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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[Kirit Somaiya मुंबई एयरपोर्ट के पास मस्जिद हटाने की मांग पर निकालेंगे हथौड़ा रैली]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/kirit-somaiya-protest-march-illegal-mosque-mumbai-airport-terminal-two]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि वह मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-दो के पास स्थित एक “अवैध” मस्जिद को गिराने की मांग को लेकर 24 अक्टूबर को ‘हथौड़ा रैली’ निकालेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि संवेदनशील हवाई अड्डा परिसर के पास इस संरचना की मौजूदगी सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा करती है। सोमैया ने दिन में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीएसएमआईए) के टर्मिनल-दो के पास विरोध मार्च निकाला।</p><p>उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद का निर्माण वीआईपी आगमन द्वार और टैक्सी स्टैंड के पास एक संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र में अवैध रूप से किया गया है। सोमैया ने, “संवेदनशील हवाई अड्डा परिसर के पास मस्जिद की मौजूदगी सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा करती है।”
उन्होंने सवाल किया कि सरकारी एजेंसियों और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के साथ पत्राचार के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने इस संरचना के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। सोमैया ने 14 अक्टूबर को अपने वकील जितेंद्र जी शर्मा के माध्यम से भेजे गए एक कानूनी नोटिस में मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्राइवेट लिमिटेड (एमआईएएल) के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विष्णु झा से टर्मिनल-दो के वीआईपी आगमन द्वार और टैक्सी स्टैंड के पास स्थित मस्जिद को तत्काल हटाने के लिए कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।</p><p>नोटिस में पांच सितंबर को सोमैया की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत का जिक्र किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि मस्जिद एक संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र में वीआईपी आगमन द्वार से लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित है और सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा करती है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 23:53:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/kirit-somaiya-protest-march-illegal-mosque-mumbai-airport-terminal-two</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Ayodhya Deepotsav 2024: सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य तय]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/ayodhya-deepotsav-30-lakh-diyas-on-56-saryu-ghats-preparations-underway]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं और सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। दीपोत्सव के लिए घाटों की साफ-सफाई के बाद दीप सजाने के लिए निशान लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी (दीपोत्सव) संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपों की सजावट के लिए 30 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 33 लाख दीप मंगाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें लाने और सजावट के दौरान टूटने वाले दीपों की कमी न हो।</p><p>उन्होंने बताया कि दीपोत्सव की तैयारियों के तहत शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे सरयू तट के घाट संख्या 10 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया जाएगा और यह अनुष्ठान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर बिजेंद्र सिंह की मौजूदगी में होगा। अधिकारियों ने बताया कि इस बार विस्तारित राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल सहित कुल 56 घाटों पर दीप सजाये जायेंगे जबकि पिछले वर्षों में 55 घाटों पर दीपोत्सव आयोजित होता था। उन्होंने बताया कि दीपों को व्यवस्थित और आकर्षक ढंग से सजाने के लिए चार वर्ग फुट के ब्लॉक बनाए जा रहे हैं और मार्किंग का काम अगले तीन से चार दिन में पूरा करने का लक्ष्य है।</p><p>अधिकारियों ने बताया कि दीप सज्जा और प्रज्ज्वलन के लिए अवध विश्वविद्यालय करीब 35 हजार स्वयंसेवक तैनात करेगा। उन्होंने बताया कि इनमें विभिन्न डिग्री और इंटर कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल होंगे और स्वयंसेवकों को घाटवार जिम्मेदारी सौंपी जाएगी जिसके लिये उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, स्वयंसेवकों की पहचान के लिए क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, जिनमें नाम, फोटो, मोबाइल नंबर और तैनाती स्थल जैसी जानकारियां होंगी।</p><p>अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन दीपों की व्यवस्था, स्वयंसेवकों की तैनाती तथा सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 23:43:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/ayodhya-deepotsav-30-lakh-diyas-on-56-saryu-ghats-preparations-underway</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[PM Modi और Donald Tusk की बैठक, 2030 तक व्यापार दोगुना करने पर बनी सहमति]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/pm-modi-donald-tusk-meet-india-poland-agree-double-bilateral-trade-by-2030]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत और पोलैंड ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में संबंधों को मजबूत करने पर बृहस्पतिवार को सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके पोलिश समकक्ष डोनाल्ड टस्क ने 2030 तक दोनों देशों के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा छह अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करने का संकल्प लिया। वार्ता के बाद मोदी ने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन में विश्वास रखते हैं तथा भारत, यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति लाने के हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहेगा।</p><p>यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर फिर से जोर दिए जाने के बीच टस्क तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। मोदी ने कहा, “आज हम रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपने संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर सहमत हुए। हम पोलैंड की कंपनियों को आमंत्रित करते हैं कि वे इन सभी रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर सह-विकास और सह-उत्पादन के काम में शामिल हों।”
उन्होंने कहा, “महत्वपूर्ण खनिजों और कोयला गैसीकरण के क्षेत्र में भी हम पोलैंड की विशेषज्ञता के साथ नयी साझेदारियां बनाएंगे।”
मोदी और टस्क के बीच बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने चार घोषणाएं कीं।</p><p>इनमें 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना, रक्षा उद्योग संवाद स्थापित करना और आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर बातचीत करने पर सहमति शामिल है। अपनी टिप्पणी में टस्क ने कहा, “हम राजनीतिक खतरों को अच्छी तरह समझते हैं और खनिजों तथा रणनीतिक संसाधनों के मामले में यथासंभव आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता को भी समझते हैं।”
टस्क ने कहा कि दोनों देश आपसी तालमेल विकसित करने में सफल रहे हैं, क्योंकि उनके बीच हितों का कोई टकराव या ऐतिहासिक मुद्दे नहीं हैं, जो उन्हें विभाजित करते हों। उन्होंने वैश्विक मंच पर मोदी की भूमिका की भी सराहना की और अस्थिरता तथा राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में इसे “आशा की किरण” बताया।</p><p>टस्क ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना की ओर से पोलैंड के ड्रोन के इस्तेमाल का भी परोक्ष रूप से जिक्र किया। टस्क ने बिना विस्तार से बताए कहा, “हमारे ड्रोन बहुत उपयोगी साबित हुए।”
मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच मित्रता न केवल राजनयिक संबंधों पर, बल्कि मानवता और करुणा की साझा विरासत पर भी आधारित है।</p><p>उन्होंने कहा, “द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जामनगर और कोल्हापुर के राजघरानों ने भारत में पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को आश्रय दिया था।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “पोलैंड ने भी 2022 में यूक्रेन से हमारे छात्रों की सुरक्षित वापसी में मदद करके मानवता की इसी भावना का परिचय दिया था।”
मोदी ने अपने मीडिया वक्तव्य में दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “दुनिया अनिश्चितता और बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भी भारत और पोलैंड विकास, प्रौद्योगिकी और नवाचार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों की बढ़ती आर्थिक ताकत ने भारत-पोलैंड साझेदारी के लिए नये अवसर पैदा किए हैं।</p><p>उन्होंने कहा, “और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते ने इन अवसरों को और बढ़ा दिया है। लागू होने पर, यह समझौता भारत से पोलैंड को मशीनरी, रसायन, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात के लिए नये अवसर खोलेगा।”
मोदी ने कहा, “इसके अलावा, हम रेलवे और आवाजाही, अत्याधुनिक विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में पोलैंड से नया निवेश लाएंगे।”
उन्होंने इस बात का भी भरोसा जताया कि भारत और पोलैंड मिलकर दुनिया के लिए भरोसेमंद आपूर्ति शृंखला विकसित करेंगे और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के साझा लक्ष्य को भी हासिल करेंगे।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 23:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/pm-modi-donald-tusk-meet-india-poland-agree-double-bilateral-trade-by-2030</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Pushkar Singh Dhami ने Rekha Arya विवाद पर कहा शादी के 22 साल बाद आरोप क्यों निष्पक्ष जांच जरूरी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/pushkar-singh-dhami-seeks-fair-probe-in-rekha-arya-dispute-uttarakhand]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>(फाइल फोटो के साथ)
देहरादून, 22 अक्टूबर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी कैबिनेट सहयोगी रेखा आर्य और उनके पति द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए आरोप-प्रत्यारोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि शादी के 22 साल बाद ये आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं। राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री आर्य ने पिछले सप्ताह अपने पति गिरधारी लाल साहू पर मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, धोखाधड़ी, जालसाजी और हत्या की साजिश रचने के आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया।</p><p>उधर, साहू ने दावा किया कि आर्य के पास 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है। मुख्यमंत्री ने यहां सत्तारूढ़ भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘ये सब विषय जांच के हैं। वे 22 सालों तक साथ-साथ रहे हैं तो फिर अब तक ये आरोप क्यों नहीं लगाए गए।’’
उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और इस मामले का इस्तेमाल किसी के राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया जाना चाहिए।</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक निष्पक्ष जांच जरूरी है और कोई भी गुनाहगार कानून से बचना नहीं चाहिए।’’
आर्य ने साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप भी जारी की, जिसमें साहू कथित तौर पर किसी अन्य महिला के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रचते हुए सुनाई दे रहे हैं। मामले की जांच के लिए गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार को मंत्री का बयान दर्ज कर उनसे जांच के लिए वह ऑडियो रिकॉर्डिंग भी ली है। हालांकि, साहू ने आर्य के इन आरोपों को खारिज कर दिया।</p><p>एक वीडियो जारी कर साहू ने अपनी पत्नी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके पास 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की किसी उचित एजेंसी से जांच कराने की भी मांग की। हालांकि, आर्य ने इन आरोपों को गलत बताया।</p><p>साहू ने आर्य द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई ऑडियो रिकॉर्डिंग को भी एआई की मदद से बनाया गया बताया और कहा कि यह परिवार तोड़ने के लिए बनाया गया है। साहू ने आर्य से अपनी शिकायत वापस लेने की अपील की और खुद पर लगाए गए आरोपों को झूठा बताया।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 23:23:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/pushkar-singh-dhami-seeks-fair-probe-in-rekha-arya-dispute-uttarakhand</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Asian Para Games में Suhas LY और सुवर्णा राज ने जीते पदक, सीएम योगी ने दी बधाई]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/yogi-adityanath-congratulates-suhas-ly-suvarna-raj-asian-para-games-medals]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एशियाई पैरा खेल 2026 में कांस्य पदक जीतने वाले पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी और आईएएस अफसर सुहास एलवाई तथा ‘ डिस्कस थ्रो’ में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली सुवर्णा राज को बृहस्पतिवार को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उत्तर प्रदेश के खेल विभाग के सचिव और आईएएस अधिकारी सुहास एलवाई ने पुरुष एकल एसएल4 पैरा-बैडमिंटन प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीता।</p><p>सुवर्णा राज ने महिलाओं की ‘डिस्कस थ्रो एफ54’ प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सुहास को बधाई देते हुए कहा कि एशियाई पैरा खेल-2026 में पुरुष एकल ‘एसएल4 पैरा-बैडमिंटन’ प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीतना उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सुहास की उपलब्धि दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से सपनों को साकार करने की प्रेरणा देती है।</p><p>उन्होंने खिलाड़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। आदित्यनाथ ने सुवर्णा राज को बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं की ‘डिस्कस थ्रो एफ54’ प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने देश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुवर्णा की यह स्वर्णिम उपलब्धि अथक परिश्रम और अटूट संकल्प का परिणाम है।</p><p>उनकी सफलता असंख्य बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने वाली है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 23:13:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/yogi-adityanath-congratulates-suhas-ly-suvarna-raj-asian-para-games-medals</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[DK Shivakumar का एलान: कर्नाटक में नई नियुक्तियों के लिए भंग होंगी मौजूदा समितियां]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/dk-shivakumar-karnataka-committees-dissolved-new-appointments-congress-leadership]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह नयी नियुक्तियों का रास्ता साफ करने के लिए अगले तीन से चार दिन में कुछ मौजूदा समितियों को भंग कर देंगे। हालांकि, नियुक्तियों की अंतिम सूची को अभी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी मिलनी बाकी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा कि बोर्ड और निगमों में पदों को भरने के लिए पार्टी नेतृत्व से परामर्श करना जरूरी है।</p><p>उन्होंने कहा, “पार्टी महासचिव से मिलना जरूरी है।”
शिवकुमार ने कहा कि वेणुगोपाल ने उन्हें बताया है कि राहुल गांधी का दौरा होना है और उनके आने के बाद मामलों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमें नये लोगों को शामिल करना है। कुछ विधायकों और अन्य लोगों को भी समायोजित करना है।”
शिवकुमार ने बताया कि सूची वेणुगोपाल के पास है और राहुल गांधी के आने के बाद इसे आगे भेजा जाएगा।</p><p>यह पूछे जाने पर कि उन्होंने पहले नियुक्तियों को अंतिम रूप दिए जाने की बात कही थी, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका आशय केवल सदस्यों की नियुक्तियों से था। शिवकुमार ने कहा, “मुझे अब निदेशकों की सूची मिल गई है और मैं आदेश जारी कर दूंगा।”
उन्होंने बताया कि इस सूची में करीब 500 लोग शामिल हैं। शिवकुमार ने कहा कि चुनाव नजदीक होने और आदर्श आचार संहिता लागू होने की आशंका को देखते हुए उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें इसकी मंजूरी नहीं मिली।</p><p>मंत्रिमंडल में दो रिक्त पदों और महिलाओं को आरक्षण देने की लंबे समय से लंबित मांग के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा कि इस संबंध में फैसला शीर्ष नेतृत्व को करना है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 23:03:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/dk-shivakumar-karnataka-committees-dissolved-new-appointments-congress-leadership</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Madhya Pradesh बना अव्वल, दो साल में नष्ट की गई 2.74 लाख किलोग्राम ड्रग्स]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/madhya-pradesh-ranks-first-destroying-274-lakh-kg-drugs-in-two-years]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>मध्यप्रदेश दो साल में 2,74,405 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट करने के साथ इस संबंध में देश में पहले स्थान पर रहा। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में नशा विरोधी समितियां भी गठित करेगी।</p><p>इन समितियों में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी, उच्च शिक्षा एवं सामाजिक न्याय विभागों के प्रतिनिधि और पुलिसकर्मी शामिल होंगे। संबंधित स्थानीय थाने का बीट प्रभारी समिति का नोडल अधिकारी होगा। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने यहां मंत्रालय में राज्य स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस संबंध में निर्देश दिए।</p><p>वर्णवाल ने सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में नशामुक्त विद्यालय अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने मादक पदार्थों से संबंधित जानकारी देने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य लोगों की पहचान गोपनीय रखने की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया। मुख्य सचिव ने मध्यप्रदेश में मादक पदार्थों के पूरे अवैध नेटवर्क को खत्म करने के लिए तीन साल का समन्वित अभियान चलाने का आह्वान किया।</p><p>उन्होंने इसकी तुलना राज्य में नक्सलवाद के खात्मे के लिए किए गए प्रयासों से की। उन्होंने संबंधित विभागों को अभियान के लिए आंतरिक लक्ष्य निर्धारित करने और कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए खुफिया तंत्र मजबूत करने तथा नारकोटिक्स इकाई, विशेष खुफिया शाखा (एसआईबी) और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय बेहतर बनाने पर जोर दिया।</p><p>बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 2025 में 2,073 मामलों में अफीम, मॉर्फिन और कोडीन सहित 1,44,025 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए गए। इस साल एक जनवरी से 30 सितंबर तक 2,756 मामलों में 1,30,380 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस साल 30 सितंबर तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज 2,986 मामलों में 4,091 आरोपियों से 50,933 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया।</p><p>मुख्य सचिव ने लोगों को मादक पदार्थों से संबंधित जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की मानस हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। सामाजिक न्याय विभाग को उन जिलों से 31 अक्टूबर तक प्रस्ताव प्राप्त करने को कहा गया है, जहां नशामुक्ति केंद्र नहीं हैं। मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में नशामुक्ति केंद्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।</p><p>वर्तमान में सामाजिक न्याय विभाग के तहत 31 और स्वास्थ्य विभाग के तहत 10 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। वर्णवाल ने नशामुक्ति अभियान में मध्यप्रदेश के देश के शीर्ष दो राज्यों में शामिल होने पर प्रसन्नता जताई और संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि 2025 और 2026 में मानस पोर्टल एवं हेल्पलाइन के माध्यम से राज्य में 811 शिकायतें प्राप्त हुईं।</p><p>इस दौरान राज्य पुलिस, एनसीबी, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने मादक पदार्थों की 18 अवैध प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया। एनडीपीएस मामलों में 446 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी कुर्क की गईं। इनमें 2025 में 54 मामलों में 300 करोड़ रुपये और 2026 में 38 मामलों में 146 करोड़ रुपये की संपत्तियां शामिल हैं।</p><p>अधिकारियों ने बताया कि सितंबर 2026 तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत विशेष श्रेणी के 201 मुकदमों की निगरानी की जा रही है। इसी अवधि में अदालतों में लंबित आठ मामलों में दोषसिद्धि हुई। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को केंद्र के साथ समन्वय कर कोडीन-आधारित कफ सिरप के उत्पादन और वितरण नेटवर्क की जानकारी जुटाने तथा उनकी आपूर्ति एवं वितरण की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।</p><p>वर्णवाल ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत भेजे गए नमूनों की जांच रिपोर्ट 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली में सुधार की योजना बनाने को कहा। उन्होंने कोडीन-आधारित दवाओं की लाइसेंस प्रक्रिया को एकीकृत करने पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 30,339 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें करीब 2.58 करोड़ लोगों ने भाग लिया।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 22:53:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/madhya-pradesh-ranks-first-destroying-274-lakh-kg-drugs-in-two-years</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tamil Nadu में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई जिलों में स्कूल बंद और बांधों में बढ़ा जलस्तर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/tamil-nadu-heavy-rain-triggers-waterlogging-in-chennai-southern-districts]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>उत्तर-पूर्वी मानसून की सक्रियता के कारण तमिलनाडु के कई हिस्सों में लगातार बारिश होने से जलाशयों में जल स्तर तेजी से बढ़ा है और कई स्थानों पर जलभराव हो गया है। रात भर हुई भारी बारिश के कारण चेन्नई के कुछ हिस्सों और दक्षिणी जिलों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। संकरणकोइल में मूसलाधार बारिश के चलते जलभराव देखने को मिल रहा है।</p><p>कन्याकुमारी जिले में लगातार भारी बारिश से कोल्लमकोड नगरपालिका क्षेत्र प्रभावित हुआ है। कई घरों में पानी घुस जाने से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण कई इलाकों में वाहन और घर के जरूरी सामान डूब गए या खराब हो गए।</p><p>एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि नगर निकाय के कर्मचारी घरों से पानी निकालने में जुटे हैं। इसके साथ ही नालों से जल निकासी तेजी से सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने बृहस्पतिवार को यहां एझिलगम स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का दौरा किया और वहां चल रही तैयारियों तथा समन्वय संबंधी कार्यों का जायजा लिया।</p><p>उन्होंने राज्य भर में जारी भारी बारिश के बीच मानसून से निपटने की तैयारियों, आपातकालीन राहत उपायों, विभिन्न जिलों के हालात और चलाए जा रहे राहत कार्यों की समीक्षा की। बीती रात गरज के साथ भारी बारिश होने के बाद कन्याकुमारी जिला प्रशासन ने आज जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। तिरुनेलवेली और तेनकासी जिले बारिश के कारण पहले ही छुट्टी की घोषणा कर चुके हैं।</p><p>मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान के 29 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। मौसम विभाग ने राज्य में विभिन्न स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की चेतावनी दी है। मदुरै में भारी बारिश के कारण 140 एकड़ से अधिक क्षेत्र में धान की फसल पानी में डूब गई।</p><p>किसानों का कहना है कि नहरों की सफाई (गाद हटाने का काम) नहीं होने के कारण फसलें खराब हो रही हैं। उन्होंने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है। उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने से पेयजल आपूर्ति वाले मुख्य स्रोतों और सिंचाई बांधों में पानी का स्तर बढ़ गया है।</p><p>चेन्नई में पेयजल आपूर्ति के लिए अहम छह प्रमुख जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता बढ़कर 37 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वही वैगई बांध में जल स्तर बढ़कर 44.88 फुट हो गया है, जबकि मुल्लापेरियार बांध में जल स्तर 116.90 फुट तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु और पुडुचेरी में 26 अक्टूबर तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।</p><p>मौसम की मौजूदा स्थिति पर जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि 21 अक्टूबर की शाम से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तमिलनाडु तट पर निम्न वायुदाब का क्षेत्र बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है और इसके प्रभाव से 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व तथा उससे सटे मध्य-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर एक नया निम्न वायु दाब क्षेत्र बनने के आसार हैं। इसके बाद इसके उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने और अधिक तीव्र होने की संभावना है।</p><p>मौसम विज्ञानी उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बने एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण पर भी नजर रख रहे हैं। अनुमान है कि यह अलग मौसम प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगी और शुक्रवार के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर दूसरे कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकती है। अगले 24 घंटों के दौरान तूतीकोरिन, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, तेनकासी, विरुधुनगर, रामनाथपुरम, थेनी, डिंडीगुल, मदुरै, कोयंबटूर, नीलगिरि, शिवगंगा, पुदुकोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम और मयिलादुथुरई सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।</p><p>मौसम विभाग के अनुसार, इसके अलावा तिरुवल्लुर, विल्लुपुरम, तिरुचिरापल्ली, इरोड, अरियालुर, पेरम्बलूर, कडलूर, नमक्कल, तिरुप्पुर और करूर जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं चेन्नई और इसके पड़ोसी इलाकों में अगले दो दिनों के दौरान आमतौर पर मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि 24 और 25 अक्टूबर को तेज बारिश हो सकती है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 22:43:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/tamil-nadu-heavy-rain-triggers-waterlogging-in-chennai-southern-districts</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Aamir Shaukeen की माफी के बाद Tripura के पीड़ित युवक ने विवाद खत्म करने की बात कही]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/tripura-youth-forgives-content-creator-aamir-shaukeen-over-viral-video-controversy]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित तौर पर नस्लीयय दुर्व्यवहार का शिकार हुए त्रिपुरा के 19 वर्षीय युवक ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने दिल्ली के कंटेंट क्रिएटर आमिर शौकीन द्वारा बिना शर्त माफी मांगने के बाद उसे माफ कर दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि त्रिपुरा के युवक के साथ कथित तौर पर नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमान करने के आरोप में शौकीन को बृहस्पतिवार शाम नयी दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया। गुजरात के अहमदाबाद शहर के एक रेस्तरां में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने वाले युवक ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो वास्तव में करीब एक महीने पहले अहमदाबाद में बनाया गया था।</p><p>संभव है कि ऐसा मजाक में किया गया हो। मुझे नहीं पता था कि कोई मेरा वीडियो बना रहा है। मुझे कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड होने के बाद ही इसके बारे में पता चला और मैं परेशान हो गया।’’
युवक ने कहा, ‘‘कंटेंट क्रिएटर ने अपने किए के लिए पहले ही बिना शर्त माफी मांग ली है और मैंने उसे माफ कर दिया है।’’
शौकीन की गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता था कि वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया जाए।</p><p>असल में, मैं कानूनी झमेलों में नहीं पड़ना चाहता। मुझे कुछ नहीं चाहिए।”
उत्तरी त्रिपुरा के आनंदबाजार इलाके का रहने वाले युवक ने कहा कि उसे डर है कि अगर विवाद बढ़ा और पुलिस ने सख्त कार्रवाई की, तो मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि वह महीने के 10,000 रुपये कमाता है, जो उनके घर पर मौजूद चार लोगों के परिवार के लिए आय का एकमात्र स्रोत है।</p><p>सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित वीडियो में शौकीन त्रिपुरा के युवक के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते सुनाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूर्वोत्तर के विभिन्न हिस्सों में व्यापक निंदा हुई। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि शौकीन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और दिल्ली तथा त्रिपुरा पुलिस उसे ‘‘सबक सिखाएगी।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘इस दुष्ट व्यक्ति को सजा मिलेगी।</p><p>आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई, लेकिन दिल्ली पुलिस और त्रिपुरा पुलिस उसे सबक सिखाएगी।’’
इससे पहले दिन में, टिपरा मोथा पार्टी के संस्थापक प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस से शौकीन को त्रिपुरा लाने का आग्रह किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि त्रिपुरा पुलिस की एक टीम के देर रात दिल्ली पहुंचने की संभावना है। टीम सबसे पहले सदर बाजार पुलिस थाने जाएगी, जहां वह दिल्ली पुलिस से शौकीन की हिरासत लेगी।</p><p>इसके बाद पुलिस शौकीन को ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के लिए दिल्ली की अदालत में पेश करेगी। त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली ने बुधवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त को एक शिकायत सौंपी, जिसमें उन्होंने इस वीडियो की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि वीडियो में एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, त्रिपुरा के एक व्यक्ति के साथ यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और अपमानजनक व्यवहार करता दिख रहा है।</p><p>त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी राज्य के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करें।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 22:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/tripura-youth-forgives-content-creator-aamir-shaukeen-over-viral-video-controversy</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Shimla के पूर्व SSP Sanjeev Gandhi पर 2.35 लाख रुपये के गबन का केस दर्ज]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/fir-registered-against-former-shimla-ssp-sanjeev-gandhi-over-embezzlement]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>शिमला पुलिस ने सरकारी कोष से 2.35 लाख रुपये के गबन और एक पुलिस कांस्टेबल से धोखाधड़ी के आरोप में शहर के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजीव कुमार गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, कैथू पुलिस लाइंस में तैनात एक कांस्टेबल की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया।</p><p>उसने बताया कि कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि उसे सरकारी कार्यों के लिए अपने निजी खाते से खर्च करने को कहा गया था और बाद में राशि लौटाने का आश्वासन दिया गया था। शिकायत के मुताबिक, कांस्टेबल ने अपने खाते से 1,87,890 रुपये खर्च किए और संबंधित बिल कार्यालय में जमा कराए तथा इन बिल की जांच के बाद भुगतान को मंजूरी दे दी गई थी। कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि छह फरवरी, 2026 को शिमला के तत्कालीन एसएसपी गांधी ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया और भुगतान वाउचर पर उसके हस्ताक्षर लिए।</p><p>उसे कथित तौर पर बताया गया कि भुगतान प्रक्रिया पूरी करने के लिए हस्ताक्षर जरूरी हैं और मंजूर राशि बाद में उसके खाते में जमा कर दी जाएगी। हालांकि, कांस्टेबल के अनुसार, उसे यह रकम नहीं मिली। पुलिस के मुताबिक, कांस्टेबल ने इस साल जुलाई में शिकायत दर्ज कराने के बाद भुगतान की स्थिति जानने के लिए लेखा शाखा से संपर्क किया।</p><p>उसने बताया कि वहां कांस्टेबल को पता चला कि राशि पहले ही निकाल ली गई थी, लेकिन उसके खाते में जमा नहीं की गई। शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। उन्होंने कहा, जांच में सामने आया कि करीब दो साल की अवधि में जिला पुलिस कोष से कुल 2.35 लाख रुपये अवैध रूप से निकाले गए थे।</p><p>आरोप है कि तत्कालीन एसएसपी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि इस राशि का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया, जिसके कारण कोष में कमी पाई गई। सिंह ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है। हालांकि, संपर्क किए जाने पर गांधी ने कहा कि उन्हें अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की कोई जानकारी नहीं है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 22:23:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/fir-registered-against-former-shimla-ssp-sanjeev-gandhi-over-embezzlement</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[East Delhi में फटे नोट के विवाद में पिटाई के बाद Delivery Boy समीर हुसैन ने की खुदकुशी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/east-delhi-delivery-boy-sameer-hussain-suicide-torn-ten-rupee-note-assault]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पूर्वी दिल्ली में फटे नोट को लेकर दो लोगों द्वारा पीटे जाने से आहत होकर सामान पहुंचाने वाली कंपनी के प्रतिनिधि ने कथित रूप से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया और 24वें जन्मदिन से एक दिन पहले उसने अस्पताल में दमतोड़ दिया। उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था जिसमें उसने 10 रुपये के फटे नोट को लेकर सार्वजनिक रूप से आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने की बात कही। पुलिस के अनुसार, समीर हुसैन 21 अक्टूबर को 24 वर्ष का होने वाला था।</p><p>उसपर चार अक्टूबर की रात ईस्ट विनोद नगर के दो निवासियों ने तब हमला कर दिया जब उसने उनसे फटा हुआ नोट बदलने या ऑर्डर रद्द करने का अनुरोध किया था। अधिकारियों ने बताया कि 20 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि दो आरोपियों, राकेश उर्फ बंटी (30) और रामपाल सिंह (65) को गिरफ्तार कर लिया गया है।</p><p>पुलिस के मुताबिक, चार अक्टूबर को रात 11 बजकर तीन मिनट पर इस घटना के संबंध में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को फोन आया था। हुसैन ने सूचना दी थी कि आरोपियों ने फटे नोट को लेकर उस पर हमला किया है। पुलिस ने बताया कि इसके बाद देर रात हुसैन की चिकित्सकीय-कानूनी रिपोर्ट (एमएलसी) तैयार की गई और उसी दिन कल्याणपुरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।</p><p>पुलिस को बाद में सूचना मिली कि हुसैन ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था और उसे पांच अक्टूबर को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 20 अक्टूबर को उसकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 जोड़ दी गई जो आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित है। ज़हर खाने से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में, हुसैन ने खुद को एक ऐसे शख्स बताया जो ईमानदारी की कमाई में विश्वास रखता था।</p><p>उसने कहा कि वह साइकिल पर ऑर्डर की आपूर्ति करता था क्योंकि उसके पास कोई गाड़ी नहीं थी। वीडियो में उसने कहा, “मैं कड़ी मेहनत करने में विश्वास रखता हूं। मेरे पास कोई गाड़ी नहीं है, इसलिए मैं साइकिल पर आपूर्ति करता हूं।</p><p>मेरा मानना है कि कम खाऊंगा लेकिन अपनी मेहनत का खाऊंगा।”
चार अक्टूबर की घटना का जिक्र करते हुए हुसैन ने कहा कि ग्राहक ने लगभग 150 रुपये मूल्य के कॉफी ऑर्डर के लिए नकदी की व्यवस्था करने में करीब 15 मिनट लगा दिए। उसने कहा कि उसने देरी पर कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन ग्राहक से 10 रुपये का फटा नोट बदलने का अनुरोध किया। हुसैन ने कहा, “मैंने उससे विनम्रतापूर्वक कहा, ‘अंकल, कृपया इसे बदल दें’, लेकिन वह बदतमीजी करने लगा।</p><p>उसने कहा, ‘मेरे पास यही है, लेना है तो लो वरना यहां से जाओ’।”
उसने आरोप लगाया कि इसके बाद व्यक्ति ने उसे तीन थप्पड़ मारे। उसने कहा कि उसने कोई पलटवार नहीं किया, लेकिन अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर अपमानित किए जाने से उसे गहरा दुख पहुंचा। उसने वीडियो में पूछा, “क्या गरीब होना कोई गाली है?” उसने कहा कि उसने कभी अपने पिता से पैसे नहीं मांगे क्योंकि वह अपने आप कमाना चाहता था।</p><p>हुसैन ने यह डर भी व्यक्त किया कि पैसे की कमी के कारण उसे न्याय नहीं मिलेगा और हिंसा का सामना करने पर आपूर्ति कर्मचारियों को मिलने वाले समर्थन पर सवाल उठाया। उसने वीडियो में कहा, “मैं आत्महत्या कर लूंगा, क्योंकि बीच सड़क पर वैसे भी मेरा स्वाभिमान धूमिल हो चुका है।”
अपनी मां को संबोधित करते हुए उसने कहा कि वह खुद को मजबूत मानता था लेकिन उसे डर था कि परिस्थितियां उसे शांति से जीने नहीं देंगी। उसने कहा कि थप्पड़ ने उसे गहराई से ठेस पहुंचाई है।</p><p>उसके चाचा मोहम्मद समीर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि हुसैन चार अक्टूबर को रात करीब 10.30 बजे ईस्ट विनोद नगर में कॉफी का ऑर्डर देने गया था, तभी फटे नोट को लेकर विवाद हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि रामपाल ने हुसैन को कई थप्पड़ मारे, जिसके बाद उसका पोता राकेश उर्फ बंटी आया और लोहे की छड़ से उस पर हमला किया। उसके चाचा ने दावा किया कि कथित हमले के बाद, हुसैन अपने कार्यालय लौट आया और अपने प्रबंधक को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद कुछ लोगों को आरोपियों के निवास पर भेजा गया।</p><p>उन्होंने आरोप लगाया, “वे नीचे नहीं आए और अपने घर से चिल्लाए कि तुम दूसरे समुदाय के हो और हम किसी से नहीं डरते।”
उन्होंने बताया कि इसके बाद परिवार ने कल्याणपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसके चाचा ने दावा किया कि परिवार को यह नहीं पता था कि घटना के बाद हुसैन को फिर से धमकी दी गई थी या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा कि बाद में उसने कॉकरोच मारने के लिए इस्तेमाल होने वाले जहर का सेवन कर लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हुसैन ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था जिसमें उसने दोनों आरोपियों के नाम लिए थे और हमले का विवरण दिया था।</p><p>समीर ने कहा, “उसने यह भी कहा कि अगर मुझे जीते जी न्याय नहीं मिल रहा है, तो मुझे उम्मीद है कि मरने के बाद मिलेगा। हम उसके लिए न्याय की मांग करते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि आपूर्ति प्रतिनिधि का प्रबंधक परिवार को धमकी दे रहा था और दावा कर रहा था कि हुसैन उस समय ड्यूटी पर नहीं था। उन्होंने बताया कि हुसैन एक प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी के लिए काम करता था।</p><p>हुसैन की मां कलीमा ने कहा कि बहस के दौरान उनके बेटे को कथित तौर पर अपमानित किया गया था, और आरोपियों ने दावा किया था कि उनके राजनीतिक संबंध हैं और वे किसी भी बात से बच सकते हैं। उन्होंने पूछा, “जब उसने उनसे फटा हुआ नोट बदलने के लिए कहा, तो उन्होंने उससे बहुत सी बातें कहीं, जैसे कि तुम गरीब हो, मैं तुम्हारे साथ कुछ भी करूंगा, मेरा कुछ नहीं होगा, मेरे राजनीतिक संबंध हैं। क्या गरीब होना अपराध है?”
उन्होंने कहा, “मैं सरकार से कहना चाहती हूं कि मैंने एक जवान बेटा खो दिया है।</p><p>वह 21 अक्टूबर को 24 साल का होने वाला था।”</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 22:13:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/east-delhi-delivery-boy-sameer-hussain-suicide-torn-ten-rupee-note-assault</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Uttarakhand Board में दिव्यांग छात्रों को राहत, पासिंग मार्क्स में 5 प्रतिशत की छूट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/uttarakhand-cabinet-approves-5-percent-passing-mark-concession-for-disabled-students]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण अंकों में पांच प्रतिशत की छूट देने, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क कोचिंग के लिए पारिवारिक वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर आठ लाख रुपए करने तथा साहसिक पर्यटन के विकास के लिए एक निगम गठित करने समेत कई निर्णय लिए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ये निर्णय लिए गए। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल ने बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक अस्वस्थता, ‘ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर’, ‘सेरेब्रल पाल्सी’ एवं विशेष अधिगम अक्षमता से संबंधित दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में उत्तीर्ण अंकों में पांच प्रतिशत की छूट देने के लिए संबंधित नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी।</p><p>सूत्रों का कहना था कि संशोधन के बाद इन श्रेणियों के विद्यार्थियों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण माना जाएगा। सूत्रों के मुताबिक समाज कल्याण विभाग के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु संचालित निःशुल्क कोचिंग योजना में पारिवारिक वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपए से बढ़ाकर आठ लाख रुपए करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दी। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल ने एक जिला एक खेल योजना के अंतर्गत 14 मुख्य प्रशिक्षकों की तैनाती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।</p><p>इसके तहत प्रत्येक जिले में एक-एक तथा खेल निदेशालय में एक मुख्य प्रशिक्षक को नियुक्त किया जाएगा। इन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा निर्धारित योग्यता एवं अनुभव के आधार पर तीन वर्ष के लिए अनुबंध पर रखा जाएगा। सूत्रों ने कहा कि एक अन्य फैसले में, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।</p><p>सूत्रों के मुताबिक राज्य में साहसिक एवं पर्यावरणीय पर्यटन के नियोजित, सुरक्षित और सतत विकास के लिए उत्तराखंड साहसिक पर्यटन निगम लिमिटेड के गठन के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने अपना अनुमोदन दे दिया। इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) तथा उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के संयुक्त उपक्रम के रूप में एक ‘विशेष’ कंपनी गठित की जाएगी।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 22:03:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/uttarakhand-cabinet-approves-5-percent-passing-mark-concession-for-disabled-students</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Suvendu Adhikari का Jhargram दौरा, कालाझोरिया में लोढ़ा-सबर समुदाय को देंगे सरकारी योजनाओं का लाभ]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/suvendu-adhikari-to-visit-jhargram-kalajhoria-village-lodha-sabar]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शुक्रवार को झाड़ग्राम जिले के कालाझोरिया गांव का दौरा करने वाले हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार के दौरान किए गए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने पर लोढ़ा-सबर आदिवासी बहुल बस्ती में दोबारा आने के अपने वादे को पूरा करेंगे।</p><p>उन्होंने बृहस्पतिवार को बताया कि मानिकपाड़ा के पास स्थित इस गांव में ठाकुरस्थान स्कूल से सटे बैंकाटी फुटबॉल मैदान में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम के दौरान शुभेंदु लोढ़ा-सबर समुदाय के सदस्यों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ और सहायता वितरित करेंगे। इस समुदाय को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।</p><p>भाजपा की प्रदेश समिति के सदस्य सुखमय सतपथी ने बताया कि मुख्यमंत्री वंचित लोगों को पोषण सामग्री वितरित कर राज्य सरकार की पोषण योजना की शुरुआत भी कर सकते हैं। कालाझोरिया गांव झाड़ग्राम से बेलतला होते हुए मानिकपाड़ा को जोड़ने वाले राज्य राजमार्ग से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उस समय विपक्ष के नेता रहे शुभेंदु ने इस गांव का दौरा किया था और सबर समुदाय के एक सदस्य के घर पर दोपहर का भोजन किया था।</p><p>उन्होंने वादा किया था कि अगर उनकी पार्टी सरकार बनाती है, तो वह गांव में दोबारा आएंगे। इसके बाद भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में आई और शुभेंदु मुख्यमंत्री बने।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 21:53:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/suvendu-adhikari-to-visit-jhargram-kalajhoria-village-lodha-sabar</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[M Jagadesh Kumar ने कहा, सिर्फ डिग्री देने तक सीमित न रहें उच्च शिक्षण संस्थान]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/m-jagadesh-kumar-urges-universities-colleges-move-beyond-awarding-degrees]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पद्म पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद एम जगदेश कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि आज के छात्र ही 2047 में देश के नीति-निर्माता होंगे और उनके फैसलों की गुणवत्ता आज की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर निर्भर करेगी। आईआईएम-कलकत्ता के शासी निकाय के वर्तमान अध्यक्ष और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पूर्व अध्यक्ष कुमार ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को केवल डिग्री देने वाले संस्थानों से आगे बढ़कर काम करने की जरूरत पर बल दिया। वह इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आइसीएमएआई) द्वारा विकसित भारत के लिए जेन-जी को तराशना विषय पर आयोजित छात्र सम्मेलन में अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके (उत्तीर्ण) विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।</p><p>उन्होंने कहा, भारत का भविष्य आप जैसे युवाओं द्वारा तय किया जाएगा, जिनकी संख्या लगभग 40 करोड़ है। जहां देश और दुनिया भर में बहुत सी चीजें हो रही हैं, वहीं हमारे देश के करोड़ों जेन-जी युवा वर्तमान में अपनी पढ़ाई, अपने स्टार्ट-अप शुरू करने, नयी प्रौद्योगिकी विकसित करने और देश को एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने में लगे हुए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की समीक्षा समिति की अध्यक्षता कर रहे कुमार ने कहा कि 2047 तक आज के छात्र 40-45 वर्ष की उम्र के होंगे और वे उद्यमी, देश की वित्तीय प्रणाली को संभालने वाले कॉस्ट अकाउंटेंट, वैज्ञानिक, शिक्षक या अन्य पेशेवर हो सकते हैं।</p><p>उन्होंने कहा, 2047 में वे जिस तरह के फैसले लेंगे, उसकी गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि हम आज अपनी शिक्षा प्रणाली में क्या कर रहे हैं। यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में प्रोफेसर रहने के अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि नीतियों की सफलता या विफलता संस्थानों की क्षमता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता के लिए नेतृत्व की गुणवत्ता और बदलती व्यवस्था के अनुरूप ढलने की शिक्षकों की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण होती है।</p><p>कुमार ने कहा, यही कारण है कि हम कहते हैं कि हमारी शिक्षा प्रणाली, हमारे विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को महज डिग्री बांटने वाले संस्थानों की भूमिका से बाहर निकलना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छात्र केवल डिग्री लेकर न निकलें, बल्कि उनके पास अपने व्यावहारिक कार्यों का पोर्टफोलियो (कार्यों का लेखा-जोखा) भी हो। उन्होंने कहा, जब छात्र बाहर निकलकर यह कह सकें कि यह मेरी सोच थी, जिसे मैंने डिजाइन किया, बनाया और जांचा।</p><p>इसमें मैं असफल हुआ, लेकिन असफलता से सीखकर मैंने सुधार किया... देश को ऐसे ही रचनात्मक और नवाचारी छात्रों की जरूरत है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 21:43:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/m-jagadesh-kumar-urges-universities-colleges-move-beyond-awarding-degrees</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Jaisalmer में Great Indian Bustard क्षेत्र के पास दो चूना पत्थर खनन परियोजनाओं को मिली मंजूरी की सिफारिश]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/two-mining-projects-recommended-for-green-clearance-near-jaisalmer-gib-habitat]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>(अलिंद चौहान)
नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर राजस्थान के जैसलमेर में चूना पत्थर खनन की दो परियोजनाओं को पर्यावरणीय मंजूरी देने की सिफारिश की गई है। इनमें से एक परियोजना का कुछ हिस्सा ‘ग्रेट इंडियन बस्टर्ड’ (जीआईबी) के ‘‘प्राथमिकता क्षेत्र’’ में आता है, जबकि दूसरी परियोजना इस पक्षी के प्रवास क्षेत्र से एक किलोमीटर से कुछ अधिक दूरी पर स्थित है। जीआईबी के लिए ये प्राथमिकता क्षेत्र महत्वपूर्ण आवास हैं, जो इस गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी को आश्रय और प्रजनन स्थल उपलब्ध कराते हैं।</p><p>यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब जैसलमेर के जोगा गांव में चूना पत्थर से जुड़ी एक अन्य परियोजना ने सितंबर में मंजूरी प्रक्रिया का पहला चरण पार कर लिया था। यह परियोजना जीआईबी के प्राथमिकता क्षेत्र से 5.8 किलोमीटर दूर है। जुलाई में भी इसी तरह की एक अन्य परियोजना को ऐसी ही मंजूरी दी गई थी।</p><p>इस परियोजना का 280 हेक्टेयर से अधिक, यानी 29 प्रतिशत खनन पट्टा क्षेत्र, उसी गांव में जीआईबी के प्राकृतिक आवास के अंतर्गत आता है। हाल ही में जिन परियोजनाओं को मंजूरी देने की सिफारिश की गई है, उनमें जैसलमेर के पारेवर गांव स्थित ‘पारेवर एसएन1 लाइमस्टोन ब्लॉक’ में वंडर सीमेंट लिमिटेड और इसी जिले के रामगढ़ गांव स्थित ‘रामगढ़ ऑक्शन ब्लॉक’ में डालमिया भारत ग्रीन विजन लिमिटेड की खनन परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (ईएसी) ने आठ अक्टूबर को हुई बैठक में इन परियोजनाओं को पर्यावरणीय मंजूरी देने की सिफारिश की।</p><p>रामगढ़ परियोजना का खनन पट्टा क्षेत्र 250 हेक्टेयर से अधिक है और यह जीआईबी के ‘‘प्राथमिकता क्षेत्र’’ से 1.77 किलोमीटर दूर स्थित है। वहीं, पारेवर परियोजना का खनन पट्टा क्षेत्र 960 हेक्टेयर है, जिसमें से 0.29 हेक्टेयर हिस्सा जीआईबी के प्रवास क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह परियोजना मोकला-पारेवर संरक्षण रिजर्व से भी 7.34 किलोमीटर दूर है।</p><p>पारेवर परियोजना पर विचार करते हुए ईएसी ने सिफारिश की कि जीआईबी के आवास क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 0.29 हेक्टेयर इलाके में कोई खनन गतिविधि नहीं की जानी चाहिए। समिति ने यह भी कहा कि पर्यावरणीय मंजूरी मिलने और खनन पट्टा विलेख निष्पादित होने के बाद वंडर सीमेंट लिमिटेड को यह क्षेत्र वापस सौंप देना चाहिए।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 21:23:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/two-mining-projects-recommended-for-green-clearance-near-jaisalmer-gib-habitat</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट फेक नोट मामले में NIA ने दो मुख्य साजिशकर्ताओं को पकड़ा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/nia-arrests-two-key-conspirators-in-saharanpur-pnb-fake-currency-case]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की ‘करेंसी चेस्ट’ से 17.29 करोड़ रुपये के मूल्य के नकली नोट मिलने के मामले में साजिश रचने वाले दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एनआईए ने एक बयान में बताया कि उसने हरियाणा के अंबाला से अजय कुमार को 16 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रौंता को 22 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।</p><p>एनआईए ने आरोप लगाया कि दोनों ‘‘बड़ी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा की अवैध छपाई और आपूर्ति’’ में शामिल थे। अन्य आरोपियों के जरिए ये नकली नोट सहारनपुर स्थित पीएनबी की ‘करेंसी चेस्ट’ तक पहुंचे थे। यह मामला 29 अगस्त को सामने आया था, जब सहारनपुर पुलिस को सिविल लाइंस इलाके में पीएनबी की ‘करेंसी चेस्ट’ से 17.29 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद होने की सूचना मिली थी।</p><p>बयान के अनुसार, जांच के दौरान बैंक के तीन कर्मचारियों की कथित संलिप्तता सामने आई जिसके बाद बैंक ने उन्हें निलंबित कर दिया। इस मामले में शुरुआत में 29 अगस्त को सहारनपुर में तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 178 (मुद्रा की जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। एनआईए ने तीन सितंबर को मामला फिर से दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली थी।</p><p>इससे पहले, एनआईए ने सितंबर में इस मामले के संबंध में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें प्राथमिकी में नामजद अमित कुमार, मुख्य आरोपी आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू शामिल हैं। एनआईए ने कहा कि अजय कुमार और हरीश रौंता, बैंक की ‘करेंसी चेस्ट’ में नकली नोट पहुंचाने की साजिश में चौधरी और गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के ‘‘करीबी सहयोगी’’ थे।</p><p>अभिकरण ने कहा कि पूरी साजिश का पर्दाफाश करने और बाकी सह-आरोपियों तथा संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए जांच जारी है। ‘करेंसी चेस्ट’ बैंकों की ओर से संचालित ऐसी सुविधा है, जहां भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से नकदी रखी जाती है और उसे बैंक की शाखाओं तथा एटीएम तक पहुंचाया जाता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 21:13:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/nia-arrests-two-key-conspirators-in-saharanpur-pnb-fake-currency-case</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Delhi Police ने पकड़ा अंतरराज्यीय Heroin रैकेट, 60 करोड़ रुपये की खेप संग 7 गिरफ्तार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/delhi-police-busts-interstate-heroin-racket-seizes-drugs-worth-rs-60-crore]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड में फैले एक कथित अंतरराज्यीय हेरोइन निर्माण और आपूर्ति गिरोह का भंडाफोड़ करके सात लोगों को गिरफ्तार किया है और आठ किलोग्राम से अधिक नशीला पदार्थ जब्त किया है जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस अभियान के तहत झारखंड के नक्सल प्रभावित चतरा जिले से कच्ची अफीम के कथित आपूर्तिकर्ता को गिरफ्तार किया गया है, जो अपनी कृषि भूमि पर अफीम की अवैध खेती में शामिल था।</p><p>पुलिस ने हेरोइन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले लगभग 3.3 किलोग्राम रसायन और अन्य कच्चा माल, 12.81 लाख रुपये नकद, तीन एसयूवी कार, एक मोटरसाइकिल और इस प्रतिबंधित सामग्री के उत्पादन में कथित रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं। रोहिणी के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शशांक जयसवाल ने कहा कि जांच से पता चला है कि झारखंड और उत्तर प्रदेश से कच्ची अफीम मंगवाई जाती थी, लखनऊ में एक अवैध विनिर्माण इकाई में उसे प्रसंस्कृत करके हेरोइन में बदला जाता था और दिल्ली-एनसीआर तथा अन्य राज्यों में गिरोह के सक्रिय सदस्यों के माध्यम से आपूर्ति की जाती थी। यह अभियान 16 सितंबर को शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस की एक टीम ने विशिष्ट जानकारी के आधार पर दिल्ली के उत्तर पश्चिम जिले के बेगमपुर के सेक्टर 32 में एक एसयूवी को रोका और 58 वर्षीय लक्ष्मण हुड्डा को पकड़ा, जो कथित तौर पर हेरोइन की एक खेप पहुंचाने आया था।</p><p>पुलिस ने वाहन से 300 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये बरामद किए। अधिकारी ने बताया कि अगले दिन, पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से एक कथित आपूर्तिकर्ता, 51 वर्षीय अनिल उर्फ भोला को पकड़ा और उसकी एसयूवी से 501 ग्राम हेरोइन बरामद की। डीसीपी ने बताया कि अनिल पहले भी 12 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और उसे 2025 में भलस्वा डेयरी थाने में दर्ज एक मादक पदार्थ के मामले में गिरफ्तार किया गया था।</p><p>वह अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आया था और फिर फरार हो गया था। एक अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि तकनीकी निगरानी और मानवीय खुफिया जानकारी की मदद से आगे की जांच के बाद टीम लखनऊ में हेरोइन बनाने की एक इकाई तक पहुंची, जहां चार अक्टूबर को 35 वर्षीय बबलू को पकड़ा गया।</p><p>उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान 6.275 किलोग्राम हेरोइन के साथ 2.5 किलोग्राम सोडियम, 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड और अन्य उपकरण बरामद हुए। अधिकारियों ने बताया कि बबलू के खुलासे पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने निर्माण इकाई के कथित मालिक रुखसार अली उर्फ राजू को उत्तर प्रदेश के बरेली से खोज निकाला और पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि छह अक्टूबर को टीम ने तकनीकी निगरानी की मदद से बरेली से 38 वर्षीय अजाज अहमद को गिरफ्तार किया।</p><p>उसने रुखसार अली को कथित तौर पर कच्ची अफीम की आपूर्ति की थी। पुलिस ने उसके पास से 501 ग्राम हेरोइन और एक मोटरसाइकिल बरामद की। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद 6 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के बदायूं से 20 वर्षीय मोहम्मद अज़हर की गिरफ्तारी हुई।</p><p>अधिकारियों ने बताया कि फिर झारखंड के चतरा जिले से 18 अक्टूबर को 31 वर्षीय प्रकाश कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि उसने आरोपियों को कथित तौर पर कच्ची अफीम की आपूर्ति की थी और वह अपनी कृषि भूमि पर अफीम पोस्त की अवैध खेती में शामिल था।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 21:03:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/delhi-police-busts-interstate-heroin-racket-seizes-drugs-worth-rs-60-crore</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Punjab Assembly सत्र 10 मिनट में स्थगित, Congress ने आप सरकार को घेरा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/punjab-assembly-adjourned-congress-targets-aap-government-law-and-order]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पंजाब विधानसभा के सत्र का पहला दिन महज 10 मिनट में समाप्त होने के बाद बृहस्पतिवार को प्रदेश कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या समेत राज्य के अहम मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सदन से ‘‘भाग गई।’’
शोक प्रस्तावों के बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। शोक प्रस्तावों के बाद प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, संकल्प और अन्य विषयों पर चर्चा होनी थी।</p><p>पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि विधानसभा सत्र का पहला दिन महज नौ मिनट में समाप्त हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या समेत कई अहम मुद्दों पर सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार ने जवाबदेही से बचने और विधानसभा से ‘‘भागने’’ का विकल्प चुना। उन्होंने कहा, ‘‘हम सदन में कानून-व्यवस्था, खेती और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा चाहते थे।’’
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी आप सरकार की आलोचना की।</p><p>उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी झोटा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग कर रही है। कांग्रेस विधायक ने कहा, ‘‘वह (मान) आज सदन में नहीं आए।’’
बाजवा ने कहा कि अध्यक्ष ने गैर-सरकारी कामकाज नहीं कराया और दावा किया कि इस संबंध में विपक्षी दलों को विश्वास में नहीं लिया गया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह पांच साल में आप की पहली नैतिक हार है।</p><p>उन्होंने हार स्वीकार कर ली है। मंत्रियों और विधायकों के चेहरों पर हार साफ दिखाई दे रही थी।’’
बाजवा ने कहा, ‘‘पंजाब में रहने वाले लोग इस बात पर एकमत हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और यहां किसी की जान सुरक्षित नहीं है। हम (मान का) इस्तीफा मांगते हैं और वह जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते।’’
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले पंजाब कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को लेकर विधानसभा परिसर के बाहर मुख्यमंत्री मान का पुतला भी जलाया।</p><p>आप सरकार पर सभी मोर्चों पर ‘‘विफल’’ रहने का आरोप लगाते हुए बाजवा ने नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘नशा हर घर तक पहुंच गया है। कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।’’
बाजवा ने कहा, ‘‘पंजाब की अर्थव्यवस्था बदहाल है।</p><p>राज्य पर कर्ज बढ़कर पांच लाख करोड़ रुपये हो गया है।’’
नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या के मुद्दे पर आप सरकार की आलोचना करते हुए बाजवा ने कहा कि न तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने और न ही पार्टी अध्यक्ष ने झोटा के परिवार से मुलाकात की। परगट सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में शासन-व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों, कंप्यूटर शिक्षकों, रोडवेज कर्मचारियों समेत विभिन्न वर्गों के लोग अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।</p><p>उन्होंने कहा कि उनकी शिकायतों का समाधान करने के बजाय सरकार उनसे बचने के तरीके तलाश रही है। परगट सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सुशासन के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब राज्य में प्रशासनिक ‘‘कुप्रबंधन और जवाबदेही का स्पष्ट अभाव’’ दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से पंजाब का शासन चलाने वाले लोग अब राजनीतिक रूप से राज्य की स्थिति से दूरी बना रहे हैं, लेकिन वे राज्य को हुए नुकसान की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।</p><p>परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पंजाब के हितों को ‘‘नुकसान पहुंचाने’’ और लोगों के साथ ‘‘अन्याय’’ के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। झोटा मामले का उल्लेख करते हुए परगट सिंह ने आरोप लगाया कि पांच मामलों का सामना कर रहे आरोपी को भी हथियार का लाइसेंस जारी किया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया पंजाब दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी से राज्य की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।</p><p>उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि पंजाब में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने और राज्य के हितों की रक्षा के लिए उसने अब तक कौन से ठोस कदम उठाए हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 20:53:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/punjab-assembly-adjourned-congress-targets-aap-government-law-and-order</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[केरलम में SMA दवाओं को लेकर विवाद के बीच मंत्री K Muraleedharan की बैठक पर सफाई]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/kerala-health-minister-k-muraleedharan-clarifies-meeting-amid-sma-medicine-controversy]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी ’(एसएमए) से पीड़ित बच्चों के लिए किफायती भारतीय दवाओं के वितरण को लेकर जारी विवाद के बीच केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन की एक घरेलू दवा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की तस्वीरें बृहस्पतिवार को सामने आईं। मुरलीधरन के कार्यालय में हुई इस हालिया मुलाकात की तस्वीरें कुछ टीवी चैनल द्वारा दिखाए जाने के बाद मंत्री ने पहले तो कंपनी के किसी भी प्रतिनिधि से मिलने की बात से इनकार किया, लेकिन बाद में कहा कि हो सकता है कि उन्होंने अपने कार्यालय में कई लोगों से मुलाकात की हो। मुरलीधरन ने कोझिकोड में संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘इसका सरकार के (भारत में बनी एसएमए दवाएं उपलब्ध कराने के) फैसले से कोई लेना-देना नहीं है।’’
तस्वीरों में उन्हें कुछ दस्तावेज सौंपे जाते दिखने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि लोग अक्सर उन्हें तरह-तरह के दस्तावेज और रिपोर्ट देते रहते हैं।</p><p>उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सरकार विशेषज्ञों से चर्चा किए बिना कोई फैसला नहीं करेगी। विशेषज्ञों ने एसएमए दवाओं को लेकर सरकार के फैसले का समर्थन किया है।’’
मुरलीधरन ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी इस तरह की बीमारियों के इलाज के लिए दवाएं उपलब्ध नहीं होना शर्म की बात है। मंत्री ने बुधवार को कहा था कि किफायती भारतीय दवाएं एसएमए से पीड़ित बच्चों को एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर दी जा रही हैं।</p><p>उन्होंने बताया था कि इस समिति ने दवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया था। मुरलीधरन ने कहा था कि यह प्रक्रिया पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उन्होंने कहा था कि सरकार ने एसएमए के लिए नयी दवा कम कीमत पर अधिक से अधिक लोगों को उपलब्ध कराने का फैसला किया है।</p><p>एसएमए के मरीजों को ‘डॉक्टर के लिए नमूने’ और ‘क्लीनिकल परीक्षण के लिए’ लेबल वाली दवाएं दिए जाने के मुद्दे पर मुरलीधरन ने कहा था कि इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने हाल में एक फेसबुक पोस्ट में इस खबर पर हैरानी जताई थी कि एसएमए से पीड़ित बच्चों को उनके माता-पिता की सहमति के बिना ‘क्लीनिकल परीक्षण’ वाली प्रायोगिक दवाएं दी गईं। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।</p><p>एसएमए एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जिसके कारण मांसपेशियों का लगातार क्षय होने लगता है। इस बीच, यहां सरकारी एसएटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रियास ने अस्पताल के बाल वार्ड की खराब हालत को सुधारने के लिए एक दवा कंपनी की ओर से दी गई मदद को नकारात्मक रूप में पेश करने की कोशिशों की आलोचना की। श्री अवित्तम तिरुनल अस्पताल (जो आमतौर पर एसएटी अस्पताल के नाम से जाना जाता है) में राज्य का पहला सरकारी ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी’ क्लीनिक है।</p><p>एक बयान में डॉ. रियास ने कहा कि ‘चैरिटेबल सोसाइटीज एक्ट’ के तहत अस्पताल के एक हिस्से के रूप में काम कर रही सोसाइटी ‘एसएटीएचएचईएस’ मरीजों की देखभाल सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विभिन्न एजेंसियों, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संस्थानों तथा व्यक्तियों से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व फंड प्राप्त करती है। उन्होंने कहा कि इस कोष का इस्तेमाल अस्पताल में मरीजों की देखभाल से संबंधित विकास गतिविधियों के लिए किया जाता है। बयान में कहा गया है कि स्थिति का जायजा लेने के लिए कंपनी प्रतिनिधियों के प्रत्यक्ष दौरे के बाद, दवा कंपनी ने 25 लाख रुपये की पहली किस्त ‘एसएटीएचएचईएस’ के खाते में डाली थी।</p><p>डॉ. रियास ने बताया कि इसके बाद अगस्त के पहले हफ्ते में कंपनी के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की और इस संबंध में उन्हें एक प्रमाण पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि इस दौरे के दौरान भीड़ के बीच ली गई एक तस्वीर को अब इस तरह पेश किया जा रहा है, मानो एसएमए दवाओं को लेकर हुए विवाद के बाद मंत्री ने कंपनी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की हो। डॉ. रियास ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए संबंधित लोगों से इस तरह के दुष्प्रचार अभियान बंद करने की अपील की।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 20:43:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/kerala-health-minister-k-muraleedharan-clarifies-meeting-amid-sma-medicine-controversy</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[विधानसभा चुनाव से पहले Uttarakhand Congress ने 70 क्षेत्रों के लिए शुरू की न्याय यात्रा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/uttarakhand-congress-launches-nyay-yatra-across-seventy-assembly-constituencies-ahead-of-polls]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दृष्टिगत उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर बृहस्पतिवार से न्याय यात्रा की शुरुआत की। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में अलग-अलग जगहों से विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद उत्तराखंड न्याय यात्रा शुरू की गयी जो प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।</p><p>देहरादून में इस यात्रा का आगाज प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह एवं पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला के नेतृत्व में प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा—अर्चना के साथ किया गया। देहरादून में राजपुर रोड पर पार्टी मुख्यालय से गांधी पार्क होते हुए राजीव गांधी काम्प्लेक्स तक तथा मसूरी में इन्दर बाबा मार्ग कैनाल रोड़ से वैली गैस तक पद यात्रा आयोजित की गई। दूसरे दल का नेतृत्व गोदियाल, विधायक विक्रम सिंह नेगी एवं लखपत बुटोला कर रहे हैं जिसने अपनी यात्रा की शुरुआत चमोली जिले में बदरीनाथ मंदिर में पूजा करने के बाद की।</p><p>यात्रा के तहत बदरीनाथ, जोशीमठ, पीपलकोटी एवं चमोली में पदयात्राएं निकाली गयीं। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा तथा विधायक भुवन कापड़ी और तिलकराज बेहड़ की अगुवाई में तीसरे दल ने अल्मोड़ा के प्रसिद्ध गोलज्यूं मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ यात्रा की शुरुआत की। इसके तहत रानीखेत, खैरना, भवाली, भीमताल एवं हल्द्वानी में पदयात्रा रैलियों का आयोजन किया गया।</p><p>बदरीनाथ धाम में यात्रा की शुरुआत करते हुए गोदियाल ने आरोप लगाया कि स्वयं को सनातन धर्म और धार्मिक आस्थाओं की सबसे बड़ी हितैषी होने का दावा करने वाली भाजपा के शासन में बदरीनाथ मंदिर और अयोध्या के राम मन्दिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावा भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल धन की चोरी का मामला नहीं, बल्कि देश एवं विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की श्रद्धा, विश्वास और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील विषय है।’’
गोदियाल ने उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार की बदहाल स्थिति के साथ ही जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से लोगों के जीवन के संकट में होने, भ्रष्टाचार चरम पर होने और प्रदेश के संसाधनों पर बाहरी और प्रभावशाली लोगों पर कब्जे जैसे मुद्दों पर भी राज्य सरकार को घेरा और कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के हितों के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड न्याय यात्रा कांग्रेस का केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की पीड़ित, उपेक्षित और अधिकारों से वंचित जनता को न्याय दिलाने का जन आंदोलन है।</p><p>गोदियाल ने कहा, ‘‘इस यात्रा के माध्यम से कांग्रेस गांव-गांव, शहर-शहर और घर-घर जाकर भाजपा सरकार की विफलताओं को उजागर करेगी तथा जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएगी।’’</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 20:23:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/uttarakhand-congress-launches-nyay-yatra-across-seventy-assembly-constituencies-ahead-of-polls</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Apple ने 23 अक्टूबर को iPod पेश कर संगीत की दुनिया में ला दी थी क्रांति]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/apple-launched-ipod-on-october-23-history-and-major-world-events]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>स्टीव जॉब्स द्वारा वर्ष 1976 में स्थापित की गई कंपनी एप्पल को संचार क्रांति के अगुवा के तौर पर पहचाना जाता है। कंप्यूटर, मोबाइल फोन, आईपॉड समेत ढेरों उत्पाद तैयार करने वाली एप्पल के उत्पाद गुणवत्ता में सबसे बेहतर माने जाते हैं। एप्पल ने ही 2001 में 23 अक्टूबर के दिन आईपॉड को बाजार में पेश किया।</p><p>छोटे से आईपॉड ने हजारों गीतों को श्रोताओं की जेब तक पहुंचाने का काम किया और इसे उस समय दुनिया का सबसे सफल तथा क्रांतिकारी उत्पाद माना गया। इसी तारीख में अपनी आर्म बॉल से लेकर फ्लाइट लेती गेंदों से दुनियाभर के बल्लेबाजों को चकमा देने वाले बिशन सिंह बेदी ने 23 अक्टूबर 2023 को अंतिम सांस ली। भारतीय स्पिन चौकड़ी की उस अबूझ पहेली ने कई साल तक भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दिया था।</p><p>देश-दुनिया के इतिहास में 23 अक्टूबर की तारीख में दर्ज महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-
1764 : बक्सर की लड़ाई में मीर कासिम की हार। 1850 : महिलाओं के अधिकारों को लेकर अमेरिका में पहली बार राष्ट्रीय महिला अधिकार सम्मेलन शुरू हुआ। 1940 : ‘फुटबॉल के जादूगर’ कहे जाने वाले पेले का जन्म।</p><p>ब्राजील का यह खिलाड़ी अपने देश के लिए तीन बार विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहा। 1943 : नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आजाद हिंद फौज की रानी झांसी ब्रिगेड ने सिंगापुर में प्रशिक्षण शुरू किया। 1956 : बुडापेस्ट में व्यापक प्रदर्शन के साथ हंगरी की क्रांति का सूत्रपात।</p><p>सोवियत शासन के खात्मे की मांग को लेकर हंगरी के लाखों लोग सड़कों पर उतर आए। 1956 : विश्व शांति के लिए परमाणु ऊर्जा का योगदान बढ़ाने के उद्देश्य से अंतररराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी। 1983 : आत्मघाती हमलावरों ने बेरूत में अमेरिका और फ्रांस की सेना की बैरक पर विस्फोटक से भरा ट्रक चढ़ा दिया, जिससे अमेरिका के 241 और फ्रांस के 56 सैन्यकर्मियों की मौत हो गई।</p><p>2001 : एप्पल ने आईपॉड बाजार में पेश किया। नयी शताब्दी के शुरुआती वर्षों में इस उत्पाद ने संगीत के क्षेत्र में क्रांति लाने का काम किया। 2004: जापान में भूकंप से 85 हजार लोग बेघर।</p><p>2011: तुर्की (अब तुर्किये) में भीषण भूकंप से लगभग 582 लोगों की मौत। 2019: कैस सईद ने ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। 2023 : भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान और महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी का निधन।</p><p>उन्होंने एक पारी में 14 बार पांच विकेट और मैच में एक बार 10 विकेट चटकाए थे। 2025: नाइजीरिया की सेना ने बोको हराम के 50 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:53:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/apple-launched-ipod-on-october-23-history-and-major-world-events</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[सम्राट चौधरी ने IPRD समीक्षा में कहा, Social Media शिकायतों का त्वरित समाधान करें अधिकारी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/samrat-choudhary-orders-quick-response-team-to-track-false-claims]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में सूचना एवं जन-संपर्क विभाग की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आम लोगों तक पहुँचाने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के सचिव श्री नवीन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग के कार्यों की अद्यतन जानकारी दी। उन्होंने विभाग की प्राथमिकतायें, सरकारी की कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने के लिए किये जा रहे कार्य तथा माध्यमों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/bihar-minister-madan-sahni-denies-link-between-liquor-ban-and-drug-seizures" target="_blank" rel="noopener">Bihar में जब्त मादक पदार्थों का Liquor Ban से कोई संबंध नहीं, मदन सहनी ने दावों को किया खारिज</a></h3><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना एवं जन-संपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। विभाग यह सुनिश्चित करे कि जनहित से जुड़ी सूचनायें समय पर लोगों तक पहुँचें और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की जाए। उन्होंने कहा कि सूचना सूचना एवं जन-संपर्क विभाग सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी सरल एवं प्रभावी तरीके से आम जनता तक पहुँचाये, ताकि लोग योजनाओं के प्रति जागरूक हों और उनका लाभ शीघ्र उठा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों, विधि-व्यवस्था तथा अन्य महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों की निगरानी तथा नकारात्मक एवं भ्रामक खबरों पर त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम को सक्रिय करने को लेकर कार्य किया जाय।</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों की पेंशन योजना से संबंधित नियमों और प्रावधानों की जानकारी सभी को प्राप्त हो ताकि पत्रकारों को इसकी जानकारी मिल सकें और वे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि लोगों की जो समस्यायें या सुझाव सोशल मीडिया साइट्स पर आते हैं उसका प्रभावी विश्लेषण करें। सरकार के स्तर पर उसको लेकर जो कार्रवाई की जाती है, उसके संबंध में जानकारी लोगों को दें। विभागीय स्तर, जिला स्तर एवं पंचायत स्तर पर लोगों के फीडबैक, सुझाव एवं शिकायतों को लेकर बेहतर प्रबंधन एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/patna-high-court-orders-bihar-government-compensation-to-meira-kumar" target="_blank" rel="noopener">पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को 1976 में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा मिलेगा, Patna High Court का फैसला</a></h3><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की सभ्यता एवं संस्कृति का वैश्विक स्तर पर प्रचार प्रसार हो। बिहार के लोग जो अन्य राज्यों में या विदेश में रहते है उनसे जुड़ें, बिहार के संबंध में फीडबैक लें तथा बिहार की खासियत एवं बढ़ते बिहार की उपलब्धियों से अवगत करायें। बिहार के गौरवशाली अतीत को फिर से वापस लाना है बिहार को समृद्ध प्रदेश बनाना है इसके लिए सबका सहयोग आवश्यक है। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के के सचिव नवीन कुमार, निदेशक, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग गुंजन सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:52:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/samrat-choudhary-orders-quick-response-team-to-track-false-claims</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Sonia Gandhi ने Instagram पर किया डेब्यू, अपनी किताब की पहली झलक की साझा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/sonia-gandhi-debuts-on-instagram-shares-first-look-of-memoir-belonging]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया में दस्तक देते हुए अपने ‘इंस्टाग्राम’ पेज की शरुआत की और अपनी पुस्तक की पहली झलक साझा की। उन्होंने पहली बार किसी सोशल मीडिया मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वह अब तक सोशल मीडिया से दूरी बनाए हुए थीं।</p><p>उनके वीडियो संदेश या बयान पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी किए जाते रहे हैं। इंस्टाग्राम पर आने के तुरंत बाद सोनिया गांधी ने अपने बेटे राहुल गांधी, बेटी प्रियंका गांधी वाद्रा और कांग्रेस के आधिकारिक अकाउंट को ‘फॉलो’ किया। उनके अकाउंट पर फॉलोअर की संख्या तेजी से बढ़ी और कुछ ही घंटों में यह एक लाख को पार कर गई।</p><p>राहुल गांधी समेत इंस्टाग्राम पर मौजूद कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं ने भी पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के अकाउंट को ‘फॉलो’ किया। कांग्रेस के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर सोनिया गांधी का स्वागत किया और उनकी आगामी पुस्तक को लेकर उत्सुकता जाहिर की। सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर अपनी पहली पोस्ट में आगामी पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की प्रतियां प्राप्त करते हुए अपना एक वीडियो साझा किया।</p><p>उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘सभी को नमस्कार। इस पल को आप सभी के साथ साझा करते हुए मैं वास्तव में बहुत आभारी हूं। यह ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की पहली झलक है।’’
सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘यह प्रेम, कर्तव्य, अपनों को खोने और अपनेपन की जगह तलाशने की कहानी है।</p><p>मैं इसे आप सभी के साथ साझा करने को लेकर उत्सुक हूं।’’
वीडियो में सोनिया गांधी अपनी पुस्तक की पहली प्रति लेते हुए दिखाई देती हैं और इस अवसर पर अपनी बेटी प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ मिठाई बांटती नजर आ रही हैं। वह यह भी बताती हैं कि पुस्तक में बहुत सारी तस्वीरें हैं। इंस्टाग्राम पर उनके दस्तक देने के कुछ घंटे के भीतर ही उनके पहले वीडियो को 1.80 लाख लोगों ने लाइक किया।</p><p>अपनी दूसरी इंस्टाग्राम पोस्ट में सोनिया गांधी ने पुस्तक के पन्ने पलटते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उस वीडियो को पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी का बहुप्रतीक्षित संस्मरण 10 नवंबर को प्रकाशित होगा।’’
‘हार्पर कॉलिन्स इंडिया’ ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह सोनिया गांधी का संस्मरण ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ भारत में 10 नवंबर को प्रकाशित करेगा। इस घोषणा के साथ पुस्तक के भारत में प्रकाशन को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई थी।</p><p>इससे पहले लेखिका के प्रतिनिधियों और ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ के बीच ‘‘गतिरोध’’ की बात सामने आई थी। ‘हार्पर कॉलिन्स इंडिया’ ने एक बयान में कहा था, ‘‘हमारे समय के सबसे बहुप्रतीक्षित राजनीतिक संस्मरणों में से एक ‘बिलॉन्गिंग’ प्रेम, पहचान, कर्तव्य और अपनेपन की एक नाटकीय एवं बेहद निजी कहानी है। यह भारत की यात्रा को भीतर से देखने का एक दुर्लभ अवसर भी प्रदान करती है।’’
‘हार्पर कॉलिन्स इंडिया’ की यह घोषणा ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ (पीआरएचआई) से जुड़े विवाद के बाद हुई थी।</p><p>पीआरएचआई शुरुआत में इस संस्मरण को प्रकाशित करने का इच्छुक था, लेकिन बाद में उसने कहा कि वह भारत में इसका प्रकाशक नहीं होगा। पुस्तक की पांडुलिपि में संपादकीय बदलावों को लेकर प्रकाशक और लेखिका के प्रतिनिधियों के बीच मतभेद की खबरों के बाद विवाद शुरू हुआ था। कांग्रेस के कई नेताओं ने इस दौरान सरकारी दबाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल उठाए थे।</p><p>कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि ‘पेंगुइन इंडिया’ पर पुस्तक से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और मोदी सरकार के दौरान भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जे से संबंधित अंश हटाने का दबाव था। हालांकि, पीआरएचआई ने ‘पीटीआई’ को दिए एक बयान में कहा था कि वह पुस्तक प्रकाशित करने को लेकर ‘‘वास्तव में उत्सुक’’ था और इसे हासिल करना काफी प्रयास से संभव हुआ था, लेकिन एक विशेष मुद्दे पर गतिरोध के कारण अंततः उसने इससे अलग होने का फैसला किया। पीआरएचआई ने इस बात पर जोर दिया था कि उस पर किसी तरह का बाहरी दबाव नहीं था।</p><p>हालांकि, उसने गोपनीयता संबंधी प्रावधानों और लेखिका के साथ हुए समझौते का हवाला देते हुए गतिरोध की वास्तविक वजह बताने से इनकार कर दिया था। ‘बिलॉन्गिंग’ की शुरुआत इटली में सोनिया गांधी के बचपन से होती है और फिर उनकी कैम्ब्रिज तक की यात्रा का जिक्र करती है, जहां 1965 में उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। संस्मरण में राजीव गांधी से उनके विवाह, अपनी सास एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से परिचय तथा भारत में जीवन के साथ तालमेल बैठाने के उनके प्रयासों का भी उल्लेख है।</p><p>इनमें हिंदी सीखना, साड़ी पहनना और भारतीय खानपान एवं संस्कृति को अपनाना शामिल है। पुस्तक में गांधी परिवार को झकझोर देने वाली प्रमुख त्रासदियों का भी जिक्र है। इनमें विमान दुर्घटना में संजय गांधी की मृत्यु, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल हैं।</p><p>संस्मरण में 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत से जुड़ी राजनीतिक घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। उस समय सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और इसके बजाय कांग्रेस तथा उसके गठबंधन का नेतृत्व किया था। इस गठबंधन ने अगले एक दशक तक केंद्र में सरकार चलाई।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:43:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/sonia-gandhi-debuts-on-instagram-shares-first-look-of-memoir-belonging</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[CJP Protests Impact UP elections 2027| सीजेपी प्रोटेस्ट का यूपी चुनाव पर क्या पड़ेगा असर | Teh Tak Part 5]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusivecjp-protests-impact-up-elections-2027-part-5]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के बारे में सबसे अहम बात सिर्फ यह नहीं है कि उन्होंने मई में एक मीम बनाया, जून में एक आंदोलन का नेतृत्व किया और जुलाई में एक मंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया। अहम बात यह है कि वे एक दलित नेता हैं, जिन्हें एक ऐसे आंदोलन के चेहरे के रूप में स्वीकार किया गया है, जो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ है। ये वे युवा हैं जो भारत में 12 साल पहले शुरू हुए भाजपा के वर्चस्व के दौर में बड़े हुए हैं। CJP कोई ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं है जो चुनाव लड़ेगी, लेकिन इसे आज का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक इन्फ्लुएंसर कहा जा सकता है। दिपके की पृष्ठभूमि CJP को ऐसे सामाजिक आधार तक पहुँचने में मदद करती है, जो पारंपरिक रूप से उन लोगों की पहुँच से बाहर रहा है जिन्हें ऐतिहासिक रूप से विशेषाधिकार प्राप्त थे। आसान शब्दों में कहें तो, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर बड़े पैमाने पर लोगों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के भीतर के सूत्रों पर आधारित खबरों के सामने आने और मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मामलों के बढ़ने के बाद, यह मुद्दा एक बड़ा विवाद बन गया है।</p><h2>यूपी चुनाव पर असर</h2><p><br>उत्तर प्रदेश के राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर के विरोध-प्रदर्शनों के अक्सर राजनीतिक परिणाम होते हैं, खासकर तब जब इनमें युवा मतदाता शामिल हों। राष्ट्रीय स्तर के विरोध-प्रदर्शनों से व्यापक चर्चा छिड़ती है और अक्सर इनका असर भी पड़ता है। इस आंदोलन को युवा चला रहे हैं, जिनमें से कई पहली या दूसरी बार वोट देने वाले मतदाता हैं। उनके लिए मुद्दा सबसे अहम है और वे उसी पर केंद्रित हैं। यह मौजूदा सरकारों के लिए एक चुनौती है, खासकर उन पांच राज्यों में जहां आने वाले महीनों में चुनाव होने हैं। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि यह आंदोलन उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी असर डाल सकता है। हालांकि कुछ जानकार ये भी कहते हैं कि चुनावी असर के बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि राजनीतिक नैरेटिव (विमर्श) अक्सर चुनाव के करीब आने पर ही आकार लेते हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान पेपर लीक भी एक मुद्दा था, लेकिन 'संविधान बचाओ' के नैरेटिव ने इसे पीछे छोड़ दिया। 2027 के विधानसभा चुनाव करीब आने पर ही यह साफ हो पाएगा कि कौन सा नैरेटिव मतदाताओं के बीच ज्यादा असर डालता है।</p><h2>राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव&nbsp;</h2><p><br>इंडिया गठबंधन ने CJP द्वारा बनाई गई जगह को भरते हुए, छात्रों के बिखरे हुए विरोध-प्रदर्शनों को दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में एक संगठित और संस्थागत आंदोलन में बदल दिया है। इसने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को एक स्पष्ट और राजनीतिक रूप से विभाजित लक्ष्य बना दिया है, जो कि केंद्रीय जांच एजेंसियों को लेकर चल रही बहसों जैसा ही है। 'जेन-Z' (Gen-Z) राजनीति की सीमाएं: 'जंतर-मंतर 2.0' की विफलता यह दिखाती है कि डिजिटल माध्यम से लोगों को एकजुट करने की भी एक सीमा होती है। जब तक कोई सीधा और बुनियादी मुद्दा (जैसे पेपर लीक, रेलवे की नौकरियां, या अग्निपथ) सामने न हो, तब तक मध्यम वर्ग के युवा और विश्वविद्यालय के छात्र केवल प्रक्रियागत या संस्थागत शिकायतों को लेकर लंबे समय तक संघर्ष जारी नहीं रखते।</p><h2>सीजेपी असल में क्या चाहते हैं?</h2><p>मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा।</p><p>इस पूरे आंदोलन की सबसे प्रमुख सार्वजनिक मांग मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि मौजूदा नेतृत्व में मतदाता सूचियों से नाम हटाने की प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण और अपारदर्शी तरीके से चलाई जा रही है।</p><p>SIR प्रक्रिया को रद्द करना या उसमें पारदर्शी बदलाव</p><p>पहचान और दस्तावेजों के पूर्वव्यापी (पुराने रिकॉर्ड्स के आधार पर) सत्यापन के नियमों पर तत्काल रोक लगाना, क्योंकि इसका सबसे ज्यादा खामियाजा प्रवासी मजदूरों, गरीबों और वंचित तबके के मतदाताओं को भुगतना पड़ रहा है।</p><p>हटाए गए मतदाताओं की सूची का सार्वजनिक ऑडिट</p><p>ड्राफ्ट मतदाता सूची को अंतिम रूप देने से पहले, बूथ स्तर पर काटे गए नामों की सूची को ठोस और सत्यापन योग्य कारणों के साथ सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करना अनिवार्य किया जाए।</p><h2>राजनीतिक जमीन और पहचान</h2><p>सीजेपी (CJP) के संस्थापकों के लिए यह समकालीन युवा राजनीति में अपनी एक अलग और आक्रामक पहचान बनाने की कोशिश है। वहीं 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के लिए यह आगामी चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का एक ऐसा नागरिक मंच तैयार करता है, जिससे वे खुद सीधे तौर पर चुनावी स्वार्थ से प्रेरित नजर न आएं।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-how-was-cjp-born-part-1" target="_blank" rel="noopener">How was CJP Born |कॉकरोच जनता पार्टी वाले अभिजीत दीपके की पूरी कुंडली | Teh Tak Part 1</a></h3>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:38:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusivecjp-protests-impact-up-elections-2027-part-5</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[CJP vs AAP vs PK | फुस्स हुआ CJP का इंकलाब? AAP-जन सुराज से तुलना में कहां टिकते हैं?| Teh Tak Part 4]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-cjp-vs-aap-vs-pk-part-4]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>याद कीजिए 2011 का वो दौर जब अन्ना हजारे ने जनलोकपाल बिल के समर्थन में दिल्ली के जंतर मंतर से आंदोलन और आमरण अनशन की शुरुआत की थी। इस आंदोलन ने देश भर में भ्रष्टाचार विरोधी लहर को जन्म दिया और बाद में 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' और आम आदमी पार्टी की नींव रखी गई। इसी जंतर मंतर की धूप में झाड़ू थाम अरविंद केजरीवाल ने आद आदमी पार्टी बनाई। लेकिन इसके साथ ही ये समझा कि अगर सड़क से उठकर सत्ता में आना है तो बिजली, पानी और मोहल्ला क्लीनिक जैसे आम लोगों के जरूरतों को हिट करना जरूरी है। फ्री-बिज मॉडल ने केजरीवाल को दिल्ली में 2013, 2015, 2020 यानी सत्ता की हैट्रिक लगाई। वहीं &nbsp;दूसरी तरफ बिहार की धूल भरी पगडंडियों पर प्रशांत किशोर (पीके) थे, जिन्होंने जन सुराज को किसी रील या हंगामे के सहारे नहीं, बल्कि तीन हजार किलोमीटर की कठोर पदयात्रा, डेटा और बूथ स्तर के संगठन पर खड़ा किया था। अब देश के मुख्यन्यायधीश के व्यंग्य से उपजी कॉकरोच जनता पार्टी की बात करें तो &nbsp;जिसके पास न प्रशांत किशोर जैसा धैर्य था, न आप जैसा कैडर। उनके पास बस सोशल मीडिया की एक लहर थी, जो जितनी तेजी से उठी, उतनी ही तेजी से पुलिस के पहले बैरिकेड के सामने रेत की तरह बिखरती नजर आ रही है।</p><h2>आम आदमी पार्टी (AAP)</h2><p>2011 के ऐतिहासिक 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' (अन्ना आंदोलन) की कोख से निकली पार्टी। यह देश के सबसे बड़े नागरिक असंतोष का चुनावी रूपांतरण थी। भ्रष्टाचार मुक्त शासन, जनलोकपाल और पारंपरिक राजनेताओं के विशेषाधिकारों को खत्म कर एक 'आम आदमी' को संसद और विधानसभा में भेजना। वार्ड स्तर पर 'मोहल्ला सभाएं', बूथ कमेटियां और एक बेहद अनुशासित स्वयंसेवक नेटवर्क। पार्टी में एक स्पष्ट शीर्ष नेतृत्व (पीएसी) है जो चुनावी टिकटों से लेकर संगठन विस्तार के फैसले लेता है। शुरुआत में टोपी, झाड़ू और धरनों के जरिए मध्यम वर्ग को सड़कों पर उतारा। बाद में इसे 'डिलिवरी मॉडल' में बदल दिया यानी मुफ्त बिजली, पानी, बेहतर स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए झुग्गी-झोपड़ियों से लेकर मध्यम वर्ग तक एक पक्का वोटर बैंक बनाया। ल्ली और पंजाब के बाद गुजरात, गोवा, हरियाणा जैसे राज्यों में विस्तार कर खुद को राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के विकल्प के रूप में स्थापित करना और भविष्य में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी तैयार करना।</p><h2>जन सुराज (प्रशांत किशोर)</h2><p>यह कोई आकस्मिक आंदोलन नहीं, बल्कि वर्षों के चुनावी प्रबंधन के बाद सुनियोजित तरीके से बनाई गई एक राजनीतिक पार्टी है। बिहार के पारंपरिक लालू-नीतीश-भाजपा के त्रिकोण को तोड़ना। प्रशांत किशोर ने 3,000 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा कर गांव-गांव जाकर इसे सीधे सत्ता हासिल करने के विकल्प के रूप में खड़ा किया। प्रशांत किशोर सीधे जनता के बीच रात बिताते हैं, सभाएं करते हैं और जातिगत संतुलन को साधते हुए स्थानीय मुद्दों पर बात करते हैं। जन सुराज का एकमात्र लक्ष्य बिहार विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाना और प्रशांत किशोर को एक वैकल्पिक मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित करना है।</p><h2>CJP (कॉकरोच जनता पार्टी)</h2><p>यह मुख्य रूप से डिजिटल आक्रोश, मीम संस्कृति और युवाओं के संस्थागत असंतोष से उपजा एक अनौपचारिक छात्र-युवा समूह है। इसका नाम और प्रतीक (कॉकरोच) व्यवस्था पर एक तीखा व्यंग्य है। शुरुआत में पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे सीधे छात्रों से जुड़े मुद्दे थे, जो बाद में चुनाव आयोग (ECI), एसआईआर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे जैसी बड़ी संस्थागत मांगों में बदल गए। पू जिलों में 'जन सुराज अभियान समितियां' बनाई गई हैं। प्रशांत किशोर की टीम ने हर पंचायत और प्रखंड स्तर पर रिटायर्ड नौकरशाहों, डॉक्टरों, शिक्षकों और स्थानीय प्रभावशाली चेहरों को जोड़कर एक ठोस इलेक्टोरल मशीनरी तैयार की है। इसके पास कोई औपचारिक सदस्यता अभियान, बूथ अध्यक्ष या जिला स्तर की कमेटियां नहीं हैं। कोई बड़ा औपचारिक वित्तीय आधार नहीं। क्राउडफंडिंग या विपक्षी दलों और छात्र संगठनों द्वारा दिए जाने वाले तात्कालिक लॉजिस्टिक सहयोग पर निर्भर। इसका मकसद चुनाव लड़ना या सीटें जीतना नहीं है। यह एक 'प्रेशर ग्रुप' (दबाव समूह) है। इसका उद्देश्य सत्ताधारी दल की संस्थागत कमियों को उजागर करना और मुख्य विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) को सड़कों पर एक युवा, आक्रामक नैरेटिव उपलब्ध कराना है।</p><p>कुल मिलाकर कहे तो सीजेपी 'आक्रोश की क्षणिक लहर' है, जन सुराज 'रणनीति और आंकड़ों से गढ़ी गई चुनावी परियोजना' है, और आम आदमी पार्टी 'सड़क के आंदोलन से निकलकर राजभवन तक पहुंची एक स्थापित सत्ता' है। सीजेपी की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि वह अपने सोशल मीडिया गुस्से को न तो संगठन में बदल पा रही है और न ही आम जनता की बुनियादी जरूरतों से जोड़ पा रही है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusivecjp-protests-impact-up-elections-2027-part-5" target="_blank" rel="noopener">CJP Protests Impact UP elections 2027| सीजेपी प्रोटेस्ट का यूपी चुनाव पर क्या पड़ेगा असर | Teh Tak Part 5</a></h3>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:35:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-cjp-vs-aap-vs-pk-part-4</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Why CJP protest has failed |कड़ी सुरक्षा या राजनीतिक एकता की कमी ने फेल किया CJP 2.0 | Teh Tak Part 3]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-why-cjp-protest-has-failed-part-3]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का मौजूदा आंदोलन एक राष्ट्रीय राजनीतिक आंदोलन में बदलने की कोशिशों की ओर इशारा करता है। यह घटनाक्रम NEET पेपर लीक को लेकर CJP के नेतृत्व में छात्रों और युवाओं के महीने भर चले विरोध प्रदर्शनों के बाद सामने आया है, जिसके परिणामस्वरूप जुलाई में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। CJP नेताओं ने प्रधान के इस्तीफे को इस बात के सबूत के तौर पर पेश किया कि सड़कों पर लगातार दबाव बनाकर सरकार को जवाबदेही के लिए मजबूर किया जा सकता है। हालाँकि, आज़ादी के बाद से देश में हुए बड़े जन-आंदोलनों का इतिहास मिला-जुला रहा है। कुछ आंदोलनों ने सरकारों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया; कुछ अपने तय लक्ष्यों को तो हासिल नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने राजनीति की दिशा बदल दी और कुछ ऐसे भी रहे जो महीनों तक चलने के बावजूद सरकारों से अपनी मुख्य मांगें मनवाने में विफल रहे। सीजेपी के प्रोटेस्ट 1.0 के बाद 10 अक्तूबर को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आयोजित किया गया आंदोंलन 2.0 फ्लॉप शो साबित हुआ।</p><h2>पुलिस की तैयारी</h2><p><br>होम सेक्रेटरी के साथ मीटिंग के बाद दिल्ली पुलिस मेगा प्लान के साथ काम करती रही और 9 अक्टूबर को उसका 37 पॉइंट का एक ड्रैग्नेट चेक रिव्यू प्रस्तुत किया गया। सेंट्रल दिल्ली में 26,000 पुलिस जवान और अर्धसैनिक बल तैनात। जिला स्तर पर एक दर्जन से ज्यादा डिटेंशन सेंटर। दिल्ली आने जाने वाली 245 ट्रेन रद्द, 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद। दिल्ली के पीजी और हॉस्टल वालों से कहा गया कि लोगों और छात्रों को प्रदर्शन में ना जाने दें। 9 अक्टूबर को रात 10:00 बजे से जंतर-मंतर की 4 किमी की रेडियस में मोबाइल इंटरनेट भी बंद कर दिया गया। फिर आया डी डे 10 अक्टूबर और सुबह से खबरें आने लगी कि दिल्ली पुलिस अपने इस प्लान पर किस तरह से काम कर रही है। जो प्रदर्शनकारी रात में दिल्ली पहुंचे जिन्होंने बंगला साहिब गुरुद्वारे में शरण ली पुलिस ने तड़के वहां दबिश दी। सेंट्रल दिल्ली में कुछ और जगहों पर भी प्रदर्शनकारियों के ग्रुप नजर आए लेकिन पुलिस की संख्या हमेशा उनसे कई गुना ज्यादा रही। नतीजा बसें भरकर प्रदर्शनकारियों को सुबह 8:00 बजे से ही डिटेंशन सेंटर भेजा जाने लगा। पुलिस को 7000 प्रदर्शनकारियों के दिल्ली पहुंचने का इनपुट मिला था। बीती बार के मुकाबले इस बार पहरा बहुत ज्यादा कड़ा था। सुबह के वक्त सेंट्रल दिल्ली की तमाम सड़कें पूरी तरह से बैरिकेडिंग की वजह से खाली नजर आई। आखिरी बार यह नजारा &nbsp;कोविड लॉकडाउन के दौरान देखा था। जहां जो कोई दिखता पुलिस फौरन हिरासत में लेती। &nbsp;ध्रुव राठी ने 9 अक्टूबर की रात इंडिया गेट से दिल्ली में अपनी मौजूदगी का वीडियो डाला था। राठी को गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित उनके घर से डिटेन किया गया। पुलिस सीजेपी की लीडरशिप की भी क्लोज मॉनिटरिंग कर रही थी। उनके लीगल अफेयर्स की हेड रत्ना सिंह को जंगपुरा स्थित उनके घर से बाहर निकलते ही कार में डिटेन कर लिया गया। 9 अक्टूबर को यह तीनों ही मुंबई में मौजूद थे। अलग-अलग मीडिया ग्रुप्स के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे और लगातार वीडियो पोस्ट कर रहे थे कि आंदोलन तो होकर रहेगा। तब उनके हिरासत का अनुमान भी लगाया जा रहा था। दीपके दास और रांका मुंबई एयरपोर्ट से सुबह 10 अक्टूबर के रोज करीब 8:00 बजे फ्लाइट पर सवार होने के लिए पहुंचे और 10:30 बजे फ्लाइट दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर लैंड हुई। लैंडिंग होते ही दिल्ली पुलिस के जवान फ्लाइट के अंदर पहुंचे। तीनों को हिरासत में लिया गया। अलग-अलग अज्ञात जगहों पर ले जाया गया। इन सबके बीच खबर आई कि अभिजीत दीपके की दादी का देहांत हो गया है। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें मानवीय आधार पर पैत्री गांव जाने की मंजूरी दी। इस तरह की खबरें भी आई।</p><h2>क्या सच में जेनजी ने बनाई दूरी?</h2><p>देश में जेन-ज़ी के दम पर बदलाव का दावा करने वाले सीजेपी (CJP) के दूसरे बड़े शक्ति प्रदर्शन में ही युवाओं की दूरी साफ़ नज़र आई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े को लेकर जंतर-मंतर पर बुलाई गई दूसरी मुहिम उस तरह परवान नहीं चढ़ सकी। इसकी एक वजह जहां पुलिस-प्रशासन का कड़ा पहरा रहा, वहीं युवाओं और छात्रों का इस आंदोलन से घटता जुड़ाव भी अहम कारण बना। हालांकि जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) के कुछ चेहरे प्रदर्शन में ज़रूर पहुंचे, मगर अलग-अलग विश्वविद्यालयों और परिसरों से छात्रों की वह ऐतिहासिक भीड़ नदारद रही जिसकी उम्मीद की जा रही थी। साफ है कि सीजेपी के शुरुआती आंदोलन के मुकाबले इस बार न तो ज़मीनी स्तर पर छात्रों का वैसा उत्साह दिखा, और न ही विपक्षी दलों का वह एकजुट राजनीतिक समर्थन जुटाया जा सका।</p><h2>सोशल मीडिया पर भी सुस्त पड़ा समर्थन</h2><p>ज़मीनी स्तर के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी इस बार सीजेपी के पक्ष में छात्रों की वह मुखर मौजूदगी नहीं दिखी, जो पहले नज़र आई थी। हालांकि एनएसयूआई (NSUI) ने कार्यक्रम में भागीदारी दर्ज कराई, लेकिन डीयू, जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, डीटीयू, आईआईटी दिल्ली और आंबेडकर विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों से छात्रों की भारी लामबंदी नहीं हो सकी। दरअसल, इससे पहले पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों से जुड़े मसले सीधे छात्रों के भविष्य से जुड़े थे, जिसने उन्हें स्वतः ही एकजुट कर दिया था। इसके उलट, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग एक विशुद्ध राजनीतिक मुद्दा बन गई, जिसके चलते आम छात्र वर्ग इससे उस तरह भावनात्मक रूप से नहीं जुड़ पाया।</p><h2>सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी</h2><p><br>10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट, कई मेट्रो स्टेशनों के गेट और दर्जनों ट्रेनें बंद कर दी गई थीं, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर को आदेश दिया था कि 10 अक्टूबर को बिना नियम के पाबंदियां ना लगाई जाए। खासकर मेट्रो ट्रेनों पर पूरी तरह से रोक ना हो। लेकिन 10 अक्टूबर को दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया। साथ ही दिल्ली पुलिस ने मेट्रो के कई स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद करने की मांग की। इसके बाद आरोप लगा कि अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। 11 अक्टूबर को कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिकाओं पर ध्यान दिया। उसी दिन कोर्ट ने यह भी कहा कि इंटरनेट सेवाओं में कोई रुकावट ना हो। गृह सचिव, पुलिस कमिश्नर और डीएमआरसी की चेयरमैन को अवमानना का नोटिस जारी किया गया। अवमानना का मतलब यह होता है कि कोर्ट के आदेश का पालन ना करना या उसका उल्लंघन करना। गृह सचिव गोविंद मोहन ने अपने हलफनामे में कहा है कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट बंद करने का फैसला शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया था। उनका कहना है कि सीजेपी ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। लेकिन उसके पास जरूरी अनुमति यानी कि इजाजत नहीं थी। पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत भी नहीं दी थी। ऐसे में प्रशासन को डर था कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा हो सकती है और लोगों के बीच अफवाहएं फैल सकती हैं। गृह सचिव ने कहा कि इंटरनेट बंद करने का फैसला किसी आदेश को जानबूझकर ना मानने के लिए नहीं लिया गया था। उन्होंने कोर्ट से इस मामले में उन्हें अवमानना की कारवाई से राहत देने की भी मांग की है। &nbsp;होम सेक्रेटरी गोविंद मोहन और पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार दोनों ने कहा है कि उन्होंने कोर्ट के आदेश को जानबूझकर नहीं तोड़ा। यह लगातार बार-बार कहें। गृह सचिव ने इंटरनेट बंद करने को जरूरी बताया है। वहीं पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने सीजेपी के पुराने प्रदर्शनों और हिंसा का हवाला देते हुए पुलिस की कारवाई का बचाव किया है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-cjp-vs-aap-vs-pk-part-4" target="_blank" rel="noopener">CJP vs AAP vs PK | फुस्स हुआ CJP का इंकलाब? AAP-जन सुराज से तुलना में कहां टिकते हैं?| Teh Tak Part 4</a><br>&nbsp;</h3>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-why-cjp-protest-has-failed-part-3</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[CJP Protests Timeline | NEET से लेकर जंतर-मंतर तक: CJP के आंदोलन की इनसाइड स्टोरी | Teh Tak Part 2]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-cjp-protests-timeline-part-2]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>लोकतंत्र में प्रतिरोध का मतलब है अपने हक की लड़ाई के लिए आवाज उठाना। गलत के खिलाफ बोलना और देश चलाने का जिम्मा लेने वालों से जवाबदेही तलब करना। भारत का इतिहास ऐसे ही सफल जन आंदोलनों से लिखा गया है। आजादी की लड़ाई से लेकर 70 के दशक के जेपी मूवमेंट और फिर निर्भया आंदोलन तक हर बड़े बदलाव की नींव सड़क पर ही रखी गई है। जब देश का नौजवान सड़क पर उतरता है तो उसके सीने में सिस्टम के खिलाफ एक जायज आग होती है। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया कॉकरोच शब्द देते हैं। एक आदमी कॉकरोच के नाम से मीम पेज बनाता है। फॉर्म भरवाता है। इंडिया आता है। 4 500 700 लोग नजर आते हैं। आठ दिन बाद सोनम वांगचुक जैसा चेहरा आता है। एक मीम पेज Instagram पेज सडनली एक बड़ा आंदोलन बन जाता है। देश दुनिया में सबकी निगाहें जाती हैं। भीड़ बढ़ने जा लगती है। हालत यह होती है कि जनता सड़क से संसद जाने को तैयार हो जाती है। नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के सताए लाखों स्टूडेंट्स ने जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डाला तो भारत के मुख्य न्यायाधीश के व्यंग से उपजी कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने इस आंदोलन का नेतृत्व संभालने का जिम्मा लिया था। लोग समर्थन भी कर रहे थे और 20 जुलाई को जब चलो संसद का नारा सीजेपी लीडरशिप ने दिया तो देश भर से छात्र दिल्ली पहुंचे। तब तक भी आंदोलन में एक गजब की मासूमियत थी। बच्चे फूल बांट रहे थे।&nbsp;</p><h2><br>नीट पेपर लीक से सताए छात्रों को मिला आंदोलन का चेहरा</h2><p><br>अपनी मांगों को लेकर साफ शब्दों में गुजारिश कर रहे थे। यह सोचकर कि &nbsp;सरकार उनकी सुनेगी। लेकिन जुलाई के आखिरी हफ्ते तक आते-आते इस शांतिपूर्ण प्रतिरोध की तस्वीर अचानक बदल गई। पुलिस और छात्रों के बीच खूनी झड़पें हुई। मीडिया के कैमरे तोड़े गए और पुलिस की गाड़ियों पर तलवारें लहराई गई। सीजेपी का आंदोलन 6 जून को शुरू हुआ था। 28 जून को सोनम वांगचुक के अनशन पर बैठने के साथ ही इसे एक मजबूत नैतिक केंद्र मिल गया। लेकिन सरकार ने हफ्तों तक इन छात्रों की कोई सुध नहीं ली। कोई बातचीत का दरवाजा नहीं खोला गया। इसके उलट 18 जुलाई को पुलिस ने वाकचुक को जबरदस्ती उठाकर अस्पताल पहुंचा दिया। जब आप एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मांग को पुलिस के बूटों तले कुचलने की कोशिश करते हैं तो सड़क पर गुस्सा फटना तय हो जाता है। 20 जुलाई को चलो संसद मार्च के दिन हालात बेकाबू हो गए। 1400 पुलिसकर्मियों की घेराबंदी, बैरिकेड्स और आंसू गैस के गोलों ने दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया। दर्जनों छात्रों के सर फूटे। जब सत्ता संवाद के बजाय डंडे की भाषा बोलती है तो भीड़ का सब्र भी जवाब दे देता है।</p><h2><br>आधी रात सरकार से क्या हुई बात</h2><p>इस प्रोटेस्ट को और ज्यादा मजबूती तब मिली जब सोनम वांगचुक इस प्रोटेस्ट में शामिल हुए और उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी। एक तरह से कहें तो उस दिन के बाद सोनम वांगचुक इस प्रोटेस्ट की रीड बन गए थे। क्योंकि सोनम वांगचुक के जुड़ने के बाद वो लोग भी इस प्रोटेस्ट में आए जो दरअसल पर्यावरण को बचाने की देख रखते हैं। एक गंभीरता उन्होंने गंभीरता उन्होंने दे दी इस प्रोटेस्ट को। मगर लंबे वक्त के बाद अब लगभग 26 दिन के अनशन के बाद भूख हड़ताल के बाद। अब उन्होंने मतलब जूस पिया वो भी जेपी नड्डा के हाथ से। &nbsp;</p><p>पिछली बार विरोध प्रदर्शन कैसे खत्म हुआ?</p><p>सड़कों से उठकर इंटरनेट के सर्वर को हिला देने वाला एक नया युवा विद्रोह भारत की सबसे पुरानी और संवेदनशील व्यवस्था को चुनौती दे रहा है? सोशल मीडिया का 'रील' वाला ज़माना अब सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, यह देश का नया डिजिटल आंदोलन केंद्र बन चुका है। जिस तरह 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने इंस्टाग्राम के ज़रिए ज़मीनी आक्रोश खड़ा किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कुर्सी छोड़ने पर मजबूर कर दिया, उसने विरोध के एक नए दौर की शुरुआत कर दी है।&nbsp;</p><p>जुलाई 2026 में सड़कों पर हो रहे विरोध प्रदर्शन का अंत अचानक हुआ। यह पुलिस के साथ टकराव और उसके बाद एक बड़ी राजनीतिक रियायत मिलने के कारण खत्म हुआ। जब हज़ारों लोग कड़ी सुरक्षा वाले संसद क्षेत्र की ओर बढ़े, तो दिल्ली पुलिस ने कई परतों वाली भारी बैरिकेडिंग लगा दी। आमना-सामना हाथापाई में बदल गया, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा। कई प्रदर्शनकारी और पुलिस अधिकारी घायल हो गए, और कई छात्र नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया गया। सुरक्षा के लिए मार्च रोकना: झड़पों के तुरंत बाद, दिपके और CJP के प्रवक्ता समूह ने सड़कों पर होने वाले सभी मार्च को रोकने की घोषणा की। दिपके ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध के लिए प्रतिबद्ध रहेगा और छात्रों के गंभीर रूप से घायल होने या उन्हें हिंसक दंगाई करार दिए जाने का जोखिम नहीं उठा सकता। आंदोलन को सीमित धरने में बदल दिया गया।&nbsp;</p><h2><br>मंत्री का इस्तीफा (25 जुलाई 2026)</h2><p><br>संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के पांच दिन बाद, जनता के लगातार ध्यान और विपक्ष द्वारा संसद में किए जा रहे हंगामे के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ जो उनकी मुख्य मांग थी, CJP नेतृत्व ने एक बड़ी प्रतीकात्मक जीत की घोषणा की। कड़ी सुरक्षा निगरानी में जंतर-मंतर पर लगे टेंट धीरे-धीरे हटा दिए गए, और आंदोलन सड़कों पर सक्रिय टकराव से हटकर एक डिजिटल निगरानी और नीति वकालत नेटवर्क में बदल गया।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-why-cjp-protest-has-failed-part-3" target="_blank" rel="noopener">Why CJP protest has failed |कड़ी सुरक्षा या राजनीतिक एकता की कमी ने फेल किया CJP 2.0 | Teh Tak Part 3</a></h3>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-cjp-protests-timeline-part-2</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[How was CJP Born |कॉकरोच जनता पार्टी वाले अभिजीत दीपके की पूरी कुंडली | Teh Tak Part 1]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-how-was-cjp-born-part-1]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>इस धरती पर एक जीव ऐसा भी है, जिसके बारे में यह माना जाता है कि परमाणु युद्ध होने पर भी इन पर असर नहीं होगा। हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है, ये तो नहीं पता लेकिन</p><p>हां ये जरूर है कि जब व्यवस्था की सफाई करने के बजाय सिस्टम खुद सड़ने लगता है, तब अंधेरी रातों में, सुनसान राहों पर एक 'मसीहा' निकलता है। जिसे लोग शहंशाह नहीं, बल्कि 'कॉकरोच' कहते हैं! यह एक ऐसा सर्वव्यापी मसीहा है जो कहीं भी प्रकट हो सकता है। आपके चमचमाते किचन में, भारतीय रेल के डिब्बों में, या फिर सरकारी दफ्तर के उस सीलन भरे कमरे में जहां धूल खाती फाइलें सदियों से सो रही हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक इस महान जीव का जिक्र क्यों? तो जनाब, &nbsp;राजनीति के गलियारे से एक ब्रेकिंग न्यूज़ आई। देश की राजनीति में इस वक्त एक ऐसी पार्टी की एंट्री हुई जिसने बिना चुनाव लड़े, बिना रैलियां निकाले और बिना पोस्टर्स लगाए सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। नाम है कॉकरोच जनता पार्टी यानी कि सीजेपी। सीजेपी का नाम इस समय इंटरनेट पर टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है। सुनने में यह किसी मीम या मजाक जैसा आपको लग सकता है लेकिन इंटरनेट पर इसकी लोकप्रियता &nbsp;मजाक से आगे निकलती दिखाई दी। लॉन्च होने के महज कुछ दिनों के भीतर इस पार्टी से हजारों लोग जुड़ गए। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इसके सदस्य खुद को सेकुलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक और लेजी बताते हैं और यही लाइन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। शुरुआती दिनों में कोई इसे युवाओं की हताशा का नया प्रतीक बता रहा था तो कोई इसे मौजूदा राजनीति पर सबसे बड़ा व्यंग मान रहा। लेकिन सवाल सबसे बड़ा यहां पर यह है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी सिर्फ इंटरनेट का मजाक है या फिर सिस्टम से नाराज युवाओं की नई डिजिटल आवाज। दरअसल इस पूरी कहानी की शुरुआत एक विवादित टिप्पणी से हुई जिसमें बेरोजगार युवाओं और एक्टिविस्ट को लेकर कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। पार्टी के नाम कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर भी चर्चा है। &nbsp;यह नाम हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी पर आधारित है। जिसमें उन्होंने यह कहा था कि कुछ युवा कॉकरोच जैसे होते हैं जिन्हें रोजगार नहीं मिलता और वह सोशल मीडिया, मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। हालांकि बाद में सीजीआई ने सफाई भी दी थी और कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। जिस दिन सीजीआई सूर्यकांत ने कॉकरोच वाली टिप्पणी की उसी दिन यानी 16 मई को अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया एक्स पर लोगों से कॉकरोच जनता पार्टी में रजिस्टर करने की अपील की। साफ कर दें कि इस पार्टी का मकसद चुनाव लड़ना नहीं है। यह व्यंग करने वाला एक पॉलिटिकल आउटफिट है। पार्टी में शामिल होने की दिलचस्प शर्तें बताएं। उससे पहले बता दें कि कॉकरोच वाली जो टिप्पणी सीजीआई सूर्यकांत ने की थी, उस पर बाद में उन्होंने साफ किया कि उनकी मौखिक टिप्पणी फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल करके कानून और मीडिया जैसे पेशों में एंट्री करने वाले लोगों के लिए थी ना कि बेरोजगार युवाओं के लिए।&nbsp;</p><p>क्या थी सीजेआई की कॉकरोच वाली टिप्पणी</p><p><br>भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कीड़ों और परजीवियों का उदाहरण देते हुए कहा कि बेरोजगार युवा सोशल मीडिया और सूचना के अधिकार (आरटीआई) का इस्तेमाल करके हर किसी पर हमला करते हैं। ये टिप्पणियां तब आईं जब मुख्य न्यायाधीश कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ एक ऐसे वकील को फटकार लगा रही थी जो वरिष्ठ अधिवक्ता का पदनाम मांग रहा था। &nbsp;समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पीठ ने याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील संजय दुबे &nbsp;से कहा कि पूरी दुनिया वरिष्ठ अधिवक्ता बनने के योग्य हो सकती है, लेकिन कम से कम आप तो इसके हकदार नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के वकील द्वारा फेसबुक पर इस्तेमाल की गई भाषा का भी उल्लेख किया। तभी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने समाज के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी मौजूद हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और आप उनके साथ हाथ मिलाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कई युवा हैं, जो तिलचट्टों की तरह हैं, जिन्हें न तो रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई स्थान। उनमें से कुछ मीडिया में चले जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया कार्यकर्ता बन जाते हैं, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता और अन्य कार्यकर्ता बन जाते हैं, और वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।&nbsp;</p><h2><br>बाद में अपने बयान पर दी सफाई&nbsp;</h2><p><br>हालांकि बाद में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने विवादास्पद "तिलचट्टे" वाले बयान पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने उनके मौखिक कथनों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और उन्हें देश के युवाओं की आलोचना के रूप में पेश किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि मुझे यह पढ़कर बहुत दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरे मौखिक कथनों को गलत तरीके से उद्धृत किया है। मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी जिन्होंने फर्जी और फर्जी डिग्रियों की मदद से वकालत जैसे पेशे में प्रवेश किया है। ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित पेशों में भी घुसपैठ कर चुके हैं, इसलिए वे परजीवी की तरह हैं। यह कहना पूरी तरह निराधार है कि मैंने हमारे देश के युवाओं की आलोचना की है।</p><h2><br>किसने बनाई सीजेपी</h2><p>कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं। वह 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम में भी वालंटियर रह चुके हैं। द हिंदू अखबार से बात करते हुए अभिजीत ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी माननीय मुख्य न्यायाधीश के उस बयान के खिलाफ युवाओं की असहमति है जिसमें उन्होंने युवाओं को कॉकरोच और परजीवी करार दिया था। भारत जैसे लोकतंत्र में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। जहां संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संरक्षक माने जाने वाले सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई युवाओं की आलोचना कर उनका अपमान करते हैं। वो आगे कहते हैं कि अगर युवाओं को अपनी आवाज पहुंचाने के लिए कॉकरोच बनना पड़े तो हम इस पहचान को अपनाते हैं। इसीलिए हमने अपना नाम रखा है कॉकरोच जनता पार्टी। हमने आपको पहले ही बताया कि एक सिटेरिकल पॉलिटिकल पार्टी है।&nbsp;</p><p>व्यंग्य के पीछे छिपा ठोस नीतिगत घोषणापत्र</p><p>मजाकिया अंदाज और व्यंग्य के पीछे इस आंदोलन ने शासन से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को एक औपचारिक मांग-पत्र (चार्टर) में तब्दील कर दिया:</p><p>पेपर लीक और परीक्षाओं की विश्वसनीयता: NEET जैसी केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधलियों और गड़बड़ियों के खिलाफ सीधा विरोध प्रदर्शन।</p><p>न्यायपालिका व लोकतंत्र में हितों का टकराव: सेवानिवृत्त जजों को रिटायरमेंट के तुरंत बाद मिलने वाले राजनीतिक पदों (जैसे मनोनीत राज्यसभा सीट) पर रोक लगाने की मांग।</p><p>दलबदल पर कड़ा प्रहार: अपनी पार्टी बदलकर दूसरी पार्टी में जाने वाले जन-प्रतिनिधियों (सांसदों/विधायकों) पर लंबे समय तक किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव।</p><p>चुनावी पारदर्शिता और मीडिया सुधार: मतदाता सूचियों के प्रबंधन में कड़ी जवाबदेही तय करने और कॉरपोरेट मीडिया के पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल उठाना।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-cjp-protests-timeline-part-2" target="_blank" rel="noopener">CJP Protests Timeline | NEET से लेकर जंतर-मंतर तक: CJP के आंदोलन की इनसाइड स्टोरी | Teh Tak Part 2</a></h3>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/teh-tak-exclusive-how-was-cjp-born-part-1</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[UP विधान परिषद चुनाव से पहले सपा ने लगाया मतदाताओं को धमकाने का आरोप]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/samajwadi-party-alleges-voter-intimidation-up-legislative-council-polls-election-commission]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीट पर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले अपने समर्थक मतदाताओं को धमकाने और मतदान से रोकने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर मामले में तत्काल कार्रवाई करने और मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा भयमुक्त माहौल में कराने की मांग की है। पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर यह ज्ञापन सौंपा।</p><p>ज्ञापन में आरोप लगाया गया है प्रदेश के कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव समेत 72 जिलों में मतदान के दौरान सपा समर्थक मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी इल्जाम लगाया गया है कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा पदाधिकारियों के इशारे पर पुलिसकर्मी सपा समर्थकों को चिह्नित कर उन्हें मतदान के दिन घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दे रहे हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि समर्थकों को फर्जी मुकदमों में फंसाने और गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।</p><p>सपा ने प्रयागराज जिले में मऊआइमा थाना क्षेत्र के मलखानपुर गांव की अंजू यादव और जंघई पुलिस चौकी क्षेत्र के शोरो गांव निवासी रामजी यादव को कथित तौर पर मतदान करने से रोकने के लिए धमकाये जाने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तहत जौनपुर में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा विद्यालयों के प्रबंधकों पर मतदान के दिन घर पर रहने और वोट नहीं डालने का दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी ने ज्ञापन में संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक को तत्काल हटाने की मांग भी की है।</p><p>आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में दोहरे नाम दर्ज होने और नामों में त्रुटियों का आरोप लगाते हुए सपा ने कहा कि इससे मतदाताओं को परेशानी हो सकती है। पार्टी ने निर्वाचन अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि किसी भी मतदाता को वोट डालने से न रोका जाए। साथ ही, सपा ने मतदान समाप्त होने के बाद प्रत्येक बूथ पर पड़े मतों का विवरण देने वाला फॉर्म-17सी मतदान एजेंटों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की मांग की।</p><p>ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल थे।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:33:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/samajwadi-party-alleges-voter-intimidation-up-legislative-council-polls-election-commission</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[रेहान वाद्रा की Bikaner House प्रदर्शनी से 70 तस्वीरें हटाई गईं, Congress ने साधा निशाना]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/national/raihan-vadra-bikaner-house-photo-exhibition-controversy-congress-bjp]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा की प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को उस वक्त राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब मुख्य विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि अंग्रेजों की तरह भाजपा और आरएसएस के लोग भी सच से डरते हैं
वहीं, ‘बीकानेर हाउस सोसाइटी’ ने कहा कि कुछ तस्वीरें उसकी नीति के अनुरूप नहीं पाए जाने के कारण उन्हें हटाने को कहा गया था और शेष तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं। विवाद के बीच, रेहान ने कहा कि अधिकांश कला राजनीतिक होती है और किसी कला संस्थान को राजनीतिक विषयवस्तु की अनुमति नहीं देने का फैसला नहीं करना चाहिए। रेहान ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि उनकी एकल प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ बुधवार शाम सात बजे शुरू होनी थी और इसके उद्घाटन से करीब 24 घंटे पहले बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उन्हें बताया कि कुछ तस्वीरें आपत्तिजनक हो सकती हैं या संस्थान की नीति के खिलाफ हो सकती हैं।</p><p>उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रबंधन से आपत्तियां लिखित रूप में देने को कहा, लेकिन अगले दिन दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उन्हें बताया गया कि प्रदर्शनी में शामिल 105 तस्वीरों में से करीब 70 को हटाना होगा। रेहान के अनुसार, उन्होंने पहले ही ऐसी कुछ तस्वीरें अलग कर दी थीं जिनमें स्पष्ट रूप से राजनीतिक नारे थे। कुछ अन्य तस्वीरों में झंडे और राजनीतिक नेता दिखाई दे रहे थे और वह उनके बारे में प्रबंधन से चर्चा करने के लिए तैयार थे।</p><p>उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने दिल्ली में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में कुछ तस्वीरों को ‘राजनीतिक’ बताते हुए उन्हें हटाने को कहा। रेहान ने कहा कि उनकी टीम ने कई तस्वीरें हटा दीं, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज वाली दो तस्वीरों को हटाने की मांग पर उन्होंने आपत्ति जताई। उनका दावा है कि जब वह प्रदर्शनी के उद्घाटन के लिए तैयार होने घर गए थे, तब अधिकारियों ने भारतीय ध्वज वाली एक तस्वीर स्वयं हटा दी।</p><p>उन्होंने कहा, ‘‘अधिकांश कला राजनीतिक होती है...आप एक कला संस्थान के रूप में काम करते हुए यह नहीं कह सकते कि राजनीतिक विषयवस्तु की अनुमति नहीं है।’’
रेहान ने यह भी कहा कि प्रदर्शनी का प्रारूप करीब एक सप्ताह पहले ही बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ साझा किया गया था और यदि तस्वीरों को लेकर आपत्ति थी तो उस पर पहले ही चर्चा की जानी चाहिए थी। दूसरी ओर, बीकानेर हाउस सोसाइटी ने एक बयान में कहा कि वह कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित सार्वजनिक सांस्कृतिक संस्थान है और वहां आयोजित प्रदर्शनियों तथा उनसे जुड़ी गतिविधियों को बीकानेर हाउस प्रबंधन सोसाइटी की नीति का पालन करना होता है। सोसाइटी ने कहा, ‘‘रेहान वाद्रा की प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ के तहत प्रदर्शित कुछ तस्वीरें बीकानेर हाउस प्रबंधन सोसाइटी की नीति के अनुरूप नहीं पाई गईं।</p><p>इसलिए उन्हें हटाने का आग्रह किया गया।’’
उसने कहा कि नीति के अनुरूप पाई गई अन्य तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं। इस बीच, रेहान के पिता रॉबर्ट वाद्रा ने कहा कि उन्हें अपने बेटे और उसकी मेहनत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि रेहान ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान तस्वीरें ली थीं और प्रदर्शनी के लिए करीब एक सप्ताह पहले ही संबंधित अधिकारियों को विस्तृत सामग्री भेज दी थी।</p><p>प्रियंका गांधी वाद्रा ने अपने बेटे की प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाए जाने को ‘‘हास्यास्पद’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि देश के युवाओं की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने ‘एक्स’ पर अपने बेटे के नाम संदेश में कहा कि जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी अन्य की अभिव्यक्ति से डरने लगता है तो वह उस ताकत को पहले ही खो चुका होता है, जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा होता है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, ‘‘युवाओं की अभिव्यक्ति के खिलाफ संघ की मानसिकता पूरी तरह सामने आ रही है।</p><p>जब युवा अपने मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरते हैं और अपनी बात रखते हैं, तो आपको परेशानी होती है। जब वे कला के माध्यम से अपनी बात कहते हैं, तब भी आपको परेशानी होती है। आखिर युवा अपनी बात कैसे रखें और उनकी अभिव्यक्ति से आपको क्या समस्या है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के युवाओं की अभिव्यक्ति को लेकर अंग्रेजों को भी यही समस्या थी।</p><p>युवा अपनी बात रखेंगे। उनकी बात सुनिए और देखिए। यह कला है, आखिर इससे भी आपको क्या समस्या है?’’
खेड़ा ने कहा कि असल बात है कि ये लोग सच से डरते हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:03:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/national/raihan-vadra-bikaner-house-photo-exhibition-controversy-congress-bjp</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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