विवादित बयानों और मारपीट के दावे के बाद Swatantra Bhardwaj को Delhi Police ने किया गिरफ्तार

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी के पिता पर जानलेवा हमले का दावा करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया है। भड़काऊ वीडियो और नेताओं के साथ फोटो पोस्ट करने वाले भारद्वाज को अदालत ने एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
नयी दिल्ली, चार सितंबर हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी भड़काऊ पोस्ट, राजनीतिक लोगों से करीबी दिखाने और उकसाने वाले बयानों के जरिये सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रशंसक बना लिये थे। लेकिन जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ मारपीट करने की डींगें हांकने का वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद उसकी यही शेखी उसे पुलिस के शिकंजे में ले जाने का कारण बनी। भारद्वाज (22) खुद को ‘सनातन योद्धा’ बताता है और उसे शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया।
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया था कि राष्ट्रीय राजधानी में 23 जून को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्र कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार पर हुए कथित हमले के मामले में उसे 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। भारद्वाज को तब हिरासत में लिया गया जब एक साक्षात्कार का क्लिप व्यापक रूप से प्रसारित हुआ। क्लिप में वह यह दावा करते हुए सुना गया कि उसने कुमार का ‘सिर फोड़ दिया’ था, जिससे उन्हें ऐसी चोट आई कि 60 टांके लगाने पड़े, और फिर भी वे जेल जाने से बच गया।
भारद्वाज की सोशल मीडिया मौजूदगी पर नजर डालने से पता चलता है कि ऐसे बयान उसकी उस ऑनलाइन छवि से इतर नहीं थे जो उसने बनायी थी। भारद्वाज के फेसबुक पेज के करीब 3,27,000 अनुसरणकर्ता हैं। उसका सोशल मीडिया अकाउंट पोस्ट हिंदुत्व, गौ-रक्षा, मुसलमानों और सरकार के आलोचकों पर हमलों से जुड़ी पोस्ट और राजनीतिक हस्तियों व सरकारी कार्यक्रमों में उनकी नजदीकी दिखाने वाली तस्वीरें भरी पड़ी हैं।
हिरासत में लिए जाने से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ट्रेंड्स में अपना नाम दिखाते हुए एक स्क्रीनशॉट साझा किया और कैप्शन लिखा, ‘‘लव यू ऑल विरोधी’। भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह कलाई में पहने ‘कड़े’ को दिखा रहा है और उसके साथ कैप्शन लिखा था, ‘‘ फील द पावर!’ (ताकत महसूस करें!)। यह दिल्ली पुलिस के उस बयान की ओर इशारा था जिसमें कहा गया था कि कुमार को चोट किसी हथियार से नहीं बल्कि ‘कड़े’ से लगी थी।
उसके फेसबुक पेज पर 15 अगस्त को लाल किले पर उसकी तस्वीरें भी हैं, जिनमें “सनातनी नायक” और ‘गौरक्षक’ जैसे हैशटैग इस्तेमाल किए गए हैं। एक और पोस्ट में, उसने रक्षा मंत्रालय की ओर से इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए उसके नाम पर जारी किया गया निमंत्रण-पत्र प्रदर्शित किया है। भारद्वाज ने इसी तरह नौ जून, 2024 को नरेन्द्र मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए उसे मिले निमंत्रण पत्रों की तस्वीरें भी पोस्ट की थीं।
भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच पर नेताओं के साथ तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ खींची गई तस्वीरें शामिल हैं। पासवान ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि भारद्वाज ने उनके और दूसरे नेताओं के नाम का गलत इस्तेमाल किया। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने कहा कि उन्होंने भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पासवान ने कहा, ‘‘आरोपी के जानलेवा हमले की बात कबूलने के बावजूद कोई कार्रवाई न होना एक गलत मिसाल कायम करता है। परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी मैं लेता हूं।’’ कई पोस्ट में भारद्वाज की ऐसी तस्वीरें हैं जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनी हुई लगती हैं, जिनमें वे बुर्का या हिजाब पहने महिलाओं के साथ दिख रहा है। भारद्वाज द्वारा 22 मई को पोस्ट की गई एक बेहद हिंसक तस्वीर में वह एक आदमी की खून से सनी ठुड्डी पकड़े हुए दिख रहा है।
साथ इसमें ‘मुगल’ का संदर्भ देते हुए लिखा है, ‘‘आ गया स्वाद’’। भारद्वाज के इंस्टाग्राम अकाउंट को शुक्रवार को निष्क्रिय कर दिया गया जिसके करीब 1,84,000 फालोअर्स थे। भारद्वाज का ‘एक्स’ पर भी एक प्रमाणित अकाउंट है, जिसके 6,400 से अधिक फालोअर्स हैं।
भारद्वाज ने एक्स अकाउंट पर अपने परिचय में लिखा है, ‘‘ आज के दौर का एक युवा जो अपने धर्म और राष्ट्र के खिलाफ कुछ भी बर्दाश्त नहीं कर सकता।’’ कुमार पर कथित हमले का वीडियो जैसे ही तेजी से प्रसारित हुआ, सोशल मीडिया पर भारद्वाज के कई पुराने वीडियो भी सामने आने लगे। इनमें से कुछ में उसे मुसलमानों और सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ भड़काऊ बातें कहते हुए सुना जा सकता है। वहीं कुछ अन्य वीडियो में वह अपनी राजनीतिक पहुंच का जिक्र करते हुए शेखी बघारते और यह दावा करते दिखता है कि उसे गिरफ्तारी का कोई डर नहीं है।
उसके इंस्टाग्राम खाते पर ऐसे वीडियो भी थे जिनमें कॉजपा के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की तारीफ की गई थी और कुछ वीडियो में उसे लाठी लिए हुए और प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए दिखाया गया था। 22 जुलाई को पोस्ट किए गए ऐसे ही एक वीडियो में भारद्वाज ने कथित तौर पर कहा कि “असली गुंडे” आ गए हैं और अब वे प्रदर्शनकारियों को दिखाएंगे कि “असली गुंडागर्दी” क्या होती है। बाद में, एक पॉडकास्ट में जब उससे उस लाठी के बारे में पूछा गया जो उनके पास देखी गयी थी, तो भारद्वाज ने अपने जूतों की ओर इशारा करते हुए दावा किया, “यह जूता दिल्ली पुलिस का है।” फिर उसने शेखी बघारी कि वे बिना कोई फॉर्म भरे “दिल्ली पुलिस की तरह” कहीं भी घूम-फिर सकता है।
जिस क्लिप से वह चर्चा में आया, उसमें उसने प्रदर्शनकारी के पिता का सिर फोड़ने की डींग मारी थी। भारद्वाज कहते सुनाई दे रहा है, ‘‘क्या आपको पता है कि यह अपराध किस धारा के तहत आता है? धारा 307।
उसे 60 टांके लगे थे। उस आदमी को गंभीर हालत में एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा था। उसकी बेटी पुलिस थाना के बाहर खड़ी होकर कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला, तो वह आत्महत्या कर लेगी।’’ प्रसारित वीडियो पर वह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, ‘‘लेकिन मुझे जेल भी नहीं भेजा गया।
दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।’’ उसने इसके बाद कई नेताओं का जिक्र करते हुए बताया कि उसके लिए चिंता करने की कोई खास वजह क्यों नहीं है। भारद्वाज ने दावा किया, ‘‘मुझ पर हनुमान जी का आशीर्वाद है।
और दूसरी बात, कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं। कहा जाता है कि कपिल मिश्रा के फोन करने पर ही मुझे छोड़ा गया। चिराग पासवान भी मेरे बड़े भाई हैं।
आप कितने नेताओं को जानते हैं? क्या आप मोदी जी को जानते हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं।
मुझे सभी का समर्थन हासिल है।’’ हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि भारद्वाज द्वारा उल्लेखित नेताओं ने इस मामले में उसकी तरफ से हस्तक्षेप किया था। इस वीडियो ने भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को और तेज कर दिया। कॉजपा ने शुक्रवार को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान यह मुद्दा उठाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद भारद्वाज का पता लगाने के लिए कई टीम तैनात की गईं। बताया जाता है कि पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए वह मोटरसाइकिल से नैथला गांव से खुर्जा की ओर भागा और इस दौरान संभवत: पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहना था। उसे बुलंदशहर में अंतत: हिरासत में लिया गया।
शनिवार को भारद्वाज को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालर के समक्ष उनके घर पर पेश किया गया और उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। उसके वकील वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्यायाधीश के सामने पेश हुए।
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