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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[Guinea की राजधानी Conakry में कचरा ढहने से 30 लोगों की मौत, मलबे में दबे कई मकान]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/guinea-conakry-garbage-dump-collapse-kills-thirty-people]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>गिनी की राजधानी कोनाक्री में रविवार तड़के सबसे बड़े ढलाव स्थल पर कचरे का पहाड़ ढहने से 30 लोगों की मौत हो गई। केंद्र सरकार के अद्यतन आंकड़ों से यह जानकारी मिली। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण पूर्वाह्न दो बजे दार एस सलाम में कचरे का ढेर ढहने से पास की झोपड़ियां उसके नीचे दब गईं।</p><p>जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए खोज एवं बचाव अभियान जारी था। छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कई मकान नष्ट हो गए हैं। ‘मिलिट्री इंजीनियरिंग बटालियन’ के स्वच्छता अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्डे ममादौ बाइलो ने बताया कि इस स्थल को रविवार को बंद किया जाना था।</p><p>अधिकारियों के अनुसार, कचरे के पहाड़ के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को वहां से हटने के नोटिस दिए गए थे, जिसके बाद कई लोगों ने इलाका खाली कर दिया था। हालांकि, हादसे के समय भी कई लोग वहां मौजूद थे। क्षेत्रीय प्रशासन और विकेंद्रीकरण मंत्री दियेनाबू तुरे ने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वहां रह रहे बाकी परिवारों को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 04:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/guinea-conakry-garbage-dump-collapse-kills-thirty-people</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Baltic Cyclone से लातविया और लिथुआनिया में भारी तबाही, 2 की मौत और 5 लाख प्रभावित]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/baltic-cyclone-hits-latvia-and-lithuania-leaving-two-dead]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>बाल्टिक देशों में शक्तिशाली चक्रवात के शनिवार से रविवार सुबह तक दस्तक देने के बाद लातविया और लिथुआनिया में करीब पांच लाख लोग बिजली से वंचित हो गए, जबकि दो लोगों की मौत हो गई। चक्रवात के कारण बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। लातविया के पर्यावरण, भूविज्ञान और मौसम विज्ञान केंद्र के एंड्रिस विक्सना ने ‘एपी’ से कहा, ‘‘कुल प्रभाव के लिहाज से यह 2005 के बाद लातविया में आया सबसे गंभीर तूफान लगता है।’’
मध्य लातविया के जेलगावा में शनिवार को इमारत का एक हिस्सा गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।</p><p>देशभर में कई अन्य लोग घायल हुए। राजधानी रीगा में शनिवार को हवा की गति 67 मील प्रति घंटे से अधिक रही। कई मौसम केंद्रों पर शनिवार को बारिश की औसत मासिक मात्रा आधी दर्ज की गई।</p><p>ढाई लाख से अधिक लोग बिजली के बिना रहे और मोबाइल सेवाएं भी बाधित हुईं। रेल और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुईं क्योंकि पेड़ और अन्य वस्तुएं सड़कों पर गिर गईं। रीगा हवाई अड्डे ने रविवार सुबह कहा कि रात में आए भीषण तूफान के कारण उड़ानों में देरी हो सकती है या उनके मार्ग बदले जा सकते हैं।</p><p>पड़ोसी लिथुआनिया में भी पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए जबकि रविवार सुबह दो लाख से अधिक लोग बिजली से वंचित रहे।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 19:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/baltic-cyclone-hits-latvia-and-lithuania-leaving-two-dead</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Ukraine में Corruption पर छिड़ी रार, पूर्व रक्षा मंत्री Fedorov ने जेलेंस्की से मांगे तीखे जवाब]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/row-over-corruption-in-ukraine-former-defense-minister-fedorov-responds-to-zelenskyys-remark]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को पिछले महीने रक्षा मंत्री के पद से हटा दिया गया था। 35 वर्षीय फेदोरोव को यूक्रेन की सेना में तकनीकी बदलाव और ड्रोन आधारित युद्ध क्षमता विकसित करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने रक्षा मंत्रालय में भ्रष्टाचार के कुछ मामलों को खत्म करने का दावा भी किया है, लेकिन उनका कहना है कि भ्रष्टाचार अब भी युद्ध के मोर्चे पर यूक्रेन की क्षमता को प्रभावित कर रहा है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, यूक्रेन की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने हाल ही में 30 लाख डॉलर से अधिक की कथित हेराफेरी से जुड़े एक मामले का खुलासा किया था। आरोप है कि इस धन का इस्तेमाल धनशोधन के आरोपी पूर्व ऊर्जा मंत्री की जमानत के लिए किया जाना था। इस मामले में जेलेंस्की के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी पद से हटाया गया है।</div><div><br></div><div>फेदोरोव ने कहा कि इस मामले में जेलेंस्की को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें अपने करीबी लोगों के बीच चल रही संभावित गड़बड़ियों की जानकारी थी या नहीं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके पास राष्ट्रपति के व्यक्तिगत रूप से भ्रष्ट होने का कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की के साथ काम करते हुए उन्हें कभी ऐसा निर्देश नहीं मिला जो कानून या उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी के खिलाफ हो।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि फेदोरोव ने युद्धकाल में चुनाव कराने की चर्चा भी शुरू की है। यूक्रेन में 2022 में रूस के पूर्ण सैन्य अभियान के बाद से मार्शल लॉ लागू है और इसके कारण चुनाव स्थगित हैं। फेदोरोव का कहना है कि लोकतंत्र में चुनाव की बात करने से डरना नहीं चाहिए। उनके अनुसार, यदि लंबे समय तक चुनाव नहीं होते हैं तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।</div><div><br></div><div>हालांकि जेलेंस्की ने मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव कराने का विरोध किया है। उनका कहना है कि युद्ध के दौरान चुनाव देश को विभाजित करने वाला बड़ा जोखिम बन सकता है। विशेषज्ञ भी सैनिकों, विदेशों में रह रहे लाखों यूक्रेनी नागरिकों और रूस के कब्जे वाले इलाकों में रहने वाली आबादी के मतदान को लेकर कई व्यावहारिक चुनौतियां गिनाते हैं।</div><div><br></div><div>फेदोरोव ने फिलहाल राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की इच्छा से इनकार किया है, लेकिन भविष्य की संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि चुनाव प्रक्रिया कब शुरू होती है, उनकी टीम और ऊर्जा कितनी बचती है और जनता उन्हें इस जिम्मेदारी के योग्य समझती है।</div><div><br></div><div>रक्षा मंत्री के तौर पर फेदोरोव ने ड्रोन आधारित युद्ध को बढ़ावा दिया था। उनका कहना है कि यूक्रेन को पुराने हथियारों की मरम्मत के बजाय सीधे आधुनिक ड्रोन निर्माण में निवेश की जरूरत है। उन्होंने पश्चिमी देशों, खासकर ब्रिटेन से मिलने वाली सैन्य सहायता में नौकरशाही के कारण होने वाली देरी पर भी चिंता जताई है। आने वाले हफ्तों में उनकी अमेरिका यात्रा प्रस्तावित है, जहां वह एलन मस्क से मिलने की कोशिश करेंगे। इस बीच यूक्रेन की राजनीति में भ्रष्टाचार, युद्ध और लोकतांत्रिक चुनाव को लेकर बहस लगातार जारी है।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 18:51:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/row-over-corruption-in-ukraine-former-defense-minister-fedorov-responds-to-zelenskyys-remark</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[JeM Headquarters Rebuilt: ऑपरेशन सिंदूर में तबाह मरकज सुभान अल्लाह फिर हुआ तैयार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/jem-headquarters-markaz-subhan-allah-rebuilt-in-bahawalpur-pakistan]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत के ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किए गए पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख ठिकाने 'मरकज सुभान अल्लाह' का पुनर्निर्माण पूरा होने की खबर सामने आई है। ताजा तस्वीरों और रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के करीब 15 महीने बाद परिसर को काफी हद तक फिर से तैयार कर दिया गया है और यह दोबारा सक्रिय नजर आ रहा है।</p><h2><strong>ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुआ था जैश का मुख्यालय</strong></h2><p>7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।</p><p>बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह भी भारतीय कार्रवाई के निशाने पर था। हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में परिसर में बड़े पैमाने पर तबाही, मलबा और ढांचे में गंभीर नुकसान दिखाई दिया था।</p><h2><strong>नए मार्बल, पेंट और प्लास्टर से बदला परिसर</strong></h2><p>ताजा तस्वीरों के मुताबिक, मरकज सुभान अल्लाह के सेंट्रल हॉल में हुए धमाकों के निशान काफी हद तक मिटा दिए गए हैं। हॉल में नए प्लास्टर और पेंट के साथ मार्बल का काम किया गया है। हमले में क्षतिग्रस्त हुए गुंबदों को भी दोबारा बनाया गया है।</p><p>सेंट्रल हॉल में धमाकों से बने गहरे गड्ढों को भरकर ढांचे को नया रूप दिया गया है। इससे भारतीय हमले के बाद हुई तबाही के पुराने निशान काफी हद तक छिप गए हैं। ताजा रिपोर्टों में परिसर को फिर से ऑपरेशनल बताया गया है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/volodymyr-zelenskyy-spoke-openly-about-the-former-defense-minister" target="_blank" rel="noopener">पूर्व रक्षा मंत्री पर खुलकर बोले Volodymyr Zelenskyy, बताया क्यों पैदा हुई थी डोनाल्ड ट्रंप संग असहज स्थिति</a></h3><h2><strong>पाकिस्तान से 25 करोड़ रुपये मिलने का दावा</strong></h2><p>खुफिया सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रशासन ने जैश-ए-मोहम्मद को मरकज की मरम्मत के लिए कथित तौर पर 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये किश्तों में दिए। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें से करीब 11 करोड़ पाकिस्तानी रुपये केवल सेंट्रल हॉल की मरम्मत पर खर्च किए गए। हालांकि, पाकिस्तान सरकार की ओर से इस कथित फंडिंग को लेकर कोई स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।</p><h2><strong>मदरसा और रिहायशी इमारतों का भी पुनर्निर्माण</strong></h2><p>मुख्य परिसर के आसपास मौजूद क्षतिग्रस्त ढांचों को भी हटाया गया है। इनमें मदरसा अल-साबिर और जैश कमांडरों के लिए इस्तेमाल होने वाले रिहायशी क्वार्टर शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इन पुराने क्षतिग्रस्त ढांचों को गिराने के बाद वहां नए निर्माण की तैयारी शुरू हो चुकी है। इससे संकेत मिलता है कि परिसर के पुनर्निर्माण का काम केवल मुख्य हॉल तक सीमित नहीं है।</p><h2><strong>अप्रैल और मई की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी थी निर्माण गतिविधि</strong></h2><p>इस साल अप्रैल में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में परिसर में भारी मशीनरी और निर्माण वाहनों की मौजूदगी दिखाई दी थी। उस समय क्षतिग्रस्त गुंबदों की मरम्मत और मलबा हटाने का काम चल रहा था।</p><p>मई में हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों में गुंबदों का रंग गहरा दिखाई दिया था, जिसे नए सीमेंट के काम से जोड़कर देखा गया। परिसर से मलबा हटाने के लिए भी भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा था। भारत टुडे की रिपोर्ट में जियो-इंटेलिजेंस रिसर्चर ने इन गतिविधियों को सुविधा को दोबारा चालू करने की कोशिश का संकेत बताया था। अब ताजा तस्वीरों में मरम्मत का काम इन शुरुआती चरणों से काफी आगे बढ़ चुका है और मुख्य ढांचा फिर से तैयार दिखाई देता है।</p><h2><strong>18 एकड़ में फैला है मरकज सुभान अल्लाह</strong></h2><p>बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित बताया जाता है। करीब 18 एकड़ में फैले इस परिसर को उस्मान-ओ-अली कैंपस के नाम से भी जाना जाता है। यहां मस्जिद के अलावा जैश की गतिविधियों से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी मौजूद थीं। भारत और सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस परिसर का इस्तेमाल जैश के कैडरों की भर्ती, ट्रेनिंग और कट्टरपंथी बनाने जैसी गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/canada-dollar-for-dollar-counter-move-in-response-to-us-50-percent-tariff" target="_blank" rel="noopener">US-Canada Trade War: अमेरिका के 50% टैरिफ के जवाब में कनाडा का 'डॉलर-फॉर-डॉलर' पलटवार</a></h3><h2><strong>जैश का भारत विरोधी गतिविधियों से पुराना संबंध</strong></h2><p>जैश-ए-मोहम्मद भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। इनमें 2001 का संसद हमला, 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा आत्मघाती हमला शामिल हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, बहावलपुर का यह परिसर जैश की भर्ती और विचारधारा फैलाने की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। संगठन के संस्थापक मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवादी घोषित कर रखा है।</p><h2><strong>हमले में मसूद अजहर के परिवार के लोग भी मारे गए थे</strong></h2><p>ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर परिसर पर हुए हमले में मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्यों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। जैश की ओर से जारी बयान के मुताबिक, हमले में मारे गए लोगों में अजहर के 10 रिश्तेदार शामिल थे।</p><h2><strong>पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान के पास है परिसर</strong></h2><p>मरकज सुभान अल्लाह बहावलपुर में लाहौर से करीब 400 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह परिसर पाकिस्तानी सेना की एक महत्वपूर्ण छावनी के पास है, जहां सेना की 31वीं कोर का मुख्यालय भी बताया जाता है। ऐसे में ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस आतंकी परिसर का दोबारा निर्माण सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।</p><h2><strong>2002 में प्रतिबंध के बावजूद जारी रहीं गतिविधियां</strong></h2><p>पाकिस्तान ने 2002 में जैश-ए-मोहम्मद पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद संगठन पर पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां संचालित करने के आरोप लगातार लगते रहे हैं। ताजा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब जैश के बुनियादी ढांचे के दोबारा निर्माण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े परिसर का इतनी बड़ी मात्रा में पुनर्निर्माण होना भारत की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के दावों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 18:40:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/jem-headquarters-markaz-subhan-allah-rebuilt-in-bahawalpur-pakistan</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Kazakhstan Election में मतदान शुरू, राष्ट्रपति Tokayev की सत्ता पर पकड़ होगी मजबूत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/kazakhstan-parliamentary-election-voting-underway-for-new-kurultai-parliament]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>कजाकिस्तान में रविवार को संसदीय चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया जारी है तथा उम्मीद की जा रही है कि इससे मध्य एशिया के सबसे बड़े देश में राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव की सत्ता पर पकड़ और मजबूत होगी। राष्ट्रपति का समर्थन करने वाली ‘अदिलेट’ पार्टी के भारी बहुमत से जीतने की उम्मीद है। साथ ही, तोकायेव की समर्थक कई छोटी पार्टियों के भी संसद में पहुंचने की संभावना है।</p><p>यह चुनाव देश की नयी एवं एक सदन वाली संसद ‘कुरुलताई’ के लिए पहला चुनाव है। तोकायेव (73) सोवियत संघ के पूर्व अधिकारी और कजाक राजनयिक रह चुके हैं तथा संयुक्त राष्ट्र में भी काम कर चुके हैं। वह 2019 से देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन हैं।</p><p>रविवार को हो रहा मतदान उस संवैधानिक बदलाव की प्रक्रिया का अंतिम चरण है, जिसे तोकायेव ने मार्च में शुरू किया था। उस समय 87 प्रतिशत मतदाताओं ने संसद के दोनों सदनों को मिलाकर एक सदन बनाने और राष्ट्रपति को अहम अधिकारियों (जिनमें उपराष्ट्रपति का पद फिर से बनाना भी शामिल है) की नियुक्ति का अधिकार देने के प्रस्ताव का समर्थन किया था। हालांकि, इन नियुक्तियों के लिए संसद की मंजूरी जरूरी होगी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 18:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/kazakhstan-parliamentary-election-voting-underway-for-new-kurultai-parliament</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पूर्व रक्षा मंत्री पर खुलकर बोले Volodymyr Zelenskyy, बताया क्यों पैदा हुई थी डोनाल्ड ट्रंप संग असहज स्थिति]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/volodymyr-zelenskyy-spoke-openly-about-the-former-defense-minister]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पहली बार पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव के साथ अपने मतभेदों पर खुलकर बात की है। जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें लगता है कि पद से बर्खास्त किए गए मिखाइलो फेडोरोव ने बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने और देश में चुनाव कराने की मांग जैसे कुछ गलत कदम उठाए थे। शनिवार को पत्रकारों के साथ करीब दो घंटे की अनौपचारिक बातचीत के दौरान जेलेंस्की ने यह बातें कहीं, जिसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी गई है।</p><h2><strong>फेडोरोव पर जेलेंस्की का बयान</strong></h2><p>राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, "मिखाइलो के प्रति मेरा नजरिया हमेशा सकारात्मक रहा है और अब भी है। हमने साथ मिलकर बहुत कुछ देखा है। लेकिन मेरा मानना है कि वह खुद कुछ गलत कदम उठा लेते हैं या उन्हें ऐसा करने के लिए उकसाया जाता है।" जेलेंस्की ने यह भी बताया कि रक्षा मंत्रालय से मिली गलत जानकारी के कारण रूस में स्टारलिंक के इस्तेमाल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक असहज स्थिति पैदा हो गई थी।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/canada-dollar-for-dollar-counter-move-in-response-to-us-50-percent-tariff" target="_blank" rel="noopener">US-Canada Trade War: अमेरिका के 50% टैरिफ के जवाब में कनाडा का 'डॉलर-फॉर-डॉलर' पलटवार</a></h3><h2><strong>युद्ध के मैदान का हाल</strong></h2><p>जेलेंस्की ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन के पास पैट्रियट एयर-डिफेंस मिसाइलों की भारी कमी हो रही है। पिछले तीन वर्षों में पश्चिमी सहयोगियों से मिलने वाली आपूर्ति में गिरावट आई है, जबकि रूस ने अपने हमले तेज कर दिए हैं। हालांकि, उन्होंने युद्ध के मैदान में मिली सफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेनी सेना ने निप्रॉपेट्रोव्स्क इलाके के लगभग पूरे हिस्से को वापस अपने नियंत्रण में ले लिया है और अब वहां केवल 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ही रूसी कब्जे में बचा है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/us-imposes-fifty-percent-tariff-on-canadian-goods-as-canada-retaliates" target="_blank" rel="noopener">Donald Trump ने कनाडा पर 50% Import Duty लगाई, ओटावा भी करेगा जवाबी कार्रवाई</a></h3><h2><strong>कौन हैं मिखाइलो फेडोरोव और क्यों हटाए गए?</strong></h2><p>मिखाइलो फेडोरोव को यूक्रेन की सेना के आधुनिकीकरण, तकनीक और ड्रोन युद्ध को बढ़ावा देने का बड़ा श्रेय दिया जाता है। उन्हें पिछले महीने देश के शीर्ष सैन्य कमांडर के साथ हुए मतभेदों के बाद पद से हटा दिया गया था। उन्हें हटाए जाने के बाद देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इसके बाद फेडोरोव ने एक वीडियो संदेश जारी कर देश में चुनाव कराने की मांग भी की थी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 17:15:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/volodymyr-zelenskyy-spoke-openly-about-the-former-defense-minister</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Revanth Reddy के US दौरे को नहीं मिली केंद्र की मंजूरी, IOC ने जताई गहरी निराशा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/ioc-criticises-centre-over-denying-revanth-reddy-us-visit-approval]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (आईओसी) की अमेरिका स्थित तेलंगाना इकाई ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के अमेरिका दौरे को केंद्र सरकार की ओर से राजनीतिक मंजूरी नहीं दिए जाने पर गहरी निराशा जताई है। रेड्डी फिलहाल लंदन में हैं और 23 अगस्त को ब्रिटेन का दौरा पूरा करने के बाद वह अमेरिका जाने वाले थे। आईओसी की अमेरिका स्थित तेलंगाना इकाई ने शनिवार को एक बयान में रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं देने के केंद्र सरकार के फैसले पर ‘‘गहरी निराशा और चिंता’’ व्यक्त की।</p><p>विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य लोगों की विदेश यात्राओं के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से पहले मंत्रालय आकलन करता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि प्रस्तावित कार्यक्रम संबंधित पद और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, लेकिन इस मामले में अमेरिका दौरे का कार्यक्रम उपयुक्त नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, मंज़ूरी नहीं दी गई है।</p><p>वैसे, उनके ब्रिटेन दौरे को मंज़ूरी दी गई है। ईओसी अमेरिका की तेलंगाना इकाई ने कहा कि रेड्डी के प्रस्तावित अमेरिका दौरे में न्यूयॉर्क में एक बड़े स्वागत समारोह के साथ-साथ प्रमुख अमेरिकी शैक्षणिक संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें शामिल थीं। आईओसी ने बयान में कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा हैदराबाद को शिक्षा, नवाचार, कौशल और शोध के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाए जाने के प्रयासों से जुड़ी थी, इसके लिए दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी की योजना थी।’’
रेड्डी ने विदेश मंत्रालय के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अमेरिका जाने का उनका एकमात्र उद्देश्य केंद्र की नयी शिक्षा नीति के तहत दुनिया के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों को भारत, तेलंगाना और हैदराबाद लाना था।</p><p>उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों से शिक्षा, कौशल और प्रशिक्षण हासिल करने के अवसर मिलते। आईओसी-यूएसए के उपाध्यक्ष जॉर्ज अब्राहम ने कहा कि शिक्षा, रोजगार, निवेश और युवाओं के लिए अवसरों को बढ़ावा देने के प्रयासों को दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका यात्रा की अनुमति दिए जाने के बावजूद तेलंगाना के मुख्यमंत्री को मंजूरी नहीं मिलने पर सवाल उठाया और इसे परेशान करने वाला स्पष्ट दोहरा मापदंड बताया।</p><p>तेलंगाना इकाई ने बताया कि रेवंत रेड्डी ने राज्य सरकार के अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल को तय कार्यक्रम के अनुसार अमेरिका जाने और वहां निर्धारित बैठकों को जारी रखने का निर्देश दिया है। बयान में कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल हार्वर्ड विश्वविद्यालय, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी), नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी और वर्जीनिया टेक सहित प्रमुख संस्थानों के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और साझेदारी पहलों को आगे बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में बताया कि अमेरिका यात्रा की अनुमति नहीं मिलने के कारण रेवंत रेड्डी 30 अगस्त को हैदराबाद लौटेंगे।</p><p>विज्ञप्ति में कहा गया कि रेड्डी ने अधिकारियों को अमेरिका का दौरा जारी रखने तथा सभी प्रस्तावित समझौता ज्ञापनों और साझेदारी समझौतों को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने दिल्ली और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को विदेश यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार किया था।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 16:02:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/ioc-criticises-centre-over-denying-revanth-reddy-us-visit-approval</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Maldives में GMCP थिलामाले पुल का अंतिम हिस्सा स्थापित, भारत ने की है फंडिंग]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/maldives-gmcp-thilamale-bridge-final-segment-installed-with-indian-aid]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत की वित्तीय सहायता से जारी संपर्क परियोजना के तहत मालदीव की राजधानी माले को विलिंगिली द्वीप से जोड़ने वाले पुल का अंतिम हिस्सा आधिकारिक रूप से स्थापित कर दिया गया है। इसे इस महत्वपूर्ण संपर्क परियोजना की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ‘ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना’ (जीएमसीपी) के तहत 6.74 किलोमीटर लंबे पुल और सेतु-मार्ग का निर्माण किया जा रहा है।</p><p>यह राजधानी माले को विलिंगिली, गुल्हिफाल्हु और थिलाफुशी द्वीपों से जोड़ेगा। भारत और मालदीव ने 2021 में इस परियोजना के लिए समझौता किया था। मालदीव स्थित भारतीय उच्चायोग ने शनिवार को ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘ ग्रेटर माले संपर्क परियोजना ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की!</p><p>माले को विलिंगिली से जोड़ने वाले पुल का अंतिम हिस्सा आधिकारिक रूप से स्थापित कर दिया गया है। इससे द्वीपों के बीच निर्बाध संपर्क की दिशा में एक और कदम बढ़ा है।’’
मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने भी इस उपलब्धि का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘‘ग्रेटर माले संपर्क परियोजना में आज एक बड़ी उपलब्धि।</p><p>विदेश मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में इस परियोजना की शुरुआत करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। मालदीव-भारत संबंध विश्वास और साझा प्रगति पर आधारित है। यह संपर्क मार्ग उस प्रतिबद्धता और मालदीव के विकास के लिए भारत के समर्थन का प्रतीक है।’’
शाहिद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के प्रति ‘गहरी कृतज्ञता’ भी व्यक्त की।</p><p>जीएमसीपी, जिसे थिलामाले पुल के नाम से भी जाना जाता है, भारत की ओर से दिए गए 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर के अनुदान और 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा से वित्तपोषित है। यह मालदीव की सबसे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना है। थिलामाले पुल परियोजना का ठेका भारत की कंपनी ‘एफकॉन इन्फ्रास्ट्रक्चर’ को 26 अगस्त 2021 में दिया गया था।</p><p>परियोजना का 75 प्रतिशत से अधिक काम अब पूरा हो चुका है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 14:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/maldives-gmcp-thilamale-bridge-final-segment-installed-with-indian-aid</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Bangladesh PM Tariq Rahman की भारत यात्रा में जल्दबाजी नहीं, कबीर ने गिनाईं प्राथमिकताएं]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/bangladesh-pm-tariq-rahman-india-visit-national-interests-priority]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>बांग्लादेश ने कहा है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा की कोई ‘‘जल्दबाजी’’ नहीं है और ढाका नई दिल्ली के साथ अच्छे संबंध तो चाहता है, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस की एक खबर में यह बात कही गई। खबर के मुताबिक, विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने शनिवार को ढाका में यह बात कही।</p><p>उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय बातचीत में पर्याप्त प्रगति होने के बाद ही रहमान की भारत यात्रा सही समय पर होगी। कबीर का यह बयान रहमान के नई दिल्ली दौरे को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आया है। भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय दौरे के साथ-साथ 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के ‘आउटरीच’ सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।</p><p>इस बहुप्रतीक्षित दौरे को भारत-बांग्लादेश संबंधों को फिर से बेहतर बनाने के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद इन संबंधों में गिरावट आई थी। अपनी सरकार गिरने के बाद हसीना भारत आ गई थीं। तब से ढाका उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि नई दिल्ली का कहना है कि इस अनुरोध पर कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विचार किया जा रहा है।</p><p>बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार और शुक्रवार को मंत्री नियुक्त किए गए कबीर ने कहा, ‘‘हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। क्यों नहीं चाहेंगे? वे हमारे पड़ोसी हैं।</p><p>हमारे बीच कामकाजी संबंध होने चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह सब बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि किसी भी देश के साथ व्यवहार करते समय ढाका अपने हितों से समझौता नहीं करेगा। रहमान के संभावित भारत यात्रा के समय के बारे में पूछे जाने पर, बीएसएस ने कबीर के हवाले से कहा कि सरकार प्रमुख स्तर की बैठक में जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है। मंत्री ने कहा, ‘‘अगर हम कल अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर किसी समझौते पर पहुंच जाते हैं, तो हम अगले सप्ताह या उसके अगले सप्ताह (भारत) जा सकते हैं।</p><p>यहां कोई जल्दबाजी नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि ऐसी यात्रा के लिए दोनों पक्षों के बीच पर्याप्त तैयारी, ठोस बातचीत और जरूरी जमीनी काम की जरूरत होती है। पांच अगस्त को नई दिल्ली में हसीना के वर्चुअल तरीके से मीडियाकर्मियों से बातचीत के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में फिर से तनाव आ गया। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि जेल या मौत की सजा के जोखिम के बावजूद, वह दिसंबर में देश लौटने और लोकतंत्र बहाल करके देश को ‘‘सही रास्ते’’ पर लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p><p>बांग्लादेश के एक विशेष अधिकरण ने नवंबर 2025 में हसीना को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी। यह सजा उन लोगों पर कार्रवाई के दौरान ‘मानवता के खिलाफ कथित अपराधों’ के लिए दी गई थी जो छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा थे, जिसके कारण आखिरकार उन्हें सत्ता से हटना पड़ा था। बांग्लादेश ने इस मीडिया वार्ता पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से वहां के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिशों पर बुरा असर पड़ सकता है।</p><p>वहीं, भारत ने इस कार्यक्रम से खुद को अलग रखने की कोशिश की और कहा कि नई दिल्ली की इसमें कोई भूमिका नहीं थी और न ही उसने हसीना की टिप्पणियों का समर्थन किया। गत पांच अगस्त की मीडिया वार्ता के बाद, ढाका ने उनके प्रत्यर्पण की अपनी मांग दोहराई और इसे रहमान की भारत यात्रा की योजना से भी जोड़ने की कोशिश की। कबीर ने शनिवार को कहा कि ढाका और नई दिल्ली के बीच प्रत्यर्पण संधि है, और हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत का हिस्सा बना हुआ है।</p><p>उनकी यह टिप्पणी उसी दिन आई जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि किसी भी रिश्ते के सफल होने के लिए उसे ‘‘आपसी हित’’ की कसौटी पर खरा उतरना होगा। यह बात उन्होंने बांग्लादेश और अन्य पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों के संदर्भ में कही थी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 14:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/bangladesh-pm-tariq-rahman-india-visit-national-interests-priority</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tokyo Earthquake: 5.9 तीव्रता के भूकंप से टोक्यो तक हिली धरती, जानें सुनामी को लेकर क्या है अपडेट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/japan-shaken-by-5-9-magnitude-earthquake-tremors-felt-in-tokyo]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>रविवार सुबह पूर्वोत्तर और मध्य जापान में 5.9 तीव्रता के भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। भूकंप का असर राजधानी टोक्यो और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी काफी तेज रहा। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी, जबकि अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार यह 5.8 दर्ज की गई। इसका केंद्र टोक्यो के उत्तर-पूर्व में स्थित इबाराकी प्रांत में 70 किलोमीटर की गहराई में था।</p><h2><strong>कितना हुआ नुकसान?</strong></h2><p>अग्निशमन और आपदा प्रबंधन एजेंसी (FDMA) के अनुसार, इबाराकी, चिबा और साइतामा प्रांतों में कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं। टोक्यो के कोटो वार्ड में एक भूमिगत पानी की पाइपलाइन फटने से सड़क पर जलभराव हो गया। वहीं TEPCO पावर ग्रिड के अनुसार लगभग 460 घरों की बिजली ठप हो गई थी, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/canada-dollar-for-dollar-counter-move-in-response-to-us-50-percent-tariff" target="_blank" rel="noopener">US-Canada Trade War: अमेरिका के 50% टैरिफ के जवाब में कनाडा का 'डॉलर-फॉर-डॉलर' पलटवार</a></h3><h2><strong>भूकंप का कितना असर?</strong></h2><p>भूकंप के कारण टोक्यो और नरीता एयरपोर्ट को जोड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों और स्थानीय रेल सेवाओं में देरी हुई। हालांकि, ईस्ट जापान रेलवे के मुताबिक शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। परमाणु नियामक प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि क्षेत्र के करीब एक दर्जन परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और संबंधित सुविधाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं है।</p><h2><strong>पीएम ने जारी किया बयान</strong></h2><p>जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने एक्स पर जानकारी दी कि नुकसान का आकलन करने के लिए सरकार ने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। जापान में यह झटका ऐसे समय में आया है जब पिछले महीने ही दक्षिणी द्वीप क्यूशू के कुमामोतो क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें 38 लोगों की मौत हुई थी और हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हुई थीं।</p><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="ja" dir="ltr">本日２時頃、茨城県南部を震源とする地震が発生し、東京都２３区、茨城県、埼玉県、千葉県で最大震度５弱の強い揺れを観測しました。<br><br>津波の心配はありません。<br><br>現時点で、人的被害や住家被害に関する情報はありませんが、引き続き、被害状況を確認中との報告を受けています。…</p><p>— 高市早苗 (@takaichi_sanae) <a target="_blank" rel="noopener noreferrer" href="https://x.com/takaichi_sanae/status/2091221773073399886?ref_src=twsrc%5Etfw">August 22, 2026</a></p></blockquote><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/us-imposes-fifty-percent-tariff-on-canadian-goods-as-canada-retaliates" target="_blank" rel="noopener">Donald Trump ने कनाडा पर 50% Import Duty लगाई, ओटावा भी करेगा जवाबी कार्रवाई</a></h3><h2><strong>रिंग ऑफ फायर की स्थिति</strong></h2><p>जापान प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire) क्षेत्र में आता है। यह दुनिया का सबसे सक्रिय भूगर्भीय क्षेत्र है, जहां दुनिया के लगभग 90% भूकंप आते हैं और 75% से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी स्थित हैं। जापान की जमीन के नीचे की प्लेटें कभी स्थिर नहीं रहतीं। उनके लगातार खिसकने और टकराने से जमा हुई ऊर्जा ही बार-बार भूकंप बनकर बाहर निकलती है। इसी वजह से जापान हर साल हजारों छोटे-बड़े झटके महसूस करता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:57:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/japan-shaken-by-5-9-magnitude-earthquake-tremors-felt-in-tokyo</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Bangladesh त्रिदेशीय Defence Pact में शामिल होने को तैयार, राष्ट्रीय हित पर होगा फैसला]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/bangladesh-considers-joining-saudi-arabia-pakistan-turkey-defence-pact]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>बांग्लादेश के दो मंत्रियों ने कहा कि उनका देश हाल में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच बने रक्षा गठबंधन में शामिल होने के लिए तैयार है, लेकिन इस संबंध में कोई भी फैसला राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। सात अगस्त को मक्का में हुए इस समझौते के तहत सामूहिक सुरक्षा और प्रतिरोध का एक ढांचा तैयार किया गया है। इसमें प्रावधान है कि तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला, तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।</p><p>नवनियुक्त विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा, “बांग्लादेश अपने हितों और वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं व्यापार में बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये से जुड़े किसी आर्थिक या रक्षा ढांचे में शामिल होने की संभावना के प्रति सकारात्मक रुख रखता है।”
कबीर ने शुक्रवार को सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ की बांग्ला सेवा को दिए साक्षात्कार में कहा कि सरकार “बांग्लादेश प्रथम” नीति और संतुलित विदेश नीति पर आगे बढ़ रही है, जिसमें राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि इसी नीति के तहत ढाका रक्षा समझौते में शामिल होने का फैसला कर सकता है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सामान्य राजनयिक संबंधों के माध्यम से पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को भी मजबूत करेगा जिसे व्यापार और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p><p>शुक्रवार को विदेश मामलों के दूसरे राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त कबीर ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान ने रियाद आने का निमंत्रण दिया है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा की तारीख गर्मियां खत्म होने के बाद निर्धारित की जा सकती है। विदेश मामलों की एक अन्य राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कबीर की बातों का समर्थन किया।</p><p>उन्होंने कहा कि रक्षा समझौते में शामिल होने को लेकर बांग्लादेश का रुख उसके राष्ट्रीय हित और वहां के लोगों के हितों से तय होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या बांग्लादेश इस त्रिपक्षीय ढांचे का हिस्सा बनेगा तो उन्होंने कहा, “हम किसी भी समझौते या बहुपक्षीय संगठन में शामिल होंगे या नहीं, इसका फैसला मुख्य रूप से इस आधार पर होगा कि बांग्लादेश और बांग्लादेशी लोगों के हित सुरक्षित हैं या नहीं।”
दोनों कनिष्ठ मंत्रियों की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री तारिक रहमान के वित्त एवं योजना सलाहकार प्रोफेसर राशेद अल महमूद तितुमीर के उस बयान के दो दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने “बांग्लादेश प्रथम” नीति को देश की विदेश नीति में “बुनियादी बदलाव” बताया था। उन्होंने कहा था कि इस नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ बांग्लादेश के संबंधों में राष्ट्रीय हित, संप्रभुता, आपसी सम्मान और क्षेत्रीय सौहार्द को केंद्र में रखा गया है।</p><p>इसके तहत सभी देशों के साथ रचनात्मक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 12:02:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/bangladesh-considers-joining-saudi-arabia-pakistan-turkey-defence-pact</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[US-Canada Trade War: अमेरिका के 50% टैरिफ के जवाब में कनाडा का 'डॉलर-फॉर-डॉलर' पलटवार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/canada-dollar-for-dollar-counter-move-in-response-to-us-50-percent-tariff]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड वॉर अब और गहरा गया है। दोनों देशों के बीच कई दिनों तक चली व्यापार वार्ता किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद अमेरिका ने कनाडा के कई उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लागू कर दिया है। जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी अमेरिका के खिलाफ 'डॉलर-फॉर-डॉलर' जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। कनाडा के नए टैरिफ 8 सितंबर 2026 से लागू होंगे।</p><p><strong>कार्नी का 'डॉलर-फॉर-डॉलर' जवाब</strong></p><p>मार्क कार्नी ने साफ कहा है कि कनाडा अमेरिका के नए टैरिफ का डॉलर-फॉर-डॉलर जवाब देगा। कनाडा की जवाबी कार्रवाई मुख्य रूप से अमेरिकी स्टील, डेयरी उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण, कृषि उपकरण, पल्प एंड पेपर समेत कई क्षेत्रों को प्रभावित करेगी। ये नए टैरिफ 8 सितंबर से प्रभावी होंगे।</p><p>कार्नी ने अमेरिकी कार्रवाई को महज सामान्य व्यापारिक विवाद मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कनाडा पर आर्थिक दबाव डाला गया है और उनका देश अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। यहां 'हमला' और 'युद्ध' जैसे शब्दों का संदर्भ सैन्य संघर्ष से नहीं, बल्कि व्यापारिक और आर्थिक टकराव से है।</p><blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr"><a target="_blank" rel="noopener noreferrer" href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Canadian PM Mark Carney says, "The U.S. introduced in the last hours, efforts to restrict our ability to have other trade deals. You heard me say a moment ago what we've accomplished in the last year: 20 new deals, economic and security partnership, the prospect of… <a target="_blank" rel="noopener noreferrer" href="https://t.co/92HlbGUs8y">pic.twitter.com/92HlbGUs8y</a></p><p>— ANI (@ANI) <a target="_blank" rel="noopener noreferrer" href="https://x.com/ANI/status/2091348759154413656?ref_src=twsrc%5Etfw">August 23, 2026</a></p></blockquote><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/us-imposes-fifty-percent-tariff-on-canadian-goods-as-canada-retaliates" target="_blank" rel="noopener">Donald Trump ने कनाडा पर 50% Import Duty लगाई, ओटावा भी करेगा जवाबी कार्रवाई</a></h3><p><strong>20 अरब डॉलर के कनाडाई निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ</strong></p><p>व्यापार वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लागू कर दिया है। इसकी चपेट में शराब, फर्नीचर, डेयरी उत्पाद, सीमेंट, कपड़े, खेल से जुड़े सामान और कई अन्य उत्पाद शामिल हैं। अमेरिकी कार्रवाई से उन कनाडाई कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है जिनकी बिक्री के लिए अमेरिकी बाजार बेहद अहम है।</p><p>कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपने आधिकारिक बयान में अमेरिकी 50 फीसदी टैरिफ के दायरे को लगभग 28 अरब डॉलर के कनाडाई सामान के रूप में बताया है। ऐसे में अलग-अलग रिपोर्टों में टैरिफ से प्रभावित सामान के मूल्य का अनुमान करीब 20 से 28 अरब डॉलर के बीच बताया गया है।</p><p><strong>अमेरिका कनाडा का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार</strong></p><p>अमेरिका कनाडा का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। कनाडा के कुल निर्यात का करीब 70 फीसदी हिस्सा अमेरिकी बाजार में जाता है। यही वजह है कि अमेरिकी टैरिफ कनाडाई अर्थव्यवस्था और कारोबार के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।</p><p>हालांकि, मार्क कार्नी अब अमेरिका पर निर्भरता कम करने की रणनीति पर जोर दे रहे हैं। कनाडा सरकार घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ दूसरे देशों के साथ व्यापारिक रिश्ते बढ़ाने और नए निर्यात बाजार तलाशने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कार्नी ने कहा है कि कनाडा अपनी आर्थिक नीति और भविष्य का फैसला किसी दूसरे देश को नहीं करने देगा।</p><p><strong>अमेरिका-कनाडा व्यापार कितना बड़ा है?</strong></p><p>अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंध बेहद मजबूत और व्यापक हैं। दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल कारोबार पिछले साल करीब 880 अरब डॉलर के स्तर पर रहा था। ऐसे में यदि दोनों देश एक-दूसरे के सामान पर लगातार भारी टैरिफ लगाते हैं, तो इसका असर केवल सरकारों तक सीमित नहीं रहेगा।</p><p>इस ट्रेड वॉर का प्रभाव कंपनियों, किसानों, कामगारों और आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। टैरिफ बढ़ने से आयातित सामान महंगा हो सकता है, कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और दोनों देशों के बाजारों में कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/trade-war-erupts-between-us-and-canada-carney-refuses-to-bow-to-donald-trump-50-percent-tariff" target="_blank" rel="noopener">US- Canada में छिड़ी 'ट्रेड वॉर'! Donald Trump के 50% टैरिफ के आगे नहीं झुके कार्नी, बातचीत तोड़ 'ईंट का जवाब पत्थर से' देने का ऐलान!</a></h3><p><strong>USMCA के भविष्य पर भी सवाल</strong></p><p>अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के बीच USMCA (United States-Mexico-Canada Agreement) नाम का उत्तर अमेरिकी व्यापार समझौता पहले से मौजूद है। इस समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना और कई उत्पादों को बेहतर बाजार पहुंच देना है।</p><p>लेकिन मौजूदा ट्रेड वॉर ने इस समझौते के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिका और कनाडा के बीच हालिया वार्ता टूटने के बाद USMCA के तहत मिलने वाली व्यापारिक स्थिरता पर दबाव बढ़ सकता है। दोनों देशों के बीच बढ़ता टैरिफ विवाद उत्तर अमेरिकी व्यापार व्यवस्था में लंबे समय तक बदलाव ला सकता है।</p><p><strong>क्यों अहम है 8 सितंबर?</strong></p><p>अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ के लागू होने के बाद अब सबकी नजर 8 सितंबर 2026 पर है। इसी दिन कनाडा की ओर से अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लागू होने हैं। कनाडा का कहना है कि उसकी कार्रवाई अमेरिकी व्यापारिक कदमों का सीधा जवाब है और इसका उद्देश्य कनाडाई कामगारों, किसानों और कारोबारियों के हितों की रक्षा करना है।</p><p>अगर दोनों देश अपने-अपने टैरिफ वापस लेने के बजाय उन्हें आगे बढ़ाते हैं, तो अमेरिका-कनाडा के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत व्यापारिक रिश्तों पर बड़ा असर पड़ सकता है। तीन दिनों की गहन वार्ता के विफल होने के बाद फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय बढ़ता दिखाई दे रहा है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/canada-dollar-for-dollar-counter-move-in-response-to-us-50-percent-tariff</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ICE कर्मियों के लिए शॉक ग्लव्स खरीद पर रोक की मांग, Shri Thanedar ने लिखा पत्र]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/shri-thanedar-urges-trump-administration-to-halt-ice-shock-gloves-purchase]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>सागर कुलकर्णी
वाशिंगटन, 23 अगस्त भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार एवं दो अन्य सांसदों ने अमेरिकी सरकार से आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) अधिकारियों के लिए बिजली का झटका देने वाले दस्ताने खरीदने की योजना को तत्काल रोकने की मांग की है। थानेदार ने गृह सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन को लिखे पत्र में चेतावनी दी कि बिजली का झटका देने में सक्षम दस्तानों का आईसीई कर्मियों द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे लोगों को गंभीर चोट लग सकती है या उनकी मौत भी हो सकती है। थानेदार कांग्रेस की निगरानी, जांच और जवाबदेही संबंधी उपसमिति में वरिष्ठ सदस्य हैं।</p><p>आईसीई अगले साल मार्च तक अपने अधिकारियों और एजेंटों के लिए ऐसे हजारों उपकरण खरीदने पर दो करोड़ डॉलर तक खर्च करने की योजना बना रहा है। थानेदार, बेनी थॉम्पसन और लू कोरिया ने शुक्रवार को मुलिन को लिखे पत्र में कहा, ‘‘आईसीई का आम लोगों के खिलाफ हिंसा का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। ऐसे में एजेंसी के अधिकारियों और एजेंटों को ऐसा उपकरण देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिसके इस्तेमाल के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण और संयम की जरूरत हो।’’
थॉम्पसन गृह सुरक्षा संबंधी समिति में विपक्ष के वरिष्ठ सदस्य हैं, जबकि कोरिया और थानेदार क्रमशः सीमा सुरक्षा एवं प्रवर्तन तथा निगरानी, जांच और जवाबदेही संबंधी कांग्रेस उपसमितियों में विपक्ष के वरिष्ठ सदस्य हैं।</p><p>सांसदों ने कहा, ‘‘ट्रंप के कार्यकाल में आईसीई ने अयोग्य अधिकारियों और एजेंटों की भर्ती की है और उन्हें जल्दबाजी में प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से कई अफ़सरों और एजेंटों को तो नौकरी पर ही नहीं रखा जाना चाहिए था, उन्हें बैज, बंदूक और इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स देकर अमेरिकी सड़कों पर उतारने की तो बात ही छोड़ दीजिए।’’
सांसदों ने गृह सुरक्षा मंत्री से खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले उसे रोकने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि आईसीई कर्मियों द्वारा इन उपकरणों का गलत इस्तेमाल या दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे लोगों को और चोट लगने या मौत होने का खतरा है।</p><p>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किये गये निर्वासन अभियान को लागू करने के दौरान आईसीई की ओर से आक्रामक तरीकों का इस्तेमाल किए जाने को लेकर उसे आलोचना का सामना करना पड़ा है। आईसीई के अधिकारियों ने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रदर्शनकारियों पर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया और लोगों को वाहनों से बाहर खींचा है। आईसीई अधिकारियों की कार्रवाई में छह लोगों की गोली लगने से मौत भी हुई है, जिसके बाद एजेंसी की जवाबदेही बढ़ाने की मांग उठी है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 10:02:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/shri-thanedar-urges-trump-administration-to-halt-ice-shock-gloves-purchase</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tunisia के पास प्रवासियों की नाव डूबने से 2 की मौत, 12 लापता लोगों की तलाश जारी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/tunisia-migrant-boat-capsizes-leaving-two-dead-twelve-missing]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>दक्षिणी ट्यूनीशिया के तट के पास प्रवासियों को ले जा रही एक नौका पलटने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य लापता हैं। ट्यूनीशिया के ‘नेशनल गार्ड’ ने बताया कि केवल एक व्यक्ति को बचाया जा सका है। ‘नेशनल गार्ड’ के प्रवक्ता हुस्सेम उद्दीन जेबाबली ने सरकारी समाचार एजेंसी ‘टीएपी’ को बताया कि अधिकारियों ने दो शव बरामद किए हैं।</p><p>उन्होंने राष्ट्रीय रेडियो ‘मोसाइको एफएम’ को बताया कि करीब 15 लोग जारजिस और बेन गुएरदाने के बीच स्थित तट से इस नौका पर सवार हुए थे। उन्होंने बताया कि नाव बृहस्पतिवार तड़के रवाना हुई थी। शनिवार को एक वाणिज्यिक जहाज के चालक दल ने एक व्यक्ति को समुद्र में देखा जिसके बाद उन्होंने उसे सुरक्षित बचा लिया, उस व्यक्ति ने लाइफ जैकेट पहनी हुई थी।</p><p>इसके बाद अन्य लोगों की तलाश के लिए क्षेत्र में एक हेलीकॉप्टर और तटरक्षक नौकाएं भेजी गईं। माना जा रहा है कि ये लोग इटली की ओर जा रहे थे। जारजिस लंबे समय से ट्यूनीशिया और अफ्रीका के अन्य हिस्सों से यूरोप जाने वाले प्रवासियों के लिए भूमध्य सागर पार करने का प्रमुख स्थल रहा है।</p><p>वर्ष 2022 में भी यहां 18 लोगों को लेकर जा रही एक नौका लापता हो गई थी। यूरोपीय संघ और ट्यूनीशिया के बीच 2023 में हुए समझौते के बाद ट्यूनीशिया से समुद्र के रास्ते यूरोप जाने वाले प्रवासियों की संख्या में काफी कमी आई है। समझौते के तहत यूरोपीय संघ ने ट्यूनीशिया को अनियमित प्रवासन रोकने के लिए सीमा नियंत्रण मजबूत करने और तटरक्षक बल के प्रशिक्षण में वित्तीय एवं तकनीकी सहायता दी थी।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 09:22:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/tunisia-migrant-boat-capsizes-leaving-two-dead-twelve-missing</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Bhupendra Patel ने New York में उद्योग जगत से की मुलाकात, Gujarat में निवेश पर चर्चा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/bhupendra-patel-meets-us-business-leaders-and-diaspora-in-new-york]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>योषिता सिंह
न्यूयॉर्क, 23 अगस्त गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने न्यूयॉर्क में उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों और प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान गुजरात तथा अमेरिका के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा हुई। बुधवार को वॉशिंगटन से न्यूयॉर्क पहुंचे पटेल ने न्यूजर्सी में उद्योग प्रतिनिधियों, कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की।</p><p>न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ पटेल की बैठक हुई। दूतावास ने कहा कि सौराष्ट्र डायमंड एसोसिएशन समेत अन्य प्रतिभागियों ने “व्यापार और निवेश के विस्तार के अवसरों के साथ-साथ क्षेत्र के विकास और भारत-अमेरिका के बीच मजबूत कारोबारी संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।”
न्यूजर्सी में युवा उद्यमियों और कारोबारी जगत की हस्तियों के साथ भी एक बैठक हुई। इसमें एडिसन के मेयर सैम जोशी और पार्सिपनी-ट्रॉय हिल्स के मेयर पुलकित देसाई ने पटेल से मुलाकात की।</p><p>दूतावास ने कहा, “गुजरात और अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश और उद्यमिता संबंधों को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की गई। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवा कारोबारियों ने भाग लिया।”
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच के साथ मिलकर न्यूयॉर्क में संस्थागत निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और विनिर्माण क्षेत्र के दिग्गजों के साथ पटेल की एक विशेष बैठक भी आयोजित कराई।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 09:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/bhupendra-patel-meets-us-business-leaders-and-diaspora-in-new-york</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[CM Bhupendra Patel ने New York में निवेशकों से की मुलाकात, व्यापार बढ़ाने पर हुई चर्चा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/gujarat-cm-bhupendra-patel-meets-us-investors-in-new-york]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>योषिता सिंह
न्यूयॉर्क, 23 अगस्त गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने न्यूयॉर्क में उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों और प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान गुजरात तथा अमेरिका के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा हुई। बुधवार को वॉशिंगटन से न्यूयॉर्क पहुंचे पटेल ने न्यूजर्सी में उद्योग प्रतिनिधियों, कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की।</p><p>न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि उसने न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ पटेल की बैठक आयोजित की। दूतावास ने कहा कि सौराष्ट्र डायमंड एसोसिएशन समेत अन्य प्रतिभागियों ने “व्यापार और निवेश के विस्तार के अवसरों के साथ-साथ क्षेत्र के विकास और भारत-अमेरिका के बीच मजबूत कारोबारी संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।”
न्यूजर्सी में युवा उद्यमियों और कारोबारी जगत की हस्तियों के साथ भी एक बैठक हुई। इसमें एडिसन के मेयर सैम जोशी और पार्सिपनी-ट्रॉय हिल्स के मेयर पुलकित देसाई ने पटेल से मुलाकात की।</p><p>दूतावास ने कहा, “गुजरात और अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश और उद्यमिता संबंधों को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की गई। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवा कारोबारियों ने भाग लिया।”
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच के साथ मिलकर न्यूयॉर्क में संस्थागत निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और विनिर्माण क्षेत्र के दिग्गजों के साथ पटेल की एक विशेष बैठक की आयोजित की।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 09:02:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/gujarat-cm-bhupendra-patel-meets-us-investors-in-new-york</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Revanth Reddy के US दौरे को केंद्र ने नहीं दी मंजूरी, IOC ने जताई निराशा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/revanth-reddy-us-visit-clearance-denied-ioc-expresses-disappointment]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>योषिता सिंह
न्यूयॉर्क, 23 अगस्त इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (आईओसी) की अमेरिका स्थित तेलंगाना इकाई ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के अमेरिका दौरे को केंद्र सरकार की ओर से राजनीतिक मंजूरी नहीं दिए जाने पर गहरी निराशा जताई है। रेड्डी फिलहाल लंदन में हैं और 23 अगस्त को ब्रिटेन का दौरा पूरा करने के बाद वह अमेरिका जाने वाले थे। आईओसी की अमेरिका स्थित तेलंगाना इकाई ने शनिवार को एक बयान में रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं देने के केंद्र सरकार के फैसले पर ‘‘गहरी निराशा और चिंता’’ व्यक्त की।</p><p>विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य लोगों की विदेश यात्राओं के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से पहले मंत्रालय आकलन करता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि प्रस्तावित कार्यक्रम संबंधित पद और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, लेकिन इस मामले में अमेरिका दौरे का कार्यक्रम उपयुक्त नहीं था। उन्होंने कहा कि रेड्डी की ब्रिटेन यात्रा को मंजूरी दी गई है।</p><p>ईओसी अमेरिका की तेलंगाना इकाई ने कहा कि रेड्डी के प्रस्तावित अमेरिका दौरे में न्यूयॉर्क में एक बड़े स्वागत समारोह के साथ-साथ प्रमुख अमेरिकी शैक्षणिक संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें शामिल थीं। आईओसी ने बयान में कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा हैदराबाद को शिक्षा, नवाचार, कौशल और शोध के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाए जाने के प्रयासों से जुड़ी थी, इसके लिए दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी की योजना थी।’’
रेड्डी ने विदेश मंत्रालय के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अमेरिका जाने का उनका एकमात्र उद्देश्य केंद्र की नयी शिक्षा नीति के तहत दुनिया के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों को भारत, तेलंगाना और हैदराबाद लाना था। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों से शिक्षा, कौशल और प्रशिक्षण हासिल करने के अवसर मिलते।</p><p>आईओसी-यूएसए के उपाध्यक्ष जॉर्ज अब्राहम ने कहा कि शिक्षा, रोजगार, निवेश और युवाओं के लिए अवसरों को बढ़ावा देने के प्रयासों को दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेरिका यात्रा की अनुमति दिए जाने के बावजूद तेलंगाना के मुख्यमंत्री को मंजूरी नहीं मिलने पर सवाल उठाया और इसे परेशान करने वाला स्पष्ट दोहरा मापदंड बताया।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 08:52:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/revanth-reddy-us-visit-clearance-denied-ioc-expresses-disappointment</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Japan में आए 5.9 तीव्रता के Earthquake से 23 लोग घायल, सुनामी का कोई खतरा नहीं]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/japan-earthquake-shakes-tokyo-region-injuring-twenty-three-people]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>जापान के तोक्यो समेत पूर्वी क्षेत्र में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें 23 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है।</p><p>जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र दक्षिणी इबारकी प्रांत में 70 किलोमीटर की गहराई में था। जापान का यह क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है और यहां अक्सर भूकंप आते हैं। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 5.8 दर्ज की।</p><p>प्रांतीय अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र के चार प्रांतों में कुल 23 लोग घायल हुए। इनमें साइतामा में नौ, कानागावा में नौ, चिबा में चार और इबारकी में एक व्यक्ति शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि जिस समय भूकंप आया, लोग सो रहे थे और अचानक आए तेज झटकों से घबराकर जागने के दौरान वे फर्श पर गिर पड़े या फर्नीचर और दरवाजों से टकरा गए।</p><p>‘ईस्ट जापान रेलवे कंपनी’ ने बताया कि भूकंप के कारण तोक्यो और नरीता हवाई अड्डे को जोड़ने वाली एक्सप्रेस रेल सेवाओं तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों की अन्य लोकल रेल सेवाओं के संचालन में देरी हुई। हालांकि, शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि सरकार ने संभावित नुकसान का आकलन करने के लिए एक कार्यबल का गठन किया है।</p><p>भूकंप के दौरान मोबाइल फोन पर आपातकालीन चेतावनी बजने लगी और तोक्यो में भी तेज झटके महसूस किए गए। ‘तोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी’ (तेपको) के अनुसार, भूकंप के कारण तोक्यो में करीब 460 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। हालांकि, रविवार सुबह तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।</p><p>जापान के परमाणु नियामक प्राधिकरण ने बताया कि करीब 12 परमाणु ऊर्जा संयंत्रों तथा परमाणु सामग्री के प्रबंधन वाले अन्य केंद्रों से किसी तरह की गड़बड़ी की सूचना नहीं है। पिछले महीने जापान के द्वीप क्यूशू के कुमामोटो क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 38 लोगों की मौत हो गई थी और 364 लोग घायल हुए थे। भूकंप से 1,500 से अधिक इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं और करीब 20,000 अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा था।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 08:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/japan-earthquake-shakes-tokyo-region-injuring-twenty-three-people</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Bangladesh नए Defence Pact में शामिल होने को तैयार, सऊदी-पाक-तुर्किये गठबंधन पर ढाका की नजर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/bangladesh-considers-joining-saudi-pakistan-turkiye-defence-pact]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>बांग्लादेश के दो कनिष्ठ मंत्रियों ने कहा है कि ढाका, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हाल में हुए रक्षा गठबंधन में शामिल होने पर विचार कर सकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई भी फैसला देश के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। मक्का में सात अगस्त को हुए इस समझौते में सामूहिक रक्षा का एक ढांचा तैयार किया गया है।</p><p>इसमें यह भी तय किया गया है कि अगर इन तीनों देशों में से किसी एक पर भी हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के साथ किसी आर्थिक या रक्षा ढांचे में शामिल होने की संभावना के प्रति बांग्लादेश सकारात्मक रुख रखता है। वह ऐसा अपने हितों और वैश्विक अर्थव्यवस्था व व्यापार में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए कर रहा है।</p><p>सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ की बांग्ला सेवा के साथ एक साक्षात्कार में कबीर ने शुक्रवार को कहा कि सरकार बांग्लादेश प्रथम’’ की नीति और राष्ट्रीय हितों को केंद्र में रखकर एक संतुलित विदेश नीति अपना रही है, जिसके तहत ढाका रक्षा समझौते में शामिल हो सकता है। विदेश राज्य मंत्री, शमा ओबेद इस्लाम ने मीडिया से अलग बातचीत में कबीर की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि बांग्लादेश का राष्ट्रीय हित और वहां के लोगों का हित ही इस समझौते में शामिल होने को लेकर ढाका का रुख तय करेगा। दोनों कनिष्ठ मंत्रियों की ये टिप्पणियां रहमान के वित्त और योजना सलाहकार प्रोफ़ेसर राशिद अल महमूद टिटुमीर के उस बयान के दो दिन बाद आईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश प्रथम नीति देश की विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 06:52:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/bangladesh-considers-joining-saudi-pakistan-turkiye-defence-pact</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Balochistan में हिंदू व्यापारी Rakesh Kumar की हत्या, नोश्की बाजार में हुआ हमला]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/hindu-trader-rakesh-kumar-shot-dead-in-balochistan-pakistan]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के नोश्की शहर में अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने एक हिंदू व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी। यह जानकारी शनिवार को मीडिया में आई एक खबर में दी गयी है। डॉन समाचार पत्र के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को हुई।</p><p>कुछ अज्ञात हथियारबंद लोग नोश्की बाजार के कादिराबाद स्टॉप इलाके में व्यापारी की दुकान में घुस गए। जब उसने विरोध किया, तो उन्होंने गोली चला दी और मृत व्यापारी को वहीं छोड़कर भाग गए। मृतक की पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई है।</p><p>इस बीच, खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय विधानसभा के सदस्य गुरपाल सिंह ने इस हत्या की निंदा करते हुए इसे देश-विरोधी और बलूचिस्तान विरोधी तत्वों की कायराना हरकत बताया। उन्होंने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, “हिंदू समुदाय सदियों से बलूचिस्तान का अभिन्न हिस्सा रहा है और उसने बार-बार पाकिस्तान तथा बलूचिस्तान के प्रति अपनी निष्ठा साबित की है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 23:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/hindu-trader-rakesh-kumar-shot-dead-in-balochistan-pakistan</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Russia Ukraine War में 10 लोगों की मौत, दोनों तरफ ड्रोन और मिसाइल हमले तेज]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/russia-ukraine-conflict-drone-and-missile-strikes-kill-ten]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>यूक्रेन में रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। वहीं, यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।</p><p>यह हमला यूक्रेन के एक शॉपिंग सेंटर पर हुए हमले के एक दिन बाद हुआ, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 130 लोग घायल हो गए थे। रूस की सेना ने हाल के दिनों में कीव पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन के पास अमेरिका निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा मिसाइल की लगातार कमी है और उसके शस्त्रागार में ये ही एकमात्र हथियार हैं, जो इन मिसाइल को मार गिराने में सक्षम हैं।</p><p>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि नये हमलों में राजधानी कीव में बैलिस्टिक मिसाइल के रेलवे आधारभूत ढांचे पर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने एक लोकोमोटिव डिपो को निशाना बनाया। एक अलग हमले में, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि शनिवार दोपहर कीव क्षेत्र में रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में दो व्यक्तियों की मौत हो गई।</p><p>स्थानीय अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि रूस के ड्रोन हमले में जापोरिज्जिया क्षेत्र के एक गांव में भी रात में एक व्यक्ति की मौत हुई और दिन के समय हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। जेलेंस्की ने कहा कि क्षेत्रीय राजधानी जापोरिज्जिया में एक मिनीबस पर हुए हमले में तीन लोग घायल हुए हैं। रूस के दक्षिणी क्रास्नोडार क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेन के ड्रोन हमले में दो बच्चों सहित तीन व्यक्तियों की मौत हो गई और दो वयस्क घायल हुए हैं।</p><p>ये हमले मध्य यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में शुक्रवार को रूसी ड्रोन हमले के एक दिन बाद हुए। इस हमले में एक शॉपिंग सेंटर को निशाना बनाया गया था। द्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के प्रमुख ओलेक्सांद्र हांझा ने बताया कि हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।</p><p>बाद में उन्होंने बताया कि हमले के बाद चार व्यक्ति लापता हैं, जिसमें 130 अन्य लोग घायल हुए हैं। रूसी समाचार पोर्टल ‘एस्ट्रा’ ने शनिवार को बताया कि यूक्रेन के एक ड्रोन हमले में समारा क्षेत्र में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि एक अज्ञात औद्योगिक प्रतिष्ठान और वाइल्डबेरीज की प्रतिद्वंद्वी कंपनी ओजोन के एक केंद्र को नुकसान पहुंचा है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 22:22:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/russia-ukraine-conflict-drone-and-missile-strikes-kill-ten</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Sweden School में तलवार से हमला, 17 वर्षीय छात्रा की मौत और तीन घायल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/sweden-school-sword-attack-leaves-teenager-dead-and-three-injured]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>मध्य स्वीडन के एक स्कूल में हुए जानलेवा तलवार हमले में 17 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। स्टॉकहोम के उत्तर-पश्चिम में फागरस्टा के ब्रिनेल स्कूल में शुक्रवार को कक्षाएं चलने के दौरान 18 साल के एक युवक ने तलवार से हमला कर दिया।</p><p>इस हमले में एक छात्रा की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच हत्या और हत्या की कोशिश के तौर पर की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई कारण नहीं दिखता, जिससे लगे कि इसमें और भी लोग शामिल थे।</p><p>स्वीडन की समाचार एजेंसी टीटी की खबर के अनुसार, वास्टमानलैंड काउंटी (जहां यह शहर स्थित है) ने बताया कि गंभीर रूप से घायल दो लड़कों की उम्र 12 और 17 साल है। अठारह साल से कम उम्र के एक तीसरे व्यक्ति को मामूली चोटें आईं और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पुलिस ने कहा कि हमलावर के मकसद के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 21:22:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/sweden-school-sword-attack-leaves-teenager-dead-and-three-injured</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Russia Ukraine Conflict: दोनों तरफ से हुए हमलों में पांच लोगों की मौत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/russia-ukraine-drone-and-missile-strikes-kill-five-people]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>यूक्रेन में रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र में दो अन्य लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।</p><p>यह हमला यूक्रेन के एक शॉपिंग सेंटर पर हुए हमले के एक दिन बाद हुआ, जिसमें 16 लोगों की जान गई थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि नये हमलों में राजधानी कीव में बैलिस्टिक मिसाइल के रेलवे ढांचे पर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने एक लोकोमोटिव डिपो को निशाना बनाया।</p><p>एक अलग हमले में, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि शनिवार दोपहर कीव क्षेत्र में रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। रूस की सेना ने हाल के दिनों में कीव पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन के पास अमेरिका निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा मिसाइल की लगातार कमी है और उसके शस्त्रागार में ये ही एकमात्र हथियार हैं जो इन मिसाइल को मार गिराने में सक्षम हैं।</p><p>स्थानीय अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि रूस के ड्रोन हमले में जापोरिज्जिया क्षेत्र के एक गांव में भी रात में एक व्यक्ति की मौत हुई। जेलेंस्की ने कहा कि क्षेत्रीय राजधानी जापोरिज्जिया में एक मिनीबस पर हुए हमले में तीन लोग घायल हुए हैं। रूस के दक्षिणी क्रास्नोडार क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेन के ड्रोन हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और दो वयस्क घायल हुए हैं।</p><p>ये हमले मध्य यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में शुक्रवार को रूसी ड्रोन हमले के एक दिन बाद हुए। इस हमले में एक शॉपिंग सेंटर को निशाना बनाया गया था। द्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के प्रमुख ओलेक्सांद्र हांझा ने शनिवार तड़के बताया कि हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है और नौ लोग अब भी लापता हैं।</p><p>हमले में 130 अन्य लोग घायल हुए हैं। रूसी समाचार पोर्टल ‘एस्ट्रा’ ने शनिवार को बताया कि यूक्रेन के एक ड्रोन हमले में समारा क्षेत्र में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि एक अज्ञात औद्योगिक प्रतिष्ठान और वाइल्डबेरीज की प्रतिद्वंद्वी कंपनी ओजोन के एक केंद्र को नुकसान पहुंचा है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 19:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/russia-ukraine-drone-and-missile-strikes-kill-five-people</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Russia Ukraine हमलों में चार लोगों की मौत, कीव और क्रास्नोडार में गिरे ड्रोन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/russia-ukraine-drone-attacks-kill-four-in-kyiv-and-krasnodar]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>यूक्रेन में रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र में दो अन्य लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।</p><p>यह हमला यूक्रेन के एक शॉपिंग सेंटर पर हुए हमले के एक दिन बाद हुआ, जिसमें 16 लोगों की जान गई थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि नये हमलों में राजधानी कीव में बैलिस्टिक मिसाइल के रेलवे ढांचे पर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने एक लोकोमोटिव डिपो को निशाना बनाया।</p><p>रूस की सेना ने हाल के दिनों में कीव पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन के पास अमेरिका निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा मिसाइल की लगातार कमी है और उसके शस्त्रागार में ये ही एकमात्र हथियार हैं जो इन मिसाइल को मार गिराने में सक्षम हैं। स्थानीय अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि रूस के ड्रोन हमले में जापोरिज्जिया क्षेत्र के एक गांव में भी रात में एक व्यक्ति की मौत हुई।</p><p>जेलेंस्की ने कहा कि क्षेत्रीय राजधानी जापोरिज्जिया में एक मिनीबस पर हुए हमले में तीन लोग घायल हुए हैं। रूस के दक्षिणी क्रास्नोडार क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेन के ड्रोन हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और दो वयस्क घायल हुए हैं। ये हमले मध्य यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में शुक्रवार को रूसी ड्रोन हमले के एक दिन बाद हुए।</p><p>इस हमले में एक शॉपिंग सेंटर को निशाना बनाया गया था। द्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के प्रमुख ओलेक्सांद्र हांझा ने शनिवार तड़के बताया कि हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है और नौ लोग अब भी लापता हैं। हमले में 130 अन्य लोग घायल हुए हैं।</p><p>रूसी ऑनलाइन समाचार ‘अस्त्रा’ ने शनिवार को बताया कि यूक्रेन के एक ड्रोन हमले में समारा क्षेत्र में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि एक अज्ञात औद्योगिक प्रतिष्ठान और वाइल्डबेरीज की प्रतिद्वंद्वी कंपनी ओजोन के एक लॉजिस्टिक्स केंद्र को नुकसान पहुंचा है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 16:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/russia-ukraine-drone-attacks-kill-four-in-kyiv-and-krasnodar</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Pakistan के Punjab में CTD ने पकड़े 18 संदिग्ध आतंकी, ISIS और अलकायदा से जुड़े तार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/pakistan-ctd-arrests-18-terror-suspects-across-punjab-province]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>(एम. जुल्करनैन)
लाहौर, 22 अगस्त पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पिछले एक सप्ताह के दौरान विभिन्न प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े 18 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पंजाब पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) के अनुसार, प्रांत के विभिन्न जिलों में खुफिया जानकारी के आधार पर 100 से अधिक अभियान चलाए गए।</p><p>सीटीडी ने बताया कि फैसलाबाद, सियालकोट, सरगोधा, साहिवाल, हाफिजाबाद, गुजरांवाला, भक्कर, लाहौर और मुल्तान जिलों से आईएसआईएस, अल-कायदा और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान समेत प्रतिबंधित संगठनों से संबंध रखने के आरोप में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया। संदिग्धों के पास से तीन किलोग्राम से अधिक विस्फोटक, आठ डेटोनेटर, 13.1 फुट सेफ्टी फ्यूज, 4.5 फुट ‘प्राइमा कॉर्ड’ (विस्फोट करने में इस्तेमाल होने वाला तार), चार पिस्तौल और 21 गोलियां बरामद की गईं। सीटीडी ने कहा कि ये संदिग्ध पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।</p><p>उसने कहा कि आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर लिये गए हैं और आगे की जांच जारी है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 15:22:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/pakistan-ctd-arrests-18-terror-suspects-across-punjab-province</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Russia दौरे पर EAM Jaishankar, Lavrov संग Regional-Global मुद्दों पर अहम चर्चा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/eam-jaishankar-on-russia-visit-holds-key-discussions-with-lavrov-on-regional-and-global-issues]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>विदेश मंत्री एस जयशंकर 23-24 अगस्त को रूस की दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वे अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात करेंगे और व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी। जारी बयान के अनुसार, विदेश मंत्री रूसी संघ के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर रूस का दौरा करेंगे।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/pm-modi-25-years-bjp-to-observe-seva-pakhwada-connect-with-the-public-through-a-mega-campaign" target="_blank">PM Modi के 25 साल: BJP मनाएगी 'सेवा पखवाड़ा', Mega Campaign से जनता को जोड़ेगी</a></h3><div><br></div><div>बयान में कहा गया है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 23-24 अगस्त 2026 को रूस की आधिकारिक यात्रा करेंगे। वे व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। इसमें आगे कहा गया है कि उनके और लावरोव के बीच बातचीत क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर केंद्रित होगी। रिलीज़ में कहा गया है, "दौरे के दौरान, विदेश मंत्री रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मिलेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।"</div><div><br></div><div>भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही और भरोसेमंद साझेदारी है। विदेश मंत्रालय की एक पिछली रिलीज़ में बताया गया था कि अक्टूबर 2000 में भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी घोषणापत्र पर हस्ताक्षर के बाद से, भारत-रूस संबंधों ने एक नया और बेहतर रूप ले लिया है। इसमें राजनीति, सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित लगभग सभी क्षेत्रों में सहयोग का स्तर बढ़ा है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/uproar-ahead-of-rahul-gandhi-event-at-pune-college-clash-breaks-out-abvp-and-nsui-activists" target="_blank">Pune के कॉलेज में Rahul Gandhi के कार्यक्रम से पहले बवाल, ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, 50 से अधिक पर केस दर्ज</a></h3><div><br></div><div>रणनीतिक साझेदारी के तहत, सहयोग गतिविधियों पर नियमित बातचीत और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक और आधिकारिक दोनों स्तरों पर कई संस्थागत बातचीत के तंत्र काम करते हैं। रिलीज़ के अनुसार, भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC) के दो हिस्से हैं - व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग (IRIGC-TEC), जिसकी सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव करते हैं; और सैन्य व सैन्य-तकनीकी सहयोग (IRIGC-M&amp;MTC), जिसका नेतृत्व दोनों देशों के रक्षा मंत्री करते हैं।<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 14:16:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/eam-jaishankar-on-russia-visit-holds-key-discussions-with-lavrov-on-regional-and-global-issues</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tibet पर China का नियंत्रण बढ़ा, मानवाधिकार समूह ने CTA के लिए मांगा वैश्विक सहयोग]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/tibet-faces-stricter-chinese-control-ict-urges-us-support-for-cta]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>सागर कुलकर्णी
वाशिंगटन, 22 अगस्त अमेरिका स्थित एक अधिकार समूह की हालिया रिपोर्ट में भारत स्थित निर्वासित तिब्बती सरकार को अधिक अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिए जाने की अपील करते हुए कहा गया है कि चीन तिब्बत पर अपना राजनीतिक नियंत्रण मजबूत कर रहा है और महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले पदों से तिब्बतियों को दूर रखा जा रहा है। वाशिंगटन स्थित ‘इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत’ (आईसीटी) ने अमेरिकी संसद से भारत और नेपाल में रह रहे तिब्बती समुदायों के लिए मानवीय सहायता एवं अन्य सहयोग का पूरा वित्त पोषण बहाल करने और केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) की क्षमता बढ़ाने के प्रयासों को भी समर्थन देने की अपील की। सीटीए तिब्बत की निर्वासित सरकार है और इसका मुख्यालय भारत के धर्मशाला में है।</p><p>यह दुनिया भर में तिब्बती प्रवासियों का प्रतिनिधित्व करती है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और संस्कृति के संरक्षण जैसी सामुदायिक सेवाओं का संचालन करती है। तिब्बत के आध्यात्मिक नेता 14वें दलाई लामा हैं, जबकि सिक्योंग (राष्ट्रपति) सीटीए के राजनीतिक प्रमुख होते हैं। ‘इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत’ में अनुसंधान एवं निगरानी प्रमुख भुचुंग त्सेरिंग ने मंगलवार को ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘भारत तिब्बतियों को वह आधार उपलब्ध कराता है, जिससे वे अपनी इच्छानुसार काम कर सकें।</p><p>इसी वजह से हम वहां यह आधार तैयार कर पाए हैं और उसका यहां इस्तेमाल कर रहे हैं।’’
त्सेरिंग ने कहा कि अमेरिका में तिब्बत के मुद्दे को दोनों प्रमुख दलों का समर्थन मिला है और अमेरिकी संसद में ‘अश्योरिंग द फ्यूचर ऑफ तिब्बत एक्ट’ (तिब्बत के भविष्य को सुनिश्चित करने संबंधी अधिनियम) पेश किया गया है, जिसे अभी मंजूरी मिलनी बाकी है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी संसद को दोनों दलों द्वारा समर्थित ‘अश्योरिंग द फ्यूचर ऑफ तिब्बत एक्ट’ (एएफटीए) को पारित करना चाहिए। यह सीटीए को तिब्बती लोगों के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में मान्यता देकर उसे अधिक वैधता प्रदान करता है।’’
त्सेरिंग ने यूरोपीय संघ से तिब्बत के लिए एक विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करने की भी मांग की ताकि तिब्बत को लेकर यूरोपीय संघ की नीति में बेहतर समन्वय और एकरूपता सुनिश्चित हो सके।</p><p>वाशिंगटन में मंगलवार को जारी आईसीटी की वार्षिक ‘तिब्बती नेतृत्व रिपोर्ट’ में कहा गया कि चीन नेतृत्व के पदों पर नियुक्तियों, नए कानूनों और पार्टी के निर्देशों के जरिए तिब्बत पर अपना राजनीतिक नियंत्रण और मजबूत कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि वरिष्ठ नेतृत्व के पदों पर तिब्बतियों की सार्थक भागीदारी लगातार कम बनी हुई है और इस बीच चीन तिब्बतियों को अपने में जबरन मिलाने की नीतियों को और तेजी से आगे बढ़ा रहा है। चीन तिब्बत का प्रशासन पार्टी और सरकार की केंद्रीकृत दोहरी व्यवस्था के जरिए चलाता है, जिसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष अधिकारी के पास स्थानीय तिब्बती गवर्नर से अधिक अधिकार होते हैं।</p><p>तिब्बत में 2026 में प्रांतीय और काउंटी स्तर पर पार्टी, सरकार, सुरक्षा और न्यायपालिका से जुड़े सभी 10 संस्थानों में वरिष्ठ नेतृत्व के 240 पदों में से केवल 62 पदों (25.8 प्रतिशत) पर तिब्बती थे। त्सेरिंग ने कहा, ‘‘इसके विपरीत, गैर-तिब्बतियों के पास 240 में से 178 पद (74.2 प्रतिशत) हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 14:02:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/tibet-faces-stricter-chinese-control-ict-urges-us-support-for-cta</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[US- Canada में छिड़ी 'ट्रेड वॉर'! Donald Trump के 50% टैरिफ के आगे नहीं झुके कार्नी, बातचीत तोड़ 'ईंट का जवाब पत्थर से' देने का ऐलान!]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/trade-war-erupts-between-us-and-canada-carney-refuses-to-bow-to-donald-trump-50-percent-tariff]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ जारी व्यापारिक वार्ता (Trade Talks) को अचानक रोक दिया है। शुक्रवार रात की डेडलाइन खत्म होने से ठीक पहले दोनों देशों के बीच किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी। कार्नी ने वॉशिंगटन की तरफ से कनाडाई आयात पर लगाए जाने वाले भारी शुल्क के जवाब में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि ओटावा अमेरिका के नए टैरिफ का जवाब "डॉलर-के-बदले-डॉलर" (Dollar-for-Dollar) के जवाबी टैरिफ से देगा।</div><div><br></div><div>इस फैसले की घोषणा करते हुए कार्नी ने कहा कि अमेरिका आधी रात से लगभग 28 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50% टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि कनाडा अपने कर्मचारियों और व्यवसायों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी सामान पर जवाबी टैरिफ लगाएगा।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/edmonton-gurdwara-screwdriver-attack-in-canada-two-injured" target="_blank">Canada के Edmonton Gurdwara में पेचकस से हमला, ग्रंथी समेत दो लोग घायल</a></h3><div>&nbsp;</div><div><br></div><div>दोनों देशों के बीच वाशिंगटन में तीन दिनों तक बातचीत चली, जिसका मकसद एक डील तक पहुँचना और नए टैरिफ को रोकना था। कार्नी ने कहा कि बातचीत में "महत्वपूर्ण प्रगति" हुई, लेकिन आखिरकार कोई ऐसा समझौता नहीं हो पाया जो कनाडा के लक्ष्यों को पूरा करता हो।</div><div><br></div><div>कार्नी ने कहा, "नतीजतन, आज शाम मैंने अमेरिका के साथ ट्रेड बातचीत रोकने का फैसला किया है और कनाडा के वार्ताकारों को ओटावा लौटने का निर्देश दिया है।"</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/cpi-m-leader-kk-ragesh-slams-sndp-secretary-vellappally-natesan" target="_blank">CPI M नेता KK Ragesh ने AN Shamseer पर दिए बयान के खिलाफ वेल्लापल्ली नटेसन को घेरा</a></h3><div><br></div><div><b>अमेरिका का कहना है कि कनाडा बातचीत से हट गया</b></div><div>अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने बातचीत टूटने के बारे में अलग बात कही। उन्होंने कहा कि डील की दिशा में प्रगति के बावजूद कनाडा बातचीत की मेज से हट गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ग्रीर ने कहा कि वाशिंगटन ने कनाडा को अमेरिका के किसी भी बड़े निर्यातक की तुलना में सबसे अच्छा व्यवहार देने की पेशकश की थी, लेकिन दावा किया कि ओटावा की नई मांगों और पहले किए गए वादों से पीछे हटने के कारण बातचीत के दौरान बना संतुलन बिगड़ गया।</span></div><div><br></div><div>एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि कनाडा ऐसी रियायतें मांग रहा था जिन्हें देने के लिए वाशिंगटन तैयार नहीं था, खासकर ऑटोमोटिव, स्टील, एल्युमीनियम और लकड़ी के क्षेत्रों में।</div><div><br></div><div>अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर कनाडा नए टैरिफ के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करता है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को "खेल के मैदान को फिर से बराबर करने" के विकल्प दिए जाएंगे।</div><div><br></div><div><b>नए टैरिफ आधी रात से लागू होंगे</b></div><div>अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन ने ग्रीर की ब्रीफिंग से कुछ समय पहले आयातकों के लिए गाइडेंस जारी की, जिसमें कहा गया कि कनाडा के खास उत्पादों पर टैरिफ रात 12:01 बजे के बाद लागू होंगे।</div><div><br></div><div>नए उपायों का असर कनाडा के निर्यात के अपेक्षाकृत छोटे हिस्से पर पड़ेगा, लेकिन ये स्टील, लकड़ी और ऑटोमोबाइल पर पहले से मौजूद अमेरिकी टैरिफ के अलावा होंगे। इनसे कनाडा की आर्थिक रिकवरी पर और दबाव पड़ सकता है और फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर व्यापक बातचीत मुश्किल हो सकती है।</div><div><br></div><div>ये टैरिफ उन कनाडाई सामानों पर भी लागू होंगे जो US-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट के तहत विशेष व्यवहार के पात्र हैं, जिसने कनाडा के उद्योग के एक बड़े हिस्से को पहले के अमेरिकी टैरिफ से बचाया था। ताज़ा गतिरोध के कारण दोनों पड़ोसी देशों के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है; जहाँ एक ओर वॉशिंगटन नए टैरिफ लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कनाडा जवाबी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।</div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 11:47:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/trade-war-erupts-between-us-and-canada-carney-refuses-to-bow-to-donald-trump-50-percent-tariff</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Canada के Edmonton Gurdwara में पेचकस से हमला, ग्रंथी समेत दो लोग घायल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/edmonton-gurdwara-screwdriver-attack-in-canada-two-injured]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>कनाडा में एडमंटन के एक गुरुद्वारे में 27 वर्षीय व्यक्ति ने पेचकस से हमला कर एक ग्रंथी समेत दो लोगों को घायल कर दिया। प्राधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस यह पता लगाने के लिए मामले की जांच कर रही है कि यह हमला घृणा से प्रेरित था या नहीं।</p><p>एडमंटन पुलिस सेवा (ईपीएस) ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि यह घटना शुक्रवार तड़के करीब पांच बजे (स्थानीय समयानुसार) उत्तर-पूर्वी एडमंटन स्थित नानकसर सिख गुरुद्वारे में हुई। आरोपी गुरुद्वारे में दाखिल हुआ और उसने अरदास स्थल में जाने की कोशिश की लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे रोक लिया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद झगड़ा बढ़ गया और आरोपी ने 75 और 51 वर्ष के दो लोगों पर हमला कर दिया।</p><p>पुलिस के पहुंचने से पहले वहां मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। ‘सीबीसी न्यूज’ की खबर के अनुसार, दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया और उनकी चोटें जानलेवा नहीं हैं। उसने बताया कि आरोपी भी घायल हुआ है और उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</p><p>कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस हमले की निंदा की और सिख समुदाय के प्रति एकजुटता व्यक्त की। कार्नी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज सुबह एडमंटन के नानकसर गुरुद्वारे में हुआ हमला भयावह है। घायल हुए दोनों लोगों और इस भयानक घटना से स्तब्ध पूरे समुदाय के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अपने पूजा स्थल पर किसी व्यक्ति को असुरक्षित महसूस नहीं होना चाहिए।</p><p>मैं त्वरित कार्रवाई करने के लिए एडमंटन पुलिस सेवा का धन्यवाद करता हूं।’’
‘सीबीसी न्यूज’ के अनुसार, अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने सिख समुदाय के खिलाफ शुक्रवार को हुई इस हिंसा की निंदा की और संघीय जमानत एवं पैरोल कानूनों में सुधार की मांग की। स्मिथ ने कहा, ‘‘हर व्यक्ति को अपने समुदायों में और पूजा स्थल पर सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है और हम इस अधिकार की रक्षा करते रहेंगे।’’
उन्होंने कहा कि इस हमले से यह बात और स्पष्ट होती है कि संघीय सरकार को जमानत और पैरोल कानूनों में सुधार के मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। अल्बर्टा में मुख्य विपक्षी दल के नेता नाहीद नेन्शी ने एडमंटन के गुरुद्वारे में हुई हिंसा को स्तब्ध करने वाला बताया।</p><p>उन्होंने कहा कि पूजा स्थलों पर होने वाले अपराध विशेष रूप से चिंताजनक हैं और इस घटना से सिख समुदाय के लोग सदमे में हैं। ‘ग्लोबल न्यूज’ की खबर के अनुसार, पुलिस ने बताया कि हमले से कुछ समय पहले आरोपी को राजमार्ग-15 पर वाहनों के बीच पैदल चलते देखा गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 2015 से हिंसक हमलों के कई मामले दर्ज हैं।</p><p>अधिकारियों के अनुसार, हमले से एक दिन पहले ही उसे अल्बर्टा की एक संघीय जेल से रिहा किया गया था लेकिन वह एडमंटन में उसके लिए तय ‘हाफवे हाउस’ नहीं पहुंचा। ‘हाफवे हाउस’ एक ऐसा आवासीय केंद्र होता है, जहां जेल से रिहा लोगों को समाज की मुख्यधारा में सुरक्षित तरीके से लौटने में मदद की जाती है। ईपीएस की जांच प्रतिक्रिया टीम ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और वह यह पता लगाने के लिए घृणा अपराध इकाई के साथ काम कर रही है कि हमला घृणा से प्रेरित था या नहीं।</p><p>पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ अभी आरोप तय नहीं किए गए हैं। ‘सीबीसी न्यूज’ के अनुसार, नानकसर गुरुद्वारा गुरसिख टेंपल के उपाध्यक्ष जोरा ग्रेवाल ने घायलों की पहचान गुरुद्वारे के एक ग्रंथी और लंबे समय से वहां सेवा कर रहे एक स्वयंसेवक के रूप में की। ग्रेवाल ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर पेचकस से ग्रंथी पर कई वार किए और इसके बाद बुजुर्ग स्वयंसेवक पर हमला किया।</p><p>उन्होंने कहा कि घटना में किसी सिख धर्मग्रंथ को नुकसान नहीं पहुंचा। ईपीएस प्रमुख वॉरेन ड्राइचेल ने कहा कि घटना में किसी की जान नहीं गई और न ही किसी को गंभीर चोट आई लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि इससे पीड़ितों और सिख समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे शहर में इस तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि पुलिस इस घटना और एडमंटन के सिख समुदाय की सुरक्षा को गंभीरता से ले रही है।</p><p>‘सीबीसी न्यूज’ के अनुसार, वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन ऑफ कनाडा के अध्यक्ष दानिश सिंह ने कहा, ‘‘हम कनाडा के सभी गुरुद्वारों से अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उसे मजबूत करने और सतर्क रहने का आग्रह कर रहे हैं।’’
शुक्रवार की यह घटना अल्बर्टा के दो गुरुद्वारों को धमकी भरे फोन कॉल आने के कुछ दिन बाद हुई है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 11:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/edmonton-gurdwara-screwdriver-attack-in-canada-two-injured</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Somalia में अगवा जहाजों के 22 Indian Sailors का मुद्दा भारत ने उठाया]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/india-raises-hijacking-of-22-indian-sailors-with-somalia-authorities]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत ने शुक्रवार को कहा कि उसने 22 भारतीय नाविकों वाले दो वाणिज्यिक जहाजों के अपहरण का मुद्दा सोमालिया के अधिकारियों के समक्ष उठाया है। केन्या स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एमटी सिबू पर 16 और एमवी लुतुफ पर छह भारतीय नाविकों के सवार होने की जानकारी मिली है। उच्चायोग ने कहा, सभी भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने की खबर है।</p><p>हम भारतीय नाविक समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। भारतीय मिशन ने कहा, हमने सोमालिया के संबंधित अधिकारियों के समक्ष एमटी सिबू (इरीट्रिया के ध्वज वाला) और एमवी लुतुफ (कैमरून के ध्वज वाला) जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों का मुद्दा उठाया है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 11:28:05 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/india-raises-hijacking-of-22-indian-sailors-with-somalia-authorities</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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