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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[Love Horoscope For 22 October 2026 | आज का प्रेम राशिफल 22 अक्टूबर 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/love-horoscope-for-22-october-2026]]></guid>
      <description><![CDATA[<p><strong>दैनिक प्रेम राशिफल 22 अक्टूबर 2026: </strong>इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं। यहाँ बिना किसी सिंबल के आज का सभी 12 राशियों का लव राशिफल दिया गया है:</p><p><strong>मेष राशि (Aries)</strong><br>दिल के मामलों में आज आपकी ऊर्जा और उत्साह चरम सीमा पर रहेगा। अगर आप अपने क्रश से अपने दिल की बात कहना चाहते हैं, तो आज का दिन सबसे उत्तम है। जो जातक पहले से किसी रिश्ते में हैं, वे अपने साथी के साथ किसी खूबसूरत शाम का भरपूर आनंद लेंगे। प्यार में गर्ماहट और नयापन बना रहेगा।</p><p><strong>वृष राशि (Taurus)</strong><br>दिन भर की भागदौड़ और काम के दबाव के कारण हो सकता है कि आप अपने प्रिय को उतना वक्त न दे पाएं, जितना वे चाहते हैं। लेकिन निराश न हों—शाम का ढलता वक्त आप दोनों के बीच की दूरियों को मिटा देगा। एक छोटा सा प्यार भरा संदेश या साथ बिताए कुछ पल सारे गिले-शिकवे दूर कर देंगे।</p><p><strong>मिथुन राशि (Gemini)</strong><br>आज आपकी मीठी बातें और खुला स्वभाव आपके पार्टनर का दिल जीत लेगा। यदि मन में कोई पुरानी गलतफहमी या अनकही बात है, तो आज उसे खुलकर साझा करें। संवाद की यह पारदर्शिता आपके रिश्ते को एक नई गहराई और मजबूती देगी। सिंगल जातकों के जीवन में किसी दिलचस्प शख्स की आहट हो सकती है।</p><p><strong>कर्क राशि (Cancer)</strong><br>भावनाओं का सागर आज थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। साथी की किसी छोटी-सी बात को दिल पर लगाने से बचें। प्यार में त्याग और आपसी समझ ही रिश्ते की असली खूबसूरती होती है। परिवार का सहयोग और अपनों की आत्मीयता आपके मन को गहरा सुकून और संतुष्टि देगी।</p><p><strong>सिंह राशि (Leo)</strong><br>रोमांस और चमक-धमक के मामले में आज आपका दिन राजाओं जैसा रहने वाला है। आपके पार्टनर की ओर से मिलने वाला कोई अनपेक्षित सरप्राइज आपके चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान ले आएगा। यदि आप सिंगल हैं, तो किसी सामाजिक आयोजन में आपकी चुंबकीय शख्सियत सबका ध्यान अपनी ओर खींच लेगी।</p><p><strong>कन्या राशि (Virgo)</strong><br>काम और जिम्मेदारियों का बोझ अपने प्रेम जीवन पर हावी न होने दें। आज आपका हमसफर आपकी मानसिक थकान को दूर करने का सबसे बड़ा जरिया बनेगा। उनके साथ कुछ पल शांति से बिताना आपकी दुनिया भर की थकान को एक पल में छूमंतर कर देगा।</p><p><strong>तुला राशि (Libra)</strong><br>आपकी लव लाइफ में आज किसी सुहानी हवा की तरह ताजगी महसूस होगी। जीवनसाथी या प्रेमी के साथ भविष्य की सुनहरी योजनाओं पर गंभीर और बहुत ही प्यारी चर्चा हो सकती है। एक-दूसरे पर अटूट विश्वास आपके रिश्ते को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगा।</p><p><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio)</strong><br>शक या वहम के छोटे-छोटे कांटे कभी-कभी खूबसूरत रिश्तों को चुभ जाते हैं—आज इस बात का खास ख्याल रखें। अपने रिश्ते में पारदर्शिता बनाए रखें। यदि मन में कोई बात खल रही है, तो आमने-सामने बैठकर दिल खोलकर बात करें, मामला तुरंत सुलझ जाएगा।</p><p><strong>धनु राशि (Sagittarius)</strong><br>आज का दिन खिलखिलाती हंसी, मस्ती और रोमांच से भरा होगा। अपने पार्टनर के साथ किसी लॉन्ग ड्राइव, डिनर या किसी शांत जगह पर घूमने का प्लान जरूर बनाएं। अकेले लोगों की जिंदगी में किसी ऊर्जावान और आकर्षक इंसान के आने के प्रबल योग बन रहे हैं।</p><p><strong>मकर राशि (Capricorn)</strong><br>प्यार सिर्फ शब्दों का मोहताज नहीं होता, कभी-कभी खामोशी और साथ भी बहुत कुछ कह जाता है। आज काम की अधिकता रह सकती है, लेकिन अपने साथी को यह अहसास कराना बिल्कुल न भूलें कि वे आपके जीवन में कितने खास हैं। एक प्यारा सा फोन कॉल उनका पूरा दिन बना सकता है।</p><p><strong>कुंभ राशि (Aquarius)</strong><br>पार्टनर के साथ आपकी मानसिक ट्यूनिंग और फ्रीक्वेंसी आज गजब की मैच करेगी। आप दोनों मिलकर घर-गृहस्ती या भविष्य से जुड़ा कोई बड़ा और खूबसूरत फैसला ले सकते हैं। रिश्ते में बौद्धिक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर बेहतरीन तालमेल देखने को मिलेगा।</p><p><strong>मीन राशि (Pisces)</strong><br>कल्पनाओं की दुनिया से बाहर आकर आज वास्तविक प्रेम को महसूस करने का दिन है। साथी की छोटी-मोटी कमजोरियों या कमियों को नजरअंदाज कर उनके अच्छे स्वभाव को अपनाएं। धैर्य और कोमलता के साथ बिताया गया समय आपके रिश्ते में हमेशा मिठास बनाए रखेगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:40:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/love-horoscope-for-22-october-2026</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Lord Shiva की पूजा में जमीन से उठाकर ही Parijat Flower चढ़ाने का है विशेष नियम]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/parijat-flower-offering-rules-for-shivling-worship-and-vastu-significance]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पारिजात या हरसिंगार का पौधा अपने धार्मिक महत्व के अलावा बेहतरीन सुगंध के लिए जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि पारिजात के पौधे को स्वर्ग से धरती पर लाया गया था। हम में से अधिकतर लोगों को इस बारे में जानकारी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरिवंश पुराण में पारिजात के पौधे पर मनोकामना पूरी करने वाला पौधा बताया गया है। पारिजात का फूल सूर्य की रोशनी की बजाय चंद्रमा की रोशनी में खिलते हैं और सुबह तक झड़ जाते हैं।</p><h2>जानिए पारिजात के फूल अर्पित करने के नियम</h2><p>महादेव को पारिजात का फूल प्रिय है। भक्तों का मानना है कि भगवान शिव को पारिजात का फूल अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पूजा भी फलित होती है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/jyotish/gajkesari-rajyoga-to-form-on-november-3-2026-with-jupiter-moon-conjunction" target="_blank" rel="noopener">3 नवंबर को बनेगा Gajakesari Rajyog, इन 3 राशियों को होगा बड़ा धनलाभ</a></p><p>हालांकि शिवलिंग पर पारिजात के फूल को चढ़ाने के कुछ नियम बताए गए हैं। माना जाता है कि कभी भी पारिजात का फूल तोड़कर पूजा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से महादेवी की पूजा निष्फल हो सकती है।</p><p>यह इकलौता ऐसा पुष्प है, जिसको सीधा जमीन से उठाकर महादेव पर चढ़ाया जाता है। इस फूल को धोने की जरूरत भी नहीं होती है, क्योंकि यह शास्त्रों में बेहद पवित्र माना जाता है। इस विधि से पारिजात का फूल महादेव पर अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।</p><h2>जानें पारिजात पौधे का वास्तु महत्व</h2><p>अक्सर पारिजात पौधे को सिर्फ सजावटी पौधा माना जाता है। जबकि यह भारतीय पौराणिक कथाओं और आध्यात्मिक प्रथाओं में बेहद गहराई से समाई हुई है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन से पारिजात का पौधा उत्पन्न हुआ था।</p><p>पारिजात को दिव्य फूल माना जाता है। बताया जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण अपनी सबसे प्रिय पत्नी रुक्मिणी के लिए यह फूल पृथ्वी से लेकर आए थे। हिंदू मंदिरों, पूजा और धार्मिक अनुष्ठान में पारिजात फूल देवताओं को अर्पित किए जाते हैं। जोकि आध्यात्मिक भक्ति, प्रेम और शुद्धता का प्रतीक होता है।</p><h2>औषधीय गुणों से भी भरपूर है ये पौधा</h2><p>आध्यात्मिक नजरिए के अलावा पारिजात का पौधा औषधीय रूप से भी बेहद खास होता है। इस पौधे के तने, फूल, पत्तियां, छाल और बीज सभी चीजें सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं। वहीं पारिजात के पौधे से सुगंधित इत्र भी बनाए जाते हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 11:47:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/parijat-flower-offering-rules-for-shivling-worship-and-vastu-significance</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Sharad Purnima की रात खुले आसमान में खीर क्यों रखी जाती है, क्या है धार्मिक मान्यता]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/sharad-purnima-tradition-of-keeping-kheer-under-open-sky-and-moonlight]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी शीतल चांदनी से अमृत वर्षा होती है। माना जाता है कि लोग इस दिन चंद्रमा की रोशनी में खीर रखते हैं जिससे यह अमृत उस खीर में गिरे और खीर में भी अमृत का प्रभाव होता है।</p><p>शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा 16 कालाओं से पूर्ण होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी धरती पर आती है। इन्हीं कारणों से लोग शरद पूर्णिमा के दिन घर की छत या बालकनी में खुले असमान के नीचे खीर रखते हैं। क्या इस परंपरा के पीछे धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ क्या वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक आधार भी हैं? आइए आपको इस बारे में बताते हैं।</p><p><strong>शरद पूर्णिमा पर खीर रखने की परंपरा</strong></p><p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें विशेष रूप से शुभ और शीतल मानी जाती है। माना जाता है कि इस समय खुले आसमान के नीचे रखी खीर में चंद्रमा की सकारात्मक ऊर्जा किरणों के माध्यम से खीर में पड़ती हैं और वो प्रसाद रूप अमृत में बदल जाती है।</p><p>फिर इस खीर को अगले दिन प्रसाद के तौर पर सुबह परिवार में सभी लोग एक साथ ग्रहण करते हैं। लेकिन हर जगह इसे मनाने की तरीके और इससे संबंधित मान्यताएं अलग हैं और शरद पूर्णिमा पर 'अमृत वर्षा' की धारणा मुख्य रुप से धार्मिक और लोकविश्वासों से संबंधित है।</p><p><strong>शरद पूर्णिमा का वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक आधार</strong></p><p>आपको बताते चलें कि खगोलीय स्थिति और चंद्र किरणों से जुड़ा धार्मिक व वैज्ञानिक पहलू यह है कि शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा पृथ्वी के बेहद करीब होता है और अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में विशेष ऊर्जा और शीतलता होती है। इसके पीछे कारण होता है कि इस रात चंद्रमा से 16 कलाओं के रुप में किरणें निकलती है, जो कि अमृत के रुप में होती है।</p><p><strong>चांदी का पात्र में खीर रखने का महत्व</strong></p><p>ज्योतिष के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात खीर को चांदी के पात्र में खुले आसमान के नीचे रखा जाता है। वहीं, चांदी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो चंद्र किरणों के साथ मिलकर खीर में औषधीय गुणों की वृद्धि करते हैं। लेकिन रात के समय सचमुच में चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है। जिसका कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है और ये मान्यता कई सदियों से चलती आ रही है।</p><p><strong>चंद्रमा की रोशनी और शीतलता</strong></p><p>हिंदू कैलेंडर के अनुसार, शरद पूर्णिमा आश्विन मास की पूर्णिमा को आती है। इस समय में मौसम में काफी बदलाव देखने को मिलते हैं और रातें भी ठंडी &nbsp;होने लगती है। धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगती है। चंद्रमा की रोशनी को भारतीय परंपरा में शीतलता और मानसिक शांति से जोड़ा जाता है।</p><p>वैसे इस रात को चंद्रमा पृथ्वी के सबसे ज्यादा करीब होता है और इसी वजह से उसके शीतल किरणों का लाभ सबसे अधिक धरती पर होता है। इसी कारण से कहा जाता है कि चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है।</p><p>बता दें कि, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से अमृत बरसने और रोशनी में खीर रखने का महत्व धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक पंरपरा और चंद्रमा से संबंधित मान्यताओं पर आधारित है।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 18:03:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/sharad-purnima-tradition-of-keeping-kheer-under-open-sky-and-moonlight</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[डर, कर्ज या करियर की परेशानी? किस समस्या में करें हनुमान जी का कौन-सा पाठ?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/chanting-different-lord-hanuman-prayers-to-resolve-specific-life-troubles]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>हनुमान जी की भक्ति को बहुत शक्तिशाली माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अलग-अलग परेशानियों के लिए हनुमान जी के अलग-अलग पाठ करें। मान्यता है कि इससे जीवन की परेशानियों से राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं कि किस परेशानी में हनुमान जी का कौन-सा पाठ करें।</p><h2><strong>हनुमान चालीसा</strong></h2><p>अगर आपको डर लगता है, अकेले होने पर घबराहट होती है, डरावने सपने आते हैं या मन में किसी तरह का डर बना रहता है, तो 11 मंगलवार तक हनुमान चालीसा का पाठ करें।</p><h2><strong>हनुमान अष्टक</strong></h2><p>अगर काम में बार-बार रुकावट आ रही है और मेहनत के बाद भी उसका फल नहीं मिल रहा है या शादी या किसी अन्य काम में रुकावट आ रही है, तो लगातार 11 मंगलवार हनुमान अष्टक का पाठ करें।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/articles-on-gods/lord-hanuman-mantras-for-positive-energy-and-protection-from-enemies" target="_blank" rel="noopener">Hanuman Mantra: Sankatmochan Hanuman की पूजा में इन 6 Mantras का जप बदल सकता है आपकी जिंदगी</a></h3><h2><strong>बजरंग बाण</strong></h2><p>अगर कोई कानूनी मामला चल रहा है, कोई रिश्ता टूटने की कगार पर है या कोई ऐसी परेशानी है जिससे आप चाहकर भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, तो बजरंग बाण का पाठ करें।</p><h2><strong>संकट मोचन हनुमानाष्टक</strong></h2><p>अगर व्यापार में बढ़ोतरी नहीं हो रही है, नौकरी नहीं मिल रही है, पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है या करियर से जुड़ी कोई परेशानी है, तो संकट मोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें।</p><h2><strong>सुंदरकांड</strong></h2><p>अगर कर्ज बहुत ज्यादा हो गया है, कोई फैसला लेने में परेशानी हो रही है या पैसा टिक नहीं रहा है, तो इन परेशानियों से राहत पाने के लिए सुंदरकांड का पाठ करें।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/jyotish/wicks-made-of-cotton-and-sacred-kalava-hold-distinct-significance-in-worship" target="_blank" rel="noopener">Puja Diya Rules: पूजा में रुई और कलावे की बाती का अलग महत्व, समय और उद्देश्य के अनुसार करें चयन</a></h3><h2><strong>हनुमान बाहुक</strong></h2><p>अगर शरीर में हमेशा थकान रहती है, आत्मविश्वास की कमी महसूस होती है या आप अक्सर बीमार या परेशान रहते हैं, तो लगातार 7 मंगलवार हनुमान बाहुक का पाठ करें।</p><h2><strong>हनुमान कवच</strong></h2><p>अगर बहुत ज्यादा गुस्सा आता है, चिड़चिड़ापन रहता है, किसी की तरफ से परेशानी मिल रही है या ऑफिस अथवा परिवार में आपके खिलाफ गलत माहौल बनाया जा रहा है, तो हनुमान कवच का पाठ करें।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 16:07:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/chanting-different-lord-hanuman-prayers-to-resolve-specific-life-troubles</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[31 अक्तूबर को गुरु का सिंह राशि में गोचर, वृषभ राशि वालों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/jupiter-transit-in-leo-to-bring-financial-rise-and-career-growth-for-taurus]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन करना बेहद खास माना जाता है। 31 अक्तूबर को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क की यात्रा को पूरा करते हुए सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, मान-सम्मान, सुख-समृद्धि, शिक्षा, विस्तार और विवाह आदि का कारक माना जाता है।</p><p>वैदिक पंचांग के अनुसार, गुरु का राशि परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बहुत ही शुभ और महत्वपूर्व होता है। 31 अक्तूबर 2026 को गुरु दोपहर 12 बजे कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। देवगुरु बृहस्पति के गोचर करने से वृषभ राशि के जातकों के ऊपर क्या प्रभाव रहेगा, आइए आपको बताते हैं।</p><p><strong>वृषभ राशि पर गुरु के गोचर का प्रभाव</strong></p><p>वृषभ राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति अष्टम और एकादश भाव के स्वामी होकर, 31 अक्तूबर को चौथे भाव गोचर करेंगे। ज्योतिष के अनुसार, कुंडली का चौथा भाव सुख, माता, वाहन और भवन का होता है। गुरु के सिंह राशि में गोचर करने से आपकी सुख-सुविधाओं और इच्छाओं की पूर्ति होगी। इस अवधि में वृषभ राशि के जातकों सुख-सुविधाओं और इच्छाओं की पूर्ति होगी। आपको इस दौरान कई तरह-तरह के नए अवसरों की प्राप्ति होगी। आय में इजाफा और अचानक से धन प्राप्ति के योग बनेंगे।</p><p><strong>गुरु का गोचर और वृषभ राशि वालों पर नौकरी-व्यापार पर प्रभाव</strong></p><p>वृषभ राशि के जातकों के लिए गुरु का चौथे भाव में आना एक साथ कई तरह की खुशखबरी लाने वाला है। नौकरी में नए-नए मौका मिलेंगे। समाज में आपको मान-सम्मान में वृद्धि होगी। अधूरे कार्यों में आ रही हैं रुकावटें दूर होंगी। कार्यक्षेत्र में नई तरह की जिम्मेदारी मिल सकती है।</p><p>जो लोग काफी समय से विदेशों में नौकरी के लिए प्रयासरत हैं उनके कुछ मौके मिल सकते हैं। नौकरी में नई तरह की ऊंचाईयों को हासिल करने का मौका मिलेगा।</p><p>बिजनेस के लिहाज से आने वाले दिन वृषभ राशि वालों के ऊपर गुरु की विशेष कृपा रहेगी। कारोबार में नई तरह की योजनाएं बन सकती है। लंबे समय से अटकी हुई को योजना या फिर डील पूरा हो सकता है, जो आपको काफी फायदा होगा।</p><p><strong>गुरु का गोचर और वृषभ राशि पर आर्थिक स्थिति और सेहत पर प्रभाव</strong></p><p>देवगुरु बृहस्पति का सिंह राशि में गोचर करने से वृषभ राशि वालों के लिए उनकी आर्थिक स्थिति में बेहतर सुधार देखने को मिलेगा। वैसे आय के कई तरह के साधनों में इजाफा देखने को मिलेगा। वहीं, आने वाले समय में आपको अच्छा खासा फायदा मिलता हुआ दिखाई देगा। इस समय बैंक बैलेंस में काफी इजाफा होगा। हालांकि, सेहत के मामले में आपको निराशा हाथ लग सकती है। इस अवधि में आपकी सेहत में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 14:57:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/jupiter-transit-in-leo-to-bring-financial-rise-and-career-growth-for-taurus</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Horoscope 22 October 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-22-october-2026-aaj-ka-rashifal]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।</p><h2>मेष</h2><p>उलझन और मुसीबत वाला दिन है। दोपहर बाद जेब संभाल कर रखें। संतान की उन्नति के लिए योजना आगे बढ़ेंगी। धन हानि के प्रबल योग हैं।</p><h2>वृष</h2><p>कुछ घरेलू कारणों से मानसिक तनाव रहेगा। पारिवारिक कलह से परेशानी। कठोर परिश्रम से भी सफलता मिलना कठिन है। तन-मन में थकावट महसूस करेंगे।</p><h2>मिथुन</h2><p>धैर्य से काम लें समस्या सुलझेगी। मन और वाणी पर नियंत्रण रखें, कलह होगा। सगाई-विवाह का प्रस्ताव आगे बढ़ेगा। भावनाओं में न बहें और क्रोध से भी बचें।</p><h2>कर्क</h2><p>मंत्र साधना आध्यात्मिक उन्नति में रूचि रहेगी। निजी समस्याएं दूर होगी/सुलझेगी। अचानक अप्रिय घटना, घटने के योग। कलह योग और कामों में रूकावट।</p><h2>सिंह</h2><p>प्रियजनों से विवाद और कलह संभव है। जीवनसाथी में परिवर्तन स्मरणीय दिन। गुप्त मंत्रणाओं/बैठकों में व्यस्त रहेंगे। बार-बार धन लाभ और शुभ समाचार।</p><h2>कन्या</h2><p>आपकी ईमानदारी की प्रशंसा होगी। आगे बढ़ने के लिए संभावनाओं पूर्ण दिन। लाभ के अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। पारिवारिक जीवन में शांति और मधुरता।</p><h2>तुला</h2><p>अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। शुभ समाचार मिलेंगे, खुशी मिलेगी। अच्छा दिन है यश की, सफलता भी। दूसरों के लिए सहायक एवं देवता के रूप में उभरेंगे।</p><h2>वृश्चिक</h2><p>तनाव से मुक्ति-प्रसन्नता की प्राप्ति। आपका सामर्थ्य बढ़ेगा, कष्ट दूर होंगे। रोजगार व्यवसाय में उतार-चढ़ाव अधिक। कार्य व्यवसाय को आगे बढ़ाएं।</p><h2>धनु</h2><p>पारिवारिक समस्याएं सुलझाने वाला दिन। विफलता को सफलता की सीढ़ी बना लें। किसी सेमिनार या विशेष बैठक में भाग लेने के योग हैं। कुशल मार्गदर्शन में प्रगतिपथ पर बढ़ेंगे।</p><h2>मकर</h2><p>असफल प्रेम संबंध निराशा और बेचैनी। अच्छी जगह है, तबादला होगा। स्वभाव में क्रोध और चिड़चिड़ापन रहेगा। आध्यात्मिक उपासना में व्यस्त रहेंगे।</p><h2>कुंभ</h2><p>दोपहर बाद अपमानजनक अशुभ समय है। बच्चों से संबंधित समस्याएं दूर होगी। घर परिवार में आनंद से समय बीतेगा। खास काम संपन्न हो जाएंगे।</p><h2>मीन</h2><p>नौकरी में पदोन्नति अथवा विशेषाधिकार मिलेंगे। गुरुजनों का आर्शीवाद प्रसन्नता देगा। पिछली अप्रिय परिस्थितियां जारी रहेगी। धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में प्रगति।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 06:10:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-22-october-2026-aaj-ka-rashifal</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[20 अक्तूबर Vijayadashami पर भगवान श्रीराम को अर्पित करें ये 3 सात्विक भोग]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/dussehra-traditions-include-offering-kheer-panjiri-and-laddus-to-lord-ram]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>कल यानी 20 अक्तूबर 2026 को विजयदशमी यानी के दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दशहरा वाले दिन भगवान श्रीराम की पूजा करने और उन्हें प्रिय भोग अर्पित किया जाता है।</p><p>खासतौर पर इस दिन श्रद्धाभाव से प्रभु की आराधना करते हैं और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। यदि आप भी विजयदशमी पर भगवान राम को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाने की तैयारी कर रहे हैं, तो मुख्य रुप से इन तीन चीजों का भोग लगाया जा सकता है।</p><p><strong>केसर वाली खीर</strong></p><p>इस दिन आप केसर वाली खीर बना सकते हैं। पूजा-पाठ में सात्विक प्रसाद के रुप में विशेष स्थान दिया जाता है। दशहरा के मौके पर भगवान श्रीराम को खीर का भोग अर्पित कर सकते हैं। खीर बनाते समय इसमें थोड़ा-सा केसर डालने से उसका रंग, खुशबू और स्वाद और भी बेहतर हो जाता है। भोग तैयार करते समय स्वच्छता और सात्विकता का ध्यान रखें और भगवान को श्रद्धापूर्वक खीर अर्पित कर सकते हैं।</p><p><strong>पंजीरी का भोग</strong></p><p>विजयदशमी वाले दिन भगवान श्रीराम को भोग लगाने के लिए आप धनिया पंजीरी, आटा पंजीरी या मावा की पंजीरी बना सकते हैं। पंजीरी को पूजा-पाठ और धार्मिक अवसरों पर प्रसाद के रुप में अर्पित कर सकते हैं। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री के अनुसार इसका स्वाद भी अलग-अलग होता है। आपको जो पसंद हो, वो पंजीरी तैयार कर सकते हैं। भगवान श्री राम को श्रद्धापूर्वक अर्पित कर सकते हैं।</p><p><strong>बेसन या मोतीचूर के लड्डू</strong></p><p>दशहरा पर्व पर आप घर पर शुद्ध घी और सात्विक सामग्री से बेसन या मोतीचूर के लड्डू बनाकर या बाजार से लाकर प्रभु श्री राम को श्रद्धापूर्वक अर्पित कर सकते हैं। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों में बांट दें।</p><p><strong>तुलसी का पत्ता</strong></p><p>सनातन धर्म में तुलसी सबसे पवित्र माना जाता है और भगवान विष्णु के साथ ही उनके अवतार भगवान श्रीराम की पूजा में भी तुलसी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम को भोग अर्पित करते समय तुलसी का पत्ता जरुर शामिल करें। माना जाता है कि तुलसी दल अर्पित करने से भोग की पवित्रता और धार्मिक महत्ता काफी बढ़ जाती है। इसलिए विजयदशमी के अवसर पर यदि आप प्रभु को खीर, पंजीरी या लड्डू का भोग अर्पित जरुर करें, स्वच्छ तुलसी का पत्ता श्रद्धापूर्वक अर्पित जरुर करें।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 17:45:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/dussehra-traditions-include-offering-kheer-panjiri-and-laddus-to-lord-ram</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[3 नवंबर को बनेगा Gajakesari Rajyog, इन 3 राशियों को होगा बड़ा धनलाभ]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/gajkesari-rajyoga-to-form-on-november-3-2026-with-jupiter-moon-conjunction]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>इस बार 3 नवंबर 2026 को गजकेसरी राजयोग बनने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी राजयोग को सबसे ज्यादा शुभ और प्रभावशाली योगों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की विशेष युति बनती है, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि, मान-सम्मान, बुद्धि और आर्थिक उन्नति से जोड़कर देखा जाता है।</p><p>इस लेख में गजकेसरी राजयोग को लेकर खासतौर पर उन राशियों की चर्चा की जा रही है, जिन्हें इस अवधि में धन लाभ और तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आइए आपको बताते हैं 3 नवंबर 2026 को बनने वाले इस कथित गजकेसरी राजयोग से किन 3 राशियों को लाभ प्राप्त होने वाला है।</p><p><strong>मेष राशि</strong></p><p>मेष राशि के जातकों को लिए यह अवधि आर्थिक मामलों में पॉजिटिव संभावनाएं लेकर आ रहा है। जो लोग नौकरी करते हैं, उनको अपने काम में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। वहीं वरिष्ठ अधिकारी आपकी मेहनत पर ध्यान दे सकते हैं और नई जिम्मेदारियों मिलने की संभावना भी बनेगी।</p><p>अगर आप लंबे समय से नौकरी में बदलाव या पदोन्नति की उम्मीद कर रहे हैं, तो अपने प्रयास जारी रखना फायदेमंद हो सकता है। बिजनेस संबंधित मामलों में किसी पुराने सौदे से लाभ मिलने या नए कारोबारी संपर्क बनने के संकेत मिल सकते हैं।</p><p><strong>सिंह राशि</strong></p><p>गुरु और चंद्रमा की युति से बनने रहे योग से सिंह राशि के जातकों के लिए करियर तथा आर्थिक स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्यक्षेत्र में आपकी योग्यता को नई पहचान मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी, पदोन्नति या वेतन वृद्धि से संबंधित उम्मीद नजर आ सकती हैं। अगर आप किसी भी नए प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे हैं, तो इसमें आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।</p><p>आर्थिक मामलों में स्थिति को बेहतर बनाने के लिए नए रास्ते तलाश सकते हैं। परिवार में भौतिक सुविधाओं से संबंधित कोई योजना आगे बढ़ सकती है। लेकिन आमदनी बढ़ने की उम्मीद में अनावश्यक खर्च करने से बचें और बचत पर भी ध्यान देने की जरुरत है।</p><p><strong>धनु राशि</strong></p><p>धनु राशि के लोगों को राजयोग तरक्की और आर्थिक संभावनाओं के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। नौकरी करने वाले को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। किसी भी नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण कार्य में आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। अगर आप लंबे समय से किसी लक्ष्य को पाने के लिए कोशिश कर रहे हैं, उन्हें अपनी रणनीति में सुधार करने से फायदा मिल सकता है। कारोबारियों के लिए नए संपर्क और व्यावसायिक योजनाएं उपयोगी साबित हो सकती हैं।</p><p>आय के नए सोर्स मिलेंगे, वहीं पुराने काम पूरे होने से आर्थिक स्थिति को राहत मिलेगी। किसी भी नई योजना में पैसा लगाने से पहले उसके जोखिम और लाभ का आकलन जरुर करें। सहीं निर्णय, निरंतर मेहनत और समझदारी के साथ लिए गए फैसले आपके आगे की राह बदल देंगे।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 16:54:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/gajkesari-rajyoga-to-form-on-november-3-2026-with-jupiter-moon-conjunction</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[कालसर्प और शनि-राहु-केतु दोष से राहत के लिए Vijayadashami पर करें ये 3 ज्योतिषीय उपाय]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/vijayadashami-astrological-remedies-to-eliminate-life-obstacles-and-negativity]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>दशहरा यानी विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का है। माना जाता है कि यह दिन जीवन की नकारात्मकता को दूर करने और सुख-समृद्धि की कामना करने के लिए भी विशेष माना जाता है। &nbsp;</p><p>दशहरे वाले दिन कुछ ज्योतिषीय उपाय जरुर किए जाते है, जिन्हें आप जरुर करें। &nbsp;धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन उपाय के करने से शनि, राहु-केतु और कालसर्प दोष से छुटकारा मिल जाता है। अगर आप भी जीवन में चल रही समस्या और बाधा से परेशान हो गए है, तो इन उपाय को विजयदशमी पर जरुर करें।</p><p><strong>शमी के पेड़ के नीचे जलाएं दीपक</strong></p><p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शमी के पेड़ का संबंध शनि देव से माना जाता है। दशहरे की शाम को शमी के पेड़ की पूजा करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। वहीं, दीपक जलाकर आप सुख-शांति की प्रार्थना कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाओं से राहत मिलती है। इस उपाय के करने से राहु और केतु के प्रतिकूल प्रभावों को शांत करने के लिए शुभ माना जाता है। जब आप पूजा करें मन में श्रद्धा रखें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना जरुर करें।</p><p><strong>पत्तों पर लिखें 'जय श्री राम'</strong></p><p>दशहरा के दिन भगवान राम और हनुमान जी की आराधना का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन तीन, पांच या सात पत्ते लेकर उन पर लाल सिंदूर से 'जय श्री राम' जरुर लिखें। फिर किसी हनुमान मंदिर में सम्मानपूर्वक निर्धारित स्थान पर रख दें। इस बात का ध्यान दें कि पत्तों को हनुमान जी के चरणों में न रखें। धार्मिक विश्वास के अनुसार, इस उपाय को करने से शनि दोष से राहत और राहु-केतु की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। जब पूजा करें तो हनुमान जी का ध्यान जरुर करें, यह काफी शुभ माना जाता है।</p><p><strong>रावण दहन के बाद राख से जुड़ा उपाय</strong></p><p>लोक मान्यताओं के चलते दशहरे पर रावण दहन के बाद बची राख का विशेष महत्व माना जाता है। माना जाता है कि, राख को लाल कपड़े की पोटली में रखकर घर की पूर्व दिशा में रखने का विधान बताया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से कालसर्प दोष और शनि, राहु-केतु से संबंधित परेशानियों से मुक्ति की कामना कर सकते हैं। लेकिन आप सार्वजानिक स्थानों से राख इकट्ठा करने के स्थान पर स्थानीय परंपराओं और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का ध्यान रखें।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 12:35:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/vijayadashami-astrological-remedies-to-eliminate-life-obstacles-and-negativity</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Love Horoscope For 19 October 2026 | आज का प्रेम राशिफल 19 अक्टूबर 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/love-horoscope-for-19-october-2026]]></guid>
      <description><![CDATA[<p><strong>दैनिक प्रेम राशिफल 19 अक्टूबर 2026: </strong>इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं।<br>यहाँ बिना किसी सिंबल के आज का सभी 12 राशियों का लव राशिफल दिया गया है:</p><p><strong>मेष राशि (Aries)</strong><br>दिल के मामलों में आज का दिन बेहद ऊर्जावान रहेगा। पार्टनर के साथ यादगार पल बिताने का मौका मिलेगा। यदि आप सिंगल हैं, तो किसी खास व्यक्ति से मुलाकात आपके दिल की धड़कनें बढ़ा सकती है।</p><p><strong>वृष राशि (Taurus)</strong><br>काम की अधिकता की वजह से आप अपने साथी को पूरा वक्त शायद न दे पाएं, जिससे वे थोड़ा असंतुष्ट हो सकते हैं। शाम को साथ बैठकर वक्त बिताना और आपसी बातचीत से गिले-शिकवे दूर करना सबसे अच्छा उपाय रहेगा।</p><p><strong>मिथुन राशि (Gemini)</strong><br>आज आपकी बातों का जादू सामने वाले पर खूब चलेगा। अपने पार्टनर के साथ दिल की बातें खुलकर शेयर करें, इससे आपका रिश्ता और ज्यादा मजबूत और पारदर्शी बनेगा। प्रपोज करने के लिए भी आज का दिन अनुकूल है।</p><p><strong>कर्क राशि (Cancer)</strong><br>भावनाओं में बहकर कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचें। साथी की किसी छोटी-मोटी बात का बुरा न मानें, बल्कि नजरअंदाज करना ही बेहतर रहेगा। परिवार का सहयोग आपके प्रेम संबंधों को सुकून देगा।</p><p><strong>सिंह राशि (Leo)</strong><br>रोमांस के लिहाज से आज का दिन बेहद शानदार रहने वाला है। आपके पार्टनर की ओर से आपको कोई खूबसूरत सरप्राइज मिल सकता है। जो जातक सिंगल हैं, वे किसी समारोह या पार्टी में आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।</p><p><strong>कन्या राशि (Virgo)</strong><br>मानसिक थकान या तनाव का असर अपने रिश्तों पर न पड़ने दें। आज आपका पार्टनर आपके लिए सबसे बड़ा संबल बनेगा। उनके साथ बैठकर कुछ सुकून के पल बिताना आपके मन को हल्का कर देगा।</p><p><strong>तुला राशि (Libra)</strong><br>आपकी लव लाइफ में आज एक नई ताजगी महसूस होगी। भविष्य की योजनाओं को लेकर आप और आपके पार्टनर के बीच गंभीर और सकारात्मक चर्चा हो सकती है। सिंगल लोगों के जीवन में प्यार की बहार आ सकती है।</p><p><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio)</strong><br>शक या गलतफहमियों को अपने रिश्ते के बीच दीवार न बनने दें। पार्टनर के साथ पारदर्शिता रखना आज बहुत जरूरी है। यदि कोई पुरानी बात मन में खल रही है, तो आमने-सामने बैठकर उसे आज ही सुलझा लें।</p><p><strong>धनु राशि (Sagittarius)</strong><br>आज का दिन मस्ती, हंसी और रोमांच से भरपूर रहेगा। आप अपने साथी के साथ किसी डिनर डेट या लॉन्ग ड्राइव का प्लान बना सकते हैं। सिंगल लोगों के लिए किसी दिलचस्प शख्स से मुलाकात के योग बन रहे हैं।</p><p><strong>मकर राशि (Capricorn)</strong><br>रिश्तों में मिठास और गर्माहट बनाए रखने के लिए आज थोड़ा धैर्य दिखाना होगा। अपनी व्यस्त दिनचर्या में से भी अपने साथी के लिए थोड़ा वक्त जरूर निकालें, ताकि उन्हें अपनेपन का अहसास हो सके।</p><p><strong>कुंभ राशि (Aquarius)</strong><br>पार्टनर के साथ आपका तालमेल और अंडरस्टैंडिंग आज बेहतरीन रहेगी। आप दोनों मिलकर घर या भविष्य से जुड़ा कोई अहम निर्णय ले सकते हैं। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता और आपसी विश्वास बढ़ेगा।</p><p><strong>मीन राशि (Pisces)</strong><br>अपेक्षाओं का बहुत ज्यादा बोझ अपने रिश्ते पर न डालें। पार्टनर की कमियों को अपनाएं और उनके नजरिए को भी समझने की कोशिश करें। आज का दिन शांति और संयम के साथ बिताएं, रिश्ते में मिठास बनी रहेगी।<br>&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 12:27:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/love-horoscope-for-19-october-2026</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Vijayadashami पर रावण दहन के लिए प्रदोष काल शुभ, 20 अक्तूबर को मनेगा पर्व]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/vijayadashami-to-be-celebrated-on-20-october-with-evening-rituals]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>हिंदू धर्म में विजयादशमी यानी की दशहरा के पर्व को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। हर साल आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। दशहरा का पर्व धर्म की अधर्म पर जीत का संदेश देता है। इस दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति दशानन रावण का अंत कर बुराई पर अच्छाई की जीत स्थापित की थी। इसकी याद में दशहरा पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाता है। तो आइए जानते हैं कि दशहरा कब मनाया जाएगा और रावण दहन के लिए शुभ मुहूर्त क्या है। साथ ही यह भी जानेंगे कि इस पर्व का धार्मिक महत्व क्या है।</p><h2>तिथि और मुहूर्त</h2><p>वैदिक पंचांग के मुताबिक इस बार 20 अक्तूबर की दोपहर 12:50 मिनट पर आश्विन शुक्ल दशमी तिथि की शुरूआत हो रही है। वहीं इस तिथि की समाप्ति अगले दिन यानी की 21 अक्तूबर की दोपहर 02:11 मिनट पर होगी।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/jyotish/ketu-transit-in-cancer-to-benefit-three-zodiac-signs-in-december-2026" target="_blank" rel="noopener">5 दिसंबर 2026 को कर्क राशि में होगा केतु का गोचर, इन 3 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ</a></p><p>हिंदू त्योहारों में उदयातिथि का विशेष ध्यान रखा जाता है। वहीं विजयादशमी पर विजय मुहूर्त और प्रदोष काल का भी धार्मिक महत्व होता है। इसलिए इन मुहूर्तों को ध्यान में रखते हुए 20 अक्तूबर 2026 को दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। साथ ही इस दिन रावण दहन और विजयादशमी से जुड़े अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।</p><h2>रावण दहन का मुहूर्त</h2><p>बता दें कि विजयादशमी पर शुभ समय में पूजा करना और रावण दहन विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक परंपराओं के रावण दहन के लिए प्रदोष काल का समय सबसे अहम माना जाता है। इसलिए 20 अक्तूबर की शाम 05:47 मिनट के बाद रावण दहन किया जा सकता है।</p><h2>धार्मिक महत्व</h2><p>विजयादशमी सिर्फ उत्सव मनाने का नहीं बल्कि जीवन में सदाचार, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रामायण की मान्यता के मुताबिक भगवान श्रीराम ने रावण को पराजित करके यह संदेश दिया था कि शक्ति और अहंकार के बाद भी अधर्म की हार होती है।</p><p>रावण के दस सिरों को अक्सर मनुष्य के अंदर मौजूद क्रोध, लोभ, अहंकार और अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों का प्रतीक माना जाता है। रावण दहन बुराइयों को त्यागने के साथ सकारात्मक गुणों को अपनाने की प्रेरणा देता है। यही वजह है कि देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग परंपराओं के साथ दशहरा का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जाता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 11:00:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/vijayadashami-to-be-celebrated-on-20-october-with-evening-rituals</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Sharad Purnima पर धरती पर आती हैं मां लक्ष्मी, श्रीकृष्ण महारास और जागरण का है खास महत्व]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/sharad-purnima-why-staying-awake-at-night-is-considered-auspicious]]></guid>
      <description><![CDATA[<p><br>हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। प्रत्येक माह में पूर्णिमा का पर्व को मनाया जाता है। आश्विन मास के आखिर में शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इसको कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस शुभ अवसर पर धन की देवी मां लक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना करने से साधक को जीवन में धन की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।</p><p>इतना ही नहीं, इस दिन देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए कई अनुष्ठान किए जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरद पूर्णिमा की रात को जागरण क्यों किया जाता है और इसके पीछे का क्या रहस्य है? यदि आपको नहीं पता, तो चलिए आपको इस लेख में इसके पीछे की वजह बताते हैं।</p><p><strong>क्या है शरद पूर्णिमा की रात जागरण का धार्मिक महत्व?</strong></p><p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात को मां लक्ष्मी धरती पर आती हैं। ऐसे में इस रात जो भक्त जागकर देवी का जागरण करते हैं, उन्हें मां लक्ष्मी सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही साधक को जीवन में कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।</p><p>पौराणिक मान्यता के अनुसार, सिर्फ शरद पूर्णिमा की रात को ही चंद्रमा अपनी पूरी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस रात चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है। इस अमृत वर्षा में जागरण करने से साधक का मन शांत रहता है और मानसकि तनाव की समस्या दूर होती है। इसके साथ ही सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।</p><p>इसके अतिरिक्त, भगवत पुराण में भी लिखा हुआ है कि भगवान श्रीकृष्ण ने शरद पूर्णिमा की रात को ही वृंदावन में गोपियों के साथ महारास रचाया था। इसलिए शरद पूर्णिमा की रात को भजन-कीर्तन करना अधिक फलदायी साबित होगा।</p><p><strong>कब है शरद पूर्णिमा? (Sharad Purnima 2026 Date)</strong></p><p>पूर्णिमा तिथि की शुरुआत - 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर<br>पूर्णिमा तिथि का समापन - 26 अक्टूबर को सुबह 09 बजकर 41 मिनट पर<br>वैदिक पंचांग के अनुसार, 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 10:55:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/sharad-purnima-why-staying-awake-at-night-is-considered-auspicious</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[अष्टमी या नवमी, कब खोलें शारदीय नवरात्र का व्रत? नोट करें सही डेट और पारण विधि]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/shardiya-navratri-fast-breaking-dates-and-muhurat-for-ashtami-and-navami]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा-अर्चना और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए अधिक शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी की सच्चे मन से साधना करने से मां दुर्गा की असीम कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही साहस, मानसिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।</p><p>मान्यता के अनुसार, नवरात्र व्रत का पारण हमेशा सही विधि और शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए, तभी साधक को नौ दिनों के व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। आइए जानते है कि शारदीय नवरात्र व्रत का पारण कब और कैसे करें।</p><p><strong>कब करें शारदीय नवरात्र व्रत का पारण?</strong></p><p>वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार 19 अक्तूबर को महाष्टमी और 20 अक्तूबर को महानवमी मनाई जाएगी। इस बार नवरात्र व्रत का पारण करने की परंपरा अलग-अलग परिवारों व मान्यताओं के अनुसार भिन्न है। कुछ लोग अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं, वे इस अनुष्ठान के बाद व्रत खोलें। जो लोग महानवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं, वे लोग नवमी के समापन पर विधिपूर्वक व्रत का पारण करें।</p><p><strong>महाअष्टमी 2026</strong><br>अष्टमी नवरात्र पारण: 19 अक्टूबर, सोमवार<br>अष्टमी तिथि प्रारंभ: 18 अक्टूबर, सुबह 08 बजकर 27 मिनट से<br>अष्टमी तिथि समाप्त: 19 अक्टूबर, सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक</p><p><strong>महानवमी 2026</strong><br>नवरात्र पारण: 20 अक्टूबर, मंगलवार<br>नवमी तिथि प्रारंभ: 19 अक्टूबर, सुबह 10 बजकर 51 मिनट से<br>नवमी तिथि समाप्त: 20 अक्टूबर, दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक</p><p><strong>शारदीय नवरात्रि का व्रत पारण की विधि</strong></p><p>- अष्टमी या नवमी तिथि के दिन शारदीय नवरात्र व्रत का पारण करना चाहिए।</p><p>- पारण वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र को धारण करें।</p><p>- इसके बाद घर के मंदिर की साफ-सफाई करके दीपक को प्रज्वलित करें।</p><p>- फिर मां दुर्गा की विधिवत धूप, दीप, अक्षत रोली और पुष्प अर्पित कर पूजा करें।</p><p>- देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें।</p><p>- दुर्गा चालीसा का पाठ करें और मां के बीज मंत्रों का जप करें।</p><p>- अब माता रानी को हलवा, पूरी और काले चने का सात्विक भोग लगाएं।</p><p>- फिर कन्या पूजन करें और आदरपूर्वक कन्याओं को भोजन करें।</p><p>- भोजन कराने के बाद कन्याओं को दक्षिणा व उपहार देकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।</p><p>- आखिर में माता रानी के चरणों में आर्पित प्रसाद और चरणामृत ग्रहण करें।</p><p>- फिर सात्विक भोजन ग्रहण करके अपना व्रत का पारण करें।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 17:49:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/shardiya-navratri-fast-breaking-dates-and-muhurat-for-ashtami-and-navami</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Horoscope 21 October 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-21-october-2026-aaj-ka-rashifal]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।</p><h2>मेष</h2><p>युवक-युवतियों को उन्नति के अवसर मिलेगा। विवाह समारोह आदि शुभ कार्य में भाग लेंगे। आत्मनिरीक्षण का समय है। अचानक खर्च बढ़ने से परेशानी, कानूनी उलझनें भी।</p><h2>वृष</h2><p>आर्थिक स्थिति दृढ़ और यात्रा सफल होगी। मिश्रित फल वाला सामान्य दिन है। परिस्थिति समझें, 'अहं' भाव का त्याग करें। परिवार में प्रसन्नता से दिन बीतेगा।</p><h2>मिथुन</h2><p>उपलब्धियों से प्रशंसा मिलेगी। व्यापार/रोजगार में तरक्की होगी। न शरीर ठीक न धन। मनोकामनाएं पूरी होगी, चिंता न करें।</p><h2>कर्क</h2><p>नए संपर्क लाभ देते हुए सुदृढ़ होंगे। श्रेष्ठ लोगों से सुखद भविष्य का आश्वासन। धन और सम्पत्ति उच्च से उच्चतर होगी। सार्वजनिक सम्मान से प्रसन्नता।</p><h2>सिंह</h2><p>कोई विशेष योजना साकारता की ओर बढ़ेगी। सब तरह से समय शुभ और फलदायक है। हर दृष्टि से सतर्क रहें, धोखे का योग है। असफल प्रेम संबंध निराशा और बेचैनी।</p><h2>कन्या</h2><p>आपकी रचनात्मकता लोगों को प्रभावित करेगी। कठिन कार्य की पूर्ति से प्रशंसा मिलेगी। नई योजनाओं की शुरूआत संभव है। संपत्ति खरीदने के योग बन रहे हैं।</p><h2>तुला</h2><p>आपका स्वभाव उदार बनेगा। धन कमाने के लिए यत्न के साथ मुक्ति करनी होगी। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। विवेक से काम लेंगे तो परिस्थिति सामान्य होगी।</p><h2>वृश्चिक</h2><p>तनाव बढ़ सकता है, विरोधी प्रस्ताव होंगे। ज्ञान बढ़ाने वाली पुस्तकें पढ़ेंगे और खरीदेंगे। स्वास्थ्य में सुधार से प्रसन्नता। उच्चतर शिक्षा के लिए प्रयास सफल होंगे।</p><h2>धनु</h2><p>मनोकामनाएं पूरी होगी, चिंता न करें। पदोन्नति और नए व्यापार की शुरूआत। पूर्वकृत प्रयत्नों का सुपरिणाम मिलेगा। चल अचल सम्पत्ति के प्राप्ति के योग।</p><h2>मकर</h2><p>विपरीत लिंग द्वारा आरोप लगाया जाएगा। अधिकारी से फटकार मिलेगी। नौकरी में वरिष्ठों की कृपा रहेगी। अपने दम पर ही कुछ नया कर दिखाएंगे।</p><h2>कुंभ</h2><p>अपने तथा जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जो भी करेंगे, सफल रहेंगे। अत्यन्त कठिन कार्य पूरा करने में सफलता मिलेगी। जोखिम लेने पर बदनामी पल्ले पड़ेगी।</p><h2>मीन</h2><p>चल-अचल संपत्ति विवाद हो सकता है। अप्रिय घटना और ऐसा ही समाचार मिल सकता है। डॉक्टरों/अस्पतालों के काटने पड़ेंगे चक्कर। कुछ घरेलू कारणों से मानसिक तनाव रहेगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 06:23:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-21-october-2026-aaj-ka-rashifal</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Horoscope 20 October 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-20-october-2026-aaj-ka-rashifal]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।</p><h2>मेष</h2><p>प्रणय/विवाहेत्तर संबंध मजबूत बनेंगे। अतिथियों के स्वागत में व्यस्तता। सामाजिक कार्यों और समारोह में भाग ले सकते हैं। यात्रा से धन और खुशी की प्राप्ति।</p><h2>वृष</h2><p>विशेष प्रशिक्षण के लिए जा सकते हैं। प्रेम प्रसंग और विवाह प्रस्ताव आगे बढ़ेंगे। विशेष जनों से होने वाली भेंट भविष्य के लिए उत्तम। काम के दबाव से थकान अधिक।</p><h2>मिथुन</h2><p>सकारात्मकता एवं रचनात्मकता का स्वागत। धन संबंधी योजनाएं आगे बढ़ेगी। घर/दफ्तर में परिवर्तन के योग एवं तनाव। दूसरों के दुःख में दुःखी, परोपकार करेंगे।</p><h2>कर्क</h2><p>आर्थिक उन्नति की ओर विशेष कदम। विशेष प्रशिक्षण के लिए जा सकते हैं। कलह योग और कामों में रूकावट। परिवार में सामंजस्य की स्थिति बनेगी।</p><h2>सिंह</h2><p>बड़ों का स्वास्थ्य नरम, रूकावटें भी अधिक है। समकक्ष लोगों से कड़ी चुनौती मिलेगी। आप रचनात्मक और सकारात्मक रहेंगे। व्यापार के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।</p><h2>कन्या</h2><p>धन का अवैध लेन-देन दण्डित करा सकता है। व्यर्थ के तनाव से बचें। पारिवारिक सहमति से प्रेम विवाह प्रस्ताव आगे बढ़ेगा। यात्राओं से बचने में ही भलाई है।</p><h2>तुला</h2><p>पारिवारिक सहमति से प्रेम विवाह प्रस्ताव आगे बढ़ेगा। खर्च कम करें, कर्ज की नौबत आ सकती है। उधार दिया गया धन वापस मिलेगा। गर्भवती स्त्रियों को सावधानी बरतनी है।</p><h2>वृश्चिक</h2><p>ससुराल पक्ष से लाभ के योग है। दाम्पत्य जीवन में विवाद, अपराहन अच्छा। धन लाभ से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बच्चों के साथ दिन सानंद व्यतीत होगा।</p><h2>धनु</h2><p>आर्थिक उन्नति की ओर विशेष कदम। घर परिवार में कष्ट और तनाव। सभी के कल्याण की योजनाओं के आगे बढाएगें। व्यापार के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।</p><h2>मकर</h2><p>सभी के कल्याण की योजनाओं के आगे बढाएगें। धन संबंधी मामले में चिंतन बना रहेगा। धन-संपत्ति देने वाला दिन। षडयंत्र के शिकार हो सकते हैं।</p><h2>कुंभ</h2><p>अतिथि का आगमन लाभप्रद सिद्ध होगा। शुभ समाचार, उपहार और अन्य लाभ। 'अति लोभो न कर्तव्यम्' मंत्र को ध्यान रखें। धन संबंधी मामले में चिंतन बना रहेगा।</p><h2>मीन</h2><p>पारिवारिक सहमति से प्रेम विवाह प्रस्ताव आगे बढ़ेगा। खर्च कम करें, कर्ज की नौबत आ सकती है। परिवार के सहयोग से मनोबल बढ़ेगा। स्वभाव में उग्रता आएगी, संयम रखें।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 06:16:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-20-october-2026-aaj-ka-rashifal</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Horoscope 19 October 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-19-october-2026-aaj-ka-rashifal]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।</p><h2>मेष</h2><p>परिश्रम अधिक, लाभ कम। रक्तचाप, मधुमेह रोगी सावधान रहें। बड़ों का स्वास्थ्य नरम, रूकावटें भी अधिक है। कदम फूंक-फूंक कर रखें, धोखा मिलेगा।</p><h2>वृष</h2><p>सार्वजनिक सम्मान से प्रसन्नता। परिश्रम अधिक, लाभ कम। प्रतिष्ठित व्यक्तियों से मिलन, भविष्य में सहायक। अचल सम्पत्ति प्राप्ति के प्रयास होंगे।</p><h2>मिथुन</h2><p>महत्वपूर्ण कार्यों में व्यस्तता। धन की स्थिति मजबूत होगी। धार्मिक कार्यों में रूचि, रचनात्मक भी। कोई आरोप लग सकता है, अपयश मिलेगा।</p><h2>कर्क</h2><p>धन संबंधी स्थिति मजबूत होगी। साझेदारी से काम और व्यापार में लाभ। महत्वपूर्ण अटका हुआ काम पूरा होगा। अभीष्ट नई वस्तुओं भी खरीदी करेंगे।</p><h2>सिंह</h2><p>नया सम्पर्क भाग्योदय कारक। लाभ के अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। पारिवारिक सुख शांति और मित्र मिलन। कुछ ले-दे कर काम पूरा हो जाएगा।</p><h2>कन्या</h2><p>अचानक खर्च बढ़ने से परेशानी, कानूनी उलझनें भी। आर्थिक मामलों में उलझे रहेंगे। घर में कलह और बनते काम बिगड़ने का दुःख। व्यवसायिक क्षेत्र में विश्वासघात की संभावना।</p><h2>तुला</h2><p>थकान होगी- मनोरंजन और आराम की इच्छा। रोजगार व्यवसाय में प्रशंसा मिलेगी। नई राह निकलेगी और उस पर चलेंगे भी। कुछ अच्छे फैसले लेने का दिन।</p><h2>वृश्चिक</h2><p>लव अफेयर्स की दृष्टि से खास दिन है। आर्थिक मामलों में उलझे रहेंगे। नौकरी व्यापार में परिवर्तन के संकेत। ईमानदारी की सफलता भी यश देगी।</p><h2>धनु</h2><p>बिछड़े हुए तथा नए लोगों के साथ होगा मेल-मिलाप। विवाह समारोह आदि शुभ कार्य में भाग लेंगे। सतर्क रहकर दिन बिताएं। साहस करें, सफलता मिलेगी।</p><h2>मकर</h2><p>सामाजिक मान-सम्मान पाकर आपको प्रसन्नता होगी। महत्वपूर्ण कार्य न होने का कष्ट होगा। संबंधों का महत्व समझें, बहुत आवश्यक है। अप्रिय घटना और ऐसा ही समाचार मिल सकता है।</p><h2>कुंभ</h2><p>मनोकामनाएं पूरी होगी। ज्ञान विज्ञान में रूचि, वैसे शुभशुभ दिन। चाहकर भी कार्य न होने का दुःख होगा। व्यवसाय में लाभ, नौकरी में उन्नति।</p><h2>मीन</h2><p>हर दृष्टि से सतर्क रहें, धोखे का योग है। किसी भी घटना या कथन पर सहसा न बोले। परिवार से परामर्श लेकर जरूरी निर्णय लें। नए पुराने मित्रों से मेल मिलाप।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 05:16:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-19-october-2026-aaj-ka-rashifal</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Dussehra 2026: 20 या 21 अक्तूबर का संशय दूर, इस तारीख को मनाया जाएगा विजयदशी का त्योहार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/dussehra-2026-date-and-ravan-dahan-auspicious-timing-on-20-october]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>हिंदू धर्म में विजयदशमी यानी दशहरा का पर्व बेहद खास माना जाता है। हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। इस बार दशहरा पर्व की तिथि को लेकर काफी कन्फ्यूजन देखने को मिल रही है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।</p><p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्री राम ने लंकापति रावण का अंत कर बुराई पर अच्छाई की विजय स्थापित की थी। इस घटना की याद में दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है।</p><p>इस साल 2026 में दशमी तिथि दो दिनों तक पड़ने के कारण पर्व की तारीख को लेकर लोगों के बीच भ्रम है। आइए आपको बताते है दशहरा कब मनाया जाएगा और रावण दहन के लिए कौन-सा समय शुभ रहेगा।</p><p><strong>दशहरा 2026 की सही तारीख क्या है?</strong></p><p>हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में आश्विन शुक्ल दशमी तिथि का आरंभ 20 अक्तूबर, मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर होगा। जबकि इस तिथि का समापन 21 अक्तूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा।</p><p>ऐसे में हिंदू त्योहारों की तारीख निर्धारित करने में उदया तिथि को विशेष माना जाता है। लेकिन विजयदशमी के मौके पर विजय मुहूर्त और प्रदोष काल का भी धार्मिक महत्व है। इन मुहूर्तों को ध्यान में रखकर दशहरा 20 अक्तूबर 2026 को मनाना बेहद शुभ माना जाएगा। इसी दिन रावण दहन और विजयदशमी से संबंधित धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।</p><p><strong>दशहरा 2026 रावण दहन का शुभ मुहूर्त</strong></p><p>विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक<br>अपराह्न पूजा का समय: दोपहर 1:14 बजे से शाम 3:30 बजे तक<br>प्रदोष काल की शुरुआत: शाम 5:47 बजे<br>श्रवण नक्षत्र प्रारंभ: 19 अक्तूबर, शाम 3:38 बजे<br>श्रवण नक्षत्र समाप्त: 20 अक्तूबर, शाम 6:02 बजे<br>निशिता मुहूर्त: रात 11:41 बजे से 12:31 बजे तक</p><p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, रावण दहन के लिए प्रदोष काल को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए 20 अक्तूबर को शाम 5 बजकर 47 मिनट के बाद क्षेत्रीय परंपरा और आयोजन के अनुसार रावण दहन किया जाता है।</p><p><strong>विजयदशमी का धार्मिक महत्व</strong></p><p>असल में विजयदशमी का त्योहार उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन में सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला पर्व है। रामायण की मान्यता के अनुसार, भगवान श्री राम ने रावण को पराजित कर यह संदेश दिया कि शक्ति और अहंकार के बावजूद अधर्म की अंततः हार होती है।</p><p>रावण के दस सिर को अक्सर मनुष्य के भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों का प्रतीक माना जाता है। रावण के पुतलों का दहन इन बुराइयों को त्यागने और सकारात्मक गुण अपनाने की प्रेरणा देता है। यही कारण है कि दशहरा भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग परंपराओं के साथ उत्साह के साथ यह पर्व मनाया जाता है। देशभर में संदेश दिया जाता है कि बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 11:21:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/dussehra-2026-date-and-ravan-dahan-auspicious-timing-on-20-october</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Love Horoscope For 17 October 2026 | आज का प्रेम राशिफल 17 अक्टूबर 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/love-horoscope-for-17-october-2026]]></guid>
      <description><![CDATA[<p><strong>दैनिक प्रेम राशिफल 17 अक्टूबर 2026: </strong>इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं।<br>यहाँ बिना किसी सिंबल के आज का सभी 12 राशियों का लव राशिफल दिया गया है:</p><p><strong>मेष राशि (Aries)</strong><br>प्रेम के गलियारों में आज आपके लिए बहार छाई रहेगी। दिल की धड़कनें थोड़ी तेज़ हो सकती हैं क्योंकि कोई ख़ास इंसान आपके जीवन में एक नया और हसीन रंग घोलने के लिए तैयार है। अगर किसी बात पर पहले अनबन थी, तो आज एक प्यारी सी मुस्कान और माफी सब कुछ ठीक कर देगी। अपने दिल का हाल बयां करने में बिल्कुल देर न करें।</p><p><strong>वृषभ राशि (Taurus)</strong><br>आज आपका रिश्ता किसी मजबूत नींव पर खड़े मकान जैसा महसूस होगा, जहाँ सुरक्षा और सुकून दोनों हैं। पार्टनर के साथ बैठकर भविष्य के किसी खूबसूरत सपने को बुनने का दिन है। एक-दूसरे का हाथ थामकर आप महसूस करेंगे कि दुनिया की हर मुश्किल आसान है। दिखावे से दूर, आज रूहानी सुकून का अनुभव होगा।</p><p><strong>मिथुन राशि (Gemini)</strong><br>आज आपकी लव लाइफ में हंसी-ठिठोली और चंचलता की कोई कमी नहीं रहेगी। पार्टनर के साथ बिताया गया एक-एक पल किसी फिल्मी सीन जैसा सुहाना लगेगा। आपकी बातें और आपकी सादगी आपके साथी का दिल जीत लेंगी। बस, दिल की इस मस्ती को किसी की नज़र न लगने दें और हर पल का भरपूर आनंद लें।</p><p><strong>कर्क राशि (Cancer)</strong><br>आज आपका दिल समंदर की तरह गहरा और शांत रहेगा, जिसमें आपके हमसफर के लिए अथाह प्यार समाया है। साथी की एक गर्मजोशी भरी झप्पी आपकी दिनभर की सारी थकान और दूरियों को मिटा देगी। घर की चारदीवारी में बैठकर एक-दूसरे के साथ वक्त बिताना और दिल की गहराइयों से बातें करना आज आपके रिश्ते को और पावन बना देगा।</p><p><strong>सिंह राशि (Leo)</strong><br>प्यार के मामले में आज आपका अंदाज़ बेहद शाही और आकर्षक रहेगा। आप चाहेंगे कि आपका पार्टनर सिर्फ और सिर्फ आपकी तारीफ करे और आपको अपनी दुनिया का केंद्र माने। थोड़ा सा प्यार और थोड़ी सी मान-मनौव्वल आपके रिश्ते में और चमक ले आएगी। बस, अपने दिल से थोड़ा सा अहंकार निकालकर पार्टनर को गले लगाएं, जादू हो जाएगा।</p><p><strong>कन्या राशि (Virgo)</strong><br>रिश्तों में कभी-कभी शब्दों से ज्यादा खामोशी और समझदारी काम आती है। आज का दिन कुछ ऐसा ही सिखाने वाला है। छोटी-मोटी बातों को दिल से लगाने के बजाय, साथी की कमियों को प्यार से अपनाएं। आपका धैर्य और आपकी परवाह देखकर आपका साथी खुद को दुनिया का सबसे खुशनसीब इंसान समझेगा।</p><p><strong>तुला राशि (Libra)</strong><br>आज का दिन दो दिलों के बीच की दूरियों को मिटाकर उन्हें एक करने का है। अगर दिल में कोई शिकवा या पुराना गिला दबा हुआ था, तो आज प्यार भरी मीठी बातों से उसे हमेशा के लिए अलविदा कह दें। पार्टनर का छोटा सा सरप्राइज या उनकी प्यारी सी कोशिश आपके चेहरे पर ऐसी मुस्कान ले आएगी जो पूरे दिन बनी रहेगी।</p><p><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio)</strong><br>आपकी प्रेम कहानी में आज एक नया और गहरा मोड़ आ सकता है। भावनाओं का ज्वार थोड़ा तेज़ रहेगा, जिससे पार्टनर के प्रति आपका अधिकार और प्यार दोनों बढ़ेंगे। किसी भी तरह के शक या भ्रम को अपने रिश्ते पर हावी न होने दें; इसके बजाय अपनी आंखें बंद करके साथी के प्यार पर भरोसा करें, सारे भ्रम अपने आप छंट जाएंगे।</p><p><strong>धनु राशि (Sagittarius)</strong><br>प्यार के आसमान में आज आज़ादी और ताजगी का अहसास रहेगा। पार्टनर के साथ किसी लंबी ड्राइव पर जाने या शहर से दूर शांत वादियों में वक्त बिताने का प्लान बन सकता है। यह खुलापन और एक-दूसरे के प्रति सम्मान आपके रिश्ते को एक नई सांस और नई ऊर्जा देगा।</p><p><strong>मकर राशि (Capricorn)</strong><br>प्यार सिर्फ जज्बात नहीं, एक जिम्मेदारी भी है—आज आप इस बात को बहुत खूबसूरती से महसूस करेंगे। आपके पार्टनर को आपकी वित्तीय या व्यावहारिक सलाह की नहीं, बल्कि आपके समय और कंधे की जरूरत है। जब आप उन्हें अपना पूरा वक्त देंगे, तो उनका आपके प्रति विश्वास और समर्पण सातवें आसमान पर होगा।</p><p><strong>कुंभ राशि (Aquarius)</strong><br>आज आपकी लव लाइफ में एक अलग ही बौद्धिक और मानसिक तालमेल देखने को मिलेगा। पार्टनर के साथ की गई गहरी और दिलचस्प बातें आपके दिल को सुकून देंगी। प्यार के साथ-साथ एक-التिज़ाम (Mutual Respect) और उनके पर्सनल स्पेस का सम्मान करना आपके रिश्ते को और अधिक मजबूत और परिपक्व बनाएगा।</p><p><strong>मीन राशि (Pisces)</strong><br>आज आपकी राशि के जातकों पर कामदेव की विशेष कृपा रहने वाली है। आपका प्रेम जीवन किसी परीकथा (Fairytale) जैसा महसूस होगा। साथी के साथ बिताए गए रोमांटिक पल आपकी आंखों में चमक और दिल में एक अनोखी मिर्ची सी मिठास घोल देंगे। अपने इस नाज़ुक और खूबसूरत रिश्ते को अपनी दुआओं और अटूट विश्वास से सजाकर रखें&gt;</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 16:21:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/love-horoscope-for-17-october-2026</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[17 अक्तूबर को तुला में सूर्य का गोचर, शनि संग बनेगा षडाष्टक योग; 3 राशियां रहें सतर्क]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/sun-enters-libra-forming-shadashtak-yoga-with-saturn-in-aquarius]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आज यानी 17 अक्तूबर 2026 को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, सूर्य का यह राशि परिवर्तन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा। ज्योतिष शास्त्र में तुला को सूर्य की नीच राशि माना जाता है।</p><p>इस समय कुंभ राशि में स्थित शनि के साथ सूर्य का षडाष्टक योग बनाएंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस योग का प्रभाव कुछ राशि के जातकों के कार्यक्षेत्र, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है।</p><p>इन राशियों के लोगों को जरुरी फैसले लेते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। आइए आपको बताते हैं कौन हैं ये लकी राशियां जिनकों सतर्क रहने की जरुरत है और क्या उपाय कर सकते हैं।</p><p><strong>वृषभ राशि</strong></p><p>- इस समय वृषभ राशि के जातकों को अपने व्यवहार और आर्थिक फैसलों पर विशेष ध्यान की जरुरत होती है।</p><p>- वर्क प्लेस पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचारों का टकराव होना तय है। इसलिए जरुरत से ज्यादा बहस से दूर रहें।</p><p>- आर्थिक मामलों में जल्दबाजी करने से जरुर बचें।</p><p>- हेल्थ के लिहाज से भी अपनी दिनचर्या का ध्यान रखना काफी जरुरी है।</p><p>उपाय- वृषभ राशि के जातकों को भगवान शिव की आराधना करना जरुरी है और शिव चालीसा का पाठ करें।</p><p><strong>तुला राशि</strong></p><p>-तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर करियर और व्यक्तिगत जीवन में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।</p><p>- वर्क के चलते जिम्मेदारियां बढ़ेगी, जिससे आपको मानसिक दबाव महसूस हो सकता है।</p><p>- जो लोग पार्टनरशिप में व्यापार करने वाले लोग लेन-देन और व्यावसायिक समझौतों में पारदर्शिता बनाए रखने की जरुरत है।</p><p>- इस समय जोखिम भरे निवेश और सट्टेबाजी से दूरी बनाकर चलें।</p><p>- बातचीत के समय थोड़ा संयम जरुर बरतें और दूसरो की बातों जरुर समझें।</p><p>उपाय- तुला राशि के लोगों को हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।</p><p><strong>मीन राशि</strong></p><p>- इस अवधि में मीन राशि के लोगों को करियर और धन के मामले में सोच-समझकर कदम उठाने की जरुरत हो सकती है।<br>&nbsp;<br>- नौकरी में प्रमोशन या मनचाह परिणाम मिलने में देरी होने से निराशा महसूस हो सकती है।</p><p>- लेकिन, धैर्य बनाए रखने और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना सबसे श्रेष्ठ है।</p><p>- अचानक से बढ़ने वाला खर्च बजट को प्रभावित कर सकता है, इसलिए गैरजरुरी खरीदारी से बचें।</p><p>&nbsp;- कानूनी मामलों से संबंधित लोगों को दस्तावेजों और जरुरी प्रक्रियाओं पर ध्यान देना चाहिए।</p><p>उपाय: मीन राशि के जातक सूर्य देव की उपासना करें और सूर्य मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 12:29:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/sun-enters-libra-forming-shadashtak-yoga-with-saturn-in-aquarius</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Navratri Kanya Pujan Samagri: थाली, चुनरी से लेकर हलवा-चना भोग तक, कन्या पूजन में शामिल करें ये चीजें]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/kanya-pujan-samagri-list-for-navratri-ashtami-and-navami-rituals]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>नवरात्रि का पर्व का उत्साह हर जगह देखने को मिल रहा है। दुर्गा पंडाल से लेकर रामलीला का आयोजन देशभर में देखने को मिल रहा है। नवरात्रि में साधक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। इस दौरान कन्या पूजन के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।</p><p>खासतौर पर कुछ लोग अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं, तो कुछ लोग नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन करते हैं। यही कारण है कि नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन 9 कन्याओं को भोजन कराने का विधान है। अगर संभव न हो पाए तो आप 5 या 7 कन्याओं को भी भोजन करा सकते हैं।</p><p>इसके साथ कंजक को गिफ्ट के तौर पर श्रृंगार की सामग्री, पढ़ाई-लिखाई का समान आदि दे सकते हैं। माना जाता है कि विधिपूर्वक कन्या पूजन करने से माता दुर्गा की कृपा परिवार पर बनी रह सकती है। कन्या पूजन के लिए पूजन की साम्रगी होना बेहद जरुरी है। आइए आपको बताते किन-किन चीजों का होना महत्वपूर्ण है।</p><p><strong>कन्या पूजन सामग्री लिस्ट</strong></p><p>- कन्याओं के पैर धोने के लिए एक थाली और साफ जल</p><p>- साफ वस्त्र पैर पोछने के लिए</p><p>- कन्याओं को बैठाने के लिए आसन</p><p>- तिलक के लिए रोली और अक्षत</p><p>- कलावा</p><p>- कन्याओं के सिर पर ओढ़ाने के लिए चुनरी</p><p>- फल और नारियल का प्रसाद</p><p>- कन्याओं को भेट करने के लिए कुछ धन और सामार्थ्य के अनुसार जरुरत की सामग्री जैसे- कॉपी, पेंसिल, पेन आदि।</p><p>- भेंट करने के लिए श्रृंगार की सामग्री जैसे कि- बिंदी, चूड़ियां, कंघी आदि।</p><p>- भोग प्रसाद सामग्री- सूजी का हलवा, पूड़ी और काले चने</p><p><strong>माता दुर्गा की कृपा के लिए जरूर करें ये 2 काम</strong><br><strong>कन्याओं को दें विशेष पोटली</strong></p><p>जिस दिन आप कन्या का पूजन करें, तो अष्टमी अथवा नवमी तिथि पर कन्याओं को एक वस्त्र में चावल, सिक्का, दूर्वा, हल्दी की गांठ और एक फूल जरुर बांधकर दें। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा की कृपा परिवार के सभी सदस्यों पर बनी रहती है। इसके साथ ही घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।</p><p><strong>परिवार सहित लें कन्याओं का आशीर्वाद</strong></p><p>जब आप कन्याओं को भोजन कराएं, तो आप उन्हें उपहार दे दें, तो इसके बाद पूरे परिवार के साथ सभी कन्याओं के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें घर के द्वार तक छोड़ने जाएं। ऐसा करने से माता दुर्गा प्रसन्न हो सकती हैं और घर-परिवार का माहौल सुकून भरा रहता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 11:47:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/kanya-pujan-samagri-list-for-navratri-ashtami-and-navami-rituals</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[5 दिसंबर 2026 को कर्क राशि में होगा केतु का गोचर, इन 3 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/ketu-transit-in-cancer-to-benefit-three-zodiac-signs-in-december-2026]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>&nbsp;इस बार साल 2026 के अंत में ग्रहों की चाल में काफी बदलाव देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केतु गोचर को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस गोचर से सभी 12 राशियों पर प्रभाव देखने को मिलेगा।</p><p>ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, छाया ग्रह केतु 5 दिसंबर 2026 को कर्क राशि में प्रवेश करेगा। चंद्रमा कर्क राशि के स्वामी है। इसलिए केतु का चंद्रमा की राशि में गोचर करने से कुछ राशियों के जातकों को लाभ मिलेगा। &nbsp;नौकरी से लेकर व्यापार में तरक्की देखने को मिलेगी। इतना ही नहीं, गाड़ी और सुख-सुविधाओं से जुड़े सपने पूरे होने की उम्मीद भी बढ़ सकती है। चलिए आपको बताते हैं कौन हैं ये लकी राशियां जिनकी किस्मत चमकने वाली है।</p><p><strong>कर्क राशि</strong></p><p>असल में केतु का गोचर कर्क राशि में होने वाला है, इससे इस राशि के जातकों को लाभ प्राप्त होगा। इस अवधि में जातकों को मानसिक रुप से राहत प्राप्त होगी। निवेश क्षेत्र में काम करने वाले जातकों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। वहीं, आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे। परिवार के साथ संबंध बेहतर होने वाला है। आपकी मेहनत को पहचान मिलने वाली है। इसके साथ ही आपको नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। कुल मिलाकर यह समय आपके लिए बदलाव लेकर आने वाला है।</p><p><strong>सिंह राशि</strong></p><p>सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय काफी खास रहने वाला है। इस समय भाग्य का साथ आपके पक्ष में रहेगा। धीरे-धीरे हुए पूरे होने की उम्मीद है। बिजनेस में आप किसी काम को लेकर लंबे समय तक परेशान हैं, तो आप समाधान मिलने की संभावना बन सकती है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए नए रास्ते ओपन होंगे। व्यापार से संबंधित जातकों को आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे। जातकों को मनचाही नौकरी या फिर कोई बिजनेस आपको मिल जाएगा।</p><p><strong>धनु राशि</strong></p><p>धनु राशि के जातकों को केतु का गोचर कई मामलों में बेहद खास रहने वाला है। जो लोग काफी समय से नौकरी की तलाश में हैं, तो उन जातकों को नए अवसर मिलने की संभावना है। नई योजनाओं पर काम करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। इस समय आप कोई बड़ा काम करने की योजना भी बनाएंगे, जिसमें सफलता मिलने की पूरी संभालवाएं रहेंगी। इस समय रिश्तों में धैर्य बनाने की जरुरत है। कार्यक्षत्र में आपकी मेहनत रंग लाने वाली है।&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 17:58:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/ketu-transit-in-cancer-to-benefit-three-zodiac-signs-in-december-2026</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Saraswati Puja पर करें कलम और किताबों की पूजा, 17 अक्टूबर को बन रहा विशेष शुभ Muhurat]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/saraswati-puja-date-and-shubh-muhurat-in-shardiya-navratri-2026]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>हिंदू धर्म में मां सरस्वती को बुद्धि, ज्ञान, वाणी और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं। हर साल छात्र, शिक्षक और कला-संगीत से जुड़े लोग मां सरस्वती की कृपा पाने के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं। वैदिक पंचांग के मुताबिक साल में मुख्य रूप से दो बार सरस्वती पूजा का विधान मिलता है। पहला माघ शुक्ल पंचमी यानी की बसंत पंचमी और दूसरा आश्विन माह में शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिनों में। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मां सरस्वती की पूजा की सटीक तारीख, शुभ मुहूर्त और उन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बिना मां सरस्वती की पूजा अधूरी मानी जाती है।</p><h2>तिथि और मुहूर्त</h2><p>वैदिक पंचांग के मुताबिक 17 अक्टूबर 2026 को पूजा के लिए समय सबसे शुभ समय 06:22 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक है। वहीं अभिजीत मुहूर्त 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक है। वहीं ज्योतिष के मुताबिक सुबह 07:00 बजे से 11:00 बजे तक का समय मां सरस्वती की चौकी सजाने और पूजा संपन्न करने के लिए शुभ माना जाता है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/jyotish/durga-puja-festival-begins-on-16-october-with-kalparambha-rituals" target="_blank" rel="noopener">Durga Puja उत्सव का Kalparambha से होगा आगाज, 21 अक्टूबर को होगा Sindoor Khela</a></p><h2>पूजन सामग्री</h2><p><br>हल्दी, कुमकुम, सिंदूर और रोली<br>अक्षत (अन्न के दाने)<br>लकड़ी की चौकी<br>आम के पत्ते<br>पीले फूल और फूलों की माला<br>पीला वस्त्र या चुनरी / साड़ी<br>कलश<br>पके हुए केले की फली और नारियल<br>भोग के लिए: मालपुआ, तिल के लड्डू, दूध या घी से बनी मिठाई<br>धूपबत्ती, इत्र और गुलाल<br>श्रृंगार का सामान</p><h2>पूजन विधि</h2><p>इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल को साफ करें। फिर लकड़ी की चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं। इसके बाद चौकी पर मां सरस्वती की प्रतिमा को स्थापित करें। अब मां सरस्वती का आचमन करवाकर स्नान कराएं और फूल-माला अर्पित करें। इसके बाद फूल, माला और आम के पत्ते चढ़ाएं और फिर सिंदूर, अक्षत और श्रृंगार का सामान अर्पित करें। मां सरस्वती को पीला वस्त्र अर्पित करें और किताबें, कॉपी और कलम की पूजा करें।</p><p>फिर जरूरतमंदों को पढ़ाई का सामान दान करें और मां सरस्वती के साथ भगवान गणेश की पूजा करें। पूजा के बाद परिवार के सदस्यों को भोग या प्रसाद अर्पित करें। शाम को भी देवी सरस्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें।</p><h2>महत्व</h2><p>मां सरस्वती को विद्या और बुद्धि की देवी हैं। मां सरस्वती की पूजा करने से ध्यान और एकाग्रता बढ़ती है। पढ़ाई और परीक्षा में सफलता के लिए बेहद शुभ माना जाता है। बच्चों और स्टूडेंट्स के लिए अक्षरज्ञान और विद्यारंभ के लिए अच्छा मौका है। पूजा से सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 17:26:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/saraswati-puja-date-and-shubh-muhurat-in-shardiya-navratri-2026</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[एक ही दिन में है Maha Ashtami और महानवमी , जानिए सही तिथि और कन्या पूजन का समय]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/durga-ashtami-and-maha-navami-fall-on-19-october-in-navratri-2026]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>शारदीय नवरात्रि में भक्तजन मां दुर्गा पूजा-अर्चना कर रहे हैं और व्रत भी रख रहे हैं। नौ दिनों तक मां दु्र्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है। इस बार अष्टमी और नवमी तिथि, दोनों ही 19 अक्तूबर को पड़ रही है। जिसको लेकर भक्तों के बीच भ्रम की स्थिति बनी है।</p><p>शारदीय नवरात्रि का त्योहार 11 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। इसमें सप्तमी तिथि का प्रभाव आने वाली तिथियों पर रहने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ये दोनों त्योहार सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 को मनाए जाएंगे। आइए आपको बताते हैं दुर्गा अष्टमी और नवमी का शुभ मुहूर्त।</p><p><strong>महा अष्टमी 2026 तिथि और तिथि</strong></p><p>वैदिक पंचांग के अनुसार, 19 अक्तूबर को लोग महा-अष्टमी का त्योहार मनाएंगे, जिसे दुर्गा अष्टमी भी कहा जाता है। 19 अक्तूबर को ही यह पर्व मनाया जाएगा, क्योंकि अष्टमी तिथि 18 अक्तूबर को शुरु होने के बावजूद, उस दिन सूर्योदय के समय मौजूद रहेगी।</p><p><strong>महा अष्टमी की सही तिथि और समय</strong></p><p>अष्टमी तिथि प्रारम्भ - रविवार, 18 अक्टूबर प्रातः 8:27 बजे<br>अष्टमी तिथि समाप्त - सोमवार, 19 अक्टूबर सुबह 10:51 बजे<br>महा अष्टमी व्रत - सोमवार, 19 अक्टूबर, 2026<br>देवी की पूजा - मां महागौरी, दुर्गा का आठवां रूप</p><p><strong>महानवमी 2026 तिथि और तिथि</strong></p><p>द्रिंक पंचांग के अनुसार, 19 अक्तूबर को महानवमी तिथि है, जिसे दुर्गा नवमी भी कहा जाता है। अष्टमी समाप्त होने के ठीक बाद नवमी तिथि प्रारंभ होती है।</p><p>महानवमी की सही तिथि और समय</p><p>नवमी तिथि प्रारंभ - सोमवार, 19 अक्टूबर सुबह 10:51 बजे<br>नवमी तिथि समाप्त - मंगलवार, 20 अक्टूबर दोपहर 12:50 बजे<br>महानवमी का पालन - दिल्ली कैलेंडर के अनुसार 19 अक्टूबर<br>देवी की पूजा - मां सिद्धिदात्री, दुर्गा का नौवां रूप</p><p>आपको बताते चलें कि, इसमें क्षेत्रीय अंतर है। बंगाली दुर्गा पूजा कैलेंडर के अनुसार, महानवमी 20 अक्तूबर को पड़ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि नवमी तिथि 20 अक्तूबर को दोपहर तक रहती है और बंगाली परंपरा में पूजा-पाठ के अलग-अलग नियम माने जाते हैं।</p><p><strong>क्या अष्टमी और नवमी एक ही दिन हैं?</strong></p><p>हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार महाअष्टमी और महानवमी की तिथि दोनों ही 19 अक्तूबर को पड़ रही है। वहीं, अष्टमी तिथि सुबह 10:18 बजे समाप्त होगी और इसके तुरंत बाद नवमी शुरु हो जाएगी। जो लोग दिल्ली के पंचांग को मानने वाले है, वे सभी लोग इसी दिन पर्व मनाएंगे।</p><p>जबकि बंगाल पूजा कैलेंडर का पालन करने वाले लोग 20 अक्तूबर को नवमी मनाएंगे। ऐसे में कन्या पूजन 19 अक्तूबर को की जाएगी। अष्टमी तिथि का शुभ मुहूर्त सुबह 8 बजकर 29 मिनट से लेकर 10 बजकर 16 मिनट तक रहने वाला है। नवमी के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक है।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 14:04:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/durga-ashtami-and-maha-navami-fall-on-19-october-in-navratri-2026</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Durga Puja उत्सव का Kalparambha से होगा आगाज, 21 अक्टूबर को होगा Sindoor Khela]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/durga-puja-festival-begins-on-16-october-with-kalparambha-rituals]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल का दुर्गा पूजा पूरी दुनिया में जाना जाता है। यह पर्व अनूठी परंपरा, भक्ति, उल्लास और सौहार्द के लिए जाना जाता है। उत्तर भारत की शारदीय नवरा​त्रि से दुर्गा पूजा थोड़ा अलग होता है। दुर्गा पूजा की शुरूआत आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से होता है, तो वहीं शारदीय नवरात्रि की शुरूआत आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। दुर्गा पूजा में षष्ठी से लेकर महानवमी तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है और दशमी के दिन सिंदूर खेला से दुर्गा विसर्जन होता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि दुर्गा पूजा, महासप्तमी, सिंदूर खेला और दुर्गा विसर्जन कब है।</p><h2>दुर्गा पूजा तिथि और मुहूर्त</h2><p>वैदिक पंचांग के मुताबिक आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 16 अक्टूबर की सुबह 03:25 मिनट से हो रही है। वहीं अगले दिन यानी की 17 सितंबर की सुबह 05:54 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर 16 अक्तूबर को आश्विन शुक्ल षष्ठी है। इसलिए 16 अक्तूबर से दुर्गा पूजा का शुभारंभ हो रहा है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/jyotish/love-horoscope-for-15-october-2026" target="_blank" rel="noopener">Love Horoscope For 15 October 2026 | आज का प्रेम राशिफल 15 अक्टूबर 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन</a></p><h2>दुर्गा पूजा का पहला दिन और कल्पारंभ</h2><p>आज यानी की 16 अक्तूबर को दुर्गा पूजा का पहला दिन है। आज कल्पारम्भ होता है। बता दें कि कोलाबोऊ पूजा से एक दिन पहले षष्ठी को कल्पारम्भ पूजा की जाती है। इसको बिल्व निमंत्रण भी कहा जाता है। मां दुर्गा को कलश में या बिल्व वृक्ष में निवास के लिए आमंत्रित किया जाता है। इस दिन गणेशजी, देवी दुर्गा, कार्तिकेय और देवी सरस्वती की मूर्तियों का अनावरण होता है।</p><h2>दुर्गा पूजा का दूसरा दिन - महासप्तमी</h2><p>वहीं दुर्गा पूजा का दूसरा दिन महासप्तमी को होता है। 17 अक्तूबर को नवपत्रिका पूजा या कोलाबोऊ पूजा की जाएगी। फिर मां दुर्गा के महास्नान के बाद महासप्तमी की पूजा होगी। इस दौरान प्राणप्रतिष्ठा करने के बाद षोडशोपचार पूजा की जाती है। साल 2026 में सप्तमी तिथि दो दिन पड़ रही है। ऐसे में 18 अक्तूबर को भी महासप्तमी रहेगी और दुर्गा पूजा का तीसरा दिन रहेगा।</p><h2>दुर्गा पूजा का चौथा दिन और महाष्टमी</h2><p>19 अक्तूबर 2026 को दुर्गा पूजा के उत्सव की महाष्टमी है। इस दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना होती है। वहीं अष्टमी तिथि के समापन और नवमी तिथि की शुरूआत पर संधि पूजा की जाती है। ऐसे में 19 अक्तूबर 2026 को संधि पूजा की जाएगी।</p><h2>दुर्गा पूजा का पांचवा दिन और महानवमी</h2><p>इस बार 20 अक्तूबर 2026 को दुर्गा पूजा की महानवमी पड़ रही है। इस दिन नवमी का हवन किया जाता है।</p><h2>दुर्गा विसर्जन और सिंदूर खेला</h2><p>वहीं 21 अक्तूबर 2026 को दुर्गा पूजा के समापन के साथ सिंदूर खेला होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं और देवी दुर्गा को विदा करती हैं। इस दौरान ढोल-नगाड़ों के थाप पर मां दुर्गा की विदाई होती है और उनका विसर्जन किया जाता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 13:26:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/durga-puja-festival-begins-on-16-october-with-kalparambha-rituals</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Karwa Chauth 2026: पूजा थाली में मिट्टी के करवे से लेकर छलनी तक रखें ये सामग्री]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/karwa-chauth-puja-thali-essential-items-to-include-for-the-fast]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>करवा चौथ पर्व आने में अब ज्यादा दिन नहीं बचें। इस समय महिलाएं तैयारियों में लगी हुई हैं। इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्तूबर 2026 को रखा जाएगा। गौरतलब है कि यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास है। इस दिन सभी सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती है और फिर रात में चांद को देखकर अपना व्रत खोलती है। करवा चौथ का व्रत पति की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखा जाता है।</p><p>अगर आप इस बार व्रत रखने जा रही हैं, तो सबसे पहले अपनी पूजी कि थाली तैयार कर लें। चलिए इस लेख में आपको बताते हैं पूजा की थाली में किन चीजों की जरुरत पड़ेगी।</p><p><strong>करवा चौथ की पूजा थाली में क्या-क्या रखें?</strong></p><p>करवा चौथ के दौरान भागदौड़ लगी रहती है, ऐसे में आप कुछ चीजें न भूल जाएं, इसलिए पहले से तैयार कर लें पूजा की थाली। इन चीजों को जरुर करें शामिल देखें लिस्ट।</p><p><strong>सबसे पहले रखें करवा और जल का पात्र</strong></p><p>पूजा के लिअ मिट्टी और उसके ढक्कन को साफ कर लें। इसके साथ ही चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए लोटा अलग से तैयार कर लें। बहुत से घरों में पूजा का करवा और अर्घ्य का पात्र अलग-अलग होता है, इसलिए पहले ही तय कर लें कि कौन से बर्तन की कब जरुरत पड़ सकती है। करवे में जल, अनाज या दूसरी सामग्री कैसे भरनी है, इसके लिए अपने घर की विधि को ही अपनाएं।</p><p><strong>रोली, अक्षत और दीपक न भूलें</strong></p><p>करवा चौथ की पूजा की थाली में रोली या कुमकुम, हल्दी, साबुत चावल (अक्षत) और मौली रखें। ध्यान रहे कि इन सबको छोटी कटोरियों में रखें। ऐसा करने से सामग्री आपस में मिलेगी नहीं और पूजा के बीच हाथ में लेना भी आसान होगा। अक्सर थाली में दीपक रखा जाता है, लेकिन जलाने के लिए कई बार माचिस नहीं मिलती है। इसलिए घी या तेल, रुई की बत्ती और माचिस भी अपने साथ रखें।</p><p><strong>भोग की मिठाई रखें</strong></p><p>भोग के लिए ताजे, साफ फल और मिठाई जरुर रखें। ज्योतिष के अनुसार, इस साल की ग्रह स्थिति को देखते हुए बेसन के लड्डू और नारियल से बनीं बर्फी रखना शुभ होगा। बता दें कि, इस दिन गुरु कर्क राशि में और शुक्र तुला राशि में रहेंगे। पारंपरिक ज्योतिषीय प्रतीकों में बेसन की पीली मिठाई गुरु से और नारियल की सफेद मिठाई चंद्रमा से संबंधित मानी जाती है। बेसन के लड्डू के साथ नारियल की बर्फी या नारियल के लड्डू चुने जा सकते हैं।</p><p>वहीं, आपके घर में हलवा, पूड़ी या कोई खास पकवान अर्पित करने की परंपरा है, तो उसे भी जरुर रखें।</p><p><strong>सुहाग की सामग्री</strong></p><p>असल में कई घरों में सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी और चुनरी जैसी सुहाग सामग्री कई घरों में रख सकती हैं, क्योंकि इन्हें पूजा में अर्पित करने या बायने में देने की परंपरा होती है। आप इस बार &nbsp;बायने या सुहाग सामग्री में चंदन और गुलाब का इत्र जरुर रखें। इत्र की छोटी शीशी रखें। जिससे इसकी खुशबू भोग की चीजों में न घुले। बायने का सामान किसी अलग थाली या टोकरी में तैयार कर लें। जिससे पूजा की मेन थाली अच्छे व्यवस्थित रहे।</p><p><strong>छलनी और कथा की व्यवस्था कर लें</strong></p><p>अगर आपके यहां पर छलनी से देखकर व्रत को खोला जाता है, तो नई छलनी पहले ही रख लें। करवा चौथ की कथा पुस्तक और पूजा में इस्तेमाल होने वाला चित्र या कैलेंडर भी पूजा स्थल में तैयार रखें। चंद्रमा देखने के बाद व्रत खोलने के लिए पीने का पानी भी अलग कर लें।</p><p><strong>खरीदारी से पहले मिला लें ये लिस्ट</strong></p><p>करवा चौथ की पूजा थाली में इन सामान को जरुर रखें। एक बार इस लिस्ट से अपने सामान से मैच कर लें, जिससे कुछ गलती में छूट गया है, तो आप अभी खरीद लें।</p><p>- करवा और ढक्कन<br>- जल का लोटा<br>- रोली<br>- हल्दी<br>- अक्षत<br>-मौली<br>-दीपक<br>-घी या तेल<br>-रूई की बत्ती<br>-माचिस<br>-फूल<br>-धूप<br>-फल<br>-बेसन के लड्डू<br>-नारियल की मिठाई<br>-सुहाग सामग्री<br>-बायना<br>-चंदन<br>-गुलाब का इत्र<br>-पान-सुपारी<br>-छलनी</p><p><strong>करवा चौथ पर इन बातों का रखें ध्यान</strong></p><p>- पूजा के दौरान दीपक को स्थिर जगह पर रखें और इसके आस-पास कपड़ा या कागज न रखें।</p><p>- पूजा के समय और चंद्रोदय का वक्त अपने शहर के हिसाब से जरुर देख लें।</p><p>- इस बात का ध्यान रखें कि भोग बनाते समय किसी भी झूठे हाथ न लगाए।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 11:45:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/karwa-chauth-puja-thali-essential-items-to-include-for-the-fast</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Durga Puja की मूर्ति में मां की आंखें सबसे खास क्यों होती हैं, आखिर क्या है चक्षुदान?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/durga-puja-idol-eyes-are-painted-in-sacred-chakshudaan-tradition-in-bengal]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>दुर्गा पूजा के पड़ाल में आपने मां की आंखों की तरफ गौर जरुर किया होगा, कुछ अलग और जैसे कि भक्तों से बातें कर रही हों। मां दुर्गा की आंखों की संरचना बिल्कुल अनोखी होती है कि दर्शन के समय नजरें वहीं टिक जाती है। प्रत्येक वर्ष मां दुर्गा की विशाल मूर्ति बनाई जाती है, जिसमें माता के वस्त्र, आभूषण और अस्त्र-शस्त्र तक खूबसूरती से सजाए जाते हैं। &nbsp;लेकिन एक चीज ऐसी होती है जिसे मूर्तिकार सबसे आखिर में बनाते हैं, वो हैं मां दुर्गा की आंखें।</p><p>सच में मां की आंखें दिखने में अलग होती है, ऐसा क्या होता है जो सबको आकर्षित करता है। बंगाल में माता दुर्गा की प्रतिमा बनाते समय एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जिसमें मूर्तिकार माता की आंखों में मानो प्राण डालता है, इसको चक्षुदान कहा जाता है। ऐसा क्या है इन आंखों के पीछे का रहस्य जिसे सदियों से बंगाल के मूर्तिकार संभाल कर रखते हैं।</p><p><strong>माता दुर्गा की आंखों का रहस्य क्या है?</strong></p><p>असल में बंगाल की दुर्गा पूजा से संबंधित एक खास परंपरा है, जिसे चक्षुदान कहा जाता है। बंगाल के कुम्हार टोली जैसे प्रसिद्ध मूर्तिकार इलाकों में मिट्टी से माता दुर्गा की प्रतिमा बनाने का कम कई चरणों में पूरा है। इसमें सबसे पहले बांस और भूसे से ढांचा तैयार किया जाता है फिर ऊपर मिट्टी की परतें चढ़ाई जाती है।</p><p>इसके बाद मां का चेहरा हाथ, अस्त्र और पूरा स्वरुप तैयार किया जाता है। फिर माता की मूर्ति में रंग, वस्त्र और आभूषण पहनाकर प्रतिमा को भव्य रुप दिया जाएगा, लेकिन जब पूरी प्रतिमा तैयार हो जाती है उस समय भी मां की आंखें बनाने की अनोखी रस्म निभाई जाती है। माता की आंखें बनाते समय एक छोटी सी लकीर भी माता के चेहरे के पूरे भाव बदल देती है।</p><p><strong>मां दुर्गा की आंखों का स्वरुप कैसा होता है?</strong></p><p>जब मूर्तिकार माता दुर्गा की आंखें बनाता है, उनमें करुणा दिखनी चाहिए, शक्ति दिखाई देनी चाहिए और भक्तों को मां की ममता का एहसास भी होना जरुरी है। इसलिए यह काम अत्यंत कुशलता और एकाग्रता से किया जाता है। इस पंरपरा का महत्व सिर्फ कला तक सीमित नहीं है, बल्कि बंगला में इसे चक्षुदान कहा जाता है।</p><p>चक्षु का अर्थ है आंख और दान का अर्थ है अर्पित करना। यह प्रथा सदियों से बंगाल की दुर्गा पूजा का अनूठा हिस्सा है और इसे मुख्य रुप से महालय के दिन किया जाता है।</p><p><strong>क्या है चक्षुदान की परंपरा?</strong></p><p>मूर्तिकार मां की आंखों में आखिरी रेखा खींचता है, तो उसके लिए वह सिर्फ चित्रकारी का काम नहीं रह जाता है। इसमें मूर्तिकार की मेहनत, पीढियों से चली आ रही कला और मां के प्रति श्रद्धा भी दिखाई देती है। माता दुर्गा की आंखें हमेशा सबसे वरिष्ठ कलाकर ही बनाता है, जिससे उसमें जीवंतता आए।</p><p>इतना ही नहीं, माता की आंखों को दुर्गा पूजा में स्थापना से पहले गुप्त रखा जाता है जिससे वह भक्तों के सामने जब आएं तो भक्त उनसे अनोखा रिश्ता कायम कर पाएं। इसी कारण से दुर्गा पूजा के पंडाल में मां की आंखों से नजर मिलाते हैं तब हमें सिर्फ मिट्टी और रंगों से बनी प्रतिमा नहीं दिखाई देती है बल्कि माता का एक जीवंत स्वरुप नजर आता है।</p><p>मां दुर्गा की आंखों में हमें नजर आती है एक मां की शक्ति, मां की करुणा और भक्तों की रक्षा करने वाली देवी। अगर आप कभी भी मां दुर्गा के पंडाल में जाएं, तो एक बार माता की आंखों को रुककर जरुर देखें। माता की आंखों में आपको दिखेगा देवी दुर्गा का आशीर्वाद।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 10:55:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/durga-puja-idol-eyes-are-painted-in-sacred-chakshudaan-tradition-in-bengal</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Horoscope 18 October 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-18-october-2026-aaj-ka-rashifal]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।</p><h2>मेष</h2><p>परिश्रम का फल मिलेगा, अच्छा महसूस होगा। आर्थिक समस्या से मुक्ति का दिन है। वाद-विवाद और मन में अशांति। अनैतिक और अवैध कार्यों से बचें।</p><h2>वृष</h2><p>प्रचुर मात्रा में धन प्राप्ति होगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। अपने दम पर ही कुछ नया कर दिखाएंगे। दूसरों की गलती और आरोप आप पर।</p><h2>मिथुन</h2><p>जरूरी काम पूरे होंगे-धन लाभ भी होगा। जरूरी काम जल्दी-जल्दी निपटा लें। अपने दम पर ही कुछ नया कर दिखाएंगे। आपकी विनम्रता यश भी देगी, सफलता भी।</p><h2>कर्क</h2><p>मन की अंशात स्थिति शांत होगी। लाभ और विजय आज आपके भाग्य में है। अकारण शत्रु पैदा होंगे, अनावश्यक विवाद भी। परिश्रम का सुपरिणाम प्रसन्नता देगा।</p><h2>सिंह</h2><p>अप्रिय घटना और ऐसा ही समाचार मिल सकता है। जरूरतमंदों की सहायता का सौभाग्य मिलेगा। नई जिम्मेदारी के साथ नई पहचान मिलेगी। रोजगार व्यवसाय में प्रशंसा मिलेगी।</p><h2>कन्या</h2><p>आचरण में संयम बरतने की जरूरत है। विदेशों से आयात-निर्यात करने पर लाभ उठाएंगे। वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्यों से प्रसन्न रहेंगे। अधिकतर समय सामान खरीदने में बीतेगा।</p><h2>तुला</h2><p>व्यवसाय परिवर्तन का निर्णय ले सकते हैं। यात्रा जारी रह सकती है। चाहकर भी कार्य न होने का दुःख होगा। विशेष लोगों से भेंट के लिए आना या जाना।</p><h2>वृश्चिक</h2><p>व्यवसाय के क्षेत्र में नए सम्पर्क। चोरी और विश्वासघात के शिकार हो सकते हैं। रोजगार के क्षेत्र में लाभ होगा। व्यापारिक साझेदारी से लाभ।</p><h2>धनु</h2><p>धर्म और अध्यात्म में रूचि बढ़ेगी। निर्णय पर दृढ़ रहें, भटकाव संभव। नौकरी में बदलाव करने के संकेत मिलेंगे। आत्म विश्वास के साथ आगे बढ़ें।</p><h2>मकर</h2><p>परेशानियां दूर होगी, भाग्योदय होगा। नए व्यापारिक संबंध, लाभ के सौदे। स्वास्थ्य में सुधार से प्रसन्नता। कारण-अकारण चिंता एवं परेशानी।</p><h2>कुंभ</h2><p>अपनी समस्याओं के समाधान ढूंढ़ ही लेंगे। दूसरों के द्वारा, किए गये कार्यों का श्रेय भी आपको मिलेगा। कोई अशुभ समाचार मिल सकता है। दूसरों के झगड़ों से दूर ही रहें।</p><h2>मीन</h2><p>आर्थिक उन्नति की ओर विशेष कदम। आप सही दिशा में आगे की ओर बढ़ रहे हैं। मनोकामनाएं पूरी होगी। अपेक्षा से अधिक सफलता मिलने की खुशी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 06:30:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-18-october-2026-aaj-ka-rashifal</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Horoscope 17 October 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-17-october-2026-aaj-ka-rashifal]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।</p><h2>मेष</h2><p>कुछ कामों में आशातीत सफलता मिलेगी। कटु वचन रिश्तों में दरार डाल सकते हैं। सार्वजनिक सम्मान से प्रसन्नता। अच्छा दिन है, सुख संतोष मिलेगा।</p><h2>वृष</h2><p>किसी और की गलती की सजा आपको मिलेगी। नई संभावनाएं दिखाई देगी, आगे बढ़ें। स्वास्थ्य में सुधार से प्रसन्नता। पदोन्नति के लिए विशेष सिफारिश संभव।</p><h2>मिथुन</h2><p>नेतृत्व में टीम को विशेष सफलता। वाहन संबंधित समस्या का सामना। सामाजिक पारिवारिक परिवेश बढ़ेगा। सत्परामर्श दाता की भूमिका में रहेंगे।</p><h2>कर्क</h2><p>गैर कानूनी कामों से दूर रहने में ही भलाई। अचानक विषम परिस्थितियां पैदा होगी। आर्थिक गतिविधियों में संलिप्तता रहेगी। चिंता और परेशानी का हल निकाल सकेंगे।</p><h2>सिंह</h2><p>चारों तरफ से शुभ समाचार और लाभ। व्यावसायिक मामलों में ठोस निर्णय और सफलता। धन संबंधी मामले में चिंतन बना रहेगा। पारिवारिक संपत्ति से लाभ।</p><h2>कन्या</h2><p>अचल सम्पत्ति संबंधी निर्णय ले सकते है। संचार माध्यमों से सुखद और समाचार। आपका उदार व्यवहार प्रभावशाली सिद्ध होगा। परिवार में वृद्धजनों का स्वास्थ्य बिगड़ेगा।</p><h2>तुला</h2><p>बेरोजगारों को रोजगार संबंधी शुभ समाचार। आर्थिक मामलों में उलझे रहेंगे। परिश्रम अधिक, लाभ कम। स्वजनों के कल्याण कार्यों में व्यस्त रहेंगे।</p><h2>वृश्चिक</h2><p>शुभ समाचारों से खुशी होगी, रोजगार में प्रगति भी। दिन सामान्य, फिर भी रचनात्मक। चिंता और उदासीनता बनी रहेगी। स्वास्थ्य में सुधार और रोग मुक्ति।</p><h2>धनु</h2><p>रोजगार की तलाश पूरी, नया परिचय लाभप्रद। पदोन्नति होगी, कार्यक्षेत्र में यश। सर्वत्र लोकप्रियता और इज्जत बढ़ेगी। कल्पना और यथार्थ में अंतर महसूस करेंगे।</p><h2>मकर</h2><p>बच्चों के भविष्य के प्रति चिंतित रहेंगे। आप सब को संतुष्ट करेंगे। विशेष प्रशिक्षण के लिए जा सकते हैं। दिन तनावपूर्ण रहेगा, अंसतोष भी।</p><h2>कुंभ</h2><p>स्वविवेक से निर्णय, सब तरह से ठीक रहेगा। किसी षड्यंत्र के शिकार हो सकते हैं। बिगड़े हुए संबंध सुधर सकते हैं। कला और रचना धार्मिता की प्रंशसा होगी।</p><h2>मीन</h2><p>आर्थिक और पारिवारिक कार्यों में यश। आत्म केन्दि्रत रहते हुए कार्यकलाप रखेंगे। नया करार, नई डील संपन्न। दूसरों की बुद्धि से भी, अपने विवेक से काम लें।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 06:26:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-17-october-2026-aaj-ka-rashifal</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Horoscope 16 October 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-16-october-2026-aaj-ka-rashifal]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।</p><h2>मेष</h2><p>दीर्घकाल में चला आ रहा विवाद समाप्त होगा। उत्साह का संचार होगा, वायदा पूरा करेंगे। हर दृष्टि से सतर्क रहें, धोखे का योग है। ईष्ट मित्रों के सहयोग से परेशानी दूर होगी।</p><h2>वृष</h2><p>घर परिवार में आपका सुयश बढ़ेगा। आमदनी के नए साधन, तनाव मुक्त करेंगे। हाथ आया अवसर/धन फिसल सकता है। उधार न दें, जबान संभाल कर बात करें।</p><h2>मिथुन</h2><p>समय को पहचान पर कार्य करें। मनोरथ पूर्ति पर खुशी होगी। आर्थिक संकट रहेगा, शायद कर्ज भी लें। चिंता और समस्याएं घेरे रहेगी।</p><h2>कर्क</h2><p>कोर्ट कचहरी में विजय की संभावना। अपने को चुनौतियों से घिरा पाएंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा, परहेज रखें। उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।</p><h2>सिंह</h2><p>पूंजीनिवेश भविष्य के लिए लाभदायक। लाभ भी और प्रियजनों से भेंट भी। अपनी क्षमता से ही समस्याओं का निपटारा। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।</p><h2>कन्या</h2><p>सकारात्मक सोच से स्वास्थ्य लाभ। मनोरंजन में व्यस्त रहेंगे। इष्ट मित्रों का सहयोग अमूल्य सिद्ध होगा। उदासीनता दूर होगी, ऊर्जावान अनुभव करेंगे।</p><h2>तुला</h2><p>पदोन्नति के योग है, सहयोग भी मिलेगा। किसी महिला/पुरुष से सहयोग मिलेगा। जरूरी काम दोपहर तक निपटा लें। प्रिय व्यक्ति के संबंध में अप्रिय समाचार मिलेंगे।</p><h2>वृश्चिक</h2><p>दफ्तर में जिम्मेदारियां बढ़ेगी, मानदेय भी बढ़ेगा। घर हो या दफ्तर निष्ठा से काम करेंगे। आत्मबल उत्तम रहेगा- मानसिक संतोष भी। अच्छा दिन, शक्ति सामर्थ्य बढ़ेंगे।</p><h2>धनु</h2><p>निंदक और विरोधी प्रबल रहेंगे, सावधान। अतिथियों के सम्मान में व्यस्तता। किसी नई योजना का श्री गणेश होगा। मामा पक्ष से विशेष समाचार मिलेगा।</p><h2>मकर</h2><p>स्वास्थ्य की उपेक्षा उन्नति रोक सकती है। अनावश्यक विवाद होगा, दिन अशुभ। मान सम्मान, उपहार प्राप्ति वाला दिन। सत्ता सम्पन्न लोगों से सम्पर्क।</p><h2>कुंभ</h2><p>जरूरी काम दोपहर तक होने चाहिए। दिन सामान्य है, जोखिम न उठाएं। रोजगार व्यापार की जगह पर ख्याति और ईमानदारी के चर्चें। हल्की-फुल्की दुर्घटना का योग है।</p><h2>मीन</h2><p>लाभ के अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। आज की शाम अशुभता के नाम। व्यवसाय बढ़ेगा, समस्याएं हल होगी। सरकारी क्षेत्र में रूके हुए काम आज बनेंगे।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 06:24:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/jyotish/horoscope-16-october-2026-aaj-ka-rashifal</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Love Horoscope For 15 October 2026 | आज का प्रेम राशिफल 15 अक्टूबर 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/jyotish/love-horoscope-for-15-october-2026]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>दैनिक प्रेम राशिफल 15 अक्टूबर 2026: इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं।<br>यहाँ बिना किसी सिंबल के आज का सभी 12 राशियों का लव राशिफल दिया गया है:</p><p><br><strong>मेष राशि (Aries)</strong><br>मेष राशि के प्रेम जीवन में आज एक नया और सकारात्मक अध्याय शुरू हो सकता है। पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करने से पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी और रिश्ते में नजदीकियां बढ़ेंगी। आज के दिन अपने दिल की बात बिना किसी झिझक के स्पष्ट रूप से कहें।</p><p><strong>2. वृषभ राशि (Taurus)</strong><br>वृषभ राशि के जातकों के रिश्तों में आपसी समझ और भविष्य को लेकर गंभीर चर्चा हो सकती है। इससे आपका आपसी विश्वास और कमिटमेंट दोनों मजबूत होंगे। आज दिखावे के बजाय रिश्ते की असल गहराई और भावनाओं को अधिक महत्व दें।</p><p><strong>3. मिथुन राशि (Gemini)</strong><br>मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन बातचीत और हंसी-मजाक से भरा रहेगा। पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतने से रिश्ते में ताजगी बनी रहेगी। हालांकि, प्रेम मामलों में जल्दबाजी में कोई भी बड़ा फैसला लेने से फिलहाल बचें।</p><p><strong>4. कर्क राशि (Cancer)</strong><br>कर्क राशि के जातकों को आज जीवनसाथी से पूरा भावनात्मक सहयोग मिलेगा। घर-परिवार से जुड़े किसी जरूरी विषय पर साथ मिलकर निर्णय लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। अपने मन की भावनाओं को अपने साथी के साथ साझा करने में बिल्कुल भी संकोच न करें।</p><p><strong>5. सिंह राशि (Leo)</strong><br>सिंह राशि के जातकों के मन में आज पार्टनर से तारीफ और भरपूर प्यार पाने की इच्छा अधिक रहेगी। आपको भी उनकी छोटी-छोटी कोशिशों की सराहना करनी चाहिए। ध्यान रखें कि रिश्ते के बीच में अहंकार को बिल्कुल न आने दें।</p><p><strong>6. कन्या राशि (Virgo)</strong><br>कन्या राशि वालों के लिए आज छोटी-सी बात पर वैचारिक मतभेद या हल्की नोकझोक होने की संभावना है। किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से पहले थोड़ा संयम और धैर्य रखें। समझदारी से ही रिश्तों की उलझनें आसानी से सुलझ सकती हैं।</p><p><strong>7. तुला राशि (Libra)</strong><br>तुला राशि के जातकों का आज का दिन जीवनसाथी के साथ तालमेल बिठाने का है। यदि कोई पुराना लंबित मुद्दा चल रहा है, तो उसे शांति से सुलझाने का यह सही समय है। साथी के छोटे-छोटे प्रयासों की कद्र करना आपके रिश्ते को और मजबूत बनाएगा।</p><p><strong>8. वृश्चिक राशि (Scorpio)</strong><br>वृश्चिक राशि वालों को आज पार्टनर से अधिक ध्यान और समय की उम्मीद हो सकती है। मन में किसी प्रकार का शक या संशय रखने के बजाय, सीधे और स्पष्ट शब्दों में बातचीत करके उसे दूर करें।</p><p><strong>9. धनु राशि (Sagittarius)</strong><br>धनु राशि के जातकों की पार्टनर के साथ बाहर घूमने या किसी नई गतिविधि में शामिल होने की योजना बन सकती है। साथ बिताया गया यह सुखद समय आप दोनों के बीच की दूरियों को कम करेगा। बस रिश्ते में नरमी और खुलापन बनाए रखें।</p><p><strong>10. मकर राशि (Capricorn)</strong><br>मकर राशि वालों को आज व्यावहारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ भावनाओं को भी उतना ही महत्व देना होगा। आपसी बातचीत से ही रिश्ते में पारदर्शिता आएगी और आपका बंधन और अधिक मजबूत होगा।</p><p><strong>11. कुंभ राशि (Aquarius)</strong><br>कुंभ राशि के जातकों के संवाद से जुड़ी पुरानी रुकावटें आज दूर होंगी। पार्टनर के साथ विचारों का आदान-प्रदान अच्छा रहेगा, साथ ही उन्हें थोड़ा व्यक्तिगत स्पेस (Personal Space) देना भी आपके रिश्ते के लिए बहुत जरूरी रहेगा।</p><p><strong>12. मीन राशि (Pisces)</strong><br>मीन राशि के जातकों का पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव आज काफी गहरा होगा। अपने दिल की बात खुलकर कहने से आपका मन हल्का और प्रसन्न रहेगा। अपने इस रिश्ते को हमेशा प्यार, विश्वास और सम्मान के साथ सींचते रहें।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 15:51:00 +0530</pubDate>
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      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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