जो भी इस पाप से जुड़ा हुआ है, उसको सजा दिलाएंगे, चंपत राय पर फैसला आने से पहले राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष का बड़ा बयान

बैठक में चंदा लेने में कथित गड़बड़ियों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच, पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के भविष्य पर फ़ैसला होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट इन दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफ़े को औपचारिक रूप से मंज़ूरी दे सकता है, जिससे संस्था से उनकी विदाई तय हो जाएगी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने अयोध्या राम मंदिर में हुई चोरी की घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने गहरी चिंता जताते हुए इस घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने मांग की कि इस पापपूर्ण कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए और जोर देकर कहा कि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। एक लिखित बयान में महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है और ऐसी घटनाएं भक्तों की भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाती हैं। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इस मामले में आरोपियों की जल्द पहचान कर ली जाएगी और कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसे भी पढ़ें: Ayodhya राम मंदिर दान चोरी: आरोपी Avinash Shukla ने कबूला- भाई की शादी, SUV पर खर्च किए लाखों
उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले को पूरी गंभीरता से लेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को कड़ी सज़ा मिले। महंत नृत्य गोपाल दास ने आग्रह किया कि इस घटना को आस्था के मामले के तौर पर देखा जाए, न कि इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी और कानून अपना काम करेगा। अयोध्या में आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में चंदा लेने में कथित गड़बड़ियों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच, पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के भविष्य पर फ़ैसला होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट इन दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफ़े को औपचारिक रूप से मंज़ूरी दे सकता है, जिससे संस्था से उनकी विदाई तय हो जाएगी। इन दोनों ने 26 जून को इस्तीफ़ा दिया था और बाद में 27 जून को ट्रस्टी और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने इस्तीफ़े की पुष्टि की थी। राम मंदिर परिसर में दोपहर 3 बजे होने वाली इस बैठक का एजेंडा काफी लंबा है। इस्तीफ़े के मुद्दे के अलावा, ट्रस्ट मंदिर के दान-पात्रों में मिले दान की गिनती और हिसाब-किताब पर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट की समीक्षा भी कर सकता है। बैठक में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ऑडिट प्रोसेस और मंदिर मैनेजमेंट से जुड़े बड़े प्रशासनिक इंतज़ामों पर भी फ़ैसले लिए जा सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि बैठक में इन दो पदों के लिए संभावित विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है। जिन नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें बजरंग बांगड़ा और नीरज डौनेरिया शामिल हैं, हालांकि अभी तक कोई अंतिम फ़ैसला नहीं लिया गया है।
इसे भी पढ़ें: चंपत राय का उत्तराधिकारी कौन? Ayodhya में Ram Mandir Trust की बैठक,रेस में VHP-RSS के बड़े नाम
ट्रस्ट की बैठक में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं; इस बैठक के लिए कई वरिष्ठ धार्मिक हस्तियां और ट्रस्टी अयोध्या पहुंचे हैं। बैठक में शामिल होने वालों में ट्रस्टी स्वामी जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष स्वामी परमानंद और कृष्ण मोहन शामिल हैं, जो पहले ही मंदिर नगरी पहुंच चुके हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा और स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ समेत अन्य सदस्यों के दिन में बाद में पहुंचने की उम्मीद है। वरिष्ठ वकील और ट्रस्टी के. परासरन के साथ कुछ अन्य सदस्यों के भी वर्चुअल तरीके से बैठक में शामिल होने की संभावना है। सूत्रों ने यह भी बताया कि ट्रस्ट ने राय और मिश्रा दोनों को नोटिस जारी कर दिया है, ताकि कोई भी अंतिम फैसला लेने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका मिल सके। गवर्निंग बॉडी दो-तिहाई बहुमत से फैसला करेगी। इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद सिर्फ़ प्रक्रियात्मक नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा से भी जुड़ा है, क्योंकि ट्रस्ट दान के प्रबंधन को लेकर लगातार हो रही जांच-पड़ताल के बाद अपना नियंत्रण दिखाना चाहता है।
इसे भी पढ़ें: Nitin Nabin पर तंज कसना Kejriwal को पड़ा भारी, पलटवार में BJP Leaders ने कीं एक से बढ़कर एक मजेदार टिप्पणियां
यह पहली बार है जब ट्रस्ट की बैठक राम मंदिर परिसर के अंदर ही हो रही है। इससे पहले की बैठकें अयोध्या धाम में मणिराम दास छावनी में हुई थीं। बैठक की जगह बदलने को गोपनीयता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि दान की चोरी के आरोपों के बाद इस बैठक पर सबकी नज़रें टिकी हैं।
अन्य न्यूज़














