ED का शिकंजा! Shikohpur जमीन घोटाले में Robert Vadra को कोर्ट का समन, 16 मई को पेश होने का आदेश

दिल्ली की अदालत ने शिकोहपुर भूमि सौदा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र का संज्ञान लिया है। यह मामला वाड्रा की कंपनी द्वारा 2008 में खरीदी गई जमीन को 2012 में भारी मुनाफे पर डीएलएफ को बेचने से जुड़ा है, जिसके लिए वाड्रा को 16 मई को पेश होने का आदेश दिया गया है।
बुधवार को दिल्ली की एक अदालत ने हरियाणा के शिकोहपुर में विवादित जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोपपत्र का संज्ञान लिया। विशेष न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ने वाड्रा और अन्य आरोपियों को 16 मई को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। विस्तृत आदेश का इंतजार है। प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल जुलाई में आरोपपत्र दाखिल किया था, जो किसी भी जांच एजेंसी द्वारा 57 वर्षीय वाड्रा के खिलाफ आपराधिक मामले में आरोपपत्र दाखिल करने का पहला मामला था। केंद्रीय एजेंसी ने अपनी जांच के तहत अप्रैल 2025 में वाड्रा से तीन दिनों तक पूछताछ की थी।
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यह पहली बार था जब किसी जांच एजेंसी ने रॉबर्ट वाद्रा (57) के खिलाफ आपराधिक मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। अप्रैल 2025 में, ईडी ने वाद्रा से लगातार तीन दिन तक पूछताछ की थी। वाद्रा के खिलाफ जांच हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मानेसर-शिकोहपुर (वर्तमान सेक्टर 83) में हुए एक भूमि सौदे से जुड़ी है। यह सौदा फरवरी 2008 में स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी द्वारा किया गया था, जिसमें वाद्रा पहले निदेशक थे। इस सौदे के तहत कंपनी ने शिकोहपुर में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। उस समय हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी।
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चार साल बाद, सितंबर 2012 में कंपनी ने वह जमीन रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दी। अक्टूबर 2012 में यह सौदा विवादों में घिर गया, जब उस समय भूमि समेकन और भूमि अभिलेख के महानिदेशक-सह-पंजीकरण महानिरीक्षक के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने लेनदेन को राज्य समेकन अधिनियम और कुछ संबंधित प्रक्रियाओं का उल्लंघन करार देते हुए ‘म्यूटेशन’ रद्द कर दी। वाद्रा ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार किया और इस मामले को अपने और अपने परिवार के खिलाफ ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध’’ बताया। ईडी वाद्रा से जुड़े दो अन्य मामलों की भी जांच कर रही है, जिनमें ब्रिटेन में रह रहे हथियार सलाहकार संजय भंडारी के खिलाफ एक मामला और राजस्थान के बीकानेर में जमीन का सौदा शामिल है।
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