"जेवर टोल शुल्क राहत की दिशा में एकीकृत पंजीकरण व्यवस्था, क्षेत्रवासियों को मिलेगी सरल और पारदर्शी सुविधा"

पंजीकरण में आवेदक का नाम, गांव/कस्बे का विवरण, मोबाइल नंबर, पात्रता संबंधी जानकारी, वाहन पंजीकरण संख्या तथा FASTag से संबंधित आवश्यक विवरण लिए जाएंगे। एक वाहन के लिए एक ही आवेदन की व्यवस्था रखी जाएगी, ताकि duplicate registrations से बचा जा सके।
जेवर। यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल पर स्थानीय नागरिकों एवं पात्र कृषक परिवारों को टोल शुल्क राहत/मुक्ति का लाभ सरल, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में एकीकृत पंजीकरण व्यवस्था तैयार की जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र क्षेत्रवासियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से सुव्यवस्थित रूप में पूरी हो सके।
इस अवसर पर जेवर विधानसभा क्षेत्र के समस्त पात्र नागरिकों एवं कृषक परिवारों को बधाई देते हुए कहा गया कि लंबे समय से उठ रही स्थानीय मांग को अब व्यवहारिक रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।
प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत एक ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे लिंक अथवा QR Code के माध्यम से मोबाइल से आसानी से भरा जा सकेगा।
पंजीकरण में आवेदक का नाम, गांव/कस्बे का विवरण, मोबाइल नंबर, पात्रता संबंधी जानकारी, वाहन पंजीकरण संख्या तथा FASTag से संबंधित आवश्यक विवरण लिए जाएंगे। एक वाहन के लिए एक ही आवेदन की व्यवस्था रखी जाएगी, ताकि duplicate registrations से बचा जा सके।
आवेदन प्राप्त होने के बाद सत्यापन की प्रक्रिया होगी। यदि किसी जानकारी या दस्तावेज में कमी पाई जाती है, तो प्रयास रहेगा कि पूरे आवेदन को निरस्त करने के बजाय आवेदक को कमी की सूचना देकर उसे सुधार का अवसर दिया जाए। पात्रता सुनिश्चित होने के बाद संबंधित वाहन को टोल ऑपरेटर की प्रणाली से जोड़कर FASTag आधारित सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
जिन नागरिकों को ऑनलाइन फॉर्म भरने में कठिनाई होगी, उनके लिए स्थानीय स्तर पर सहायता केंद्र अथवा पंजीकरण शिविर की व्यवस्था भी प्रस्तावित की जा रही है। इन केंद्रों से भी वही केंद्रीय ऑनलाइन फॉर्म भरा जाएगा, जिससे सभी आवेदन एक ही डेटाबेस में सुरक्षित रहें और गांववार सत्यापन व प्रगति की निगरानी की जा सके।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि “यह क्षेत्रवासियों और उन कृषक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है, जिनके सहयोग और योगदान से जेवर क्षेत्र विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। हमारी प्राथमिकता है कि टोल राहत का लाभ पात्र व्यक्ति तक बिना अनावश्यक परेशानी के पहुँचे।”
उन्होंने कहा कि "व्यवस्था को यथासंभव सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है, ताकि नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। हम चाहते हैं कि एक आवेदन हो, उसकी एक स्पष्ट पहचान हो, एक बार सत्यापन हो और उसके बाद पात्र वाहन को सुचारु रूप से टोल राहत का लाभ मिले। यदि किसी व्यक्ति के आवेदन में कोई कमी है तो उसे सुधार का अवसर दिया जाए, न कि उसे पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़े।”
विधायक ने आगे कहा कि “क्षेत्र के विकास में किसानों और स्थानीय नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इसलिए विकास के साथ-साथ उनकी रोजमर्रा की सुविधाओं को आसान बनाना भी हमारी जिम्मेदारी है। इस पंजीकरण व्यवस्था को व्यवहारिक बनाने के लिए क्षेत्रवासियों के सुझावों का भी स्वागत किया जाएगा।”
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अधिकृत लिंक और QR Code जारी होने के बाद ही पंजीकरण करें, एक वाहन के लिए एक ही आवेदन भरें तथा मोबाइल नंबर और वाहन की जानकारी सही दर्ज करें। साथ ही किसी अनधिकृत व्यक्ति या अपुष्ट लिंक पर निजी दस्तावेज साझा न करने की भी सलाह दी गई है।
प्रस्तावित व्यवस्था का मूल उद्देश्य है कि “कम से कम कागजी कार्रवाई, कम से कम चक्कर, अधिकतम पारदर्शिता और पात्र नागरिक तक सुविधा का सीधा लाभ।''
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