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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
    <link>https://www.prabhasakshi.com/</link>
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      <title><![CDATA[भारत सरकार की बड़ी एडवाइजरी जारी, नागरिकों को ईरान की 'गैर-जरूरी' यात्रा न करने की सलाह | Check Advisory]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/major-advisory-from-government-of-india-citizens-advised-against-non-essential-travel-to-iran]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते के बावजूद मध्य पूर्व (Middle East) में पूरी तरह अनिश्चितता खत्म नहीं हुई है। इसी पृष्ठभूमि में तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक नई और संशोधित सुरक्षा एडवाइजरी (Security Advisory) जारी की है। इस एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की सभी 'गैर-जरूरी' यात्राओं (Non-essential travel) से बचने की सख्त सलाह दी गई है।दूतावास ने स्पष्ट किया है कि भले ही हाल के दिनों में कुछ सकारात्मक घटनाक्रम हुए हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यात्रियों को अभी अपनी यात्रा योजनाएं टाल देनी चाहिए।</div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">हाल के सकारात्मक घटनाक्रमों को मानते हुए भी, दूतावास ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे आगे की जानकारी मिलने तक अपनी यात्रा की योजना टाल दें।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह एडवाइज़री ईरान और अमेरिका द्वारा इलाके में तीन महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के मकसद से एक शांति समझौते को मंज़ूरी देने के कुछ ही दिनों बाद आई है।</span></div><div><br></div><div>जो लोग अभी ईरान में हैं या ज़रूरी यात्रा की योजना बना रहे हैं, उनसे दूतावास ने सावधानी बरतने, सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने के साथ-साथ आधिकारिक चैनलों के ज़रिए जानकारी अपडेट रखने का आग्रह किया है।</div><div><br></div><div>एडवाइज़री में कहा गया, "तेहरान में भारतीय दूतावास, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान में मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है। हाल के सकारात्मक घटनाक्रमों और कुल मिलाकर स्थिति में सुधार को देखते हुए, दूतावास उन भारतीय नागरिकों के लिए निम्नलिखित संशोधित एडवाइज़री जारी करना चाहता है जो ईरान की यात्रा करने पर विचार कर रहे हैं।"</div><div><br></div><div>एडवाइज़री में कहा गया, "हालिया सुधारों के बावजूद, भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अगली सूचना तक ईरान की सभी गैर-ज़रूरी यात्राओं से बचना जारी रखें।"</div><div><br></div><div>इसके अलावा, जो भारतीय ईरान में हैं या यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें तेहरान में दूतावास के पास अपनी जानकारी रजिस्टर कराने की सलाह दी गई है। नागरिकों से यह भी कहा गया है कि वे ज़रूरी निर्देशों और अपडेट के लिए दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नियमित रूप से देखते रहें।</div><div><br></div><div>इसमें आगे कहा गया, "अभी ईरान में मौजूद और ईरान आने वाले सभी भारतीय नागरिकों को पुरज़ोर सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द तेहरान में भारतीय दूतावास के पास अपनी जानकारी रजिस्टर कराएं। उन्हें यह भी सलाह दी जाती है कि वे अपडेट और भविष्य में जारी होने वाली किसी भी एडवाइज़री के लिए दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से नज़र रखें।"</div><div><br></div><div><b>ईरान-अमेरिका शांति समझौता</b></div><div>गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका मध्य पूर्व में संघर्ष को खत्म करने के लिए 14-सूत्रीय प्रस्ताव पर सहमत हुए हैं। इस प्रस्ताव को अमली जामा पहनाने के लिए हाल ही में स्विट्ज़रलैंड में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने बातचीत की थी। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के साथ हालिया शांति वार्ता ने एक मज़बूत आधार तैयार किया है, जो फरवरी के आखिर में शुरू हुए संघर्ष को खत्म करने के लिए अंतिम समझौते का रूप ले सकता है। वेंस ने पत्रकारों से कहा, “असली काम तो घर बनाना है। हमने नींव रखी है। हमने घर तो नहीं बनाया है, लेकिन अमेरिकी लोगों के लिए एक अच्छी स्थिति तक पहुँचने के लिए हमने एक मज़बूत नींव ज़रूर रखी है।”</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="zxx" dir="ltr"><a href="https://t.co/xM0GZz9wBB">pic.twitter.com/xM0GZz9wBB</a></p>— India in Iran (@India_in_Iran) <a href="https://x.com/India_in_Iran/status/2069631904727670841?ref_src=twsrc%5Etfw">June 24, 2026</a></blockquote> ]]></description>
      <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 11:55:37 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/major-advisory-from-government-of-india-citizens-advised-against-non-essential-travel-to-iran</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA['पत्नी पति की तलाश में', Udhayanidhi Stalin की निजी टिप्पणी पर TVK का तीखा पलटवार, Tamil Nadu की राजनीति में भूचाल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/wife-in-search-of-husband-tvk-sharp-retort-to-udhayanidhi-stalin-personal-remark-sparks]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>तमिलनाडु की सियासत में उस समय भारी घमासान मच गया जब सत्तारूढ़ DMK और नवगठित पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के बीच का राजनीतिक टकराव बेहद निजी और तीखे हमलों में बदल गया। विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा मुख्यमंत्री विजय पर की गई एक बेहद निजी टिप्पणी के बाद दोनों दलों के बीच तलवारें खिंच गई हैं। यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री विजय द्वारा विधानसभा में DMK सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों और उसके जवाब में उदयनिधि द्वारा किए गए पलटवार के बाद शुरू हुआ।&nbsp;</div><div><b>&nbsp;</b></div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/beauty/summer-sun-tan-darkened-hands-3-home-remedies-restore-your-lost-glow-in-minutes" target="_blank">Beauty Tips: Summer में Sun Tan ने कर दिए हाथ काले? ये 3 Home Remedies मिनटों में लौटाएंगी खोया हुआ Glow</a></h3><div><b><br></b></div><div><b>विजय की टिप्पणियों से विपक्ष का विरोध</b></div><div>विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान, विजय ने पिछली DMK सरकार पर पार्टी फंड इकट्ठा करने के नाम पर जनता के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि TVK सरकार भ्रष्टाचार या जनता के पैसे के दुरुपयोग की इजाजत नहीं देगी।</div><div><br></div><div>उनकी टिप्पणियों पर DMK सदस्यों ने तुरंत आपत्ति जताई और उदयनिधि स्टालिन ने मांग की कि ऐसे आरोपों के समर्थन में सबूत पेश किए जाएं। विरोध के बावजूद, स्पीकर ने विजय को अपना भाषण जारी रखने की अनुमति दी, जिसके चलते विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।</div><div><br></div><div><b>उदयनिधि ने विजय पर निजी हमला किया</b></div><div>विधानसभा सत्र के बाद, उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर तीखा हमला बोला। किसानों के बारे में विजय की टिप्पणियों और विधानसभा में उनकी "छोटी कहानी" वाली बात का जिक्र करते हुए, उदयनिधि ने मुख्यमंत्री पर किसानों का अपमान करने का आरोप लगाया।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/crime/lohagad-fort-murder-mystery-how-hoodie-worn-by-the-killer-foiled-the-fiance-perfect-crime-plan" target="_blank">Lohagad Fort Murder Mystery | कातिल की एक 'हुडी' ने कैसे फेल कर दिया मंगेतर का परफेक्ट क्राइम प्लान? एक गलती और सलाखों के पीछे आरोपी</a></h3><div><br></div><div>इसके बाद वे राजनीतिक आलोचना से हटकर निजी हमले पर उतर आए और "चेंगलपट्टू कोर्ट में पति की तलाश कर रही पत्नी" का जिक्र किया - जो जाहिर तौर पर विजय और उनकी पत्नी संगीता सोरनालिंगम के बीच चल रही तलाक की कार्यवाही की ओर इशारा था।</div><div><br></div><div>यह टकराव तब शुरू हुआ जब विजय ने विधानसभा में अपने भाषण के दौरान "गुमशुदा व्यक्ति" की कहानी सुनाई, जिसे DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन पर तंज के तौर पर देखा गया। अपने लगभग 45 मिनट के भाषण को खत्म करने से पहले, विजय ने एम.के. स्टालिन से जुड़े एक खास हाथ के इशारे को भी दोहराया, जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने तालियां बजाईं और मेजें थपथपाईं।</div><div><br></div><div><b>TVK का DMK पर पलटवार</b></div><div>उदयनिधि की टिप्पणियों का जवाब देते हुए, TVK ने DMK पर भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े सवालों से बचने और इसके बजाय निजी हमले करने का आरोप लगाया। पार्टी ने एक बयान में कहा कि जब भी विजय कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे उठाते हैं, तो DMK नेता जवाब देने में नाकाम रहते हैं और इसके बजाय व्यक्तियों को निजी तौर पर निशाना बनाते हैं। पार्टी ने आगे दावा किया कि विपक्ष राजनीतिक आलोचना का जवाब देने में असहज महसूस कर रहा था और उसने विधानसभा में उठाए गए मुद्दों से ध्यान भटकाने का रास्ता चुना।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 10:41:39 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/wife-in-search-of-husband-tvk-sharp-retort-to-udhayanidhi-stalin-personal-remark-sparks</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मुजफ्फरनगर में बड़ी कार्रवाई! पेपर प्लेट फैक्टरी से मुक्त कराए गए 12 बंधुआ मजदूर, नाबालिगों पर ढाया जा रहा था जुल्म]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/12-bonded-laborers-rescued-in-a-raid-on-a-factory-in-muzaffarnagar-uttar-pradesh]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से मानवाधिकारों को तार-तार करने वाला एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। तितावी थाना क्षेत्र के मंडी गांव में चल रही एक कागज की प्लेट (पेपर प्लेट) बनाने वाली फैक्टरी पर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर नाबालिगों सहित 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी साझा की।</div><div><br></div><div><b>अमानवीय हालात और यातना के निशान</b></div><div>अधिकारियों के मुताबिक, मुक्त कराए गए इन मजदूरों की स्थिति बेहद दयनीय थी। उन्हें फैक्टरी परिसर के भीतर बंधक बनाकर बेहद अमानवीय परिस्थितियों में रहने पर मजबूर किया जा रहा था।</div><div><br></div><div>शारीरिक प्रताड़ना: मुक्त कराए गए इन बेबस मजदूरों के शरीर पर यातना और चोटों के स्पष्ट निशान मिले हैं, जो यह बयां करने के लिए काफी हैं कि उनके साथ कितनी बर्बरता की जा रही थी।</div><div><br></div><div>मजदूरी का शोषण: काम कराने के बदले में इन मजदूरों को वादे के मुताबिक उनका मासिक वेतन (Salary) भी नहीं दिया जा रहा था।</div><div><br></div><div><b>खुफिया सूचना पर आधी रात एक्शन</b></div><div>वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार ने बताया कि पुलिस और प्रशासन को इस फैक्टरी में चल रहे काले कारनामे की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक टीम का गठन किया गया।</div><div><br></div><div><b>कार्रवाई का विवरण:</b></div><div>कार्यपालक मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) राधे श्याम गौड़ के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने तितावी थाना क्षेत्र के मंडी गांव स्थित फैक्टरी में अचानक छापेमारी (Raid) की। टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए फैक्टरी परिसर को चारों तरफ से घेर लिया और वहां कैद नाबालिगों सहित सभी 12 बंधुआ मजदूरों को सकुशल बाहर निकाला।</div><div><br></div><div><b>आगे की कानूनी कार्रवाई</b></div><div>प्रशासन ने सभी मुक्त कराए गए मजदूरों को अपनी कस्टडी में लेकर उनके पुनर्वास और इलाज की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले में फैक्टरी मालिक और संलिप्त अन्य आरोपियों के खिलाफ बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम और बाल श्रम विरोधी कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।</div><div>&nbsp;</div><div><span style="background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; font-size: 1rem; font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;">Read </span><a href="https://www.prabhasakshi.com/national" target="_blank" style="background-color: rgb(255, 255, 255); font-size: 1rem;"><span style="font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif; background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial;">Latest
National News in Hindi </span></a><span style="background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; font-size: 1rem; font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;">only on Prabhasakshi&nbsp;</span>&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 09:38:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/12-bonded-laborers-rescued-in-a-raid-on-a-factory-in-muzaffarnagar-uttar-pradesh</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mumbai Rain Update | मुंबई में मानसून की धमाकेदार दस्तक! रातभर भारी बारिश के बाद 'ओरेंज अलर्ट' जारी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/mumbai-rain-lashed-overnight-the-meteorological-department-has-issued-an-orange-alert]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>मुंबईवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी सामान्य तिथि से 13 दिन की देरी से मंगलवार को मुंबई में दस्तक दे दी। मानसून के आगमन के साथ ही मुंबई, ठाणे और पालघर में रातभर मूसलाधार बारिश हुई। भारी बारिश को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अधिकारियों ने बताया कि रातभर बारिश के बीच शहर के सभी प्रमुख उपमार्ग खुले रहे और यातायात भी काफी हद तक सुचारू रहा।</span></p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/nsa-ajit-doval-tells-chinese-foreign-minister-wang-yi-both-nations-should-respect" target="_blank">India-China Bilateral Relations: NSA Ajit Doval ने चीनी विदेश मंत्री Wang Yi से कहा- 'एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं का सम्मान करें दोनों देश'</a></h3><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p><p> 
 मौसम विभाग ने बुधवार तड़के चार बजे मुंबई और पालघर के लिए तीन घंटे का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था। विभाग ने इस दौरान गरज के साथ बारिश होने, बिजली गिरने, अत्यधिक तेज बारिश होने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी थी।
विभाग ने बाद में सुबह सात बजे ‘अलर्ट’ का स्तर कम करके अगले तीन घंटे के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया। मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग जिलों में मध्यम से तेज बारिश का अनुमान जताया गया है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य आगमन तिथि से 13 दिन की देरी से मंगलवार को मुंबई पहुंचा जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/nfosys-rakes-in-billions-from-ai-nandan-nilekani-makes-a-bold-claim-technology-wont-take-away-jobs" target="_blank">Infosys की AI से अरबों की कमाई, Nandan Nilekani का बड़ा दावा- Technology नौकरियां नहीं छीनेगी</a></h3><p>
</p><p>मुंबई में मानसून सामान्य रूप से 10 जून को आ जाता है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में मानसून इससे भी देर से 25 जून को पहुंचा था।
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून के आगमन में सबसे अधिक देरी 1974 एवं 1958 में हुई थी और यह 28 जून को मुंबई पहुंचा था।
</p><p>एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि रातभर हुई भारी बारिश से सड़क और रेल यातायात फिलहाल प्रभावित नहीं हुआ है तथा शहर के सभी प्रमुख उपमार्ग खुले हैं।
 अधिकारी ने बताया कि उपनगरीय रेल नेटवर्क पर सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हुईं और बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) की बस सेवाओं के संचालन में कोई बाधा पैदा नहीं हुई।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 08:46:51 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/mumbai-rain-lashed-overnight-the-meteorological-department-has-issued-an-orange-alert</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[India-China Bilateral Relations: NSA Ajit Doval ने चीनी विदेश मंत्री Wang Yi से कहा- 'एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं का सम्मान करें दोनों देश']]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/nsa-ajit-doval-tells-chinese-foreign-minister-wang-yi-both-nations-should-respect]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध और कूटनीतिक तनाव के बीच, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बेहद महत्वपूर्ण बात कही है। ब्रिक्स (BRICS) देशों के एनएसए सम्मेलन के इतर आयोजित एक द्विपक्षीय बैठक में, डोभाल ने स्पष्ट किया कि भारत और चीन को एक-दूसरे के “मुख्य चिंता वाले मुद्दों” के प्रति निरंतर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। यह बैठक दोनों देशों के बीच सीमा पर चल रहे तनाव को कम करने और आपसी समझ विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/nfosys-rakes-in-billions-from-ai-nandan-nilekani-makes-a-bold-claim-technology-wont-take-away-jobs" target="_blank">Infosys की AI से अरबों की कमाई, Nandan Nilekani का बड़ा दावा- Technology नौकरियां नहीं छीनेगी</a></h3><p>&nbsp;</p><p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि एनएसए डोभाल ने इस बात पर जोर दिया कि स्थिरऔर रचनात्मक द्विपक्षीय संबंध दोनों पक्षों के बीच भरोसा बढ़ाने और आपसी समझ को मजबूत बनाने में योगदान देंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “डोभाल ने एक-दूसरे के मुख्य चिंता वाले अहम मुद्दों के प्रति लगातार संवेदनशीलता दिखाने की अहमियत पर भी जोर दिया।”
</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> हालांकि, जायसवाल ने यह नहीं बताया कि ये मुद्दे कौन से हैं।
 उन्होंने कहा कि एक-दूसरे के मुख्य चिंता वाले मुद्दों के प्रति लगातार संवेदनशीलता दिखाना आपसी संवेदनशीलता, आपसी हितों और आपसी सम्मान के हमारे समग्र दृष्टिकोण के अनुरूप होगा।
 बैठक में, दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर समग्र स्थिति की समीक्षा भी की।</span></p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/sports/fih-pro-league-india-beats-pakistan-4-3-in-london-hockey" target="_blank">Hockey Thriller: India ने Pakistan को 4-3 से हराया, London में अंतिम पलों तक चला रोमांच।</a></h3><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स के मंच पर डोभाल और वांग यी की यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि दोनों देश बातचीत के रास्ते खुले रखना चाहते हैं। लेकिन दीर्घकालिक शांति तभी संभव होगी, जब चीन भारत की रणनीतिक और क्षेत्रीय चिंताओं को समझे और एलएसी पर अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति बहाल करने में सहयोग करे।<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 08:40:05 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/nsa-ajit-doval-tells-chinese-foreign-minister-wang-yi-both-nations-should-respect</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर पुलिस पर हत्या का FIR, बिहार में बढ़ा सियासी बवाल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/bharat-tiwari-encounter-murder-fir-against-bhojpur-police-political-uproar-intensifies-in-bihar]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>बिहार के भोजपुर ज़िले में 28 साल के भरत भूषण तिवारी के विवादित एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई है। खबरों के मुताबिक, भरत तिवारी की माँ ने हत्या का मामला दर्ज कराया, जिसके बाद गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई। इस मुठभेड़ ने बिहार में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है; भोजपुर में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं और कई नेता—जिनमें सत्ताधारी गठबंधन की पार्टियों के नेता भी शामिल हैं—पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों और स्थानीय निवासियों ने भी इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/battle-over-the-villain-tag-in-bihar-politics-rjd-hits-back-sharply-at-samrat-choudhary-statement" target="_blank">Bihar Politics में 'खलनायक' पर संग्राम, Samrat Choudhary के बयान पर RJD का तीखा पलटवार</a></h3><div><br></div><div>इससे पहले, बिहार सरकार ने इस मुठभेड़ की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने X पर कहा कि बुधवार को बिलौटी गांव में हुई मुठभेड़ की एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की देखरेख में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच से यह सुनिश्चित होगा कि घटना के सभी पहलुओं की पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ गहन जांच हो।</div><div><br></div><div>बिहार पुलिस ने चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है, जिनमें एक स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) भी शामिल हैं। यह कार्रवाई तब की गई जब एक कथित वीडियो में मंगलवार को भोजपुर की घटना के दौरान एक हथियारबंद संदिग्ध को सुरक्षाकर्मियों पर पिस्तौल तानते हुए देखा गया और आरोप है कि अधिकारी तुरंत कार्रवाई करने में नाकाम रहे। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें भरत भूषण तिवारी की कथित एक्स्ट्रा-जुडिशियल किलिंग (न्यायालय-बाहर हत्या) की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग की गई है। याचिका में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से जांच की भी मांग की गई है, जिसमें कहा गया है कि इस मामले में तुरंत, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की ज़रूरत है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/bharat-bhushan-tiwari-bihar-encounter-judicial-inquiry-bhojpur-news" target="_blank">Jan Gan Man: Bharat Bhushan Tiwari Encounter के बाद उठ रहे इन सवालों का क्या कोई जवाब है Bihar Govt. के पास?</a></h3><div><br></div><div>पुलिस के अनुसार, बिलौटी गाँव में एक ऑपरेशन के दौरान जब भरत तिवारी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोली चलाई, तो पुलिस अधिकारियों ने आत्मरक्षा और लोगों की सुरक्षा के लिए जवाबी फायरिंग की। इस गोलीबारी में तिवारी घायल हो गए और बाद में इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पुलिस ने अपने शुरुआती बयान में तिवारी को "मानसिक रूप से अस्वस्थ" व्यक्ति बताया। हालाँकि, परिवार के सदस्यों और कई स्थानीय निवासियों ने इस दावे का खंडन किया और उन्हें एक सामाजिक कार्यकर्ता बताया, जो सरकारी अधिकारियों के सामने नियमित रूप से लोगों की शिकायतों और स्थानीय मुद्दों को उठाते थे।</div><div>&nbsp;</div><div>देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें&nbsp; <a href="https://www.prabhasakshi.com/national" target="_blank">National News in Hindi</a> केवल प्रभासाक्षी पर।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:49:42 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/bharat-tiwari-encounter-murder-fir-against-bhojpur-police-political-uproar-intensifies-in-bihar</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बलिदान दिवस पर CM Samrat Choudhary का ऐलान: अगले वर्ष डॉ. मुखर्जी को समर्पित होगा भव्य Park]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/cm-samrat-choudhary-announcement-a-grand-park-dedicated-to-dr-mookerjee-will-be-ready-next-year]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं महान शिक्षाविद् डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्यतिथि (बलिदान दिवस) के अवसर पर अटल सभागार, भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए तथा उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत् शुरुआत की।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/nitish-kumar-reinstated-as-jdu-chief-in-council-meet" target="_blank">JDU की कमान फिर Nitish Kumar के हाथ, National President बनते ही करेंगे Bihar का दौरा</a></h3><div>कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राष्ट्रहित, अखंड भारत और सांस्कृतिक स्वाभिमान के प्रति समर्पित जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी राष्ट्रसेवा और बलिदान को देश सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने कहा कि पंडित चाणक्य के बाद यदि देश को एक करने वाले कोई नेता थे तो वे डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे, जिन्होंने अखंड भारत के सपने को साकार किया। भारतीय जनता पार्टी की कई पीढ़ियों से यह नारा चला आ रहा था कि एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे, यह नारा भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिया था। उन्होंने कहा कि जब इस देश में लोकतंत्र खतरे में था तो जनसंघ के लोगों ने देश को बचाने के लिए पार्टी को विलीन कर दिया। इसके बाद 1980 में भाजपा का उदय हुआ।</div><div><br></div><div>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लोकतंत्र को व्यवस्थित किया। वर्ष 2019 में भारत की जनता ने श्री नरेन्द्र मोदी जी को इतनी ताकत दी कि उन्होंने कश्मीर से धारा 370 को उखाड़ फेंका। उन्होंने कहा कि हमलोगों के लिए देश पहले है फिर व्यक्ति और उसके बाद पार्टी। उन्होंने कहा कि पहले 1984 में जहां भाजपा के केवल 2 सांसद थे वहीं वर्ष 2014 में 282 सांसद निर्वाचित हुए।</div><div><br></div><div>मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल इसी दिन हमलोग डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के नाम पर एक भव्य नया पार्क लोगों को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में लगभग 27-28 पार्टियों का गठबंधन बना था और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भी लगभग 27-28 पार्टियों के गठबंधन की सरकार है। श्री नरेंद्र मोदी जी को सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनको नमन करता हूं। आज पूरा भारत उनके साथ खड़ा है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/those-disrupting-peace-during-muharram-will-face-strict-action-in-bihar" target="_blank">Muharram पर शांति भंग करने वालों की खैर नहीं! Bihar के CS-DGP ने दिए कड़े निर्देश</a></h3><div>&nbsp;</div><div><h2>पीएम सूर्य घर योजना</h2><div>मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प सभागार' में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा की। बैठक में युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के सचिव श्री कौशल किशोर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की विभिन्न योजनाओं, कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा भावी कार्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 25 लाख युवाओं को कुशल बनाये जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के के लिये जीविका दीदियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग 5 लाख लोगों को जल्द रोजगार एवं 50 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तेजी से काम करें। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के विस्तार के लिए समुचित कार्य योजना तैयार करें तथा विभिन्न क्षेत्रों में रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 25 लाख युवाओं को कुशल बनायें।</div></div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:34:20 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/cm-samrat-choudhary-announcement-a-grand-park-dedicated-to-dr-mookerjee-will-be-ready-next-year</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[MEA का दो टूक जवाब: हमारी Energy Security राष्ट्रीय हित पर आधारित, 1.4 अरब लोगों को देंगे सस्ती ऊर्जा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/mea-unequivocal-response-our-energy-security-is-based-on-national-interest]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को फिर कहा कि भारत अपने 1.4 अरब नागरिकों के लिए ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में जो काम कर रहा है, वह पूरी तरह से राष्ट्रीय हित पर आधारित है। राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ज़ोर देकर कहा कि नई दिल्ली की रणनीति में ऊर्जा के स्रोतों में विविधता लाना शामिल है ताकि ऊर्जा सस्ती मिल सके। उनके ये बयान पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात और प्रतिबंधों का सामना कर रहे देशों और रूस से भारत द्वारा तेल खरीदने और मिली छूट से जुड़े सवालों के बीच आए हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि जहां तक ​​हमारी ऊर्जा की खरीद का सवाल है, आप अच्छी तरह जानते हैं कि हमारी नीति राष्ट्रीय हित पर आधारित है। हमारी नीति भारत के 1.4 अरब लोगों को सस्ती दरों पर और अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा उपलब्ध कराना है। मैंने कई बार यह बात कही है और आगे भी यही स्थिति बनी रहेगी। होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बारे में दुनिया भर में चिंता बनी हुई है, ऐसे में जायसवाल ने समुद्री ट्रैफ़िक के बारे में राहत भरी जानकारी दी। 17 जून को हुए समझौते (MOU) के बाद से, भारत आने वाले कम से कम 11 जहाज़ - जिनमें भारतीय झंडे वाले तीन कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं। इस अहम रास्ते से सफलतापूर्वक गुज़र चुके हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/mea-weekly-briefing-qatar-explosion-brics-pok-india-china-relations" target="_blank">India MEA Briefing: Qatar Gas Explosion, BRICS, Strait of Hormuz, India-UAE Relation, Bangladeshi Hindus से जुड़े मुद्दों पर भारत ने स्पष्टता के साथ रखी बात</a></h3><div>जायसवाल ने बताया कि "आवाजाही जारी है।" उन्होंने पुष्टि की कि इस इलाके में पहले फँसे हुए भारतीय झंडे वाले 10 जहाज़ों ने चलना शुरू कर दिया है और उम्मीद है कि वे जल्द ही यह रास्ता पार कर लेंगे। जायसवाल ने बताया, "इन जहाज़ों में भारतीय झंडे वाले कच्चे तेल के तीन टैंकर शामिल हैं, जिनमें से हर एक में 2,85,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल है; विदेशी झंडे वाला एक LPG कैरियर; विदेशी झंडे वाला कच्चे तेल का एक टैंकर; और विदेशी झंडे वाले छह बल्क कैरियर हैं जिनमें खाद का सामान लदा है। हमें उम्मीद है कि भारतीय झंडे वाले बाकी जहाज़ भी जल्द ही होर्मुज़ को पार कर लेंगे।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/brics-meeting-in-delhi-new-security-strategy-to-be-formulated-under-leadership-of-nsa-ajit-doval" target="_blank">BRICS देशों की Delhi में बड़ी बैठक, NSA Ajit Doval की अगुवाई में Security पर बनेगी नई रणनीति</a></h3><div>देश की राजधानी में अभी ब्रिक्स (BRICS) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की बैठक हो रही है, जो अहम द्विपक्षीय बातचीत के लिए एक मंच प्रदान कर रही है। जायसवाल ने पुष्टि की कि भारत के NSA ने पश्चिमी एशिया की अस्थिर स्थिति की समीक्षा करने के लिए अपने ईरानी समकक्ष के साथ बैठक की। बातचीत में भारत-ईरान के द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह पर चल रहा सहयोग भी शामिल है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने अपने ईरानी समकक्ष के साथ बैठक की, जो ब्रिक्स NSA बैठक में शामिल होने के लिए यहाँ आए हैं। दोनों पक्षों ने पश्चिमी एशिया की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने वहाँ हो रही घटनाओं के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने ब्रिक्स मंच के तहत सहयोग और भारत-ईरान द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।</span></div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:33:05 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/mea-unequivocal-response-our-energy-security-is-based-on-national-interest</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[COAS जनरल द्विवेदी ने J-K Rifles की संभाली कमान, Honorary Colonel बन जड़ों से फिर जुड़े]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/coas-general-dwivedi-takes-command-of-jk-rifles]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अपने शानदार करियर की शुरुआत और पूरी भारतीय सेना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर राइफल्स और लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंट के 'ऑनररी कर्नल' का पदभार संभाला है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह औपचारिक कार्यक्रम एक भावुक समारोह के दौरान हुआ, जिसमें रेजिमेंट के मौजूदा कर्नल, लेफ्टिनेंट जनरल एमपी सिंह ने सेना प्रमुख को औपचारिक बैटन सौंपा। बैटन सौंपने की यह प्रक्रिया सेना प्रमुख और उन ऐतिहासिक रेजिमेंट्स के बीच गहरे और अटूट संबंध को दर्शाती है, जिनमें उन्होंने कभी अपनी सेवाएं दी थीं। एक्स पर एक पोस्ट में रक्षा मंत्रालय (सेना) के आईएचक्यू के 'एडिशनल डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ पब्लिक इन्फॉर्मेशन' ने 'ऑनररी कर्नल' के पद पर नियुक्ति की पुष्टि की। "#GeneralUpendraDwivedi, #COAS ने अब जम्मू-कश्मीर राइफल्स और लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंट के ऑनररी कर्नल' का पद संभाल लिया है।</span></div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/drone-strikes-launched-deep-inside-pakistan-isis-bases-destroyed" target="_blank">Pakistan के अंदर घुसकर ड्रोन हमला शुरू, अफगान ने ISIS अड्डे उड़ाए, हर तरफ हाहाकार!</a></h3><div><span style="font-size: 1rem;"> भारतीय सेना की सर्वोच्च कमान संभालने पर, जनरल द्विवेदी ने शुरू में जम्मू-कश्मीर राइफल्स और लद्दाख स्काउट्स दोनों के लिए 'कर्नल ऑफ़ द रेजिमेंट' का पद छोड़ दिया था। COAS के तौर पर अपने कार्यकाल के शुरुआती दौर में किसी खास रेजिमेंट का पद न संभालने का फ़ैसला करके, उन्होंने पूरी निष्पक्षता के साथ सेना का नेतृत्व करने की अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। उन्होंने खुद को किसी एक शाखा के प्रतिनिधि के बजाय पूरी भारतीय सेना के संरक्षक के तौर पर देखा। पोस्ट में आगे कहा गया कि भारतीय सेना की सर्वोच्च कमान संभालने पर, #GeneralUpendraDwivedi ने जम्मू-कश्मीर राइफल्स और लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंट के 'कर्नल ऑफ़ द रेजिमेंट' का पद छोड़ दिया था। सैन्य नेतृत्व की बेहतरीन परंपराओं का पालन करते हुए, उन्होंने #COAS के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी रेजिमेंट के 'कर्नल' का पद न संभालने का फ़ैसला किया, जिससे पूरी भारतीय सेना के प्रति उनकी प्रतिबद्धता फिर से साबित हुई। एक औपचारिक कार्यक्रम में, रेजिमेंट के मौजूदा 'कर्नल ऑफ़ द रेजिमेंट', लेफ्टिनेंट जनरल MP सिंह ने #COAS को रेजिमेंट के 'ऑनररी कर्नल' का बैटन सौंपा, जो रेजिमेंट और उसकी गौरवशाली विरासत के साथ उनके अटूट रिश्ते को दर्शाता है।</span></div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/70000-people-take-to-the-streets-in-pok-for-freedom-ready-for-war" target="_blank">PoK में आजादी के लिए उतरे 70 हजार लोग, युद्ध को तैयार!</a></h3><div>जम्मू-कश्मीर राइफल्स और लद्दाख स्काउट्स अपनी बहादुरी और ऊंचे व मुश्किल इलाकों में खास ऑपरेशन करने की काबिलियत के लिए लंबे समय से जाने जाते हैं। जनरल द्विवेदी के लिए, यह नियुक्ति सिर्फ़ एक औपचारिक पद नहीं है; यह इन रेजिमेंट्स के सैनिकों की गौरवशाली विरासत और निस्वार्थ सेवा के प्रति उनके सम्मान का प्रतीक है। यह समारोह उन मूल्यों की एक सशक्त याद दिलाता है जो भारतीय सेना के नेतृत्व को परिभाषित करते हैं: पूरी सेना की सेवा के प्रति समर्पण, साथ ही अलग-अलग रेजिमेंट्स की परंपराओं और भाईचारे के प्रति गहरा और अटूट सम्मान। इससे पहले, केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को अगला सेना प्रमुख नियुक्त किया। वे 30 जून को पद संभालेंगे, जब मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी उसी दिन रिटायर होंगे।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:31:46 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/coas-general-dwivedi-takes-command-of-jk-rifles</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Ram Mandir Donation Scam: SIT रिपोर्ट आई, कब होगी कार्रवाई? चढ़ावा चोरी पर UP सरकार के सामने क्या खुलासा हुआ]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/ram-mandir-donation-scam-sit-report-released-when-will-action-be-taken]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>एसआईटी ने अपनी जांच प्रीलिमिनरी इंक्वायरी पूरी की और उन्होंने एसीएस होम को राज्य के यह रिपोर्ट दी है। अब ये जो राज्य के एसीएस होम हैं यह असल में एक्स ऑफिशियो मेंबर भी हैं राम मंदिर ट्रस्ट के।&nbsp;&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">भगवान के घर में वो भी सनातन के इतने बड़े प्रतीक राम जन्मभूमि में बने हुए राम मंदिर जिसकी प्रतीक्षा सदियों सदियों की गई। वहां पर इस तरह की गड़बड़ करने वाले छोड़े नहीं जाएंगे। राम मंदिर चढ़ावा चोरी की एसआईटी ने यूपी सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में दान निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह जो दान दिया जाता था उसकी जिस तरीके से निगरानी होती थी उसकी जो गणना होती थी उसको लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सरकार को ये रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट में कुछ कर्मचारियों पर एफआईआर की सिफारिश की गई है। कुछ कर्मचारियों पर फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट उनके खिलाफ दर्ज होनी चाहिए।</span></div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/theft-in-ayodhya-ram-mandir-donations-kejriwal-announces-visit-to-ayodhya" target="_blank">Ayodhya Ram Mandir दान में चोरी! Kejriwal का आरोप, हर सनातनी दुखी; शुक्रवार को अयोध्या दौरे का किया ऐलान</a></h3><div>रिपोर्ट में आगे भी जांच जारी रखने की सिफारिश की गई है। यह भी कहा गया है कि इसको जारी रखने के लिए और संसाधन और लोगों की आवश्यकता पड़ेगी और सदस्य जांच में सहयोग करें। ऐसा चाहिए होगा। यह तमाम संस्तुतियां ये भी ये रिपोर्ट में की गई है। यह कहा गया है कि यह जांच आगे भी जारी रहना चाहिए। इसका मतलब यह है कि बहुत सारे पहलू ऐसे हैं जिनमें और विस्तृत जांच की आवश्यकता है या बहुत सारे पहलू ऐसे हैं जिनमें जांच शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए असल में और लोगों की जरूरत है। यह भी कहा गया है और अभी तक की जांच में जो जो पाया गया प्राइमरी जो लोग इसके लिए रिस्पांसिबल लग रहे हैं उनका नाम भी इसमें लिया गया है और यह कहा गया है कि इनके खिलाफ एफआईआर इनिशिएट किया जाना चाहिए। यह रिपोर्ट आज एसीएस गृह को दे दी गई है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/salman-khurshid-speaks-on-ram-mandir-donations" target="_blank">Ram Mandir Donation पर बोले Salman Khurshid, क्या इससे बड़ी कोई त्रासदी होगी? सरकार से मांगी जवाबदेही</a></h3><h2>इस रिपोर्ट में बड़ी बातें क्या-क्या हैं?</h2><div>अपर प्रमुख सचिव हैं एसीएस होम संजय प्रसाद उन्हें यह रिपोर्ट सौंपी गई।&nbsp; वैसे तो यह रिपोर्ट गोपनीय है लेकिन सूत्रों के माध्यम से यह बताया जा रहा है कि 140 पन्नों की यह रिपोर्ट है और इसमें कुछ एक बातें बहुत महत्वपूर्ण है। कुछ एक चीजें उससे निकल कर जो सामने आई है। सवाल है कि दान राशि की गणना कैसे होती थी? उनकी निगरानी के लिए व्यवस्था क्या थी? आंतरिक व्यवस्था के लिए जिम्मेदार जो लोग थे वो कौन-कौन थे? यह इस एसआईटी रिपोर्ट में 140 पन्नों की इस रिपोर्ट में यह सब कुछ समाहित है। गणनाकर्मियों का चुनाव कैसे किया जाता था? ट्रस्ट सदस्य गणनाक कर्मियों के बीच में कनेक्शन था या नहीं था और अगर कनेक्शन था तो किस तरीके का था? यह भी इसमें समाहित है। विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय चाहिए। अभी यह जांच बहुत शुरुआती है और अगर जांच को आगे बढ़ाना बढ़ाना है तो इसमें अतिरिक्त समय चाहिए होगा। यह इतनी जल्दी नहीं हो सकता। यह भी इसमें कहा गया है और यह भी कहा गया है कि जांच के लिए सहयोगी अधिकारियों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी। मतलब इसमें और भी ऑफिसर्स लगाने पड़ेंगे। इसमें सिफारिश यह भी की गई है कि कुछ कर्मियों के खिलाफ एफआईआर रजिस्टर होना चाहिए। फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए। केस चलना चाहिए। मुकदमा शुरू होना चाहिए। सिफारिश इस बात की भी इसमें की गई है।&nbsp;</div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:25:14 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/ram-mandir-donation-scam-sit-report-released-when-will-action-be-taken</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[MP में UCC ड्राफ्ट की तैयारी तेज, CM Yadav बोले- 90% से अधिक जनता पक्ष में]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/preparations-for-ucc-draft-gain-momentum-in-mp-cm-yadav-says-over-90-per-of-public-is-in-favor]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि परामर्श प्रक्रिया में भाग लेने वाले 90 प्रतिशत से अधिक नागरिकों ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समर्थन किया है। राज्य सचिवालय में मंत्रिपरिषद की बैठक में बोलते हुए, मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि प्रस्तावित कानून पर सभी जिलों में जन-परामर्श बैठकें शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो गईं। उन्होंने बताया कि 22 जून को भोपाल में राज्य-स्तरीय परामर्श बैठक हुई, जिसमें प्रस्तावित कानून पर राय जानने के लिए आयोगों, सरकारी विभागों, राजनीतिक दलों और धार्मिक नेताओं के साथ अलग-अलग चर्चा की गई।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/reviews-on-tea/what-will-the-future-hold-for-mamata-thackeray-and-sharad-pawar-under-rahul-leadership" target="_blank">Chai Par Sameeksha: Rahul Gandhi के नेतृत्व में कैसा होगा Mamata, Thackeray, Sharad Pawar का भविष्य</a></h3><div><br></div><div>मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि 'समग्र पोर्टल' पर रजिस्टर्ड लाभार्थियों को UCC के बारे में सुझाव देने के लिए लगभग 3.49 करोड़ SMS भेजे गए थे। अब तक नौ लाख से ज़्यादा सुझाव मिल चुके हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से ज़्यादा लोगों ने यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड का समर्थन किया है। इस प्रस्ताव को अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों का भी काफ़ी समर्थन मिला है। संबंधित समिति और विधि विभाग मिलकर इस कानून का ड्राफ़्ट तैयार कर रहे हैं।ॉ</div><div><br></div><div>इसके अलावा, मुख्यमंत्री यादव ने घोषणा की कि 15 से 29 जुलाई तक पूरे राज्य में 'गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा' मनाया जाएगा। इस दौरान स्कूल कई तरह की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करेंगे, जिनमें भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं, संस्कृत श्लोक पाठ, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, वृक्षारोपण अभियान और करियर मार्गदर्शन सत्र शामिल होंगे। पर्यटन क्षेत्र में उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व को एक राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल के 'टूरिज़्म सर्वे एंड अवार्ड्स 2026' में 'बेस्ट वाइल्डलाइफ़ डेस्टिनेशन' का सम्मान मिला।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/mehbooba-mufti-kashmiri-pandits-kheer-bhawani-row" target="_blank">Kashmiri Pandits से Mehbooba Mufti बोलीं अतीत को भूल जाओ, BJP ने कहा- दर्द को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता</a></h3><div><br></div><div>यह पुरस्कार गोवा में केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रदान किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बांधवगढ़ की समृद्ध जैव-विविधता, बाघों की अच्छी आबादी, प्राकृतिक सुंदरता और प्रभावी संरक्षण प्रबंधन ने इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।</div><div>&nbsp;</div><div>देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें&nbsp; <a href="https://www.prabhasakshi.com/national" target="_blank">National News in Hindi </a>केवल प्रभासाक्षी पर।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:52:44 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/preparations-for-ucc-draft-gain-momentum-in-mp-cm-yadav-says-over-90-per-of-public-is-in-favor</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Jaipur में Jaish-e-Mohammed के Sleeper Cell का भंडाफोड़, ATS ने महिला आतंकी को दबोचा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/jaish-e-mohammed-sleeper-cell-busted-in-jaipur-ats-nabs-female-terrorist]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>आतंकवाद-विरोधी एक बड़े ऑपरेशन में, राजस्थान एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने जयपुर में 'स्लीपर सेल' के तौर पर काम करने के आरोप में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' (JeM) से जुड़ी एक महिला को गिरफ़्तार किया है। यह गिरफ़्तारी मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई; इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया और संदिग्ध महिला को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/5-perfect-monsoon-weekend-destinations-in-india" target="_blank">Monsoon Destinations in India: पार्टनर संग एक Perfect Weekend के लिए शानदार हैं ये 5 रोमांटिक डेस्टिनेशंस</a></h3><div> गिरफ़्तार महिला की पहचान बबीबा धाकड़ के तौर पर हुई है। इंडिया टुडे ग्रुप को मिली जानकारी के मुताबिक, उसने कथित तौर पर ऑनलाइन 'कलमा' पढ़कर इस्लाम अपनाया था और बाद में अपना नाम 'खदीजा' रख लिया था। जांच करने वाले अधिकारी उसके धर्म परिवर्तन से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह मामला ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए लोगों को कट्टरपंथी बनाने और आतंकी संगठनों में भर्ती करने की कोशिशों से जुड़ा है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/rajasthan-jodhpur-c-section-complications-women-kidney-failure" target="_blank">Kota, Bikaner के बाद Jodhpur में Caesarean Delivery के बाद 8 महिलाओं की तबियत बिगड़ी, स्वास्थ्य मंत्री बोले, ''प्रसव पीड़ा से बचने के लिए महिलाएं कराती हैं सर्जरी''</a></h3><div>सूत्रों के मुताबिक, महिला कथित तौर पर सोशल मीडिया के ज़रिए जैश-ए-मोहम्मद के एक हैंडलर के लगातार संपर्क में थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना ​​है कि बातचीत शुरू करने और उसे बनाए रखने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल किया गया था। इससे आतंकवादी संगठनों द्वारा भर्ती और ऑपरेशन के तालमेल के लिए ऑनलाइन नेटवर्क के लगातार इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ गई है।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:42:57 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/jaish-e-mohammed-sleeper-cell-busted-in-jaipur-ats-nabs-female-terrorist</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[India Bangladesh Border पर हालात तनावपूर्ण ! फिर से घुसने का प्रयास कर रहे घुसपैठियों को BSF ने अच्छा सबक सिखाया]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/india-bangladesh-border-infiltration-bsf-action]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारत-बांग्लादेश सीमा पर हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ भारत अपनी सीमाओं को मजबूत करने में जुटा है, तो दूसरी ओर बांग्लादेशी घुसपैठिये लगातार नए रास्ते तलाश कर भारत में दाखिल होने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन भारत ने साफ संकेत दे दिया है कि सीमा पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और हर घुसपैठिये को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।</div><div><br></div><div>इसी कड़ी में मेघालय सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ बेहद महत्वपूर्ण रानीकोर-राताचेरा सड़क निर्माण में तेजी लाने की मांग की है। मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस सड़क परियोजना के लिए सहयोग मांगा है। यह सड़क केवल विकास परियोजना नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा का नया कवच मानी जा रही है। रानीकोर से राताचेरा तक बनने वाला यह मार्ग मेघालय की 443 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा को मजबूत करेगा और असम के धुबरी से बराक घाटी तक संपर्क को भी आसान बनाएगा। फुलबारी, डालू और रानीकोर को जोड़ने वाली सड़कें सीमा चौकसी को नई ताकत देंगी।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/bangladesh-infiltration-west-bengal-border-bsf-action" target="_blank">Bengal में Malda Border पर जबरदस्त हंगामा, अचानक आ गये हजारों Bangladeshi Infiltrators, BSF ने दिया करारा जवाब</a></h3><div>उधर, पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के सुकदेवपुर इलाके में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए जब लगभग 20 बांग्लादेशियों ने दोबारा भारत में घुसने की कोशिश की। सीमा सुरक्षा बल ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और स्थानीय ग्रामीण भी जवानों के समर्थन में सीमा पर उतर आए। जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश के चपाई नवाबगंज इलाके में करीब एक हजार लोगों की भीड़ जमा थी और उसी के बीच से घुसपैठ कराने की तैयारी चल रही थी। यह संगठित तरीके से भारत की सीमा को चुनौती देने की कोशिश थी। लेकिन इस बार सीमा पर तैनात जवान पूरी तैयारी में थे।</div><div><br></div><div>सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सीमा विवाद अब केवल अवैध घुसपैठ तक सीमित नहीं रहा। बांग्लादेश में इस्कॉन से जुड़े 83 श्रद्धालुओं को भारत आने से रोक दिया गया, जबकि उनके पास वैध पासपोर्ट और वीजा थे। बांग्लादेश प्रशासन ने सरकारी अनुमति का बहाना बनाकर उन्हें सीमा से लौटा दिया। इससे साफ हो गया कि ढाका में भारत विरोधी मानसिकता तेजी से मजबूत हो रही है और वहां धार्मिक यात्राओं तक को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है।</div><div><br></div><div>यही नहीं, सीमा पर सबसे बड़ा संकट तथाकथित पुश इन और पुश बैक को लेकर खड़ा हो गया है। बांग्लादेश का दावा है कि भारत बिना सत्यापन के लोगों को उसकी सीमा में धकेल रहा है, जबकि भारत का कहना है कि अवैध प्रवासियों को कानून के अनुसार बाहर किया जा रहा है। हम आपको बता दें कि भारत-बांग्लादेश सीमा दुनिया की सबसे जटिल सीमाओं में गिनी जाती है। 4096 किलोमीटर लंबी यह सीमा नदियों, जंगलों, खेतों और गांवों के बीच से गुजरती है। कई इलाकों में आज भी सीमा इतनी खुली है कि घुसपैठिये आसानी से रास्ता तलाश लेते हैं।</div><div><br></div><div>हाल के दिनों में सीमा पर सैकड़ों पुश इन घटनाएं सामने आई हैं। बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल का कहना है कि 2000 से ज्यादा लोगों को बांग्लादेश में धकेला गया। वहीं भारत का कहना है कि घुसपैठ भारत की आंतरिक सुरक्षा पर सीधा हमला है और ढाका को अपने उन लोगों को वापस लेने के लिए प्रक्रिया को तेज करना चाहिए जिनके नाम भारत ने दिये हुए हैं। देखा जाये तो अवैध घुसपैठ ने सीमावर्ती राज्यों में जनसंख्या संतुलन, रोजगार और सुरक्षा को प्रभावित किया है। यही वजह है कि अब भारत सीमा पर बाड़, निगरानी तंत्र, ड्रोन और चौकियों को लगातार मजबूत कर रहा है।</div><div><br></div><div>बहरहाल, भारत ने अब जिस तरह चुन चुन कर बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर का रास्ता दिखाने की नीति अपनाई है उसका पूरा देश में स्वागत हो रहा है। हर नागरिक इस कदम का स्वागत कर रहा है क्योंकि यह घुसपैठिये हमारे गांवों, शहरों में घुसते जा रहे थे। यह संसाधनों पर बोझ तो बन ही रहे थे साथ ही कानून व्यवस्था के लिए चुनौती भी खड़ी कर रहे थे लेकिन अब इनकी खुद की खाट खड़ी हो गयी है और यह दुम दबा कर भागने लगे हैं। बांग्लादेशी घुसपैठियों को समझना होगा कि सीमा पार से आने वाले हर अवैध व्यक्ति को वापस लौटना होगा। जो लोग भारत की उदारता को कमजोरी समझते रहे, उन्हें अब यह बात गांठ बांध लेनी चाहिए कि सीमा सुरक्षा बल चौबीसों घंटे सतर्क है और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए भारतीय सीमा अब अभेद्य दीवार बनने जा रही है।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:36:14 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/india-bangladesh-border-infiltration-bsf-action</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[India MEA Briefing: Qatar Gas Explosion, BRICS, Strait of Hormuz, India-UAE Relation, Bangladeshi Hindus से जुड़े मुद्दों पर भारत ने स्पष्टता के साथ रखी बात]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/mea-weekly-briefing-qatar-explosion-brics-pok-india-china-relations]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। इस दौरान कतर में हुए गैस संयंत्र हादसे, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की स्थिति, ब्रिक्स देशों की सुरक्षा बैठक, भारत-चीन संबंध, फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही, भारत-यूएई रक्षा सहयोग तथा बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से जुड़े घटनाक्रमों पर विस्तार से जानकारी दी गई।</div><div><br></div><div>प्रेस ब्रीफिंग में सबसे पहले रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित गैस सुविधा केंद्र में हुए भीषण विस्फोट का मुद्दा उठा। रणधीर जायसवाल ने इसे अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि इस हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जबकि विभिन्न देशों के कई अन्य लोगों की भी जान गई है। उन्होंने बताया कि कुल 66 लोग घायल हुए हैं, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनमें कितने भारतीय शामिल हैं। विदेश मंत्रालय स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और मृतकों की पहचान तथा उनके पार्थिव शरीरों को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। सरकार मृतकों के परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है और हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/s-jaishankar-congratulates-bimal-patel-india-secures-key-post-at-un-tribunal" target="_blank">S Jaishankar ने Bimal Patel को दी बधाई, UN Tribunal में भारत को मिला अहम पद</a></h3><div>इसके अलावा, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाकर अपने आंतरिक संकटों और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों के लंबे समय से हो रहे आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने और प्रशासनिक दमन का परिणाम हैं। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने इन प्रदर्शनों के जवाब में पुलिस बल का अत्यधिक इस्तेमाल किया, इंटरनेट सेवाएं बंद कीं, आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति रोकी तथा निहत्थे नागरिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की।</div><div><br></div><div>इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में आयोजित 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक की जानकारी भी साझा की। प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ईरान, इथियोपिया, ब्राजील, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। बैठक में गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों, नई तकनीकों से उत्पन्न खतरों तथा साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान हाल में आयोजित ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूहों के निष्कर्षों की भी समीक्षा की गई।</div><div><br></div><div>एनएसए अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक पर भी विदेश मंत्रालय ने सकारात्मक संकेत दिए। रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की और संबंधों के क्रमिक सामान्यीकरण की दिशा में हुई प्रगति को स्वीकार किया। भारत ने इस दौरान स्थिर, पूर्वानुमेय और रचनात्मक संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच विश्वास और बेहतर समझ विकसित हो सके।</div><div><br></div><div>इसके अलावा, फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की स्थिति पर जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान में 10 भारतीय ध्वज वाले जहाज अभी भी क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके अलावा दो भारतीय जहाज खाड़ी में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे समुद्री यातायात सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 17 जून को हुए समझौते के बाद अब तक 11 भारत-गामी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। इनमें तीन भारतीय कच्चे तेल टैंकर शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक लगभग 2.85 लाख मीट्रिक टन तेल लेकर आ रहा है। इसके अतिरिक्त एलपीजी, उर्वरक और अन्य सामान ले जाने वाले विदेशी जहाज भी सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं। भारत को उम्मीद है कि शेष भारतीय जहाज भी जल्द सुरक्षित रूप से मार्ग पार कर लेंगे।</div><div><br></div><div>इसके अलावा, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा साझेदारी पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय मजबूती आई है और रक्षा सहयोग इस बढ़ते संबंध का महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि रक्षा साझेदारी लगातार गहरी और व्यापक होती जा रही है।</div><div><br></div><div>इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और चित्रों के अपमान से जुड़ी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। भारत ने कहा कि इन घटनाओं के बाद वहां विरोध प्रदर्शन हुए हैं और बांग्लादेश सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह चरमपंथी तत्वों पर नियंत्रण करे तथा अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करे।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:22:02 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/mea-weekly-briefing-qatar-explosion-brics-pok-india-china-relations</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Vaishno Devi Yatra ने बनाया नया Record! 50 लाख Pilgrims ने किए दर्शन, पिछले साल से 27% की बंपर बढ़ोतरी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/vaishno-devi-yatra-sets-a-new-record-5-million-pilgrims-offered-prayers]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>श्री माता वैष्णो देवी यात्रा ने इस साल एक अहम उपलब्धि हासिल की है। 22 जून को जम्मू-कश्मीर के रियासी ज़िले में स्थित पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख का आंकड़ा पार कर गई। एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि पिछले साल इसी अवधि में मंदिर आने वाले 39.84 लाख श्रद्धालुओं की तुलना में यह 27.3 प्रतिशत से ज़्यादा की शानदार बढ़ोतरी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">श्राइन बोर्ड के एक प्रवक्ता ने कहा कि पिछले साल इसी अवधि में लगभग 39.84 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र मंदिर के दर्शन किए थे, जबकि इस साल यात्रा में 50.70 लाख श्रद्धालु आए हैं, जो 10.86 लाख श्रद्धालुओं की बड़ी बढ़ोतरी को दर्शाता है।</span></div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/mehbooba-mufti-kashmiri-pandits-kheer-bhawani-row" target="_blank">Kashmiri Pandits से Mehbooba Mufti बोलीं अतीत को भूल जाओ, BJP ने कहा- दर्द को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता</a></h3><div><br></div><div>उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या में यह ज़बरदस्त बढ़ोतरी देश-विदेश के श्रद्धालुओं की इस पवित्र मंदिर के प्रति अटूट आस्था और भक्ति का सबूत है। प्रवक्ता ने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा की गई व्यवस्थाओं और यात्रा के प्रबंधन से जुड़े सभी लोगों के आपसी सहयोग पर श्रद्धालुओं के भरोसे को भी दर्शाती है। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में, श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को आसान, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/suvendu-adhikari-paid-tribute-offered-flowers-on-death-anniversary-of-dr-syama-prasad-mukherjee" target="_blank">West Bengal News: डॉ. Syama Prasad Mukherjee के बलिदान दिवस पर Suvendu Adhikari ने दी श्रद्धांजलि, अर्पित किए पुष्प।</a></h3><div><br></div><div>उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे, रहने की सुविधाओं, साफ-सफाई, भीड़ प्रबंधन प्रणालियों, स्वास्थ्य सेवाओं, बैटरी कार संचालन, रोपवे सेवाओं, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और डिजिटल पहलों में लगातार सुधार से श्रद्धालुओं की सुविधा और कुल मिलाकर सेवा वितरण में काफी सुधार हुआ है। प्रवक्ता ने कहा कि साल के इस पड़ाव पर 50 लाख का आंकड़ा पार करना श्रद्धालुओं के बीच बढ़ते उत्साह को दर्शाता है और साल के बाकी महीनों में यात्रा की निरंतर प्रगति के लिए अच्छे संकेत हैं।</div><div>&nbsp;</div><div>देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें&nbsp; <a href="https://www.prabhasakshi.com/national" target="_blank">National News in Hindi </a>केवल प्रभासाक्षी पर।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:21:48 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/vaishno-devi-yatra-sets-a-new-record-5-million-pilgrims-offered-prayers</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[BRICS NSA Meeting में Ajit Doval ने ऐसा क्या कह दिया जो दुनिया रह गयी हैरान, China की अकड़ भी हो गयी ढीली]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/brics-nsa-meeting-ajit-doval-india-china-talks]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया युद्ध, आर्थिक अस्थिरता, साइबर हमलों और बदलती वैश्विक शक्ति संरचना के बीच नई दिशा तलाश रही है। भारत की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने साफ संकेत दिया कि ब्रिक्स अब वैश्विक सुरक्षा और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का निर्णायक केंद्र बनता जा रहा है।</div><div><br></div><div>बैठक का सबसे बड़ा संदेश पश्चिम एशिया को लेकर सामने आया। डोभाल ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन का स्वागत करते हुए “सतर्क आशावाद” जताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता यदि सफल रहता है तो न केवल पश्चिम एशिया में स्थिरता लौटेगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार को भी नई मजबूती मिलेगी। खास तौर पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य के खुलने को भारत ने बेहद सकारात्मक विकास बताया। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां तनाव बढ़ने से दुनिया भर की तेल आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती रही हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/brics-turns-the-tide-china-makes-a-major-announcement-immediately-upon-arriving-in-india" target="_blank">दुश्मनी खत्म, दोस्ती शुरू,  BRICS ने पलट दी बाजी! भारत पहुंचते ही चीन का बड़ा ऐलान</a></h3><div>डोभाल ने स्पष्ट कहा कि इस समझौते से उर्वरक, रसायन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधाएं कम होंगी। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटें दूर होंगी और समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता आर्थिक समृद्धि को नई रफ्तार देगी। देखा जाये तो भारत का यह रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया इस समय ऊर्जा संकट, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव से जूझ रही है। ऐसे समय में ब्रिक्स मंच से भारत का यह संदेश ग्लोबल साउथ की चिंताओं को मजबूती से सामने रखता है।</div><div><br></div><div>राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने अपने संबोधन में दुनिया के सामने खड़े गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तेजी से डिजिटल होती दुनिया में साइबर हमले, छद्म आतंकवाद और विघटनकारी तकनीकें पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं को चुनौती दे रही हैं। आतंकवाद अब सीमाओं में बंधा नहीं है और साइबर खतरे देशों की अर्थव्यवस्था, रक्षा प्रणाली और नागरिक ढांचे को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में केवल पारंपरिक सैन्य उपाय पर्याप्त नहीं रह गए हैं।</div><div><br></div><div>ब्रिक्स बैठक में आतंकवाद विरोधी सहयोग और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सुरक्षा पर बने संयुक्त कार्य समूहों की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। भारत ने स्पष्ट किया कि उभरते खतरों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच बेहतर समन्वय, खुफिया साझेदारी और तकनीकी सहयोग जरूरी है। देखा जाये तो यह संदेश इसलिए भी अहम है क्योंकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल जासूसी और साइबर युद्ध अब वैश्विक शक्ति संघर्ष के नए हथियार बन चुके हैं।</div><div><br></div><div>डोभाल ने बहुपक्षवाद के कमजोर पड़ने पर चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया की मौजूदा संस्थाएं तेजी से बदलते संकटों का प्रभावी समाधान देने में असफल साबित हो रही हैं। उन्होंने ब्रिक्स को शांति, विकास, प्रगति और सहयोग में विश्वास रखने वाले देशों का “विशेष गठबंधन” बताया। भारत ने दो टूक कहा कि ब्रिक्स का उद्देश्य केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करना भी है।</div><div><br></div><div>इस बैठक की एक और बड़ी विशेषता भारत की सक्रिय कूटनीतिक पहल रही। ब्रिक्स बैठक के इतर भारत ने कई देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ताओं के जरिए अपने रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने का प्रयास किया। डोभाल ने ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव गादिर नेजामीपुर से मुलाकात कर पश्चिम एशिया की स्थिति, भारत-ईरान संबंधों और ब्रिक्स सहयोग पर चर्चा की। इसके अलावा, भारत ने इथियोपिया के राष्ट्रीय खुफिया एवं सुरक्षा सेवा के विश्लेषण निदेशक मिलियन लेमा तदेस्से के साथ भी रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने पर बातचीत की। अफ्रीकी देशों के साथ भारत का बढ़ता जुड़ाव यह दिखाता है कि नई दिल्ली अब केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ के नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर रही है।</div><div><br></div><div>हम आपको यह भी बता दें कि ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक के इतर भारत और चीन के बीच भी अहम कूटनीतिक बातचीत हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चार वर्षों से अधिक समय तक चले सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा करते हुए रिश्तों में धीरे-धीरे आ रही सामान्य स्थिति को सकारात्मक संकेत माना। डोभाल ने स्पष्ट कहा कि स्थिर, भरोसेमंद और रचनात्मक भारत-चीन संबंध दोनों देशों के बीच विश्वास और बेहतर समझ विकसित करने के लिए बेहद जरूरी हैं। हम आपको याद दिला दें कि वर्ष 2024 में सीमा विवाद को लेकर बनी सहमति के बाद दोनों देशों ने संबंध सुधारने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। प्रत्यक्ष उड़ानों की बहाली, कैलाश मानसरोवर यात्रा का फिर से शुरू होना और व्यापारिक प्रतिबंधों में ढील इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। वांग यी की यह भारत यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लगभग एक वर्ष बाद दोनों देशों के शीर्ष सुरक्षा नेतृत्व के बीच यह उच्चस्तरीय संवाद हुआ है। इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत ब्रिक्स मंच का उपयोग केवल बहुपक्षीय सहयोग के लिए ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ रणनीतिक संतुलन और संवाद को आगे बढ़ाने के लिए भी कर रहा है।</div><div><br></div><div>इसके अलावा, रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, इंडोनेशिया और अन्य सदस्य देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ भी अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गयी। भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह सम्मेलन इसलिए भी खास रहा क्योंकि इस बार “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास” को केंद्रीय विषय बनाया गया।</div><div><br></div><div>बहरहाल, ब्रिक्स की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दुनिया नए शक्ति संतुलन की ओर बढ़ रही है। अमेरिका-यूरोप केंद्रित व्यवस्था को चुनौती मिल रही है और उभरती अर्थव्यवस्थाएं अपनी सामूहिक ताकत का प्रदर्शन कर रही हैं। भारत ने इस मंच से यह संदेश देने में सफलता पाई कि भविष्य की वैश्विक राजनीति केवल सैन्य ताकत से तय नहीं होगी, बल्कि तकनीकी सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी, ऊर्जा स्थिरता और बहुपक्षीय सहयोग ही नई विश्व व्यवस्था की दिशा तय करेंगे।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 17:38:34 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/brics-nsa-meeting-ajit-doval-india-china-talks</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Maharashtra Politics में बड़ी हलचल, Eknath Shinde की विपक्ष को चेतावनी- 'अभी और भी झटके लगेंगे']]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/major-stir-in-maharashtra-politics-eknath-shinde-warns-the-opposition-more-shocks-are-yet-to-come]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (उबाठा) के लोकसभा सांसदों के टूटने के बाद विधानसभा में दिखी फूट को लेकर मंगलवार को मखौल उड़ाते हुए कहा कि विपक्षी सदस्य ‘जोर का झटका’ लगने की वजह से अपना ‘मानसिक संतुलन’ खो बैठे हैं और उन्हें ‘और भी झटके’ लगने वाले हैं।
विधानसभा में आदित्य ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) और अन्य विपक्षी दलों के विधायकों ने मंत्रियों द्वारा दूसरे विभागों से जुड़े सवालों का जवाब दिये जाने पर आपत्ति जताई और सदन से बहिर्गमन किया, जिसके बाद शिंदे की यह तीखी प्रतिक्रिया आई है।</p><p>
 विपक्ष ने मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा कुछ विभागों की जिम्मेदारी कुछ मंत्रियों को सौंपने पर आपत्ति जताई।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सदस्य जयंत पाटिल ने विधानसभा अध्यक्ष से फैसला वापस लेने की मांग की, जबकि आदित्य ठाकरे ने कहा कि सदन में उठाए गए मुद्दों का जवाब केवल संबंधित विभाग के राज्य मंत्री ही दे सकते हैं। कांग्रेस के नितिन राउत (कांग्रेस) ने कहा कि ऐसी व्यवस्था पहले कभी नहीं देखी गई थी। 
 शिंदे ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है और वह कार्यवाही में रचनात्मक रूप से भाग लेने के बजाय उसमें बाधा डाल रहा है।</p><p>
उप मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष शिंदे ने कहा, ‘‘सवालों के जवाब देने और ‘ध्यानाकर्षण प्रस्तावों’’ के लिए मंत्रियों को नियुक्त करने से यह सुनिश्चित हुआ कि सदस्यों को ज्यादा जानकारी मिले। सदन में मौजूद रहना और सदस्यों के सवालों का जवाब देना सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है।’’
 उन्होंने कहा,‘‘ मैं खुद सदन में आता हूं और मुख्यमंत्री भी खुद आकर जवाब देते हैं। इसलिए, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।’’
</p><p>शिवसेना नेता ने विरोध कर रहे सदस्यों पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘जो भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरा किया जाना चाहिए। आप बस कुछ भी बोलते नहीं रह सकते, बेकार की बातें करके सदन का समय बर्बाद नहीं कर सकते।’’
विपक्षी खेमे की खाली कुर्सियों की ओर इशारा करते हुए शिंदे ने कहा कि उन्हें (विपक्ष को) पता नहीं है कि उनके साथ क्या हो रहा है।
उन्होंने संभवत: शिवसेना (उबाठा) के छह बागी सांसदों के बुधवार को पाला बदलकर शिवसेना में शामिल होने का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘कल उन्हें ज़ोर का झटका लगा। उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और उन्हें आगे और भी झटके लगने वाले हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 17:09:35 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/major-stir-in-maharashtra-politics-eknath-shinde-warns-the-opposition-more-shocks-are-yet-to-come</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[कानून का 'Merger' या BJP का Operation Lotus? Goa Case का फैसला बदलेगा दलबदल का पूरा खेल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/operation-lotus-or-legal-merger-clause-within-the-opposition-goa-case-will-determine-the-outcome]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>बंगाल में ममता बनर्जी के हाथ से तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कंट्रोल निकलना, महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के नौ में से छह सांसदों का एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होना, दिल्ली और पंजाब में आप के सात सांसदों का बीजेपी में जाना&nbsp; भारत के लगभग सभी इलाकों में एक साथ दल-बदल हो रहा है। दल-बदल विरोधी कानून से कौन बचता है, यह तय करने वाला सबसे अहम मामला गोवा का है, जो देश की सबसे बड़ी अदालत में पेंडिंग है। विपक्षी पार्टियों में हो रही इन उथल-पुथल और नेताओं के पाला बदलकर PM नरेंद्र मोदी की BJP के नेतृत्व वाले NDA में शामिल होने के साथ ही संवैधानिक कानून से जुड़ा एक ही सवाल उठता है। वह यह है कि संविधान की दसवीं अनुसूची में दिए गए दलबदल विरोधी कानून में क्या अपवाद हैं?</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/after-meeting-the-speaker-abhishek-said-mps-alone-cannot-merge-with-another-party" target="_blank">स्पीकर से मुलाक़ात के बाद अभिषेक ने कहा- सिर्फ़ सांसद किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकते</a></h3><div>अप्रैल में राघव चड्ढा के नेतृत्व में आप के दस में से सात राज्यसभा सांसदों ने BJP का दामन थाम लिया। मई में आए चुनाव नतीजों से पश्चिम बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार बनी, और अब हारी हुई टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने BJP से बातचीत के बाद 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (NCPI) नाम की एक कम जानी-पहचानी पार्टी में विलय का ऐलान किया है। इसी दौरान, शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने पाला बदलकर शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने का फैसला किया है।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/direct-challenge-to-mamata-banerjee-within-tmc-a-rebel-faction-has-formed-new-national-committee" target="_blank">Mamata Banerjee को TMC में सीधी चुनौती! बागी गुट ने बनाई नई National Committee, Abhishek की कुर्सी भी छिनी</a></h3><div>भारत का दल-बदल विरोधी कानून 1985 में लाया गया था। यह कानून किसी भी ऐसे विधायक या सांसद को अयोग्य ठहराता है जो अपनी मर्ज़ी से पार्टी की सदस्यता छोड़ देता है या पार्टी के व्हिप (निर्देश) का पालन नहीं करता है। शुरुआत में इसमें दो तरह की छूट दी गई थी: विभाजन (split) और "विलय" (merger)। विभाजन वाली छूट का बार-बार गलत इस्तेमाल होने के कारण 2003 में इसे हटा दिया गया। अब दसवीं अनुसूची के पैरा 4 के तहत सिर्फ़ विलय की छूट बची है। इस पैरा के दो हिस्से हैं। (उप) पैरा 4(1) उस विधायक या सांसद को सुरक्षा देता है जहाँ मूल राजनीतिक पार्टी... किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में विलय कर लेती है। (उप) पैरा 4(2) कहता है, इस पैरा के उप-पैरा (1) के मकसद से, सदन के किसी सदस्य की मूल राजनीतिक पार्टी का विलय तभी माना जाएगा, जब संबंधित लेजिस्लेचर पार्टी (विधायक दल) के कम से कम दो-तिहाई सदस्य ऐसे विलय के लिए सहमत हों।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/tmc-action-against-anti-party-activities-mamata-banerjee-expels-8-leaders-firhad-hakim-from-party" target="_blank">Anti-Party Activities पर TMC का एक्शन, Mamata Banerjee ने Firhad Hakim समेत 8 नेताओं को पार्टी से निकाला</a></h3><div>असली लड़ाई इस बात को लेकर है कि इन दोनों हिस्सों को एक साथ पढ़ा जाए या अलग-अलग। अगर दोनों को मिलाकर पढ़ा जाए, तो मूल राजनीतिक पार्टी को पहले किसी दूसरी पार्टी में विलय करना होगा, और लेजिस्लेचर पार्टी (यानी MLA या MP) के दो-तिहाई सदस्यों को बस इसकी पुष्टि करनी होगी। अगर अलग-अलग पढ़ा जाए, तो विलय के लिए MP के दो-तिहाई वोट ही काफ़ी हैं; इसके लिए मूल पार्टी के किसी फ़ैसले की ज़रूरत नहीं है।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:54:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/operation-lotus-or-legal-merger-clause-within-the-opposition-goa-case-will-determine-the-outcome</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Bihar Politics में 'खलनायक' पर संग्राम, Samrat Choudhary के बयान पर RJD का तीखा पलटवार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/battle-over-the-villain-tag-in-bihar-politics-rjd-hits-back-sharply-at-samrat-choudhary-statement]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा लालू प्रसाद को ‘‘सबसे बड़ा खलनायक’’ बताए जाने पर विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।चौधरी ने एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की थी।
उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती किए जाने के मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए कहा था, ‘‘सबसे बड़ा खलनायक, जिससे सभी डरते हैं, अब खुद डर में जी रहा है। यह इस बात का प्रमाण है कि बिहार में अब सुशासन की सरकार है।’’</p><p>
राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में चौधरी को ‘‘लालू जी की पाठशाला का उत्पाद’’ बताते हुए कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद वह ‘‘बिना जनादेश वाले मुख्यमंत्री’’ बन गए हैं।
झा ने कहा, ‘‘हम सार्वजनिक भाषणों में की मर्यादा बनाए रखते हैं। हम खलनायकों को भी खलनायक नहीं कहते और यहां इस धरती के सबसे बड़े ‘नायक’ को ‘खलनायक’ कहा जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी लालू प्रसाद की उसी ‘‘पाठशाला’’ के छात्र हैं लेकिन उन्होंने वहां की शिक्षा को आत्मसात नहीं किया और अब पूरी तरह अलग विचारधारा वाले राजनीतिक दल का हिस्सा बन गए हैं।
राजद की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने मुख्यमंत्री के बयान को ‘‘अनावश्यक और अपरिपक्व’’ बताया।
</p><p>उन्होंने कहा, ‘‘लोग लालू प्रसाद को एक ऐसे संघर्षशील नेता के रूप में देखते हैं, जिन्होंने सशक्तिकरण आधारित कल्याणकारी राजनीति के बल पर लोगों के दिलों में जगह बनाई है।’’
मंडल ने दावा किया कि इस प्रकार की टिप्पणी से पिछड़े वर्गों के लोग आहत हुए हैं।
उन्होंने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती किए जाने के फैसले की भी आलोचना की।
मंडल ने कहा कि सरकारी आवास आवंटन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए निर्धारित मानक हैं, जिनका उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘एक ऐसे आवास की सुरक्षा कम कर दी गई है, जहां दो पूर्व मुख्यमंत्री रहते हैं और जिनमें से एक विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं जबकि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने ऐसे लोगों की सुरक्षा बढ़ा दी है जो विधायक या विधान परिषद के सदस्य भी नहीं हैं।’’
लालू प्रसाद व राबड़ी देवी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री हैं और राबड़ी देवी वर्तमान में बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं।
</p><p>मंडल ने कहा कि लालू प्रसाद का परिवार ‘‘सुरक्षा की भीख’’ नहीं मांग रहा बल्कि वह उसका अधिकार रखता है।
वहीं मनोज झा ने कहा, ‘‘सरकार ने सैकड़ों ऐसे लोगों को सुरक्षा दे रखी है, जिनके आसपास मक्खियां भी नहीं भिनभिनातीं। वहीं, जिस घर में दो पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष रहते हैं, उसकी सुरक्षा घटा दी गई है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों, महिलाओं और बच्चों, विशेषकर वंचित वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपनी विफलता छिपाने के लिए सुरक्षा के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:44:59 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/battle-over-the-villain-tag-in-bihar-politics-rjd-hits-back-sharply-at-samrat-choudhary-statement</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Karthigai Deepam पर विवाद गहराया, Madras HC के फैसले के खिलाफ Supreme Court पहुंची तमिलनाडु सरकार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/controversy-over-karthigai-deepam-deepens]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें मदुरै जिले की थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर एक दरगाह के पास मौजूद पत्थर के खंभे पर "कार्तिगई दीपम" जलाने की इजाज़त दी गई थी। यह स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच की डिवीज़न बेंच के 6 जनवरी के फैसले को चुनौती देती है। इस फैसले में दिसंबर 2025 में एक सिंगल जज द्वारा दिए गए उस आदेश को बरकरार रखा गया था, जिसमें भक्तों को 'दीपा थून' (पत्थर के दीपक वाले खंभे) पर दीपक जलाने की इजाज़त दी गई थी। यह याचिका 11 जून को सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी, जो TVK प्रमुख विजय के नेतृत्व वाली नई सरकार के कार्यभार संभालने के कुछ ही समय बाद की बात है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/after-20-years-the-cbi-court-acquitted-all-nine-accused-pawanraje-nimbalkar-murder-case" target="_blank">पवनराजे निंबालकर मर्डर केस: 20 साल बाद, CBI कोर्ट ने पद्मसिंह पाटिल समेत सभी 9 आरोपियों को बरी किया</a></h3><div>यह विवाद थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी की चोटी पर मौजूद दरगाह से लगभग 50 मीटर दूर स्थित 'दीपा थून' को लेकर है। कई भक्तों ने उस जगह पर पारंपरिक दीपक जलाने की इजाज़त के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, राज्य के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&amp;CE) विभाग ने, जो पहाड़ी की तलहटी में स्थित भगवान सुब्रमण्य मंदिर का प्रबंधन करता है, इस याचिका का विरोध किया। विभाग का तर्क था कि उस खास जगह पर दीपक जलाने की कोई स्थापित परंपरा नहीं है और यह रस्म पारंपरिक रूप से कहीं और निभाई जाती रही है। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने याचिकाएं मंज़ूर करते हुए कहा कि दीया जलाने से दरगाह के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होगा और भक्तों को यह रस्म निभाने से रोकना उनके धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन होगा। जब राज्य प्रशासन ने आदेश लागू नहीं किया, तो अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू हुई, जिसके दौरान कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह रस्म सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) की सुरक्षा में पूरी की जाए।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/horrific-tragedy-in-mysore-bride-to-be-and-her-parents-commit-suicide-just-a-day-before-wedding" target="_blank">मैसूर में खौफनाक त्रासदी! शादी से ठीक एक दिन पहले होने वाली दुल्हन और माता-पिता ने किया सुसाइड! पड़ोसी युवक गिरफ्तार</a></h3><div>इसके बाद, एक डिवीज़न बेंच ने मूल आदेश और अवमानना ​​कार्यवाही के दौरान जारी निर्देशों, दोनों को बरकरार रखा। राज्य सरकार ने पहले पिछले साल दिसंबर में अवमानना ​​से जुड़े आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन याचिका सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं की गई थी। जनवरी के अपने फैसले में, डिवीज़न बेंच ने कहा कि दीया जलाने की अनुमति देने से कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं होगी। बेंच ने यह भी कहा कि धार्मिक परंपराओं की रक्षा करना मंदिर प्रशासन की ज़िम्मेदारी है और राज्य के इस तर्क को खारिज कर दिया कि 'दीपा थून' (Deepa Thoon) केवल ब्रिटिश काल में लगाया गया एक सर्वे स्टोन था।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/sit-submits-its-first-investigation-report-to-the-up-government" target="_blank">Ayodhya Ram Mandir दान में हेराफेरी? SIT ने UP सरकार को सौंपी अपनी पहली जांच रिपोर्ट</a></h3><div>तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी का मामला मदुरै में धार्मिक अधिकारों, पहाड़ी पर मालिकाना हक के दावों और पहाड़ी की चोटी पर सिकंदर बादशाह औलिया दरगाह के पास स्थित 'दीपा थून' तक पहुंच से जुड़ा एक पुराना कानूनी और सांप्रदायिक विवाद है। इस विवाद में सदियों पुराना अरुलमिघु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर और सिकंदर बादशाह औलिया दरगाह शामिल हैं। इसमें धार्मिक रीति-रिवाजों, ऐतिहासिक दावों और अलग-अलग धर्मों के भक्तों द्वारा साझा की जाने वाली जगहों के इस्तेमाल से जुड़े कई कानूनी मुद्दे शामिल हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:27:31 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/controversy-over-karthigai-deepam-deepens</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[NEET विवाद पर Dharmendra Pradhan का बड़ा हमला, बोले- Rahul Gandhi 'टुकड़े-टुकड़े' ताकतों के साथ]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/dharmendra-pradhan-launches-a-scathing-attack-over-the-neet-controversy]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेपर लीक विवाद के बीच नीट में बड़े बदलावों की योजना बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला किया है। इंटरव्यू में प्रधान ने कहा कि अगले साल से नीट&nbsp; के कंप्यूटर-बेस्ड फ़ॉर्मेट में बदलने की संभावना है। उन्होंने "पेपर माफ़िया" के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई का वादा किया और राहुल गांधी पर राजनीतिक फ़ायदे के लिए छात्रों के बीच डर फैलाने का आरोप लगाया। प्रधान ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। लेकिन उन्हें छात्रों के मन में बेवजह डर पैदा नहीं करना चाहिए। उन्होंने परीक्षा सुधारों, छात्रों की चिंताओं और विरोध प्रदर्शनों पर भी बात की। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ समूहों का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा, "जो लोग देश को टुकड़े-टुकड़े करना चाहते हैं, वही लोग आज जंतर-मंतर पर ढोल बजा रहे हैं। (वही लोग जो देश को टुकड़ों में बांटना चाहते हैं, आज जंतर-मंतर पर ढोल बजा रहे हैं। क्या वहां कोई छात्र भी है?)</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/government-ban-lifted-telegram-returns-to-google-play-store-still-awaiting-apple-app-store-release" target="_blank">सरकारी प्रतिबंध हटा, Google Play Store पर फिर लौटा Telegram, Apple App Store पर इंतज़ार</a></h3><div>कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कई दिनों और रातों से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। मंत्री ने नागपुर के उस छात्र से जुड़े विवाद पर सबसे कड़ी आलोचना की, जिसका परीक्षा केंद्र अबू धाबी में आवंटित किया गया था। प्रधान ने दावा किया कि छात्र ने पोर्टल के ज़रिए खुद अबू धाबी को चुना था और यह पसंद कई बार रिकॉर्ड की गई थी। उन्होंने कहा कि बाद में NTA ने परिवार से संपर्क किया और छात्र को नागपुर से परीक्षा देने का मौका भी दिया। इसके बावजूद, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह सब साफ़ होने के बाद भी, राहुल गांधी ने इस मामले पर एक लंबा मैसेज पोस्ट किया। अगर राहुल गांधी में ज़रा भी नैतिकता और जवाबदेही बची है, तो उन्हें देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/here-is-what-education-minister-dharmendra-pradhan-said-following-the-neet-paper-leak" target="_blank">आरोपियों की संपत्ति होगी जब्त, NTA ने जिन शिक्षकों पर भरोसा किया वो ही भक्षक बन गए, NEET पेपर के बाद क्या बोले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान</a></h3><div>प्रधान ने आगे आरोप लगाया कि गांधी किसी विवाद के शुरू होने का इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह बस इस बात का इंतज़ार कर रहे थे कि NEET में कुछ गड़बड़ हो ताकि वह उस पर राजनीति शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि सारी हदें तब पार हो गईं जब कर्नाटक में उनकी अपनी पार्टी की एक राजनीतिक रैली ने हंगामा खड़ा कर दिया। फिर उनके कुछ नेताओं ने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए पूछा कि छात्र पहले क्यों नहीं निकले।" यह बात उन्होंने 21 जून को हुई कांग्रेस की रैली के बारे में कही, जिस दिन NEET का री-टेस्ट था। प्रधान ने आगे कहा कि क्या आपमें इतनी समझ नहीं थी कि रैली कहीं और करते? क्या उसे वहीं करना बहुत ज़रूरी था? मंत्री ने गांधी पर संस्थानों और युवाओं, दोनों में भरोसा न करने का आरोप भी लगाया।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:22:02 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/dharmendra-pradhan-launches-a-scathing-attack-over-the-neet-controversy</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Anti-Party Activities पर TMC का एक्शन, Mamata Banerjee ने Firhad Hakim समेत 8 नेताओं को पार्टी से निकाला]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/tmc-action-against-anti-party-activities-mamata-banerjee-expels-8-leaders-firhad-hakim-from-party]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पश्चिम बंगाल की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी कलह के बीच, पार्टी ने मंगलवार को फिरहाद हकीम और अरूप बिस्वास समेत 8 सीनियर नेताओं को पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर निकाल दिया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह अनुशासनात्मक कार्रवाई नेतृत्व के बढ़ते संकट और गुटबाजी के कारण की गई है, क्योंकि कई नेता कथित तौर पर ऐसे काम कर रहे थे जो पार्टी के आधिकारिक रुख के खिलाफ थे।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/direct-challenge-to-mamata-banerjee-within-tmc-a-rebel-faction-has-formed-new-national-committee" target="_blank">Mamata Banerjee को TMC में सीधी चुनौती! बागी गुट ने बनाई नई National Committee, Abhishek की कुर्सी भी छिनी</a></h3><div><br></div><div>हकीम और बिस्वास, दोनों ही पश्चिम बंगाल सरकार और TMC के ढांचे में अहम प्रशासनिक और संगठनात्मक भूमिकाएं निभा चुके हैं। पार्टी में चल रहे इस बड़े बदलाव के दौरान बाहर निकाले गए नेताओं में ये दोनों सबसे प्रमुख नाम हैं। यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर हफ़्तों से चल रही राजनीतिक अस्थिरता के बाद हुआ है। इस दौरान असहमति के आरोप, नेतृत्व को लेकर विवाद और संगठनात्मक फ़ैसलों पर नियंत्रण के लिए अलग-अलग गुटों के दावों जैसी स्थितियाँ देखने को मिलीं।</div><div><br></div><div>पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस फ़ैसले का मकसद पार्टी में आंतरिक अनुशासन बहाल करना और नेतृत्व की पकड़ मज़बूत करना है। इसे हाल के वर्षों में पार्टी नेतृत्व के सामने आई सबसे गंभीर आंतरिक चुनौतियों में से एक माना जा रहा है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस पर नियंत्रण की कोशिश में विपक्ष के नेता रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने सोमवार को विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना। यह पार्टी संस्थापक ममता बनर्जी के प्राधिकार को अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है। इस कदम से संकेत मिलता है कि विधानसभा से शुरू हुई और बाद में संसद तक फैली बगावत अब पार्टी के संगठनात्मक गढ़ तक पहुंच गई है।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/giriraj-singh-scathing-attack-on-mamata-banerjee" target="_blank">गिरिराज सिंह का Mamata Banerjee पर तीखा हमला, 'TMC ने बंगाल को लूटकर बर्बाद कर दिया'</a></h3><div><br></div><div>यहां बागी विधायकों, पार्षदों और अन्य नेताओं की मौजूदगी में एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि रॉय को सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुना गया। पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास और विधायक फिरहाद हकीम, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि रीताब्रता बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा को महासचिव बनाया गया। इस नये ढांचे के जरिये बागी गुट ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव के पद से प्रभावी रूप से हटा दिया है। रघुनाथगंज के विधायक अखरुज्जमां अंसारी को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><div>देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें&nbsp; <a href="https://www.prabhasakshi.com/national" target="_blank">National News in Hindi</a> केवल प्रभासाक्षी पर।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:16:10 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/tmc-action-against-anti-party-activities-mamata-banerjee-expels-8-leaders-firhad-hakim-from-party</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Delhi-NCR का Weather बदला: 100 KM/H हवाओं के साथ आंधी-बारिश, IMD अलर्ट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/weather-changes-in-delhi-ncr-storm-and-rain-accompanied-by-100-km/h-winds-imd-issues-alert]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>हीटवेव से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली, नोएडा और गाज़ियाबाद में बारिश और धूल भरी आंधी आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगले एक घंटे तक दिल्ली-NCR में 100 किमी/घंटा की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। इस इलाके में एक बार फिर ज़बरदस्त धूल भरी आंधी के साथ प्री-मानसून मौसम का एक और तेज़ दौर देखा गया; IMD ने इसके तुरंत बाद आंधी-तूफ़ान, बिजली कड़कने और हल्की बारिश का अनुमान जताया है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/monsoon-makes-spectacular-arrival-in-mumbai-relief-from-intense-humidity-yellow-alert-issued" target="_blank">Mumbai Heavy Rain | मुंबई में मानसून की धमाकेदार दस्तक! भीषण उमस से मिली राहत, दो दिनों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी</a></h3><div><br></div><div>मौसम विभाग ने तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी की है। इससे पहले विज़िबिलिटी कम हो गई थी और पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी से अचानक राहत मिली। IMD ने एक बयान में कहा कि अगले दो घंटों में दिल्ली और NCR (जिसमें हरियाणा के मेहम, सोनीपत, रोहतक, खरखौदा, भिवानी, चरखी दादरी, मटनहेल, झज्जर, फर्रुखनगर, कोसली, सोहना, रेवाड़ी, पलवल, बावल, नूंह, औरंगाबाद और होडल; उत्तर प्रदेश के बागपत, खेकड़ा, पिलखुआ, सिकंदराबाद, नंदगांव और बरसाना; और राजस्थान के भिवाड़ी, तिजारा, अलवर, नगर, डीग, लक्ष्मणगढ़ और नदबई शामिल हैं) में धूल भरी आंधी के बाद हल्की बारिश और बिजली कड़कने के साथ 50-80 किमी/घंटा की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने की बहुत संभावना है।</div><div><br></div><div>अगले दो घंटों में पूरे दिल्ली-NCR के साथ-साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे इलाकों में मौसम बदलने की उम्मीद है। 50-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, और अगले एक घंटे में दिल्ली-NCR में 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार वाली तेज़ हवाएं (squally winds) चल सकती हैं। इस बीच, अचानक तेज़ हवाओं और बारिश के कारण पेड़ उखड़ने से कलकत्ता हाई कोर्ट के पार्किंग एरिया में कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। पेड़ गिरने से दो-तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/monsoon-active-again-alert-issued-for-heavy-rain-and-thunderstorms-in-central-and-south-india" target="_blank">Monsoon Heavy Rainfall Alert | देश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, मध्य और दक्षिण भारत में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट</a></h3><div><br></div><div>पिछले हफ़्ते राजधानी में न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई, जबकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिन में हल्की बारिश और तेज़ हवाओं का अनुमान लगाया है। शहर के मौसम का प्रतिनिधित्व करने वाले सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 1.7 डिग्री ज़्यादा था। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक भी था।</div><div>&nbsp;</div><div>देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें&nbsp; <a href="https://www.prabhasakshi.com/national" target="_blank">National News in Hindi </a>केवल प्रभासाक्षी पर।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:04:38 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/weather-changes-in-delhi-ncr-storm-and-rain-accompanied-by-100-km/h-winds-imd-issues-alert</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Lucknow Fire Tragedy का Kanpur में असर, दो Artists की मौत के बाद अवैध इमारतों पर एक्शन लेने का आदेश]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/impact-of-lucknow-fire-tragedy-in-kanpur-orders-issued-to-take-action-against-illegal-buildings]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>लखनऊ की एक व्यवसायिक इमारत में सोमवार को आग लगने की घटना में जान गंवाने वाले 15 लोगों में दो व्यक्ति कानपुर के थे जो एक एनिमेशन स्टूडियो में बतौर थ्रीडी आर्टिस्ट काम करते थे।
 अधिकारियों के अनुसार उनकी पहचान गोविंद नगर निवासी संयम विज (28) और बर्रा निवासी सूरजभान सिंह (24) के रूप में हुई है। 
 एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संयम और सूरजभान उसी इमारत में स्थित एक थ्रीडी एनिमेशन स्टूडियो में काम करते थे। दोनों सहकर्मी और करीबी दोस्त थे। 
दोनों ने वर्षों पहले अपने पिता को खो दिया था। </p><p>दोनों मित्र अपने-अपने परिवार का मुख्य सहारा थे। संयम के पिता पुष्पराज सिंह का करीब 15 साल पहले निधन हुआ था, वहीं सूरजभान के पिता शिवराज सिंह का भी निधन हो चुका है।
 रिश्तेदारों ने बताया कि संयम पिछले तीन साल से लखनऊ में था और साप्ताहिक अवकाश पर कानपुर आता था। मंगलवार को उसे दादी के श्राद्ध कार्यक्रम के लिए घर आना था। 
 सूरजभान के भाई सुधीर रविवार शाम को ही लखनऊ लौटा था। उन्होंने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि यह उसकी आखिरी यात्रा होगी। घटना के समय उसकी मां मीरा और भाई सम्राट ऋषिकेश में थे। यह खबर मिलने के बाद वे लौट आए। </p><p>
मंगलवार सुबह दोनों शवों को कानपुर लाया गया।
कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि वह लगातार लखनऊ पुलिस आयुक्त के संपर्क में रहे। मृतकों की पहचान होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को पीड़ित परिवारों के घर भेजा गया। उन्होंने कहा कि  कानपुर पुलिस शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। 
 संयम का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह कर दिया गया। सूरजभान का अंतिम संस्कार बाद में किया जाएगा।
 लाल ने बताया कि हादसे के बाद अवैध इमारतों, बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में चल रहे कोचिंग सेंटर, होटल, अस्पताल, जिम के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है, जहां आपातकालीन निकास नहीं हैं। पुलिस, अग्निशमन विभाग, कानपुर विकास प्राधिकरण, कानपुर नगर निगम और जिला प्रशासन की उच्च-स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है ताकि लखनऊ जैसी त्रासदी दोबारा न हो।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:28:54 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/impact-of-lucknow-fire-tragedy-in-kanpur-orders-issued-to-take-action-against-illegal-buildings</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Sharad Pawar की NCP पर BJP की नज़र! 8 में से 5 सांसद NDA में शामिल होने को तैयार?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/bjp-eyes-sharad-pawar-ncp-are-5-out-of-8-mps-ready-to-join-the-nda]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों और उसके बाद शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद, मीडिया और राजनीतिक जानकारों की नज़र अब NCP (शरदचंद्र पवार) पर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (SP) के आठ लोकसभा सांसदों में से पांच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। जानकारों का मानना ​​है कि इन अटकलों की वजह से पवार के NCP गुट पर भारी दबाव बन गया है।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/mehbooba-mufti-kashmiri-pandits-kheer-bhawani-row" target="_blank">Kashmiri Pandits से Mehbooba Mufti बोलीं अतीत को भूल जाओ, BJP ने कहा- दर्द को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता</a></h3><div><br></div><div>टाइम्स ऑफ़ इंडिया और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह के साथ सुनेत्रा पवार की हालिया मुलाक़ात ने इन अफ़वाहों को और हवा दी है। NDA संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रहा है ताकि यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड और परिसीमन बिल जैसे बड़े संवैधानिक सुधारों को पास किया जा सके। 'ऑपरेशन टाइगर' के बढ़ते खतरे को देखते हुए, शरद पवार ने 19 जून को अपने बचे हुए नेताओं की एक ज़रूरी बैठक बुलाई। इसका मकसद अपने संसदीय गुट को एकजुट रखना और नेताओं को तोड़ने की कथित कोशिशों का मुकाबला करना था।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/suvendu-adhikari-paid-tribute-offered-flowers-on-death-anniversary-of-dr-syama-prasad-mukherjee" target="_blank">West Bengal News: डॉ. Syama Prasad Mukherjee के बलिदान दिवस पर Suvendu Adhikari ने दी श्रद्धांजलि, अर्पित किए पुष्प।</a></h3><div><br></div><div>'ऑपरेशन टाइगर' के तहत नेताओं के पाला बदलने के डर का सामना करने और राज्य में गठबंधन की रणनीति बनाने के लिए, 24 जून को मुंबई में MVA विधायकों की आम बैठक होगी। नेताओं के पाला बदलने की अफवाहों के बीच, कांग्रेस राज्य में होने वाले आगामी राजनीतिक मुकाबलों से पहले विपक्षी गुट के भविष्य को मज़बूत और सुरक्षित करने के लिए NCP (SP) के साथ संभावित रणनीतिक विलय पर चर्चा कर रही है।</div><div>&nbsp;</div><div>Stay updated with politics, crime, and breaking updates from the state with<a href="https://www.prabhasakshi.com/national" target="_blank"> Maharashtra Latest News in Hindi Today </a>only on Prabhasakshi.</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:02:13 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/bjp-eyes-sharad-pawar-ncp-are-5-out-of-8-mps-ready-to-join-the-nda</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Kashmiri Pandits से Mehbooba Mufti बोलीं अतीत को भूल जाओ, BJP ने कहा- दर्द को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/mehbooba-mufti-kashmiri-pandits-kheer-bhawani-row]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि कश्मीरी पंडितों को एक साझा भविष्य के निर्माण के लिए आगे बढ़ना चाहिए और अतीत को भुला देना चाहिए। वहीं भाजपा ने कहा है कि कश्मीरी पंडित समुदाय ने जो पीड़ा और कष्ट झेले हैं, उन्हें लोगों से अतीत को भूल जाने के लिए कहकर यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हम आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मध्य कश्मीर के गांदरबल जिला स्थित प्रसिद्ध माता खीर भवानी मंदिर की यात्रा की और वार्षिक मेले के अवसर पर वहां आए कश्मीरी पंडितों से बातचीत की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मेले में बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित आए हैं और कश्मीर के लोग पूरे दिल से उनका स्वागत करते हैं। पीडीपी प्रमुख ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हमारे कश्मीरी पंडित भाई-बहन अतीत में जो कुछ भी हुआ उसे भूल जाएं और भविष्य की ओर देखें।’’ हालांकि, मुफ्ती जब खीर भवानी मंदिर पहुंची, तो कश्मीरी पंडितों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की।</div><div><br></div><div>बाद में, जब महबूबा पत्रकारों से बात कर रही थीं, तो कश्मीरी पंडितों के एक अन्य समूह ने उन्हें टोकने की कोशिश की। वे उनसे बात करना चाहते थे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री के साथ मौजूद लोगों ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया। कश्मीरी पंडितों ने ‘‘जिस कश्मीर को खून से सींचा, वो कश्मीर हमारा है’’ जैसे नारे लगाए। उनमें से कुछ ने ‘‘भारत माता की जय’’ का उद्घोष भी किया। पूर्व मुख्यमंत्री पत्रकारों से बात करती रहीं और बाद में चली गईं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/huge-crowd-of-kashmiri-pandits-gathers-at-the-mata-kheer-bhawani-mela-in-jammu-and-kashmir" target="_blank">Jammu-Kashmir में Mata Kheer Bhawani Mela में उमड़ी Kashmiri Pandits की भारी भीड़</a></h3><div>इस बीच, सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुफ्ती ने कहा कि खीर भवानी मेले के दृश्य शब्दों से परे दिल को छू लेने वाले थे। उन्होंने लिखा, ‘‘कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों के बीच की गर्मजोशी और स्नेह ने अविश्वास और विभाजन की उन दीवारों को पार कर दिया है जिन्हें कुछ लोगों ने अपने एजेंडे के लिए खड़ी करने की कोशिश की थी। अब समय आ गया है कि हम अतीत की कैद से मुक्त होकर एक साझा भविष्य तैयार करें।’’ महबूबा ने यह भी रेखांकित किया कि कश्मीर घाटी के बाहर इलाज कराने वाले कश्मीरियों का कश्मीरी पंडित चिकित्सकों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत और देखभाल की जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘डॉ. सुशील राजदान, डॉ. यू कौल और डॉ. समीर कौल जैसे डॉक्टर प्रेरणादायक हैं, जो कश्मीर में मरीजों की सेवा कर रहे हैं, विशेष रूप से उनकी जो इलाज के लिए बाहर की यात्रा करने में असमर्थ हैं। उनका काम सिर्फ उपचार करना नहीं है बल्कि यह पुराने जख्मों को भरने व समुदायों के बीच संबंधों को फिर से मधुर बनाने में मदद कर रहा है।’’ इसके साथ ही उन्होंने सरकार से कश्मीरी पंडितों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।</div><div><br></div><div>उधर, भाजपा नेता जहांजेब सिरवाल ने कश्मीरी पंडितों को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में ऐसा माहौल बनाने पर ध्यान देना चाहिए जो लोगों के विश्वास को मजबूत करे, घावों को भरने में मदद करे और यह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय खुद को सुरक्षित महसूस करे। जहांजेब सिरवाल ने कहा कि भले ही जम्मू-कश्मीर का भविष्य मेल-मिलाप, आपसी सम्मान और जख्मों को भरने की भावना पर आधारित होना चाहिए, लेकिन कश्मीरी पंडित समुदाय ने जो पीड़ा और कष्ट झेले हैं, उन्हें लोगों से अतीत को भूल जाने के लिए कह कर यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।</div><div><br></div><div>भारतीय जनता पार्टी के नेता ने कहा कि वास्तविक मेल-मिलाप चुनिंदा बातों को याद रखने या भूल जाने से नहीं होता, बल्कि ईमानदार आत्ममंथन, वास्तविकताओं को स्वीकार करने और जहां गलतियां हुई हैं उन्हें स्वीकार करने के साहस से हासिल होता है। सिरवाल ने नेताओं से अपील की कि वे उन मुद्दों पर बोलते समय सावधानी और संवेदनशीलता बरतें, जो किसी पूरे समुदाय की भावनाओं, स्मृतियों और पीड़ा से गहराई से जुड़े हुए हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:36:54 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/mehbooba-mufti-kashmiri-pandits-kheer-bhawani-row</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Jan Gan Man: Bharat Bhushan Tiwari Encounter के बाद उठ रहे इन सवालों का क्या कोई जवाब है Bihar Govt. के पास?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/bharat-bhushan-tiwari-bihar-encounter-judicial-inquiry-bhojpur-news]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>क्या बिहार के भोजपुर में भारत भूषण तिवारी की मौत सचमुच पुलिस मुठभेड़ थी, या फिर आत्मसमर्पण के बाद उसे मारा गया? यही सवाल इस समय पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। 28 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता भारत भूषण तिवारी की मौत ने राजनीति से लेकर आम लोगों तक को झकझोर दिया है। घटना के बाद सामने आए एक वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बढ़ते विवाद और विपक्ष के हमलों के बीच बिहार सरकार ने अब मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं लेकिन सवाल यह है कि क्या निष्पक्ष जांच संभव हो पायेगी? सवाल उठ रहा है कि अगर पुलिसकर्मी दोषी पाये गये तो क्या उन्हें भी सख्त से सख्त सजा संभव हो पायेगी? सवाल उठ रहा है कि पुलिस भारत भूषण तिवारी की जिस बंदूक को अवैध हथियार बता रही है उस अवैध हथियार के सप्लायर को क्या कोई सजा हो पायेगी? सवाल उठ रहा है कि बिहार में निर्माणाधीन पुलों के गिरने के दोषियों, भ्रष्टाचारियों और अपराधियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती? सवाल उठ रहा है कि क्यों सिर्फ सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने वाले भारत भूषण तिवारी का एनकाउंटर हो गया?</div><div><br></div><div>हम आपको बता दें कि घटना सत्रह जून की है, जब भोजपुर जिले में पुलिस और विशेष कार्य बल की टीम भारत भूषण तिवारी को पकड़ने पहुंची थी। पुलिस का दावा है कि तिवारी ने अवैध पिस्तौल से पुलिस दल पर आठ से दस गोलियां चलाईं। ऐसे में पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसकी मौत हो गई। लेकिन यहां सवाल उठता है कि क्या पुलिस की यह कहानी पूरी तरह सही है?</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/bharat-tiwari-encounter-gangster-or-voice-of-people-why-nation-erupted-over-this-death-in-bihar" target="_blank">Bharat Tiwari Encounter Controversy | गैंगस्टर या जनता की आवाज़? बिहार में हुई इस मौत पर क्यों उबला देश, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला</a></h3><div>विवाद तब और बढ़ गया जब घटना से ठीक पहले का एक सीधा प्रसारण वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में भारत भूषण तिवारी खुले मैदान में कैमरे से बात करता दिखाई देता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अपनी पिस्तौल पुलिस की दिशा में फेंकता नजर आता है। इसके बाद गोली चलने की आवाज सुनाई देती है। अब सवाल उठ रहा है कि यदि उसने हथियार फेंक दिया था, तो फिर उसे गोली क्यों मारी गई?&nbsp;</div><div><br></div><div>तिवारी के परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने आत्मसमर्पण के बाद भी उसे नहीं बख्शा। उनका कहना है कि यह मुठभेड़ नहीं बल्कि एकतरफा कार्रवाई थी। दूसरी ओर पुलिस लगातार यह कह रही है कि वह मानसिक रूप से अस्थिर था और अधिकारियों को धमकियां दे रहा था। हम आपको यह भी बता दें कि भोजपुर पुलिस ने घटना से एक दिन पहले बयान जारी कर कहा था कि तिवारी को निःशस्त्र कर मानसिक स्वास्थ्य केंद्र भेजने की तैयारी चल रही थी। यदि ऐसा था, तो फिर हालात इतने बिगड़े कैसे कि गोली चलाने की नौबत आ गई?</div><div><br></div><div>उधर, इस घटना ने राजनीतिक तूफान भी खड़ा कर दिया है। विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमलावर हैं। विपक्ष का कहना है कि बिहार में कानून व्यवस्था के नाम पर फर्जी मुठभेड़ों को बढ़ावा दिया जा रहा है और सरकार जवाबदेही से बच रही है। इस बीच, जनदबाव बढ़ने के बाद बिहार सरकार ने न्यायिक जांच की घोषणा की है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विधि व्यवस्था सुधांशु कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और शाहाबाद क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक को जांच की निगरानी सौंपी गई है। साथ ही सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में अलग जांच समिति गठित की गई है। लेकिन फिर भी सवाल उठ रहा है कि क्या यह जांच निष्पक्ष होगी?&nbsp;</div><div><br></div><div>हम आपको बता दें कि राज्य सरकार ने संबंधित थाने के प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया है। हालांकि विपक्ष इसे केवल दबाव कम करने की कोशिश बता रहा है। इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि बिहार सरकार अपराधियों के सामने नहीं झुकेगी और अपराध के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। फिलहाल पूरे बिहार की नजर इस न्यायिक जांच पर टिकी हुई है क्योंकि यह मामला केवल एक मुठभेड़ तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस कार्रवाई, मानवाधिकार और कानून व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस का विषय बन चुका है।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:31:11 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/bharat-bhushan-tiwari-bihar-encounter-judicial-inquiry-bhojpur-news</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Lucknow Fire: डिप्टी CM Brajesh Pathak बोले, किसी को बख्शा नहीं जाएगा, 4 गिरफ्तार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/lucknow-fire-deputy-cm-brajesh-pathak-says-no-one-will-be-spared-4-arrested]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 23 जून को घोषणा की कि लखनऊ के अलीगंज इलाके में लगी जानलेवा आग, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी, उसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस घटना के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और कई अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। पाठक ने कहा कि कल रात से अब तक चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और कुछ अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है। SIT की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में सख़्त कार्रवाई की जाएगी; किसी को भी बख़्शा नहीं जाएगा।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/raghav-chadha-returns-to-punjab-after-leaving-aap-will-he-get-a-key-responsibility-in-the-bjp" target="_blank">AAP छोड़ने के बाद Raghav Chadha की Punjab वापसी, BJP में मिलेगी अहम जिम्मेदारी?</a></h3><div><br></div><div>कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने ऐसी घटनाओं के बार-बार होने पर चिंता जताई और जवाबदेही तय करने और सुरक्षा के बेहतर नियम लागू करने की मांग की। उन्होंने ANI से कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहती हैं - हमने इसे दिल्ली में देखा और अब लखनऊ में। ऐसी घटनाओं पर नज़र रखने के लिए क्या सिस्टम है? सरकार को यह पता लगाना चाहिए कि क्या गड़बड़ हुई और यह पक्का करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए कि ऐसी घटनाएं कहीं भी दोबारा न हों।</div><div><br></div><div><br></div><div>लखनऊ पुलिस ने अलीगंज पुलिस स्टेशन इलाके की उस बिल्डिंग को सील कर दिया है जहां आग लगी थी। आम लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है क्योंकि फोरेंसिक और फायर डिपार्टमेंट की टीमें सबूत इकट्ठा कर रही हैं। जगह को सुरक्षित रखने और जांच में मदद के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 110, 105, 125 और 3(5) के साथ-साथ उत्तर प्रदेश फायर सर्विस एक्ट की धाराओं 6 और 10 के तहत FIR दर्ज की गई है, जिसमें छह आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों को नामजद किया गया है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/george-kurian-resigns-council-of-ministers-president-accepts-resignation-with-immediate-effect" target="_blank">केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का मंत्रिपरिषद से इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से किया मंजूर</a></h3><div><br></div><div>प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने पर वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई और कुछ लोग खिड़कियों से बाहर निकले। एक व्यक्ति इमारत से कूद गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है।</div><div>&nbsp;</div><div>देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें&nbsp; <a href="https://www.prabhasakshi.com/national" target="_blank">National News in Hindi </a>केवल प्रभासाक्षी पर।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:15:35 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/lucknow-fire-deputy-cm-brajesh-pathak-says-no-one-will-be-spared-4-arrested</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[आरोपियों की संपत्ति होगी जब्त, NTA ने जिन शिक्षकों पर भरोसा किया वो ही भक्षक बन गए, NEET पेपर के बाद क्या बोले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/here-is-what-education-minister-dharmendra-pradhan-said-following-the-neet-paper-leak]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>नीट यूजी (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा कैसे बिना किसी गड़बड़ी के पूरी हुई? इस राज से खुद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पर्दा उठाया है। एनडीटीवी से एक बेहद खास बातचीत में उन्होंने साफ़ कहा कि देश के होनहार छात्रों ने इस बार भी कमाल किया है और सबके बेहतरीन नंबर आएंगे। लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने उन चेहरों को भी बेनकाब किया जिन्होंने इस सिस्टम को चोट पहुंचाई। शिक्षा मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जिन शिक्षकों पर सबसे ज्यादा भरोसा किया, उन्होंने ही धोखा दिया यानी रक्षक ही भक्षक बन बैठे। धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि इस बार सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसा क्वेश्चन पेपर तैयार करने की थी जिसे कोई लीक न कर सके। इसके लिए एक्सपर्ट्स की एक सीक्रेट टीम बनाई गई, पेपर्स के कई सेट्स तैयार हुए और इसका दायरा इतना बड़ा था कि आखिरी वक्त तक किसी को कानों-कान खबर नहीं थी कि छात्रों के सामने कौन सा फाइनल पेपर आने वाला है।&nbsp;</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/government-ban-lifted-telegram-returns-to-google-play-store-still-awaiting-apple-app-store-release" target="_blank">सरकारी प्रतिबंध हटा, Google Play Store पर फिर लौटा Telegram, Apple App Store पर इंतज़ार</a></h3><p>शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि एनईईटी और पेपर लीक के दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट और सख्त सिविल एक्शन (कड़ी कानूनी कार्रवाई) लिया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि भविष्य में पेपर लीक रोकने का क्या प्लान है, तो उन्होंने युवाओं को एक बड़ा संदेश दिया। मंत्री ने कहा, "भारत युवाओं का देश है और हमारी कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं हो सकता। उन्होंने एक बड़ा आंकड़ा सामने रखते हुए बताया कि इस साल एनटीए (एनटीए) ने नीट समेत लगभग एक करोड़ छात्रों की प्रवेश परीक्षाएं कराई हैं, और अब ज्यादातर एग्जाम्स को सीबीटी (CBT - कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है। राधाकृष्णन कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने माना कि पेन-पेपर से एग्जाम कराना आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि इसमें पेपर लीक का खतरा सबसे ज्यादा होता है। हालांकि, ऑनलाइन एग्जाम (CBT) में भी अपनी चुनौतियाँ हैं, लेकिन सरकार अब पूरे सिस्टम को 'लीकेज प्रूफ' बनाने के मिशन पर काम कर रही है।&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:04:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/here-is-what-education-minister-dharmendra-pradhan-said-following-the-neet-paper-leak</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[AAP छोड़ने के बाद Raghav Chadha की Punjab वापसी, BJP में मिलेगी अहम जिम्मेदारी?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/raghav-chadha-returns-to-punjab-after-leaving-aap-will-he-get-a-key-responsibility-in-the-bjp]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को पंजाब का दौरा किया। अप्रैल में आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद यह उनका पहला पंजाब दौरा था। उन्होंने लुधियाना में भाजपा की एक अहम बैठक में हिस्सा लिया, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने की थी। इस बैठक का मकसद 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाना था। चड्ढा ने एक और सांसद राजिंदर गुप्ता के साथ बैठक में भाग लिया। गुप्ता ने भी आप छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/suvendu-adhikari-paid-tribute-offered-flowers-on-death-anniversary-of-dr-syama-prasad-mukherjee" target="_blank">West Bengal News: डॉ. Syama Prasad Mukherjee के बलिदान दिवस पर Suvendu Adhikari ने दी श्रद्धांजलि, अर्पित किए पुष्प।</a></h3><div><br></div><div>बैठक में उनकी मौजूदगी को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। इससे संकेत मिलते हैं कि चुनावों से पहले उन्हें संगठन में कोई अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, BJP प्रमुख नवीन ने बैठक में मौजूद नेताओं और सांसदों से ज़मीनी स्तर पर काम करने को कहा। बैठक में शामिल एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि 2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने साफ किया कि हाल ही में पार्टी में शामिल हुए सांसदों को संगठन के भीतर चुनाव से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।</div><div><br></div><div><br></div><div>चड्ढा और गुप्ता के अलावा, आप के पांच और राज्यसभा सदस्यों -- संदीप पाठक, अशोक मित्तल, क्रिकेटर हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी -- ने अप्रैल में आप छोड़ने और भाजपामें शामिल होने का फ़ैसला किया था। स्वाति मालीवाल को छोड़कर, बाकी छह सांसद ऊपरी सदन में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं। आप छोड़ने के बाद, चड्ढा ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफ़े की वजहें बताईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का माहौल "ज़हरीला" हो गया था। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से उन्हें उन मुद्दों पर बेहतर ढंग से काम करने में मदद मिलेगी जिनका वे समर्थन करते हैं।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/punjab-youth-will-bring-about-change-nitin-nabin-fired-up-the-crowd-in-ludhiana" target="_blank">Punjab का युवा करेगा बदलाव! Nitin Nabin ने लुधियाना में भरा जोश, बोले- नेतृत्व को तैयार है BJP  </a></h3><div><br></div><div>चूंकि आप के 10 में से सात राज्यसभा सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़ी (जो कुल संख्या का दो-तिहाई है), इसलिए संविधान की दसवीं अनुसूची (जिसे आम तौर पर दलबदल विरोधी कानून कहा जाता है) के तहत उनमें से किसी को भी अयोग्य नहीं ठहराया गया। अगर राघव चड्ढा या कोई अन्य सांसद अकेले ऐसा करते, तो दलबदल विरोधी कानून के तहत उनकी राज्यसभा सीट जाने का खतरा होता। हालांकि, यह नियम यहां लागू नहीं हुआ क्योंकि किसी विधायी पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों ने दूसरी पार्टी में विलय कर लिया था।</div><div>&nbsp;</div><div>देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें&nbsp; <a href="https://www.prabhasakshi.com/national" target="_blank">National News in Hindi </a>केवल प्रभासाक्षी पर।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:01:45 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/raghav-chadha-returns-to-punjab-after-leaving-aap-will-he-get-a-key-responsibility-in-the-bjp</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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