</div><div><b><br></b></div><div><b>&nbsp;मिक्स्ड आर्चरी में भारत को मिली निराशा</b></div><div>वहीं भारत को मिक्स्ड आर्चरी में भी निराशा मिली। हरविंदर सिंह और पूजा की जोड़ी ब्रॉन्ज मेडल मैच में इटली की जोड़ी एलिसाबेटा मज्नो और स्टेफानो ट्रैविसानी के खिलाफ 2-6 से हा गई थी।&nbsp;</div><div><b>&nbsp;</b></div><div><b>सिमरन शर्मा मेडल से चूकीं&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">वहीं सिमरन शर्मा महिलाओं की 100 मीटर टी12 स्पर्धा के फाइनल में मेडल से चूक गई। सिमरन फाइनल में 12.31 समय के साथ चौथे नंबर पर रहीं। इस रेस में क्यूबा की ओ डूरंद ने 11.81 समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। जबकि दूसरे नंबर यूक्रेन की एथलीट और तीसरे पर जर्मनी की एथलीट रहीं।&nbsp;</span><br></div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 23:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-day-8th-of-india-harvinder-singh-pooja-simran-sharma-and-ashoke-missed-the-medal</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ Paris Paralympics 2024: कपिल परमार ने जूडो में जीता ब्रॉन्ज, भारत के खाते में आया 25वां मेडल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-kapil-permar-win-bronze-medal-in-judo]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पैरालंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रदर्शन जारी है। गुरुवार को भारत को जूडो में भी मेडल मिला है। जहां कपिल परमार ने पुरुषों के 60किलो J1 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। कपिल ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में ब्राजील के एलिटन डी ओलिवेलिया को 33 सेकंड में इप्पन से मात दी। ये भारत का पेरिस पैरालंपिक में 25वां मेडल है।</p><p><span style="font-size: 1rem;">बता दें कि, ये भारत का पैरालंपिक में जूडो में पहला मेडल है। इससे पहले कपिल को सेमीफाइनल में 0-10 से हार मिली थी। उन्हें इरान के बनीताबा ने मात दी थी। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में वेनेजुएला के मार्को डेनिस ब्लांको को 10-0 से शिकस्त दी थी। कपिल को दोनों मुकाबलों एक पीला कार्ड मिला था।</span><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">J1 कैटेगरी में वह खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जो बिल्कुल नहीं देख पाते हैं या फिर बहुत कम देख पाते हैं। उनके कपड़ों पर लाल रंग के सर्कल बने होते हैं। उन्हें चलने के लिए, मैच के बाद उससे पहले मदद के लिए सिगनल देने का जरिया होता है।&nbsp;</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;कौन है कपिल परमार?</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></b></p><p>कपिल परमार मध्य प्रदेश के शिवोर नाम के एक छोटे से गांव से हैं। बचपन में परमार के साथ एक दुर्घटना हुई थी। जब वह अपने गांव के खेतों में खेल रहे थे और गलती से पानी के पंप को छू लिया जिससे उन्हें बिजली का जोरदार झटका लगा। बेहोश परमार को अस्पताल ले जाया गया और वह छह महीने तक कोमा में रहे। वह चार भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे हैं।&nbsp;</p><p>परमार के पिता टैक्सी चालक हैं जबकि उनकी बहन एक प्राथमिक विद्यालय चलाती है। इस असफलता के बावजूद परमार ने जूडो के प्रति अपने जुनून को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने अपने मेंटोर और कोच भगवान दास और मनोज की बदौलत जूडो में अपने जुनून को आगे बढ़ाना जारी रखा। परमार जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने भाई ललित के साथ मिलकर एक चाय की दुकान चलाते। ललित उनकी प्रेरणा का स्रोत हैं और आज भी उनकी वित्तीय सहायता का मुख्य स्रोत हैं।<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p>



<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/ParaJudo?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ParaJudo</a>🥋: Men's J1 - 60 Kg <a href="https://twitter.com/hashtag/Bronze?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Bronze</a> Medal🥉 Match <a href="https://twitter.com/hashtag/ParisParalympics2024?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ParisParalympics2024</a>🇫🇷 debutant Kapil Parmar clinches a historic <a href="https://twitter.com/hashtag/Bronze?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Bronze</a>🥉, beating Brazil's🇧🇷 Elielton de Oliveira 10-0 via an Ippon.<br><br>It is also a first-ever medal🏅 for India🇮🇳 in <a href="https://twitter.com/hashtag/ParaJudo?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ParaJudo</a> in the history of… <a href="https://t.co/25xhp8eM7K">pic.twitter.com/25xhp8eM7K</a></p>— SAI Media (@Media_SAI) <a href="https://twitter.com/Media_SAI/status/1831707115070914651?ref_src=twsrc%5Etfw">September 5, 2024</a></blockquote> <script async="" src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>]]></description>
      <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 21:03:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-kapil-permar-win-bronze-medal-in-judo</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ Paris Paralympics 2024: विमेंस 100m रेस के फाइनल में पहुंची सिमरन शर्मा, गोल्ड मेडल की उम्मीद]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-simran-sharma-qualify-for-final-in-womens-100m-t12-event]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><span style="font-size: 1rem;">पेरिस पैरालंपिक के 8वें दिन भारत को सिमरन शर्मा से गोल्ड मेडल की उम्मीद है। सिमरन ने गुरुवार को स्टेड डी फ्रांस में सेमीफाइनल 2 में 12.33 सेकेंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहने के बाद महिलाओं की 100मीटर टी12 फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">वह&nbsp; अपने गाइड अभय सिंह के साथ बेहतरीन दौड़ी और दूसरा स्थान हासिल किया। जबकि पहले स्थान पर जर्मनी की कैटरीन म्यूलर रॉटगार्ड रहीं।</span><br></div><div>&nbsp;</div><div>सिमरन ने तीसरी सबसे&nbsp; तेज धावक के रूप में फाइनल में अपनी जगह बनाई है। नियम के अनुसार, प्रत्येक सेमीफाइनल में प्रथम स्थान प्राप्त धावक और अगले 2 सबसे तेज धावक फाइनल में आगे बढ़ते हैं। क्यूबा की ओमारा डूरंड पहले सेमीफाइनल में टॉप पर रहीं।&nbsp;</div><div><br></div><div>ओमारा ने सेमीफाइनल में 12.01 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। उसके बाद जर्मनी की म्यूलर रॉटगार्ड और सिमरन रहीं। यूक्रेन की ओक्साना बोटुरचुक 12.36 सेकंड के समय के साथ फाइनल में जगह पक्की करने वाली चौथी और आखिरी धाविका रहीं।&nbsp;</div><div><br></div><div>बता दें कि, सिमरन जन्म से ही दृष्टिबाधित है। अपने पति गजेंद्र सिंह जो आर्मी सर्विस कोर के लिए काम करते हैं द्वारा वह नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में ट्रेनिंग लेती हैं।&nbsp;<br></div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 19:44:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-simran-sharma-qualify-for-final-in-womens-100m-t12-event</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Paris Paralympics 2024: चंबल की ये बेटियां भारत को दिलाएंगे मेडल, पैरालंपिक 2024 के लिए तैयार हैं पूजा और प्राची]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-prachi-yadav-pooja-ohja-will-participate-in-canoe-on-6-september]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत का अभी तक का प्रदर्शन कमाल का रहा है। भारतीय पैरा एथलीट्स शानदार प्रदर्शन कर अपने नाम मेडल कर रहे हैं। अभी तक भारत ने 24 मेडल जीत लिए हैं, जिसमें से 5 गोल्ड, 9 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज शामिल हैं। पैरा खिलाड़ियों के लिए जीत का राह आसान नहीं होती, प्रतिस्पर्धा में खुद को साबित करना उस खेल से भी बड़ी चुनौती होती है। जिसमें दूसरे खिलाड़ियों से आगे निकलना है। खासकर पानी से जुड़ा हुआ खेल अच्छे अच्छों के पसीना ला देता है। फिर कैनो जैसे खेल में पैरों से दिव्यांग खिलाड़ी बोट चलाकर रेस करते हैं, तो उनके हौसले कितने मजबूत होते हैं। इसी की मिसाल है प्राची यादव और पूजा ओझा।&nbsp;</div><div><br></div><div>चंबल की इन दो बेटियों के हौसले काफी मजबूत हैं जिससे वे दुनिया की सबसे अहम प्रतिस्पर्धा पेरिस में आयोजित पैरालंपिक खेलों तक पहुंच गई हैं। मध्य प्रदेश के चंबल अंचल की पूजा ओझा और प्राची यादव पैरालंपिक के कैनो खेल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी जो कि 6 सितंबर यानी शुक्रवार को खेला जाएगा।&nbsp;</div><div><br></div><div>पूजा और प्राची दोनों खिलाड़ी पैरों से दिव्यांग हैं, लेकिन जहां प्राची यादव अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भारत को 10 मेडल दिला चुकी हैं, इनमें गोल्ड मेडल की संख्या ज्यादा है। वहीं पूजा 6 इंटरनेशनल गोल्ड जीत चुकी हैं। इसके अलावा दो एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल और दो बार पैरा कैनो वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल ला चुकी हैं। अब इन दोनों खिलाड़ियों की नजर पेरिस पैरालंपिक में इतिहास रचने पर है।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 19:34:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-prachi-yadav-pooja-ohja-will-participate-in-canoe-on-6-september</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Paris Paralympics 2024: मेंस क्लब थ्रो में धरमबीर ने गोल्ड तो प्रणव ने जीता सिल्वर, भारत की झोली में कुल 24 मेडल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-dharmbir-win-gold-and-pranav-got-silver-medal-in-mens-club-throw]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पेरिस पैरालंपिक का सातवां दिन भारत केलिए बेहतरीन रहा। जहां भारत की&nbsp; झोली में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल आया, इसके साथ ही अब इंडिया के कुल 24 मेडल हो गए हैं। वहीं सातवां दिन खत्म होते होते मेंस क्लब थ्रो में धरमबीर ने गोल्ड तो प्रणव ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।</p><p>दरअसल, भारत ने क्लब थ्रो में डबल पोडियम फिनिश किया। जिसमें धरमबीर ने 34.92 मीटर के थ्रो करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। जबकि प्रणव सूरा ने 34.59 के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता। भारत के ही अमित कुमार इस इवेंट में 10वें स्थान पर रहे। उनका इस इवेंट में सर्वश्रेष्ठ थ्रो 28.96 का रहा। बता दें कि, ये भारत का मौजूदा खेलों में पांचवां गोल्ड और 8वां सिल्वर है।&nbsp;</p><p>इससे पहले&nbsp;भारत के तीरंदाज हरविंदर सिंह ने आर्चरी में इतिहास रचते हुए पैरालंपिक्स में पहला गोल्ड मेडल जीता है।&nbsp;</p><p>&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 04:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/paris-paralympics-2024-dharmbir-win-gold-and-pranav-got-silver-medal-in-mens-club-throw</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Paris Paralympics 2024:  हरविंदर सिंह ने रचा इतिहास, पैरालंपिक्स में भारत को आर्चरी में पहली बार दिलाया गोल्ड मेडल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/harvinder-singh-creates-history-wins-gold-medal-in-archery-becoming-the-1st-indian-at-paralympics]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><span style="font-size: 1rem;">पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारतीय खिलाड़ी आए दिन नई ऊंचाइयां छू रहे हैं। खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में भारत की झोली में चौथा गोल्ड और 22वां मेडल आ गया है। दरअसल, भारत के तीरंदाज हरविंदर सिंह ने आर्चरी में इतिहास रचते हुए पैरालंपिक्स में पहला गोल्ड मेडल जीता है।</span><br></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">पुरुषों की व्यक्तिगत रिकर्व ओपन के फाइनल में 33 वर्षीय हरविंदर सिंह ने पोलैंड के लुकाज सिजेक को 6-0 से हराया। मौजूदा पैरालंपिक में भारत का ये चौथा गोल्ड मेडल रहा। भारत के पदकों की संख्या अब 22 हो गई है। भारत अब तक 4 गोल्ड, 7 सिल्वक और 11 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है।&nbsp;</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div><div>हरविंदर ने चीनी ताइपे के सेंग लुंग हुई को 7-3 से पराजित करने के बाद प्री-क्वार्टरफाइनल में इंडोनेशिया के सेतियावान को 6-2 से हराया था। फिर उन्होंने क्वार्टरफाइनल में कोलंबिया के हेक्टर जूलियो रमीरेज को 6-2 से शिकस्त दी। इसके बाद हरविंदर ने सेमीफाइनल में ईरान के मोहम्मद रेजा को 7-3 से हराकर फाइनल में एंट्री की।&nbsp;</div><div><br></div><div><b>कौन हैं हरविंदर सिंह?</b></div><div>हरियाणा के अजीत नगर के किसान परिवार में जन्मे हरविंदर को महज 1.5 साल में ही डेंगू हो गया था। जिस कारण उनको उपचार के लिए इंजेक्शन लगाए गए थे, लेकिन दुर्भाग्य से इंजेक्शन के साइड इफेक्ट से उनके पैरों की गतिशीलता चली गई। वहीं कई चुनौतियों को पार कर वह तीरंदाज बने और 2017 में पैरा तीरंदाजी वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू कर सातवें स्थान पर रहे।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><br></div>


<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr">𝗖𝗵𝗮𝗸 D𝗲 Ph𝗮𝘁𝘁𝗲, G𝗼𝗹𝗱 A𝗮 G𝘆𝗮 Ji🥳<br><br>Result Update: <a href="https://twitter.com/hashtag/ParaArchery?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ParaArchery</a>🏹 Men's Individual Recurve Open Final👇🏻<br><br>The man-in-form <a href="https://twitter.com/ArcherHarvinder?ref_src=twsrc%5Etfw">@ArcherHarvinder</a> created history by becoming the first and only <a href="https://twitter.com/hashtag/Archer?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Archer</a> from India🇮🇳 to clinch a <a href="https://twitter.com/hashtag/Gold?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Gold</a> medal🥇at the <a href="https://twitter.com/hashtag/Paralympics?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Paralympics</a> or the… <a href="https://t.co/2CyfdVBbh7">pic.twitter.com/2CyfdVBbh7</a></p>— SAI Media (@Media_SAI) <a href="https://twitter.com/Media_SAI/status/1831394074185932828?ref_src=twsrc%5Etfw">September 4, 2024</a></blockquote> <script async="" src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>]]></description>
      <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 23:30:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/olympics2024/harvinder-singh-creates-history-wins-gold-medal-in-archery-becoming-the-1st-indian-at-paralympics</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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