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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[Gautam Adani AGM 2026 | 'इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹1.5 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश देश-निर्माण के प्रति हमारा भरोसा' - गौतम अडानी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/investment-of-1-5-lakh-crore-infrastructure-reflects-confidence-in-nation-building-gautam-adani]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अडानी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी ने ग्रुप की सालाना आम बैठक (AGM 2026) को संबोधित करते हुए भारत के विकास और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। बुधवार को शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर में ग्रुप का रिकॉर्ड निवेश, देश-निर्माण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का सबसे बड़ा सबूत है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अडानी ने बताया कि यह निवेश केवल वित्तीय आंकड़े नहीं हैं, बल्कि भारत के भविष्य को संवारने की दिशा में बढ़ाया गया एक मजबूत कदम है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इसे संदर्भ में देखें तो, यह उस साल भारत के कुल नए प्राइवेट-सेक्टर कैपिटल खर्च का 30 प्रतिशत से ज़्यादा था।"</span></div><div><br></div><div>उन्होंने आगे कहा, "हमारे लिए, यह सिर्फ़ एक फाइनेंशियल नंबर नहीं है। यह भरोसे का बयान है, और देश-निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का इससे बड़ा कोई सबूत नहीं हो सकता कि हम उस इंफ्रास्ट्रक्चर में किस स्तर पर निवेश कर रहे हैं जो भारत के अगले अध्याय को आगे बढ़ाएगा।"</div><div><br></div><div><b>ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक बढ़कर ₹72,000 करोड़ हुई</b></div><div>अलग-अलग बिज़नेस में हुई तरक्की पर बात करते हुए अडानी ने कहा, "अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में, हमारी ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक बढ़कर ₹72,000 करोड़ हो गई। हमने कई बड़े प्रोजेक्ट हासिल किए, जिनमें खावड़ा साउथ ओलपाड HVDC लाइन शामिल है, जिससे HVDC क्षमता वाली भारत की एकमात्र प्राइवेट सेक्टर कंपनी के तौर पर हमारी स्थिति और मज़बूत हुई है।"</div><div><br></div><div>अरबपति बिज़नेसमैन ने कहा कि अडानी पावर ₹2 लाख करोड़ से ज़्यादा का भारत का अब तक का सबसे बड़ा प्राइवेट-सेक्टर पावर कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) प्रोग्राम लागू कर रही है, जिसका लक्ष्य अगले पांच सालों में 45 GW क्षमता तक पहुँचना है।</div><div><br></div><div>अडानी ने ग्रुप के अलग-अलग पोर्टफोलियो में बड़े प्रोजेक्ट्स के पूरा होने की जानकारी दी और क्लीन टेक, लॉजिस्टिक्स और नए एनर्जी क्षेत्रों में विस्तार पर ज़ोर दिया:</div><div><br></div><div><b>पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स</b></div><div>अडानी पोर्ट्स ने वित्त वर्ष 26 में 500 मिलियन टन से ज़्यादा कार्गो संभाला, जिससे 2030 तक 1 बिलियन टन तक पहुँचने का रास्ता साफ़ हुआ। खास बात यह है कि विझिनजम पोर्ट ने अपने रिकॉर्ड पहले साल में ही 1 मिलियन TEU का आंकड़ा पार कर लिया, जो "ग्लोबल ट्रांसशिपमेंट मैप पर भारत के आगमन" का प्रतीक है। </div><div>&nbsp;</div><div><b>एयरपोर्ट</b></div><div>नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत हुई—जिसे "चार साल से कुछ ज़्यादा समय में, यानी वर्ल्ड-रिकॉर्ड समय में" बनाया गया—और गुवाहाटी एयरपोर्ट पर नए इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ।</div><div><br></div><div><b>डेटा सेंटर</b></div><div>2030 तक 3 GW का प्लेटफ़ॉर्म बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिसकी शुरुआत विशाखापत्तनम में Google के साथ गीगावाट-स्केल MoU से हुई है।</div><div><br></div><div><b>सीमेंट और माइनिंग</b></div><div>अडानी सीमेंट ने अपनी कुल क्षमता को बढ़ाकर 110 MMTPA कर लिया है, जिससे चेनाब रेलवे ब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में योगदान मिला है। चार नए MDO एग्रीमेंट्स के ज़रिए माइनिंग सर्विसेज़ की क्षमता सालाना 145 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है।</div><div><br></div><div><b>डिफेंस और एयरोस्पेस</b></div><div>रीजनल एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम के लिए लियोनार्डो और एम्ब्रेयर के साथ पार्टनरशिप की। अडानी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, ग्रुप के "ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, मिसाइल और गोला-बारूद ने हमारी आर्म्ड फोर्सेज़ की तब मदद की जब उन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी।"</div><div><br></div><div><b>न्यूक्लियर पावर में एंट्री और गैस नेटवर्क का विस्तार</b></div><div>एक बड़ी नई पहल की घोषणा करते हुए, गौतम अडानी ने बताया कि ग्रुप 'अडानी एटॉमिक एनर्जी' के ज़रिए न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में कदम रख रहा है। कंपनी का लक्ष्य 2035 तक 10 गीगावाट (GW) न्यूक्लियर क्षमता हासिल करना है, जिसके लिए ज़मीन की पहचान पहले ही कर ली गई है। गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में, अडानी टोटल गैस ने 1.1 मिलियन PNG कनेक्शन का आँकड़ा पार कर लिया है और जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बावजूद इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेज़ी लाई है।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 11:51:37 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/investment-of-1-5-lakh-crore-infrastructure-reflects-confidence-in-nation-building-gautam-adani</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Gautam Adani Birthday: Hindenburg से Asia's Richest तक, Gautam Adani की Unstoppable Comeback Story]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/from-hindenburg-to-asia-richest-gautam-adani-unstoppable-comeback-story]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी आज यानी की 24 जून को अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं। गौतम अडानी ने अडानी ग्रुप को शून्य से शिखर पर पहुंचाया है। उन्होंने एक मिडिल क्लास फैमिली से निकलकर अपने दम पर इतना बड़ा कारोबार खड़ा किया है। उनका कारोबार देश-विदेश में कई सेक्टर में फैला है। </div><div>&nbsp;</div><div>गौतम अडानी में तमाम चुनौतियों को पार करते हुए अडानी ग्रुप को देश के सबसे बड़े कारोबारी ग्रुप टाटा और रिलायंस के टक्कर का बनाया। इसलिए गौतम अडानी को सेल्फ मेड करोड़पति कहा जाता है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थडे के मौके पर गौतम अडानी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...</div><div><br></div><h2>जन्म और परिवार</h2><div>अहमदाबाद में गुजराती जैन फैमिली में 24 जून 1962 को गौतम अडानी का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम शांतिलाल अडानी और मां का नाम शांताबेन अडानी था। इनके पिता अपना टेक्सटाइल बिजनेस बढ़ाने के लिए अहमदाबाद में बस गए थे। लेकिन गौतम अडानी कपड़ा व्यापार नहीं करना चाहते थे।</div><div><br></div><h2>100 घंटों में की 6000 करोड़ रुपये की डील</h2><div>ऐसे में गौतम अडानी हीरा कारोबार के लिए मुंबई आ गए। यहां पर वह महिंद्रा ब्रदर्स के साथ हीरा छांटने वाले के रूप में काम करने लगे। इसके बाद अपनी हीरा ब्रोकरेज स्थापित की। गौतम अडानी ने सिर्फ 100 घंटों में 6,000 करोड़ रुपए की डील कर अपना सिक्का जमाया था। फिर धीरे-धीरे अडानी ग्रुप पोर्ट से लेकर एफएमसीजी तक 10 लिस्टेड कंपनी वाला बड़ा कारोबारी समूह बन गया।</div><div><br></div><h2>ताज होटल में फंसे थे अडानी</h2><div>मुंबई में हुए 26/11 आतंकवादी हमले के दौरान वह ताज होटल में बैठकर खाना खा रहे थे। इस दौरान अडानी ने तहखाने में छिपकर अपनी जान बचाई थी। साल 1998 में 15 लाख डॉलर की फिरौती के लिए गौतम अडानी को किडनैप कर लिया गया था। वहीं हिंडनबर्ग रिपोर्ट ने भी अडानी ग्रुप को बड़ा झटका दिया था। लेकिन गौतम अडानी सिर्फ एक साल में इस नुकसान से उबरे और एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर शख्स बन गए।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 10:22:53 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/from-hindenburg-to-asia-richest-gautam-adani-unstoppable-comeback-story</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[West Asia संकट के बावजूद Akasa Air की ऊंची उड़ान, 30% कैपेसिटी बढ़ाने का Mega Plan]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/akasa-air-soars-high-despite-west-asia-crisis-mega-plan-to-boost-capacity-by-30]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अकासा एयर ने अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। एयरलाइन का कहना है कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद उसके विस्तार कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में अपनी क्षमता में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी करना है।</div><div><br></div><div>अकासा एयर के मुख्य वित्तीय अधिकारी अंकुर गोयल ने कहा कि कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति पहले की तरह मजबूत बनी हुई है और विस्तार योजनाओं पर दोबारा विचार करने की कोई आवश्यकता महसूस नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन वित्तीय रूप से पर्याप्त रूप से मजबूत है और मौजूदा परिस्थितियों का सामना करने के लिए उसके पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।</div><div><br></div><div>बता दें कि अकासा एयर ने वर्ष 2022 में परिचालन शुरू किया था और बहुत कम समय में भारतीय विमानन क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, एयरलाइन के बेड़े में इस समय 39 बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल हैं। इनमें से लगभग 25 प्रतिशत क्षमता अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर तैनात की गई है।</div><div><br></div><div>कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अकासा एयर की परिचालन आय में 37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं उपलब्ध सीट किलोमीटर यानी क्षमता के पैमाने पर भी कंपनी ने 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल की है। यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब विमानन उद्योग को बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर वैश्विक विमानन उद्योग पर भी देखा गया है। कई एयरलाइनों को ईंधन की बढ़ती कीमतों और कुछ हवाई मार्गों में बदलाव के कारण अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा है। कुछ कंपनियों ने अस्थायी रूप से उड़ानों की संख्या में कटौती भी की है। हालांकि अकासा एयर का कहना है कि उसकी विकास योजनाएं पूरी तरह पटरी पर हैं।</div><div><br></div><div>अंकुर गोयल ने यह भी बताया कि कंपनी अगले चार से पांच वर्षों के दौरान हर साल 30 से 40 प्रतिशत क्षमता वृद्धि का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत में हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में विमानन क्षेत्र में बड़े अवसर उपलब्ध होंगे।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, अकासा एयर वर्तमान में देश के 27 घरेलू और 7 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ रही है। कंपनी लगातार नए मार्गों और नए विमानों को अपने नेटवर्क में शामिल करने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एयरलाइन अपनी मौजूदा वृद्धि दर बनाए रखने में सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय विमानन बाजार की प्रमुख कंपनियों में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकती हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 22:39:34 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/akasa-air-soars-high-despite-west-asia-crisis-mega-plan-to-boost-capacity-by-30</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Infosys की AI से अरबों की कमाई, Nandan Nilekani का बड़ा दावा- Technology नौकरियां नहीं छीनेगी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/nfosys-rakes-in-billions-from-ai-nandan-nilekani-makes-a-bold-claim-technology-wont-take-away-jobs]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>तकनीकी दुनिया में एआई को लेकर लगातार बहस जारी है। कई लोग इसे नौकरियों के लिए चुनौती मानते हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ इसे नए अवसरों का द्वार बता रहे हैं। इसी बीच देश की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस के चेयरमैन नंदन निलेकणी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक कंपनियों की जगह नहीं लेगी, बल्कि जो संस्थान तेजी से बदलाव को अपनाएंगे उनकी क्षमता और प्रभाव को कई गुना बढ़ाएगी।</div><div><br></div><div>इन्फोसिस की 45वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए नंदन निलेकणी ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उनके अनुसार एआई&nbsp;के तेजी से विस्तार ने पुरानी तकनीकी प्रणालियों को आधुनिक बनाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि अब कंपनियां अपने पुराने ढांचों को बदलने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए मजबूर हो रही हैं।</div><div><br></div><div>बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में एआई&nbsp;तकनीक ने वैश्विक स्तर पर कारोबार करने के तरीके को बदलना शुरू कर दिया है। वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र सहित लगभग हर उद्योग में इसका उपयोग बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में इन्फोसिस जैसी कंपनियां इस बदलाव को अवसर के रूप में देख रही हैं।</div><div><br></div><div>नंदन निलेकणी ने बताया कि इन्फोसिस की कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं से होने वाली वार्षिक आय अब 1 अरब डॉलर के स्तर को पार कर चुकी है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि दुनिया भर की कंपनियां एआई&nbsp;से जुड़े समाधानों में तेजी से निवेश कर रही हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार इन्फोसिस इस क्षेत्र में कई अग्रणी वैश्विक तकनीकी और कंप्यूटिंग कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है।</div><div><br></div><div>उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कंपनियां तैयार सॉफ्टवेयर खरीदने के बजाय अपने लिए विशेष जरूरतों के अनुसार सॉफ्टवेयर विकसित करने को प्राथमिकता दे सकती हैं। उनके अनुसार भविष्य का वास्तविक मूल्य उन प्रणालियों में होगा जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मॉडल और एजेंट पारंपरिक कारोबारी प्रणालियों के साथ मिलकर काम करेंगे।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि कई बड़े कारोबारी संस्थान अभी भी एआई&nbsp;के पूर्ण उपयोग को लेकर शुरुआती चरण में हैं। नंदन निलेकणी का मानना है कि बड़ी कंपनियों में तकनीक अपनाने और उसके वास्तविक उपयोग के बीच अभी एक बड़ा अंतर मौजूद है। इस अंतर को कम करने में इन्फोसिस जैसी कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है।</div><div><br></div><div>उन्होंने यह भी कहा कि बड़े संस्थानों के लिए केवल नई तकनीक पर्याप्त नहीं होती। मजबूत साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, भरोसेमंद ढांचा और व्यापक परीक्षण जैसी व्यवस्थाएं भी जरूरी होती हैं। यही कारण है कि अनुभवी तकनीकी कंपनियों की भूमिका भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार इन्फोसिस अपने शीर्ष 200 ग्राहकों में से लगभग 90 प्रतिशत के साथ एआई&nbsp;परियोजनाओं पर काम कर रही है। कंपनी का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं का वैश्विक बाजार 300 से 400 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।</div><div><br></div><div>नंदन निलेकणी ने विश्वास जताया कि इन्फोसिस इस बदलाव का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका कहना है कि ग्राहकों का भरोसा और वर्षों का अनुभव कंपनी की सबसे बड़ी ताकत हैं, जिनकी मदद से वह तकनीक के अगले दौर में भी मजबूत स्थिति बनाए रखने में सफल रहेगी। कुल मिलाकर उनका संदेश साफ था कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता चुनौती से ज्यादा अवसर लेकर आई है और जो संस्थान समय के साथ खुद को बदलेंगे, वही भविष्य में सबसे आगे दिखाई देंगे।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 22:31:53 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/nfosys-rakes-in-billions-from-ai-nandan-nilekani-makes-a-bold-claim-technology-wont-take-away-jobs</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Vedanta में बड़ी Block Deal से हड़कंप, Share Price 8% लुढ़का, निवेशकों में मची खलबली।]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/major-block-deal-in-vedanta-sparks-a-stir-share-price-plunges-8-causing-panic-among-investors]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>कुछ ही दिनों पहले अपने बड़े कारोबारी पुनर्गठन को लेकर चर्चा में रही वेदांता लिमिटेड अब शेयर बाजार में आई तेज गिरावट की वजह से सुर्खियों में है। मंगलवार को कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके बाद निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार वेदांता लिमिटेड का शेयर मंगलवार को 7.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 282.20 रुपये पर बंद हुआ। इससे पहले शेयर 305.85 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। बाजार में आई इस कमजोरी की बड़ी वजह ब्लॉक डील के जरिए कंपनी की करीब 1.8 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री को माना जा रहा है।</div><div><br></div><div>शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक लगभग 7.3 करोड़ शेयर 292 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कारोबार किए गए। इस सौदे का कुल मूल्य करीब 2,149 करोड़ रुपये आंका गया है। हालांकि सौदे में शामिल खरीदार और विक्रेता की आधिकारिक पहचान तत्काल सामने नहीं आई है, लेकिन बाजार में यह चर्चा रही कि प्रमोटर समूह की इकाई ट्विन स्टार होल्डिंग्स इस बिक्री से जुड़ी हो सकती है।</div><div><br></div><div>बता दें कि ट्विन स्टार होल्डिंग्स वेदांता लिमिटेड की सबसे बड़ी शेयरधारक इकाई है। 31 मार्च 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कंपनी में ट्विन स्टार होल्डिंग्स की हिस्सेदारी 40.02 प्रतिशत थी, जबकि पूरे प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 56.38 प्रतिशत के आसपास थी। इससे पहले भी खबरें आई थीं कि ट्विन स्टार होल्डिंग्स ब्लॉक डील के जरिए लगभग 6.5 करोड़ शेयर बेच सकती है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि इस संभावित बिक्री के लिए 291 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य तय किए जाने की चर्चा थी, जो सोमवार के बंद भाव से लगभग 4.9 प्रतिशत कम था। ऐसे में बाजार खुलते ही शेयर पर दबाव बढ़ गया और निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार मंगलवार को वेदांता के शेयरों में सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक कारोबार हुआ। कारोबार की मात्रा पूरे सत्र के औसत स्तर से करीब छह गुना अधिक रही। इसके साथ ही कंपनी से जुड़े विकल्प सौदों में भी गतिविधि बढ़ी, जो निवेशकों की बढ़ती सतर्कता को दर्शाती है।</div><div><br></div><div>बता दें कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब वेदांता ने हाल ही में भारत के सबसे बड़े कॉरपोरेट पुनर्गठन में से एक को पूरा किया है। कंपनी ने अपने एल्युमिनियम, तेल एवं गैस, बिजली तथा लोहा एवं इस्पात कारोबार को अलग-अलग सूचीबद्ध इकाइयों के रूप में बाजार में उतारा है। इस डीमर्जर का उद्देश्य विभिन्न कारोबारों की वास्तविक कीमत को सामने लाना और निवेशकों को अधिक स्पष्ट मूल्यांकन उपलब्ध कराना बताया गया था।</div><div><br></div><div>हालांकि मंगलवार की गिरावट के बावजूद कंपनी का शेयर अभी भी 30 अप्रैल के डीमर्जर के बाद के बंद भाव 271.55 रुपये से ऊपर बना हुआ है। गौरतलब है कि डीमर्जर से पहले 29 अप्रैल को वेदांता का शेयर 773.60 रुपये पर बंद हुआ था।</div><div><br></div><div>विश्लेषकों का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशक अब नई सूचीबद्ध इकाइयों और मूल कंपनी की अलग-अलग संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं। हाल के दिनों में वेदांता और उसकी चार नई सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य डीमर्जर से पहले के मूल्यांकन से भी अधिक पहुंच चुका है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार इन अलग-अलग कारोबारों को बेहतर मूल्य दे रहा है। फिलहाल निवेशकों की नजर प्रमोटर हिस्सेदारी और कंपनी की आगे की रणनीति पर बनी हुई हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 22:03:45 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/major-block-deal-in-vedanta-sparks-a-stir-share-price-plunges-8-causing-panic-among-investors</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Tata Electronics Data Leak: हैकर्स का दावा- हमारे पास है Apple-Tesla से जुड़ा 630 GB सीक्रेट डेटा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/tata-electronics-data-leak-hacker-claim-to-possess-630-gb-of-secret-data-linked-to-apple-and-tesla]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>टाटा समूह की इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकाई टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कंपनी की कारोबारी उपलब्धियां नहीं, बल्कि एक साइबर सुरक्षा घटना है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि कुछ सप्ताह पहले उसके कुछ सिस्टम साइबर हमले से प्रभावित हुए थे। यह पुष्टि ऐसे समय में सामने आई है जब एक हैकर मंच पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का कथित डेटा उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार हैकर मंच पर 630 जीबी से अधिक डेटा और करीब 2 लाख 4 हजार से ज्यादा फाइलें होने का दावा किया गया है। विभिन्न रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इन फाइलों में एप्पल और टेस्ला जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों से जुड़े तकनीकी दस्तावेज और विनिर्देश भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता और पूरी जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।</div><div><br></div><div>बता दें कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी और बेहद कम समय में यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल हो गई है। कंपनी देश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गौरतलब है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एप्पल के लिए आईफोन निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में भी अहम भागीदार बन चुकी है। इसके अलावा कंपनी ने टेस्ला, इंटेल, क्वालकॉम और एएसएमएल जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ भी साझेदारी विकसित की है।</div><div><br></div><div>कंपनी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि कुछ सप्ताह पहले साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक घटना की पहचान की गई थी। इसके बाद तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किए गए और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। कंपनी का कहना है कि इस घटना का उसके विभिन्न कारोबारी परिचालनों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और सभी गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।</div><div><br></div><div>हालांकि कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि आखिर किस प्रकार का डेटा प्रभावित हुआ, कितने लोगों या संस्थाओं की जानकारी जोखिम में आई और क्या ग्राहकों को इसकी सूचना दी गई है। इसी वजह से इस मामले को लेकर कई सवाल अभी भी बने हुए हैं।</div><div><br></div><div>रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ कर्मचारियों को भी इस घटना के बारे में जानकारी दी गई है। वहीं एप्पल द्वारा मामले की जांच किए जाने और कथित तौर पर फिरौती की मांग किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि इन दावों पर अभी आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभरा है और कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां चीन के विकल्प के रूप में भारत में निवेश बढ़ा रही हैं। ऐसे में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना साइबर सुरक्षा को लेकर बड़े औद्योगिक समूहों के सामने मौजूद चुनौतियों की भी याद दिलाती है।</div><div><br></div><div>फिलहाल कंपनी मामले की जांच में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डेटा लीक की वास्तविक सीमा क्या है और इससे किस स्तर तक प्रभाव पड़ा है। वहीं उद्योग जगत की नजरें भी इस मामले के अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 21:31:30 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/tata-electronics-data-leak-hacker-claim-to-possess-630-gb-of-secret-data-linked-to-apple-and-tesla</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[शेयर बाजार में Bloodbath, Sensex 900 अंक धड़ाम, IT-Metal Stocks ने डुबोई नैया]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/indian-markets-tumble-on-weak-global-cues-fii-outflow]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>वैश्विक बाजारों में कमजोरी और आईटी एवं धातु कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के बीच घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को खासी गिरावट आई। सेंसेक्स 893 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी में 279 अंक की गिरावट दर्ज की गई।
 विश्लेषकों ने कहा कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बनाने का काम किया।
 बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 893.39 अंक यानी 1.16 प्रतिशत टूटकर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ। </p><p>कारोबार के दौरान एक समय यह 1,011.56 अंक तक गिरकर 76,082.51 अंक के निचले स्तर पर आ गया था।
 इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 278.80 अंक यानी 1.16 प्रतिशत गिरकर 23,824.10 अंक पर बंद हुआ।
 इससे पहले सेंसेक्स और निफ्टी में 11 जून से छह कारोबारी सत्रों के दौरान चार प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी देखी जा चुकी थी।</p><p>
 सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयर में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, एचसीएल टेक और भारतीय स्टेट बैंक भी नुकसान में रहे।
 दूसरी तरफ पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, एक्सिस बैंक, सन फार्मा और मारुति सुजुकी के शेयर बढ़त में रहे।
</p><p> ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘आईटी शेयरों में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट और रुपये की कमजोरी के साथ अमेरिका में ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी की आशंका से घरेलू बाजार में निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।’’
 व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.99 प्रतिशत गिरावट पर रहा जबकि छोटी कंपनियों के स्मॉलकैप में 0.50 प्रतिशत की सुस्ती रही।
</p><p> क्षेत्रवार सूचकांकों में धातु खंड में सर्वाधिक तीन प्रतिशत की गिरावट देखी गई जबकि आईटी खंड में 2.24 प्रतिशत, पीएसयू बैंक में 2.08 प्रतिशत और कमोडिटी में 1.90 प्रतिशत की नरमी रही। 
 बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,794 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए जबकि 1,496 शेयर चढ़कर बंद हुए और 157 अन्य अपरिवर्तित हुए।
</p><p> जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘नकारात्मक वैश्विक संकेतों और निवेशकों के सतर्क रुख के कारण घरेलू बाजार शुरुआती बढ़त को कायम नहीं रख पाए और ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली हावी होने से काफी नीचे आ गए। आईटी शेयरों में एआई से जुड़ी चिंताओं ने गिरावट तेज की।’’
 शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 635.91 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। </p><p>
 एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भारी गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार भी नुकसान में कारोबार कर रहे थे। 
 इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.67 प्रतिशत गिरकर 77.46 डॉलर प्रति बैरल रह गया।
 इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 291.17 अंक बढ़कर 77,094.07 अंक और निफ्टी 89.80 अंक चढ़कर 24,102.90 अंक पर बंद हुआ था।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:23:20 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/indian-markets-tumble-on-weak-global-cues-fii-outflow</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Nandan Nilekani का बड़ा बयान: AI से IT Companies को खतरा नहीं, बल्कि मिलेगी और मजबूती]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/nandan-nilekani-ai-will-empower-it-companies-not-replace-them]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>&nbsp;इन्फोसिस के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने मंगलवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) आईटी कंपनियों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उन्हें और अधिक सशक्त बनाएगा।
 उन्होंने कहा कि कंपनी 2030 तक 400 अरब डॉलर के एआई-प्रथम सेवाओं के बड़े अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार है।
 कंपनी की 45वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए नीलेकणी ने तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी बदलावों के कारण आईटी उद्योग के सामने मौजूद ‘‘अस्तित्व से जुड़े सवाल’’ पर चर्चा की।
</p><p> उन्होंने कहा, ‘‘ जनरेटिव एआई (जेनएआई) के शुरू होने के तीन साल बाद भी इन्फोसिस पहले से अधिक प्रासंगिक है और आने वाले दशक के लिए अच्छी स्थिति में है। हम बेहतर कोडिंग उपकरणों को अपनाते हुए अपनी उत्पादकता बढ़ा रहे हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर विकास के क्षेत्र में अभी बहुत काम बाकी है। ’’
 उन्होंने कहा कि बड़े उद्यम ग्राहकों में एआई के उपयोग को लेकर एक अंतर मौजूद है और उसे पाटना ही सबसे बड़ा अवसर है।
 नंदन नीलेकणी ने कहा, ‘‘ एआई हमारी जैसी कंपनियों की जगह नहीं लेगा। </p><p>यह उन कंपनियों को और मजबूत करेगा जो उद्देश्य के साथ आगे बढ़ती हैं और तेजी से खुद को ढालती हैं।’’
 उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्यम समाधान के लिए कठोर परीक्षण, मजबूत संरचना, ठोस साइबर सुरक्षा और सख्त डेटा शासन की आवश्यकता होती है, जिसे बाहरी मंच पर पूरी तरह निर्भर होकर नहीं किया जा सकता।</p><p>
 एआई क्रांति ने पुराने प्रणाली के आधुनिकीकरण को जरूरी बना दिया है, जिससे इन्फोसिस को इस संरचनात्मक बदलाव का लाभ उठाने का अवसर मिल रहा है।
 उन्होंने कहा कि ग्राहक इन्फोसिस पर भरोसा करते हैं कि वह अपने अनुभव के आधार पर उन्हें एंटरप्राइज एआई की जटिलताओं से निपटने में मदद करेगा। साथ ही, कंपनी अपने शीर्ष 200 ग्राहकों में से 90 प्रतिशत के साथ एआई से जुड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही है।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:12:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/nandan-nilekani-ai-will-empower-it-companies-not-replace-them</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Rupee vs Dollar: रुपया 11 पैसे टूटकर 94.74 के स्तर पर, Sensex भी 893 अंक लुढ़का]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/rupee-vs-dollar-rupee-falls-11-paise-to-the-9474-level-sensex-also-plunges-893-points]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>रुपया मंगलवार को 11 पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.74 (अस्थायी) पर रहा। डॉलर के मजबूत होने और घरेलू बाजार के कमजोर रहने से रुपये पर दबाव है।
हालांकि, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही, जिससे रुपये की गिरावट सीमित रही। 
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.73 प्रति डॉलर पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.63 से 94.92 के स्तर तक पहुंचा और अंत में 94.74 (अस्थाीय) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले भाव से 11 पैसे की गिरावट है। 
रुपया सोमवार को 30 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.63 पर बंद हुआ था।
</p><p>मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और घरेलू बाजारों के कमजोर पड़ने के कारण रुपये पर दबाव बना रहा। हालांकि, कच्चे तेल की गिरती कीमतों और अमेरिकीबॉन्ड प्रतिफल में नरमी ने गिरावट को कुछ हद रोक लिया।’’
 जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के प्रमुख निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार ने कहा, ‘‘निकट भविष्य में रुपया 94.60 से 94.95 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार कर सकता है। वाणिज्यिक बैंकों द्वारा जुटाए जा रहे विदेशी मुद्रा प्रवासी बैंक (एफसीएनआर- बी) जमा के डेटा से वायदा बाजार काफी हद तक प्रभावित होगा।’’ 
 इस बीच, दुनिया के छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 101.09 पर रहा।</p><p>
 अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77.48 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। 
घरेलू शेयर बाज़ारों में सेंसेक्स 893.39 अंक टूटकर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 278.80 अंक लुढ़ककर 23,824.10 अंक पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 635.91 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:56:08 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/rupee-vs-dollar-rupee-falls-11-paise-to-the-9474-level-sensex-also-plunges-893-points</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mundra Airport से शुरू हुआ कमर्शियल ऑपरेशन, Kutch के व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मिलेगी नई रफ्तार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/commercial-operations-commenced-at-mundra-airport-trade-and-logistics-in-kutch-will-gain-new-speed]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>अदाणी मुंद्रा हवाई अड्डे से मंगलवार को गोवा से पहली उड़ान के आगमन के साथ वाणिज्यिक संचालन शुरू हो गया।
 अदाणी समूह ने बयान में कहा कि स्टार एयर के साथ रणनीतिक साझेदारी में शुरू की गई यह हवाई सेवा कच्छ क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को नई गति देगी। इसे एक पूर्णतः एकीकृत बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक केंद्र में बदलने में मदद करेगी।
 स्टार एयर द्वारा मंगलवार से शुरू की गई आठ नई हवाई सेवाएं व्यापार, वाणिज्य, लॉजिस्टिक्स व पर्यटन के लिए यात्रा समय को कम करते हुए एक तेज संपर्क गलियारा तैयार करेगी।</p><p> इससे भारत के सबसे बड़े बंदरगाह मुंद्रा की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
 स्टार एयर मुंद्रा को हिंडन, सूरत, बेलगावी, बेंगलुरु, कोल्हापुर और नांदेड़ जैसे शहरों से भी जोड़ेगी।
 नए हवाई अड्डा टर्मिनल का उद्घाटन अदाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग लिमिटेड के निदेशक जीत अदाणी ने किया।
 कंपनी के अनुसार, अदाणी समूह के सिद्ध विकास मॉडल पर निर्मित मुंद्रा हवाईअड्डा दक्षता और विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। </p><p>1,900 मीटर लंबा रनवे विभिन्न प्रकार के यात्री और माल ढुलाई विमानों को संभालने में सक्षम है, जबकि आधुनिक टर्मिनल में विशाल पार्किंग तथा कई ‘चेक-इन काउंटर’ जैसी सुविधाएं हैं।
 अदाणी समूह पहले से ही नवी मुंबई, मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, मंगलुरु और गुवाहाटी में आठ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का प्रबंधन कर रहा है।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:13:23 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/commercial-operations-commenced-at-mundra-airport-trade-and-logistics-in-kutch-will-gain-new-speed</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Jay Bajaj बने Bajaj Capital के नए प्रमुख, बोले- ग्राहकों के Lifelong Partner बनना हमारा लक्ष्य]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/jay-bajaj-appointed-as-new-head-of-bajaj-capital-says-goal-is-to-be-a-lifelong-partner-to-customers]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>वित्तीय सेवा कंपनी बजाज कैपिटल ने जय बजाज को प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की मंगलवार को घोषणा की।
 कंपनी ने बयान में कहा कि यह नेतृत्व परिवर्तन कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी 60 वर्ष से अधिक की भरोसेमंद विरासत को आगे बढ़ते हुए खुद को प्रौद्योगिकी-सक्षम और अंतर्दृष्टि-आधारित वित्तीय परामर्श संगठन में बदलने की दिशा में तेजी आगे बढ़ रही है।
</p><p> जय बजाज ने कहा, ‘‘ आज के समय में वित्तीय योजना केवल धन या उत्पादों के प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की जीवन यात्रा को समझने और उन्हें आत्मविश्वास व स्पष्टता के साथ उनके महत्वपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करने के बारे में है। हमारा लक्ष्य ग्राहकों के जीवन के हर चरण में उनका आजीवन भागीदार बनना है।’’
</p><p> कंपनी ने कहा कि भविष्य में बजाज कैपिटल वित्तीय तैयारी, व्यक्तिगत सेवानिवृत्ति योजना और बेहतर ग्राहक अनुभव पर केंद्रित नई डिजिटल पहल शुरू करेगी।
 इस परिवर्तन के साथ, बजाज कैपिटल का लक्ष्य अपनी अग्रणी विरासत को मजबूत करना तथा ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक संबंधों को और सुदृढ़ बनाना है। साथ ही उनके जीवन के हर महत्वपूर्ण चरण में एक भरोसेमंद वित्तीय भागीदार बनना है।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:11:33 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/jay-bajaj-appointed-as-new-head-of-bajaj-capital-says-goal-is-to-be-a-lifelong-partner-to-customers</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Iran की बड़ी जीत, तेल से हट गया बैन, भारत को कैसे इससे होगा बंपर फायदा?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/major-victory-for-iran-oil-sanctions-lifted-how-will-india-reap-a-massive-benefit]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अमेरिका ने ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री पर लगी पाबंदियों में 60 दिन की ढील दे दी है। यह फैसला स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरानी मूल के कच्चे तेल, पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन, डिलीवरी और बिक्री के लिए स्थाई सामान्य लाइसेंस जारी किया। यह छूट 21 अगस्त तक लागू रहेगी। इससे भारत समेत कई देश फिर से ईरानी तेल खरीद सकेंगे। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के दौरान ईरान ने हॉर्मोस स्टेट में बिना रोक-टोक आवाजाही बनाए रखने का भरोसा दिया। इसके साथ ही ईरान यूएन की परमाणु एजेंसी आईएईए के इंस्पेक्टर्स को दोबारा देश में काम करने की मंजूरी देने पर भी सहमति जताई है। अमेरिका और ईरान के बीच&nbsp; स्विट्जरलैंड में लगातार दूसरे दिन की बातचीत हुई और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने अमेरिका की कोशिश ईरान के साथ स्थाई समझौते तक पहुंचने की है और अब तक की बातचीत में अच्छी तरह आगे भी बढ़ चुकी है बातें।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/mri/from-nuclear-dispute-to-the-strait-of-hormuz-an-mri-scan-of-every-single-clause-of-the-us-iran-mou" target="_blank">परमाणु विवाद से होर्मुज स्ट्रेट तक...US-Iran MoU के हर एक क्लॉज का MRI स्कैन</a></h3><h2>अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर प्रतिबंध हटाया</h2><div>अमेरिका के वित्त विभाग ने ईरान युद्ध खत्म करने के लिए हुए अंतरिम समझौते के तहत, ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में छूट देते हुए 60 दिन का लाइसेंस जारी किया है। यह लाइसेंस ईरानी तेल के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री की अनुमति देता है। यह 21 अगस्त तक लागू रहेगा। इसके तहत ईरान से निकलने वाले कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन, डिलीवरी और बिक्री की अनुमति दी गई है। लाइसेंस के मुताबिक, ईरानी मूल के कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन, बिक्री, डिलीवरी या उतारने&nbsp; से जुड़े वे सभी जरूरी लेन-देन, जो पहले प्रतिबंधों के दायरे में आते थे, अब 21 अगस्त तक वैलिड रहेंगे। यह घटनाक्रम उस वक्त हुआ, जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि स्विट्जरलैंड में ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी लंबी बातचीत ने एक सफल अंतिम समझौते के लिए अच्छी नींव तैयार की है। वार्ताकार युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं जिसे अमेरिका और इजराइल ने फरवरी में शुरू किया था।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/has-an-understanding-been-reached-between-iran-and-the-us-regarding-lebanon-a-60-day-plan-is-ready" target="_blank">Iran-US में लेबनान पर बनी बात? 60 दिन का प्लान हो गया तैयार</a></h3><h2>भारत के लिए क्यों अहम है ये छूट</h2><div>भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में बदलाव का उस पर बहुत असर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमतों में हर बढ़ोतरी का असर भारत के आयात बिल, महंगाई दर, सरकारी बजट के हिसाब-किताब और आखिर में ग्राहकों द्वारा चुकाई जाने वाली ईंधन की कीमतों पर पड़ता है। पिछले चार सालों में देश के तेल खरीदने के तरीके में बहुत बड़ा बदलाव आया है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद, भारत रियायती दरों पर रूसी कच्चा तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में से एक बन गया है। अब भारत के कुल कच्चे तेल के आयात में रूस की हिस्सेदारी लगभग एक-तिहाई से 40 प्रतिशत तक है, जिससे वह भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है। साथ ही, भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए खाड़ी क्षेत्र के उत्पादक देशों, जैसे सऊदी अरब, इराक और यूएई पर भी काफ़ी हद तक निर्भर है। 2025 में भारत के कच्चे तेल के आयात में OPEC देशों की हिस्सेदारी लगभग आधी थी। इस तरह की निर्भरता से जोखिम पैदा होता है, खासकर तब जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/attack-if-you-dare-an-open-challenge-iran-has-silenced-trump" target="_blank">दम है तो करो हमला...खुला चैलेंज, ईरान ने कर दी ट्रंप की बोलती बंद</a></h3><h2>60 दिन के युद्ध विराम को स्थाई शांति समझौते में बदलने की कोशिश</h2><div>दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड में करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई है। दोनों देश 60 दिन के युद्ध विराम को स्थाई शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। और दूसरी बड़ी बात वेंस ने कहा है कि मिलकर शांति के लिए काम करेंगे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने कहा है कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उनके मुताबिक दोनों ही देश मिलकर शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं और ट्रंप अगले 10 साल में पश्चिम एशिया की तस्वीर बदलना चाहते हैं। तीसरा बड़ा अपडेट क्या है? जल्दी से वह भी जान लीजिए। तीसरा बड़ा अपडेट है ट्रंप ने कहा ईरान लेबनान में अपने समर्थक हिजबुल्ला को तुरंत रोके। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका पिछले हफ्ते से भी ज्यादा सख्त कारवाई करेगा। लेबनान में मौतों का आंकड़ा 4100 के पार हो चुका है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2 मार्च से अब तक 4106 लोगों की मौत 12,000 से ज्यादा लोग घायल। इजराइली सेना प्रमुख एल जमीर ने कहा कि हिजबुल्ला के साथ लड़ाई दोबारा शुरू हो सकती है। पांचवा बड़ा अपडेट कि ईरान का दावा क़तर में फंसे 6 अरब डॉलर मिलेंगे। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते के तहत क़तर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे। उन्होंने दावा यह किया है कि समझौते की शर्तें तेहरान के पक्ष में है। तो वहीं स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ बातचीत के बाद ईरान के सांसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलिबा और विदेश मंत्री अब्बास अराची ओमान रवाना हो गए। दोनों नेता हॉर्मोस ट्रेड के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:32:01 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/major-victory-for-iran-oil-sanctions-lifted-how-will-india-reap-a-massive-benefit</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[भारत-US Trade Deal पर दिल्ली में महामंथन! Piyush Goyal बोले - सार्थक चर्चा की उम्मीद]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/high-level-deliberations-on-the-india-us-trade-deal-in-delhi]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) राजदूत जेमिसन ग्रीर के वाणिज्य विभाग के दौरे का स्वागत किया और कहा कि उन्हें भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर "सार्थक चर्चा" की उम्मीद है। उन्होंने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और उनके साथ आए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का भी स्वागत किया, जो चल रही बातचीत का हिस्सा हैं। एक्स पर एक पोस्ट में गोयल ने कहा कि राजदूत जेमिसन ग्रीर, राजदूत सर्जियो गोर और उनके प्रतिनिधिमंडल का हार्दिक स्वागत है। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सार्थक चर्चा की उम्मीद है। इस बीच, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) राजदूत जेमिसन ग्रीर के साथ अपनी बैठक का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि चल रही बातचीत से अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का रास्ता साफ होगा।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/us-coming-to-india-for-trade-deal-major-announcement-by-us-ambassador" target="_blank">ट्रेड डील करने भारत आ रहा US, अमेरिकी राजदूत का बड़ा ऐलान</a></h3><div>एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि आज नई दिल्ली में मंत्री पीयूष गोयल और राजदूत ग्रीर के साथ मिलकर बहुत अच्छा लगा। अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत चल रही है। एक्स पर एक और पोस्ट में, गोर ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) एंबेसडर जेमिसन ग्रीर के भारत दौरे का स्वागत किया और कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से "दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसर खुलेंगे और अमेरिका-भारत आर्थिक साझेदारी काफी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि भारत में आपका स्वागत है, एंबेसडर ग्रीर! हमारे महत्वाकांक्षी ट्रेड एजेंडा को आगे बढ़ाते हुए आपको यहाँ पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। हम एक मज़बूत द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसर खुलेंगे और अमेरिका-भारत आर्थिक साझेदारी और भी गहरी होगी।</div><div>अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में वाणिज्य भवन पहुँचे। वहाँ उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाक़ात की और एक अंतरिम समझौते तथा व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चर्चा की।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/india-us-restart-trade-deal-talks-amid-tariff-shifts" target="_blank">भारत-US Trade Deal पर दिल्ली में बड़ा मंथन, Piyush Goyal के सामने Tariff की नई चुनौती</a></h3><div>अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और एक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रतिनिधि ग्रीर की दो दिवसीय भारत यात्रा से पहले गोर ने उम्मीद जताई। एक्स पर एक पोस्ट में, अमेरिकी दूत ने ग्रीर की यात्रा को लेकर अपनी उत्सुकता ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि वे राजधानी में ग्रीर का स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं, जहाँ उनकी मुलाक़ात वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तय है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ग्रीर की यह यात्रा फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई गर्मजोशी भरी मुलाक़ात के ठीक बाद हो रही है।</span></div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:20:55 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/high-level-deliberations-on-the-india-us-trade-deal-in-delhi</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Silicon Valley पर भारतीयों का राज, अब Meta के WhatsApp की कमान संभालेंगे Kunal Shah]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/indians-rule-silicon-valley-now-kunal-shah-will-take-the-helm-of-metas-whatsapp]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>कुणाल शाह के व्हाट्सएप का वैश्विक प्रमुख बनने के साथ दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों की अगुवाई करने वाले भारतीय मूल के कार्यकारियों की सूची में एक और नाम जुड़ गया है।
 वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) मंच क्रेड के संस्थापक शाह, मेटा की वैश्विक लीडरशिप टीम में शामिल होकर इस बड़ी प्राद्योगिकी कंपनी के मैसेजिंग मंच को संभालेंगे। शाह के व्हाट्सएप से जुड़ने के साथ एक और नाम भारतीय परिवेश से निकलकर सिलिकॉन वैली के शीर्ष स्तर तक पहुंचने वालों की सूची में शामिल हो गया है।</p><p>
 इस बदलाव के साथ शाह उन खास पेशेवरों के समूह में शामिल हो गए हैं जो अरबों उपयोगकर्ता और खरबों डॉलर के बाजार मूल्यांकन वाले मंचों को संभालते हैं। इससे यह बात फिर साबित होती है कि वैश्विक डिजिटल सेवाओं की अगुवाई करने के लिए जरूरी रणनीतिक सोच के लिए भारतीय प्रतिभा की मांग बढ़ रही है।
 उल्लेखनीय है कि 2026 की शुरुआत में, भारतीय मूल की आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग का सीईओ बनाया गया। उन्होंने फिल स्पेंसर की जगह ली थी।
 पिछले साल अक्टूबर में, राहुल पाटिल एआई कंपनी एंथ्रोपिक में मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी के तौर पर शामिल हुए।
</p><p> ये हाल की नियुक्तियां 2023 में नील मोहन के यूट्यूब के सीईओ और रवि कुमार एस के कॉग्निजेंट के सीईओ बनने के बाद हुई हैं।
 शीर्ष स्तर पर पहुंचने के इस उभार की नींव सत्य नडेला और सुंदर पिचाई जैसी मशहूर हस्तियों ने रखी थी।
 नडेला 2014 में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ बने। उन्हें क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई पर जोर देकर कंपनी की स्थिति को बेहतर बनाने का श्रेय दिया जाता है।</p><p> सुंदर पिचाई ने 2015 में गूगल और बाद में 2019 में इसकी मूल कंपनी अल्फाबेट की कमान संभाली।
 इस सूची में शांतनु नारायण जैसे लंबे समय से नेतृत्व कर रहे लोग भी शामिल हैं। उन्होंने 2007 से एडोब की अगुवाई की। आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा भी इस सूची में शामिल हैं जिन्होंने अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी में अपने 35 साल के करियर के दौरान कई बड़े बदलाव किए हैं।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:04:56 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/indians-rule-silicon-valley-now-kunal-shah-will-take-the-helm-of-metas-whatsapp</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[भारत-US Trade Deal पर दिल्ली में बड़ा मंथन, Piyush Goyal के सामने Tariff की नई चुनौती]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/india-us-restart-trade-deal-talks-amid-tariff-shifts]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने मंगलवार को यहां द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण से जुड़े मुद्दों पर बातचीत शुरू की।
 एक अधिकारी ने बताया कि ग्रीर व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए आधिकारिक यात्रा पर नयी दिल्ली में हैं।
 वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और भारत के मुख्य वार्ताकार एवं वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन इस बैठक में शामिल हैं। यह बैठक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुख्यालय वाणिज्य भवन में जारी है।
 बैठक इस महीने की शुरुआत में (दो से चार जून) राष्ट्रीय राजधानी में हुए मुख्य वार्ताकार स्तर की चर्चाओं के बाद हो रही है।
</p><p> राजेश अग्रवाल ने 15 जून को कहा था कि दोनों मंत्रियों के बीच बातचीत मुख्य रूप से समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।
 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून को कहा था कि दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के ‘‘बेहद करीब’’ हैं।
 इससे पहले पांच जून को पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों पक्ष अगले महीने के मध्य तक बीटीए के पहले चरण को लागू कर सकते हैं।
 दोनों पक्षों ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण की रूपरेखा तय की थी। यह रूपरेखा अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क पर आधारित थी। हालांकि, 20 फरवरी को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए इन व्यापक शुल्कों को निरस्त कर दिया।
</p><p> इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने 24 फरवरी को व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत सभी देशों पर 150 दिन के लिए 10 प्रतिशत शुल्क लगाया, जो इस वर्ष 24 जुलाई को समाप्त होगा।
 अमेरिकी शुल्क व्यवस्था में हुए इन बदलावों के कारण दोनों पक्षों के बीच यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
 भारत और अमेरिका ने 13 फरवरी 2025 को औपचारिक रूप से बीटीए वार्ता शुरू की थी। सात फरवरी 2026 को दोनों पक्षों ने पारस्परिक एवं लाभकारी अंतरिम समझौते के लिए एक ढांचा तैयार करने की घोषणा की थी।
 इस ढांचे के तहत अमेरिका ने भारत पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी। </p><p>रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क को भी हटाया गया था और शेष 25 प्रतिशत को समझौते के तहत 18 प्रतिशत तक कम किया जाना था। हालांकि, अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने इन शुल्कों को निरस्त कर दिया।
 ढांचे के तहत भारत ने सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई खाद्य एवं कृषि उत्पादों जैसे डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स (डीडीजी), लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन व स्पिरिट्स पर शुल्क समाप्त या कम करने का प्रस्ताव रखा।
</p><p> भारत ने अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान तथा उनके कलपुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोल खरीदने की मंशा भी जताई है।
 अमेरिका में शुल्क ढांचे में बदलाव के बाद दोनों पक्ष समझौते की रूपरेखा पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
 फरवरी के संयुक्त बयान में यह प्रावधान भी है कि यदि किसी देश के शुल्क में बदलाव होता है, तो दूसरा देश भी अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन कर सकता है।
 इस बीच, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने 11 और 12 मार्च को धारा 301 के तहत लगभग 60 देशों के खिलाफ जांच शुरू की जिनमें भारत भी शामिल है।
 पहले चरण के समझौते की रूपरेखा तय होने के समय भारत को आसियान देशों (इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलीपीन, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार, कंबोडिया), श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी देशों पर बढ़त हासिल थी।</p><p>
 अमेरिका ने तब भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत शुल्क तय किया था, जबकि प्रतिस्पर्धी देशों पर यह 19-20 प्रतिशत था। हालांकि अब सभी देशों पर समान रूप से 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू है।
 ऐसे में यह महत्वपूर्ण हो गया है कि भारत इस व्यापार समझौते में शुल्क के मोर्चे पर अपने प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बढ़त हासिल करे।
 अमेरिका 2025-26 में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था।
 गत वित्त वर्ष में भारत का अमेरिका को निर्यात 0.92 प्रतिशत बढ़कर 87.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 15.95 प्रतिशत बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया। व्यापार अधिशेष घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया, जो 2024-25 में 40.89 अरब डॉलर था।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 12:45:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/india-us-restart-trade-deal-talks-amid-tariff-shifts</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Share Market में गिरावट के बीच Rupee पर डबल अटैक, US Dollar के मुकाबले 6 पैसे और टूटा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/double-blow-to-the-rupee-amidst-stock-market-decline-falls-another-6-paise-against-the-us-dollar]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में छह पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.69 पर पहुंच गया। डॉलर के मजबूत होने और करीब 13 महीने के उच्च स्तर के आसपास बने रहने से घरेलू मुद्रा पर दबाव है।
 विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी पूंजी की निकासी और घरेलू शेयर बाजारों में कमजोर शुरुआत ने रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाला। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने अधिक गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया।
</p><p> अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.73 प्रति डॉलर पर खुला। बाद में थोड़ा मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 94.69 पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की गिरावट दर्शाता है।
 रुपया सोमवार को 30 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.63 पर बंद हुआ था।
 इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 101.07 पर रहा।</p><p>
 घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 57.43 अंक टूटकर 77,061.94 अंक पर जबकि निफ्टी 31.6 अंक की गिरावट के साथ 24,071.30 अंक पर पहुंच गया।
 अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77.54 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
 शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 635.91 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 12:41:23 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/double-blow-to-the-rupee-amidst-stock-market-decline-falls-another-6-paise-against-the-us-dollar</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[सरकारी प्रतिबंध हटा, Google Play Store पर फिर लौटा Telegram, Apple App Store पर इंतज़ार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/government-ban-lifted-telegram-returns-to-google-play-store-still-awaiting-apple-app-store-release]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने संदेश ऐप टेलीग्राम को अपने प्ले स्टोर पर मंगलवार सुबह बहाल कर दिया। सरकार का अस्थायी प्रतिबंध 22 जून की मध्यरात्रि को समाप्त होने के बाद उसने यह कदम उठाया है।
 गूगल द्वारा बहाली से पहले ही यह प्लेटफॉर्म कुछ मौजूदा उपयोगकर्ताओं के लिए चालू हो गया था। हालांकि, ऐप सुबह करीब 10 बजे तक एप्पल के ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं था।
 इस संबंध में एप्पल को भेजे गए ईमेल का तत्काल कोई जवाब नहीं मिला।
</p><p> सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा का पर्चा लीक होने से रोकने के उद्देश्य से गूगल और एप्पल को 22 जून तक टेलीग्राम ऐप को अपने ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं।
 यह परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा देशभर के स्नातक चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। एजेंसी ने तीन मई को हुई पिछली परीक्षा को प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था।
 इसके अलावा, अलग निर्देश में टेलीग्राम से 30 जून तक भारत में पहले से भेजे गए संदेशों के संपादन की सुविधा बंद करने को कहा गया है ताकि ‘प्रश्न पत्र लीक’ से जुड़े मामलों में साक्ष्यों के दुरुपयोग को रोका जा सके।
 प्रतिबंध लगाने से पहले तीन जून को सरकारी अधिकारियों ने टेलीग्राम के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी, जहां इन चिंताओं को उठाया गया था।
</p><p> नीट की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी और अब तक किसी भी धोखाधड़ी की कोई खबर नहीं मिली है।
 टेलीग्राम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पावेल ड्यूरोव ने भारत के आईटी मंत्रालय द्वारा एक सप्ताह के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने की आलोचना की थी और कहा था कि यह प्रतिबंध प्रश्न पत्र को लीक होने से नहीं रोकेगा।
 ड्यूरोव ने साथ ही आरोप लगाया कि रिलायंस समूह ने व्हाट्सऐप के साथ मिलकर भारत में ऐप पर प्रतिबंध के लिए शायद पैरवी की है।
 मेटा प्लेटफॉर्म्स की रिलायंस में आंशिक हिस्सेदारी है।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 12:27:18 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/government-ban-lifted-telegram-returns-to-google-play-store-still-awaiting-apple-app-store-release</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Airtel Africa पर भारती एयरटेल का बड़ा दांव, ₹28,200 करोड़ की Mega Deal से हिस्सेदारी 79% हुई]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/bharti-airtels-big-bet-on-airtel-africa-stake-rises-to-79percent-mega-deal-worth-rs28200-crore]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने शेयर अदला-बदली समझौते के जरिये एयरटेल अफ्रीका में अपनी हिस्सेदारी 16.31 प्रतिशत बढ़ाकर लगभग 79 प्रतिशत कर ली है।
 कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि इस सौदे का मूल्य करीब 28,200 करोड़ रुपये आंका गया है। इस लेनदेन से पहले भारती एयरटेल की एयरटेल अफ्रीका में हिस्सेदारी 62.73 प्रतिशत थी।
 कंपनी सूचना के अनुसार, ‘‘ कंपनी ने 22 जून 2026 को आईसीआईएल से एयरटेल अफ्रीका के 595,204,251 शेयर (करीब 16.3 प्रतिशत हिस्सेदारी) का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। </p><p>इसके परिणामस्वरूप कंपनी की प्रभावी हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 79 प्रतिशत हो गई है।’’
 इस लेनदेन के तहत भारती एयरटेल ने अपने प्रवर्तक समूह की इकाई इंडियन कॉन्टिनेंट इन्वेस्टमेंट लिमिटेड को तरजीही आधार पर शेयर जारी किए, जिसके बदले में एयरटेल अफ्रीका में उसकी 16.31 प्रतिशत हिस्सेदारी अधिग्रहित की गई।
</p><p> बयान के अनुसार, यह लेनदेन एक नकद-रहित शेयर अदला-बदली है जो कंपनी को बिना किसी अतिरिक्त उधारी या नकद निकासी का एक बड़ा हिस्सा अधिग्रहित करने और एक उच्च-विकास वाली परिसंपत्ति में अपना आर्थिक हित बढ़ाने का अवसर देता है।
 भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक एवं चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के परिणामों की घोषणा करते समय समूह कंपनियों में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना का उल्लेख किया था।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 12:23:02 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/bharti-airtels-big-bet-on-airtel-africa-stake-rises-to-79percent-mega-deal-worth-rs28200-crore</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Market Opening Bell: ग्लोबल कमजोरी और FIIs की बिकवाली से बाजार सुस्त; सेंसेक्स सपाट खुला, निफ्टी में 31 अंकों की गिरावट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/market-opening-bell-markets-sluggish-due-to-global-weakness-and-fii-selling-sensex-opens-flat]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><b style="font-size: 1rem;">सेंसेक्स, निफ्टी आज:&nbsp;</b>वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार जारी बिकवाली के चलते आज भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स—सेंसेक्स और निफ्टी—की शुरुआत सुस्त रही। 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स मामूली 8.02 अंकों की गिरावट के साथ 77,086.05 के स्तर पर सपाट खुला, जबकि NSE निफ्टी 50 इंडेक्स 31.6 अंक फिसलकर 24,071.30 पर खुला। इससे पिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 77,094.07 और निफ्टी 50 24,102.90 के स्तर पर बंद हुए थे।</div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">पिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 77,094.07 पर और निफ्टी 50 24,102.90 पर बंद हुआ था। हालांकि, शुरुआती सेशन में ब्रॉडर इंडेक्स (व्यापक सूचकांक) बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 16.05 अंक ऊपर था, जबकि BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 27.35 अंक या 0.31 प्रतिशत बढ़कर 8,765.88 पर कारोबार कर रहा था।</span></div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/telegram-is-back-up-for-some-existing-users-but-is-still-not-available-on-the-app-store" target="_blank">Telegram Ban India Controversy | ऐप स्टोर्स से हटा टेलीग्राम, सरकार ने मेसेज एडिटिंग फीचर बंद करने के दिए निर्देश</a></h3><div><br></div><div>सेंसेक्स पैक में BEL, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, ICICI बैंक और टाइटन टॉप गेनर्स में शामिल थे; शुरुआती कारोबार में BEL 0.94 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। दूसरी ओर, इन्फोसिस, TCS, हिंदुस्तान यूनिलीवर, HCL टेक और एशियन पेंट्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जिसमें इन्फोसिस 0.98 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">शुरुआती कारोबार में मार्केट का रुख सकारात्मक था; NSE पर 1,498 शेयरों में बढ़त देखी गई, जबकि 1,102 शेयरों में गिरावट आई। 100 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।</span></div><div><br></div><div><b>गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) ने क्या संकेत दिया?</b></div><div>निफ्टी 50 के लिए शुरुआती संकेत देने वाले गिफ्ट निफ्टी ने आज सकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया; यह पिछले बंद भाव 24,099.50 के मुकाबले 82 अंक की बढ़त के साथ 24,181.50 पर खुला। 20 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली की और 635.91 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी की और 1,035.72 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर विदेशी बिकवाली के दबाव का एक बड़ा हिस्सा संभाल लिया।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/us-senator-outraged-pakistan-and-qatar-role-in-iran-us-peace-talks-recalls-bin-laden-history" target="_blank">ईरान-अमेरिका शांति वार्ता में पाकिस्तान और कतर की भूमिका पर भड़के अमेरिकी सीनेटर, याद दिलाया बिन लादेन का इतिहास</a></h3><div><br></div><div><b>आज एशियाई बाज़ार</b></div><div>मंगलवार को एशियाई शेयरों में गिरावट देखी गई। इससे पहले सोमवार को अमेरिकी बाज़ार में मिला-जुला कारोबार हुआ था, क्योंकि तेल की कीमतों में कमी आई थी और ईरान में युद्ध खत्म करने की कोशिशों को लेकर बाज़ार में अनिश्चितता बनी हुई थी। रिपोर्ट लिखे जाने के समय जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1,068.96 अंक या 1.48 प्रतिशत गिरकर 71,285 पर था। इसी तरह, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 295.52 अंक या 1.24 प्रतिशत नीचे आया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 546.84 अंक की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहा था। शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 15.55 अंक या 0.37 प्रतिशत ऊपर था।</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 10:56:52 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/market-opening-bell-markets-sluggish-due-to-global-weakness-and-fii-selling-sensex-opens-flat</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Telegram Ban India Controversy | ऐप स्टोर्स से हटा टेलीग्राम, सरकार ने मेसेज एडिटिंग फीचर बंद करने के दिए निर्देश]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/telegram-is-back-up-for-some-existing-users-but-is-still-not-available-on-the-app-store]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत में लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) को लेकर सरकार और कंपनी के बीच विवाद गहरा गया है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के पेपर लीक मामले के बाद सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों के तहत गूगल (Google Play Store) और एप्पल (Apple App Store) ने टेलीग्राम को अपने-अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। हालांकि, मंगलवार सुबह कुछ मौजूदा उपयोगकर्ताओं (Existing Users) के फोन में ऐप पहले की तरह काम कर रहा है, लेकिन नए यूजर्स इसे डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में गूगल और एप्पल को भेजे गए ईमेल का फिलहाल कोई तत्काल जवाब नहीं मिला है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/monsoon-countdown-in-mumbai-southwest-monsoon-likely-to-arrive-in-the-next-48-hours" target="_blank">Mumbai Monsoon Update | मुंबई में मॉनसून का काउंटडाउन! अगले 48 घंटों में दस्तक दे सकता है दक्षिण-पश्चिम मॉनसून, IMD ने दी अहम जानकारी</a></h3><p>&nbsp;</p><p>
 सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा का पर्चा लीक होने से रोकने के उद्देश्य से गूगल और एप्पल को 22 जून तक टेलीग्राम ऐप को अपने ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं।
 यह परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा देशभर के स्नातक चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।</p><p> एजेंसी ने तीन मई को हुई पिछली परीक्षा को प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था।
 इसके अलावा, अलग निर्देश में टेलीग्राम से 30 जून तक भारत में पहले से भेजे गए संदेशों के संपादन की सुविधा बंद करने को कहा गया है ताकि ‘प्रश्न पत्र लीक’ से जुड़े मामलों में साक्ष्यों के दुरुपयोग को रोका जा सके।
 प्रतिबंध लगाने से पहले तीन जून को सरकारी अधिकारियों ने टेलीग्राम के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी, जहां इन चिंताओं को उठाया गया था।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/i-am-a-problem-solver-donald-trump-claimed-regarding-handling-benjamin-netanyahu" target="_blank">'मैं समस्याओं को सुलझाने वाला हूँ', Donald Trump ने Benjamin Netanyahu को संभालने का दावा किया, US-Iran Peace Talks के बीच इजराइल से बढ़े मतभेद</a></h3><p>
</p><p> नीट की पुनः परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी और अब तक किसी भी धोखाधड़ी की कोई खबर नहीं मिली है।
 टेलीग्राम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पावेल ड्यूरोव ने भारत के आईटी मंत्रालय द्वारा एक सप्ताह के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने की आलोचना की थी और कहा था कि यह प्रतिबंध प्रश्न पत्र को लीक होने से नहीं रोकेगा।
 ड्यूरोव ने साथ ही आरोप लगाया कि रिलायंस समूह ने व्हाट्सऐप के साथ मिलकर भारत में ऐप पर प्रतिबंध के लिए शायद पैरवी की है।
 मेटा प्लेटफॉर्म्स की रिलायंस में आंशिक हिस्सेदारी है।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 10:36:59 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/telegram-is-back-up-for-some-existing-users-but-is-still-not-available-on-the-app-store</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Meta की Mega Deal: CRED में 8,550 करोड़ का निवेश, Kunal Shah संभालेंगे WhatsApp की कमान]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/metas-mega-deal-?8550-crore-investment-in-cred-kunal-shah-to-take-charge-of-whatsapp]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारतीय स्टार्टअप जगत के लिए सोमवार का दिन काफी अहम रहा। सामाजिक माध्यम और संदेश सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स ने भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी क्रेड में 90 करोड़ डॉलर यानी करीब 8,550 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है। इसके साथ ही क्रेड के संस्थापक कुणाल शाह को व्हाट्सऐप का नया वैश्विक प्रमुख नियुक्त किया गया है। यह फैसला तकनीकी और वित्तीय क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाने वाला माना जा रहा है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, इस निवेश के बाद मेटा को क्रेड में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी। इस सौदे के आधार पर क्रेड का मूल्यांकन करीब 4.5 अरब डॉलर यानी लगभग 43,239 करोड़ रुपये आंका गया है। निवेश में नए और पुराने दोनों प्रकार के शेयरों की खरीद शामिल है।</div><div><br></div><div>बता दें कि कुणाल शाह अब क्रेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद से हटकर मेटा की वैश्विक नेतृत्व टीम का हिस्सा बनेंगे। वह व्हाट्सऐप के मौजूदा प्रमुख विल कैथकार्ट का स्थान लेंगे, जिन्होंने पिछले सात वर्षों से इस मंच का नेतृत्व किया है। विल कैथकार्ट अब मेटा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े नए दायित्वों पर काम करेंगे।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि मेटा व्हाट्सऐप को केवल संदेश भेजने वाला मंच नहीं, बल्कि विज्ञापन, सदस्यता आधारित सेवाओं और डिजिटल लेनदेन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना चाहता है। कंपनी का मानना है कि वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कुणाल शाह का अनुभव इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।&nbsp;</div><div><br></div><div>कुणाल शाह के पद छोड़ने के बाद क्रेड में रणनीति और वित्त विभाग का नेतृत्व कर रहे मितेन संपत को अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। कंपनी ने कहा है कि भविष्य की प्रबंधन व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है, क्योंकि वह आगे चलकर शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही है।&nbsp;</div><div><br></div><div>बता दें कि वर्ष 2018 में शुरू हुई क्रेड शुरुआत में समय पर ऋण पत्र भुगतान करने वाले ग्राहकों को पुरस्कार देने वाले मंच के रूप में सामने आई थी। बाद में कंपनी ने भुगतान, ऋण, बीमा, संपत्ति प्रबंधन और जीवनशैली से जुड़ी कई सेवाओं में विस्तार किया। आज कंपनी के पास लगभग 1.7 करोड़ मासिक सक्रिय सदस्य हैं और यह देश के 40 प्रतिशत से अधिक ऋण पत्र बिल भुगतानों को संभालती है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, क्रेड का ऋण कारोबार साझेदार वित्तीय संस्थानों के लिए लगभग 24 हजार करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का प्रबंधन कर रहा है। कंपनी ने वार्षिक आय करीब 3,200 करोड़ रुपये होने और लाभ में पहुंचने का भी दावा किया है।&nbsp;</div><div><br></div><div>विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश केवल एक वित्तीय सौदा नहीं है, बल्कि भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल और वित्तीय बाजारों में मेटा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा भी है। साथ ही यह नियुक्ति भारतीय उद्यमियों की वैश्विक तकनीकी कंपनियों में बढ़ती स्वीकार्यता का एक और बड़ा उदाहरण मानी जा रही हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 23:26:46 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/metas-mega-deal-?8550-crore-investment-in-cred-kunal-shah-to-take-charge-of-whatsapp</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मुकेश अंबानी का Jio और NSE ला रहे Mega IPO, Stock Market में 60 हजार करोड़ की हलचल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/mukesh-ambani-jio-and-nse-are-launching-mega-ipos-stirring-up-a-?60000-crore-buzz-in-stock-market]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>इन दिनों भारतीय पूंजी बाजार में दो बड़े नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। एक तरफ देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार मंच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई है, तो दूसरी तरफ दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं की दिग्गज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स है। दोनों कंपनियों के बहुप्रतीक्षित आईपीओ अब वास्तविकता के करीब पहुंचते दिखाई दे रहे हैं, जिससे निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ गया है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, एनएसई ने लगभग एक दशक की नियामकीय प्रक्रियाओं और विभिन्न अड़चनों के बाद अपने प्रारूप दस्तावेज बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी के पास जमा कर दिए हैं। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को भी आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है और इसके दस्तावेज सेबी के पास दाखिल किए जाएंगे।</div><div><br></div><div>बता दें कि एनएसई का प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह बिक्री प्रस्ताव आधारित होगा। इसके तहत मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का लगभग छह प्रतिशत हिस्सा बेचेंगे। अनुमान है कि इस निर्गम का आकार 28 हजार से 30 हजार करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। एनएसई का मूल्यांकन करीब पांच लाख करोड़ रुपये के आसपास माना जा रहा है।</div><div><br></div><div>दूसरी ओर जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ नए शेयर जारी करने के माध्यम से लाया जाएगा। कंपनी लगभग 27 करोड़ नए शेयर जारी कर सकती है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह निर्गम 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है, जो इसे भारत के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल कर सकता है।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि दोनों कंपनियों का कारोबार पूरी तरह अलग क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। एनएसई देश के पूंजी बाजार की धुरी माना जाता है। शेयर, वायदा, विकल्प और अन्य वित्तीय उत्पादों के करोड़ों रुपये के सौदे प्रतिदिन इसके मंच पर होते हैं। देश में बढ़ती निवेश संस्कृति, डीमैट खातों की संख्या और व्यवस्थित निवेश योजनाओं की लोकप्रियता का सीधा लाभ एनएसई को मिलता है।</div><div><br></div><div>वहीं जियो प्लेटफॉर्म्स ने वर्ष 2016 के बाद भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदलने में अहम भूमिका निभाई है। सस्ते इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और तकनीकी विस्तार के जरिए कंपनी ने करोड़ों उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच बनाई है। अब कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड सेवाओं, डाटा केंद्रों और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, एनएसई वित्त वर्ष 2025-26 में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ दर्ज कर चुका है। वहीं जियो को निवेशक भविष्य की विकास संभावनाओं के आधार पर देख रहे हैं। यही वजह है कि दोनों आईपीओ निवेशकों को अलग-अलग तरह के अवसर प्रदान कर सकते हैं।</div><div><br></div><div>विशेषज्ञों का मानना है कि एनएसई भारत में बढ़ती वित्तीय जागरूकता और निवेश संस्कृति का प्रतीक है, जबकि जियो देश की डिजिटल क्रांति और तकनीकी बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है। यदि दोनों आईपीओ तय समय पर बाजार में आते हैं तो वर्ष 2026 भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में याद किया जा सकता है। निवेशकों की नजर अब इन दोनों बड़े सार्वजनिक निर्गमों की कीमत, मूल्यांकन और बाजार में उनकी प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 23:18:22 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/mukesh-ambani-jio-and-nse-are-launching-mega-ipos-stirring-up-a-?60000-crore-buzz-in-stock-market</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tata Motors का EV सेक्टर में बड़ा दांव, 3400 Commercial Vehicles का मिला बंपर ऑर्डर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/tata-motors-makes-a-major-move-in-the-ev-sector-bags-a-bumper-order-for-3400-commercial-vehicles]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>देश की सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने 3,400 से अधिक इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों के ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी का कहना है कि यह ऑर्डर कई अलग-अलग क्षेत्रों से मिले हैं, जिनमें ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, सीमेंट, स्टील, खनन और सार्वजनिक परिवहन जैसी सेवाएं शामिल हैं।</div><div><br></div><div>बता दें कि कंपनी को मिले कुल ऑर्डरों में करीब 2,000 छोटे वाणिज्यिक वाहन और पिकअप ट्रक शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 900 इलेक्ट्रिक ट्रक और करीब 500 इलेक्ट्रिक बसों के ऑर्डर भी मिले हैं। इन वाहनों का उपयोग तेज उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति, उपभोक्ता टिकाऊ सामानों के वितरण, शहरों के भीतर माल ढुलाई, औद्योगिक परिसरों में संचालन और यात्री परिवहन सेवाओं में किया जाएगा।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार और निजी कंपनियों दोनों ने बड़े स्तर पर निवेश किया है। पहले जहां इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन मुख्य रूप से सीमित परियोजनाओं तक ही दिखाई देते थे, वहीं अब बड़ी कंपनियां इन्हें नियमित संचालन में शामिल कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन लागत में बचत और उत्सर्जन घटाने की जरूरत ने इस बदलाव को तेज किया है।</div><div><br></div><div>टाटा मोटर्स ने बताया कि उसने अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपना इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन पोर्टफोलियो लगातार बढ़ाया है। छोटे मालवाहक वाहनों की श्रेणी में कंपनी ऐस प्रो ईवी, ऐस ईवी और इंट्रा ईवी जैसे मॉडल पेश कर रही है, जिनका इस्तेमाल अंतिम चरण की डिलीवरी और शहर के भीतर माल ढुलाई में बढ़ रहा है।</div><div><br></div><div>मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहन श्रेणी में कंपनी अल्ट्रा ईवी श्रृंखला के वाहन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा प्राइमा ईवी 55 टन ट्रैक्टर और प्राइमा ईवी 28 टन टिपर जैसे मॉडल भारी औद्योगिक उपयोग के लिए तैयार किए गए हैं।</div><div><br></div><div>यात्री परिवहन के क्षेत्र में भी कंपनी ने अपनी मौजूदगी मजबूत की है। स्टारबस ईवी और अल्ट्रा ईवी बसें अब कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का हिस्सा बन रही हैं। कंपनी के अनुसार फिलहाल देश के विभिन्न शहरों में 3,800 से अधिक टाटा इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं और ये मिलकर 55 करोड़ किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर चुकी हैं।</div><div><br></div><div>वहीं छोटे वाणिज्यिक वाहन खंड में 17,000 से अधिक टाटा इलेक्ट्रिक वाहन पहले से देशभर में काम कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि इलेक्ट्रिक तकनीक अब केवल भविष्य की योजना नहीं, बल्कि कारोबार और सार्वजनिक परिवहन का तेजी से बढ़ता वास्तविक विकल्प बनती जा रही है।</div><div><br></div><div>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चार्जिंग ढांचा और बैटरी तकनीक में सुधार इसी गति से जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में भारत का वाणिज्यिक परिवहन क्षेत्र इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर और तेजी से बढ़ सकता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 23:08:43 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/tata-motors-makes-a-major-move-in-the-ev-sector-bags-a-bumper-order-for-3400-commercial-vehicles</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Reliance का मास्टरस्ट्रोक! Jio IPO की खबर से Share Market में तूफ़ान, निवेशकों के खिले चेहरे।]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/reliances-masterstroke-news-of-jio-ipo-sparks-a-storm-in-stock-market-investors-delighted]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>सप्ताह की शुरुआत शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए सकारात्मक रही। कंपनी की दूरसंचार और तकनीकी इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स द्वारा बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम से जुड़े दस्तावेज जमा किए जाने के बाद निवेशकों का उत्साह बढ़ गया। इसका असर कंपनी के शेयरों पर भी दिखाई दिया और कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगभग तीन प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई हैं।</div><div><br></div><div>मौजूद जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर कारोबार के दौरान 1,344.90 रुपये तक पहुंच गया। बाद में इसमें मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन शेयर बढ़त के साथ कारोबार करता रहा हैं। कंपनी का कुल बाजार मूल्य भी 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया हैं।</div><div><br></div><div>बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने बाजार नियामक के पास जो दस्तावेज दाखिल किए हैं, उसके तहत कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बना रही हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए करीब 37,700 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। यदि यह योजना सफल रहती है तो यह भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक साबित हो सकती हैं।</div><div><br></div><div>रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में इस प्रस्तावित सूचीबद्धता को वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण मूल्य सृजन कदम बताया हैं। उन्होंने कहा कि जियो की बाजार में सूचीबद्धता से यह साबित होगा कि भारत वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियां बनाने की क्षमता रखता हैं। साथ ही इससे रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए भी बड़ा मूल्य सृजन होने की उम्मीद हैं।</div><div><br></div><div>गौरतलब है कि मुकेश अंबानी ने यह भी बताया कि इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व उनके बच्चे आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी कर रहे हैं। इससे यह संकेत भी मिलता है कि समूह में नई पीढ़ी को बड़ी जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।</div><div><br></div><div>कंपनी के अनुसार, सार्वजनिक निर्गम से जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग मुख्य रूप से रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के बकाया कर्ज को कम करने और अन्य सामान्य कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत हो सकती हैं।</div><div><br></div><div>इस बीच रिलायंस समूह ने अपने भविष्य के विकास की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की हैं। कंपनी अब उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा और उपभोक्ता कारोबार के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही हैं। मुकेश अंबानी ने कहा कि समूह अब केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने की दिशा में तेजी से काम कर रहा हैं।</div><div><br></div><div>उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में कंपनी ने मेटा, एनवीडिया और गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की है। इसका उद्देश्य भारत की जरूरतों के अनुरूप बड़े स्तर पर तकनीकी सेवाएं और आधारभूत ढांचा तैयार करना हैं।</div><div><br></div><div>इसके अलावा कंपनी सौर ऊर्जा निर्माण, हरित हाइड्रोजन, संपीड़ित जैव गैस, बैटरी भंडारण, जैव ऊर्जा और भूमिगत कोयला गैसीकरण जैसे क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ा रही हैं। बता दें कि भारत सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, ऐसे में रिलायंस की यह रणनीति भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।</div><div><br></div><div>विशेषज्ञों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम न केवल रिलायंस समूह के लिए बल्कि पूरे भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक बड़ा पड़ाव साबित हो सकता है। आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर इस प्रक्रिया और इसके मूल्य निर्धारण पर बनी रहने की संभावना हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 23:00:39 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/reliances-masterstroke-news-of-jio-ipo-sparks-a-storm-in-stock-market-investors-delighted</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[छुट्टियों की Travel Booking पर Cyber Attack का साया, रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/india-travel-cyber-attacks-surge-past-global-rate]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>&nbsp;छुट्टियों के दौरान यात्रा बुकिंग की मांग बढ़ने का फायदा उठाने के लिए साइबर अपराधी भारत के यात्रा और आतिथ्य क्षेत्र को बड़े पैमाने पर निशाना बना रहे हैं। इन संस्थानों कोवैश्विक औसत की तुलना में काफी अधिक संख्या में साइबर हमलों का सामना करना पड़ रह हैं। एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। 
साइबर सुरक्षा कंपनी ‘चेक पॉइंट रिसर्च’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह महीनों के दौरान भारत में संगठनों को प्रति सप्ताह औसतन 3,296 साइबर हमलों का सामना करना पड़ा, जबकि वैश्विक औसत 2,085 हमले प्रति सप्ताह रहा।</p><p>
मई 2026 में आतिथ्य, यात्रा और मनोरंजन क्षेत्र के प्रत्येक संस्थान पर औसतन 2,291 साप्ताहिक साइबर हमले दर्ज किए गए, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक हैं। इसके विपरीत, सभी क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर साइबर हमलों में वार्षिक वृद्धि मात्र दो प्रतिशत रही।
‘चेक पॉइंट रिसर्च’ ने कहा, ‘‘भारत में खतरा और अधिक गंभीर है, क्योंकि पिछले एक महीने में पाई गई 86 प्रतिशत खतरनाक फाइल डिजिटल माध्यमों से भेजी गईं। </p><p>इससे स्पष्ट होता है कि फर्जी यात्रा वेबसाइट, नकली बुकिंग मंच और भ्रामक ऑनलाइन विज्ञापन यात्रियों को ठगने के लिए साइबर अपराधियों के सबसे प्रभावी हथियार बन चुके हैं।’’
रिपोर्ट के अनुसार, मई, 2026 में यात्रा से जुड़े 47,318 नए डोमेन (इंटरनेट पते) पंजीकृत किए गए, जो अप्रैल की तुलना में 33 प्रतिशत और मई, 2025 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें से प्रत्येक 112 में से एक डोमेन पहले ही संदिग्ध श्रेणी में चिह्नित किया जा चुका है। इनमें से कई ऐसे पते हैं जिन्हें यात्रा संबंधी इंटरनेट गतिविधियों के चरम समय में दुरुपयोग के लिए सक्रिय किया जा सकता है।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 18:07:01 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/india-travel-cyber-attacks-surge-past-global-rate</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[FIIs की वापसी और Reliance की तेजी ने बदला बाजार का मूड, Sensex फिर 77,000 के पार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/return-of-fiis-and-rally-in-reliance-shares-shift-market-sentiment-sensex-crosses-77000-mark-again]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीद के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में तेजी लौट आई।सेंसेक्स 291 अंक चढ़कर बंद हुआ जबकि निफ्टी में 90 अंक की बढ़त रही।
 बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 291.17 अंक यानी 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 522.66 अंक यानी 0.68 प्रतिशत चढ़कर 77,325.56 अंक तक चला गया था।
</p><p> इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 89.80 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,102.90 अंक पर बंद हुआ।
 विश्लेषकों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों के फिर से लिवाली शुरू करने और रिलायंस इंडस्ट्रीज एवं एचडीएफसी बैंक के शेयरों में खरीदारी आने से बाजार को सहारा मिला।
 सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और बजाज फिनसर्व प्रमुख रूप से लाभ में रहीं। 
 दूसरी तरफ, एशियन पेंट्स, टाइटन, पावर ग्रिड और ट्रेंट के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
</p><p> ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘अमेरिका-ईरान वार्ता के पहले दौर के सकारात्मक संकेतों से वैश्विक निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है, हालांकि निवेशक सतर्क रुख बनाए हुए हैं।’’
 वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.66 प्रतिशत गिरकर 79.23 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
 जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीद के बीच बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। इसमें बैंकिंग, उपयोगिता एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन की अहम भूमिका रही।’’
</p><p> शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 4,859.07 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीद की थी।
 एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहा।
 यूरोप के बाजार मिले जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिका के बाजार ‘जुनेटीनथ’ अवकाश के कारण शुक्रवार को बंद रहे थे।
 पिछले सत्र में शुक्रवार को सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 154.90 अंक गिरकर 24,013.10 अंक पर आ गया था।</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:53:25 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/return-of-fiis-and-rally-in-reliance-shares-shift-market-sentiment-sensex-crosses-77000-mark-again</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Crude Oil में गिरावट से Share Market को मिला बूस्ट, Sensex 291 अंक चढ़कर हुआ बंद]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/sensex-climbs-291-points-as-crude-prices-ease]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीद के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में तेजी लौट आई।सेंसेक्स 291 अंक चढ़कर बंद हुआ जबकि निफ्टी में 90 अंक की बढ़त रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 291.17 अंक यानी 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 अंक पर बंद हुआ।</div><div><br></div><div>कारोबार के दौरान एक समय यह 522.66 अंक यानी 0.68 प्रतिशत चढ़कर 77,325.56 अंक तक चला गया था। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 89.80 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,102.90 अंक पर बंद हुआ।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/rbi-policy-targets-bank-misselling-customer-refunds-set" target="_blank">बैंक अब नहीं बेच पाएंगे जबरदस्ती Loan-Insurance, RBI के नए नियम से मिलेगा Full Refund</a></h3><div><br></div><div>विश्लेषकों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों के फिर से लिवाली शुरू करने और रिलायंस इंडस्ट्रीज एवं एचडीएफसी बैंक के शेयरों में खरीदारी आने से बाजार को सहारा मिला। सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और बजाज फिनसर्व प्रमुख रूप से लाभ में रहीं। दूसरी तरफ, एशियन पेंट्स, टाइटन, पावर ग्रिड और ट्रेंट के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।</div><div><br></div><div>ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘अमेरिका-ईरान वार्ता के पहले दौर के सकारात्मक संकेतों से वैश्विक निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है, हालांकि निवेशक सतर्क रुख बनाए हुए हैं।’’ वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.66 प्रतिशत गिरकर 79.23 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/bengal-budget-analysis-focus-on-jobs-infra-and-welfare" target="_blank">West Bengal में BJP का पहला Budget: कर्मचारियों को DA Hike, पेंशन बढ़ी, बेरोजगारों के लिए भी तोहफा</a></h3><div><br></div><div>जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीद के बीच बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। इसमें बैंकिंग, उपयोगिता एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन की अहम भूमिका रही।’’</div><div><br></div><div>शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 4,859.07 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीद की थी। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहा। यूरोप के बाजार मिले जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिका के बाजार ‘जुनेटीनथ’ अवकाश के कारण शुक्रवार को बंद रहे थे। पिछले सत्र में शुक्रवार को सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 154.90 अंक गिरकर 24,013.10 अंक पर आ गया था।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:22:42 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/sensex-climbs-291-points-as-crude-prices-ease</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बैंक अब नहीं बेच पाएंगे जबरदस्ती Loan-Insurance, RBI के नए नियम से मिलेगा Full Refund]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/rbi-policy-targets-bank-misselling-customer-refunds-set]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>कई बार बैंक, NBFC या एजेंट्स अपने फायदे के लिए आपको ऐसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स जैसे इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड या इन्वेस्टमेंट स्कीम्स चिपका देते हैं, जिनकी आपको जरूरत ही नहीं होती। इसी को 'मिस-सेलिंग' कहते हैं। आरबीआई ने इस पर सख्त नियम बना दिए हैं, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। अब सिर्फ गलत जानकारी देना ही मिस-सेलिंग नहीं है, बल्कि आपकी प्रोफाइल, कमाई या जरूरत के बिना कोई प्रोडक्ट बेचना, अधूरी बातें बताना या जबरदस्ती कोई स्कीम थोपना भी इसी कैटेगिरी में आएगा।</div><div><br></div><h2><b>पैसे की पूरी वापसी और कैंसिलेशन</b></h2><div>अगर यह साबित हो गया कि आपके साथ मिस-सेलिंग हुई है, तो बैंक या उस फाइनेंशियल कंपनी को आपके पूरे पैसे वापस करने होंगे। इसके साथ ही, उन्हें वह प्रोडक्ट तुरंत कैंसिल करना होगा और आपको इसकी पूरी जानकारी भी देनी होगी। यह उन लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत है जो अक्सर गलत सलाह के चक्कर में फंस जाते हैं।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/bengal-budget-analysis-focus-on-jobs-infra-and-welfare" target="_blank">West Bengal में BJP का पहला Budget: कर्मचारियों को DA Hike, पेंशन बढ़ी, बेरोजगारों के लिए भी तोहफा</a></h3><div><br></div><h2><b>बिना आपकी पक्की 'हां' के कुछ नहीं बिकेगा</b></h2><div>अब कोई भी प्रोडक्ट बेचने से पहले बैंकों को आपकी साफ और सोची-समझी सहमति लेनी होगी। इस सहमति का रिकॉर्ड रखा जाएगा। बैंक खुद से ही किसी ऑप्शन को टिक मार्क नहीं कर सकते या यह नहीं मान सकते कि आपकी हां है। हर अलग प्रोडक्ट के लिए आपकी अलग से मंजूरी लेना जरूरी होगा।</div><div><br></div><h2><b>जबरदस्ती के कॉम्बो पैक्स पर रोक</b></h2><div>अक्सर लोन लेते समय ग्राहकों पर जबरन इंश्योरेंस या कोई दूसरा प्रोडक्ट खरीदने का दबाव बनाया जाता है। आरबीआई ने इस जबरदस्ती की बंडलिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है। कोई भी बैंक आपको एक्स्ट्रा फीस वाला कोई दूसरा प्रोडक्ट खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/major-milestone-for-nayara-energy-number-of-petrol-pumps-in-india-crosses-7000" target="_blank">Nayara Energy: भारत में पेट्रोल पंपों की संख्या 7000 के पार, निजी क्षेत्र में मजबूत की अपनी बादशाहत</a></h3><div><br></div><h2><b>सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी आएंगे रडार पर</b></h2><div>ये नए नियम सिर्फ बैंक की ब्रांच तक सीमित नहीं हैं। अगर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, डिजिटल मार्केटिंग पार्टनर्स या एजेंट्स किसी प्रोडक्ट का गलत या भ्रामक प्रचार करते हैं, तो उसकी सीधी जिम्मेदारी उस बैंक या फाइनेंशियल कंपनी की होगी।</div><div><br></div><h2><b>आपके लिए क्या बदलेगा?</b></h2><div>इन नियमों के आने के बाद आपको किसी भी प्रोडक्ट के रिस्क, छिपे हुए चार्ज और शर्तों की पूरी और साफ जानकारी पहले ही मिल जाएगी। अब बैंक या एजेंट्स सिर्फ अपना सेल्स टारगेट पूरा करने के लिए आपको कोई भी बेकार का प्रोडक्ट नहीं बेच पाएंगे।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:12:19 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/rbi-policy-targets-bank-misselling-customer-refunds-set</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[West Bengal में BJP का पहला Budget: कर्मचारियों को DA Hike, पेंशन बढ़ी, बेरोजगारों के लिए भी तोहफा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/bengal-budget-analysis-focus-on-jobs-infra-and-welfare]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने अपने बजट में राज्य के बेरोजगारों की मदद के लिए ‘भरोसा’ योजना की घोषणा की है। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने राज्य सरकार का पहला बजट पेश करते हुए सोमवार को कहा कि ‘भरोसा’ योजना के तहत एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के बेरोजगार स्नातकों को 3,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। अन्य पात्र बेरोजगार लोगों को 2,000 रुपये दिए जाएंगे, बशर्ते वे किसी अन्य सामाजिक कल्याण योजना के अंतर्गत शामिल न हों। उन्होंने बताया कि सरकार ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन में भी 500 रुपये प्रति माह की वृद्धि की।</div><div><br></div><h2><b>स्वास्थ्य और मध्याह्न भोजन के लिए बड़ा बजट</b></h2><div>स्वास्थ्य क्षेत्र में, सरकार ने आयुष्मान भारत के क्रियान्वयन के लिए 3,100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं जिससे राज्य के लगभग सात करोड़ लोगों को कवर किए जाने की उम्मीद है। मध्याह्न भोजन योजना के लिए प्रति छात्र आवंटन बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है, जिसमें इस्कॉन के सहयोग से भोजन की तैयारी और वितरण किया जाएगा।</div><div><br></div><h2><b>शिक्षा और तकनीकी संस्थानों का विस्तार</b></h2><div>शिक्षा क्षेत्र बजट में प्रमुखता से शामिल रहा। इसमें झारग्राम में एक जनजातीय विश्वविद्यालय और दो केंद्रीय विद्यालय के साथ ही कांथी, कालियाचक और फलता में महिला विश्वविद्यालय शामिल हैं। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज के छात्रों के लिए 25,000 रुपये का एकमुश्त अनुदान देने का प्रस्ताव शामिल है। सरकार ने उत्तर बंगाल में एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और एक भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) की स्थापना को सुगम बनाने तथा राज्य स्तर पर कृत्रिम मेधा (AI) मिशन शुरू करने की योजना की भी घोषणा की। स्कूलों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।</div><div><br></div><h2><b>खेलकूद और स्टेडियमों का विकास</b></h2><div>खेल क्षेत्र में सरकार ने एक खेल विश्वविद्यालय, उत्तर बंगाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम और पांच करोड़ रुपये की लागत से मिनी इंडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा की। राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाले हर क्लब को एक करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि राज्य में खेलो इंडिया गतिविधियों के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।</div><div><br></div><h2><b>सड़कों, पुलों और मेट्रो परियोजनाओं को गति</b></h2><div>सरकार ने बजट में प्रस्तावित चिंगरीघाटा एवं न्यू टाउन एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 900 करोड़ रुपये और भागीरथी नदी पर नए पुल के लिए 1,200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसके अलावा दादनपात्राबर में गहरे समुद्री बंदरगाह, बीरभूम में मयूराक्षी नदी पर चार-लेन पुल तथा दुर्गापुर, आसनसोल और सिलीगुड़ी में मेट्रो रेल परियोजनाओं का प्रस्ताव भी शामिल है।</div><div><br></div><h2><b>नए हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचे का निर्माण</b></h2><div>कोलकाता हवाई अड्डे पर दबाव कम करने के लिए सरकार कल्याणी में 1,000 एकड़ भूमि की पहचान कर नया हवाई अड्डा स्थापित करेगी। पुरुलिया और मालदा में भी हवाई अड्डों का प्रस्ताव है, जबकि हासीमारा और कलाईकुंडा हवाई पट्टियों के विस्तार के लिए भूमि चिन्हित की जाएगी। बजट में सुंदरबन क्षेत्र में संचार अवसंरचना को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये और जंगीपुर क्षेत्र में नदी तट संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।</div><div><br></div><h2><b>चाय बागानों, सरकारी कर्मचारियों और 'अन्नपूर्णा' योजना के लिए राहत</b></h2><div>उत्तर बंगाल में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाणिज्यिक चाय बागानों के लिए न्यूनतम भूमि आवश्यकता को 30 एकड़ से घटाकर 15 एकड़ कर दिया गया है। इसके अलावा, राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत वृद्धि, एक लाख खाली पदों को भरने और ‘अन्नपूर्णा योजना’ के लिए 36,000 करोड़ रुपये का आवंटन प्रमुख घोषणाओं में शामिल हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:32:13 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/bengal-budget-analysis-focus-on-jobs-infra-and-welfare</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Nayara Energy: भारत में पेट्रोल पंपों की संख्या 7000 के पार, निजी क्षेत्र में मजबूत की अपनी बादशाहत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/business/major-milestone-for-nayara-energy-number-of-petrol-pumps-in-india-crosses-7000]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>रूस की दिग्गज तेल कंपनी रोसनेफ्ट (Rosneft) के निवेश वाली नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने भारतीय ईंधन खुदरा बाजार में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने देश भर में अपने पेट्रोल पंपों (ईंधन स्टेशनों) की कुल संख्या 7,000 के पार पहुंचा दी है। इस आक्रामक विस्तार के साथ ही नायरा एनर्जी ने भारत के निजी क्षेत्र (Private Sector) में सबसे बड़ी ईंधन खुदरा विक्रेता (Fuel Retailer) के रूप में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत कर लिया है।</p><p>कंपनी के तेजी से विस्तार के बीच शहरों, राजमार्गों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईंधन की उपलब्धता बढ़ गई है।
कंपनी द्वारा जारी बयान के अनुसार पिछले 18 महीनों में 500 से अधिक नए पेट्रोल पंप शुरू किए गए हैं। यह औसतन प्रतिदिन लगभग एक नए केंद्र के संचालन के बराबर है। इस विस्तार के माध्यम से कंपनी देशभर में अपने खुदरा नेटवर्क को मजबूत बनाने के साथ-साथ उन क्षेत्रों तक भी पहुंच बढ़ा रही है, जहां ईंधन अवसंरचना अभी विकास की प्रक्रिया में है।
कंपनी ने बताया कि उसके कुल पेट्रोल पंप में लगभग एक-तिहाई हिस्सेदारी ग्रामीण और आंतरिक क्षेत्रों में स्थित केंद्रों की है। इससे इन इलाकों में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिली है और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है।</p><p><b>ग्रामीण भारत और आंतरिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान</b></p><p>नायरा एनर्जी के इस राष्ट्रव्यापी नेटवर्क विस्तार की सबसे बड़ी खासियत इसकी भौगोलिक पहुंच है। कंपनी ने बताया कि उसके कुल परिचालन वाले पेट्रोल पंपों में से लगभग एक-तिहाई (One-Third) हिस्सेदारी ग्रामीण और आंतरिक क्षेत्रों में स्थित केंद्रों की है।</p><p>आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा: ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में पेट्रोल पंपों के इस बड़े नेटवर्क से न केवल स्थानीय स्तर पर ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू और मजबूत हुई है, बल्कि इन क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स, कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी भारी गति मिली है।</p><p><b>ऊर्जा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और भविष्य</b></p><p>भारत जैसे तेजी से बढ़ते ऊर्जा बाजार में जहाँ सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) का दबदबा रहा है, वहाँ नायरा एनर्जी का 7,000 से अधिक केंद्रों का नेटवर्क निजी क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है। यह विस्तार शहरी उपभोक्ताओं के साथ-साथ राजमार्गों पर चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों और ग्रामीण भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बेहद मददगार साबित हो रहा है।</p><p>रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी का यह कदम यह साफ करता है कि कंपनी भारतीय बाजार को लेकर बेहद गंभीर है। आने वाले समय में हरित ईंधन (Green Fuel) और पारंपरिक ईंधन के मिश्रण के साथ कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं को और अधिक उन्नत विकल्प देने की दिशा में अग्रसर है।&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:24:02 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/business/major-milestone-for-nayara-energy-number-of-petrol-pumps-in-india-crosses-7000</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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