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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[Global Crisis में Reliance का मास्टरस्ट्रोक, नई Oil Supply रणनीति से कारोबार को दी मजबूती।]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/reliances-masterstroke-in-the-global-crisis-strengthened-business-with-new-oil-supply-strategy]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>हाल के महीनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव काफी तेज रहा है और इसका असर भारत की बड़ी कंपनियों पर भी पड़ा है। इसी बीच देश की सबसे बड़ी निजी रिफाइनरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में बदलते हालात के बीच अपनी रणनीति में लचीलापन दिखाते हुए काम जारी रखा है।</div><div><br></div><div>ईरान से जुड़े तनाव और पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण खाड़ी देशों से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई। ऐसे में कंपनी ने पारंपरिक फारस की खाड़ी के स्रोतों पर निर्भर रहने के बजाय अन्य क्षेत्रों से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की। बता दें कि गुजरात के जामनगर में स्थित दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का संचालन करने वाली कंपनी ने वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं से समझौते कर उत्पादन पर असर नहीं पड़ने दिया है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि कंपनी ने अपने निवेशकों को दी जानकारी में बताया कि फारस की खाड़ी से आने वाले लोडिंग अनुबंधों को बदलकर रिफाइनरी संचालन में कटौती से बचा गया। साथ ही, अलग-अलग देशों से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाकर आपूर्ति को संतुलित रखा गया हैं।</div><div><br></div><div>वैश्विक स्तर पर 2025-26 के दौरान कच्चे तेल की आपूर्ति उम्मीद से अधिक रही, हालांकि रूस पर अमेरिका और यूरोप के प्रतिबंधों ने कुछ समय के लिए बाजार को प्रभावित किया। इसके बावजूद ईंधन की मांग में वृद्धि और सीमित रिफाइनिंग क्षमता के कारण ईंधन मार्जिन में तेजी देखने को मिली है।</div><div><br></div><div>इन परिस्थितियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने तेजी से कदम उठाते हुए न सिर्फ कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित की, बल्कि अपनी रिफाइनरी और गैस आधारित इकाइयों के लिए लगातार आपूर्ति बनाए रखी। कंपनी ने घरेलू बाजार को प्राथमिकता देते हुए उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया और परिवहन लागत को कम करने के लिए लॉजिस्टिक्स में भी सुधार किए है।</div><div><br></div><div>मार्च तिमाही के दौरान ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां कच्चे तेल की कीमतों, माल ढुलाई और बीमा लागत में तेज वृद्धि हुई। इसके साथ ही विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू होने से घरेलू बिक्री पर मार्जिन पर दबाव बना है।</div><div><br></div><div>इन चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनी ने प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे संसाधनों का उपयोग बढ़ाकर रसोई गैस उत्पादन में वृद्धि की और प्राथमिक क्षेत्रों के लिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी। इसके अलावा ईंधन मिश्रण और बिजली उपयोग में बदलाव कर लागत को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।</div><div><br></div><div>आगे की स्थिति को लेकर कंपनी का मानना है कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक अनिश्चितता के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। हालांकि आने वाले समय में कच्चे तेल की मांग में हल्की गिरावट और सीमित नई रिफाइनिंग क्षमता के कारण बाजार संतुलन धीरे-धीरे सुधर सकता है।</div><div><br></div><div>कंपनी का कहना है कि उसकी जटिल रिफाइनिंग प्रणाली, विविध आपूर्ति रणनीति और पूरे मूल्य श्रृंखला में दक्षता बढ़ाने पर ध्यान ही भविष्य में बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने में मदद करेगा।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 22:10:50 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/reliances-masterstroke-in-the-global-crisis-strengthened-business-with-new-oil-supply-strategy</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बाजार में बिकवाली का Tsunami, निवेशकों के पैसे डूबे, Expert ने बताए ये 3 Winning Stocks]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/a-tsunami-of-selling-swept-market-sinking-investors-money-experts-reveal-these-3-winning-stocks]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>शेयर बाजार में पिछले हफ्ते जो गिरावट देखने को मिली, उसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार तीसरे सत्र तक बाजार दबाव में रहा और प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मौजूद जानकारी के अनुसार, निफ्टी 50 सूचकांक तीन सत्रों में करीब 679 अंक टूट गया, जबकि बीएसई सेंसेक्स में बुधवार से शुक्रवार के बीच 2600 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखी गई है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि बैंक निफ्टी भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा और मंगलवार के 57,371 के स्तर से गिरकर 56,089 पर बंद हुआ, यानी करीब 1300 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई हैं। सेक्टर के लिहाज से देखा जाए तो सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे ज्यादा दबाव रहा, जहां 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जबकि कमजोर माहौल के बावजूद उपभोक्ता सामान और ऊर्जा क्षेत्र में करीब 2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है।</div><div><br></div><div>जानकारों का मानना है कि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण बाजार में गिरावट आई है। बता दें कि बाजार अपने 50-दिवसीय औसत स्तर 24,300 (निफ्टी) और 78,000 (सेंसेक्स) के नीचे फिसल गया, जिसके बाद बिकवाली का दबाव और बढ़ गया है।</div><div><br></div><div>चॉइस ब्रोकिंग के कार्यकारी निदेशक सुमीत बगाड़िया के अनुसार, मौजूदा समय में बाजार का रुझान कमजोर बना हुआ है और निफ्टी 50 निकट भविष्य में 23,700 से 23,650 के स्तर का परीक्षण कर सकता है। उन्होंने बताया कि हालिया बंद स्तर 23,897 यह संकेत देता है कि बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है और निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।</div><div><br></div><div>तकनीकी विश्लेषण के आधार पर देखें तो 23,650 से 23,700 के बीच निफ्टी के लिए समर्थन स्तर है, जबकि 24,050 से 24,150 के बीच प्रतिरोध देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 50 के नीचे खिसककर 49.21 पर आ गया है, जो कमजोर गति का संकेत देता है। वहीं, अस्थिरता सूचकांक में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ रही हैं।</div><div><br></div><div>डेरिवेटिव आंकड़ों के अनुसार 24,000 और 24,100 के स्तर पर कॉल राइटिंग अधिक देखने को मिली, जबकि 23,900 और 23,800 पर पुट राइटिंग से यह संकेत मिलता है कि ये स्तर निकट भविष्य में सहारा दे सकते हैं।</div><div><br></div><div>शेयरों की बात करें तो सुमीत बगाड़िया ने भारतीय स्टेट बैंक, कोल इंडिया लिमिटेड और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है। उनके अनुसार भारतीय स्टेट बैंक का शेयर करीब 1100 के स्तर पर मजबूत आधार बना रहा है और इसमें ऊपर की तरफ बढ़त की संभावना बनी हुई हैं।</div><div><br></div><div>कोल इंडिया लिमिटेड में भी कीमतों का ढांचा सुधरता दिख रहा है और इसमें धीरे-धीरे तेजी का रुख बन सकता है, जबकि ग्रासिम इंडस्ट्रीज फिलहाल स्थिर दायरे में कारोबार कर रहा है और इसमें आगे बढ़त के संकेत मिल रहे हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 21:51:59 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/a-tsunami-of-selling-swept-market-sinking-investors-money-experts-reveal-these-3-winning-stocks</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Meta Layoffs: मार्क जुकरबर्ग के AI प्लान से संकट में 8000 Jobs, कर्मचारियों में नौकरी जाने का डर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/meta-layoffs-mark-zuckerbergs-ai-plan-threatens-8000-jobs-employees-fear-job-loss]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>इन दिनों तकनीकी क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं और इसी कड़ी में एक और बड़ी खबर सामने आई है। मेटा ने अपने कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती करने का फैसला किया है, जिससे हजारों कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी लगभग 10 प्रतिशत कर्मचारियों को हटाने जा रही है, जो करीब 8 हजार लोगों के बराबर है। यह प्रक्रिया 20 मई से शुरू होने वाली है। इसके अलावा कंपनी ने लगभग 6 हजार खाली पदों को भी खत्म करने का फैसला किया है, यानी इन पदों पर अब भर्ती नहीं की जाएगी।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि यह जानकारी कंपनी की मानव संसाधन प्रमुख जनेल गेल द्वारा आंतरिक संदेश के जरिए दी गई है। उन्होंने बताया कि यह योजना पहले ही सामने आ चुकी थी, इसलिए कर्मचारियों को स्पष्ट जानकारी देना जरूरी था।</div><div><br></div><div>बता दें कि इस फैसले के बाद कंपनी के भीतर कर्मचारियों के बीच चिंता और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। सोशल मंचों पर कई कर्मचारी मजाक और गंभीर टिप्पणियों के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, लेकिन अंदरूनी तौर पर नौकरी जाने का डर साफ नजर आ रहा है। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि अगले कुछ हफ्ते उनके लिए काफी तनावपूर्ण रहने वाले हैं।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी इस समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। कंपनी के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग पहले ही संकेत दे चुके हैं कि आने वाले समय में यही क्षेत्र कंपनी की प्राथमिकता रहेगा। इसी कारण उन पदों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, जो इस नई दिशा से जुड़े हुए हैं।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि जिन कर्मचारियों को हटाया जाएगा, उन्हें कुछ आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि वे आगे की योजना बना सकें। हालांकि इसके बावजूद कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना बनी हुई है।&nbsp;आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह बदलाव रोजगार के अवसरों को किस तरह प्रभावित करता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 21:35:37 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/meta-layoffs-mark-zuckerbergs-ai-plan-threatens-8000-jobs-employees-fear-job-loss</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Coal India का 10-साला Master Plan: 24 करोड़ टन कोयला Import Cut से देश बनेगा आत्मनिर्भर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/coal-india-aims-to-slash-243-mt-in-coal-imports]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>&nbsp;सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) कोयला आयात में 24.3 करोड़ टन कटौती करने के लि एक व्यापक 10 वर्षीय योजना बना रही है। इसके लिए घरेलू उत्पादन में वृद्धि, कोयले की गुणवत्ता में सुधार और लॉजिस्टिक लागत की समानता पर जोर दिया जाएगा। 
 एक सूत्र ने बताया कि कोयला आयात में कटौती के लक्ष्य वाले इस प्रस्तावित मसौदे में आयात का विस्तृत  फोरेंसिक ऑडिट  शामिल होगा, जिसे क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों और स्थानीय आपूर्ति को बढ़ावा देने वाली चरणबद्ध बदलाव रणनीतियों का समर्थन मिलेगा।
</p><p> इसमें कोयले की धुलाई और परिवहन को सुव्यवस्थित करने के लिए  नेशनल वॉशरी एंड लॉजिस्टिक्स ग्रिड  भी शामिल होगा, जो आपूर्ति श्रृंखला की प्रमुख बाधाओं को दूर करेगा।
 कोल इंडिया लिमिटेड घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान देती है। कंपनी इस मसौदे को तैयार करने और गैर-शुल्क बाधाओं से संबंधित उपायों का सुझाव देने के लिए एक सलाहकार की नियुक्ति करने की भी योजना बना रही है।</p><p>
 सूत्र ने आगे कहा,  कोयला क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने घरेलू उत्पादन में वृद्धि, गुणवत्ता संवर्धन और लॉजिस्टिक मूल्य समानता के माध्यम से सभी प्रतिस्थापन योग्य कोयला आयात को पूरी तरह रोकने के लिए एक व्यापक दस वर्षीय मसौदा (2026-2036) तैयार करने और उसे लागू करने की योजना बनाई है। </p><p>
 यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश का लक्ष्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, विदेशी मुद्रा की निकासी को कम करना और राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन के तहत हरित संक्रमण लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाना है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 17:50:29 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/coal-india-aims-to-slash-243-mt-in-coal-imports</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Bank Employees की बढ़ेगी सैलरी! Modi Government का आदेश- समय पर पूरा हो Wage Revision]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/govt-sets-12-month-deadline-for-psb-wage-revision]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) से 13वें द्विपक्षीय वेतन समझौते के लिए बातचीत की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से शुरू करने और इसे अगले 12 महीनों में अंतिम रूप देने को कहा है।
 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए वेतन संशोधन एक नवंबर 2027 से देय होगा।
 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों सहित वित्तीय संस्थान अपने कर्मचारियों के वेतन का संशोधन हर पांच वर्ष में करते हैं। </p><p>इस प्रक्रिया के तहत भारतीय बैंक संघ (आईबीए) कर्मचारी संगठनों और संघों के साथ बातचीत कर सहमति से वेतन समझौता करता है।
 वित्तीय सेवा विभाग ने एक पत्र के माध्यम से बैंकों के प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे आगामी वेतन संशोधन के लिए बातचीत शुरू करने के आवश्यक कदम उठाएं। बीस अप्रैल के इस पत्र में कहा गया है कि बातचीत की प्रक्रिया अधिकतम 12 महीनों में पूरी कर ली जानी चाहिए।
</p><p> पिछले समझौते से पहले वित्त मंत्रालय ने आईबीए से कहा था कि भविष्य में सभी वेतन वार्ताएं निर्धारित अवधि से पहले ही पूरी कर ली जाएं, ताकि संशोधित वेतन समय पर लागू किया जा सके।
 पत्र में यह भी कहा गया कि पूर्व में समझौतों के बाद नियमों में आवश्यक संशोधन करने में काफी देरी हुई है। </p><p>इसलिए इस बार यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित नियमों में बदलाव अगले वेतन समझौते की निर्धारित तिथि से पहले ही पूरे कर लिए जाएं।
 सरकार ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और कर्मचारियों को उचित वेतन मिलने से उनका मनोबल ऊंचा बना रहता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 14:15:03 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/govt-sets-12-month-deadline-for-psb-wage-revision</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Indian Startups के लिए Funding का नया रास्ता खुला, Government ने जारी की Fund of Funds की नई पॉलिसी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/new-avenue-of-funding-opened-for-indian-startups-with-govt-releasing-a-new-fund-of-funds-policy]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>सरकार ने शनिवार को स्टार्टअप के लिए 10,000 करोड़ रुपये की  फंड ऑफ फंड्स  (एफओएफ) योजना के दूसरे चरण को लागू करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए।
 वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि इन दिशानिर्देशों में फंड जारी करने और निगरानी की व्यवस्था शामिल है, जिनका मकसद भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में पूंजी प्रवाह की दक्षता में सुधार करना है।
</p><p> इस योजना को सेबी के साथ पंजीकृत श्रेणी-1 और श्रेणी-2 के वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) के माध्यम से लागू किया जाएगा, जो डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में निवेश करेंगे।
 मंत्रालय ने कहा,  इससे अनुशासित पूंजी आवंटन, निजी निवेश को बढ़ावा मिलने और विभिन्न क्षेत्रों, चरणों एवं भौगोलिक क्षेत्रों में वित्तपोषण तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित होने की उम्मीद है। 
 भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) प्रारंभिक कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 10:08:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/new-avenue-of-funding-opened-for-indian-startups-with-govt-releasing-a-new-fund-of-funds-policy</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Gurugram के Food Lovers के लिए खुशखबरी, Aditya Birla Group ला रहा है फेमस Italian Restaurant CinCin]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/good-news-for-gurugram-aditya-birla-group-is-bringing-back-the-famous-italian-restaurant-cincin]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आदित्य बिड़ला समूह की आतिथ्य इकाई आदित्य बिड़ला न्यू एज हॉस्पिटैलिटी अपने विस्तार के तहत इटैलियन रेस्तरां ‘सिनसिन’ को गुरुग्राम में शुरू करेगी।
 ‘सिनसिन’ की शुरुआत पहले मुंबई में की गई थी।</p><p>
 आदित्य बिड़ला न्यू एज हॉस्पिटैलिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) उदय पिन्नाली ने कहा, “सिनसिन हमारे पोर्टफोलियो के सबसे पसंदीदा ब्रांडों में से एक रहा है, जो युवा ऊर्जा, सामाजिक माहौल और मजबूत व्यंजन परंपरा से जुड़ा है। यह पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़कर सांस्कृतिक रूप से जुड़े भोजन स्थलों के निर्माण की हमारी सोच को दर्शाता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 09:51:14 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/good-news-for-gurugram-aditya-birla-group-is-bringing-back-the-famous-italian-restaurant-cincin</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Jyotiraditya Scindia का बड़ा ऐलान, MP के कोलारस में Adani Group लगाएगा 2500 करोड़ का Defence Plant]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/jyotiraditya-scindia-announcement-adani-group-to-set-up-a-2500-crore-defence-plant-in-kolaras-mp]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र के कोलारस में अदाणी समूह 2,500 करोड़ रुपये की लागत से रक्षा उपकरण विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगा।
 संचार मंत्री सिंधिया ने शिवपुरी-कोलारस क्षेत्र के दौरे के दौरान कहा कि इस संयंत्र से लगभग 2,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
</p><p> उन्होंने कहा कि यह संयंत्र यहां से करीब 70 किलोमीटर दूर कोलारस के पास कोटा हाईवे और मुंबई-ग्वालियर हाईवे के जंक्शन पर अगले दो महीनों में स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही औद्योगिक विकास की मांग पूरी होगी।
</p><p> सिंधिया ने कहा कि इस इकाई में निर्मित रक्षा उपकरण देश की सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान देंगे।
 उन्होंने कहा, ‘‘कृषि और टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध कोलारस अब देश की रक्षा शक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 09:39:36 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/jyotiraditya-scindia-announcement-adani-group-to-set-up-a-2500-crore-defence-plant-in-kolaras-mp</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[आसमान में सुरक्षा पर संकट? ATC के निजीकरण के खिलाफ AAI Engineers, मंत्री को लिखी चिट्ठी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/aai-engineers-flag-risks-in-atc-privatization-plan]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>&nbsp;भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरों के निकाय एटीसेपा ने हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) सेवाओं के प्रस्तावित निजीकरण पर चिंता जताई की है।
 निकाय का कहना है कि एक स्वायत्त नियामक संस्था स्थापित किए बिना प्राधिकरण से नियंत्रण हटाना एक ऐसा नीतिगत निर्णय माना जा सकता है, जो भारत की राष्ट्रीय रणनीतिक क्षमताओं को कमजोर करता है।
 नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू को 23 अप्रैल को लिखे पत्र में, एयर ट्रैफिक सेफ्टी इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल एसोसिएशन (इंडिया) के महासचिव वाई पी गौतम ने कहा कि इस मामले पर उच्चतम नीतिगत स्तर पर तत्काल पुनर्विचार की आवश्यकता है।</p><p>
 उन्होंने कहा,  एक स्वतंत्र एयर नेविगेशन सर्विसेज (एएनएस) संरचना को लागू किए बिना हवाई यातायात नियंत्रण सेवाओं में निजी भागीदारी शुरू करने के प्रस्ताव को गंभीर चिंता के साथ देखा जा रहा है। 
 उन्होंने कहा,  एक स्वायत्त एएनएस इकाई की अनुपस्थिति में निजीकरण के साथ आगे बढ़ना एक ऐसे नीतिगत निर्णय के रूप में देखा जाएगा, जो मौजूदा राष्ट्रीय क्षमता को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर करता है।</p><p> 
 एसोसिएशन ने कहा कि ऐसी प्रणाली बनाना, जहां एएनएस एक निर्भर आंतरिक इकाई बनी रहे और निजी संस्थाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करे, जानबूझकर पैदा किया गया एक संस्थागत नुकसान माना जाएगा। इसमें आगे कहा गया कि सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में एटीसी सेवाओं का विखंडन जवाबदेही, एकरूपता और परिचालन अखंडता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 18:09:14 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/aai-engineers-flag-risks-in-atc-privatization-plan</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Heatwave का प्रचंड असर, AC-Cooler ने बढ़ाया Load, बिजली की मांग 252 GW के नए शिखर पर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/india-power-demand-hits-record-252-gw-amid-heatwave]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भीषण गर्मी के बीच कूलिंग उपकरणों, जैसे एयर कंडीशनर और कूलर के बढ़ते उपयोग के कारण देश में बिजली की अधिकतम मांग शुक्रवार को रिकॉर्ड स्तर 252.07 गीगावाट पर पहुंच गई, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
 बिजली मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले मई 2024 में अधिकतम बिजली मांग 250 गीगावाट दर्ज की गई थी।
 मंत्रालय के अनुसार, 24 अप्रैल को देश की अधिकतम बिजली मांग 252.07 गीगावाट रही, जबकि 23 अप्रैल को यह 240.12 गीगावाट और 22 अप्रैल को 239.70 गीगावाट दर्ज की गई थी।
</p><p> सरकार ने इस गर्मी के मौसम में अधिकतम बिजली मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया था, हालांकि अब तक वास्तविक मांग इस अनुमान से कम रही है।
 पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में अधिकतम बिजली मांग जून 2025 में 242.77 गीगावाट दर्ज की गई थी, जबकि अप्रैल 2025 में यह 235.32 गीगावाट रही थी।
</p><p> विशेषज्ञों का कहना है कि देश में गर्मी बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग आगे और बढ़ सकती है।
 भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्सों में इस सप्ताहांत तक लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 17:59:02 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/india-power-demand-hits-record-252-gw-amid-heatwave</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[RBI का बड़ा एक्शन: Paytm Payments Bank का बैंकिंग License तत्काल प्रभाव से रद्द]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/paytm-bank-license-cancelled-for-non-compliance]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>&nbsp;भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पेमेंट्स बैंक नियमों का पालन न करने के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया।
 आरबीआई ने कहा कि बैंक का संचालन ऐसे तरीके से किया जा रहा था, जो उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक था।
 केंद्रीय बैंक ने बताया कि वह बैंक को बंद करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेगा।
 आरबीआई ने कहा कि बैंक ने उसे दिए गए पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है।
</p><p> पेटीएम पेमेंट्स बैंक पहले भी कई मौकों पर नियामक जांच के दायरे में आ चुका है।
 मार्च 2022 में केंद्रीय बैंक ने इसे नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया था।
 आरबीआई ने कहा कि बैंक का लाइसेंस शुक्रवार को कारोबार समाप्त होने के बाद से रद्द कर दिया गया है। साथ ही, बैंक के पास इतनी नकदी है कि बंद होने की स्थिति में वह अपने सभी जमाकर्ताओं का पैसा वापस कर सकेगा।
</p><p> भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा, “बैंक के प्रबंधन का सामान्य स्वरूप जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित के लिए हानिकारक है। ऐसे में बैंक को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।”
 आरबीआई के अनुसार, बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के कुछ प्रावधानों का भी पालन नहीं कर रहा था। बयान के अनुसार अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक को तत्काल प्रभाव से बैंकिंग से जुड़े किसी भी कार्य को करने से रोक दिया गया है।
 पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने 23 मई 2017 से पेमेंट्स बैंक के रूप में काम करना शुरू किया था।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 12:25:32 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/paytm-bank-license-cancelled-for-non-compliance</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Reliance-Disney Merger का बड़ा असर, JioStar ने कमाया ₹419 करोड़ का Net Profit, रेवेन्यू 36,000 करोड़ पार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/reliance-disney-merger-has-a-major-impact-jiostar-earns-inr-419-crore-net-profit]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>मीडिया और मनोरंजन मंच जियोस्टार ने शुक्रवार को कहा कि मार्च तिमाही के दौरान उससे 9,784 करोड़ रुपये का सकल राजस्व और 419 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। 
 रिलायंस के मीडिया व्यवसाय और वैश्विक मीडिया दिग्गज वॉल्ट डिज्नी के भारतीय व्यवसाय के विलय के बाद बने संयुक्त उद्यम जियोस्टार का वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक सकल राजस्व 36,248 करोड़ रुपये रहा।
</p><p> रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के अनुसार जियोस्टार की सदस्यता राजस्व वृद्धि पूरे वर्ष डिजिटल और टीवी दोनों में मजबूत रही।
 बयान में कहा गया कि यह वृद्धि खेल कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला और प्रमुख मनोरंजन फ्रेंचाइजी में रिकॉर्ड जुड़ाव के कारण हुई है।
</p><p> इस संयुक्त उद्यम के पास अधिकांश प्रमुख क्रिकेट प्रसारण अधिकार हैं और उसने तिमाही के दौरान औसतन 50 करोड़ मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता दर्ज किए। टी20 पुरुष क्रिकेट विश्व कप फाइनल के दौरान रिकॉर्ड 7.25 करोड़ लोगों ने एक साथ इसे देखा।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:38:40 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/reliance-disney-merger-has-a-major-impact-jiostar-earns-inr-419-crore-net-profit</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[New Zealand के PM Christopher Luxon का बड़ा ऐलान, 27 अप्रैल को India के साथ FTA पर होंगे दस्तखत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/big-announcement-by-new-zealand-pm-christopher-luxon-fta-will-be-signed-with-india-on-27th-april]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शुक्रवार को बताया कि भारत और न्यूजीलैंड 27 अप्रैल को नयी दिल्ली में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे।
 इस समझौते का उद्देश्य घरेलू निर्यातकों के सामान को द्वीप राष्ट्र के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करना है। इसके तहत अगले 15 वर्षों में करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की संभावना जताई गई है।</p><p>
 लक्सन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा,  हम सोमवार को भारत के साथ अपना मुक्त व्यापार समझौता हस्ताक्षर करेंगे। 
 दोनों देशों ने पिछले वर्ष 22 दिसंबर को इस व्यापार समझौते की वार्ता पूरी होने की घोषणा की थी। इसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को पांच अरब डॉलर तक दोगुना करना है।
</p><p> समझौते के तहत भारत को अपने 100 प्रतिशत निर्यात पर न्यूजीलैंड में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि भारत में न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त या कम किए जाएंगे। इनमें ऊन, कोयला, लकड़ी, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे उत्पाद शामिल हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/big-announcement-by-new-zealand-pm-christopher-luxon-fta-will-be-signed-with-india-on-27th-april</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Paytm पर RBI का बड़ा एक्शन, Payments Bank का License Cancel, जानें App और UPI का क्या होगा?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/rbi-takes-action-against-paytm-cancels-payments-bank-license-what-will-happen-to-app-and-upi]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पेमेंट्स बैंक नियमों का पालन न करने के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया।
 आरबीआई ने कहा कि बैंक का संचालन ऐसे तरीके से किया जा रहा था, जो उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक था।
 केंद्रीय बैंक ने बताया कि वह बैंक को बंद करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेगा।
 आरबीआई ने कहा कि बैंक ने उसे दिए गए पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है।</p><p>
 पेटीएम पेमेंट्स बैंक पहले भी कई मौकों पर नियामक जांच के दायरे में आ चुका है।
 मार्च 2022 में केंद्रीय बैंक ने इसे नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया था।
 आरबीआई ने कहा कि बैंक का लाइसेंस शुक्रवार को कारोबार समाप्त होने के बाद से रद्द कर दिया गया है। साथ ही, बैंक के पास इतनी नकदी है कि बंद होने की स्थिति में वह अपने सभी जमाकर्ताओं का पैसा वापस कर सकेगा।
 भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा, “बैंक के प्रबंधन का सामान्य स्वरूप जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित के लिए हानिकारक है।</p><p> ऐसे में बैंक को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।”
 आरबीआई के अनुसार, बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के कुछ प्रावधानों का भी पालन नहीं कर रहा था। बयान के अनुसार अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक को तत्काल प्रभाव से बैंकिंग से जुड़े किसी भी कार्य को करने से रोक दिया गया है।
 पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने 23 मई 2017 से पेमेंट्स बैंक के रूप में काम करना शुरू किया था।
 पेटीएम ने एक मार्च, 2024 के खुलासे का हवाला देते हुए शेयर बाजार को बताया कि उसका पीपीबीएल के साथ कोई महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौता नहीं है।
 इसके मुताबिक,  कंपनी द्वारा दी जाने वाली कोई भी सेवा पीपीबीएल के साथ साझेदारी में नहीं है। इसके अतिरिक्त, पीपीबीएल स्वतंत्र रूप से संचालित होता है, जिसमें कंपनी की कोई बोर्ड या प्रबंधन भागीदारी नहीं है। </p><p>कंपनी पर इसका कोई प्रत्यक्ष वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि कंपनी पहले ही अपने निवेश को बट्टे खाते में डाल चुकी है। 
 पेटीएम ने कहा कि उसकी सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। इन सेवाओं में पेटीएम ऐप, पेटीएम यूपीआई, पेटीएम गोल्ड और उसकी सहायक एवं सहयोगी कंपनियों द्वारा दी जाने वाली अन्य सेवाएं जैसे पेटीएम क्यूआर, साउंडबॉक्स, कार्ड मशीन, पेमेंट गेटवे और पेटीएम मनी आदि शामिल हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:21:33 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/rbi-takes-action-against-paytm-cancels-payments-bank-license-what-will-happen-to-app-and-upi</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tech कंपनियों का नया Formula: AI पर बड़ा दांव, Meta-Oracle में हजारों कर्मचारियों की छुट्टी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/tech-companies-new-formula-big-bet-on-ai-thousands-of-employees-laid-off-at-meta-oracle]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>वैश्विक टेक उद्योग में एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। एक तरफ बड़ी कंपनियां भविष्य की तकनीकों, खासकर एआई&nbsp;पर भारी निवेश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ हजारों कर्मचारियों की नौकरियां जा रही हैं। बता दें कि पिछले एक महीने में ही कई बड़ी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी या स्वैच्छिक निकासी योजनाएं लागू की हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, मेटा, ओरेकल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों ने मिलकर करीब 46 हजार से अधिक कर्मचारियों को प्रभावित किया है। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय पर उठाए गए हैं जब ये कंपनियां अपने विस्तार और नवाचार की योजनाओं पर जोर दे रही है।</div><div><br></div><div>मेटा ने अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 10 प्रतिशत तक कटौती करने की योजना बनाई है, जो करीब 8 हजार नौकरियों के बराबर है। साथ ही कंपनी ने कई नई भर्तियों को भी रोक दिया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग पहले ही संकेत दे चुके हैं कि आने वाले समय में एआई काम करने के तरीकों को पूरी तरह बदल सकती है। इसी दिशा में कंपनी इस वर्ष बड़े स्तर पर निवेश कर रही है।</div><div><br></div><div>वहीं ओरेकल में छंटनी का असर और ज्यादा व्यापक बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां लगभग 30 हजार कर्मचारियों पर असर पड़ा है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अचानक सूचना दी गई, जिससे असंतोष भी देखने को मिला है। कई कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं थी और इसमें तकनीकी आधार का उपयोग किया गया है।</div><div><br></div><div>दूसरी ओर माइक्रोसॉफ्ट ने सीधे छंटनी की बजाय एक अलग तरीका अपनाया है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को स्वैच्छिक निकासी का विकल्प दिया है, जिसके तहत वे आर्थिक सहायता के साथ नौकरी छोड़ सकते हैं। यह कदम भी कंपनी के बदलते कारोबारी ढांचे और एआई&nbsp;में बढ़ते निवेश से जुड़ा माना जा रहा है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि तकनीकी क्षेत्र में यह बदलाव केवल नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि काम करने के तरीके और कौशल की मांग भी तेजी से बदल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम करने के मॉडल की ओर बढ़ सकती हैं, जहां स्वचालन और एआई&nbsp;की भूमिका अहम होगी।</div><div><br></div><div>यह दौर तकनीकी उद्योग के लिए बदलाव का संकेत दे रहा है, जहां एक ओर भविष्य की तकनीकों पर फोकस बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक नौकरियों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में कर्मचारियों के सामने नई चुनौतियां और अवसर दोनों मौजूद है।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 23:06:46 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/tech-companies-new-formula-big-bet-on-ai-thousands-of-employees-laid-off-at-meta-oracle</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Indian Economy की ऊंची उड़ान पर ब्रेक! Bernstein ने Jobs, Innovation पर उठाए गंभीर सवाल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/indian-economys-soaring-fortunes-are-on-hold-bernstein-raises-questions-about-jobs-and-innovation]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>देश की विकास यात्रा को लेकर एक नई बहस सामने आई हैं। जहां एक तरफ भारत तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी जगह मजबूत कर रहा है, वहीं कुछ चुनौतियां भी लगातार ध्यान खींच रही हैं।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, वैश्विक ब्रोकरेज संस्था बर्नस्टीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर रोजगार, निवेश और सब्सिडी से जुड़े ढांचागत मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भारत अपनी पूरी आर्थिक क्षमता हासिल करने से चूक सकता हैं।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि यह पत्र ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में ऊपर पहुंचा है, लेकिन रोजगार, नवाचार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, इस रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव को लेकर जताई गई है। पिछले दो दशकों में भारत की अर्थव्यवस्था सेवा क्षेत्र पर आधारित रही है, जहां बड़ी संख्या में लोग सूचना प्रौद्योगिकी, कॉल सेंटर और अन्य सेवाओं में काम करते रहे हैं। इस वर्ग ने देश के मध्यम वर्ग को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई हैं।</div><div><br></div><div>हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग से इन नौकरियों पर खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि इनमें से कई काम स्वचालन के दायरे में आ सकते हैं। बता दें कि इस क्षेत्र में असली मूल्य सृजन अभी भी अमेरिका और चीन जैसे देशों के पास केंद्रित है, जिससे भारत को भविष्य में सीमित लाभ मिलने की आशंका जताई गई है।</div><div><br></div><div>इसके अलावा रिपोर्ट में राज्यों द्वारा बढ़ती नकद सहायता योजनाओं पर भी चिंता जताई गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, इन योजनाओं पर हर साल भारी खर्च हो रहा है, जिससे विकास के लिए जरूरी निवेश पर असर पड़ सकता है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना, महाराष्ट्र और बिहार की अन्य योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि ये योजनाएं लोगों को राहत जरूर देती हैं, लेकिन लंबे समय में यह आर्थिक संसाधनों पर दबाव डाल सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यही धन अगर बुनियादी ढांचे, शिक्षा या अनुसंधान में लगाया जाए तो बेहतर नतीजे मिल सकते है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, रिपोर्ट ने नवाचार के क्षेत्र में भी भारत की कमजोर स्थिति की ओर इशारा किया है। देश का अनुसंधान और विकास पर खर्च अभी भी वैश्विक मानकों से काफी कम है, जिससे नई तकनीकों में आगे बढ़ने की गति धीमी पड़ सकती है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए नीतियों में संतुलन बनाना होगा। सिर्फ मौजूदा सफलता पर निर्भर रहने के बजाय दीर्घकालिक सुधारों पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि देश वैश्विक बदलावों के साथ कदम मिला सके हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 22:48:33 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/indian-economys-soaring-fortunes-are-on-hold-bernstein-raises-questions-about-jobs-and-innovation</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Hindustan Zinc के बंपर नतीजे: Revenue 49% बढ़ा, कंपनी ने कमाया ₹5000 करोड़ का Profit]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/hindustan-zincs-bumper-results-revenue-increased-by-49-company-earned-a-profit-of-?5000-crore]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>आज शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल जरूर दिखाई दिया, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच हिंदुस्तान जिंक के तिमाही नतीजे सामने आने के बाद कंपनी की चर्चा तेज हो गई है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार दबाव में कारोबार करता दिखाई दिया। निफ्टी 50 में गिरावट दर्ज की गई, वहीं सेंसेक्स भी कमजोर रुख में नजर आया। हालांकि बाजार की इस कमजोरी के बीच हिंदुस्तान जिंक ने अपने चौथी तिमाही के नतीजों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि हिंदुस्तान जिंक की आय चौथी तिमाही में 13,544 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 49 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। कंपनी की आय में यह बढ़ोतरी जिंक और चांदी की ऊंची कीमतों, बेहतर बिक्री और सहायक उत्पादों से हुई कमाई की वजह से दर्ज की गई है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, कंपनी का परिचालन लाभ 7,747 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सालाना आधार पर 61 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई हैं। कंपनी का लाभ अनुपात भी मजबूत बना रहा, जिससे यह साफ हुआ कि लागत नियंत्रण और बेहतर उत्पादन का फायदा कंपनी को मिला है।</div><div><br></div><div>बता दें कि कंपनी का शुद्ध लाभ 5,033 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 68 प्रतिशत अधिक रहा हैं। यह कंपनी के लिए एक रिकॉर्ड तिमाही मानी जा रही है, जिसने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है।</div><div><br></div><div>उत्पादन के मोर्चे पर भी कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, तिमाही के दौरान खनन धातु उत्पादन 315 किलो टन और शुद्ध धातु उत्पादन 282 किलो टन रहा हैं। वहीं चांदी का उत्पादन 176 टन तक पहुंचा, जिससे कंपनी की कमाई में अहम योगदान मिला है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय 40,844 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक हैं। पूरे साल का शुद्ध लाभ 13,832 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिसमें 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, हिंदुस्तान जिंक के पास 468.6 मिलियन टन खनिज भंडार मौजूद हैं, जिससे आने वाले 25 वर्षों से अधिक समय तक उत्पादन की संभावना बनी हुई हैं। कंपनी भारत में जिंक उत्पादन में मजबूत स्थिति रखती है और दुनिया के बड़े चांदी उत्पादकों में भी शामिल मानी जाती है।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 22:26:13 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/hindustan-zincs-bumper-results-revenue-increased-by-49-company-earned-a-profit-of-?5000-crore</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[अमेरिका में Layoff का दौर जारी, अब Big Four कंपनी KPMG ने 10% पार्टनर्स को निकाला]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/layoffs-continue-in-the-us-with-big-four-firm-kpmg-laying-off-10-of-its-partners]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>केपीएमजी ने अपने अमेरिका स्थित लेखा जांच विभाग में करीब 10 प्रतिशत साझेदारों की संख्या घटाने का निर्णय लिया हैं। यह फैसला उस समय लिया गया जब पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के प्रयास उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो पाए थे।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि कंपनी ने यह जानकारी आंतरिक बैठक में अपने कर्मचारियों को दी, जहां बताया गया कि मौजूदा कारोबार के मुकाबले साझेदारों की संख्या अधिक हो गई है। बता दें कि केपीएमजी दुनिया की चार बड़ी लेखा कंपनियों में शामिल है, जिनमें डेलॉयट, अर्न्स्ट एंड यंग और प्राइसवॉटरहाउसकूपर्स भी शामिल है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, केपीएमजी के लेखा जांच और आश्वासन विभाग में करीब 1400 साझेदार और प्रबंध निदेशक कार्यरत हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी कई वर्षों से वरिष्ठ अधिकारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए प्रोत्साहित कर रही थी, लेकिन इसमें पर्याप्त संख्या में लोग शामिल नहीं हुए, जिसके चलते अब सीधे तौर पर यह कदम उठाना पड़ा है।</div><div><br></div><div>बताया जा रहा है कि इस निर्णय से कई दर्जन साझेदार प्रभावित हो सकते हैं और उन्हें उसी दिन इसकी सूचना भी दे दी गई थी। हालांकि कंपनी ने प्रभावित लोगों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की हैं।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि कंपनी ने इसे अपनी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम टीम के आकार, संरचना और कौशल को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दी जा सकें और बाजार की जरूरतों के अनुरूप बदलाव किया जा सके।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, जिन कर्मचारियों को हटाया जा रहा है, उन्हें आर्थिक सहायता और नई भूमिका में जाने के लिए सहयोग भी दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह कदम उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 22:13:32 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/layoffs-continue-in-the-us-with-big-four-firm-kpmg-laying-off-10-of-its-partners</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Heatwave का प्रचंड अटैक, April में Power Demand ने तोड़ा रिकॉर्ड, खपत 240 GW के पार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/india-power-demand-hits-240-gw-amid-april-heatwave]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>&nbsp;देश में बिजली की अधिकतम मांग बढ़ते तापमान के कारण कूलर और एयर कंडीशनर जैसे शीतलन उपकरणों के अधिक इस्तेमाल के मद्देनजर बृहस्पतिवार को इस मौसम में सर्वाधिक स्तर 240 गीगावाट के पार पहुंच गई।
 देश में पूरी की गई अधिकतम बिजली मांग (एक दिन में सबसे अधिक आपूर्ति) 23 अप्रैल को 240.12 गीगावाट दर्ज की गई, जो 22 अप्रैल के 239.70 गीगावाट से थोड़ी अधिक है और इस मौसम की सर्वाधिक है।</p><p>
 विशेषज्ञों के अनुसार, देश में तापमान बढ़ने और लू के कारण अधिकतम बिजली मांग जल्द ही सितंबर 2023 में दर्ज 243.27 गीगावाट के दूसरे सबसे ऊंचे स्तर को पार कर सकती है।
 मई 2024 में अधिकतम बिजली मांग लगभग 250 गीगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। इससे पहले सितंबर 2023 में 243.27 गीगावाट का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था।
</p><p> पिछले वर्ष बिजली की अधिकतम मांग जून में 242.77 गीगावाट दर्ज की गई थी।
 आंकड़ों के अनुसार, इस महीने के पहले पखवाड़े में अधिकतम बिजली मांग अपेक्षाकृत कम रही और यह पिछले वर्ष अप्रैल के औसत 235.32 गीगावाट से नीचे बनी रही। इस वर्ष 16 अप्रैल को अधिकतम पूरी की गई बिजली मांग 234.81 गीगावाट दर्ज की गई थी जबकि अगले दिन यह बढ़कर 238.94 गीगावाट हो गई। </p><p>18 अप्रैल को मांग लगभग इसी स्तर पर 238.80 गीगावाट रही लेकिन 19 अप्रैल को घटकर 225.69 गीगावाट हो गई। इसके बाद 20 अप्रैल को फिर बढ़कर 237.43 गीगावाट पहुंच गई। 21 अप्रैल को यह घटकर 236.73 गीगावाट रह गई थी।
 विशेषज्ञों का मानना है कि देश में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग और खपत और बढ़ेगी क्योंकि घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं द्वारा एयर कंडीशनर, एयर कूलर तथा अन्य उपकरणों का उपयोग अधिक होगा।
</p><p> भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले चार-पांच दिन उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकतर हिस्सों में लू चलने के आसार हैं।
 पिछली गर्मियों (अप्रैल 2025 के बाद से) के दौरान जून में अधिकतम बिजली मांग 242.77 गीगावाट तक पहुंची थी। हालांकि यह सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम थी।
 विद्युत मंत्रालय ने इस वर्ष गर्मियों के दौरान अधिकतम बिजली मांग के करीब 270 गीगावाट रहने का अनुमान लगाया है।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 17:52:39 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/india-power-demand-hits-240-gw-amid-april-heatwave</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Vodafone Idea यूजर्स को राहत! CEO ने कहा- अभी नहीं होगा कोई बड़ा Mobile Tariff Hike]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/vi-rules-out-major-telecom-tariff-hike-ceo]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) की फिलहाल मोबाइल शुल्क दरों में व्यापक बढ़ोतरी की योजना नहीं है लेकिन वह मौजूदा दरों में मामूली संशोधन कर सकती है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
 वोडाफोन आइडिया का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अन्य दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने हाल ही में प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज प्लान की दरों में करीब चार-पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। ऐसी स्थिति में विश्लेषकों ने चालू वर्ष की पहली छमाही में शुल्क दरों में लगभग 15 प्रतिशत तक वृद्धि की आशंका जताई है।</p><p>
 वीआईएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अभिजीत किशोर ने ‘सीओएआई डिजीकॉम समिट 2026’ के दौरान संवाददाताओं से कहा, “दरों में कुछ मामूली सुधार होंगे, लेकिन आमतौर पर होने वाली व्यापक ढांचा-आधारित बढ़ोतरी फिलहाल नहीं होगी।”
 उन्होंने कहा कि सरकार कंपनी में लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ एक महत्वपूर्ण शेयरधारक है और इससे कंपनी को भरोसा मिला है।
 वीआईएल पिछले कुछ वर्षों से लगातार आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है।</p><p> इस बीच सरकार ने बकाया राजस्व के एवज में इसमें हिस्सेदारी ली है।
 किशोर ने कहा कि कंपनी का ध्यान अपने प्रदर्शन में सुधार पर है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में ग्राहकों की संख्या में सुधार के संकेत मिले हैं।
 भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वोडाफोन आइडिया ने मार्च में एक लाख से अधिक मोबाइल ग्राहकों को जोड़ा है, जो पिछले कुछ वर्षों में ग्राहक आधार में लगातार आ रही गिरावट के बाद सुधार को दर्शाता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 14:29:31 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/vi-rules-out-major-telecom-tariff-hike-ceo</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बैंकिंग सुरक्षा पर 'Claude Mythos' का साया! वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग, साइबर युद्ध की तैयारी!]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/finance-minister-nirmala-sitharaman-convenes-high-level-meeting-preparing-for-cyber-warfare]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><div>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को देश के प्रमुख सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बैंकों के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा था—Anthropic Mythos AI से भारतीय बैंकिंग प्रणालियों को होने वाले संभावित खतरों का आकलन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।</div><div><br></div><div><b>क्या है Claude Mythos और यह इतना खतरनाक क्यों है?</b></div><div>Anthropic (एक प्रमुख AI स्टार्टअप) द्वारा विकसित Claude Mythos को दुनिया का सबसे उन्नत और 'खतरनाक' साइबर सुरक्षा मॉडल माना जा रहा है। इसकी क्षमताओं का अंदाजा आप इन बिंदुओं से लगा सकते हैं:</div><div><br></div><div><b>अजेय हैकिंग क्षमता:</b> Mythos ने सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐसी हज़ारों सुरक्षा खामियां (Vulnerabilities) ढूंढ निकाली हैं, जिन्हें इंसान 27 सालों में नहीं खोज पाए थे।</div><div><br></div><div><b>आम पहुंच से बाहर:</b> Anthropic ने खुद माना है कि यह मॉडल इतना शक्तिशाली है कि इसे आम जनता के लिए जारी करना आत्मघाती होगा। यह एक लैपटॉप रखने वाले किसी भी व्यक्ति को दुनिया का सबसे खतरनाक हैकर बना सकता है।</div><div><b><br></b></div><div><b>अनधिकृत पहुंच की खबरें: </b>हालांकि यह मॉडल केवल Amazon और Google जैसी 40 चुनिंदा कंपनियों के लिए है, लेकिन हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ अनधिकृत समूहों (Bad Actors) ने इसका एक्सेस हासिल कर लिया है, जो वैश्विक बैंकिंग सिस्टम के लिए रेड अलर्ट है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस बैठक में IT मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे।</span></div></div><div><br></div><div><b>Claude Mythos क्या है? और लोग चिंतित क्यों हैं?</b></div><div>Claude Mythos, Anthropic का सबसे शक्तिशाली AI मॉडल है। इस AI स्टार्टअप के अनुसार, यह मॉडल साइबर सुरक्षा के मामले में इतना बेहतरीन है कि इसे आम जनता के लिए जारी नहीं किया जा सकता। कंपनी का कहना है कि Mythos ने साइबर सुरक्षा में ऐसी हज़ारों कमियों (flaws) को ढूंढ निकाला है, जिन्हें इंसान नहीं पकड़ पाए थे। इनमें प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउज़र में मौजूद 27 साल पुरानी कमियां भी शामिल हैं।</div><div><br></div><div>Anthropic ने कहा है कि इसे बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराना, किसी भी ऐसे व्यक्ति के हाथ में उन्नत हैकिंग क्षमताएं सौंपने जैसा होगा, जिसके पास एक लैपटॉप हो। इसका मतलब है—कम से कम कागज़ों पर तो यही लगता है—कि Mythos उन सुरक्षा कमियों का भी फायदा उठा सकता है, जिनके अस्तित्व के बारे में हमें कभी पता ही नहीं चला।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/amid-us-iran-conflict-ajit-doval-meets-uk-nsa" target="_blank">अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच अजित डोभाल ने की ब्रिटेन के NSA से मुलाकात, किन मुद्दों पर हुई बातचीत?</a></h3><div><br></div><div>नतीजतन, Anthropic ने Claude Mythos तक पहुंच केवल लगभग 40 चुनिंदा कंपनियों के समूह को दी है, जिनमें Amazon, Microsoft और Google शामिल हैं। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, उपयोगकर्ताओं के एक अनधिकृत समूह ने Mythos तक पहुंच हासिल कर ली है; ऐसा होने से वे साइबर सुरक्षा में मौजूद कमियों का फायदा उठा सकते हैं।</div><div><br></div><div>भारत सरकार अकेली ऐसी संस्था नहीं है जो Mythos पर नज़र रखे हुए है। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि अमेरिकी सरकार ने भी इसी तरह के कदम उठाने के लिए वॉल स्ट्रीट के विभिन्न बैंकों के साथ बातचीत की है। व्हाइट हाउस भी संभवतः अपनी विभिन्न एजेंसियों में साइबर सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए Mythos का उपयोग करने की योजना बना रहा है।</div><div><br></div><div><b>भारत क्या करने की योजना बना रहा है?</b></div><div>सैद्धांतिक रूप से, Mythos को इतना शक्तिशाली माना जाता है कि कोई भी दुर्भावनापूर्ण व्यक्ति (bad actor) इसका उपयोग करके किसी भी संगठन या बैंकिंग प्रणाली को हैक कर सकता है। लेकिन इस संभावित खतरे से निपटने के लिए, वित्त मंत्रालय एक ऐसा ढांचा (framework) तैयार करने की योजना बना रहा है, जो इस तरह के किसी भी प्रयास की पहचान करेगा और उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। मीटिंग के दौरान, निर्मला सीतारमण ने बैंकों से कहा कि वे अपने IT सिस्टम को सुरक्षित रखने और कस्टमर डेटा को बचाने के लिए ज़रूरी एहतियाती कदम उठाएँ।</div><div><br></div><div>वित्त मंत्रालय ने आगे कहा, "यह सलाह दी गई कि बैंकों, @IndianCERT और दूसरी संबंधित एजेंसियों के बीच रियल-टाइम थ्रेट इंटेलिजेंस शेयरिंग के लिए एक मज़बूत सिस्टम बनाया जाए।" इस सिस्टम का इस्तेमाल खतरों की पहचान करने और भारत के पूरे बैंकिंग इकोसिस्टम में उनकी जानकारी शेयर करने के लिए किया जाएगा।</div><div><br></div><div>निर्मला सीतारमण ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) को एक कोऑर्डिनेटेड संस्थागत सिस्टम बनाने की सलाह दी है। इस सिस्टम से किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तेज़ी से कदम उठाने को कहा जाएगा। सीतारमण ने बैंकों से कहा कि वे किसी भी संभावित साइबर हमले से अपनी सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें।</div><div><br></div><div>'द हिंदू' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिज़र्व बैंक कथित तौर पर उन जोखिमों के दायरे का अध्ययन कर रहे हैं, जिनका सामना भारतीय वित्तीय क्षेत्र को 'मिथोस' (Mythos) से करना पड़ सकता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 13:16:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/finance-minister-nirmala-sitharaman-convenes-high-level-meeting-preparing-for-cyber-warfare</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Stock Market में हाहाकार! Sensex 770 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला; ये हैं गिरावट के 3 मुख्य कारण]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/havoc-in-the-stock-market-sensex-plunges-over-770-points-nifty-slips-below-24000]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का शुरुआती कारोबार बेहद निराशाजनक रहा। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने बाजार की कमर तोड़ दी। शुरुआती सत्र में ही प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 330 अंक फिसलकर 77,334 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 93.3 अंक टूटकर 24,079.75 अंक पर पहुंच गया। बाद में बीएसई सेंसेक्स 772.35 अंक की गिरावट के साथ 76,876.79 अंक और निफ्टी 205.45 अंक फिसलकर 23,967.60 अंक पर कारोबार करने लगा।</span></p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/has-america-grown-weak-its-stockpile-of-modern-weapons-depleted-is-it-no-longer" target="_blank">Explained Weak Pentagon | वर्चस्व खत्म! कमजोर हो गया अमेरिका! आधुनिक हथियारों का भंडार समाप्त, चीन-रूस से लड़ने के काबिल नहीं बचा?</a></h3><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">
 सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मा, टेक महिंद्रा और भारती एयरटेल के शेयर सबसे अधिक नुकसान में रहे। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर में तेजी दर्ज की गई।
 एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहे जबकि जापान के निक्की 225 में बढ़त दर्ज की गई।</span></p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/pawan-khera-troubles-mount-guwahati-high-court-rejects-anticipatory-bail-plea" target="_blank">Pawan Khera की मुश्किलें बढ़ीं! Guwahati High Court ने अग्रिम ज़मानत याचिका की खारिज, असम CM की पत्नी ने दर्ज कराया है केस</a></h3><p><span style="font-size: 1rem;">
</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
 अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.89 प्रतिशत चढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल रहा।
 शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 3,254.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।</span></p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 11:15:37 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/havoc-in-the-stock-market-sensex-plunges-over-770-points-nifty-slips-below-24000</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Meta Layoffs | मेटा का बड़ा फैसला! AI पर फोकस बढ़ाने के लिए 8,000 कर्मचारियों की छंटनी, आगे भी मंडरा रहे खतरे]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/meta-layoffs-8000-employees-laid-off-to-boost-focus-on-ai-further-threats-loom-ahead]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><div>सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) ने अपने वैश्विक कार्यबल (Global Workforce) में 10 प्रतिशत की कटौती करने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इस फैसले के तहत लगभग 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। कंपनी का कहना है कि यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने और निवेश बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है।</div><div><br></div><h2>अंदरूनी मेमो से हुआ खुलासा</h2><div>मेटा की चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल (Janelle Gale) द्वारा भेजे गए एक आंतरिक मेमो के जरिए इस छंटनी की जानकारी दी गई। गेल ने स्वीकार किया कि कंपनी 20 मई को इन कटौती को प्रभावी करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, मेटा प्रबंधन विवरणों को और स्पष्ट करना चाहता था, लेकिन मीडिया में खबरें लीक होने के कारण उन्हें समय से पहले यह घोषणा करनी पड़ी।</div><div>&nbsp;</div></div><h2>AI-आधारित विकास पर ज़ोर</h2><div>इस घोषणा से उन पिछली रिपोर्टों की पुष्टि हो गई है, जिनमें इसी तारीख को लगभग 8,000 नौकरियाँ कम होने का संकेत दिया गया था। इस कदम के साथ, Meta उन दूसरी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कतार में शामिल हो गया है, जैसे Oracle, Amazon और Microsoft, जिन्होंने AI-आधारित विकास की ओर अपना ध्यान मोड़ते हुए हज़ारों नौकरियाँ कम की हैं।</div><div><br></div><div>इस फ़ैसले का असर मौजूदा कर्मचारियों से कहीं आगे तक जाएगा। Meta ने यह भी कहा है कि वह लगभग 6,000 खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाएगा, जिन्हें पहले भरे जाने की उम्मीद थी। इस तरह, कंपनी ने अपनी नियोजित भर्ती का एक बड़ा हिस्सा प्रभावी रूप से रोक दिया है।</div><div><br></div><div>मेमो में, Gale ने इस फ़ैसले की मुश्किल को स्वीकार किया और बताया कि कंपनी यह जानकारी सामान्य से पहले इसलिए साझा कर रही है, क्योंकि छंटनी के विवरण पहले ही मीडिया में आ चुके थे। उन्होंने कहा कि आम तौर पर Meta व्यापक रूप से जानकारी साझा करने से पहले ज़्यादा बारीकियों को अंतिम रूप देना पसंद करता, लेकिन जानकारी लीक होने के कारण कंपनी को कर्मचारियों को अभी उपलब्ध जानकारी से अवगत कराना पड़ा।</div><div><br></div><h2>और छंटनी की उम्मीद</h2><div>इस दौर में नियोजित 8,000 नौकरियों की कटौती के अलावा, रिपोर्टों से पता चलता है कि Meta भविष्य में छंटनी का एक और ऐसा ही दौर चला सकता है। अगर ऐसा होता है, तो कुल कटौती कंपनी के 79,000 कर्मचारियों के वर्कफ़ोर्स का लगभग 20 प्रतिशत तक पहुँच सकती है।</div><div><br></div><div>Meta ने पहले भी अपनी विभिन्न टीमों में लगभग 700 नौकरियाँ कम की थीं, जिसमें उसका Reality Labs डिवीज़न भी शामिल है, जो मेटावर्स को विकसित करने के लिए ज़िम्मेदार है।</div><div><br></div><div>छंटनी के पीछे के कारणों को समझाते हुए, Gale ने कहा कि कंपनी को लागत को नियंत्रित करने और अन्य क्षेत्रों में निवेश का समर्थन करने के लिए नौकरियों में कटौती करने की ज़रूरत है। हालाँकि उन्होंने उन सटीक क्षेत्रों का ज़िक्र नहीं किया, जिन्हें ज़्यादा फ़ंडिंग मिल रही है, लेकिन रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि Meta AI इंफ़्रास्ट्रक्चर बनाने और इस क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है। इसके साथ ही, बताया जा रहा है कि कंपनी ने AI सिस्टम को ट्रेन करने की कोशिशों के तहत कर्मचारियों के माउस मूवमेंट और कीस्ट्रोक्स को ट्रैक करना शुरू कर दिया है; कंपनी के इस कदम की कुछ कर्मचारियों ने आलोचना की है।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 09:31:16 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/meta-layoffs-8000-employees-laid-off-to-boost-focus-on-ai-further-threats-loom-ahead</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[France का भारतीयों को तोहफा, Airport Transit Visa खत्म, Europe की यात्रा हुई और आसान]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/frances-gift-to-indians-airport-transit-visa-abolished-travelling-to-europe-becomes-easier]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>यात्रा करने वालों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां अब भारतीय नागरिकों को फ्रांस के हवाई अड्डों से गुजरते समय बड़ी सुविधा मिलने वाली है।</div><div><br></div><div>बता दें कि फ्रांस ने 10 अप्रैल 2026 से भारतीय नागरिकों के लिए हवाई अड्डा ट्रांजिट&nbsp;वीजा की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार अब सामान्य पासपोर्ट रखने वाले भारतीय यात्रियों को फ्रांस के हवाई अड्डों के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र से किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान ट्रांजिट वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी, बशर्ते वे हवाई अड्डे के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र से बाहर न जाएं।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि यह फैसला 2010 के नियमों में संशोधन के बाद लिया गया है, जो विदेशी नागरिकों के प्रवेश और वीजा से जुड़े दस्तावेजों को नियंत्रित करते थे। यह संशोधन 9 अप्रैल 2026 को फ्रांस के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया गया, जिसके बाद इसे लागू किया गया है।</div><div><br></div><div>इस फैसले का भारत सरकार ने भी स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि फ्रांस के हवाई अड्डों से गुजरने वाले भारतीय यात्रियों के लिए वीजा मुक्त ट्रांजिट व्यवस्था लागू होना एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि यह सहमति इस साल फरवरी में मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई बैठक के दौरान बनी थी, जिसे अब लागू कर दिया गया है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार यह सुविधा केवल उन भारतीय यात्रियों पर लागू होगी जो फ्रांस के मुख्य भूमि वाले हवाई अड्डों से सिर्फ हवाई मार्ग से गुजर रहे हैं और हवाई अड्डे के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में ही ठहरते हैं।</div><div><br></div><div>बताया जा रहा है कि फ्रांस सरकार इस तरह के कदमों के जरिए भारतीय यात्रियों के लिए यात्रा को आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है। इससे खास तौर पर उन लोगों को फायदा मिलेगा जो यूरोप या अन्य देशों के लिए फ्रांस के रास्ते यात्रा करते हैं।</div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 21:22:52 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/frances-gift-to-indians-airport-transit-visa-abolished-travelling-to-europe-becomes-easier</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[IT सेक्टर पर संकट? Infosys ने घटाया Revenue Growth अनुमान, निवेशकों की बढ़ी टेंशन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/it-sector-in-trouble-infosys-lowers-revenue-growth-forecast-raising-investor-tensions]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>आईटी क्षेत्र से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई, जहां देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी इन्फोसिस लिमिटेड ने अपने आगामी वित्त वर्ष के लिए सतर्क अनुमान पेश किया है।</div><div><br></div><div>बता दें कि इन्फोसिस लिमिटेड ने 2026-27 के लिए अपनी आय वृद्धि दर का अनुमान 1.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत के बीच रखा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 3 से 3.5 प्रतिशत के अनुमान की तुलना में थोड़ा कमजोर संकेत देता है। मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी ने जनवरी में ही 2025-26 के लिए अपने अनुमान को संशोधित किया था, जिससे यह साफ है कि वैश्विक स्तर पर मांग में नरमी का असर अब भी बना हुआ है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी अन्य बड़ी कंपनियों ने भी हाल के समय में स्थिर सौदों की पाइपलाइन के बावजूद सतर्क दृष्टिकोण अपनाया है। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ग्राहकों द्वारा वैकल्पिक खर्च में कटौती के कारण आईटी सेवाओं की मांग पर दबाव बना हुआ है।</div><div><br></div><div>कंपनी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक चालू तिमाही में बड़े सौदों का कुल कॉन्ट्रैक्ट किमत करीब 3.2 अरब डॉलर रहा है। वहीं पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 14.9 अरब डॉलर तक पहुंचा है, जो कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।</div><div><br></div><div>इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक सलील पारेख ने कहा कि कंपनी ने चुनौतीपूर्ण माहौल में भी स्थिर प्रदर्शन किया है और 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने यह भी बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं में कंपनी की रणनीति को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और इससे ग्राहकों के साथ भरोसा और मजबूत हुआ।</div><div><br></div><div>उन्होंने आगे कहा कि कंपनी का कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ढांचा और नई तकनीकी पहल उसे बाजार में अलग पहचान दिला रही है और बड़े बदलाव वाले प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद कर रही है।</div><div><br></div><div>वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इन्फोसिस लिमिटेड ने सतर्क लेकिन स्थिर रणनीति अपनाई है और आने वाले समय में तकनीकी नवाचार के जरिए अपने कारोबार को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।</div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 21:06:28 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/it-sector-in-trouble-infosys-lowers-revenue-growth-forecast-raising-investor-tensions</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Bikaji के 'नमकीन किंग' Shiv Ratan Agarwal नहीं रहे, Chennai में ली अंतिम सांस; शोक की लहर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/bikaji-salted-king-shiv-ratan-agarwal-passes-away-breathed-his-last-in-chennai-wave-of-mourning]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>कारोबारी दुनिया का एक बड़ा नाम हमेशा के लिए खामोश हो गया। बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शिव रतन अग्रवाल का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, चौहत्तर वर्षीय शिव रतन अग्रवाल को अचानक तबीयत बिगड़ने की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत चेन्नई के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली हैं। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उनकी पत्नी का हाल ही में हृदय से जुड़ा ऑपरेशन हुआ था और चिकित्सकों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी, इसी कारण वह पिछले कुछ समय से चेन्नई में ही रह रहे थे।</div><div><br></div><div>बता दें कि शिव रतन अग्रवाल मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर के सरदुलगंज क्षेत्र के निवासी थे और उन्होंने वर्ष 1993 में बिकाजी ब्रांड की स्थापना की थी। गौरतलब है कि एक छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार धीरे-धीरे देश और विदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाने में सफल रहा। खासतौर पर बीकानेरी भुजिया के लिए यह ब्रांड काफी लोकप्रिय हुआ।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, उनके नेतृत्व में कंपनी ने पारंपरिक भारतीय नमकीन को वैश्विक पहचान दिलाई और खाद्य उद्योग में एक मजबूत स्थान हासिल किया।</div><div><br></div><div>पूर्व राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया हैं। उन्होंने कहा कि शिव रतन अग्रवाल जैसे उद्योगपति का जाना बेहद दुखद है और उनके प्रयासों से बीकानेरी भुजिया को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली थी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में संबल मिलने की कामना की।</div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 20:18:18 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/bikaji-salted-king-shiv-ratan-agarwal-passes-away-breathed-his-last-in-chennai-wave-of-mourning</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Share Market में Red Alert! West Asia संकट से निवेशकों में डर, सेंसेक्स और निफ्टी टूटे]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/share-market-red-alert-west-asia-crisis-sparks-investor-fears-sensex-nifty-fall]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>गुरुवार को भारतीय बाज़ार सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 852 अंक से अधिक गिरकर 77,664 पर और निफ्टी 205 अंक से अधिक गिरकर दोपहर 3:30 बजे 24,173 पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाले बीएसई सेंसेक्स में, शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयरों में अदानी पोर्ट्स, एल एंड टी, सन फार्मास्यूटिकल्स, भारती एयरटेल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल थे। वहीं, गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों में आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, अल्ट्रासीमेंट और पावरग्रिड शामिल थे।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/share-market-scorched-by-soaring-crude-oil-prices-sensex-plunges-530-points-nifty-at-24200-level" target="_blank">Stock Market Opening | कच्चे तेल की तपिश में झुलसा शेयर बाजार, Sensex 530 अंक टूटा, Nifty 24,200 के स्तर पर</a></h3><div><br></div><div>व्यापक बाजार में, उच्च अस्थिरता के चलते निफ्टी 100 सूचकांक में 0.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। क्षेत्रीय स्तर पर, निफ्टी फार्मा सूचकांक में 2.36 प्रतिशत की उछाल आई और निफ्टी ऑटो सूचकांक में 2.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले, सुबह के शुरुआती सत्र में, बीएसई सेंसेक्स 750 से अधिक अंक गिरकर 77,750 के करीब पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 सुबह 9:15 बजे कारोबार शुरू होने पर 200 से अधिक अंक गिरने के बाद 24,150 के स्तर पर पहुंच गया।</div><div><br></div><div>लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद ने कहा, भारतीय बाजारों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, निफ्टी में लगातार दूसरे दिन नरमी देखी गई। पिछले दो कारोबारी दिनों में इसमें 400 अंक से अधिक की गिरावट आई। बाजार का मिजाज जोखिम से बचने का है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ गई है और घरेलू कारक राहत देने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में तनाव का तेजी से बढ़ना है।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/market-analysis-sensex-and-nifty-started-with-a-fall-heavy-selling-in-hcltech-shares" target="_blank">Stock Market Opening | Sensex-Nifty में गिरावट की घंटी, HCLTech 7% टूटा, भू-राजनीतिक तनाव का बाजार पर साया</a></h3><div><br></div><div>हरिप्रसाद ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के रूप में दिखा। भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए इससे बढ़ती मुद्रास्फीति और कॉरपोरेट मार्जिन पर दबाव को लेकर चिंताए हैं। मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.39 प्रतिशत और स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 17:33:45 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/share-market-red-alert-west-asia-crisis-sparks-investor-fears-sensex-nifty-fall</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या महंगा होगा Petrol-Diesel? Price Hike की अफवाहों पर Government ने लगाया Full Stop]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/will-petrol-and-diesel-become-more-expensive-govt-has-put-a-full-stop-to-rumors-of-price-hikes]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इससे पहले यह 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, लेकिन युद्धविराम वार्ता के दौरान इसमें कुछ समय के लिए नरमी आई थी। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य के लगभग बंद रहने के कारण कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं। इसी बीच एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय रिफाइनरियों को अब प्रति माह 27,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।&nbsp;</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/israel-roared-like-a-lion-for-india-the-world-shook" target="_blank">भारत के लिए शेर की तरह दहाड़ा इजरायल, हिल गई दुनिया!</a></h3><div><br></div><div>रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि रिफाइनरियां लंबे समय तक इस घाटे को सहन नहीं कर सकतीं, इसलिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें जल्द ही 25-28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं। हालांकि, सरकार ने इन रिपोर्टों को 'शरारती और भ्रामक' बताते हुए कहा है कि ये खबरें नागरिकों में भय और दहशत पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।&nbsp;</div><div><br></div><div>भारत में कच्चे तेल की कीमत और उपभोक्ताओं को आपूर्ति की दर के बीच का अंतर इतना बढ़ गया है कि रिफाइनरियां या सरकार अब इसे वहन नहीं कर सकतीं। वैश्विक कच्चे तेल बाजार में ऊंची कीमतों के बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। इसका कारण चुनाव का मौसम है। भारतीय उपभोक्ताओं के लिए, ईंधन की कीमतों में वृद्धि सबसे प्रत्यक्ष और संवेदनशील मुद्दा है, जो हर नागरिक को प्रभावित करता है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/donald-trump-nasty-or-nice-lis-nato-allies-who-not-support-war-with-iran-could-face-the-fallout" target="_blank">Donald Trump की Nasty या Nice लिस्ट! ईरान युद्ध में साथ न देने वाले NATO सहयोगियों पर गिर सकती है गाज</a></h3><div><br></div><div>रिपोर्ट में कहा गया है कि 25-28 रुपये की मूल्य वृद्धि एक साथ नहीं होगी। जनता को अचानक होने वाले झटके से बचाने और मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने के लिए चरणबद्ध दृष्टिकोण अपनाया जा सकता है। यानी, कीमतों में हफ्तों या महीनों में किश्तों में वृद्धि की जा सकती है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।</div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:36:25 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/will-petrol-and-diesel-become-more-expensive-govt-has-put-a-full-stop-to-rumors-of-price-hikes</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[कच्चा तेल फिर $100 के पार: क्या आपकी जेब पर भारी पड़ेगा पेट्रोल-डीज़ल? जानिए विशेषज्ञों की राय]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/crude-oil-prices-increase-will-petrol-and-diesel-burn-hole-in-pocket-find-out-what-experts-say]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><div>वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में एक बार फिर हलचल तेज़ हो गई है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें $100 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गईं। यह बढ़ोतरी भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि हम अपनी ज़रूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करते हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें, जो लंबे समय से स्थिर हैं, जल्द ही बढ़ने वाली हैं?</div><div><br></div></div><h2>क्या पेट्रोल की कीमतें जल्द ही बढ़ेंगी?</h2><div>कच्चे तेल की कीमतों में एक दिन की तेज़ी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अगली सुबह ही पेट्रोल की कीमतें बढ़ जाएंगी। तेल कंपनियाँ अक्सर मौजूदा स्टॉक, रिफाइनिंग से होने वाले मुनाफ़े और अपने अंदरूनी रिज़र्व का इस्तेमाल करके कम समय के लिए होने वाले झटकों को झेल लेती हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लेकिन अगर कच्चा तेल हफ़्तों तक $100 के आस-पास या उससे ऊपर बना रहता है, तो दबाव तेज़ी से बढ़ सकता है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">Infomerics Ratings के मुख्य अर्थशास्त्री, मनोरंजन शर्मा ने मुझे बताया कि, "अगर कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच जाती है, तो कीमतों को स्थिर रखने की गुंजाइश एक तिमाही से भी कम रह सकती है।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आगे कहा कि, "अगर ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ाई जातीं या सरकार से मदद नहीं मिलती, तो प्रति लीटर 3 से 4 रुपये से ज़्यादा का लगातार नुकसान झेलना मुश्किल हो जाता है।"</span></div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/russia-su-57-m1-more-dangerous-than-the-f-22-will-india-buy-it" target="_blank">F-22 से खतरनाक रूस का SU-57 M1, खरीदेगा भारत?</a></h3><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div><div><br></div><h2>कीमतों को स्थिर रखने का खर्च कौन उठा रहा है?</h2><div>अभी के लिए, इस बोझ का ज़्यादातर हिस्सा तेल मार्केटिंग कंपनियों पर पड़ता दिख रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Geojit Investments Limited के रिसर्च एनालिस्ट, अरुण कैलासन ने बताया कि जब कच्चे तेल की कीमत लगभग $95 प्रति बैरल थी, तब भी भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियाँ "हर दिन लगभग 1,600 करोड़ रुपये (महीने के 48,000 करोड़ रुपये) का नुकसान झेल रही थीं।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने मुझे बताया कि, "मुनाफ़े के मौजूदा रिज़र्व लगभग खत्म हो चुके हैं। ऐसे में, अगर कीमतें नहीं बढ़ाई जातीं या सरकार से आर्थिक मदद नहीं मिलती, तो मौजूदा कीमतों को लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल होगा।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अगर कच्चे तेल की कीमत $100 से ऊपर बनी रहती है, तो यह नुकसान और भी बढ़ सकता है।</span></div><div><br></div><h2>ईंधन की कीमतें बढ़ने में अभी और कितना समय लगेगा?</h2><div>यह इस बात पर निर्भर करता है कि कच्चे तेल की कीमतें कितने समय तक ऊंची बनी रहती हैं। पुनीत सिंघानिया, डायरेक्टर – मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ लिमिटेड, ने बताया कि असली दबाव तब शुरू होता है जब कच्चा तेल $100 से ऊपर बना रहता है।</div><div><br></div><div>उन्होंने कहा, “असली समस्या तब शुरू होती है जब कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जाती हैं और $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती हैं। तभी मार्जिन पर असली दबाव आता है और कैश फ्लो कम होने लगता है।”</div><div><br></div><div>उन्होंने पहले कहा था कि अगर कच्चा तेल $85 से $95 की रेंज में रहता है, तो कंपनियाँ शायद एक या दो तिमाही तक कीमतें स्थिर रख सकती हैं, हालाँकि मुनाफ़ा कम ही रहेगा।</div><div><br></div><div>आसान शब्दों में कहें तो, कीमतों में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी तो संभाली जा सकती है, लेकिन लंबे समय तक बढ़ोतरी को संभालना मुश्किल हो सकता है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/owaisi-launches-a-major-attack-on-bjp-in-ahmedabad-calling-ucc-the-biggest-threat-to-sharia" target="_blank">Ahmedabad में Owaisi का BJP पर बड़ा हमला, UCC को बताया शरिया के लिए सबसे बड़ा खतरा</a></h3><div>&nbsp;</div><div><br></div><div>अभी, पेट्रोल या डीज़ल की कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक संकेत नहीं है। लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊँची बनी रहती हैं, तो नीति-निर्माताओं और तेल कंपनियों को आखिरकार वही पुराने विकल्प चुनने पड़ सकते हैं, जैसे कि धीरे-धीरे ईंधन की कीमतें बढ़ाना, दबाव कम करने के लिए टैक्स में कटौती करना, या तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) द्वारा कुछ समय के लिए नुकसान खुद उठाना।</div><div><br></div><div>मनस मजूमदार, पार्टनर, ऑयल एंड गैस सेक्टर लीडर, PwC इंडिया, ने मुझे बताया कि भारतीय तेल कंपनियों ने पिछले दो सालों में जो बफ़र (सुरक्षा कोष) बनाए हैं, वे बिना किसी वित्तीय मदद या खुदरा कीमतों में बदलाव के, अगले तीन से चार महीनों में खत्म हो सकते हैं।</div><div><br></div><div>तो, क्या आपको पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए? तुरंत तो नहीं, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊँची बनी रहती हैं, खासकर $90 प्रति बैरल से ऊपर, तो ऐसा होना निश्चित रूप से संभव है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अगर कच्चा तेल $100 से ऊपर बना रहता है, तो इसकी संभावना और भी बढ़ जाती है, और कीमतों में होने वाली कोई भी बढ़ोतरी ज़्यादा तेज़ भी हो सकती है।</span></div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:30:45 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/crude-oil-prices-increase-will-petrol-and-diesel-burn-hole-in-pocket-find-out-what-experts-say</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Stock Market Opening | कच्चे तेल की तपिश में झुलसा शेयर बाजार, Sensex 530 अंक टूटा, Nifty 24,200 के स्तर पर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/share-market-scorched-by-soaring-crude-oil-prices-sensex-plunges-530-points-nifty-at-24200-level]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी, गुरुवार, 23 अप्रैल, 2026 को GIFT निफ्टी में भारी गिरावट और ब्रेंट ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सतर्क वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में खुले। जहाँ 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 532.83 अंक या 0.67 प्रतिशत गिरकर 77,983.66 पर खुला, वहीं निफ्टी 175.75 अंक गिरकर 24,202.35 पर खुला। पिछले ट्रेडिंग सत्र में, सेंसेक्स 78,516.49 पर और निफ्टी 50 24,378.10 पर बंद हुआ था। इसी तरह, शुरुआती सत्र में व्यापक इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जहाँ BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 40.30 अंक नीचे था, वहीं BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 12.51 अंक या 0.15 प्रतिशत गिरकर 8,058.70 पर कारोबार कर रहा था।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/donald-trump-nasty-or-nice-lis-nato-allies-who-not-support-war-with-iran-could-face-the-fallout" target="_blank">Donald Trump की Nasty या Nice लिस्ट! ईरान युद्ध में साथ न देने वाले NATO सहयोगियों पर गिर सकती है गाज</a></h3><div><br></div><div>सेंसेक्स पैक से, BEL, Trent और PowerGrid ही केवल तीन ऐसे शेयर थे जो हरे निशान में थे; शुरुआती कारोबार में BEL 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। दूसरी ओर, Indigo, UltraTech Cement, Asian Paints, Mahindra &amp; Mahindra और Eternal लाल निशान में थे, जिसमें Indigo 2.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा।</div><div><br></div><div>शुरुआती कारोबार में, बाजार की स्थिति (market breadth) नकारात्मक थी; NSE पर 1,092 शेयरों में गिरावट के मुकाबले 1,610 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। 84 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। "जब तक बाज़ार 24,500/79000 के नीचे ट्रेड करता रहेगा, तब तक कमज़ोर सेंटिमेंट बने रहने की संभावना है। नीचे की तरफ, यह 24,300/78200 तक फिसल सकता है। और गिरावट भी जारी रह सकती है, जो इंडेक्स को 24100-24000/77700-77400 तक नीचे खींच सकती है। दूसरी तरफ, 24,500/79000 के ऊपर, यह 24,600–24,675/79300-79500 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है," कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान ने कहा।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/country-made-bombs-hurled-during-first-phase-of-polling-in-murshidabad-several-injured-panic" target="_blank">West Bengal Murshidabad Violence | मुर्शिदाबाद में पहले चरण के दौरान देसी बमों से हमला, कई लोग घायल, मतदान केंद्रों पर दहशत</a></h3><div>&nbsp;</div><div><br></div><h2>Gift Nifty ने क्या संकेत दिया?</h2><div>Gift Nifty, जो Nifty 50 के लिए एक शुरुआती इंडिकेटर है, ने कमज़ोर से नेगेटिव शुरुआत का संकेत दिया, क्योंकि यह पिछले बंद 24,364 के मुकाबले 84.5 अंकों की गिरावट के साथ 24,279.50 पर खुला। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) 22 अप्रैल, 2026 को 2,078.36 करोड़ रुपये की निकासी के साथ नेट सेलर रहे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगभग 2,078.36 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की।</div><div><br></div><h2>आज एशियाई बाज़ार</h2><div>गुरुवार को एशियाई शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे गिरे। जहाँ जापान का Nikkei 225 680.86 अंक या 1.14 प्रतिशत गिरकर 58,905 पर ट्रेड कर रहा था, वहीं हांगकांग का Hang Seng 228.24 अंक या 0.88 प्रतिशत नीचे था। इसी तरह, रिपोर्ट लिखे जाने के समय दक्षिण कोरिया का Kospi 51.83 अंकों की गिरावट के साथ लाल निशान में ट्रेड कर रहा था। शंघाई का SSE Composite इंडेक्स 32.55 अंक या 0.79 प्रतिशत नीचे था।</div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:10:45 +0530</pubDate>
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      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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