Nashik TCS केस में फडणवीस का बड़ा एक्शन, बोले- गंभीर मामला, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे

नासिक टीसीएस उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे गंभीर बताते हुए केंद्रीय एजेंसी से जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में सात गिरफ्तारियों के साथ दो मुख्य आरोपियों को 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, सरकार ने दोषियों को न बख्शने का आश्वासन दिया है।
नासिक टीसीएस उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले को लेकर जारी विवाद के बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों को मामले की जांच का आदेश दिया है। फडणवीस ने आगे आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार मामले की तह तक जाएगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इस मामले की जांच करनी होगी। यह बहुत ही संवेदनशील और गंभीर मामला है। हमने इस पर काम करने के लिए सभी एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है।
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वहीं, नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एक इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले में एक स्थानीय अदालत ने बृहस्पतिवार को दो आरोपियों को 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। अदालत में पेश किए गए आरोपियों की पहचान रजा रफीक मेमन (35) और शफी बिखान शेख (36) के रूप में हुई है। इन्हें संबंधित मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद बुधवार को फिर से गिरफ्तार किया गया।
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न्यायाधीश ने उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस संबंध में अब तक कुल नौ मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें टीसीएस की नासिक इकाई के छह पुरुष कर्मचारियों और एक महिला कर्मचारी सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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