Explained | दिल्ली में गंदे पानी की समस्या पर बड़ा प्रहार! जानिए क्या है 8,941 करोड़ रुपये का 'यमुना क्लीन प्रोजेक्ट', जिससे 36 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

Yamuna River
ANI
रेनू तिवारी । Oct 22 2026 5:17PM

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना नदी को साफ करने के उद्देश्य से 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं की बृहस्पतिवार को आधारशिला रखी। शाह ने कहा कि दिल्ली सरकार ने यमुना में प्रवाहित होने वाले सीवर के पानी की मात्रा को कम किया है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की जीवनदायिनी कहे जाने वाले यमुना नदी के दिन बहुरने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बृहस्पतिवार को यमुना नदी को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और साफ करने के महत्वाकांक्षी उद्देश्य के साथ 8,941 करोड़ रुपये की लागत वाली 43 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। नजफगढ़ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने दृढ़ संकल्प जताया कि भाजपा सरकार मई 2029 तक दिल्ली में यमुना को पूरी तरह से साफ करने का काम सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ये परियोजनाएं यमुना नदी की सफाई की रीढ़ की तरह हैं। केंद्र, दिल्ली सरकार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा, ये चार इंजन जनता को स्वच्छ यमुना और पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

शुरू की गई परियोजनाओं में ओखला में एक नया सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी), 29 विकेंद्रीकृत सीवेज शोधन संयंत्र (डीएसटीपी) और नई सीवर लाइन शामिल हैं। इसका उद्घाटन नजफगढ़ में हुआ। शाह ने कहा, पिछली सरकारें केवल बहाने बनाती थीं, लेकिन अब वर्तमान भाजपा सरकार मई 2029 से पहले यमुना को साफ कर देगी। योजना तीन साल में हर घर में सीवर कनेक्शन और पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने की है। 

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उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश वर्मा भी मौजूद थे। गुप्ता ने कहा, इन परियोजनाओं के तहत नए जलमल शोधन संयंत्र बनाए जाएंगे, पुराने संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, सीवर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा और जल निकासी की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। इससे गंदे पानी को यमुना में जाने से रोकने में बहुत मदद मिलेगी। बाहरी दिल्ली में 29 नए डीएसटीपी और सीवेज पंपिंग स्टेशन 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों को कवर करेंगे, जिससे 36.29 लाख निवासियों को लाभ होगा। 

1,034 किलोमीटर लंबा नया सीवर नेटवर्क बिछाने से जुड़ी एक अन्य परियोजना की भी शुरुआत की गई। प्रमुख परियोजनाओं में ओखला में 124 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) की क्षमता वाला एक नया सीवेज शोधन संयंत्र शामिल है। यह राष्ट्रीय राजधानी का सबसे बड़ा एसटीपी है, जिसे केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा संयुक्त रूप से बनाया गया है। दिल्ली सरकार चंद्रावल के पुराने जलमल शोधन संयंत्र की जगह 477 एमएलडी क्षमता वाला नया संयंत्र बनाने जा रही है। इस परियोजना के लिए शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया।

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मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 29 विकेंद्रीकृत एसटीपी परियोजनाओं, पुराने एसटीपी के उन्नयन, सीवर कनेक्शन और सीवर नेटवर्क के विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण कार्यों को गति दी है। जल मंत्री वर्मा ने कहा कि ये परियोजनाएं यमुना को साफ करने के दिल्ली सरकार के प्रयासों को बल देंगी। वर्मा ने कहा, इन परियोजनाओं के माध्यम से, जल शोधन संयंत्रों के विकास, सीवर नेटवर्क के विस्तार, अपशिष्ट जल शोधन क्षमता में वृद्धि और जल निकासी प्रणाली में सुधार जैसी प्रमुख पहलों को गति मिलेगी।

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दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता: सीएम रेखा गुप्ता और जल मंत्री का बयान

शिलान्यास समारोह के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से नए जलमल शोधन संयंत्रों के निर्माण, पुराने संयंत्रों की क्षमता में वृद्धि और जल निकासी व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार होगा। इससे गंदे पानी को यमुना में मिलने से रोकने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।

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