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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
    <link>https://www.prabhasakshi.com/</link>
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      <title><![CDATA[टाटा सिएरा #DARK एडिशन में क्या है खास? कीमत, इंजन और डिजाइन की पूरी जानकारी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/what-makes-the-tata-sierra-dark-edition-special-full-details-on-price-engine-and-design]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 13.99 लाख रुपये रखी गई है। नए एडिशन में दमदार लुक, प्रीमियम केबिन और खास डिजाइन एलिमेंट्स का शानदार मेल देखने को मिलता है। यह एसयूवी उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश की गई है, जो अपनी कार में स्टाइल के साथ आधुनिक सुविधाएं भी चाहते हैं।</p><h2>1. फ्रिसियन ब्लैक रंग में दमदार लुक</h2><p>टाटा सिएरा #DARK एडिशन की सबसे बड़ी खासियत इसका फ्रिसियन ब्लैक एक्सटीरियर है। इसका गहरा रंग और मस्कुलर बॉडी डिजाइन सड़क पर इसे अलग पहचान देते हैं। कंपनी ने इसमें खास पर्पल क्रोम डिटेलिंग भी दी है, जो इसके बाहरी लुक को और आकर्षक बनाती है। सिएरा के प्रतिष्ठित डिजाइन को बरकरार रखते हुए नए एडिशन में प्रीमियम और स्पोर्टी अंदाज पर विशेष ध्यान दिया गया है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/awd-or-4wd-which-system-is-best-for-your-driving" target="_blank" rel="noopener">AWD या 4WD, आपकी ड्राइविंग के लिए कौन-सा सिस्टम रहेगा बेस्ट?</a></p><h2>2. केबिन में मिलेगा प्रीमियम अनुभव</h2><p>एसयूवी के इंटीरियर में वॉयलेट एक्लिप्स थीम दी गई है। इसके साथ लेदरेट फिनिश और खास रंगों का संयोजन केबिन को आधुनिक और आरामदायक बनाता है। पर्पल क्रोम के चुनिंदा एलिमेंट्स इसके एक्सटीरियर और इंटीरियर के बीच एक खास डिजाइन तालमेल बनाते हैं। कंपनी ने इस स्पेशल एडिशन में सिएरा के फीचर-पैक्ड अनुभव को भी बरकरार रखा है।</p><h2>3. टाटा सिएरा #DARK की वेरिएंट-वाइज कीमत</h2><p>टाटा सिएरा #DARK एडिशन अलग-अलग वेरिएंट और इंजन-गियरबॉक्स विकल्पों में उपलब्ध है। इसकी शुरुआती कीमत Pure L वेरिएंट के लिए 13.99 लाख रुपये है, जबकि टॉप वेरिएंट की कीमत 21.59 लाख रुपये तक जाती है। सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं।</p><p>ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार Pure L, Pure L (O), Pure+ L, Adventure+ L, Accomplished और Accomplished+ जैसे वेरिएंट चुन सकते हैं। अलग-अलग वेरिएंट में इंजन और ट्रांसमिशन के विकल्प भी बदलते हैं।</p><h2>4. पेट्रोल और डीजल इंजन के विकल्प</h2><p>टाटा सिएरा #DARK में 1.5-लीटर Revotron पेट्रोल, 1.5-लीटर Kryojet डीजल और 1.5-लीटर Hyperion पेट्रोल इंजन विकल्प दिए गए हैं। ट्रांसमिशन की बात करें तो इसमें मैनुअल (MT), डुअल-क्लच ऑटोमैटिक (DCA) और ऑटोमैटिक (AT) विकल्प मिलते हैं। हालांकि, सभी इंजन और गियरबॉक्स प्रत्येक वेरिएंट में उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए खरीदारी से पहले संबंधित वेरिएंट की उपलब्धता और तकनीकी जानकारी डीलर से जरूर जांच लें।</p><h2>5. किसे पसंद आ सकती है नई सिएरा #DARK?</h2><p>प्रीमियम मिड-साइज एसयूवी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए यह नया एडिशन एक आकर्षक विकल्प हो सकता है। खासतौर पर वे लोग जिन्हें ऑल-ब्लैक लुक, विशिष्ट डिजाइन और प्रीमियम केबिन पसंद है, इस मॉडल पर विचार कर सकते हैं। इसकी कीमत और फीचर्स की तुलना दूसरे एसयूवी विकल्पों से करना भी उपयोगी रहेगा।</p><p>टाटा सिएरा #DARK एडिशन कंपनी की खास डिजाइन वाली एसयूवी रेंज को आगे बढ़ाता है। इच्छुक ग्राहक अपने नजदीकी अधिकृत टाटा मोटर्स डीलरशिप पर जाकर वेरिएंट, फीचर्स, टेस्ट ड्राइव और ऑन-रोड कीमत की जानकारी ले सकते हैं।</p><p>- डॉ. अनिमेष शर्मा</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:00:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/what-makes-the-tata-sierra-dark-edition-special-full-details-on-price-engine-and-design</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Ferrari ने पेश की पहली EV Luce, 1036bhp पावर और 530km की रेंज से लैस]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/ferrari-unveils-luce-first-electric-car-with-530km-range]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>फेरारी ने आखिरकार अपनी पहली EV, 'लूसे' (Luce) से पर्दा उठा दिया है। यह कोई आम लग्ज़री कार नहीं, बल्कि कंपनी का पहला पूरी तरह से इलेक्ट्रिक मॉडल है। कंपनी ने इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी है; इसमें 4 मोटर और एक बहुत बड़ी 122kWh की बैटरी दी गई है, जो 350kW तक की DC फ़ास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इतनी पावर के साथ, ड्राइवर एक बार चार्ज करने पर 530km से ज़्यादा का सफ़र तय कर सकते हैं।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/iaf-shares-technical-roadmap-for-autonomous-and-unmanned-systems-with-industry" target="_blank" rel="noopener">Indian Air Force ने ऑटोनॉमस सिस्टम के लिए इंडस्ट्री के सामने रखीं तकनीकी जरूरतें</a></h3><p>इस बार, कार निर्माताओं ने एक तंग स्पोर्ट्स कूपे से आगे बढ़कर कुछ नया पेश किया है; फेरारी अब 4 दरवाज़ों और 5 सीटों वाली कार लेकर आई है। यह काफी जगहदार है, लेकिन साथ ही इसमें दमदार परफॉरमेंस भी है। इसके अंदर आपको डिजिटल स्क्रीन के साथ-साथ बटन, स्विच और मजबूत एल्युमिनियम डायल जैसे पारंपरिक फिजिकल कंट्रोल भी मिलते हैं। टचस्क्रीन से भरी इलेक्ट्रिक कारों की भीड़ में, कंपनी ने इस तरह से खुद को सबसे अलग दिखाने का प्रयास किया है।</p><p>परफॉरमेंस की बात करें तो, हर पहिये के लिए एक अलग मोटर दी गई है, जो मिलकर कुल 1,036bhp की जबरदस्त पावर देती हैं। यह कार 0 से 100 km/h की रफ़्तार सिर्फ 2.5 सेकंड में पकड़ लेती है। 'लूसे' (Luce) 310 km/h से भी ज्यादा की स्पीड तक पहुँच सकती है। फेरारी इसमें 'टॉर्क वेक्टरिंग' और 'व्हील-बाय-व्हील पावर मैनेजमेंट' का इस्तेमाल करती है, ताकि आप इसे चाहे कितनी भी तेजी से चलाएं, यह स्थिर रहे, सड़क पर अच्छी पकड़ बनाए रखे और एकदम सटीक तरीके से चले।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/politics-articles/modi-diplomacy-us-russia-oil-sanctions-jd-vance-elon-musk-india" target="_blank" rel="noopener">Modi Diplomacy Power देखकर दुनिया हैरान, आखिर रातोंरात कैसे बदल गये Donald Trump, Marco Rubio, JD Vance और Elon Musk के तेवर?</a></h3><p>बैटरी की बात करें तो, इसमें 122kWh की बैटरी दी गई है और इसकी रेंज 530km से ज़्यादा है। हालाँकि, किसी भी EV की तरह, असल रेंज इस बात पर निर्भर करती है कि आप गाड़ी कैसे चलाते हैं और मौसम कैसा है। जब इसे रिचार्ज करने का समय हो, तो बस किसी कम्पैटिबल स्टेशन से कनेक्ट करें और 350kW तक की फ़ास्ट चार्जिंग का फ़ायदा उठाएँ। चार्जिंग में कितना समय लगेगा, यह बैटरी की मौजूदा स्थिति और आप जिस स्टेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं, उस पर निर्भर करता है।<br>&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:28:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/ferrari-unveils-luce-first-electric-car-with-530km-range</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[VinFast ने भारत में पेटेंट कराया नया Electric Scooter, टू-व्हीलर EV सेगमेंट में एंट्री]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/vinfast-patents-new-electric-scooter-in-india-ahead-of-two-wheeler-launch]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>क्या आप भी काफी समय से टू-व्हीलर लेने का सोच रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। असल में वियतनाम की ऑटोमोबाइल कंपनी विनफास्ट भारत के इलेक्ट्रिक कार मार्केट में पेश की गई है। जिसके बाद इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर भी बाजार में टक्कर देने के लिए आ गया है।</p><p>बता दें कि, कंपनी ने भारत में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर पेटेंट कराया है। कंपनी अपने ग्लोबल मॉडल ईवी, फेलिज और 14-इंच के बड़े पहियों वाले रसद जैसे मैक्सी स्कूटर को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।</p><p>इसके साथ ही कंपनी खासतौर पर भारतीयों की जरुरत के हिसाब से भारत के लिए नया इलेक्ट्रिक स्कूटर ला रही है, जिसका डिजाइन पेटेंट हो चुका है। आइए आपको इस बारे पूरी जानकारी देते हैं।</p><p><strong>कब होगा लॉन्च?</strong></p><p>विनफास्ट ग्लोबल मार्केट में इलेक्ट्रिक कारों के साथ ही इलेक्ट्रिक स्कूटरों की भी बिक्री करती है। कंपनी ने करीब एक साल पहले भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में एंट्री की है और सिर्फ अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ही बिक्री करती है। धीरे-धीरे कंपनी भारत में अपना पोर्टफोलियो बढ़ाने की तैयारी कर रही है।</p><p>विनफास्ट भारत के 34 बड़े शहरों में 50 से अधिक डीलरशिप्स के साथ लेटर ऑफ इंटेंट साइन कर चुकी है। कंपनी आने वाली सालों में इस नए इलेक्ट्रिक स्कूटर को आधिकारिक रूप में भारत में लॉन्च कर सकती हैं।</p><p><strong>कैसा है पेटेंट कराए गए स्कूटर का डिजाइन?</strong></p><p>रशलेन की रिपोर्ट के मुताबिक यह स्कूटर स्पोर्टी होने के साथ-साथ भारतीय परिवारों की जरुरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है-</p><p><strong>फ्रंट लुक</strong></p><p>स्कूटर का फ्रंट में मॉर्डन और मिनिमलिस्ट लुक वाला सिंगल-पीस एप्रन दिया गया है, जिस पर विनफास्ट का लोगो लगा है। हेडलाइट यूनिट और फ्लश LED टर्न इंडिकेटर्स एप्रन नीचे दिए है।</p><p><strong>14-इंच के बड़े पहिए</strong></p><p>इस स्कूटर में आगे और पीछे 14-इंच के बड़े पहिए दिए गए हैं, जो इसे सडकों पर शानदार रोड प्रेजेंस देते हैं।</p><p><strong>सीट और केबिन</strong></p><p>इतना ही नहीं, इसमें एक स्टेप के साथ लंबी और फ्लैट सीट दी गई हैं। इसके साथ ही पैर रखने के लिए आरामदायक फ्लैट फ्लोरबोर्ड भी दिया गया है।</p><p><strong>स्ट्रीट-स्टाइल हैंडलबार</strong></p><p>इसमें स्ट्रीट-स्टाइल हैंडलबार के ऊपर डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल दिया गया है। इसमें LCD या TFT डिस्प्ले दी जा सकती है।</p><p><strong>सस्पेंशन, मोटर और अंडर-सीट स्टोरेज</strong></p><p><strong>हब मोटर</strong></p><p>इस स्कूटर के पिछले पहिए में हब मोटर दी गई है। फ्लोरबोर्ड में बैटरी होने के कारण सीट के नीचे काफी बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज मिलने की उम्मीद है।</p><p><strong>सस्पेंशन</strong></p><p>इसमें आगे टेलीस्कोपिक फोर्क्स और पीछे ट्विन शॉक एब्जॉर्बर दिए जा सकते हैं। इसके साथ ही इसमें पारंपरिक की-होल दिया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि कंपनी इसे किफायती और मास-मार्केट सेगमेंट में उतारेगी।</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 12:11:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/vinfast-patents-new-electric-scooter-in-india-ahead-of-two-wheeler-launch</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[128kmph की टॉप स्पीड और 400KM तक की रेंज, खरीदने से पहले देखें ये इलेक्ट्रिक स्कूटर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/check-out-this-electric-scooter-before-buying-featuring-a-128-kmph-top-speed-and-up-to-400-km-range]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और कम खर्च में सफर करने की चाहत के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि, इन्हें खरीदने से पहले ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल बैटरी रेंज को लेकर रहता है। लंबी दूरी के सफर में बैटरी खत्म होने और चार्जिंग स्टेशन न मिलने की चिंता कई लोगों को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने से रोकती है। ऐसे में आइए जानते हैं पांच ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के बारे में, जिनकी कंपनी द्वारा दावा की गई रेंज 265 किलोमीटर से लेकर 418 किलोमीटर तक है।</p><h2>1. Komaki SE Ultra: 418KM तक की दावा की गई रेंज</h2><p>Komaki SE Ultra लंबी रेंज वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में शामिल है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.11 लाख रुपये बताई गई है। इसमें 7.2kWh का बैटरी पैक मिलता है, जिसके साथ कंपनी 418 किलोमीटर तक की रेंज का दावा करती है। इसकी अधिकतम रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा है। सामान रखने के लिए 50 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज स्पेस और 160mm का ग्राउंड क्लीयरेंस भी मिलता है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/awd-or-4wd-which-system-is-best-for-your-driving" target="_blank" rel="noopener">AWD या 4WD, आपकी ड्राइविंग के लिए कौन-सा सिस्टम रहेगा बेस्ट?</a></p><h2>2. Simple Ultra: दमदार रेंज और 115kmph की स्पीड</h2><p>Simple Ultra उन ग्राहकों को आकर्षित कर सकता है, जो लंबी रेंज के साथ बेहतर रफ्तार चाहते हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.35 लाख रुपये है। इसमें 6.5kWh की बैटरी दी गई है और कंपनी 400 किलोमीटर तक चलने का दावा करती है। इसकी टॉप स्पीड 115 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसमें 26 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज और 172mm का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है।</p><h2>3. Komaki XR7: बजट में लंबी रेंज का विकल्प</h2><p>Komaki XR7 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 91,499 रुपये है। इसमें 4.68kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जिसकी दावा की गई रेंज 322 किलोमीटर तक है। इसकी अधिकतम रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटा है। स्कूटर में 30 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज और 165mm का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है। कम शुरुआती कीमत में लंबी रेंज तलाश रहे ग्राहकों के लिए इसके फीचर्स पर विचार किया जा सकता है।</p><h2>4. Ola S1 Pro Plus: हाई स्पीड के साथ लंबा सफर</h2><p>Ola S1 Pro Plus भी लंबी रेंज वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की सूची में शामिल है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.74 लाख रुपये है। इसमें 5.3kWh का बैटरी पैक मिलता है और कंपनी 320 किलोमीटर तक की रेंज का दावा करती है। इसकी टॉप स्पीड 128 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके अलावा, 34 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज और 160mm का ग्राउंड क्लीयरेंस दिया गया है।</p><h2>5. Simple One: रेंज और स्टोरेज का अच्छा संयोजन</h2><p>Simple One की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.04 लाख रुपये है। इसमें 5kWh की बैटरी मिलती है, जिसके साथ 265 किलोमीटर तक की दावा की गई रेंज दी गई है। इसकी टॉप स्पीड 115 किलोमीटर प्रति घंटा है। स्कूटर में 35 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज और 172mm का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है। यह उन लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है, जो लंबी रेंज के साथ पर्याप्त सामान रखने की सुविधा चाहते हैं।</p><h2>खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान</h2><p>इन पांचों इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में बैटरी क्षमता, रेंज, रफ्तार और स्टोरेज के लिहाज से अंतर है। ध्यान रखें कि कंपनियों द्वारा बताई गई रेंज आदर्श परिस्थितियों पर आधारित हो सकती है। वास्तविक रेंज सड़क की स्थिति, राइडिंग स्टाइल, गति, वजन और मौसम के अनुसार कम हो सकती है। स्कूटर खरीदने से पहले बैटरी वारंटी, चार्जिंग समय, सर्विस नेटवर्क और अपने शहर में उपलब्ध सुविधाओं की भी जांच करें।</p><p>- डॉ. अनिमेष शर्मा</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 17:44:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/check-out-this-electric-scooter-before-buying-featuring-a-128-kmph-top-speed-and-up-to-400-km-range</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[AWD या 4WD, आपकी ड्राइविंग के लिए कौन-सा सिस्टम रहेगा बेस्ट?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/awd-or-4wd-which-system-is-best-for-your-driving]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आजकल कार खरीदते समय सिर्फ इंजन, माइलेज और फीचर्स पर ही ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि गाड़ी की ड्राइविंग क्षमता भी महत्वपूर्ण हो गई है। खासकर SUV खरीदने वालों के मन में AWD और 4WD को लेकर अक्सर सवाल रहता है। ये दोनों सिस्टम सामान्य टू-व्हील ड्राइव (2WD) के मुकाबले मुश्किल परिस्थितियों में बेहतर ट्रैक्शन देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, दोनों की तकनीक और इस्तेमाल का तरीका अलग है। आइए समझते हैं कि आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर रहेगा।</p><h2>क्या होता है AWD सिस्टम?</h2><p>ऑल-व्हील ड्राइव यानी AWD एक ऐसा ड्राइव सिस्टम है, जो जरूरत के अनुसार चारों पहियों तक इंजन की ताकत पहुंचा सकता है। इसकी खासियत यह है कि ड्राइवर को आमतौर पर खुद ड्राइव मोड बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। सिस्टम के सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सड़क की स्थिति और पहियों की पकड़ के अनुसार पावर का वितरण नियंत्रित करते हैं।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/big-changes-are-coming-to-the-bajaj-pulsar-ns200-and-n250" target="_blank" rel="noopener">Bajaj Pulsar NS200 और N250 में आएंगे बड़े बदलाव! TFT स्क्रीन और USD फोर्क्स से होंगी लैस</a></p><p>कुछ AWD गाड़ियां सामान्य परिस्थितियों में मुख्य रूप से आगे या पीछे के पहियों से चलती हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरे पहियों को भी पावर देती हैं। वहीं, कुछ सिस्टम लगातार चारों पहियों तक ताकत पहुंचाते हैं। गीली सड़कों, बारिश, हल्की बर्फ और रोजमर्रा की ड्राइविंग के दौरान AWD उपयोगी साबित हो सकता है।</p><h2>AWD के प्रमुख फायदे</h2><p>AWD का सबसे बड़ा फायदा इसकी सुविधा है। ड्राइवर को आमतौर पर अलग से 4WD मोड सक्रिय नहीं करना पड़ता। यह सिस्टम अचानक बदलती सड़क परिस्थितियों में गाड़ी की पकड़ और स्थिरता बेहतर बनाने में मदद करता है। यही वजह है कि यह कई क्रॉसओवर और प्रीमियम SUV में देखने को मिलता है। हालांकि, इसकी अतिरिक्त तकनीक के कारण कीमत और मेंटेनेंस खर्च कुछ अधिक हो सकते हैं।</p><h2>क्या है 4WD या 4x4 सिस्टम?</h2><p>फोर-व्हील ड्राइव यानी 4WD या 4x4 सिस्टम खासतौर पर कठिन रास्तों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए बनाया जाता है। कई पारंपरिक 4WD गाड़ियों में ट्रांसफर केस और लो-रेंज गियरिंग मिलती है, जो धीमी गति पर अधिक खिंचाव और नियंत्रण देने में मदद करती है। कुछ मॉडल में ड्राइवर स्विच या गियर लीवर के जरिए 2WD, 4H और 4L जैसे मोड चुन सकता है।</p><p>यह सिस्टम कीचड़, चट्टानों, रेतीले रास्तों और खड़ी पहाड़ी चढ़ाई पर काफी उपयोगी है। हालांकि, हर 4WD गाड़ी में एक जैसी तकनीक नहीं होती। कुछ मॉडल में फुल-टाइम 4WD भी मिलता है, इसलिए इस्तेमाल से पहले वाहन के मैनुअल को समझना जरूरी है।</p><h2>4WD के मुख्य फायदे</h2><p>4WD की सबसे बड़ी ताकत कठिन परिस्थितियों में बेहतर ट्रैक्शन और नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ने की क्षमता है। लो-रेंज गियरिंग वाली गाड़ियां मुश्किल चढ़ाई और पथरीले रास्तों पर खास फायदा देती हैं। कई पिकअप ट्रक और ऑफ-रोड SUV में यह सिस्टम मिलता है। भारी ट्रेलर खींचने की क्षमता, हालांकि, वाहन के इंजन, चेसिस और निर्माता द्वारा तय की गई टोइंग सीमा पर भी निर्भर करती है।</p><h2>बर्फ और ऑफ-रोडिंग में कौन बेहतर?</h2><p>अगर आप पक्की सड़कों पर बारिश या हल्की बर्फ के दौरान गाड़ी चलाते हैं, तो AWD एक अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं, गहरी बर्फ, कीचड़, चट्टानों और कठिन पहाड़ी रास्तों पर सही उपकरणों वाला 4WD ज्यादा उपयोगी हो सकता है। ध्यान रखें कि बर्फ पर सुरक्षित ड्राइविंग के लिए सही विंटर टायर बेहद महत्वपूर्ण हैं। AWD या 4WD होने से ब्रेकिंग दूरी अपने आप कम नहीं हो जाती।</p><h2>आपके लिए कौन-सा सिस्टम सही है?</h2><p>यदि आपकी ड्राइविंग ज्यादातर शहर, हाईवे और सामान्य सड़कों तक सीमित है, तो AWD सुविधा और बेहतर ट्रैक्शन का अच्छा मेल दे सकता है। लेकिन अगर आप नियमित रूप से ऑफ-रोडिंग करते हैं, दुर्गम पहाड़ी इलाकों में जाते हैं या गहरी कीचड़ वाली सड़कों पर ड्राइव करते हैं, तो 4WD बेहतर विकल्प हो सकता है।</p><p>निष्कर्ष: AWD रोजमर्रा की बदलती सड़क परिस्थितियों के लिए सुविधाजनक है, जबकि 4WD कठिन रास्तों पर अधिक नियंत्रण और क्षमता देने के लिए उपयोगी है। सही चुनाव आपकी ड्राइविंग जरूरत, टायर, वाहन की बनावट और बजट पर निर्भर करता है।</p><p>- डॉ. अनिमेष शर्मा</p>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 18:41:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/awd-or-4wd-which-system-is-best-for-your-driving</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Elon Musk ने दिखाई नई Tesla Roadster, SpaceX तकनीक से हवा में लगाई शानदार फ्लिप, देखें Video]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/elon-musk-unveils-flying-tesla-roadster-with-spacex-technology-at-texas-facility]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने कंपनी की अगली पीढ़ी की 'रोडस्टर' कार का एक वीडियो शेयर किया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में कार को हवा में एक शानदार करतब करते हुए देखा जा सकता है, जिससे लंबे समय से अटकी इस स्पोर्ट्स कार को लेकर टेस्ला की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर सबका ध्यान गया है। टेक्सास के वाको में आयोजित एक लाइव इवेंट के दौरान, इस कार को एक ऊंचे घुमावदार रैंप पर चढ़ते हुए दिखाया गया। इसके बाद कार उल्टी होकर हवा में उठी, उसने हवा में ही एक 'फ्लिप' (पलटी) लगाई और फिर सुरक्षित तरीके से नीचे उतर गई। ऐसा लग रहा था कि कार के नीचे थ्रस्टर्स लगे हुए थे, जिनकी मदद से उसने यह करतब दिखाया।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/musk-hit-the-kill-switch-ukraine-cried-out-india-assessment-proved-correct" target="_blank" rel="noopener">मस्क ने दबाया किल स्विच बटन, चीख पड़ा यूक्रेन, सही निकला भारत का अनुमान!</a></h3><p>15 अक्टूबर को टेक्सास के मैकग्रेगर में स्थित स्पेसएक्स (SpaceX) फैसिलिटी में एक इवेंट के दौरान, कंपनी ने अपनी नई डिज़ाइन वाली 'रोडस्टर' का प्रदर्शन किया। इस दौरान कार एक खास तौर पर बनाए गए रैंप पर उल्टी चली, कुछ देर हवा में रही और फिर सुरक्षित रूप से नीचे उतरी। यह घटना इस बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक सुपरकार के लिए एक अहम पड़ाव थी। यह गाड़ी एक बड़े घुमावदार रैंप पर चढ़ी, उस पर उल्टी चलती रही, फिर हवा में उड़ी और अंत में सुरक्षित रूप से लैंड कर गई। यह स्टंट उस तकनीक को दिखाता है जिसे मस्क की रॉकेट कंपनी, स्पेसएक्स के साथ मिलकर विकसित किया गया है।</p><p>मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस प्रदर्शन का एक वीडियो शेयर किया, जिसके साथ कैप्शन लिखा था: "पता चला है कि भविष्य में सच में उड़ने वाली कारें होंगी।" रीडिज़ाइन की गई रोडस्टर में स्पेसएक्स द्वारा विकसित 'कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स' लगे हैं, जो थ्रस्ट (धक्का) पैदा करने के लिए प्रेशराइज़्ड गैस का इस्तेमाल करते हैं। इवेंट में दिखाए गए अन्य विशेष सिस्टम के साथ मिलकर, यह तकनीक गाड़ी को ऐसी अनोखी हरकतें करने में सक्षम बनाती है, जो एक आम सड़क वाली कार के लिए मुमकिन नहीं हैं।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/tata-technologies-q2-net-profit-rises-to-rs-171-crore" target="_blank" rel="noopener">Tata Technologies का शुद्ध लाभ दूसरी तिमाही में 171 करोड़ रुपये पर पहुंचा</a></h3><p>हालाँकि, यह प्रदर्शन नियंत्रित परिस्थितियों में किया गया था, और ऐसा कोई संकेत नहीं है कि रोडस्टर को सार्वजनिक सड़कों पर हवा में चलने के लिए मंजूरी मिली है। नियम-कानून, सुरक्षा और व्यावहारिकता से जुड़े सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। रोडस्टर की हवा में आवाजाही को नियंत्रित परिस्थितियों में दिखाया गया था, और सार्वजनिक सड़कों पर ऐसी तकनीक के व्यावहारिक उपयोग, सुरक्षा और कानूनी मंजूरी को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं। टेस्ला ने नवंबर 2017 में अपनी अगली पीढ़ी की रोडस्टर की घोषणा की थी, और शुरुआत में उम्मीद थी कि इसका उत्पादन काफी पहले शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट में बार-बार देरी हुई है, जिसके कारण ग्राहकों को इस इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार के लिए सालों तक इंतजार करना पड़ा है।</p><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Turns out the future does have flying cars https://t.co/6fexPp6SXI</p><p>— Elon Musk (@elonmusk) <a target="_blank" rel="noopener noreferrer" href="https://x.com/elonmusk/status/2110913107094606330?ref_src=twsrc%5Etfw">October 16, 2026</a></p></blockquote>]]></description>
      <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 12:42:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/elon-musk-unveils-flying-tesla-roadster-with-spacex-technology-at-texas-facility</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Volkswagen और Skoda लाएंगे 2 नई EV, JSW के साथ 2028 तक भारत में होगी लॉन्चिंग]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/volkswagen-and-skoda-plan-two-new-evs-in-india-with-jsw-by-2028]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>फॉक्सवैगन ग्रुप भारत में दो नई इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ (EVs) लाकर अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। ये गाड़ियाँ JSW ग्रुप के साथ साझेदारी में 2028 तक आ सकती हैं। इस कदम से स्थानीय EV बाज़ार पर असर पड़ने की उम्मीद है। इसमें एक नया प्लांट बनाने के बजाय JSW की मौजूदा फैक्ट्रियों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी। ये गाड़ियाँ फॉक्सवैगन और स्कोडा ब्रांड के तहत पेश की जाएंगी। इसका मकसद अपने EV लाइनअप को मजबूत करना और भारत के तेज़ी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन बाज़ार में अपनी जगह बनाना है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/musk-hit-the-kill-switch-ukraine-cried-out-india-assessment-proved-correct" target="_blank" rel="noopener">मस्क ने दबाया किल स्विच बटन, चीख पड़ा यूक्रेन, सही निकला भारत का अनुमान!</a></h3><p>यह साफ है कि वे लागत कम करने, स्थानीय सप्लायर्स का फायदा उठाने और तेज़ी से काम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कुछ भी पक्का नहीं हुआ है। फिलहाल, फॉक्सवैगन और JSW दो फैक्ट्री विकल्पों पर विचार कर रहे हैं: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में JSW की सुविधा, और गुजरात के हलोल में JSW MG मोटर इंडिया का प्लांट। दोनों में से किसी भी प्लांट में कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग की जा सकती है, लेकिन अभी तक किसी जगह को तय नहीं किया गया है और न ही सभी प्रोडक्शन प्लान को अंतिम रूप दिया गया है।</p><p>सिर्फ दो कारों से आगे बढ़कर, यह साझेदारी लोकल सोर्सिंग को बढ़ाने और R&amp;D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) प्रयासों का विस्तार करने की योजना बना रही है। और भी मॉडल लॉन्च करने और डीलरशिप नेटवर्क बढ़ाने को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वोक्सवैगन ग्रुप का लक्ष्य 2030 तक भारत में अपनी प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफे) को बेहतर बनाना है। कंपनी को उम्मीद है कि ज्यादा लोकल कंटेंट और अधिक प्रोडक्शन से स्कोडा और वोक्सवैगन, दोनों को अपने पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/siam-reports-domestic-passenger-vehicle-sales-rise-30-point-7-percent-in-q2" target="_blank" rel="noopener">SIAM के आंकड़े: दूसरी तिमाही में घरेलू Passenger Vehicles की थोक बिक्री 30.7 प्रतिशत बढ़ी</a></h3><p>भारत के EV मार्केट के लिए, इस डील का मतलब खरीदारों के लिए ज़्यादा विकल्प और लोकल सप्लायर्स के लिए नए मौके हो सकते हैं। वहीं, वोक्सवैगन ग्रुप के लिए, यह शुरुआत से सब कुछ करने के बजाय, पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके बाज़ार में कदम रखने का एक ज़रिया है। हमें अभी यह नहीं पता कि ये EV कैसी दिखेंगी, इन्हें कब लॉन्च किया जाएगा, या किस फैक्ट्री में इनका प्रोडक्शन शुरू होगा। अगला बड़ा अपडेट तब आएगा, जब जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 19:51:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/volkswagen-and-skoda-plan-two-new-evs-in-india-with-jsw-by-2028</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Car Wiper Tips: कार के वाइपर कब बदलने चाहिए? इन 4 संकेतों को न करें नजरअंदाज]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/car-wiper-tips-when-should-you-replace-your-car-wipers-do-not-ignore-these-4-signs]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>कार चलाते समय अच्छी विजिबिलिटी यानी सड़क का साफ दिखाई देना बेहद जरूरी है। खासकर बारिश, सर्दियों की धुंध और खराब मौसम में विंडशील्ड पर पानी या धूल जमा होने से ड्राइविंग मुश्किल हो सकती है। ऐसी स्थिति में कार के वाइपर अहम भूमिका निभाते हैं। ये विंडस्क्रीन से पानी हटाकर ड्राइवर को सड़क, दूसरी गाड़ियों और आसपास की चीजों को स्पष्ट रूप से देखने में मदद करते हैं। लेकिन अगर वाइपर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, तो हादसे का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए समय रहते उनकी स्थिति जांचना और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदलना जरूरी है।</p><h2>कितने समय में बदलवा लेने चाहिए कार के वाइपर?</h2><p>आमतौर पर कार के वाइपर ब्लेड को हर 6 से 12 महीने में बदलने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इनकी वास्तविक उम्र मौसम, इस्तेमाल और रखरखाव पर निर्भर करती है। भारत में तेज धूप, गर्मी, धूल और बारिश के कारण वाइपर का रबर जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए मानसून शुरू होने से पहले वाइपर की जांच कराना एक अच्छा विकल्प है। खराब ब्लेड विंडशील्ड पर खरोंच डाल सकते हैं, जिससे कांच की मरम्मत या उसे बदलवाने में काफी खर्च आ सकता है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/big-changes-are-coming-to-the-bajaj-pulsar-ns200-and-n250" target="_blank" rel="noopener">Bajaj Pulsar NS200 और N250 में आएंगे बड़े बदलाव! TFT स्क्रीन और USD फोर्क्स से होंगी लैस</a></p><p>ये 4 संकेत बताते हैं कि वाइपर बदलने का समय आ गया है</p><h2>1. विंडशील्ड पर पानी की लकीरें बनना</h2><p>अगर वाइपर चलाने के बाद भी कांच पर पानी की धारियां या धुंधले निशान दिखाई देते हैं, तो संभव है कि रबर घिस चुका हो। ऐसी स्थिति में बारिश के दौरान सामने का दृश्य साफ नजर नहीं आता।</p><h2>2. वाइपर चलाते समय आवाज आना</h2><p>वाइपर चलने पर खड़खड़ाहट, चीं-चीं या रगड़ने जैसी आवाज आना भी खराबी का संकेत हो सकता है। इसकी वजह रबर का सख्त होना, ब्लेड का घिसना या विंडशील्ड पर गंदगी जमा होना हो सकती है। सफाई के बाद भी आवाज बनी रहे, तो ब्लेड की जांच करवाएं।</p><h2>3. पानी साफ करने के बजाय फैलना</h2><p>यदि वाइपर पानी हटाने की जगह उसे पूरे कांच पर फैला देते हैं या विंडशील्ड पर धुंधली परत छोड़ते हैं, तो उनकी सफाई क्षमता कम हो गई है। बारिश में यह समस्या ड्राइविंग को जोखिम भरा बना सकती है।</p><h2>4. रबर में दरार या कट दिखाई देना</h2><p>वाइपर को सावधानी से उठाकर उसके रबर की जांच करें। अगर रबर फटा हुआ है, उसमें दरारें हैं या उसका किनारा असमान हो गया है, तो उसे बदलवा देना चाहिए।</p><h2>आखिर जल्दी क्यों खराब हो जाते हैं वाइपर?</h2><p>तेज धूप और गर्मी वाइपर के रबर को सख्त और कमजोर बना सकती हैं। इसके अलावा, सूखी और धूल भरी विंडशील्ड पर बिना पानी या वॉशर फ्लूइड के वाइपर चलाने से रबर घिस सकता है। कांच पर मौजूद मिट्टी और छोटे कण खरोंच का कारण भी बन सकते हैं। लंबे समय तक इस्तेमाल न करना और ब्लेड की सफाई को नजरअंदाज करना भी उनकी कार्यक्षमता प्रभावित कर सकता है।</p><h2>वाइपर की उम्र बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स</h2><p>वाइपर इस्तेमाल करने से पहले विंडशील्ड पर वॉशर फ्लूइड या पर्याप्त पानी का छिड़काव करें। सप्ताह में एक बार साफ, गीले कपड़े से ब्लेड के रबर पर जमी धूल-मिट्टी हटाएं। कार को संभव हो तो लंबे समय तक सीधी धूप में खड़ा करने से बचाएं। साथ ही, वॉशर फ्लूइड का स्तर नियमित रूप से जांचते रहें।</p><h2>छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी</h2><p>कार के वाइपर भले ही छोटा हिस्सा हों, लेकिन खराब मौसम में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि वाइपर लगातार पानी की लकीरें छोड़ रहे हैं या ठीक से सफाई नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें बदलने में देरी न करें। समय पर जांच और सही रखरखाव से विंडशील्ड को नुकसान से बचाने के साथ बारिश और धुंध में सुरक्षित ड्राइविंग बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।</p><p>- डॉ. अनिमेष शर्मा</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:08:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/car-wiper-tips-when-should-you-replace-your-car-wipers-do-not-ignore-these-4-signs</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Bajaj Pulsar NS200 और N250 में आएंगे बड़े बदलाव! TFT स्क्रीन और USD फोर्क्स से होंगी लैस]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/big-changes-are-coming-to-the-bajaj-pulsar-ns200-and-n250]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय दोपहिया बाजार में अपनी मजबूत पहचान रखने वाली Bajaj Auto अब अपनी लोकप्रिय Pulsar सीरीज को नए फीचर्स के साथ अपडेट करने की तैयारी में है। कंपनी की Pulsar NS200 और Pulsar N250 को नए बदलावों के साथ टेस्टिंग के दौरान देखा गया है। इन मोटरसाइकिलों में आधुनिक तकनीक, बेहतर सस्पेंशन और नए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर जैसे अपडेट मिलने की संभावना है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इन बदलावों और लॉन्च की तारीख को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है।</p><h2>डिजाइन पुराना, लेकिन तकनीक होगी नई</h2><p>सामने आई स्पाई तस्वीरों से संकेत मिलता है कि दोनों बाइक्स के बाहरी डिजाइन में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं। यानी ग्राहकों को इनका जाना-पहचाना स्पोर्टी लुक देखने को मिल सकता है। कंपनी का मुख्य फोकस इस बार डिजाइन बदलने के बजाय फीचर्स और राइडिंग अनुभव को बेहतर बनाने पर दिखाई दे रहा है। नए स्विचगियर भी देखे गए हैं, जिनकी मदद से TFT डिस्प्ले के विभिन्न फंक्शन्स को आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/ev-retail-sales-jump-74-percent-to-record-high-in-september-fada-report" target="_blank" rel="noopener">FADA रिपोर्ट: सितंबर में EV रिटेल बिक्री 74 फीसदी उछली, 3.33 लाख यूनिट का रिकॉर्ड</a></p><h2>5 इंच की TFT स्क्रीन बनेगी खास आकर्षण</h2><p>अपडेटेड Bajaj Pulsar NS200 और N250 का सबसे महत्वपूर्ण बदलाव 5 इंच का TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर हो सकता है। इसी तरह की स्क्रीन कंपनी की नई Pulsar N160 4V और अपडेटेड Classic Pulsar मॉडल में भी देखने को मिली है। यह डिस्प्ले ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, म्यूजिक कंट्रोल, थर्ड-पार्टी नोटिफिकेशन और Google Maps मिररिंग जैसी सुविधाओं को सपोर्ट करती है। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और इंश्योरेंस जैसे दस्तावेजों को डिजिटल रूप में रखने की सुविधा भी मिल सकती है।</p><h2>NS200 में राइडिंग मोड्स और ट्रैक्शन कंट्रोल की उम्मीद</h2><p>नई तकनीक के साथ Pulsar NS200 में राइडिंग मोड्स और ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। अगर ये फीचर्स शामिल होते हैं, तो राइडर अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार बाइक के व्यवहार को नियंत्रित कर सकेंगे। कुछ वेरिएंट में लैप टाइमर जैसी सुविधा भी दी जा सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसके अतिरिक्त, अपडेटेड स्विचगियर में हैजर्ड लाइट और इंजन किल स्विच जैसे कंट्रोल दिखाई दिए हैं। NS200 में एडजस्टेबल लीवर्स भी एक संभावित नया बदलाव हैं।</p><h2>WP Apex USD फोर्क्स से सुधरेगा सस्पेंशन</h2><p>सस्पेंशन के मामले में Pulsar NS200 को बड़ा अपग्रेड मिलने की उम्मीद है। टेस्टिंग के दौरान बाइक पर WP Apex USD फ्रंट फोर्क्स की ब्रांडिंग दिखाई दी है। ये फोर्क्स बेहतर हैंडलिंग और सड़क पर नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। WP Performance Systems, KTM समूह से जुड़ा ब्रांड है और इसके सस्पेंशन सिस्टम प्रीमियम मोटरसाइकिलों में इस्तेमाल किए जाते हैं। यदि यह अपडेट उत्पादन मॉडल में शामिल होता है, तो NS200 के लिए यह एक अहम बदलाव होगा। हालांकि, N250 में भी यही फोर्क्स मिलेंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।</p><h2>इंजन में बदलाव की कितनी संभावना?</h2><p>फिलहाल दोनों मोटरसाइकिलों के इंजन और अन्य मैकेनिकल हिस्सों में बड़े बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है। इंजन अपग्रेड की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इसकी जानकारी सामने आना बाकी है। कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही कीमत, फीचर्स और लॉन्च टाइमलाइन की स्पष्ट तस्वीर मिलेगी। यदि ये अपडेट पेश किए जाते हैं, तो Pulsar NS200 और N250 आधुनिक सुविधाओं की तलाश कर रहे ग्राहकों के लिए नए विकल्प बन सकती हैं।</p><p>- डॉ. अनिमेष शर्मा</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 18:26:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/big-changes-are-coming-to-the-bajaj-pulsar-ns200-and-n250</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mahindra अपनी कॉम्पैक्ट SUV XUV 3XO का CNG मॉडल 15 अक्टूबर को करेगी लॉन्च]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/mahindra-to-launch-new-xuv-3xo-cng-in-india-on-15-october]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>महिंद्रा 15 अक्टूबर को अपनी पॉपुलर कॉम्पैक्ट SUV, XUV 3XO का CNG वेरिएंट लॉन्च करके इसके पावरट्रेन पोर्टफोलियो को बढ़ाने जा रही है। नया वर्शन XUV 3XO रेंज में पेट्रोल, डीज़ल और इलेक्ट्रिक वर्शन के साथ चौथा पावरट्रेन ऑप्शन जोड़ेगा। CNG के आने से, XUV 3XO भारत की उन चुनिंदा गाड़ियों में शामिल हो जाएगी जिनमें पेट्रोल, डीज़ल, CNG और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के ऑप्शन मिलते हैं—जैसे कि टाटा नेक्सन और किआ कैरेंस/क्लाविस। इससे खरीदारों को एक ही मॉडल लाइनअप में फ़्यूल के ज़्यादा ऑप्शन मिलेंगे।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/ev-retail-sales-jump-74-percent-to-record-high-in-september-fada-report" target="_blank" rel="noopener">FADA रिपोर्ट: सितंबर में EV रिटेल बिक्री 74 फीसदी उछली, 3.33 लाख यूनिट का रिकॉर्ड</a></h3><h2><br>अभी CNG क्यों?</h2><p>महिंद्रा ने 2024 में XUV 3XO लॉन्च की थी और बिक्री के मामले में यह अच्छा प्रदर्शन कर रही है। कंपनी ने स्पोर्टी लुक चाहने वाले युवा खरीदारों को आकर्षित करने के लिए REVX और REVX Edge जैसे नए ट्रिम्स भी पेश किए हैं। अब, ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैकल्पिक ईंधन की बढ़ती मांग को देखते हुए, महिंद्रा अपनी पहली फैक्ट्री-फिटेड CNG किट लाने पर विचार करती दिख रही है। इस कदम से न सिर्फ़ ग्राहकों के पास ज़्यादा विकल्प होंगे, बल्कि महिंद्रा को आने वाले CAFE 3 नियमों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। ज़्यादातर ब्रांड ऐसी ही रणनीतियाँ अपना रहे हैं और महिंद्रा भी कॉम्पिटिशन में बने रहने के लिए ऐसा ही कर सकती है।</p><p>उम्मीद है कि XUV 3XO CNG में महिंद्रा का 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड MPFi पेट्रोल इंजन इस्तेमाल किया जाएगा। पेट्रोल वर्शन में यह इंजन लगभग 112bhp की पावर और 200Nm का टॉर्क देता है। जैसा कि आमतौर पर CNG गाड़ियों के साथ होता है, CNG पर चलने पर पावर और टॉर्क के आंकड़े थोड़े कम हो सकते हैं। डायरेक्ट इंजेक्शन वाले ज़्यादा पावरफुल 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन की तुलना में, सिंपल MPFi सेटअप CNG कन्वर्ज़न के लिए ज़्यादा बेहतर है। इसलिए, डायरेक्ट-इंजेक्शन इंजन को गैस पर चलाने के लिए बदलने में आने वाली अतिरिक्त जटिलता और लागत को देखते हुए, इसके साथ CNG पावरट्रेन मिलने की संभावना कम है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/tvs-chairman-venu-srinivasan-calls-for-technology-neutral-approach-in-auto-sector" target="_blank" rel="noopener">प्रदूषण घटाने के लिए ईवी ही इकलौता समाधान नहीं, प्रौद्योगिकी-तटस्थ रुख जरूरीः टीवीएस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन का बयान</a></h3><p>XUV 3XO CNG के साथ मैनुअल गियरबॉक्स मिलने की संभावना है, हालांकि CNG ऑटोमैटिक कारों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, महिंद्रा ऑटोमैटिक का ऑप्शन भी दे सकती है। महिंद्रा सस्पेंशन, ECU ट्यूनिंग और दूसरे छोटे-मोटे पार्ट्स में कुछ बदलाव कर सकती है ताकि गाड़ी CNG सेटअप के साथ अच्छी तरह काम करे। उम्मीद है कि CNG टैंक बूट (डिग्गी) में लगाया जाएगा, और यह देखना बाकी है कि क्या महिंद्रा टाटा और हुंडई की तरह स्मार्ट ट्विन-सिलेंडर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी या सिंगल-सिलेंडर सेटअप के साथ ही आगे बढ़ेगी, जिससे बूट स्पेस कम हो जाएगा।</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 16:14:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/mahindra-to-launch-new-xuv-3xo-cng-in-india-on-15-october</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Maruti Alto K10 बनी बजट कार खरीदारों की पसंद, 3.70 लाख रुपये शुरुआती कीमत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/maruti-alto-k10-budget-hatchback-starts-at-rs-370000-in-india]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>क्या आप इस दिवाली नई कार खरीदने की सोच रहे हैं? कई किफायती कारें अब अपनी पूरी रेंज में छह एयरबैग देती हैं, जिससे खरीदारों को बजट बढ़ाए बिना ज़्यादा सुरक्षा फीचर्स मिलते हैं। हालाँकि, एयरबैग सुरक्षा का सिर्फ़ एक हिस्सा हैं; क्रैश-टेस्ट परफ़ॉर्मेंस, मज़बूत बनावट और दूसरे सुरक्षा फीचर्स भी मायने रखते हैं। मारुति ऑल्टो K10 भारत की सबसे सस्ती कारों में से एक है। इसमें दमदार इंजन और काफी अच्छे फीचर्स वाला केबिन मिलता है। इसकी कीमत ऐसी है कि पिछले कुछ सालों में हैचबैक कारों की बिक्री में गिरावट के बावजूद, ऑल्टो K10 मार्केट में एक बहुत ही काम की कार बनी हुई है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/passenger-vehicle-retail-sales-rise-32-percent-to-record-high-in-september-fada" target="_blank" rel="noopener">सितंबर में FADA ने दर्ज की रिकॉर्ड पैसेंजर व्हीकल बिक्री, 32 फीसदी उछाल</a></h3><p>मारुति Alto K10 में 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन देती है, जो 5-स्पीड मैनुअल या 5-स्पीड ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT) के साथ आता है। भले ही यह इंजन सिर्फ़ 69hp की पावर और 91Nm का टॉर्क देता है, लेकिन Alto K10 का इंजन काफी फुर्तीला लगता है, खासकर मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ, जिससे कार तेज़ी से रफ़्तार पकड़ती है। इंजन रेव रेंज के ऊपरी हिस्से में सबसे ज़्यादा दमदार लगता है, जहाँ इसकी आवाज़ भी थोड़ी तेज़ हो जाती है। हालाँकि, ज़्यादा रेव्स पर भी इंजन की आवाज़ कभी भी कर्कश या ज़ोरदार नहीं लगती। शहर में गाड़ी चलाते समय, ट्रैफ़िक के साथ चलने के लिए एक्सीलरेटर पैडल को बस हल्का सा दबाना ही काफ़ी होता है। हालाँकि, रुक-रुक कर चलने वाले ट्रैफ़िक में कम रफ़्तार पर झटके महसूस होते हैं।</p><p>2010 में लॉन्च होने के बाद से, और इनपुट लागत व महंगाई बढ़ने के बावजूद, Alto K10 भारत की सबसे सस्ती कारों में से एक बनी हुई है; इसकी शुरुआती कीमत 3.70 लाख रुपये है। न सिर्फ़ Alto K10 की शुरुआती कीमत बाज़ार में सबसे कम है, बल्कि इसे चलाने का खर्च भी कम है। ऐसा मुख्य रूप से इसकी बेहतरीन फ़्यूल इफ़िशिएंसी (माइलेज) की वजह से है; मारुति का दावा है कि यह 24kpl से ज़्यादा है। इसके पार्ट्स और सर्विस का खर्च भी काफ़ी कम है, जिससे सालों तक Alto K10 का रखरखाव करना आसान रहता है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/hyundai-motor-india-achieves-10-point-8-percent-total-sales-growth" target="_blank" rel="noopener">Hyundai Motor India की कुल Sales 10.8 Percent बढ़ी, जुलाई का रिकॉर्ड भी तोड़ा</a></h3><p>इसके कॉम्पैक्ट साइज़ की वजह से न सिर्फ़ शहर की तंग गलियों में इसे चलाना आसान है, बल्कि इसे छोटी जगहों पर पार्क करना भी आसान है, जिसे नए ड्राइवर ज़रूर पसंद करेंगे। इसका सस्पेंशन सिस्टम भी मज़बूत है और Alto K10 को ऐसा बनाता है कि यह बिना किसी परेशानी के मुश्किल रास्तों पर भी चल सके। केबिन के अंदर इस्तेमाल किए गए मटीरियल की क्वालिटी भी काफ़ी अच्छी है और यह लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद भी खराब नहीं होती।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 15:55:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/maruti-alto-k10-budget-hatchback-starts-at-rs-370000-in-india</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Hyundai भारत में लॉन्च करेगी पहली CNG SUV Bayon, साथ आएगी Toyota Glanza Facelift]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/hyundai-bayon-to-honda-elevate-facelift-new-cars-launching-in-october]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>भारतीय ऑटोमोटिव मार्केट के लिए अक्टूबर का महीना बहुत अहम होने वाला है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसी महीने से दिवाली का त्योहारों का सीज़न शुरू होगा और कई कार बनाने वाली कंपनियाँ देश में अपने कई नए मॉडल लॉन्च करेंगी। तो, बिना किसी देरी के, आइए उन छह नई कारों के बारे में जानते हैं जिनके अक्टूबर में लॉन्च होने की उम्मीद है।</p><h2>Hyundai Bayon - Hyundai की 4 मीटर से बड़ी पहली CNG SUV</h2><p>हुंडई ने भारत में नई Bayon के लिए ₹11,000 में बुकिंग भी शुरू कर दी है। यह क्रॉसओवर SUV, Venue और Creta के बीच की कैटेगरी में आएगी और इसकी लंबाई लगभग 4.2 मीटर होगी। डिज़ाइन की बात करें तो Bayon में इनवर्टेड L-शेप की LED DRLs होंगी जो ब्लैक ट्रिम से जुड़ी होंगी, साथ ही वर्टिकली स्टैक्ड हेडलैम्प्स, रूफ रेल्स और डुअल-टोन अलॉय व्हील्स भी मिलेंगे। इसके पिछले हिस्से में इनवर्टेड L-शेप की टेल लैम्प्स और रूफ-इंटीग्रेटेड स्पॉइलर होगा।</p><p>इंटीरियर की बात करें तो इसमें कनेक्टेड स्क्रीन्स, लेदरेट अपहोल्स्ट्री, पैनोरमिक सनरूफ, डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल, एम्बिएंट लाइटिंग और वायरलेस चार्जिंग मिलने की उम्मीद है। सेफ्टी फीचर्स में छह एयरबैग्स, TPMS, ISOFIX और लेवल 2 ADAS शामिल हो सकते हैं। Bayon में Creta वाला 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन इस्तेमाल किया जाएगा, जो 115 PS की पावर और 144 Nm का टॉर्क देगा। इसके अलावा, इसमें फैक्ट्री-फिटेड CNG किट भी मिलेगी। यह कंपनी की ओर से CNG किट के साथ आने वाली 4 मीटर से ज़्यादा लंबाई वाली पहली हुंडई SUV होगी। उम्मीद है कि इसे मैनुअल, IVT और CVT गियरबॉक्स ऑप्शन के साथ पेश किया जाएगा। इसकी कीमत ₹10 लाख से ₹15 लाख के बीच होने की उम्मीद है।</p><h2>टोयोटा ग्लैंज़ा फ़ेसलिफ़्ट - बलेनो फ़ेसलिफ़्ट जैसे ही अपडेट्स</h2><p>मारुति सुजुकी ने हाल ही में भारत में बलेनो लॉन्च की है, और अब टोयोटा भारत में ग्लैंज़ा फेसलिफ्ट लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। उम्मीद है कि इसे 14 अक्टूबर 2026 को पेश किया जाएगा। इसमें सबसे बड़ा मैकेनिकल बदलाव नया 1.2-लीटर, तीन-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन होगा। यह Z12E इंजन 82 PS की पावर और 112 Nm का टॉर्क जनरेट करता है और उम्मीद है कि इसे 5-स्पीड मैनुअल और AMT के साथ पेश किया जाएगा।</p><p>इसका CNG वर्शन भी आने की उम्मीद है, जो लगभग 70 PS की पावर देगा और संभवतः मैनुअल और AMT गियरबॉक्स दोनों विकल्पों के साथ उपलब्ध होगा। डिज़ाइन की बात करें तो, ग्लैंज़ा में नई डिज़ाइन वाली ग्रिल और नया फ्रंट बम्पर मिल सकता है, जबकि बाकी बाहरी हिस्से में ज़्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। इंटीरियर में, टोयोटा लेवल 2 ADAS, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, वायरलेस फ़ोन चार्जर और TPMS जैसे फ़ीचर्स शामिल कर सकती है। मौजूदा ग्लैंज़ा की एक्स-शोरूम कीमत 6.73 लाख रुपये से 9.99 लाख रुपये के बीच है। हालांकि, फेसलिफ्ट मॉडल के थोड़े महंगे होने की उम्मीद है।</p><h2>होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट - पहला बड़ा फेसलिफ्ट</h2><p>2023 में लॉन्च होने के बाद, होंडा आखिरकार 6 अक्टूबर 2026 को भारत में अपनी Elevate SUV को एक बड़ा फ़ेसलिफ़्ट देने जा रही है। इस SUV को कई बार टेस्टिंग के दौरान देखा गया है, और आने वाले अपडेट में इसके बाहरी लुक और फ़ीचर्स में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। सामने की तरफ़, Elevate फ़ेसलिफ़्ट में इंटीग्रेटेड डुअल-फ़ंक्शन LED DRLs के साथ ज़्यादा स्लीक LED हेडलैम्प्स मिलने की उम्मीद है। इसकी ग्रिल में भी बदलाव किया जाएगा, और फ़ॉग लैम्प्स में LED यूनिट्स मिलने की संभावना है।</p><p>होंडा इसके फ्रंट बंपर पर एक नकली स्किड प्लेट भी लगा सकती है। गाड़ी का साइड लुक ज़्यादातर वैसा ही रहने की उम्मीद है, हालांकि ज़्यादातर फेसलिफ्ट की तरह इसमें नए अलॉय व्हील दिए जा सकते हैं। पीछे की तरफ, मौजूदा टेल-लैंप डिज़ाइन के ही बने रहने की उम्मीद है, जबकि बंपर में कुछ छोटे-मोटे बदलाव हो सकते हैं। अंदर की बात करें तो, डैशबोर्ड का लेआउट ज़्यादातर वैसा ही रहेगा। हालांकि, होंडा इसमें वेंटिलेटेड सीटें, 360-डिग्री कैमरा और केबिन के लिए नया कलर थीम दे सकती है। मौजूदा SUV में पहले से ही 10.25-इंच टचस्क्रीन, वायरलेस चार्जिंग, 8-स्पीकर ऑडियो सिस्टम और होंडा सेंसिंग ADAS जैसे फ़ीचर्स मिलते हैं। एलेवेट में 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन ही मिलता रहेगा, जो 121 PS की पावर और 145 Nm का टॉर्क जनरेट करेगा। इसे मैनुअल और CVT गियरबॉक्स ऑप्शन के साथ पेश किया जाएगा। अभी इसकी कीमतें 11.81 लाख रुपये से 16.98 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच हैं। हालांकि, फेसलिफ्ट मॉडल की कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 29 Sep 2026 15:34:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/hyundai-bayon-to-honda-elevate-facelift-new-cars-launching-in-october</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Best Adventure Bikes: लंबी Road Trip के लिए ये 3 Adventure Bikes बन सकती हैं पहली पसंद]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/for-a-long-road-trip-these-3-adventure-bikes-can-be-the-first-choice]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>आज के दौर में एडवेंचर मोटरसाइकल सिर्फ बाइक नहीं, बल्कि रोमांच से भरी यात्राओं का साथी बन चुकी हैं। लंबी रोड ट्रिप, पहाड़ी सफर, पथरीले रास्ते या ऑफ-रोडिंग का शौक रखने वाले राइडर्स के बीच Adventure Bikes की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। SUV जहां आरामदायक सफर देती है, वहीं ADV बाइक राइडर को रास्ते के साथ सीधे जुड़ने और हर मोड़ को महसूस करने का अलग अनुभव देती है।</p><h2>मुश्किल रास्तों के लिए क्यों खास हैं Adventure Bikes?</h2><p><br>एडवेंचर मोटरसाइकल को खास तौर पर अलग-अलग तरह की सड़कों और कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इनमें ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत सस्पेंशन, दमदार इंजन और बेहतर राइडिंग एर्गोनॉमिक्स मिलते हैं। यही खूबियां इन्हें टूटे-फूटे रास्तों, गड्ढों और पहाड़ी ट्रेल्स पर सामान्य मोटरसाइकलों से ज्यादा सक्षम बनाती हैं। हालांकि, अलग-अलग मॉडल की ऑफ-रोड क्षमता अलग होती है, इसलिए बाइक चुनते समय अपने इस्तेमाल को ध्यान में रखना जरूरी है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/ktm-160-duke-vs-yamaha-mt15-v2-which-bike-is-the-best-under-rs-2-lakh" target="_blank" rel="noopener">KTM 160 Duke vs Yamaha MT-15 V2: 2 लाख से कम में कौन सी बाइक है बेस्ट?</a></p><h2>1. BMW R 1300 GS: प्रीमियम एडवेंचर का दमदार नाम</h2><p>BMW R 1300 GS उन राइडर्स के लिए शानदार विकल्प है, जो पावर, तकनीक और लंबी दूरी के आराम को एक साथ चाहते हैं। इसमें 1,300cc का बॉक्सर इंजन मिलता है, जो मजबूत टॉर्क के साथ हाईवे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर प्रभावशाली प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। इसके एडवांस फीचर्स में राइडिंग मोड्स, क्रूज कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक सस्पेंशन जैसी तकनीकें शामिल हैं। लंबी यात्राओं के साथ कठिन रास्तों पर भी इसकी क्षमता इसे प्रीमियम ADV सेगमेंट की खास बाइक बनाती है।</p><h2>2. Triumph Tiger 1200: स्पीड और रोमांच का मेल</h2><p>Triumph Tiger 1200 उन लोगों को आकर्षित करती है जिन्हें एडवेंचर के साथ स्पोर्टी राइडिंग भी पसंद है। इसका तीन-सिलेंडर इंजन हाईवे पर शानदार प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। बड़ा 21-इंच फ्रंट व्हील, शाफ्ट ड्राइव और लॉन्ग-ट्रैवल सस्पेंशन इसे कठिन रास्तों के लिए तैयार करते हैं।</p><p>इसके कुछ वेरिएंट में बड़ा फ्यूल टैंक और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस भी मिलता है। लंबी दूरी की यात्रा और ऑफ-रोड रोमांच के बीच संतुलन चाहने वाले राइडर्स के लिए यह आकर्षक विकल्प है।</p><h2>3. Royal Enfield Himalayan: पहाड़ों का भरोसेमंद साथी</h2><p>Royal Enfield Himalayan एडवेंचर बाइक की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है। इसका फोकस सिर्फ तेज रफ्तार पर नहीं, बल्कि कठिन इलाकों में सहज और नियंत्रित राइडिंग पर भी है। मजबूत डिजाइन, उपयोगी ग्राउंड क्लीयरेंस और लंबी यात्रा के अनुकूल एर्गोनॉमिक्स इसे पहाड़ी सफर और ऑफ-रोडिंग के लिए उपयोगी बनाते हैं।</p><p>हिमालयी रास्तों से लेकर पथरीले ट्रैक तक, यह बाइक अपने संतुलित व्यवहार और मजबूत सस्पेंशन के कारण एडवेंचर राइडर्स के बीच लोकप्रिय है। यही वजह है कि बजट और उपयोग के हिसाब से यह बड़े प्रीमियम ADV मॉडल्स का व्यावहारिक विकल्प बन सकती है।</p><h2>सफर के हिसाब से चुनें अपनी बाइक</h2><p>अगर आपका फोकस प्रीमियम फीचर्स और दमदार टूरिंग पर है तो BMW R 1300 GS आकर्षक विकल्प है। स्पोर्टी अंदाज और लंबी दूरी के रोमांच के लिए Triumph Tiger 1200 बेहतर लग सकती है, जबकि व्यावहारिक एडवेंचर और पहाड़ी यात्राओं के लिए Himalayan पर विचार किया जा सकता है। बाइक खरीदने से पहले कीमत, वजन, सर्विस लागत, सीट हाइट और अपने वास्तविक इस्तेमाल को जरूर ध्यान में रखें।</p><p>- डॉ. अनिमेष शर्मा</p>]]></description>
      <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 17:32:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/for-a-long-road-trip-these-3-adventure-bikes-can-be-the-first-choice</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Royal Enfield Classic 350 का नया Signature White वेरिएंट लॉन्च, कीमत ₹2.23 लाख]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/royal-enfield-classic-350-launched-in-new-signature-white-color-variant]]></guid>
      <description><![CDATA[<p><br>फेस्टिव सीजन से पहले ही रॉयल एनफील्ड की सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटरसाइकल Classic 350 को नए और शानदार कलर में पेश किया है। इस बीच, कंपनी ने इसका नया सिग्नेचर व्हाइट कलर वेरिएंट लॉन्च किया है, जिसकी एक्स-शोरुम कीमत 2,23,275 रुपये है।</p><p>वहीं, पुराने जेनरेशन वाली क्लासिक में व्हाइट कलर काफी लोकप्रिय था। अब पहली बार कंपनी ने इसे अपने आधुनिक J-सीरीज प्लेटफॉर्म वाली क्लासिक 350 में शामिल किया। चलिए आपको नई सिग्नेचर व्हाइटर कलर में आई रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 के लुक और फीचर्स के बारे में डिटेल में बताते हैं।</p><p><strong>सिग्नेचर व्हाइट वेरिएंट का लुक और डिजाइन</strong></p><p><strong>सफेद और काले रंग का कॉम्बिनेशन- </strong>इसमें आपको सफेद रंग का फ्यूल टैंक और साइड पैनल्स दिए गए हैं, जिन पर बारीक डार्क पिनस्ट्रिपिंग की गई है।</p><p>&nbsp;<strong>ब्लैक एलिमेंट्स- </strong>इतना ही नहीं, बाइक के मडगार्ड, हेडलाइट हाउसिंग और फ्रेम को काले (ब्लैक) रंग में रखा गया है, जो सफेद बॉडी के साथ जबरदस्त कंट्रास्ट देता है और देखने में यह बाइक काफी अच्छी लगती है।</p><p><strong>क्रोम और स्पोक व्हील्स-</strong> इसमें एग्जॉस्ट (साइलेंसर), इंजन कवर और साइड मिरर्स पर चमकदार क्रोम फिनिश दी गई है, जो वायर-स्पोक व्हील्स के साथ आती है।</p><p><strong>ब्राउन सीट-</strong> व्हाइट कलर में लॉन्च हुई Royal Enfield Classic 350 में ब्राउन कलर की सिंगल राइडर सीट दी गई है, जो इसके रेट्रो लुक को शानदार बनाएगी।</p><p><strong>इंजन और मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन्स</strong></p><p>&nbsp;<strong>- इंजन- </strong>इसमें अन्य कलर वेरिएट्स वाला ही 349cc सिंगल-सिलेंडर एयर-ऑयल कूल्ड J-सीरीज इंजन दिया गया है।</p><p><strong>- पावर और टॉर्क- </strong>खासकर इंजन 6,100 rpm पर 20.2 bhp की पावर और 4,000 rpm पर 27 Nm का टॉर्क &nbsp;जेनरेट करता है।</p><p><strong>- गियरबॉक्स-</strong> वहीं, इसमें 5 स्पीड गियरबॉक्स के साथ असिस्ट-एंड-स्लिपर क्लच दिया गया है।</p><p><strong>क्लासिक 350 की रिकॉर्ड बिक्री</strong></p><p>आपको बताते चलें कि, क्लासिक 350 रॉयल एनफील्ड की सबसे पॉपुलर और सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटरसाइकल बनी हुई है। अगस्त 2026 में क्लासिक 350 की कुल 43,428 यूनिट्स बिक गई है। जो कि पिछले साल अगस्त में बिकने वाली 36,025 यूनिट्स के मुकाबले 20.55% ज्यादा है। रॉयल एनफील्ड की कुल ब्रिकी में सिर्फ क्लासिक 350 का योगदान 37.78% का है।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 15:36:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/royal-enfield-classic-350-launched-in-new-signature-white-color-variant</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Car Safety Tips: लंबी ड्राइव पर निकलने से पहले चेक कर लें कार की ये 3 चीजें, सफर रहेगा सुरक्षित]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/before-going-on-a-long-drive-make-sure-to-check-these-3-car-parts-for-a-safe-trip]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>लंबी रोड ट्रिप का मजा तभी बेहतर होता है, जब कार पूरी तरह फिट हो और रास्ते में किसी तरह की तकनीकी परेशानी न आए। अक्सर लोग सफर की तैयारी में सामान, रूट और होटल की बुकिंग पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन कार की बेसिक फिटनेस जांच को नजरअंदाज कर देते हैं। घिसे हुए टायर, कम इंजन ऑयल या कमजोर ब्रेक जैसी छोटी समस्या हाईवे पर बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले कुछ जरूरी Car Safety Tips अपनाना बेहद फायदेमंद हो सकता है।</p><h2>1. टायर और एयर प्रेशर की करें पूरी जांच</h2><p>रोड ट्रिप से पहले कार के चारों टायरों का एयर प्रेशर जरूर चेक करें। कंपनी द्वारा सुझाए गए स्तर के मुताबिक हवा रखना बेहतर रहता है। इसके साथ टायर के ट्रेड, कट, क्रैक और असामान्य घिसावट पर भी नजर डालें। अगर कोई टायर बहुत ज्यादा घिस चुका है या उसमें नुकसान दिखाई दे रहा है, तो यात्रा से पहले उसे बदलवा लेना समझदारी है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/ktm-160-duke-vs-yamaha-mt15-v2-which-bike-is-the-best-under-rs-2-lakh" target="_blank" rel="noopener">KTM 160 Duke vs Yamaha MT-15 V2: 2 लाख से कम में कौन सी बाइक है बेस्ट?</a></p><p>स्पेयर टायर को भी भूलना नहीं चाहिए। उसमें पर्याप्त हवा है या नहीं और वह इस्तेमाल करने की स्थिति में है, यह पहले ही सुनिश्चित कर लें। सही एयर प्रेशर से बेहतर माइलेज और संतुलित ड्राइविंग में मदद मिल सकती है, जबकि टायर से जुड़ी समस्या का जोखिम भी कम हो सकता है।</p><h2>2. इंजन ऑयल और फ्लूइड्स का लेवल देखें</h2><p>लंबी दूरी तय करने से पहले इंजन ऑयल की मात्रा और उसकी स्थिति जांचना जरूरी है। ऑयल कम होने पर उचित मात्रा में टॉप-अप कराएं और अगर ऑयल बदलने का समय आ गया है तो यात्रा से पहले सर्विस करा लेना बेहतर होगा।</p><p>इसके अलावा कूलेंट, ब्रेक फ्लूइड और विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड भी जांचें। कार के नीचे या इंजन के आसपास किसी तरह का लीकेज दिखाई दे तो उसे मामूली समस्या समझकर आगे न बढ़ें। समय रहते लीकेज की वजह पता लगाना इंजन को संभावित नुकसान और रास्ते में ब्रेकडाउन से बचाने में मदद कर सकता है।</p><h2>3. ब्रेक सिस्टम को बिल्कुल नजरअंदाज न करें</h2><p>सुरक्षित ड्राइविंग के लिए ब्रेक सिस्टम का दुरुस्त होना सबसे महत्वपूर्ण है। ब्रेक पैडल दबाते समय आवाज, कंपन, ज्यादा नरमी या कार को रोकने में असामान्य देरी महसूस हो रही है, तो यात्रा से पहले मैकेनिक से इसकी जांच जरूर कराएं।</p><p><br>ब्रेक पैड और डिस्क की स्थिति भी देखना जरूरी है। अगर इनमें ज्यादा घिसावट है, तो लंबी यात्रा से पहले इन्हें बदलवाना बेहतर रहेगा। खासकर हाईवे और ज्यादा ट्रैफिक वाले रास्तों पर मजबूत ब्रेक सिस्टम अचानक सामने आने वाली स्थिति में कार को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है।</p><h2>सफर से पहले छोटी जांच, रास्ते में बड़ी राहत</h2><p>रोड ट्रिप पर निकलने से पहले कार की कुछ मिनट की बेसिक जांच आपको अनावश्यक परेशानी से बचा सकती है। टायर, फ्लूइड्स और ब्रेक की स्थिति ठीक होने पर न केवल ड्राइविंग ज्यादा निश्चिंत हो सकती है, बल्कि रास्ते में अचानक ब्रेकडाउन का जोखिम भी कम किया जा सकता है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले कार को भी उतनी ही प्राथमिकता दें, जितनी अपने ट्रैवल प्लान को देते हैं।</p><p>- डॉ. अनिमेष शर्मा<br>&nbsp;</p>]]></description>
      <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 18:44:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/before-going-on-a-long-drive-make-sure-to-check-these-3-car-parts-for-a-safe-trip</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[KTM 160 Duke vs Yamaha MT-15 V2: 2 लाख से कम में कौन सी बाइक है बेस्ट?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/ktm-160-duke-vs-yamaha-mt15-v2-which-bike-is-the-best-under-rs-2-lakh]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>अगर आपका बजट 2 लाख रुपये से कम है और आप एक स्पोर्टी, स्टाइलिश और दमदार नेकेड बाइक खरीदना चाहते हैं, तो KTM 160 Duke और Yamaha MT-15 V2 दो मजबूत विकल्प हैं। दोनों मोटरसाइकिलों में 6-स्पीड गियरबॉक्स, लिक्विड-कूल्ड इंजन और आधुनिक फीचर्स मिलते हैं, लेकिन परफॉर्मेंस, वजन, ब्रेकिंग और कीमत में अंतर है। आइए जानते हैं दोनों में कौन सी बाइक आपके लिए बेहतर हो सकती है।</p><h2>इंजन में KTM का पलड़ा भारी</h2><p><br>KTM 160 Duke में 164.2cc का सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो 19PS की पावर और 15.5Nm का टॉर्क पैदा करता है। दूसरी ओर Yamaha MT-15 V2 में 155cc इंजन है, जो 18.4PS और 14.1Nm का आउटपुट देता है। दोनों में 6-स्पीड गियरबॉक्स मिलता है। आंकड़ों के लिहाज से Duke 160 ज्यादा पावर और टॉर्क देती है। हालांकि MT-15 V2 का VVA (Variable Valve Actuation) सिस्टम अलग-अलग RPM पर इंजन के प्रदर्शन को संतुलित करने में मदद करता है।</p><p>इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/avoid-this-common-car-ac-mistake-learn-how-to-properly-use-auto-and-recirculation-modes" target="_blank" rel="noopener">Car Tips: कार का AC चलाते समय न करें ये गलती! Auto और Recirculation Mode का समझें सही तरीका</a></p><h2>सस्पेंशन और चेसिस में अलग अंदाज</h2><p><br>KTM 160 Duke को स्प्लिट ट्रेलीस फ्रेम पर बनाया गया है। इसमें 138mm ट्रैवल वाला इनवर्टेड फ्रंट फोर्क और 168mm ट्रैवल वाला प्रीलोड-एडजस्टेबल मोनोशॉक मिलता है। Yamaha MT-15 V2 में डेल्टाबॉक्स फ्रेम के साथ इनवर्टेड फ्रंट फोर्क और लिंक्ड रियर मोनोशॉक दिया गया है। दोनों में 17-इंच अलॉय व्हील मिलते हैं। ज्यादा ग्राउंड क्लियरेंस के कारण खराब सड़कों पर Duke को मामूली बढ़त मिल सकती है।</p><h2>ब्रेकिंग में Duke ज्यादा आक्रामक</h2><p><br>ब्रेकिंग हार्डवेयर में KTM 160 Duke काफी मजबूत नजर आती है। इसमें 320mm फ्रंट और 230mm रियर डिस्क मिलती है। MT-15 V2 में 282mm फ्रंट और 220mm रियर डिस्क दी गई हैं। दोनों में डुअल-चैनल ABS मौजूद है। KTM में SuperMoto ABS और रियर ABS को स्विच ऑफ करने का विकल्प भी मिलता है, जो उत्साही राइडर्स को अतिरिक्त नियंत्रण दे सकता है।</p><h2>वजन और सीट हाइट में Yamaha आगे</h2><p><br>KTM 160 Duke का कर्ब वजन 147kg, जबकि MT-15 V2 का वजन 141kg है। यानी Yamaha 6kg हल्की है, जिसका फायदा ट्रैफिक और रोजाना की राइडिंग में मिल सकता है। सीट हाइट KTM में 815mm और Yamaha में 810mm है। वहीं दोनों के फ्यूल टैंक लगभग समान हैं—Duke में 10.1 लीटर और MT-15 V2 में 10 लीटर।</p><h2>फीचर्स में किसका फायदा?</h2><p><br>KTM 160 Duke में LCD इंस्ट्रूमेंट कंसोल, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और स्विचेबल रियर ABS जैसे फीचर्स मिलते हैं। MT-15 V2 में TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कनेक्टिविटी, नेविगेशन और ट्रैक्शन कंट्रोल मिलता है। इसलिए प्रीमियम डिस्प्ले और इलेक्ट्रॉनिक सेफ्टी फीचर्स पसंद करने वालों को Yamaha आकर्षित कर सकती है।</p><h2>कीमत में भी है अंतर</h2><p><br>KTM 160 Duke की दिल्ली एक्स-शोरूम कीमत करीब ₹1,84,998 है। वहीं Yamaha MT-15 V2 की कीमत लगभग ₹1.70 लाख से ₹1.81 लाख तक जाती है। Yamaha कई वेरिएंट में उपलब्ध है, जबकि KTM 160 Duke को फुल-लोडेड पैकेज के तौर पर पेश किया गया है।</p><h2>KTM Duke 160 या MT-15 V2: किसे खरीदें?</h2><p><br>अगर आपको ज्यादा पावर, बेहतर ब्रेकिंग, ज्यादा ग्राउंड क्लियरेंस और आक्रामक डिजाइन चाहिए, तो KTM 160 Duke बेहतर चुनाव हो सकती है। वहीं हल्की बाइक, VVA टेक्नोलॉजी, ट्रैक्शन कंट्रोल और रोजमर्रा की आसान राइडिंग आपकी प्राथमिकता है तो Yamaha MT-15 V2 ज्यादा समझदार विकल्प है।</p><p>सीधी बात: परफॉर्मेंस और एग्रेसिव अपील के लिए KTM 160 Duke, जबकि हल्की, संतुलित और टेक्नोलॉजी-केंद्रित राइड के लिए Yamaha MT-15 V2 को चुना जा सकता है।</p><p>- डॉ. अनिमेष शर्मा</p>]]></description>
      <pubDate>Thu, 17 Sep 2026 18:58:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/ktm-160-duke-vs-yamaha-mt15-v2-which-bike-is-the-best-under-rs-2-lakh</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tata Safari EV 500km रेंज और AWD के साथ 2026 के अंत तक होगी लॉन्च]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/tata-safari-ev-to-launch-by-late-2026-with-500km-range-and-awd]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>टाटा मोटर्स अपनी नई सफ़ारी EV के साथ भारत के इलेक्ट्रिक SUV मार्केट में हलचल मचाने की तैयारी कर रही है, जिसके 2026 के आखिर तक शोरूम में आने की उम्मीद है। यह टाटा का थ्री-रो वाली फ़ैमिली EV कैटेगरी में एक बड़ा कदम होगा; इसमें शानदार फ़ीचर्स वाला बड़ा केबिन, बड़ी बैटरी और चाहने वालों के लिए ऑल-व्हील ड्राइव की सुविधा मिलेगी। Safari EV, Tata के acti.ev+ प्लेटफ़ॉर्म के काफ़ी बदले हुए वर्शन पर बनी होगी—वही प्लेटफ़ॉर्म जो Harrier EV में भी इस्तेमाल हुआ है।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/siam-passenger-vehicle-wholesale-sales-rise-36-point-5-percent-august" target="_blank" rel="noopener">SIAM के अनुसार अगस्त में Passenger Vehicles की थोक बिक्री 36.5 प्रतिशत बढ़ी</a></h3><p>खरीदारों के पास यहाँ कुछ विकल्प होंगे: एक सिंगल-मोटर, फ्रंट-व्हील-ड्राइव सेटअप उन लोगों के लिए जो माइलेज या क्षमता को प्राथमिकता देते हैं, और एक डुअल-मोटर, ऑल-व्हील-ड्राइव वर्शन उन लोगों के लिए जिन्हें ज़्यादा पावर और बेहतर ट्रैक्शन चाहिए। AWD वैरिएंट इस रेंज में सबसे ऊपर होगा और चारों पहियों पर ज़्यादा दमदार परफ़ॉर्मेंस देगा। बैटरी के ऑप्शन की बात करें तो टाटा 65kWh और 75kWh, दोनों तरह के पैक देने की योजना बना रही है—ठीक वैसे ही जैसे Harrier EV में हैं। उनका लक्ष्य प्रति चार्ज लगभग 500km की रियल-वर्ल्ड रेंज देना है। अगर आप बड़ी 75kWh बैटरी चुनते हैं, तो आपको शायद सबसे ज़्यादा रेंज मिलेगी, लेकिन AWD मॉडल में ज़्यादा मोटर और वज़न की वजह से थोड़ी ज़्यादा पावर खर्च हो सकती है।</p><p>अंदर जाने पर, सफारी EV का केबिन काफी एडवांस लगता है। इसमें ट्रिपल-स्क्रीन डैशबोर्ड होने की चर्चा है: एक 12.3-इंच की सेंट्रल टचस्क्रीन, एक 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और एक और 12.3-इंच की डिस्प्ले सिर्फ़ फ्रंट पैसेंजर के लिए। इसमें लेवल 2 ADAS, फ्रंट सीटों के लिए पावर और वेंटिलेशन, और दूसरी लाइन में कूल्ड कैप्टन सीटें जैसे फ़ीचर्स भी मिल सकते हैं। टाटा यहीं नहीं रुक रहा है—वे जेस्चर-कंट्रोल्ड पावर्ड टेलगेट और एडवांस्ड चार्जिंग फ़ीचर्स जैसी स्मार्ट टेक्नोलॉजी भी दे रहे हैं। इसमें व्हीकल-टू-लोड (V2L) शामिल है, जिससे आप कार से बाहरी डिवाइस चला सकते हैं, और व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) भी है, जिससे ज़रूरत पड़ने पर कम्पैटिबल EVs एक-दूसरे के साथ थोड़ी पावर शेयर कर सकती हैं।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/currentaffairs/india-china-relations-modi-xi-new-warmth-trade-border-critical-minerals" target="_blank" rel="noopener">'कमजोर' पटरी पर तेजी से दौड़ने का प्रयास कर रही भारत-चीन 'दोस्ती' की रेल कहीं डिरेल ना हो जाए!</a></h3><p>लॉन्च की बात करें तो Safari EV के 2026 के आखिर में—यानी अक्टूबर या नवंबर में—आने की उम्मीद है। इसकी कीमत ₹22 लाख से ₹32 लाख के बीच हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कौन सी बैटरी, ड्राइवट्रेन और ट्रिम चुनते हैं। तीन-रो वाली सुविधा, लंबी रेंज वाली बैटरी और AWD क्षमता की उम्मीद के साथ, Safari EV भारत के तेज़ी से बढ़ते प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में Tata के लिए एक अहम गाड़ी साबित हो सकती है।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 15:29:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/tata-safari-ev-to-launch-by-late-2026-with-500km-range-and-awd</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Car Tips: कार का AC चलाते समय न करें ये गलती! Auto और Recirculation Mode का समझें सही तरीका]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/avoid-this-common-car-ac-mistake-learn-how-to-properly-use-auto-and-recirculation-modes]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>आज की आधुनिक कारों में आरामदायक ड्राइविंग के लिए कई स्मार्ट फीचर्स दिए जाते हैं। इनमें ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल भी शामिल है। खास बात यह है कि अब यह सुविधा केवल महंगी कारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई बजट और एंट्री-लेवल मॉडल में भी देखने को मिलती है। हालांकि, बहुत से चालक इसके Auto और Recirculation मोड का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते। इन दोनों फीचर्स को समझने से सफर ज्यादा आरामदायक बनाया जा सकता है।</div><div><br></div><h2>Auto Mode खुद संभालता है AC की सेटिंग</h2><div>ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल में Auto बटन दबाने के बाद ड्राइवर को बार-बार फैन या एयरफ्लो की सेटिंग बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। आपको केवल मनपसंद तापमान निर्धारित करना होता है। इसके बाद कार का क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम केबिन के तापमान के अनुसार फैन की गति, हवा के प्रवाह और कूलिंग या हीटिंग को अपने आप नियंत्रित करता है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/tata-motors-passenger-vehicles-august-sales-surge" target="_blank">Tata Motors की कुल बिक्री अगस्त में 56 प्रतिशत उछलकर 67,753 यूनिट पर पहुंची</a></h3><h2>गर्म केबिन में तेज कूलिंग का फायदा</h2><div>अगर कार लंबे समय तक धूप में खड़ी रही है, तो अंदर का तापमान काफी बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में Auto Mode शुरुआत में ज्यादा तेज एयरफ्लो के जरिए केबिन को जल्दी आरामदायक बनाने की कोशिश करता है। जैसे-जैसे तापमान आपके निर्धारित स्तर के करीब पहुंचता है, सिस्टम फैन की गति को कम कर सकता है। इससे आपको लगातार मैनुअल सेटिंग करने की परेशानी नहीं होती।</div><div><br></div><h2>Recirculation Mode का असली काम क्या है?</h2><div>Recirculation Mode कार के अंदर मौजूद हवा को दोबारा AC सिस्टम के जरिए सर्कुलेट करता है। इसे सक्रिय करने पर सिस्टम मुख्य रूप से बाहर की हवा लेने के बजाय केबिन की हवा को फिर से ठंडा या गर्म करता है। वहीं, इसे बंद रखने पर बाहरी हवा केबिन में प्रवेश करती रहती है।</div><div><br></div><h2>गर्मियों में कब दबाएं Recirculation बटन?</h2><div>गर्म मौसम में यह मोड खास तौर पर उपयोगी हो सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कार तेज धूप में खड़ी रही है और अंदर काफी गर्मी है, तो AC के साथ Recirculation Mode इस्तेमाल करने से पहले से ठंडी हो रही केबिन हवा को दोबारा सर्कुलेट करने में मदद मिल सकती है। इससे केबिन को आरामदायक तापमान तक पहुंचाने में मदद मिलती है।</div><div><br></div><div>हालांकि, इसे बहुत लंबे समय तक लगातार चालू रखना उचित नहीं है। लंबे समय तक बाहरी हवा का प्रवेश कम रहने पर केबिन की हवा बासी या भारी महसूस हो सकती है। इसलिए जरूरत के अनुसार समय-समय पर बाहर की ताजी हवा को अंदर आने देना बेहतर है।</div><div><br></div><h2>सर्दियों में भी उपयोगी है यह फीचर</h2><div>Recirculation Mode का इस्तेमाल केवल गर्मियों तक सीमित नहीं है। सर्दियों में जब कार का केबिन बाहर की तुलना में गर्म हो जाता है, तब अंदर की गर्म हवा को दोबारा सर्कुलेट करने से केबिन का तापमान बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, लंबे समय तक इसे चालू रखने के बजाय जरूरत के अनुसार बाहरी हवा का प्रवाह भी बनाए रखना चाहिए।</div><div><br></div><h2>Mileage पर कितना पड़ता है असर?</h2><div>AC का इस्तेमाल इंजन या वाहन की ऊर्जा पर अतिरिक्त मांग डाल सकता है, लेकिन केवल Auto या Recirculation बटन को माइलेज बढ़ाने या घटाने का सीधा कारण मानना सही नहीं होगा। सही मोड का इस्तेमाल मुख्य रूप से केबिन को जल्दी आरामदायक बनाने और AC की कार्यक्षमता से जुड़ा है। इसलिए मौसम और ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुसार इन फीचर्स का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर तरीका है।</div><div><br></div><div>- डॉ. अनिमेष शर्मा</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 18:34:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/avoid-this-common-car-ac-mistake-learn-how-to-properly-use-auto-and-recirculation-modes</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[सस्ती Alto K10 या दमदार Tiago? आपकी जरूरत के हिसाब से कौन-सी कार सही]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/economical-alto-k10-or-robust-tiago-which-vehicle-is-right-for-your-requirements]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अगर आपका बजट करीब 5 लाख रुपये है और आप पहली कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो Maruti Alto K10 और Tata Tiago दो ऐसे विकल्प हैं जिन पर जरूर विचार किया जा सकता है। दोनों कारें बजट ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, लेकिन इनका फोकस अलग-अलग जरूरतों पर दिखाई देता है। आइए जानते हैं कि कीमत, माइलेज, पावर, सेफ्टी और फीचर्स के लिहाज से कौन-सी कार आपके लिए बेहतर हो सकती है।</div><div><br></div><h2>इंजन और पावर में Tiago का दबदबा</h2><div>Alto K10 में 998cc का 1.0-लीटर K10C पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 68bhp की पावर और 89Nm टॉर्क पैदा करता है। दूसरी ओर, Tata Tiago में 1.2-लीटर Revotron पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 86bhp की पावर और 113Nm टॉर्क जनरेट करता है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/tata-motors-passenger-vehicles-august-sales-surge" target="_blank">Tata Motors की कुल बिक्री अगस्त में 56 प्रतिशत उछलकर 67,753 यूनिट पर पहुंची</a></h3><div>दोनों मॉडल में 5-स्पीड मैनुअल और AMT गियरबॉक्स के विकल्प मिलते हैं। CNG चाहने वाले ग्राहकों के लिए भी दोनों कारों में फैक्ट्री-फिटेड विकल्प उपलब्ध है। स्पष्ट रूप से ज्यादा ताकत के मामले में Tiago आगे निकलती है।</div><div><br></div><h2>माइलेज में Alto K10 की बढ़त</h2><div>अगर कार खरीदते समय आपका सबसे बड़ा फोकस माइलेज और रोजाना का कम खर्च है, तो Alto K10 आकर्षक विकल्प बनती है। इसका पेट्रोल मैनुअल मॉडल 24.39kmpl और AMT मॉडल 24.9kmpl तक ARAI-सर्टिफाइड माइलेज देता है। CNG वेरिएंट का दावा किया गया माइलेज 33.85km/kg है।</div><div><br></div><div>Tiago पेट्रोल करीब 19-20kmpl और CNG करीब 26.49km/kg तक का माइलेज देती है। इसलिए लंबी अवधि में ईंधन की बचत के लिहाज से Alto K10 ज्यादा किफायती साबित हो सकती है।</div><div><br></div><h2>शहर में Alto, हाईवे पर Tiago</h2><div>शहरी इलाकों में जहां ट्रैफिक, छोटी सड़कें और पार्किंग की समस्या आम है, Alto K10 अपने कॉम्पैक्ट आकार के कारण सुविधाजनक लगती है। हल्का वजन और छोटा टर्निंग एरिया इसे रोजमर्रा की ड्राइविंग के लिए आसान बनाते हैं।</div><div><br></div><div>Tiago का बड़ा इंजन हाईवे पर ज्यादा दम दिखाता है। तेज गति पर अतिरिक्त पावर और बेहतर रोड प्रेजेंस इसे लंबी दूरी की यात्राओं के लिए अधिक उपयुक्त बना सकती है।</div><div><br></div><h2>सेफ्टी में Tiago ज्यादा मजबूत</h2><div>सेफ्टी के मामले में Tata Tiago को बढ़त मिलती है। उपलब्ध Global NCAP क्रैश टेस्ट परिणामों में Tiago को 4-स्टार रेटिंग मिली है, जबकि Alto K10 को 2-स्टार रेटिंग मिली थी।</div><div><br></div><div>दोनों कारों में डुअल एयरबैग, ABS के साथ EBD और रियर पार्किंग सेंसर जैसे जरूरी सुरक्षा फीचर्स मिलते हैं। हालांकि, सुरक्षा प्राथमिकता रखने वाले खरीदारों के लिए Tiago ज्यादा भरोसेमंद विकल्प दिखाई देती है।</div><div><br></div><h2>फीचर्स में भी Tiago का पैकेज आकर्षक</h2><div>Alto K10 के ऊपरी वेरिएंट में 7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, Android Auto, Apple CarPlay, डिजिटल स्पीडोमीटर और फ्रंट पावर विंडो जैसे फीचर्स मिलते हैं।</div><div><br></div><div>Tiago में 7-इंच टचस्क्रीन के साथ Harman साउंड सिस्टम, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल ORVM जैसे अतिरिक्त प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं।</div><div><br></div><h2>कीमत में Alto K10 ज्यादा बजट-फ्रेंडली</h2><div>Alto K10 की एक्स-शोरूम कीमत करीब 3.70 लाख रुपये से 5.45 लाख रुपये तक जाती है, जबकि Tata Tiago की कीमत करीब 4.70 लाख रुपये से 8.55 लाख रुपये तक बताई जाती है। इसलिए शुरुआती बजट सीमित होने पर Alto K10 ज्यादा आसान विकल्प है।</div><div><br></div><h2>फैसला: आपकी जरूरत तय करेगी विजेता</h2><div>कुल मिलाकर, कम कीमत, शानदार माइलेज और शहर में आसान ड्राइविंग चाहिए तो Alto K10 बेहतर चुनाव हो सकती है। वहीं ज्यादा पावर, हाईवे ड्राइविंग, प्रीमियम फीचर्स और बेहतर क्रैश-टेस्ट प्रदर्शन प्राथमिकता है तो Tata Tiago ज्यादा संतुलित पैकेज साबित होती है।</div><div><br></div><div>- डॉ. अनिमेष शर्मा</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 18:59:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/economical-alto-k10-or-robust-tiago-which-vehicle-is-right-for-your-requirements</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Maruti Baleno में ADAS Technology! अब मिलेगी Level 2 सुरक्षा, ड्राइविंग बनी smarter]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/adas-technology-in-maruti-baleno-now-get-level-2-safety-driving-has-become-smarter]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>NEXA को कभी किसी खास निर्देश या 'ब्रीफ़' के आधार पर नहीं बनाया गया था। एक दशक से भी पहले, किसी ने भी मारुति सुज़ुकी से कार के अलावा किसी और तरह के रिटेल अनुभव की मांग नहीं की थी; बाज़ार ने भी इसकी ज़रूरत नहीं जताई थी। फिर भी, NEXA ने इसे पहले ही भांप लिया और एक ऐसी जगह बनाई जहाँ कार ही सब कुछ नहीं थी, बल्कि यह भारत में कार खरीदने और उसके साथ जीने के तरीके का एक हिस्सा बन गई। बिना कहे ही आगे बढ़ने की यह सोच हमेशा बनी रही, भले ही ग्राहक बदल गए हैं—अब उनकी पहचान आय या उम्र से नहीं, बल्कि उनकी सोच से होती है। NEXA इस बदलते हुए ग्राहक वर्ग को 'कॉस्मोपॉलिटन्स' (Cosmopolitans) कहता है, और इन्हीं को ध्यान में रखते हुए NEXA के सबसे खास मॉडल, 'बलेनो' (Baleno) को नए सिरे से तैयार किया गया है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/hyundai-motor-india-to-boost-female-leadership" target="_blank">Hyundai Motor India का बड़ा प्लान, 2030 तक कार्यकारी स्तर पर 20% Women Workforce का लक्ष्य</a></h3><div><br></div><div>NEXA के पोर्टफोलियो में बलेनो लंबे समय से सिर्फ़ एक कार से कहीं ज़्यादा रही है। यह एक रिश्ता है, लाखों भारतीय खरीदारों के लिए सपनों को पूरा करने की शुरुआत है, और एक ऐसा बेंचमार्क है जिससे इस सेगमेंट के दूसरे मॉडल अपनी तुलना करते हैं। लेकिन NEXA के लिए लीडरशिप का मतलब कभी भी एक जगह रुककर अपनी पुरानी पहचान को बचाए रखना नहीं रहा है; इसका मतलब हमेशा माहौल और लोगों की ज़रूरतों को समझना रहा है। लोगों की ज़रूरतों को समझने पर पता चला कि आज का ग्राहक ऐसा है जिसे अपने आत्मविश्वास को शब्दों में बताने की ज़रूरत नहीं है; उसका आत्मविश्वास उसके पहनावे, स्टाइल और रोज़मर्रा के जीवन में झलकता है।</div><div><br></div><div>सिर्फ़ एक बात – कि स्टाइल असलियत (सब्सटेंस) के उलट नहीं है, बल्कि असलियत का ही एक रूप है जब वह बिना किसी रोक-टोक के सामने आती है – इसी सोच पर शानदार नई बलेनो को बनाया गया है। इसकी पोज़िशनिंग के पीछे यही सोच है – 'डेयर टू गो ग्लैम' (ग्लैमरस बनने की हिम्मत करें) – जो हर छोटी-बड़ी बात को खास बनाने, हर सफ़र को एक एहसास में बदलने और हर आगमन को यादगार बनाने का न्योता देती है। यह सोच बाहर से साफ़ नज़र आती है। शानदार नई बलेनो, NEXA के 'क्रफ़्टेड फ़्यूचरिज़्म' को असल रूप देती है।&nbsp;</div><div><br></div><div>इसमें सिग्नेचर NEXWave ग्रिल को ज़्यादा बोल्ड और थ्री-डायमेंशनल लुक दिया गया है – यह अब पहले से ज़्यादा चौड़ी है और इस पर हॉरिज़ॉन्टल क्रोम गार्निश लगी है। तराशा हुआ बंपर और क्रोम फेंडर गार्निश कार के चारों ओर वही कॉन्फिडेंस दिखाते हैं, जबकि आगे की तरफ़ सिग्नेचर LED प्रोजेक्टर हेडलैम्प्स के साथ NEXTre' LED DRLs और पीछे की तरफ़ NEXTre' LED टेल लैम्प्स इसे हर एंगल से एक अलग पहचान देते हैं। एक स्लीक शार्क फ़िन एंटीना इसके लुक को पूरा करता है और साथ ही हवा के दबाव और शोर को भी कम करता है – यह इस बात का सबूत है कि डिज़ाइन से जुड़े छोटे-छोटे फ़ैसले भी सोच-समझकर लिए गए थे।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/tata-motors-jlr-restructuring-amid-declining-sales-and-us-tariffs-4000-jobs-at-jlr-under-threat" target="_blank">Tata Motors JLR Restructuring: घटती बिक्री और US Tariffs के बीच JLR में 4000 Jobs पर लटकी तलवार</a></h3><div><br></div><div>कॉन्फिडेंस सिर्फ़ दिखने तक ही सीमित नहीं है। शानदार नई बलेनो में लेवल 2 ADAS दिया गया है, जो सामने की सड़क को पढ़ने के लिए मोनोकुलर कैमरा और मिलीमीटर-वेव रडार का इस्तेमाल करता है। इससे एडेप्टिव क्रूज़ कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट, लेन डिपार्चर प्रिवेंशन और वॉर्निंग, एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग और ऑटो हाई बीम जैसे फ़ीचर मिलते हैं। ये सभी चुपचाप काम करते हैं ताकि ड्राइवर का ध्यान सड़क पर बना रहे। यही स्मार्टनेस गाड़ी के अंदर भी SmartPlay Pro+, हेड-अप डिस्प्ले, 360 व्यू कैमरा, वायरलेस चार्जिंग और क्लैरियन-ट्यून्ड ऑडियो सिस्टम के साथ जारी रहती है। इन्हें गाड़ी में बहुत सोच-समझकर शामिल किया गया है, न कि बस ऊपर से थोपा गया है, ताकि हर ड्राइव बेहतर और स्मार्ट लगे, और कभी भी मुश्किल न हो।</div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 19:09:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/adas-technology-in-maruti-baleno-now-get-level-2-safety-driving-has-become-smarter</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[कार-बाइक छोड़िए, इन इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से पहुंचें ऋषिकेश, मिलेगी दमदार रेंज]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/travel-to-rishikesh-on-these-electric-scooters-with-a-powerful-range]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>इलेक्ट्रिक स्कूटर अब केवल शहर के छोटे सफर तक सीमित नहीं रह गए हैं। बेहतर बैटरी क्षमता और लंबी रेंज के साथ बाजार में ऐसे कई मॉडल मौजूद हैं, जिन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि अब EV यूजर्स के बीच रोड ट्रिप को लेकर भी दिलचस्पी बढ़ रही है।</div><div><br></div><div>दिल्ली से ऋषिकेश की दूरी करीब 260 किलोमीटर है। ऐसे में अगर आपके पास लंबी रेंज वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर है, तो फुल चार्ज बैटरी के साथ यह सफर पूरा करना संभव हो सकता है। हालांकि वास्तविक रेंज सड़क, ट्रैफिक, स्पीड, वजन और मौसम जैसी परिस्थितियों पर निर्भर करती है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/tata-motors-passenger-vehicles-august-sales-surge" target="_blank">Tata Motors की कुल बिक्री अगस्त में 56 प्रतिशत उछलकर 67,753 यूनिट पर पहुंची</a></h3><h2>260KM का सफर, अब EV से भी मुमकिन</h2><div>कुछ साल पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर मुख्य रूप से शहर के भीतर आने-जाने के लिए पसंद किए जाते थे। कम बैटरी क्षमता और सीमित रेंज के कारण लंबी दूरी की यात्रा चुनौतीपूर्ण होती थी। अब 300 किलोमीटर से ज्यादा दावा की गई रेंज वाले स्कूटर बाजार में मौजूद हैं, जिससे लंबी दूरी के सफर का विकल्प खुल गया है।</div><div><br></div><h2>Komaki SE Ultra: 418KM की जबरदस्त रेंज</h2><div>लंबी रेंज वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों की सूची में Komaki SE Ultra प्रमुख नाम है। इसमें 7.2 kWh की बैटरी दी गई है और कंपनी के अनुसार यह सिंगल चार्ज में 418 किलोमीटर तक की रेंज देता है। इस दावे के आधार पर दिल्ली से ऋषिकेश का सफर एक चार्ज में पूरा किया जा सकता है और बैटरी में कुछ रेंज शेष भी रह सकती है। स्कूटर में LED फ्रंट लाइट्स, LED DRLs, एंटी-स्किड टेक्नोलॉजी, पार्किंग असिस्ट और रिवर्स असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं।</div><div><br></div><h2>Simple Ultra: स्पीड के साथ लंबी रेंज</h2><div>Simple Ultra भी लंबी दूरी के लिए आकर्षक विकल्प है। इसमें 6.5 kWh बैटरी दी गई है और यह 400 किलोमीटर तक की रेंज का दावा करता है। इसकी टॉप स्पीड 115 km/h है। कंपनी के अनुसार यह 0-40 km/h की रफ्तार 2.77 सेकंड में पकड़ सकता है। 0 से 80 प्रतिशत चार्ज होने में करीब 2 घंटे 15 मिनट लगते हैं।</div><div><br></div><h2>Komaki XR7: 322KM रेंज और बड़ा बूट</h2><div>Komaki XR7 करीब 322 किलोमीटर की दावा की गई रेंज के साथ आता है। इसकी टॉप स्पीड 55 km/h है। इसमें 35 लीटर का बूट स्पेस मिलता है, जो रोड ट्रिप के दौरान सामान रखने के लिए उपयोगी हो सकता है। स्कूटर में 12-इंच के व्हील्स और डिस्क ब्रेक्स भी दिए गए हैं।</div><div><br></div><h2>Ola S1 X+: 125 km/h की टॉप स्पीड</h2><div>Ola S1 X+ का 5.2 kWh बैटरी वाला वेरिएंट 320 किलोमीटर तक की रेंज का दावा करता है। इसकी टॉप स्पीड 125 km/h है। इस रेंज के आधार पर यह भी दिल्ली से ऋषिकेश की दूरी एक बार फुल चार्ज करने पर तय करने में सक्षम हो सकता है।</div><div><br></div><h2>सफर से पहले रेंज जरूर जांचें</h2><div>हालांकि कंपनियों द्वारा बताई गई रेंज आदर्श परिस्थितियों में प्राप्त हो सकती है। हाईवे पर लगातार तेज रफ्तार, चढ़ाई, अतिरिक्त वजन और मौसम वास्तविक रेंज को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए दिल्ली से ऋषिकेश जैसी यात्रा पर निकलने से पहले बैटरी प्रतिशत, चार्जिंग विकल्प और रूट की स्थिति जरूर जांचना बेहतर रहेगा।</div><div><br></div><div>- डॉ. अनिमेष शर्मा</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 19:42:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/travel-to-rishikesh-on-these-electric-scooters-with-a-powerful-range</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Bharat NCAP 2.0: Nitin Gadkari का बड़ा ऐलान, Crash Test नियम सख्त होने से 5-Star Rating होगी मुश्किल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/car-safety-rating-rules-in-india-nitin-gadkari-announces-bncap-2o]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 66वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए घोषणा की है कि सरकार भारत NCAP (BNCAP) के दूसरे चरण की तैयारी कर रही है।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">नया भारत NCAP 2.0 प्रोग्राम अक्टूबर 2027 से लागू होंगे। इसमें व्हीकल असेसमेंट प्रोग्राम का दायरा बढ़ाया जाएगा। नए चरण में केवल इस बात का ध्यान नहीं दिया जाएगा कि हादसे के समय गाड़ी के अंदर बैठे यात्री कितने सुरक्षित हैं, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा सहित अन्य बातों पर भी ध्यान दिया जाएगा। आइए आपको BNCAP 2.0 तहत प्रस्तावित नए निमयों क्रैश टेस्ट और 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग के पैमानों के बारे में बताते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>पूरे क्रैश चेन की होगी जांच</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">गडकरी के अनुसार, BNCAP 2.0 में गाड़ियों का परीक्षण मुख्य रुप से तीन बड़े क्षेत्रों के आधार पर होगा।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- <b>हादसे से बचना (Crash Avoidance)- </b>दुर्घटना होने से रोकने वाली तकनीकों की जांच।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;-<b> पैदल यात्रियों की सुरक्षा (Pedestrian Protection)- </b>दुर्घटना के दौरान सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा।</div><div><br></div><div>&nbsp;- <b>हादसे के बाद राहत कार्य (Post-Crash Evacuation and Care)-</b> दुर्घटना के बाद गाड़ी से यात्रियों को निकलने और आपातकालीन सुरक्षा सहायता की सुविधा।</div><div><br></div><div>&nbsp;-<b> सुझाव-</b> नितिन गडकरी ने ऑटोमोबाइल कंपनियों को इस सुरक्षा कार्यक्रम को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव देने का आमंत्रण किया है।</div><div><br></div><div><b>100 पॉइंट्स का नया स्ट्रक्चर</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- दरअसल, नवंबर 2025 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने AIS-197 (रिवीजन1) के जरिए भारत NCAP के अगले चरण के लिए नियमों का प्रस्ताव रखा था। इसका मुख्य उद्देश्य कार सेफ्टी टेस्टिंग प्रोग्राम को ज्यादा विस्तृत और सख्त बना दिया था। इस प्रस्तावित सिस्टम के जरिए कारों को 5 क्षेत्रों के आधार पर 100 में स अंक दिए जाएंगे।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- क्रैश प्रोटेक्शन के लिए 55 पॉइंट्स। पैदल यात्रियों और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए 20 पॉइंट। सेफ ड्राइविंग फीचर्स के लिए 10 पॉइंट्स। हादसे से बचाने वाले तकनीक के लिए 10 पॉइंट और हादसे के बाद की सुरक्षा के लिए 5 पॉइंट्स का प्रावधान है।</div><div><br></div><div><b>5 स्टार रेंटिंग पाना काफी मुश्किल</b></div><div><br></div><div><b>&nbsp;- 2027 से नियम: </b>दरअसल, 2027 से किसी भी कार को 5-स्टार रेटिंग हासिल करने के लिए 100 में से कम से कम 70 अंक लाने अनिवार्य है।</div><div><br></div><div><b>&nbsp;- 2029 से नियम-</b> वहीं 2029 से न्यूनतम स्कोर बढ़ाकर 80 अंक कर दिया जाएगा।&nbsp;</div><div><br></div><div><b>&nbsp;- अनिवार्य फीचर्स- </b>कार को स्टार रेटिंग पाने योग्य बनने के लिए उसमें कर्टेन एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) स्टैंडर्ड के तौर पर यानी शुरुआती वेरिएंट से होने जरुरी है।</div><div><br></div><div><b>नए और कड़े क्रैश टेस्ट</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- आपको बताते चले कि, 50 kph फुल-विड्थ फ्रंटल क्रैश टेस्ट पूरी चौड़ाई से समाने की टक्कर का टेस्ट है।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- तिरछे खंभे से टक्कर का टेस्ट 32 kph ओब्लिक पोल इम्पैक्ट टेस्ट है। इसकी स्पीड 29 kph से बढ़ाकर 32kph की गई है।</div><div><br></div><div>&nbsp;- 50 kph रियर-इम्पैक्ट टेस्ट, पीछे से होने वाली टक्कर का टेस्ट है।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:01:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/car-safety-rating-rules-in-india-nitin-gadkari-announces-bncap-2o</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tata Motors की कुल बिक्री अगस्त में 56 प्रतिशत उछलकर 67,753 यूनिट पर पहुंची]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/tata-motors-passenger-vehicles-august-sales-surge]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड की अगस्त में कुल बिक्री सालाना आधार पर 56 प्रतिशत बढ़कर 67,753 इकाई हो गई। कंपनी ने पिछले साल इसी महीने में 43,315 वाहन बेचे थे। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमपीवीएल) ने बयान में कहा कि अगस्त में यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री 59 प्रतिशत बढ़कर 65,253 इकाई हो गई जबकि अगस्त, 2025 में 41,001 इकाई थी।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/tata-sierra-boosts-tata-motors-sales" target="_blank" rel="noopener">Tata Sierra बनी Tata Motors की ग्रोथ इंजन, Curvv की बिक्री में गिरावट से बदला SUV Segment</a></h3><p>अगस्त में यात्री वाहनों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिक्री 2,500 इकाई रही जबकि एक साल पहले इसी महीने की 2,314 इकाई से आठ प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने बताया कि अगस्त में अंतरराष्ट्रीय स्तर एवं घरेलू बाजार समेत कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 16,549 इकाई रही, जो एक साल पहले इसी महीने की 8,540 इकाई से 94 प्रतिशत अधिक है।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 17:24:05 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/tata-motors-passenger-vehicles-august-sales-surge</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Royal Enfield की कुल बिक्री अगस्त में 11 प्रतिशत बढ़ी, बेचीं 1.26 लाख से अधिक मोटरसाइकिलें]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/royal-enfield-sales-growth-august-units-increase]]></guid>
      <description><![CDATA[<p>मोटरसाइकिल विनिर्माता कंपनी रॉयल एनफील्ड की अगस्त में कुल बिक्री सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर 1,26,479 इकाई हो गई। पिछले साल इसी महीने में कंपनी ने 1,14,002 वाहन बेचे थे। कंपनी की घरेलू बाजार में बिक्री पिछले महीने 11 प्रतिशत बढ़कर 1,14,204 इकाई हो गई, जो अगस्त 2025 में 1,02,876 इकाई थी।</p><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/tvs-motor-august-sales-rise-21-percent" target="_blank" rel="noopener">अगस्त में TVS Motor की बिक्री 21 प्रतिशत बढ़ी, बेचे 6.16 लाख से अधिक वाहन</a></h3><p>आयशर मोटर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और रॉयल एनफील्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी गोविंदराजन ने कहा, ‘‘अगस्त हमारे लिए एक और वृद्धि वाला महीना रहा। भारत में त्योहारों की शुरुआत से पहले हमारी मजबूत बिक्री की गति जारी रही और इससे आगे के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इस महीने वृद्धि की मजबूत गति जारी रही।</p>]]></description>
      <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 17:23:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/royal-enfield-sales-growth-august-units-increase</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tata Sierra बनी Tata Motors की ग्रोथ इंजन, Curvv की बिक्री में गिरावट से बदला SUV Segment]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/tata-sierra-boosts-tata-motors-sales]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>टाटा मोटर्स कंपनी ने 6 महीने पहले मार्केट में Tata Sierra को लॉन्च किया है, हालांकि भारत में इस कार का क्रेज सड़कों पर देखा गया है और इसका आकर्षण आज भी तहलका मचा रहा है। अपने ट्रिपल-स्क्रीन डैशबोर्ड, बड़े लाउंज जैसा केबिन, 12 स्पीकार JBL ऑडियो सिस्टम और आइकॉनिक रियर-ग्लास लुक के चलते यह गाड़ी हर उम्र में लोगों को खूब पसंद आ रही है।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">असल में कंपनी की कुल ब्रिकी में इस कार का महा-योगदान है। इस कार के आने से टाटा कर्व की ब्रिकी में गिरावट तेजी से देखी गई है। आइए आपको टाटा मोटर्स की गाडियों की ब्रिकी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>Tata Sierrra ने बढ़ाई ब्रिकी, Curvv को हुआ भारी नुकसान</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- जनवरी से जुलाई 2026 के बीच में टाटा मोटर्स ने कुल 4,41,520 कारें बेचीं, जो कि पिछले साल (2025) की इसी अवधि में बेची गई 3,09,488 कारों से 42.7% अधिक है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- कंपनी की कुल बिक्री में अकेले टाटा सिएरा की 49,747 यूनिट्स की बिक्री हुई है, टाटा की कुल बढ़ी हुई बिक्री में सिएरा का योगदान 37.7% रहा।</div><div><br></div><div>&nbsp;- सिएरा आने से टाटा की दूसरी कार कर्व को काफी नुकसान हुआ है। वैसे तो पंच, नेक्सॉन और हैरियर की बिक्री बढ़ी, वहीं कर्व की बिक्री 20,632 यूनिट्स से घटाकर 11,556 यूनिट्स बची है।</div><div><br></div><div>&nbsp;- इसके पीछे का कारण है मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट के खरीदारों ने कर्व के कूपे-डिजाइन की जगह टाटा सिएरा के बॉक्सी डिजाइन, 622-लीटर के बड़े बूट स्पेस, लंबे व्हीलबेस (2,730mm) और ज्यादा केबिन स्पेस को पंसद कर रहे हैं।&nbsp;</div><div><br></div><div><b>पेट्रोल-डीजल वेरिएंट और किआ सेल्टॉस से मुकाबला</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">आपको बताते चलें कि, सिएरा में पट्रोल (1.5 Hyperion turbo-petrol) और डीजल (Kryojet turbo-diesel) इंजनों में ही बिक रही थी। सप्लाई चेन में कमी के कारण इसकी हर महीने सिर्फ 6,000-7000 गाड़ियां ही शोरूम तक पहुंच पा रही थीं, जबकि इसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी किआ सेल्टोस की हर महीने 10,000 से ज्यादा यूनिटस् बिक रही है और वह आगे बनी हुई है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>Sierra EV से पलटेगी बाजी</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि कुछ समय पहले लॉन्च हुई Sierra EV के आने से खेल बदल गया है, क्योंकि सेल्टॉस के पास फिलहाल इसका कोई सीधा इलेक्ट्रिक ऑप्शन नहीं है-</span></div><div><br></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;- सिएरा ईवी में 75 kWH और 63kWh बैटरी पैक मिलते हैं। जिससे डुअल-मोटर सेटअप 306 PS की पावर और 504 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर 450-500 किलोमीटर की रियल-वर्ल्ड रेंज देती है।</div><div><br></div><div>&nbsp;- सिएरा ईवी सिर्फ 5.8 सेकेंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है।</div><div><br></div><div><b>Sierra की कीमत</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इस कार की कीमत की बात करें, तो टाटा सिएरा के ICE (पेट्रोल/डीजल) वेरिएंट की एक्स-शोरुम कीमत 11.49 से 21.29 लाख रुपये के बीच में है। जबकि सिएरा ईवी का एक्स-शोरूम प्राइस 18.79 लाख रुपये से शुरु होकर 26.48 लाख रुपये तक है।&nbsp;&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 15:55:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/tata-sierra-boosts-tata-motors-sales</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Monsoon में Car Damage पर Insurance Claim कैसे लें? ये नियम जानना है जरूरी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/how-to-claim-insurance-for-car-damage-during-the-monsoon-it-is-important-to-know-these-rules]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पूरे भारत में गाड़ी मालिकों के लिए भारी बारिश और सड़कों पर जमा पानी हर साल एक बड़ी मुसीबत बन जाता है। हर मॉनसून में, हज़ारों कारें और दो-पहिया वाहन पानी से भरी सड़कों पर फँस जाते हैं, पेड़ों के गिरने से उन्हें नुकसान पहुँचता है या वे बढ़ते पानी में डूब जाते हैं। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है: नुकसान का हर्जाना कौन भरेगा? इसका जवाब मौसम पर कम और आपकी गाड़ी के ग्लव बॉक्स में रखी इंश्योरेंस पॉलिसी पर ज़्यादा निर्भर करता है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/maruti-domestic-car-sales-surge-in-august" target="_blank">Maruti Suzuki Sales Boost: अगस्त में 21.3% बढ़ी कुल बिक्री, Auto Sector में जोरदार तेजी</a></h3><div><br></div><div>इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि मॉनसून से होने वाले नुकसान के लिए मुआवज़ा मिल सकता है, लेकिन तभी जब गाड़ी 'कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी' के तहत कवर हो। जो मालिक सिर्फ़ ज़रूरी 'थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस' पर निर्भर हैं, उन्हें अपनी गाड़ी को हुए नुकसान के लिए पैसे वापस मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। प्रोबस (Probus) के चीफ ग्रोथ ऑफिसर अत्रेय भारद्वाज का कहना है कि बाढ़, भारी बारिश, जल-जमाव और मॉनसून से जुड़ी दूसरी घटनाओं से गाड़ी को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए 'कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी' ज़रूरी है। वे बताते हैं कि बेसिक 'थर्ड-पार्टी पॉलिसी' में मालिक की अपनी कार को हुए नुकसान के लिए कोई सुरक्षा नहीं मिलती है।</div><div><br></div><div><br></div><div>गाड़ियों के लिए जल-जमाव (waterlogging) सबसे बड़े खतरों में से एक है। बजाज जनरल इंश्योरेंस के कमर्शियल मामलों के चीफ टेक्निकल ऑफिसर, अमरनाथ सक्सेना ने कहा, "हालांकि बाढ़ से होने वाले बाहरी नुकसान को 'ओन डैमेज' मोटर पॉलिसी में कवर किया जाता है, लेकिन पॉलिसीधारकों को 'इंजन प्रोटेक्टर' जैसे ऐड-ऑन कवर पर भी विचार करना चाहिए। यह कवर पानी घुसने से इंजन के अंदर होने वाले नुकसान की भरपाई करता है।"</div><div><br></div><div>सक्सेना ने आगे कहा, "अगर गाड़ी बह जाती है या उसकी मरम्मत का खर्च उसकी 'इंस्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू' (IDV) के लगभग 75 से 80 प्रतिशत से ज़्यादा हो जाता है, तो पॉलिसी की शर्तों के अनुसार क्लेम का निपटारा 'टोटल लॉस' या 'कंस्ट्रक्टिव टोटल लॉस' के तौर पर किया जा सकता है।" पॉलिसीधारकों को पानी में डूबी गाड़ी को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे गाड़ी के इंजन को और नुकसान हो सकता है। इंश्योरेंस कंपनी को तुरंत सूचना देने और गाड़ी को अधिकृत गैराज में ले जाने से क्लेम की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी हो सकती है।</div><div><br></div><div>ऐसी गलतियाँ जिनसे आपका इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है</div><div>अजीब बात है कि सबसे ज़्यादा नुकसान अक्सर बाढ़ के बाद ही होता है। एक्सपर्ट्स सभी एकमत होकर सलाह देते हैं कि गहरे पानी में बंद हो चुकी गाड़ी को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश न करें। भारद्वाज कहते हैं कि अगर इंजन में पानी चला गया है और मालिक उसे दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश करता है, तो इंजन को होने वाले नुकसान को आम तौर पर स्टैंडर्ड कॉम्प्रिहेन्सिव पॉलिसी के तहत 'कॉन्सिक्वेंशियल लॉस' (नतीजतन होने वाला नुकसान) माना जाता है। जब तक गाड़ी में 'इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन' न हो, तब तक इंश्योरेंस कंपनी क्लेम के उस हिस्से को रिजेक्ट कर सकती है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/increased-financial-burden-on-mumbaikars-auto-and-taxi-fares-hiked-new-rates-come-into-effect" target="_blank">Mumbai Auto Taxi Fare Hike | मुंबईकरों की जेब पर बढ़ा बोझ! ऑटो और टैक्सी का किराया महंगा, नई दरें लागू</a></h3><div><br></div><div>डहुजा भी मालिकों को सलाह देते हैं कि वे पानी में डूबी या बुरी तरह पानी से घिरी गाड़ियों को स्टार्ट न करें, क्योंकि इससे इंजन का नुकसान और बढ़ सकता है, जो शायद बेस पॉलिसी के तहत कवर न हो। जोशी बताते हैं कि पानी से खराब हुए इंजन को बार-बार क्रैंक करने से 'हाइड्रोस्टैटिक लॉक' हो सकता है, जिससे रिपेयर का खर्च काफी बढ़ जाता है। ऐसे नुकसान तभी कवर होते हैं जब मालिक ने 'इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन' लिया हो।<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 15:40:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/how-to-claim-insurance-for-car-damage-during-the-monsoon-it-is-important-to-know-these-rules</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या ADAS हर सड़क पर करता है काम? भारतीय रोड्स की सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/does-adas-work-on-all-roads-you-shall-be-shocked-by-the-reality-of-indian-roads]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>आज के समय में कार खरीदते वक्त लोग केवल इंजन, माइलेज या डिजाइन ही नहीं देखते, बल्कि आधुनिक सेफ्टी फीचर्स पर भी खास ध्यान देते हैं। इन्हीं में सबसे चर्चित तकनीक ADAS (Advanced Driver Assistance System) है। यह सिस्टम ड्राइविंग को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए विकसित किया गया है। हालांकि, जितनी तेजी से यह तकनीक लोकप्रिय हो रही है, उतना ही जरूरी है कि इसके काम करने के तरीके और सीमाओं को भी समझा जाए। खासतौर पर भारतीय सड़कों और ट्रैफिक की वास्तविक परिस्थितियों में ADAS हर समय समान प्रदर्शन नहीं कर पाता।</div><div><br></div><h2>ADAS कैसे करता है काम?</h2><div>ADAS कई आधुनिक तकनीकों का संयोजन है। इसमें कैमरे, रडार, अल्ट्रासोनिक सेंसर और कुछ मॉडलों में LiDAR जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है। ये सिस्टम सड़क की लेन, आगे चल रहे वाहनों, पैदल यात्रियों और अन्य संभावित बाधाओं की लगातार निगरानी करते हैं। किसी खतरे की स्थिति बनने पर यह ड्राइवर को चेतावनी देता है और जरूरत पड़ने पर ब्रेकिंग या स्टीयरिंग में भी सहायता करता है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/4-great-options-for-long-range-high-speed-and-low-cost" target="_blank">Best Electric Bike India: लंबी रेंज, दमदार स्पीड और कम खर्च वाली 4 शानदार इलेक्ट्रिक बाइक्स</a></h3><h2>धुंधली लेन मार्किंग बन सकती है चुनौती</h2><div>भारत की कई सड़कों पर लेन मार्किंग या तो मिट चुकी होती है या फिर साफ दिखाई नहीं देती। ऐसे में लेन कीप असिस्ट और लेन डिपार्चर वार्निंग जैसे फीचर सही तरीके से काम नहीं कर पाते। यदि सिस्टम लेन को पहचानने में असफल हो जाए, तो वह अचानक निष्क्रिय हो सकता है। ऐसी स्थिति में वाहन का पूरा नियंत्रण तुरंत ड्राइवर को संभालना पड़ता है।</div><div><br></div><h2>अनियमित ट्रैफिक पैटर्न से बढ़ती है मुश्किल</h2><div>भारतीय ट्रैफिक दुनिया के सबसे जटिल ट्रैफिक सिस्टम में से एक माना जाता है। सड़क पर अचानक बाइक, ऑटो, साइकिल, पैदल यात्री या जानवर आ जाना आम बात है। कई बार ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) ऐसे हालात में जरूरत से पहले ब्रेक लगा देता है, जबकि कुछ स्थितियों में बाधा को सही समय पर पहचानने में भी दिक्कत हो सकती है। इससे दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है।</div><div><br></div><h2>खराब मौसम में घट सकती है सिस्टम की क्षमता</h2><div>तेज बारिश, घना कोहरा, धूल या कीचड़ कैमरा और रडार की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। यदि सेंसर सही तरीके से आसपास का वातावरण नहीं देख पाएंगे, तो ADAS फीचर्स अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं या उनकी सटीकता कम हो सकती है। इसलिए खराब मौसम में केवल इस तकनीक पर निर्भर रहना सुरक्षित नहीं माना जाता।</div><div><br></div><h2>सेंसर की सफाई और रखरखाव भी है जरूरी</h2><div>कई लोग यह भूल जाते हैं कि ADAS का प्रदर्शन सेंसर और कैमरों की साफ-सफाई पर भी निर्भर करता है। यदि इन पर धूल, कीचड़ या पानी की परत जम जाए तो सिस्टम गलत अलर्ट दे सकता है या काम करना बंद कर सकता है। नियमित सर्विसिंग और सेंसर की जांच इस तकनीक की विश्वसनीयता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।</div><div><br></div><h2>ADAS का सही इस्तेमाल कैसे करें?</h2><div>ADAS को कभी भी ऑटो-पायलट या पूरी तरह स्वचालित ड्राइविंग सिस्टम न समझें। यह केवल ड्राइवर की सहायता करने वाली तकनीक है। ड्राइविंग के दौरान हमेशा दोनों हाथ स्टीयरिंग पर रखें, सड़क पर पूरा ध्यान दें और वाहन की गति परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रित रखें। खराब मौसम, भीड़भाड़ वाले इलाके और ग्रामीण सड़कों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतना सबसे बेहतर विकल्प है।</div><div><br></div><div>ADAS आधुनिक कारों की सुरक्षा को नई ऊंचाई देता है और दुर्घटनाओं की संभावना कम करने में मददगार साबित हो सकता है। लेकिन भारतीय सड़कों की वास्तविक परिस्थितियों में इसकी कुछ व्यावहारिक सीमाएं भी हैं। इसलिए इस तकनीक को ड्राइवर का विकल्प नहीं, बल्कि एक स्मार्ट सहायक के रूप में इस्तेमाल करना ही समझदारी है। सुरक्षित ड्राइविंग का सबसे बड़ा आधार आज भी सतर्क और जिम्मेदार चालक ही है।</div><div><br></div><div>- डॉ. अनिमेष शर्मा</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 17:52:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/does-adas-work-on-all-roads-you-shall-be-shocked-by-the-reality-of-indian-roads</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Range Rover Sport TWENTY Edition: प्रीमियम SUV मार्केट में JLR की नई रणनीति, ₹1.90 Crore है Price]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/jlr-india-launches-range-rover-sport-twenty-edition]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>क्या आप भी काफी समय से लग्जरी गाड़ी खरीदने का प्लान, तो यह लेख आपके लिए है। दरअसल, जगुआर लैंड रोवर (JLR) इंडिया ने अपनी मशहूर लग्जरी एसयूवी रेंज रोवर स्पोर्ट की 20वीं वर्षगांठ का जश्न मनाते हुए भारत में Range Rover Sport TWENTY Edition लॉन्च किया है।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">आपको बताते चलें कि, भारतीय बाजारों में इस एक्सक्लूसिव स्पेशल एडिशन की कीमत 1.90 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div><div><span style="font-size: 1rem;"><b>Range Rover Sport TWENTY Edition के एक्सटीरियर और डिजाइन में क्या खास है?</b></span></div><div><br></div><div><span style="font-size: 1rem;"><b>एक्सक्लूसिव पेंट ऑप्शंस</b></span></div><div><span style="font-size: 1rem;">यह बोल्ड और अल्ट्रा-मेटैलिक सैंग्विनेलो ऑरेंज फिनिश में उपलब्ध है। ग्राहक सेंटोरिनी ब्लैक और ओस्टुनी वाइट कलर का ऑप्शन चूज कर सकते हैं।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>&nbsp;ब्लैक एक्सटीरियर पैक</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">एकदम सरल और स्पॉटी लुक पसंद करने वाले खरीदारों के लिए इसमें ब्लैक एक्सटीरियर पैक दिया है।</span></div><div><br></div><div><b>व्हील्स और एचिंग</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, इसमें स्पेशल TWENTY की नक्काशी की दे रखी है और 23 इंच के ग्लॉस स्पार्कल सिल्वर व्हील्स दिए है। अगर ऑप्शन के तौर पर ग्लॉस ब्लैक को भी चुन सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>&nbsp;इंटीरियर और केबिन अनुभव कैसा है?</b></div><div><br></div><div><b>SV-इंस्पायर्ड सीट्स</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">आपको बताते चलें कि, इसमें इंटीरियर में परफॉर्मेंस फ्लैगशिप 'रेंज रोवर स्पोर्ट SV' से ली गई हल्की और सुडौल एबोनी विंडसर सीट्स दी गई हैं, जो मोटरस्पोर्ट्स से संबंधित हैं।</span></div><div><br></div><div><b>&nbsp;केबिन एम्बिएंस</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इसकी केबिन के अंदर फोर्ज्ड कार्बन विनियर और ब्लैक सुएड क्लॉथ हेडलाइनिंग दी गई है। जो कि इसे गहरा और प्रीमियम स्पॉटी लुक देती है। इसके साथ ही इल्यूमिनेटेड TWENTY ट्रेडप्लेट्स और सेंटर कंसोल पर TWENTY की स्क्रिंप्टिंग इस एक्सक्लूसिव मॉडल जैसी नजर आती है।</span></div><div><br></div><div><b>एडवांस ड्राइवर टेक</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इसमें ऑल-व्हील स्टीयरिंग, टॉर्क वेक्टरिंग बाय ब्रेकिंग के साथ इलेक्ट्रॉनिक एक्टिव डिफ्रेंशियल, टेरेन रिस्पॉन्स प्रोग्राम्स और डायनेमिक एयर सस्पेंशन जैसे बेहतरीन ऑफ रोडिंग व ड्राइविंह फीचर्स शामिल है।</span></div><div><br></div><div><b>Engine और Speed&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div><div><span style="font-size: 1rem;"><b>इंजन आउटपुट-</b> इस लग्जरी कार में 4.4 लीटर का ट्विन टर्बो V8 माइल्ड-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह दमदार इंजर 529 bhp की मैक्सिमम पावर और 750nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><b style="font-size: 1rem;">रफ्तार और परफॉर्मेंस-</b><span style="font-size: 1rem;">इसका विशाल आकार के बावजूद यह लक्जरी एसयूवी सिर्फ 4.5 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने की सक्षम है।</span></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 17:20:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/jlr-india-launches-range-rover-sport-twenty-edition</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Hyundai की बड़ी तैयारी! 2027 तक लॉन्च होगी Next-Gen Creta और i10, कार बाजार में मचेगा धमाल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/hyundai-big-move-next-gen-creta-and-i10-to-launch-by-2027-set-to-make-a-splash-in-the-car-market]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>Hyundai Motor India अपनी गाड़ियों की रेंज में अगली पीढ़ी की Creta और i10 को शामिल करने की तैयारी कर रही है। उम्मीद है कि ये दोनों मॉडल 2030 से पहले भारत में आ जाएंगे। कंपनी ने अपने '2026 CEO इन्वेस्टर डे' पर इन दो नई पीढ़ी के मॉडल्स के लिए अपनी योजनाओं की पुष्टि की। अगली पीढ़ी की Creta की टेस्टिंग पहले ही देखी जा चुकी है और Hyundai अपने मॉडल्स को अपडेट भी करेगी। उम्मीद है कि सबसे पहले Creta आएगी और उसके बाद 2027 के आखिर तक अगली पीढ़ी की i10 आ सकती है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/4-great-options-for-long-range-high-speed-and-low-cost" target="_blank">Best Electric Bike India: लंबी रेंज, दमदार स्पीड और कम खर्च वाली 4 शानदार इलेक्ट्रिक बाइक्स</a></h3><div><br></div><div>हुंडई 2030 तक भारत में 26 नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें नेक्स्ट-जेनरेशन क्रेटा, i10 और एक नई इलेक्ट्रिक A-SUV शामिल हैं। इसकी घोषणा सियोल, दक्षिण कोरिया में आयोजित कंपनी के '2026 CEO इन्वेस्टर डे' के दौरान की गई। नई जेनरेशन की क्रेटा, जिसे पहले ही टेस्टिंग के दौरान देखा जा चुका है, के K3 प्लेटफॉर्म पर आधारित होने की उम्मीद है; इसी प्लेटफॉर्म पर किआ सेल्टोस भी बनी है। हुंडई की लोकप्रिय SUV के इस नए वर्ज़न में मौजूदा 1.5-लीटर पेट्रोल और डीज़ल इंजन के साथ-साथ एक नया स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड वर्ज़न भी मिल सकता है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/mns-warns-mumbai-auto-drivers-over-marathi-language-rule" target="_blank">MNS की Mumbai में दो टूक, मराठी न बोलने वाले ऑटो चालक छोड़ें महाराष्ट्र</a></h3><div><br></div><div>नेक्स्ट-जेनरेशन i10 के बारे में अभी बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। हालांकि, यह हैचबैक एक नए प्लेटफॉर्म पर आधारित हो सकती है और इसमें 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है। एक नई इलेक्ट्रिक SUV 2026 की चौथी तिमाही (Q4) में लॉन्च होने वाली है। कंपनी के अनुसार, नई A-सेगमेंट SUV कई बैटरी ऑप्शन के साथ आएगी और इसमें हुंडई का नया 'Pleos' इंफोटेनमेंट सिस्टम और लेवल 2 ADAS दिया जाएगा। भारतीय बाज़ार में इसका मुकाबला टाटा पंच.ev (Tata Punch.ev) से होगा।</div>]]></description>
      <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 15:43:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/hyundai-big-move-next-gen-creta-and-i10-to-launch-by-2027-set-to-make-a-splash-in-the-car-market</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Best Electric Bike India: लंबी रेंज, दमदार स्पीड और कम खर्च वाली 4 शानदार इलेक्ट्रिक बाइक्स]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/auto/4-great-options-for-long-range-high-speed-and-low-cost]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है। खासकर इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतें, कम रनिंग कॉस्ट और मेंटेनेंस पर होने वाला कम खर्च लोगों को इलेक्ट्रिक विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। आज कई कंपनियां ऐसी इलेक्ट्रिक बाइक्स पेश कर रही हैं, जो शानदार रेंज, दमदार प्रदर्शन और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन मेल हैं। यदि आप नई इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह तुलना आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।</div><div><br></div><h2>ओला रोडस्टर X+: सबसे ज्यादा रेंज का दम</h2><div>अगर आपकी प्राथमिकता लंबी दूरी तय करना है, तो ओला रोडस्टर X+ एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आती है। यह बाइक 4.5kWh और 9.1kWh बैटरी पैक के साथ उपलब्ध है। इसका बड़ा बैटरी वेरिएंट एक बार फुल चार्ज होने पर 501 किलोमीटर (IDC) तक की रेंज देने का दावा करता है। इसमें 11kW की पीक मोटर दी गई है, जो केवल 2.7 सेकंड में 0 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार हासिल कर लेती है। इसकी अधिकतम गति 125 किमी/घंटा है। इस बाइक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग 1.04 लाख रुपये रखी गई है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/auto/maintaining-the-correct-scooter-tire-pressure-boosts-mileage-and-extends-tire-life" target="_blank">स्कूटर में सही टायर प्रेशर का कमाल, माइलेज भी बढ़ेगा और टायर भी चलेंगे लंबे समय तक</a></h3><h2>रिवोल्ट RV BlazeX: स्मार्ट टेक्नोलॉजी के साथ आसान चार्जिंग</h2><div>रिवोल्ट RV BlazeX उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल के साथ स्मार्ट फीचर्स भी चाहते हैं। इसमें 3.2kWh की रिमूवेबल बैटरी दी गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आसानी से निकालकर चार्ज किया जा सकता है। फास्ट चार्जर की मदद से यह बैटरी करीब 80 मिनट में 70 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती है। बाइक की दावा की गई रेंज 150 किलोमीटर है और इसकी 4kW मोटर 85 किमी/घंटा की टॉप स्पीड प्रदान करती है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.20 लाख रुपये है।</div><div><br></div><h2>कोमाकी रेंजर: क्रूजर स्टाइल और आरामदायक सफर</h2><div>यदि आपको क्रूजर स्टाइल की बाइक्स पसंद हैं, तो कोमाकी रेंजर एक अलग अनुभव दे सकती है। इसमें 3.6kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो फुल चार्ज पर लगभग 250 किलोमीटर तक की रेंज उपलब्ध कराता है। इसकी बैटरी 0 से 90 प्रतिशत तक चार घंटे में चार्ज हो जाती है। बाइक में क्रूज कंट्रोल, ऑनबोर्ड नेविगेशन और टेलीस्कोपिक सस्पेंशन जैसे आधुनिक फीचर्स शामिल हैं। इसकी एक्स-शोरूम कीमत लगभग 1.31 लाख रुपये है, जो इसे प्रीमियम क्रूजर श्रेणी में एक आकर्षक विकल्प बनाती है।</div><div><br></div><h2>मैटर इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल: स्पोर्टी डिजाइन और हाई-टेक फीचर्स</h2><div>मैटर की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जो स्पोर्टी डिजाइन के साथ एडवांस टेक्नोलॉजी चाहते हैं। यह 5000 और 5000+ वेरिएंट में उपलब्ध है। दोनों मॉडलों में 10kW की मोटर दी गई है, जो बाइक को केवल 6 सेकंड में 0 से 60 किमी/घंटा तक पहुंचा देती है। इसकी दावा की गई रेंज 172 किलोमीटर (IDC) है। बाइक में 7 इंच का टचस्क्रीन डिस्प्ले, इन-बिल्ट नेविगेशन, कॉल कनेक्टिविटी और म्यूजिक कंट्रोल जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 1.83 लाख रुपये है।</div><div><br></div><h2>खरीदने से पहले किन बातों पर दें ध्यान?</h2><div>इलेक्ट्रिक बाइक खरीदते समय केवल रेंज पर ही ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। आपको बैटरी वारंटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विस नेटवर्क, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और अपनी रोजमर्रा की यात्रा की जरूरतों को भी ध्यान में रखना चाहिए। यदि आपकी दैनिक यात्रा लंबी है तो अधिक रेंज वाला मॉडल बेहतर रहेगा, जबकि शहर में नियमित उपयोग के लिए कम रेंज वाली लेकिन किफायती बाइक भी अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।</div><div><br></div><div>भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों के विकल्प तेजी से बढ़ रहे हैं। ओला रोडस्टर X+ सबसे लंबी रेंज के साथ आकर्षित करती है, वहीं रिवोल्ट RV BlazeX स्मार्ट चार्जिंग सुविधा देती है। कोमाकी रेंजर क्रूजर स्टाइल पसंद करने वालों के लिए बेहतर है, जबकि मैटर इलेक्ट्रिक बाइक प्रीमियम फीचर्स और स्पोर्टी प्रदर्शन के कारण अलग पहचान बनाती है। अपनी जरूरत, बजट और उपयोग के अनुसार सही मॉडल चुनकर आप भविष्य की किफायती और पर्यावरण-अनुकूल सवारी का आनंद ले सकते हैं।</div><div><br></div><div>- डॉ. अनिमेष शर्मा</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 13:44:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/auto/4-great-options-for-long-range-high-speed-and-low-cost</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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